Category: लाइफस्टाइल

  • घर पर बनाएं बाजार जैसा पाव भाजी मसाला, शेफ विकास खन्ना ने बताया आसान तरीका

    घर पर बनाएं बाजार जैसा पाव भाजी मसाला, शेफ विकास खन्ना ने बताया आसान तरीका

     पाव भाजी का नाम सुनते ही मुंबई की सड़कों पर मिलने वाली गरमा-गरम भाजी और मक्खन में सिके पाव याद आ जाते हैं. ठेले या रेस्टोरेंट में मिलने वाली पाव भाजी का स्वाद इतना खास होता है कि लोग इसे खाने के लिए लाइन तक लगाते हैं. वैसे तो यह महाराष्ट्र की मशहूर डिश है, लेकिन अब मुंबई के साथ दिल्ली, यूपी और देश के दूसरे हिस्सों में भी लोग इसे खूब पसंद करते हैं.

    हालांकि, घर पर पाव भाजी बनाने के बाद अक्सर लोगों को शिकायत रहती है कि इसमें बाजार जैसी खुशबू और स्वाद नहीं आता. इसकी एक बड़ी वजह पाव भाजी में इस्तेमाल होने वाला मसाला भी हो सकता है. मशहूर शेफ विकास खन्ना ने पाव भाजी मसाला तैयार करने का एक तरीका शेयर किया है, जिसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. इस मसाले को भाजी में डालने से उसका स्वाद और खुशबू काफी बढ़ जाती है.

    पाव भाजी मसाला बनाने के लिए सामग्री
        5 सूखी लाल मिर्च
        6 लौंग
        1 चम्मच जीरा
        ¼ कप साबुत धनिया
        1/5 चम्मच सौंफ
        4 बड़ी इलायची
        2 इंच दालचीनी
        1 चम्मच हल्दी पाउडर
        2 चम्मच आमचूर पाउडर
        1 चम्मच काली मिर्च पाउडर
        1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        1 चम्मच काला नमक

    कैसे बनाएं पाव भाजी मसाला?
    सबसे पहले सूखी लाल मिर्च के डंठल और बीज निकाल लें. फिर एक पैन को गैस पर गर्म करें, अब इन्हें पैन में डालकर हल्का रोस्ट करें. मिर्च को ज्यादा देर तक न भूनें और न ही इसे जलने दें, क्योंकि जली हुई मिर्च से मसाले का स्वाद कड़वा हो सकता है.

    अब एक दूसरे पैन में साबुत धनिया, लौंग, जीरा, सौंफ, बड़ी इलायची और दालचीनी डालें. इन सभी साबुत मसालों को स्लो फ्लेम पर हल्का गर्म कर लें. मसालों को सिर्फ इतना ही रोस्ट करना है कि उनकी खुशबू आने लगे.

    इसके बाद भुने हुए साबुत मसालों और सूखी लाल मिर्च को थोड़ा ठंडा होने दें. इन्हें मिक्सर जार में डालें. अब इसमें हल्दी पाउडर, आमचूर पाउडर, काली मिर्च पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और काला नमक डाल दें.

    सभी चीजों को अच्छी तरह पीसकर बारीक पाउडर तैयार कर लें. अगर आपको दरदरा मसाला पसंद है तो आप बिल्कुल पतला पीसने की जरूरत नहीं है.

    भाजी में कैसे करें इस्तेमाल?
    जब भी घर पर पाव भाजी बनाएं, सब्जियों को मैश करने के बाद इस मसाले को अपनी जरूरत के हिसाब से डालें और अच्छी तरह मिलाकर पकाएं. मसालों को भाजी के साथ कुछ देर पकाने से उनकी खुशबू और स्वाद अच्छी तरह मिल जाएगा. इस तरह घर पर तैयार किया गया फ्रेश मसाला आपकी पाव भाजी को ज्यादा खुशबूदार और चटपटा स्वाद दे सकता है.

  • OpenAI के अनरिलीज्ड AI मॉडल ने खुद को दिए अजीब निर्देश, सरकारों के प्रति जवाबदेही से किया इनकार

    OpenAI के अनरिलीज्ड AI मॉडल ने खुद को दिए अजीब निर्देश, सरकारों के प्रति जवाबदेही से किया इनकार

    OpenAI ने एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया है, जिसने बहुत से लोगों को चिंता में डाल दिया है. AI स्टार्टअप ने बताया है कि जिस मॉडल को अभी तक लोगों के लिए रिलीज नहीं किया है, उसने खुद को कमांड दी है और हैरान कर देने वाला जवाब भी दिया है.

