Category: लाइफस्टाइल

  • महज 600 रुपये की लागत में दो भाइयों ने मिलकर पानी और केरोसिन से चलने वाला चूल्हा बनाया।

    महज 600 रुपये की लागत में दो भाइयों ने मिलकर पानी और केरोसिन से चलने वाला चूल्हा बनाया।

    आपने LPG से चलने वाला चूल्हा देखा होगा और मिट्टी के तेल से चलने वाला चूल्हा भी देखा होगा। क्या आपने पानी और केरोसिन से चलने वाला चूल्हा देखा है? दरअसल मध्य प्रदेश की 11वीं के स्टूडेंट व्यासजी मिश्रा महज 16 साल की उम्र में ऐसा हाइब्रिड चूल्हा तैयार कर सबको हैरत में डाल दिया है। इस चूल्हे को ईंधन बचाने के मकसद से तैयार किया गया है और इस चूल्हे की खासियत है कि इसमें धुआं काफी कम निकलता है। सीमित साधनों के बावजूद व्यासजी मिश्रा ने अपने भाई की मदद से इस चूल्हे को तैयार किया है और इस खास तकनीक ने कई जगह पुरस्कार भी जीते हैं।

    कैसे आया हाइब्रिड चूल्हा बनाने का विचार?
    रिपोर्ट्स के मुताबिक व्यासजी ने हाइब्रिड चूल्हे को अपने बड़े भाई पवनजी मिश्रा की अधूरी कोशिश को पूरा करने के मकसद से तैयार करना शुरू किया था। सबसे पहले उन्होंने इसे 2001-02 के एक साइंस मेले में बनाने की कोशिश की थी। हालांकि इस पर सफलता तब मिली जब 2002-03 में दोनों भाइयों ने मिलकर इस पर काम शुरू किया।

    इस हाइब्रिड चूल्हे को बनाने में दोनों भाइयों को करीब 6 महीने का समय लग गया। इसके बाद उन्होंने दो सामान्य केरोसिन स्टोव और तीन रेगुलेटरों को मिलाकर यह डिवाइस तैयार किया।
    कैसे काम करता है हाइब्रिड चूल्हा?

    कैसे काम करता है हाइब्रिड चूल्हा?
        इस स्टोव को दो अलग-अलग टैंकों के साथ बनाया गया। एक में केरोसिन था और दूसरे में पानी। दोनों टैंकों में हवा का दबाव बनाने के लिए पंप लगे थे और पाइप के जरिए वे एक ही बर्नर से जुड़े थे।
        इसे शुरू करने के लिए केरोसिन की मदद से बर्नर को तब तक गर्म किया जाता है, जब तक वह लाल न हो जाए।
        इसके बाद बर्नर के गर्म होते ही केरोसिन रेगुलेटर को बंद कर पानी का रेगुलेटर खोल दिया जाता है। गर्म बर्नर पानी को भाप में बदल देता है और इससे चूल्हे की आंच तेज रहती है।
        इसके बाद जब आंच धीमी होने लगती है, तो पानी को बंद कर फिर से केरोलिन को चालू किया जाता है, ताकि बर्नर दोबारा गर्म हो सके।​

    कितनी आई लागत और क्या फायदा?
    इस हाइब्रिड चूल्हे के प्रोटोटाइप को बनाने की कुल लागत करीब 600 रुपये आंकी गई थी। IIT गुवाहाटी ने इस तकनीक को ऑप्टिमाइज भी किया और पाया कि इससे 20% तक केरोसिन की बचत हो सकती है।

    रिपोर्ट के अनुसार(REF.) व्यासजी के पिता देवसर तहलील में क्लर्क थे और परिवार की सालाना आय 60 हजार रुपये से भी कम थी। आर्थिक तंगी में उनकी बड़े भाई और बीसीए स्टूडेंट ने उन्हें टेक्निकल और आर्थिक मदद दी, जिसकी वजह से हाइब्रिड चूल्हा बन सका।

  • iPhone Duo जैसा फोल्ड इफेक्ट Galaxy Z Fold 8 में दिखा, यूजर ने बनाया शानदार डेमो

    iPhone Duo जैसा फोल्ड इफेक्ट Galaxy Z Fold 8 में दिखा, यूजर ने बनाया शानदार डेमो

    Apple के पहले फोल्डेबल iPhone Duo के लॉन्च के बाद उसका एक खास फीचर काफी चर्चा में है. फोन को खोलते समय स्क्रीन जिस तरह से छोटी स्क्रीन से बड़ी स्क्रीन में बदलती है, उसका एनिमेशन काफी स्मूद दिखाई देता है. अब एक यूजर ने इसी फोल्ड इफेक्ट को Samsung Galaxy Z Fold 8 पर भी दोहराकर दिखा दिया है.

    Galaxy Z Fold 8 के एक यूजर ने वीडियो शेयर किया है, जिसमें फोन को खोलते और बंद करते समय लगभग iPhone Duo जैसा ट्रांजिशन दिखाई देता है. फोन जैसे-जैसे खुलता है, स्क्रीन पर मौजूद कंटेंट भी उसी हिसाब से बदलता हुआ दिखता है. देखने में यह इफेक्ट काफी हद तक ऐपल के नए फोल्डेबल जैसा लगता है.

    Galaxy Z Fold 8 में अभी नहीं मिला ये फीचर
    हालांकि यहां एक जरूरी बात है. यह Samsung का ऑफिशियल फीचर नहीं है. यानी Galaxy Z Fold 8 खरीदने के बाद आपको यह एनिमेशन डिफॉल्ट तौर पर नहीं मिलेगा. इसे एक यूजर ने खुद तैयार करके डेमो किया है.

    इस इफेक्ट को बनाने के लिए फोन के हिंज सेंसर का इस्तेमाल किया गया. सेंसर से पता चलता है कि फोन कितने एंगल पर खुल रहा है. इसके बाद उसी हिसाब से स्क्रीन पर एनिमेशन दिखाया गया. इसी वजह से फोन खोलने पर ट्रांजिशन काफी नैचुरल नजर आता है.

    असली One UI पर नहीं चलता ये डेमो
    इस डेमो की एक लिमिट भी है. इसमें Galaxy Z Fold 8 का पूरा असली One UI इंटरफेस नहीं चलता. इसके बजाय स्क्रीनशॉट और विजुअल इफेक्ट का इस्तेमाल किया गया है. इसलिए यह वीडियो देखने में शानदार जरूर है, लेकिन इसे फोन के सिस्टम में आने वाला नया फीचर नहीं माना जा सकता.

