Category: लाइफस्टाइल

  • सहजन की फली वाली दाल बनाने के लिए प्याज, टमाटर और मसालों के साथ लगाएं तड़का

    सहजन की फली वाली दाल बनाने के लिए प्याज, टमाटर और मसालों के साथ लगाएं तड़का

    दाल भारतीय खाने का अहम हिस्सा है. आमतौर पर लोग अरहर, मूंग, मसूर या चना दाल को अलग-अलग तरीकों से बनाकर खाते हैं. लेकिन आप रोज की एक जैसी दाल से बोर हो गए हैं और कुछ अलग व टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं तो सहजन की फली वाली दाल बना सकते हैं. सहजन की फली वाली दाल स्वाद में काफी अलग और टेस्टी लगती है. इसे बनाने के लिए प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन और कुछ मसालों का इस्तेमाल किया जाता है जो दाल का स्वाद और भी बढ़ा देते हैं.

    वहीं, ऊपर से लगाया गया लहसुन, जीरा और सूखी लाल मिर्च का तड़का इसे एक अलग फ्लेवर देता है. खास बात यह है कि इसे आप घर में मौजूद  चीजों से आसानी से तैयार कर सकते हैं. इसे गरमागरम चावल, रोटी या पराठे के साथ सर्व किया जा सकता है. तो आइए जानते हैं सहजन की फली वाली दाल बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होगी और इसे घर पर बनाने का आसान तरीका क्या है.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    2 बड़े चम्मच तेल
    1 छोटी चम्मच जीरा
    1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हुआ लहसुन
    आधा बड़ा चम्मच बारीक कटा हुआ अदरक
    2 प्याज, बारीक कटे हुए
    1 छोटी चम्मच बारीक कटी हुई हरी मिर्च
    2 टमाटर, बारीक कटे हुए
    1 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    आधा छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
    1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
    आधा छोटी चम्मच जीरा पाउडर
    आधा कप मूंग दाल, भिगोई हुई
    आधा कप मसूर दाल, भिगोई हुई
    2 से 3 सहजन की फलियां
    आधा बड़ा चम्मच नमक
    पानी, जरूरत के अनुसार

    तड़के के लिए
    थोड़ा तेल या घी
    1 छोटी चम्मच जीरा
    1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हुआ लहसुन
    2 सूखी लाल मिर्च
    आधी छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर

    सहजन की फली वाली दाल बनाएं कैसे?

    • सबसे पहले मूंग और मसूर दाल को पानी में कुछ देर के लिए भिगो दें. लहसुन, अदरक, प्याज, हरी मिर्च और टमाटर को बारीक काट लें. सहजन की फलियों को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें.
    • अब एक कड़ाही या पैन में तेल गर्म करें और उसमें जीरा डालें. जीरा चटकने लगे तो कटा हुआ लहसुन और अदरक डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद प्याज डालें और नरम होने तक पकाएं. हरी मिर्च और कटे हुए टमाटर डालकर तब तक पकाएं, जब तक टमाटर अच्छी तरह गल न जाएं.
    • अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर और जीरा पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसके बाद भीगी हुई मूंग और मसूर दाल डालें और मसालों के साथ अच्छी तरह मिला लें.
    • अब दाल को ढकने जितना पानी और नमक डालें. तेज आंच पर एक उबाल आने दें. इसके बाद आंच धीमी कर दें और दाल को तब तक पकाएं, जब तक वह नरम होकर अच्छी तरह पक न जाए.
    • जब दाल लगभग पक जाए, तब इसमें कटी हुई सहजन की फलियां डालें. इन्हें ज्यादा न पकाएं, ताकि फलियां अपना आकार बनाए रखें और पूरी तरह गलकर दाल में न मिल जाएं. जरूरत लगे तो थोड़ा पानी डालकर कुछ देर और पकाएं.
    • दाल को एक खास स्वाद देने के लिए आखिर में तड़का लगाएं. इसके लिए एक छोटे पैन में थोड़ा तेल या घी गर्म करें. इसमें जीरा डालें. जीरा चटकने लगे तो कटा हुआ लहसुन और सूखी लाल मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भूनें. आखिर में लाल मिर्च पाउडर डालकर तुरंत गैस बंद कर दें.
    • अब इस तड़के को तैयार दाल के ऊपर डालें और अच्छी तरह मिला दें. गरमागरम सहजन की फली वाली दाल को चावल या रोटी के साथ सर्व करें.