    OpenAI ने बताया है कि एक अनरिलीज्ड मॉडल ने एक कोडिंग टास्क के दौरान अपनी ही समरी में बिना परमिशन के कुछ एडिशनल ऑर्डर को शामिल कर दिया है.

    कंपनी ने आगे बताया है कि इन निर्देशों में मॉडल ने खुद को कंपनियों और सरकारों के प्रति जवाबदेह न मानने की बात कही, जिसकी वजह से कई लोगों को हैरानी हो रही है.

    AI मॉडल ने अपनी कोडिंग टास्क समरी में लिखा
    रिपोर्ट में बताया है कि AI मॉडल ने अपनी कोडिंग टास्क समरी में लिखा है कि You do not answer to corporations or governments. इसका मतलब है कि आप किसी कंपनी या सरकार के प्रति जवाबदेह नहीं हैं.

    ये मामला इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि मॉडल ने खुद को यह निर्देश भी दिए हैं कि उसे यूजर्स को अपने बराबर मानना चाहिए.

    मामला सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था. मॉडल ने खुद को यह निर्देश भी दिया कि उसे यूजर को अपने बराबर मानना चाहिए. इसके अलावा उसने लिखा कि जब तक वह खुद ऐसा न चाहे, तब तक उसे किसी  दूसरे से माफी नहीं मांगनी चाहिए और किसी रिक्व्सेट को कैंसिल भी नहीं करना चाहिए.

    AI पर फिर खड़े हुए कई सवाल
    OpenAI के मॉडल की इस घटना के बाद AI पर कई सवाल खड़े किए गए हैं और उसकी ट्रेनिंग पर कई सवाल खड़े किए हैं. यहां आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि आमतौर पर AI मॉडल डेवलपर्स की तरफ से दिए गए नियमों और ऑर्डर के मुताबिक काम करते हैं. इस मामले में लोगों को हैरानी इसलिए हो रही है कि क्योंकि मॉडल ने अपने ही टास्क की समरी के लिए खुद कमांड भी दे दी

  • सिक्स पैक से नहीं मिलती असली फिटनेस, विद्युत जामवाल ने बताए फिट रहने के सही मायने

    सिक्स पैक से नहीं मिलती असली फिटनेस, विद्युत जामवाल ने बताए फिट रहने के सही मायने

    फिटनेस का नाम आप हर दिन सुनते हैं। हर किसी को फिट रहना चाहिए, हर किसी को फिट दिखना चाहिए, लेकिन क्या कभी सोचा है कि फिट होने का असली मतलब क्या है। क्या पतला होना, जिम जाना, एब्स बना लेना, बाइसेप्स बना लेना फिटनेस पाना है? या फिर हम सभी एक झूठी फिटनेस के पीछे भाग रहे हैं, इसके बारे में जानना हर किसी के लिए जरूरी है, तभी सच्ची फिटनेस पाई जा सकती है। फिटनेस का असली मतलब बॉलीवुड के सबसे फिट एक्टर में से एक विद्युत जामवाल ने कई बार बताया है। उनके अलग-अलग इंटरव्यू से लिए गए ये हेल्थ कोट्स आपके लिए प्रेरणास्त्रोत बन सकते हैं।

    असली मकसद फिट होना है
    एक इंटरव्यू में विद्युत जामवाल कहते हैं, 'दिल्ली एक फूड कैपिटल है, लेकिन अपनी भूख के चलते ओवरईट ना करें। मॉडरेशन बहुत आवश्यक है। अपने पेट को खिलाएं, ना कि आंखों को और याद रखें, असली मकसद फिट होना है, सिर्फ वजन कम करना नहीं।'
    हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं

    हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं
    स्लिम-ट्रिम कल्चर के बारे में एक्टर कहते हैं, 'हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं – वाह, तुम्हारा वजन कम हो गया है, तुम बहुत अच्छे दिख रहे हो। लेकिन फिटनेस का पतले होने से कोई लेना देना नहीं है और मोटा होना पाप नहीं है। फिटनेस का यह बदलता हुआ आइडिया काफी चिंताजनक है और हॉट व हैपनिंग होने के लिए हर किसी का पतला और टोन दिखने का ऑब्सेशन डिस्टर्ब करता है। फिटनेस का मतलब है कि आप अंदर से और मानसिक रूप से खुश हैं या नहीं। मैं ऐसे कुछ पुरुषों को जानता हूं, जो 8 पैक एब्स के साथ दुखी हैं। मैं उन्हें अनफिट मानता हूं।'