    Samsung के पास पहले से है जरूरी हार्डवेयर
    दिलचस्प बात यह है कि Galaxy Z Fold 8 में हिंज की मूवमेंट को ट्रैक करने वाले सेंसर पहले से मौजूद हैं. यानी इस तरह के इफेक्ट के लिए जरूरी हार्डवेयर फोन में है. बड़ी दिक्कत सॉफ्टवेयर लेवल पर है, क्योंकि थर्ड-पार्टी ऐप को पूरे सिस्टम इंटरफेस पर इस तरह का इफेक्ट लगाने की पूरी आजादी नहीं मिलती.

    अब सवाल यह है कि क्या Samsung भविष्य में One UI में ऐसा फीचर खुद जोड़ता है. फिलहाल iPhone Duo में यह इफेक्ट कंपनी के सिस्टम का हिस्सा है, जबकि Galaxy Z Fold 8 पर इसका इस्तेमाल सिर्फ एक यूजर के बनाए डेमो तक सीमित है.
     

  • राजस्थानी स्टाइल उड़द दाल कढ़ी-पकोड़ा, बिना तले बनाएं स्वादिष्ट और सॉफ्ट पकोड़े

    राजस्थानी स्टाइल उड़द दाल कढ़ी-पकोड़ा, बिना तले बनाएं स्वादिष्ट और सॉफ्ट पकोड़े

    कढ़ी भारतीय खाने का अहम हिस्सा है. इसे अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है. ज्यादातर घरों में कढ़ी के पकोड़े बेसन से बनाए जाते हैं लेकिन राजस्थान में इसे बनाने का तरीका थोड़ा अलग है. यहां कढ़ी के पकोड़े बेसन की जगह उड़द दाल से तैयार किए जाते हैं. खास बात यह है कि इन पकोड़ों को अलग से तलने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि इन्हें सीधे उबलती हुई कढ़ी में पकाया जाता है. इससे पकोड़े कढ़ी का खट्टा स्वाद और मसालों का फ्लेवर अच्छी तरह सोख लेते हैं और खाने में बेहद सॉफ्ट लगते हैं.

    यह राजस्थानी स्टाइल कढ़ी चावल, रोटी या गरमागरम पूरियों के साथ सर्व की जा सकती है. इसे बनाने में थोड़ी तैयारी जरूर करनी पड़ती है लेकिन इसका स्वाद आपको बेहद पसंद आएगा. तो आइए जानते हैं उड़द दाल से राजस्थानी कढ़ी पकोड़ा बनाने की आसान रेसिपी.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    पकोड़े के लिए
    1 कप धुली उड़द दाल
    आधी छोटी चम्मच नमक
    ¼ छोटी चम्मच हींग
    पानी जरूरत के अनुसार
    कढ़ी के लिए:
    1 कप दही
    4 कप पानी
    2 बड़े चम्मच घी
    ¼ छोटी चम्मच मेथी दाना
    10 से 15 काली मिर्च
    3 लौंग
    1 टुकड़ा दालचीनी
    ½ छोटी चम्मच राई
    ½ छोटी चम्मच जीरा
    2 तेजपत्ता
    10 से 12 करी पत्ते
    2 हरी मिर्च
    2 मीडियम साइज प्याज
    ¼ छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
    ¼ छोटी चम्मच हींग
    1 छोटी चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
    आधा कप पानी

    नमक स्वादानुसार
    तड़के के लिए
    2 बड़े चम्मच घी
    3 से 4 लहसुन की कलियां
    थोड़ा सा अदरक
    3 सूखी लाल मिर्च
    ½ छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    थोड़ा सा हरा धनिया

    उड़द दाल से कढ़ी पकोड़ा कैसे बनाएं?

    • सबसे पहले उड़द दाल को 4 से 5 बार साफ पानी से धो लें. इसके बाद दाल को करीब 2 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें. अगर जल्दी बनाना चाहते हैं तो दाल को हल्के गुनगुने पानी में भिगो सकते हैं. दाल अच्छी तरह भीग जाए तो उसका पानी निकालकर इसे मिक्सर जार में डालें.
    • दाल को पीसते समय एक साथ ज्यादा पानी न डालें. पहले 1 बड़ा चम्मच पानी डालकर पीसें. जरूरत पड़ने पर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते जाएं. दाल को गाढ़ा और स्मूद पीसना है. दाल पीसने के लिए करीब 4 से 5 बड़े चम्मच पानी की जरूरत पड़ सकती है लेकिन यह दाल के हिसाब से कम-ज्यादा हो सकता है.
    • अब पिसी हुई दाल को एक बाउल में निकाल लें. इसमें आधी छोटी चम्मच नमक और ¼ छोटी चम्मच हींग डालें. इसके बाद दाल को 3 से 4 मिनट तक अच्छी तरह फेंटें. इससे बैटर हल्का और फ्लफी हो जाएगा.
    • बैटर तैयार हुआ है या नहीं, यह चेक करने के लिए एक बाउल में पानी लें. इसमें थोड़ा सा बैटर डालें. अगर बैटर पानी के ऊपर तैरने लगे तो समझिए यह अच्छी तरह फेंट चुका है.
    • कढ़ी बनाने के लिए एक बाउल में 1 कप दही और 4 कप पानी डालकर अच्छी तरह फेंट लें. आप चाहें तो इसकी जगह तैयार छाछ का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
    • अब कड़ाही में 2 बड़े चम्मच घी गर्म करें. इसमें मेथी दाना, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, राई, जीरा और तेजपत्ता डालें. इसके बाद करी पत्ता और बड़ी कटी हुई हरी मिर्च डाल दें.
    • अब इसमें लंबाई में कटे हुए प्याज डालकर हल्का पकाएं. प्याज को ज्यादा ब्राउन नहीं करना है. इसके बाद हल्दी, हींग और कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालकर मिलाएं. इसमें आधा कप पानी डालें और मसालों को अच्छी तरह पकने दें.
    • जब मसाले अच्छी तरह पक जाएं और घी अलग दिखाई देने लगे, तब इसमें तैयार दही का मिश्रण डालें. इसे डालते समय लगातार चलाते रहें. कढ़ी में उबाल आने तक इसे लगातार चलाना जरूरी है, वरना दही फट सकता है. ध्यान रखें कि इस समय नमक न डालें.
    • जब कढ़ी में अच्छी तरह उबाल आने लगे तो आंच थोड़ी कम कर दें लेकिन कढ़ी को लगातार उबलने दें. अब उड़द दाल के बैटर से छोटे-छोटे पकोड़े तैयार करें. इसके लिए हाथ को हल्का गीला करके बैटर लें और छोटे आकार के पकोड़े बनाकर सीधे उबलती हुई कढ़ी में डालते जाएं. आप चाहें तो चम्मच की मदद से भी पकोड़े डाल सकते हैं.
    • पकोड़े बहुत बड़े न बनाएं, क्योंकि उड़द दाल के पकोड़े पकने के बाद फूल जाते हैं. पकोड़े डालते समय कढ़ी का उबलना बंद नहीं होना चाहिए. करीब 4 से 5 मिनट तक पकोड़ों को कढ़ी में पकाएं. इसके बाद 1 छोटी चम्मच नमक डालें और आंच को धीमा-मीडियम कर दें.
    • अब कढ़ी को लगभग15 मिनट तक पकने दें. इस दौरान पकोड़े अच्छी तरह पक जाएंगे और कढ़ी भी थोड़ी गाढ़ी हो जाएगी.
    • कढ़ी को और टेस्टी बनाने के लिए एक छोटे पैन में 2 बड़े चम्मच घी गर्म करें. इसमें कटी हुई लहसुन की कलियां डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद बारीक कटे अदरक और 3 सूखी लाल मिर्च डालें. आखिर में आधी छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालकर गैस बंद कर दें.
    • इस तड़के को तुरंत कढ़ी के ऊपर डाल दें. तड़के वाले पैन में थोड़ा सा कढ़ी का पानी डालकर उसे भी कड़ाही में डालें. अब कढ़ी को ढककर लगभग 5 मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि तड़के का स्वाद अच्छी तरह कढ़ी में मिल जाए.
    • आखिर में ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालें. अगर आपने साबुत मसाले नहीं डाले हैं तो आखिर में थोड़ा गरम मसाला भी डाल सकते हैं.
    • आपकी राजस्थानी स्टाइल उड़द दाल कढ़ी तैयार है. इसे गरमागरम चावल के साथ सर्व करें.
  • राजस्थानी-महाराष्ट्रीय स्वाद का तड़का, ट्राई करें बेसन गट्टा पाटौड़ी रोल्स