    इन बातों का रखें ध्यान
    सहजन की फलियों को दाल में डालने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है. साथ ही, इन्हें इतना ही पकाएं कि वे नरम हो जाएं लेकिन पूरी तरह गलें नहीं. इससे दाल का स्वाद और टेक्सचर बेहतर रहेगा.

  • बिल गेट्स ने दी चेतावनी, कहा- दुनिया की कोई भी सरकार AI के बड़े बदलावों के लिए तैयार नहीं

    बिल गेट्स ने दी चेतावनी, कहा- दुनिया की कोई भी सरकार AI के बड़े बदलावों के लिए तैयार नहीं

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर इस वक्त दुनिया भर में एक तरह का बवाल मचा हुआ है. हर दिन AI को लेकर ऐसे दावे हो रहे हैं जिससे आम इंसान डरा हुआ है. एक तरफ जहां OpenAI और Anthropic के हेड कह रहे हैं कि AI पर लगाम लगाना होगा, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप कह रहे हैं कि हम एआई को रोक नहीं सकते वर्ना चीन आगे निकल जाएगा. इसी बीच माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने भी कुछ कहा है. आइए जानते हैं.

    बिल गेट्स ने एक नई बातचीत में चेतावनी दी है कि दुनिया की कोई भी सरकार अभी उन बड़े बदलावों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है, जो AI समाज में ला सकता है. उनका कहना है कि AI से नौकरियों पर असर पड़ सकता है, साइबर हमलों का खतरा बढ़ सकता है और लोगों में एआई से बातचीत की लत भी लग सकती है. यानी ये लोगों को एडिक्ट बना सकता है.

    गेट्स की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब AI को लेकर दुनिया में बहस तेज हो गई है. एक तरफ कंपनियां ज्यादा ताकतवर एआई बनाने की होड़ में लगी हैं, वहीं दूसरी तरफ साइंटिस्ट्स और टेक इंडस्ट्री के बड़े नाम इसके खतरों को लेकर चेतावनी दे रहे हैं. इसी बीच गेट्स ने कहा है कि सरकारों को अब सिर्फ एआई का फायदा देखने के बजाय इसके असर से निपटने की तैयारी भी करनी होगी. हालांकि यहां ये भी समझना जरूरी है कि भले ही AI कंपनियों के सीईओ स्लोडाउन की बता कर रहे हैं, लेकिन कोई वाकई इसे स्लोडाउन करना चाह नहीं रहा है.

    बिल गेट्स ने क्यों कहा- सरकारें बहुत पीछे हैं?
    रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में बिल गेट्स ने कहा कि कोई भी सरकार एआई से आने वाले बदलावों के लिए उतनी तैयारी नहीं कर रही है, जितनी करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकारों की तैयारी इस मामले में काफी पीछे है.

    गेट्स पहले एआई को लेकर काफी उम्मीद जताते रहे हैं. उनका मानना रहा है कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरे जरूरी क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकता है. लेकिन अब उनका कहना है कि इसकी रफ्तार के साथ कुछ ऐसे खतरे भी सामने आ रहे हैं, जिनके लिए दुनिया अभी तैयार नहीं है.

    इनमें सबसे बड़ी चिंता नौकरियों को लेकर है. एआई पहले ही ऐसे कई काम करने लगा है, जो कुछ साल पहले तक सिर्फ इंसानों के भरोसे थे. आने वाले समय में एआई ज्यादा काम करने लगेगा तो कई नौकरियों का तरीका बदल सकता है और कुछ नौकरियों की जरूरत भी कम हो सकती है.

    गेट्स ने साइबर अटैक्स और एआई आधारित खतरों को लेकर भी चिंता जताई है. इसके अलावा उन्होंने एआई से बातचीत करने वाले डिजिटल साथियों की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर भी सावधान किया है. उनका डर है कि लोग इनसे जरूरत से ज्यादा जुड़ सकते हैं.