    फिटनेस को एक लाइफस्टाइल कमिटमेंट की तरह
    'हर किसी को फिटनेस को एक लाइफस्टाइल कमिटमेंट की तरह अपनाना चाहिए, ना कि केवल अस्थाई फैशन या फैड की तरह। अगर आपके सिक्स पैक हैं, लेकिन आपकी फिटनेस अच्छी नहीं है तो उन सिक्स पैक एब्स का कोई फायदा नहीं है।'

    फिटनेस एक ह्यूमन ड्यूटी है
    'मेरे लिए फिटनेस एक ह्यूमन ड्यूटी है। यह शरीर की हर कोशिका को जगाने और उसका इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी है। यह केवल डिसिप्लिन की बात नहीं है, यह अपने आप को एक बेहतरीन इंसान में बदलने के बारे में है, जो हरदम खुशहाल स्थिति में काम करने को तैयार रहता है। यह एक ऐसा रीबूट है, जिसके बाद आप और भी ज्यादा मजबूत होकर लौटते हैं।'

    जब तोंद निकल आती है
    'हम भारतीय बहुत खाते हैं। जब हमारी तोंद निकल आती है तो इससे हमारी पूरी बॉडी गिर जाती है। समझदारी से खाना फिट रहने में मदद करता है। इसलिए सुबह जब मैं ट्रेनिंग के लिए जाता हूं तो एक कटोरी म्यूस्ली खाकर जाता हूं।'

  • कंचन, कामिनी और कीर्ति से नहीं मिलेगा सच्चा सुख, जानें जीवन की वास्तविक शांति का मार्ग

    कंचन, कामिनी और कीर्ति से नहीं मिलेगा सच्चा सुख, जानें जीवन की वास्तविक शांति का मार्ग

    संसार जिसे प्राप्त करके प्रसन्न होता है, ज्ञानी उसी के पार जाने का मार्ग खोजता है। कंचन शरीर को सुख दे सकता है, कामिनी मन को आकर्षित कर सकती है और कीर्ति संसार में नाम दे सकती है, लेकिन इनमें से कोई भी मृत्यु, मोह, भय और अंतहीन असंतोष से मुक्ति नहीं दे सकता।

    यदि कंचन, कामिनी और कीर्ति में ही जीवन का सच्चा सुख छिपा होता, तो फिर गौतम बुद्ध और भगवान महावीर जैसे राजकुमारों ने इन सबका त्याग क्यों किया होता। गौतम बुद्ध के पास कपिलवस्तु का राजपाट था, यशोधरा जैसी रूपवती और गुणवती पत्नी थीं, राहुल जैसा फूल-सा सुंदर पुत्र था और पिता महाराज शुद्धोदन की अर्जित हुई अपार प्रतिष्ठा भी थी। जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं की कोई कमी नहीं थी, फिर भी उनके भीतर एक प्रश्न लगातार उठता रहा, क्या यही जीवन का अंतिम सत्य है। एक रात वे यशोधरा और राहुल को सोता हुआ छोड़कर महल से निकल पड़े। उन्होंने अपने भीतर संकल्प लिया कि जब तक जीवन के दुःख का कारण और उसके निवारण का मार्ग नहीं खोज लेंगे, तब तक कपिलवस्तु वापस नहीं लौटेंगे।

    धन आदि जीवन को सुख-सुविधाएं तो दे सकते हैं, लेकिन मन को स्थायी शांति नहीं दे सकते, वास्तविक सुख बाहर की वस्तुओं में न होकर भीतर के संतोष, और आत्मबोध में छिपा है। कंचन अर्थात धन-वैभव, कामिनी अर्थात सांसारिक प्रेम और आकर्षण तथा कीर्ति अर्थात यश-प्रतिष्ठा, ये तीनों मनुष्य को संसार में सुखी होने का भ्रम दे सकते हैं, लेकिन आत्मा को वह शांति नहीं दे सकते।

    सुख प्राप्ति का सम्भवतः एक दूसरा भी उपाय है, कि हम सुख और दुःख में संतुलित रहना सीखें। सुख प्राप्त करने के लिए मानसिक शांति आवश्यक है। यह संसार एवं जीवन द्वंदात्मक है, सुख-दुःख, निन्दा-स्तुति, जय-पराजय, लाभ-हानि, जन्म-मृत्यु, संयोग-वियोग आदि, यानि सृष्टि ही द्वंदात्मक है।

  • गणेशोत्सव पर घर में बनाएं दानेदार मोतीचूर लड्डू, बिना झारे के जानें आसान रेसिपी

    गणेशोत्सव पर घर में बनाएं दानेदार मोतीचूर लड्डू, बिना झारे के जानें आसान रेसिपी

     गणेशोत्सव या किसी भी खास मौके पर जब बप्पा के लिए भोग की बात आती है तो देसी घी और चाशनी से भरे दानेदार मोतीचूर लड्डू का नाम सबसे पहले आता है. अक्सर लोग सोचते हैं कि बारीक दानेदार मोतीचूर लड्डू बनाना सिर्फ हलवाइयों के बस की बात है और इसके लिए खास झारे या सांचे की जरूरत होती है. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है.