    राजस्थानी-महाराष्ट्रीय स्वाद का तड़का, ट्राई करें बेसन गट्टा पाटौड़ी रोल्स

     भारतीय खाना अपने अलग स्वाद की वजह से दुनियाभर में खास जगह रखता है. भारत के अलग राज्य के खाने का टेस्ट अलग होता है, लेकिन इनकी फ्यूजन डिशेज भी कमाल होती हैं. अगर आप राजस्थानी और महाराष्ट्रीय डिशेज खाने के शौकीन हैं तो आप एक बार बेसन गट्टा पाटौड़ी रोल्स ट्राई कर सकते हैं. बेसन से बनने वाली इस शाही सब्जी में राजस्थान और महाराष्ट्र दोनों का ही फ्लेवर आता है.

    जब घर में कोई सब्जी ना तो आप बेसन की इस सब्जी को बना सकते हैं, जिसे खाने के बाद आपके घरवाले बार-बार इसे बनाने की मांग करेंगे. बेसन गट्टा पाटौड़ी रोल्स बनाने में आसान रेसिपी है और इसमें पतली बेसन की शीट में नारियस, मूंगफली वाला स्टफिंग मसाला भरा जाता है, जो इसका स्वाद दोगुना कर देता है. जब घर में मेहमान आने वाले हो तो आप यह डिश बना सकते हैं, इसे खाते ही सब आपके इसकी सीक्रेट रेसिपी पूछेंगे.

    सबसे अच्छी बात यह है कि इस डिश को घर में मौजूद सामग्री से ही तैयार किया जाता है, इसके लिए बाजार से कुछ खरीदने की जरूर नहीं पड़ती है. आइए  बेसन गट्टा पाटौड़ी रोल्स की आसान रेसिपी जानते हैं.

    बेसन गट्टा पाटौड़ी रोल्स की सामग्री
    बेसन रोल्स के लिए:
        2 कप बेसन
        ½ छोटा चम्मच हल्दी
        ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        स्वादानुसार नमक
        1-2 चम्मच तेल
        जरूरत के अनुसार पानी

    स्टफिंग के लिए:
        2 बड़े चम्मच सूखा नारियल
        2 बड़े चम्मच मूंगफली के दाने
        1 छोटा चम्मच जीरा
        1 छोटा चम्मच सौंफ
        1 छोटा चम्मच साबुत धनिया
        2-3 हरी मिर्च
        5-6 लहसुन की कलियां

    ग्रेवी के लिए:
        2 बड़े चम्मच तेल
        1 छोटा चम्मच जीरा
        1 बारीक कटा प्याज
        1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट
        1 कप दही
        1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
        ½ कप टमाटर की प्यूरी
        ½ छोटा चम्मच गरम मसाला
        जरूरत के अनुसार पानी
        बारीक कटा हरा धनिया
        स्वादानुसार नमक

    बेसन गट्टा पाटौड़ी रोल्स बनाने का तरीका
    बेसन का डो बनाएं: सबसे पहले एक कटोरे में बेसन डालें और उसमें हल्दी, नमक, लाल मिर्च पाउडर और मोयन के लिए थोड़ा-सा तेल डालकर हाथ से सारी चीजें अच्छी तरह से मिला दें. पानी डालकर सॉफ्ट डो बना लें, इसे सख्त नहीं करना है.

    स्टफिंग के लिए मसाला बनाएं: एक पैन में थोड़ा सा सूखा नारियल, मूंगफली के दाने, जीरा, सौंफ और साबुत धनिया डालकर रोस्ट कर लें. अब इसमें हरी मिर्च और लहसुन की कलियां मिलाकर मिक्सी में दरदरा पीस लें.

    बेसन में स्टफिंग भरे: बेसन के डो की लोई लें और उसके चकले पर पतला बेल लें. उसके किनारों को काटकर उसे चौकोर शेप दे दें. उसके बाद उसमें मसाले को बेसन की शीट पर अच्छी तरह से फैलाना है.

    रोल्स की शेप दें: मसाला फैलाने के बाद बेसन के रोल्स तैयार कर लें और इसी तरह रोल्स बनाकर रख लें. अगर फोल्ड करने में दिक्कत हो तो आप पॉलिथीन बैग की मदद से फोल्ड कर सकते हैं.

    रोल्स को स्टीम करें: सभी रोल्स को फिर आप स्टीमर या इडली मेकर में रखकर स्टीम करने के लिए रख दीजिए. भाप से बेसन एकदम सेट हो जाता है और बिल्कुल टूटता भी नहीं है.