    एआई की सबसे बड़ी लड़ाई अमेरिका और चीन के बीच
    गेट्स ने एआई की होड़ में चीन की तेजी की भी तारीफ की है. उनका कहना है कि अमेरिका और चीन दोनों के पास कई ऐसे संस्थान हैं, जो दुनिया के सबसे बेहतर एआई मॉडल बनाने की क्षमता रखते हैं. बता दें कि कल यानी 14 सितंबर को ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा था कि AI स्लोडाउन नहीं हो सकता, क्योंकि चीन यही चाहता है.

    चीनी और अमेरिकी AI मॉडल्स में ज्यादा फर्क नही – गेट्स
    गेट्स के मुताबिक दोनों देशों के सबसे अच्छे एआई मॉडल के बीच का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है. उन्होंने इसे अमेरिका और चीन के बीच एक तरह की बड़ी एआई प्रतियोगिता बताया है. अमेरिकी प्रेसिडेंट और वहां की AI कंपनियों को भी इस बात का ही डर है कि अमेरिका के मुकाबले चीन का AI कहीं आगे न निकल जाए. इसलिए ही ट्रंप ने पोस्ट में कहा है कि जो जीतेगा वही जीतेगा और चीन से AI में अमेरिका काफी आगे है.

    यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिका लगातार एआई में अपनी बढ़त बनाए रखने की कोशिश कर रहा है और चीन तेजी से अपनी एआई तकनीक विकसित कर रहा है. ऐसे में दोनों देशों के बीच एआई की होड़ सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रह गई है. इसका असर कारोबार, सुरक्षा, नौकरियों और दुनिया की राजनीति पर भी पड़ सकता है.

    गेट्स का मानना है कि इस होड़ का फायदा सिर्फ अमेरिका और चीन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनका कहना है कि एआई का इस्तेमाल गरीब देशों और उन लोगों तक भी पहुंचना चाहिए, जिनके पास आज अच्छी स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं नहीं हैं.

    गेट्स फाउंडेशन एआई पर खर्च करेगा 1 अरब डॉलर
    बिल गेट्स की चेतावनी के साथ ही गेट्स फाउंडेशन ने एआई को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है. फाउंडेशन अगले दो साल में कम से कम 1 अरब डॉलर, यानी करीब 8,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रहा है.

    इस पैसे का इस्तेमाल स्वास्थ्य, शिक्षा और खेती जैसे क्षेत्रों में एआई की पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा. फाउंडेशन का मकसद यह है कि एआई का फायदा सिर्फ अमीर देशों और बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहे.

    फाउंडेशन खास तौर पर उन भाषाओं और इलाकों पर भी ध्यान देना चाहता है, जिन्हें मौजूदा एआई मॉडल उतनी अच्छी तरह नहीं समझते. इसका मतलब है कि स्थानीय भाषाओं के लिए बेहतर एआई मॉडल और डेटा तैयार करने पर भी पैसा लगाया जाएगा.

    गेट्स ने एआई को एलियन से क्यों जोड़ा?
    बिल गेट्स ने एआई के भविष्य को समझाने के लिए एक दिलचस्प उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि फिल्मों में अक्सर ऐसा दिखाया जाता है कि एलियन धरती पर हमला करने आता है और उसके बाद अमेरिका, चीन और बाकी देश आपसी मतभेद भूलकर एक साथ आ जाते हैं.

    गेट्स के मुताबिक एआई कुछ हद तक ऐसा ही मौका है. उनका कहना है कि एआई हमारे सामने आ चुका है और दुनिया को इसके साथ मिलकर काम करने की जरूरत है.

    इसका सीधा मतलब है कि एआई को लेकर अमेरिका, चीन और दूसरे देशों के बीच सिर्फ प्रतियोगिता नहीं होनी चाहिए. कुछ मामलों में उन्हें साथ मिलकर ऐसे नियम बनाने होंगे, जिनसे एआई का गलत इस्तेमाल रोका जा सके.