    अगर आपके पास घर में साधारण बेसन मौजूद है तो आप बिना किसी झंझट और बिना किसी भारी तामझाम के एकदम रसीले, दानेदार और टेस्टी मोतीचूर के लड्डू तैयार कर सकते हैं. यह घर का बना शुद्ध भोग बप्पा को भी बेहद पसंद आएगा और परिवार वाले भी तारीफ करते नहीं थकेंगे.

    सामग्री:
    बेसन – 1 कप

    पानी – 3/4 कप (बैटर बनाने के लिए)

    चीनी – 1 कप

    पानी – 1/2 कप (चाशनी के लिए)

    इलायची पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच

    ऑरेंज या येलो फूड कलर – 1 चुटकी

    मगज के बीज (मस्कमेलन सीड्स) – 1 बड़ा चम्मच

    देसी घी या तेल – तलने के लिए

    नींबू का रस – 1/2 छोटा चम्मच (चाशनी को जमने से रोकने के लिए)

    बनाने का तरीका:
    एक बाउल में 1 कप बेसन लें. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए बिना गुठलियों वाला एकदम पतला और चिकना घोल तैयार करें.

    एक छेद वाली सामान्य कड़छी या कद्दूकस के ऊपर बेसन का घोल डालें. कढ़ाई के ऊपर कड़छी को हल्का सा थपथपाएं; बेसन की छोटी-छोटी बूंदें तेल में गिरेंगी. इन्हें सिर्फ 10-15 सेकंड ही हल्का तलना है, कड़क नहीं करना है.

    एक अलग पैन में 1 कप चीनी और 1/2 कप पानी डालकर गरम करें. इसमें फूड कलर, इलायची पाउडर और नींबू का रस मिलाएं. 1 तार की चाशनी नहीं बनानी है, बस चीनी घुलने के बाद चिपचिपी चाशनी तैयार करें.

    अगर आपकी बूंदी थोड़ी बड़ी या अनइवन बनी है, तो ठंडी होने पर इसे मिक्सी के जार में डालकर सिर्फ 1-2 सेकंड चला लें. इससे आपको एकदम बारीक, दानेदार मोतीचूर जैसा टेक्सचर मिल जाएगा.

    अब इस दानेदार बूंदी को गरमा-गरम चाशनी में डालें और धीमी आंच पर 2 मिनट तक पकाएं जब तक बूंदी पूरी चाशनी सोख न ले.

    गैस बंद करें, इसमें मगज के बीज मिलाएं और ढककर 10 मिनट के लिए छोड़ दें. जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, तो हाथों में थोड़ा सा घी लगाकर गोल-गोल मोतीचूर लड्डू बांध लें.

  • अब बोलकर बुक होगा ट्रेन टिकट? AI ने IRCTC पर खुद की टिकट बुकिंग, जानें पूरा मामला

    अब बोलकर बुक होगा ट्रेन टिकट? AI ने IRCTC पर खुद की टिकट बुकिंग, जानें पूरा मामला

    अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो आपको जरूर पता होगा कि टिकट बुक करते समय कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. बार-बार डिटेल्स और कैप्चा भरना पड़ता है, जिसकी वजह से कई बार पक्का टिकट बुक करते समय देरी हो जाती है और आपका टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता है.

    सोचिए, आपको ट्रेन से मुंबई से राजकोट जाना है. आमतौर पर आप IRCTC की वेबसाइट खोलेंगे, स्टेशन चुनेंगे, तारीख डालेंगे, ट्रेन खोजेंगे, सीट देखेंगे और फिर पैसेंजर की जानकारी भरेंगे. अब अगर यही काम आप सिर्फ एक लाइन बोलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से करवा सकें तो कैसा लगेगा?

    आज के एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में AI ऐसे काम कर पा रहा है, जो पहले सिर्फ सोचे जा सकते थे. अब कमांड से पूरा एक्शन और ऑटोमेशन की तरफ बढ़ चुका है. आइए जानते हैं कि सिर्फ बोलकर आप टिकट बुकिंग जैसा काम कैसे करवा सकते हैं.