    ग्रेवी तैयार करें: एक कड़ाही में तेल गर्म करें और जीरा डालकर चटकने दें. उसके बाद बारीक कटा प्याज, लहसुन-अदरक का पेस्ट डालकर अच्छी तरह से भून लें. उसके बाद 1 कटोरी दही डालकर लाल मिर्च, धनिया पाउडर मिलाएं और उसे चलाते हुए कड़ाही में डालें.

    दही-टमाटर मिलाएं: दही को पकने दें फिर टमाटर की प्यूरी डालकर मिलाएं.2 मिनट पकाने के बाद गरम मसाला और पानी डालकर मिलाएं. पानी के पक जाने के बाद हरा धनिया बारीक काटकर मिला दें.

    बेसन रोल्स को मिलाएं: जब ग्रेवी अच्छी तरह से पक जाए तब आप इसमें बेसन के रोल्स डाल दें और स्लो फ्लेम पर करीबन 3 से 4 मिनट तक पकाएं. इससे बेसन रोल्स में मसाला अच्छी तरह से मिल जाएगा. फिर आप इसे गरम-गरम सर्व करें

  • लौकी की कढ़ी: रोज की कढ़ी से हटकर बनाएं ये स्वादिष्ट रेसिपी

    लौकी की कढ़ी: रोज की कढ़ी से हटकर बनाएं ये स्वादिष्ट रेसिपी

     कढ़ी भारतीय घरों में बनने वाली ऐसी डिश है, जिसे अलग-अलग जगहों पर अपने-अपने तरीके से बनाया जाता है. कहीं पंजाबी कढ़ी पसंद की जाती है तो कहीं गुजराती या राजस्थानी कढ़ी का स्वाद लोगों को पसंद आता है. आमतौर पर कढ़ी में बेसन और दही का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अगर आप इसमें कुछ अलग और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं तो लौकी की कढ़ी बना सकते हैं. लौकी को आमतौर पर सब्जी के तौर पर बनाया जाता है लेकिन कढ़ी में डालने पर इसका स्वाद काफी बढ़ जाता है.

    लौकी की कढ़ी स्वाद में हल्की, मसालेदार और काफी टेस्टी लगती है. इसे बनाने के लिए ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती. दही, बेसन, लौकी और कुछ मसालों की मदद से आप इसे आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं. ऊपर से डाला गया जीरा, मेथी, करी पत्ता और लहसुन का तड़का कढ़ी के स्वाद को और बढ़ा देता है. इसे आप लंच या डिनर में गरमा-गरम चावल के साथ सर्व कर सकते हैं. अगर आप रोज की कढ़ी से कुछ अलग बनाना चाहते हैं तो लौकी की ये रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं लौकी की कढ़ी बनाने की आसान रेसिपी.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    कढ़ी के लिए
    1 छोटी लौकी (छीलकर कद्दूकस की हुई)
    500 ग्राम दही
    1 बड़ा चम्मच बेसन
    2 गिलास पानी
    1 बड़ा चम्मच तेल
    1 छोटा चम्मच राई
    1 चुटकी हींग
    2-3 हरी मिर्च
    ½ छोटी चम्मच हल्दी
    1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
    ½ छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    ½ छोटी चम्मच गरम मसाला
    1 छोटी चम्मच कसूरी मेथी
    ½ छोटी चम्मच अमचूर पाउडर
    नमक स्वादानुसार
    हरा धनिया, गार्निश के लिए

    तड़के के लिए
    1 छोटा चम्मच घी
    2 सूखी लाल मिर्च
    ¼ छोटी चम्मच मेथी दाना
    1 छोटी चम्मच जीरा
    8-10 करी पत्ते
    3-4 लहसुन की कलियां

    लौकी की कढ़ी बनाएंगे कैसे?

    • लौकी की कढ़ी बनाने के लिए सबसे पहले लौकी को छीलकर अच्छी तरह धो लें और फिर इसे कद्दूकस कर लें. अब एक गहरे पैन में तेल गर्म करें. इसमें राई, हींग और हरी मिर्च डालकर तड़का लगाएं. जब राई चटकने लगे तो इसमें कद्दूकस की हुई लौकी डालें और करीब 5-7 मिनट तक मध्यम आंच पर भून लें.
    • अब एक बड़े बाउल में दही को अच्छी तरह फेंट लें. इसमें बेसन डालकर अच्छी तरह मिलाएं, ताकि इसमें कोई गुठली न रहे. अब इसमें पानी डालकर कढ़ी का घोल तैयार कर लें. इस घोल को लौकी वाले पैन में डालें और लगातार चलाते हुए उबाल आने तक पकाएं. उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और कढ़ी को कुछ देर पकने दें.
    • अब कढ़ी में हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, कसूरी मेथी और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसे धीमी आंच पर पकने दें, ताकि मसालों का स्वाद कढ़ी में अच्छी तरह मिल जाए.
    • अब तड़का तैयार करने के लिए एक छोटे पैन में घी गर्म करें. इसमें सूखी लाल मिर्च, मेथी दाना, जीरा और करी पत्ते डालें. जब मसाले चटकने लगें तो इसमें बारीक कटा हुआ लहसुन डालकर भूनें. इसके बाद इस तड़के को तैयार कढ़ी में डाल दें और लगभग 5-10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं.
    • आखिर में इसमें थोड़ा अमचूर पाउडर और बारीक कटा हरा धनिया डालकर मिला दें. आपकी टेस्टी लौकी की कढ़ी तैयार है. इसे गरमा-गरम चावल के साथ सर्व करें. आप चाहें तो इसे जीरा राइस, फुल्का, बाजरे की रोटी या खिचड़ी के साथ भी खा सकते हैं.

     

  • ChatGPT 80s AI Photo Trend का क्रेज, लेकिन इसकी कीमत कौन चुका रहा? पर्यावरण से प्राइवेसी तक बड़ा सवाल

    ChatGPT 80s AI Photo Trend का क्रेज, लेकिन इसकी कीमत कौन चुका रहा? पर्यावरण से प्राइवेसी तक बड़ा सवाल

    नई दिल्ली

    इंस्टाग्राम, फेसबुक और X (ट्विटर) पर इन दिनों ChatGPT का 80s AI Photo Trend तेजी से वायरल हो रहा है। लोग अपनी सेल्फी को 1980 के दशक की बॉलीवुड या विंटेज स्टाइल फोटो में बदलकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। बड़े हेयरस्टाइल, रेट्रो कपड़े, फिल्म ग्रेन और गर्म रंगों वाली ये तस्वीरें लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। भारत में इस ट्रेंड की वजह से ChatGPT से जुड़े सर्च और डाउनलोड में भी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। लेकिन इस मजेदार ट्रेंड के पीछे एक ऐसा सच भी है जिस पर कम लोग ध्यान दे रहे हैं—हर AI फोटो बनाने में बिजली, डेटा सेंटर और पानी की खपत होती है।

    आखिर क्या है ChatGPT का 80s AI Photo Trend?