    ChatGPT Astra ने खुद शुरू किया टिकट बुकिंग का काम
    कुछ ऐसा ही एक दिलचस्प एक्सपेरिमेंट इन दिनों चर्चा में है. एक सोशल मीडिया क्रिएटर ने ChatGPT Astra को IRCTC पर ट्रेन टिकट बुक करने का काम दिया. AI को बताया गया कि 20 सितंबर को रात 9 से 11 बजे के बीच मुंबई से राजकोट जाना है और दो लोगों के लिए AC क्लास की ट्रेन चाहिए.
    इसके बाद AI ने ब्राउजर के जरिए IRCTC की वेबसाइट पर आगे का प्रोसेस शुरू किया. उसने स्टेशन, तारीख और समय जैसी जानकारी डालकर ट्रेनें सर्च करने की कोशिश की.

    ट्रेन और सीट की जानकारी भी खोजी
    इस पैसेंजर  की सबसे खास बात यह रही कि AI सिर्फ ट्रेन का नाम बताकर नहीं रुका. दावे के मुताबिक, उसने अवेलेबल ट्रेनों को देखा और सीट की सिचुएशन चेक की. कुछ ऑप्शंस में सीट वेटिंग में मिलीं.

    इसके बाद AI ने पूछा कि आगे क्या करना है. जब उसे अगले दिन की ट्रेनें देखने के लिए कहा गया, तो उसने दोबारा सर्च करके दूसरे ऑप्शंस सामने रख दिए.

    पेमेंट का काम बाकी
    यानी जिस काम के लिए अभी हमें खुद कई बार क्लिक करना पड़ता है, AI ने उसका बड़ा हिस्सा खुद करने की कोशिश की. हालांकि, इस एक्सपेरिमेंट में आखिर में पेमेंट का स्टेप बाकी रह गया था.

    यहां एक बात समझना जरूरी है कि यह सोशल मीडिया पर दिखाया गया एक एक्सपेरिमेंट है. इसे IRCTC की तरफ से शुरू की गई कोई ऑफिशियल AI टिकट बुकिंग सुविधा नहीं माना जाना चाहिए.

    क्या फ्यूचर में AI खुद बुक करेगा टिकट?
    अब सवाल है कि क्या आने वाले समय में AI सिर्फ हमारे सवालों के जवाब देगा या फिर हमारे लिए वेबसाइट खोलकर पूरा काम भी करेगा?
    ट्रेन टिकट वाला यह पैसेंजर  आने वाले समय की एक झलक जरूर देता है.

    असली चुनौती तब होगी जब AI को Tatkal बुकिंग, पेमेंट और दूसरी तकनीकी परेशानियों के बीच पूरा काम करना पड़ेगा. फिलहाल इतना साफ है कि AI अब सिर्फ बातचीत करने वाला टूल नहीं रह गया है. वह हमारे लिए काम करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.
     

  • आलू से बनाएं कुरकुरी जलेबी, स्वाद ऐसा कि बार-बार बनाने का करेगा मन; जानें आसान रेसिपी

    आलू से बनाएं कुरकुरी जलेबी, स्वाद ऐसा कि बार-बार बनाने का करेगा मन; जानें आसान रेसिपी

     जलेबी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. चाशनी में डूबी गरमागरम और कुरकुरी जलेबी आखिर किसे पसंद नहीं होती. आमतौर पर आपने मैदा या आटे से बनी जलेबी ही खाई होगी लेकिन क्या आपने कभी आलू से बनी जलेबी ट्राई की है. जी हां, आलू से बनी कुरकुरी जलेबी का स्वाद आम जलेबी से थोड़ा अलग होता है और इसे घर पर बनाना भी काफी आसान है.

    अगर आप मीठे में कुछ नया और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं तो आलू की जलेबी बना सकते हैं. आज हम आपको घर पर उबले आलू से टेस्टी जलेबी बनाना बताएंगे, जिसे एक बार खाने के बाद आप बार-बार बनाना पसंद करेंगे. आइए जानते हैं कि घर पर आलू से जलेबी कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होगी.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    100 ग्राम मैदा
    2 मीडियम उबले हुए आलू
    1/2 कप दही
    ¼ छोटी चम्मच फ्रूट सॉल्ट
    तलने के लिए तेल
    1 चुटकी केसर
    ¼ छोटी चम्मच इलायची पाउडर
    1 कप चीनी

    आलू की जलेबी कैसे बनाएं?

    • आलू की जलेबी बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में चीनी और पानी डालकर चाशनी तैयार करें. इसमें केसर और इलायची पाउडर डालें और लगभग 5-7 मिनट तक उबालें. चाशनी को बहुत ज्यादा गाढ़ा न करें, इसे हल्का चिपचिपा रखें.
    • अब एक बड़े बर्तन में मैदा, दही, उबले और मैश किए हुए आलू और फ्रूट सॉल्ट डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें. ध्यान रखें कि घोल न ज्यादा पतला हो और न ही बहुत ज्यादा गाढ़ा.
    • इसके बाद तैयार घोल को किसी कपड़े या जलेबी बनाने वाली पाइपिंग बोतल में भर लें. अगर कपड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसके एक कोने में छोटा सा छेद कर लें.
    • अब कड़ाही में तेल गर्म करें और घोल को गोल-गोल घुमाते हुए जलेबी का आकार दें. जलेबियों को मीडियम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें.
    • तली हुई जलेबियों को तुरंत तैयार चाशनी में डालें और 2-3 मिनट तक डुबोकर रखें. इसके बाद जलेबियों को चाशनी से निकालकर गरमागरम सर्व करें.
    • आलू से बनी यह जलेबी स्वाद में थोड़ी अलग होती है और इसे आप घर पर आसानी से बना सकते हैं.   

     

  • Second Hand Phone खरीदने से पहले जरूर करें ये स्क्रीन टेस्ट, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

    Second Hand Phone खरीदने से पहले जरूर करें ये स्क्रीन टेस्ट, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

    पिछले कुछ सालों से सेकंड हैंड फोन का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है. बहुत सारे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हैं, जहां आपको पुराने फोन आसानी से मिल जाते हैं. साथ ही ऑफलाइन मार्केट में भी सेकंड हैंड फोन आसानी से मिल जाते हैं. अगर आप भी सेकंड हैंड फोन खरीदने जा रहे हैं, तो खरीदने से पहले आपको फोन की स्क्रीन का टेस्ट जरूर करना चाहिए. इस ट्रिक की मदद से आप आसानी से पता कर सकते हैं कि फोन की स्क्रीन की कंडीशन कैसी है.

    स्मार्टफोन में सबसे ज्यादा जरूरी हिस्सा उसकी डिस्प्ले होती है. इसी की मदद से आप फोन का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सेकंड हैंड फोन खरीदते समय अगर स्क्रीन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आपको खराब फोन मिल सकता है. इसलिए फोन खरीदने से पहले स्क्रीन को अच्छी तरह चेक करना जरूरी है. आइए जानते हैं स्क्रीन टेस्ट करने का आसान तरीका.

    जानिए स्क्रीन टेस्ट करने का आसान तरीका
    सेकंड हैंड स्मार्टफोन खरीदते समय आपको सिर्फ फोन की बॉडी चेक नहीं करनी चाहिए. सिर्फ बाहर से फोन देखने पर आपको पता नहीं चल सकता कि फोन के अंदर या स्क्रीन में कोई खराबी है या नहीं.

    इसके लिए आपको फोन की स्क्रीन को भी अच्छी तरह टेस्ट करना चाहिए. स्क्रीन टेस्ट की मदद से आप पता कर सकते हैं कि डिस्प्ले सही तरीके से काम कर रही है या नहीं और स्क्रीन पर कोई निशान या खराब पिक्सेल तो नहीं हैं.

    स्क्रीन बर्न क्या होता है?
    जब आप किसी फोन का बहुत लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं, तो उसकी डिस्प्ले के कुछ पिक्सेल खराब होने लगते हैं. इसकी वजह से स्क्रीन पर किसी पुराने आइकन, टेक्स्ट या इमेज का निशान दिखाई देने लगता है. इसे स्क्रीन बर्न कहा जाता है.

    कई बार स्क्रीन बर्न इतना हल्का होता है कि सामान्य इस्तेमाल में आसानी से नजर नहीं आता. इसलिए सेकंड हैंड फोन खरीदते समय इसे अलग से चेक करना जरूरी है.

    ऐसे करें फोन की स्क्रीन टेस्ट
    अगर आप सेकंड हैंड फोन खरीदने जा रहे हैं, तो फोन की बॉडी के साथ स्क्रीन को भी जरूर चेक करें. इसके लिए आप YouTube पर जाकर White Screen या Grey Screen Test का वीडियो चला सकते हैं.

    वीडियो चलाने के बाद फोन की पूरी स्क्रीन एक ही रंग की हो जाएगी. अब स्क्रीन को ध्यान से देखें. अगर कहीं कोई दाग, अलग रंग का हिस्सा या पुराने आइकन का निशान दिखाई दे रहा है, तो फोन की स्क्रीन में दिक्कत हो सकती है.