    इस ट्रेंड में यूज़र अपनी फोटो ChatGPT या किसी AI इमेज जनरेटर पर अपलोड करते हैं और एक प्रॉम्प्ट देकर उसे 1980 के दशक की तस्वीर जैसा बना देते हैं। AI चेहरे को पहचानकर बैकग्राउंड, कपड़े, हेयरस्टाइल, लाइटिंग और फोटो की पूरी स्टाइल बदल देता है। यह ट्रेंड पहले वायरल हुए Ghibli AI Portraits और Barbie AI Photos की तरह ही तेजी से लोकप्रिय हुआ है। 

    इस ट्रेंड की खास बातें

    • Vintage Bollywood Look

    • Film Camera Grain Effect

    • 80s Fashion और Hairstyles

    • Warm Lighting और Retro Background

    • सोशल मीडिया पर Reels और DP के लिए इस्तेमाल

    AI फोटो बनाने से पर्यावरण पर क्या असर पड़ता है?

    AI फोटो बनाने के लिए बड़े-बड़े डेटा सेंटर लगातार काम करते हैं। इन सर्वरों को चलाने और ठंडा रखने के लिए भारी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत होती है। यही वजह है कि एक साधारण AI फोटो भी पर्यावरणीय संसाधनों का उपयोग करती है।

     एक AI फोटो की अनुमानित खपत

    संसाधनअनुमानित उपयोग
    पानी

    लगभग 5–50 मिलीलीटर प्रति AI फोटो

    बिजली

    लगभग 0.01–0.29 kWh प्रति AI इमेज

    डेटा सेंटरGPU आधारित हाई-परफॉर्मेंस सर्वर लगातार सक्रिय रहते हैं।

    जब करोड़ों लोग AI फोटो बनाते हैं, तब क्या होता है? 

    अगर दुनिया भर में एक दिन में 1 करोड़ AI फोटो बनाई जाएं, तो अनुमान के अनुसार 50,000 से 5 लाख लीटर तक पानी अप्रत्यक्ष रूप से इस्तेमाल हो सकता है। यह पानी मुख्य रूप से डेटा सेंटर की कूलिंग सिस्टम में उपयोग होता है।

    अनुमानित प्रभाव (Illustrative)

    ChatGPT 80s AI Photo Trend का नशा! सोशल मीडिया पर वायरल 80s फोटो, लेकिन क्या इसकी कीमत पर्यावरण चुका रहा है?

    यह चार्ट प्रकाशित शोध और रिपोर्टों में दिए गए अनुमानित दायरे पर आधारित है। वास्तविक खपत AI मॉडल और डेटा सेंटर के अनुसार अलग हो सकती है. 

    सिर्फ बिजली नहीं, कार्बन उत्सर्जन भी बढ़ता है

    AI मॉडल जितनी ज्यादा तस्वीरें बनाते हैं, उतनी ज्यादा कंप्यूटिंग शक्ति की जरूरत होती है। इसका मतलब है:

    • अधिक बिजली की खपत।

    • डेटा सेंटर से अधिक कार्बन उत्सर्जन।

    • सर्वर कूलिंग के लिए अधिक पानी।

    संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय के अनुसार AI सिस्टम की रोजमर्रा की गतिविधियां उसकी कुल ऊर्जा मांग का बड़ा हिस्सा होती हैं। 

    क्या आपकी फोटो और डेटा भी सुरक्षित हैं?

    विशेषज्ञों का कहना है कि AI प्लेटफॉर्म पर फोटो अपलोड करते समय यूज़र्स को यह समझना चाहिए कि उनकी तस्वीरें और उनसे जुड़ा डेटा प्लेटफॉर्म की नीतियों के अनुसार प्रोसेस और स्टोर किया जा सकता है। इसलिए किसी भी AI टूल पर निजी या संवेदनशील तस्वीरें साझा करने से पहले उसकी Privacy Policy जरूर पढ़ें। 

    जिम्मेदारी से AI इस्तेमाल करें

    AI तकनीक रचनात्मकता और मनोरंजन के लिए शानदार है, लेकिन इसका जिम्मेदार उपयोग भी जरूरी है।

    क्या करें?

    • केवल जरूरत होने पर AI फोटो बनाएं।

    • एक ही फोटो के कई अनावश्यक वर्ज़न जनरेट करने से बचें।

    • निजी और संवेदनशील तस्वीरें अपलोड करने से पहले सावधानी बरतें।

    • भरोसेमंद AI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें।

  • iPhone 18 आते ही बदला बाजार, iPhone 17 की कीमत में ₹17 हजार का उछाल

    iPhone 18 आते ही बदला बाजार, iPhone 17 की कीमत में ₹17 हजार का उछाल

    टेक वर्ल्ड की यह पुरानी रवायत रही है कि जब भी Apple अपना नया iPhone लॉन्च करता है, तो पुराने मॉडल की कीमतें झटके से गिर जाती हैं. लोग इंतजार करते हैं कि नया फोन आए और वे पिछला iPhone कुछ किफायती दामों में खरीद सकें. लेकिन इस बार हवा का रुख बिल्कुल उलट है.

    iPhone 18 सीरीज़- iPhone 18 Pro और Pro Max के बाज़ार में आते ही, ओपन और ऑनलाइन मार्केट में एक ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. जो iPhone 17 कल तक ₹82,900 में आसानी से उपलब्ध था, उसकी आधिकारिक शुरुआती कीमत Apple की वेबसाइट पर रातों-रात 21 फीसदी उछलकर ₹99,900 पहुंच गई. यानी सीधे-सीधे ₹17,000 का फटका!

    ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर कुछ ही घंटों के भीतर 'सोल्ड आउट' का बोर्ड लटक गया. ऐसे में हमने हकीकत जानने के लिए दिल्ली-एनसीआर के कई बड़े स्टोर और मोबाइल बाजारों का रुख किया. जो तस्वीर सामने आई, उसने कई सवाल खड़े कर दिए. एक दिन पहले तक जिन दुकानों पर iPhone 17 उपलब्ध बताया जा रहा था, लॉन्चिंग के कुछ ही घंटों बाद वहां स्टॉक खत्म होने की बात सामने आने लगी.