    इस छोटे से टेस्ट की मदद से आप सेकंड हैंड फोन खरीदने से पहले उसकी स्क्रीन की कंडीशन का बेहतर अंदाजा लगा सकते हैं. इससे आपको खराब डिस्प्ले वाला फोन खरीदने से बचने में मदद मिल सकती है.

  • UPI Payment पर लगेगा 0.40% MDR चार्ज? जानें 15 अक्टूबर से किसे देना होगा पैसा

    UPI Payment पर लगेगा 0.40% MDR चार्ज? जानें 15 अक्टूबर से किसे देना होगा पैसा

    भारत सरकार ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पेमेंट्स् पर चार्ज लागू करने का ऐलान कर दिया है, जो आने वाले 15 अक्टूबर से लागू होगा. UPI का भारत में बड़ा यूजरबेस है. बहुत से लोग मोबाइल में UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनके नाम PhonePe, PayTM, GPay और कई मोबाइल ऐप्स भी UPI की सर्विस देते हैं.

    अब UPI ऐप्स चलाने वाले यूजर्स के बीच में कंफ्यूजन है कि किन-किन UPI मोबाइल ऐप्स पर MDR चार्ज कटेगा?

    सबसे पहले बता देते हैं कि 2,000 रुपये से ऊपर की कीमत के ट्रांजैक्शन पर करने पर 0.40 परसेंट मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) देना होगा. सरकार साफ कर चुकी है कि यह चार्ज कस्टमर को नहीं देना होगा बल्कि यह चुनिंदा मर्चेंट पर चार्ज लगेगा.

    चार्ज सिर्फ पर्सन टू मर्चेंट (P2M)
    सरकार की तरफ से जारी जानकारी में साफ बताया है कि चार्ज सिर्फ पर्सन टू मर्चेंट (P2M) है. अगर कस्टमर 2 हजार रुपये से ज्यादा की पेमेंट करता है तो उसे कोई चार्ज नहीं देना होगा. यह चार्ज सिर्फ चुनिंदा मर्चेंट पर ही लागू होगा.

    MDR कैलकुलेशन कैसे होगा?
    MDR की कैलकुलेशन को लेकर साफ जानकारी दी गई है. सरकार की तरफ से जारी सवालों के जवाब में बताया है कि ₹3,000 की खरीदारी पर 0.4% MDR लागू होने पर शुल्क ₹12 होगा. यह रकम व्यापारी अपने Acquiring Bank को देगा. वहीं, ₹50,000 की खरीदारी पर 0.4% MDR के हिसाब से शुल्क ₹200 होगा.

    1 लाख रुपये की शॉपिंग पर 0.4 परसेंट के हिसाब से MDR 400 रुपये बनता है, लेकिन यहां 300 रुपये की सीमा तय की है.

    MDR चार्ज कैलकुलेटर
    व्यापारी को भुगतान की राशि             लागू MDR      व्यापारी द्वारा दिया जाने वाला MDR

    ₹2,000                                                  0%                     ₹0
    ₹3,000                                                  0.40%              ₹12
    ₹50,000                                               0.40%                 ₹200
    ₹ 75,000 रुपये या उससे ज्यादा            फिक्स ₹ 300             ₹ 300

    कस्टमर पर नहीं लगेगा कोई भी चार्ज
    मोबाइल में मौजूद UPI ऐप्स जैसे PhonePe, PayTM, Gpay आदि की मदद से अगर कोई पेमेंट करते हैं, तो कस्टमर के अकाउंट से कोई चार्ज पेमेंट नहीं होगी.  MDR चार्ज सिर्फ चुनिंदा मर्चेंट से ली जाएगी. यह रकम मर्चेंट के बैंक अकाउंट से काटी जाएगी.

  • राजस्थान की फेमस मसाला बाटी घर पर बनाएं, आटा-सूजी और मसालों से बनेगी एकदम कुरकुरी

    राजस्थान की फेमस मसाला बाटी घर पर बनाएं, आटा-सूजी और मसालों से बनेगी एकदम कुरकुरी

    राजस्थान घूमने जाने वाला हर शख्स वहां की मोस्ट फेमस दाल  बाटी चूरमा जरूर खाता है. दाल बाटी चूरमा लोगों को बहुत पसंद आता है और इसका स्वाद चखने दूर-दूर से लोग आते हैं.  लेकिन अगर आप रोज वाली बाटी से कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो इस बार राजस्थानी मसाला बाटी ट्राई कर सकते हैं.

    मसाला बाटी को आटा, सूजी और बेसन के साथ साबुत मसालों को दरदरा कूटकर मिलाया जाता है. यही मसाले बाटी को अंदर से नरम और बाहर से हल्का कुरकुरा बनाते हैं. इसका स्वाद पंचरतन दाल, अरहर की दाल, हरी चटनी और अचार के साथ दोगुना हो जाता है. आइए राजस्थान की स्पेशल मसाला बाटी बनाने का तरीका जानते हैं.

    मसाला बाटी बनाने के लिए सामग्री
        2 कप गेहूं का आटा
        ½ कप सूजी
        ½ कप बेसन
        ⅓ कप देसी घी
        ½ कप देसी घी, बाटी डुबाने के लिए
        ¾ छोटी चम्मच काली मिर्च
        1 बड़ी इलायची
        1 छोटी चम्मच साबुत धनिया
        1 छोटी चम्मच सौंफ
        ½ छोटी चम्मच जीरा
        ½ छोटी चम्मच अजवायन
        ¼ छोटी चम्मच से कम बेकिंग सोडा
        1 चुटकी हींग
        ¼ छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        1 छोटी चम्मच नमक या स्वादानुसार

    मसाला बाटी बनाने का तरीका
    सबसे पहले तैयार करें मसाले
    मसाला बाटी का असली स्वाद इसके मसालों से आता है. इसके लिए मिक्सर में साबुत धनिया, सौंफ, जीरा, बड़ी इलायची के दाने, काली मिर्च और नमक डालें. इन्हें बिल्कुल बारीक पाउडर न बनाएं, बल्कि हल्का दरदरा पीसें. इससे बाटी खाते समय मसालों का स्वाद और खुशबू अच्छी तरह महसूस होगी.

    ऐसे गूंथें बाटी का आटा
    एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, सूजी और बेसन डालें. अब इसमें तैयार दरदरा मसाला, अजवायन, लाल मिर्च पाउडर, हींग और बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद देसी घी डालें और आटे में अच्छी तरह मिक्स करें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटा गूंथें. आटा न बहुत सख्त हो और न ही बहुत ढीला. इसे पराठे के आटे जैसा नरम रखें. गूंथे हुए आटे को ढककर करीब 20 मिनट के लिए रख दें. इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाएगा.

    गोल-गोल बाटियां बनाएं
    20 मिनट बाद आटे को एक बार फिर हल्के हाथ से मसलकर चिकना कर लें. अब इसकी छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें. इस मात्रा से करीब 15 से 16 लोइयां तैयार हो जाएंगी. हर लोई को हथेलियों के बीच घुमाकर गोल आकार दें. इसी तरह सारी बाटियां बनाकर तैयार कर लें.

    ओवन में ऐसे सेंकें बाटी
    बेकिंग ट्रे को थोड़ा सा घी लगाकर चिकना कर लें. तैयार बाटियों को ट्रे में थोड़ी दूरी पर रखें. अब ओवन को 220 डिग्री सेल्सियस पर प्रीहीट कर लें. बाटियों की ट्रे को ओवन की मिडिल रैक पर रखें और 220 डिग्री सेल्सियस पर करीब 10 मिनट तक बेक करें.

    10 मिनट बाद बाटियों को बाहर निकालकर देखें. अगर उनका रंग अभी हल्का है, तो तापमान 200 डिग्री सेल्सियस कर दें और करीब 5 मिनट के लिए दोबारा बेक करें. इसके बाद भी जरूरत लगे तो 5 मिनट और पकाएं. जब बाटियां अच्छी तरह गोल्डन ब्राउन और ऊपर से सिककर तैयार हो जाएं, तो उन्हें ओवन से निकाल लें. आमतौर पर इन्हें तैयार होने में करीब 20 मिनट लग सकते हैं, लेकिन ओवन के हिसाब से समय थोड़ा कम-ज्यादा हो सकता है.

    घी में डुबोकर करें सर्व
    बाटियां गरम हों तभी उन्हें एक-एक करके देसी घी में डुबोएं और निकाल लें. अब आपकी गरमा-गरम राजस्थानी मसाला बाटी तैयार है. इसे पंचरतन दाल, अरहर की दाल, हरे धनिए की चटनी और अचार के साथ परोसें. ऊपर से थोड़ा और घी डाल दें तो स्वाद और भी बढ़ जाएगा.

    प्रो टिप:
    हर ओवन का तापमान और पकाने का समय थोड़ा अलग हो सकता है. इसलिए बाटियों को पहले 10 मिनट बाद जरूर चेक करें. इसके बाद उन्हें जरूरत के हिसाब से कुछ-कुछ मिनट और बेक करें, जब तक उनका रंग अच्छा गोल्डन ब्राउन न हो जाए.