    जमाखोरी और बुकिंग का खेल
    सबसे पहले हम गाजियाबाद के एक नामी मॉल' पहुंचे. यहां एक बड़े मल्टी-ब्रांड स्टोर पर सूरज नाम के सेल्समैन से मुलाकात हुई. जब हमने पूछा कि क्या iPhone 17 मिल पाएगा? उसने बेझिझक कहा-"हां, मिल जाएगा, लेकिन नए रेट पर!" हमने सवाल दागा कि नया iPhone 18 तो अभी बाजार में पूरी तरह डिलीवर भी नहीं हुआ, फिर पुराने फोन पर नया रेट क्यों? सूरज ने तुरंत पलटी मारी और बात संभालते हुए बोला- "अभी तो हमारे पास फोन उपलब्ध नहीं है, लेकिन हम नए रेट्स पर एडवांस बुकिंग ले रहे हैं. 5 दिन बाद डिलीवरी मिल जाएगी."

    जब हमने पूछा कि शोरूम में मौजूद पुराना स्टॉक कहां गया, तो उसने रटा-रटाया जवाब चिपका दिया कि कंपनी ने पूरा स्टॉक वापस मंगवा लिया है. लेकिन उसकी झिझक यह ऐसा बयां कर रही थी कि बैकग्राउंड में स्टॉक को होल्ड (जमाखोरी) करके जबरन किल्लत बनाई जा रही है.

    बाजार से भी गायब हुए पुराने फोन
    हमारी अगली पहली मंजिल थी ईस्ट दिल्ली स्थित एक नामी मॉल का नामी इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर. हमने आम ग्राहक बनकर काउंटर पर खड़े सेल्समैन से iPhone 17 की उपलब्धता पूछी. सेल्समैन ने मुस्कुराते हुए कहा-"फोन तो मिल जाएगा सर, लेकिन इसके साथ ₹8,500 का एक साल वाला कंपलसरी एक्सटेंडेट वॉरंटी लेनी होगी." हालांकि यह बात स्टोर मैनेजर ने तुरंत खारिज कर दी और बताया कि एक्सटेंडेट वॉरंटी बिल्कुल भी अनिवार्य नहीं है.

    जीएसटी बिल के मुद्दे पर स्टोर मैनेजर ने बाजार का एक कड़वा सच उजागर करते हुए बताया, "बाज़ार में इस वक्त iPhone 17 की भारी ब्लैक मार्केटिंग (होर्डिंग) चल रही है. कुछ बड़े डीलर्स अपने लोगों को आम ग्राहक बनाकर भेज रहे हैं और स्टॉक उठाकर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं. इसलिए हम सिर्फ जेनुइन (वास्तविक) खरीदारों को ही जीएसटी बिल पर फोन दे रहे हैं."  यह एकमात्र ऐसा स्टोर रहा जहां ग्राहकों को पुरानों दरों पर iPhone 17 बेचा जा रहा था और यहां भी जल्द ही iPhone 17 का स्टॉक सोल्ड आउट हो गया.

    स्थानीय बाज़ार और ग्राहकों का दर्द
    मॉल का चक्कर काटने के बाद हम ईस्ट दिल्ली के एक लोकल मोबाइल मार्केट पहुंचे, जहां छोटी-बड़ी दर्जनों दुकानें थीं. हर दुकान के काउंटर पर एक ही जवाब सुनने को मिला- 'iPhone 17 मिल ही कहा रहा है भैया!'

    हालांकि, दुकान के बाहर हमारी मुलाकात कुछ ऐसे परेशान ग्राहकों से हुई जो कई घंटों से फोन की तलाश में भटक रहे थे.  एक ग्राहक ने दर्द बयां करते हुए बताया- 'अंदर दुकानदार कह रहे हैं कि ऑफिशियल स्टॉक नहीं है, लेकिन अगर आप कैश में  वही ₹82,900 वाला iPhone 17 अभी ₹95,000 तक में चुपके से दिया जा रहा है. यह खुलेआम ब्लैक मार्केटिंग है.'

    आम तौर पर नया iPhone आते ही पुराना मॉडल इसलिए सस्ता होता है क्योंकि कंपनियों को अपना बचा हुआ पुराना स्टॉक खाली करना होता है. लेकिन इस बार का परिदृश्य पूरी तरह अलग है. iPhone 18 Pro सीरीज की अत्यधिक ऊंची कीमतों और iPhone 17 की रातों-रात बढ़ी ऑफिशियल प्राइस ने भारतीय बाज़ार में एक अजीब सा पैनिक पैदा कर दिया है.

    रिटेलर्स और बड़े डीलर्स को यह अच्छी तरह समझ आ गया है कि कस्टमर अब iPhone 18 के बजाय iPhone 17 को एक बेहतर और किफायती विकल्प मान रहे हैं. इसी भारी मांग का फायदा उठाने के लिए बाज़ार में 'कमी'  पैदा की जा रही है, ताकि पुराना स्टॉक भी एमआरपी या उससे ऊंचे दामों पर ब्लैक में खपाया जा सके.

    नई सीरीज लॉन्च होते ही बढ़ी कीमत
     आपको बता दें कि Apple ने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर दिया है. नए Pro मॉडल्स में कैमरा, प्रोसेसर और AI को लेकर कई बड़े अपग्रेड किए गए हैं. हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा इनकी कीमत को लेकर हो रही है. भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये, जबकि iPhone 18 Pro Max की कीमत 1,79,900 रुपये रखी गई है. Apple के अनुसार, दोनों मॉडल्स की प्री-बुकिंग 12 सितंबर से शुरू होगी और बिक्री 18 सितंबर से शुरू की जाएगी. इसके अलावा, कंपनी ने अपना पहला फोल्डेबल iPhone भी लॉन्च किया है. iPhone Duo नाम के इस फोन की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है.

  • क्रिस्पी चिली भिंडी रेसिपी: कुरकुरी भिंडी को चिली सॉस में करें टॉस, स्वाद होगा लाजवाब

    क्रिस्पी चिली भिंडी रेसिपी: कुरकुरी भिंडी को चिली सॉस में करें टॉस, स्वाद होगा लाजवाब

    भिंडी की सब्जी ज्यादातर घरों में एक ही तरह से बनाई जाती है, लेकिन अगर आप इस रोज की सब्जी में थोड़ा ट्विस्ट देना चाहते हैं तो क्रिस्पी चिली भिंडी ट्राई कर सकते हैं. चाइनीज स्टाइल ये रेसिपी इंडियन स्वाद को अलग ही लेवल पर ले जाती है. ये स्वाद में इतनी चटपटी और मजेदार है कि भिंडी खाने से नखरे करने वाले लोग भी इसे पसंद कर सकते हैं. बाहर से बेहद क्रिस्पी और कुरकुरी भिंडी को मसालेदार चिली सॉस, प्याज, शिमला मिर्च और लहसुन-अदरक के फ्लेवर के साथ टॉस किया जाता है, जिससे इसका स्वाद बिल्कुल रेस्टोरेंट स्टाइल हो जाता है.

    खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए किसी बहुत खास या महंगे इंग्रेडिएंट्स की जरूरत नहीं पड़ती. घर में आसानी से मिलने वाले कॉर्नफ्लोर, मैदा, कुछ सॉस और मसालों की मदद से आप भिंडी को एकदम नया अंदाज दे सकते हैं. चलिए जानते हैं कैसे बनाते हैं क्रिस्पी चिली भिंडी.

    क्रिस्पी चिली भिंडी के लिए इंग्रेडिएंट्स
        भिंडी- करीब 250 ग्राम
        कॉर्नफ्लोर- 1 चम्मच + डस्टिंग के लिए थोड़ा सा
        मैदा- 1 चम्मच
        अरोमाट पाउडर- थोड़ा सा
        नमक- स्वादानुसार
        तेल- फ्राई करने के लिए
        प्याज- 1 छोटा, क्यूब्स में कटा हुआ
        शिमला मिर्च- 1 छोटी, क्यूब्स में कटी हुई
        लहसुन- बारीक कटा हुआ
        अदरक- बारीक कटा हुआ
        हरी मिर्च- बारीक कटी हुई
        चिली पेस्ट- थोड़ा सा
        टोमेटो केचप- थोड़ा सा
        मशरूम बेस्ड ऑयस्टर सॉस- थोड़ा सा
        डार्क सोया सॉस- थोड़ा सा
        कैस्टर शुगर- एक चुटकी
        स्प्रिंग अनियन- गार्निश के लिए
        पानी- जरूरत के अनुसार

    बनाने का तरीका:
    1.
    क्रिस्पी चिली भिंडी बनाने के लिए सबसे पहले भिंडी को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद इसे कपड़े या टिश्यू की मदद से पूरी तरह सुखाना भी बहुत जरूरी है. भिंडी में पानी रह गया तो बैटर अच्छी तरह चिपकेगा नहीं और भिंडी क्रिस्पी भी नहीं बनेगी.

    2. अब भिंडी के दोनों सिरे काटकर इसे न ज्यादा मोटा और न ज्यादा पतला, बल्कि मीडियम शेप के टुकड़ों में काट लें. साथ ही प्याज और शिमला मिर्च को छोटे क्यूब्स में काटकर तैयार कर लें.

    3. एक बाउल में 1 चम्मच कॉर्नफ्लोर और 1 चम्मच मैदा लें. इसमें थोड़ा अरोमाट पाउडर और नमक डालें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर इसका पतला बैटर तैयार करें.

    4. ध्यान रखें कि बैटर ज्यादा गाढ़ा नहीं होना चाहिए. इसकी कंसिस्टेंसी इतनी पतली हो कि भिंडी पर इसकी हल्की कोटिंग हो जाए.

    5. अब इस बैटर को कटी हुई भिंडी के ऊपर डालकर हल्के हाथ से मिलाएं. इसके बाद ऊपर से थोड़ा कॉर्नफ्लोर डालकर हल्की डस्टिंग करें. लेकिन ध्यान रखें कि भिंडी को बहुत जोर से मिक्स न करें, वरना उस पर लगा बैटर निकल सकता है.

    6. कड़ाही में तेल गर्म करें, लेकिन तेल को बहुत ज्यादा तेज गर्म न करें. मीडियम टेंपरेटृचर पर भिंडी को फ्राई करें. इसे तब तक तलें जब तक इसका रंग हल्का ब्राउन और टेक्सचर क्रिस्पी न हो जाए.

    7. भिंडी को पहले से हाफ फ्राई करके ज्यादा देर तक न रखें. ऐसा करने से बाद में ये सॉफ्ट हो सकती है. बेहतर स्वाद और क्रंच के लिए भिंडी को फ्राई करने के तुरंत बाद सॉस में टॉस करें.

    8. एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें. इसमें बारीक कटा हुआ लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर हल्का भूनें. इसके बाद प्याज और शिमला मिर्च डालें. इन्हें तेज आंच पर थोड़ी देर टॉस करें ताकि सब्जियों का हल्का क्रंच बना रहे.

    9. अब इसमें थोड़ा होममेड चिली पेस्ट, टोमेटो केचप, मशरूम बेस्ड ऑयस्टर सॉस और डार्क सोया सॉस डालें. सॉस की मात्रा ज्यादा न रखें, क्योंकि ज्यादा सॉस डालने से क्रिस्पी भिंडी जल्दी सॉफ्ट हो सकती है.

    10. इसके बाद थोड़ा अरोमाट पाउडर, नमक और एक चुटकी कैस्टर शुगर डालें. जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी डालकर सॉस को अच्छी तरह मिला लें.

    11. अब तैयार क्रिस्पी भिंडी को सॉस वाले पैन में डालें और बहुत हल्के हाथ से टॉस करें. भिंडी को ज्यादा देर तक सॉस में पकाने की जरूरत नहीं है. बस इतना टॉस करें कि सॉस की हल्की कोटिंग भिंडी पर अच्छी तरह आ जाए.

    12. आखिर में ऊपर से बारीक कटा हुआ स्प्रिंग अनियन डालें और गर्मागर्म सर्व करें. बाहर से क्रंची, अंदर से सॉफ्ट और चटपटे इंडो-चाइनीज फ्लेवर वाली यह भिंडी शाम के स्नैक से लेकर पार्टी स्टार्टर तक के लिए शानदार ऑप्शन हो सकती है.

  • प्रेमानंद महाराज की सीख: जीवन में तरक्की और सुख के लिए अपनाएं ये 3 सरल नियम

    हर व्यक्ति जीवन में तरक्की, सुख और सफलता चाहता है. इसके लिए लोग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले संत हमेशा कर्म और ईश्वर भक्ति को महत्व देते हैं. प्रेमानंद महाराज भी जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरल नियमों पर जोर देते हैं. उनका मानना है कि अगर व्यक्ति अपने कर्मों को सही दिशा में रखे, भगवान का स्मरण करता रहे, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं .

    निस्वार्थ भाव से करें सेवा
    प्रेमानंद महाराज के अनुसार जीवन में सेवा का भाव बहुत महत्वपूर्ण है. जब व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करता है तो उसके भीतर अहंकार कम होता है, इससे मन में संतोष बढ़ता है. सेवा केवल धन या किसी बड़ी मदद तक सीमित नहीं है. जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना, किसी दुखी इंसान को सहारा देना या अपनी क्षमता के अनुसार किसी के काम आना भी सेवा का हिस्सा है .

    निस्वार्थ सेवा व्यक्ति के व्यवहार और सोच में भी बदलाव लाती है. इससे दूसरों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है और मन को शांति मिलती है . इसलिए जीवन में अपनी क्षमता के अनुसार सेवा का भाव बनाए रखना चाहिए .

    भगवान का नाम लेने की आदत डालें
    प्रेमानंद महाराज भगवान के नाम स्मरण को भी जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं. उनका संदेश है कि व्यक्ति को अपने रोजमर्रा के कामों के साथ ईश्वर का स्मरण करते रहना चाहिए. भगवान का नाम लेने से मन को स्थिर रखने और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने में मदद मिल सकती है .

    सुबह उठने के बाद या दिन में कुछ समय निकालकर शांत मन से भगवान का नाम जपना आध्यात्मिक अनुशासन का हिस्सा बनाया जा सकता है. इसका उद्देश्य केवल किसी भौतिक लाभ की उम्मीद करना नहीं, बल्कि मन को ईश्वर के प्रति जोड़ना और अपने कर्मों पर ध्यान देना है .

    सफलता के लिए कर्म भी जरूरी
    केवल भगवान का नाम लेना या सेवा करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता. जीवन में सफलता के लिए व्यक्ति को अपने कर्म भी ईमानदारी से करने चाहिए. मेहनत, अनुशासन और सही सोच के साथ आध्यात्मिकता को जीवन में शामिल किया जाए तो व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर बेहतर तरीके से बढ़ सकता है .

    प्रेमानंद महाराज की शिक्षाओं का मूल संदेश यही है कि व्यक्ति अपने कर्मों को शुद्ध रखे, दूसरों के प्रति निस्वार्थ भाव रखें. ईश्वर का स्मरण करता रहे . इन आदतों को जीवन का हिस्सा बनाकर व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक बदलाव महसूस कर सकता है .

  • लच्छा आलू पराठा रेसिपी: मसालेदार स्टफिंग और कुरकुरी लेयर्स के साथ बनाएं टेस्टी नाश्ता

    लच्छा आलू पराठा रेसिपी: मसालेदार स्टफिंग और कुरकुरी लेयर्स के साथ बनाएं टेस्टी नाश्ता

    सुबह के नाश्ते में पराठा सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली डिशों में से एक है. आपने अब तक कई तरह के पराठे खाए होंगे लेकिन  इस बार पराठे में थोड़ा अलग ट्विस्ट चाहते हैं तो लच्छा आलू पराठा आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से मसालेदार आलू की स्टफिंग वाला यह पराठा बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आएगा.

    गेहूं के आटे से तैयार होने वाले इस पराठे में उबले हुए आलू को हरी मिर्च, अदरक, लाल मिर्च, अमचूर और दूसरे मसालों के साथ मिलाकर स्टफिंग तैयार की जाती है. इसके बाद आटे में लच्छे बनाकर इसमें आलू की फिलिंग भरी जाती है और तवे पर घी या तेल लगाकर इसे अच्छी तरह सेंका जाता है. गरमा-गरम लच्छा आलू पराठे को दही, अचार, सफेद मक्खन या चटनी के साथ परोसा जा सकता है. तो अगर आप रोज के नाश्ते में एक ही तरह का पराठा खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार लच्छा आलू पराठा जरूर ट्राई कर सकते हैं.

    लच्छा आलू पराठा बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है?
    आटा गूंथने के लिए
    2 कप गेहूं का आटा
    2 चम्मच तेल
    नमक स्वादानुसार
    पानी जरूरत के अनुसार

    आलू की स्टफिंग के लिए
    3 मीडियम साइज के उबले हुए आलू
    2 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
    1 चम्मच अदरक, कद्दूकस किया हुआ
    1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    ¼ छोटा चम्मच हल्दी
    1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर
    1/2 छोटा चम्मच जीरा
    2 चम्मच धनिया पत्ती, बारीक कटी हुई
    नमक स्वादानुसार

    पराठा सेकने के लिए
    तेल या घी जरूरत के अनुसार

    लच्छा आलू पराठा बनाएं कैसे?
        सबसे पहले एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, नमक और तेल डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम और चिकना आटा गूंथ लें. आटे को ज्यादा सख्त न रखें. इसे 10 से 15 मिनट के लिए ढककर रख दें. इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाएगा और पराठा बेलने में आसानी होगी.
        अब उबले हुए आलू को अच्छी तरह मैश कर लें. इसमें अदरक, हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, अमचूर पाउडर, जीरा, नमक और बारीक कटी धनिया पत्ती डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें, ताकि मसाले आलू में अच्छी तरह मिक्स हो जाएं.
        अब लच्छा वाली लेयर बनाने के लिए आटे की एक लोई लेकर इसे बेलकर थोड़ा बड़ा और पतला कर लें. इसके ऊपर थोड़ा तेल लगाएं और हल्का सा सूखा आटा छिड़कें. अब इसे लंबाई में मोड़ते हुए पट्टी जैसा बना लें. फिर इस पट्टी को गोल घुमाकर पेड़े जैसा आकार दें. इसे हल्के हाथों से दबाकर दोबारा बेल लें. इसी तरीके से पराठे में लच्छे वाली लेयर तैयार होगी.
        अब बेली हुई लोई के बीच में आलू की फिलिंग रखें और किनारों को अच्छी तरह बंद कर दें. इसके बाद हल्के हाथों से इसे दोबारा बेलकर गोल पराठा तैयार कर लें. ध्यान रखें कि पराठे को ज्यादा दबाकर न बेलें, वरना आलू की फिलिंग बाहर निकल सकती है.
        अब तवा मीडियम आंच पर गर्म करें और उस पर पराठा डाल दें. एक तरफ से हल्का सुनहरा होने पर इसे पलटें. अब दोनों तरफ थोड़ा तेल या घी लगाकर पराठे को कुरकुरा और गोल्डन ब्राउन होने तक सेंक लें.
        अब आपका गरमा-गरम लच्छा आलू पराठा तैयार है. इसे दही, अचार, सफेद मक्खन या अपनी पसंद की चटनी के साथ सर्व करें. कुरकुरी लेयर्स और मसालेदार आलू की फिलिंग वाला यह पराठा नाश्ते से लेकर डिनर तक, कभी भी बनाया जा सकता है.