    सरकारों के पास कितना समय है?
    यही इस पूरी बहस का सबसे अहम सवाल है. एआई का विकास इतनी तेजी से हो रहा है कि सरकारों के लिए नए नियम बनाने की रफ्तार और एआई के विकास की रफ्तार में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है.

    दुनिया में अभी एआई के लिए नियम बनाने की कोशिश चल रही है, लेकिन इस बात पर देशों के बीच सहमति नहीं है कि कितने सख्त नियम होने चाहिए. अमेरिका और चीन के बीच एआई की प्रतियोगिता इस मामले को और मुश्किल बनाती है, क्योंकि कोई भी देश ऐसी पाबंदियां नहीं चाहता जिससे वह दूसरे देश से पीछे रह जाए.

  • नीम करोली बाबा के चार सरल सूत्र: बिना शर्त प्रेम, निस्वार्थ सेवा, ईश्वर का स्मरण और सत्य का मार्ग

    नीम करोली बाबा के चार सरल सूत्र: बिना शर्त प्रेम, निस्वार्थ सेवा, ईश्वर का स्मरण और सत्य का मार्ग

    आज की तेज-तर्रार और भागदौड़ भरी जिंदगी में जब इंसान तनाव, अविश्वास और अकेलेपन से जूझ रहा है, तब मन की शांति और सही राह पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है. स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसी दुनिया की बड़ी हस्तियों को दिशा देने वाले नीम करोली बाबा ने जीवन जीने का कोई बहुत जटिल दर्शन नहीं दिया, बल्कि 4 बेहद सरल बातें बताईं. अगर इन 4 सूत्रों को जीवन में उतार लिया जाए, तो किसी भी इंसान की दुनिया बदल सकती है.

    1. बिना किसी शर्त के प्रेम (Unconditional Love)
    "हर इंसान से प्रेम करो, नफरत का बोझ मत उठाओ."
    बाबा नीम करोली के अनुसार, सच्चा प्रेम केवल अपनों तक सीमित नहीं होना चाहिए. इसका अर्थ है हर इंसान के प्रति अपने मन में करुणा और इंसानियत रखना.  किसी से विचार अलग हो सकते हैं या आप उनसे दूरी बना सकते हैं, लेकिन मन में दुश्मनी और कड़वाहट पालकर खुद को ही नुकसान पहुंचता है.  नफरत छोड़ना दूसरों के लिए नहीं, बल्कि खुद के मानसिक सुकून के लिए जरूरी है.

    2. निस्वार्थ सेवा ही असली साधना है (Selfless Service)
    "सेवा के बिना प्रेम अधूरा है."
    सोचना आसान है, लेकिन कर्म में ढालना ही असली परीक्षा है. बाबा का मानना था कि सेवा के लिए करोड़ों रुपये या बड़े साधनों की जरूरत नहीं होती.

    किसी भूखे को भोजन कराना,

    किसी उदास व्यक्ति की बात सुन लेना,

    या किसी बुजुर्ग का हाथ थाम लेना.

    यह छोटी-छोटी मदद ही ईश्वर की असली पूजा है.  दूसरों के जीवन को आसान बनाना ही आध्यात्मिक प्रगति है.

    3. हर स्थिति में ईश्वर को याद रखना (Remember God)
    "चाहे सुख हो या दुख, उस परमात्मा का ध्यान न छूटे."
    जीवन में जब सब अच्छा चल रहा होता है, तब हम अहंकार में आ जाते हैं और जब बुरा वक्त आता है, तो निराश होकर बिखर जाते हैं.  बाबा का यह सूत्र हमें याद दिलाता है कि परिस्थितियां बदलती रहती हैं, लेकिन ईश्वर का चिंतन मन को हमेशा स्थिर और शांत रखता है. यह हमें हर स्थिति में विनम्र रहना सिखाता है.

    4. सत्य की राह पर चलना (Speak the Truth)
    सच बोलना केवल नैतिकता नहीं, मन की शांति की चाबी है."
    झूठ बोलने से इंसान के मन में हमेशा पकड़े जाने का डर बना रहता है, जो मानसिक शांति छीन लेता है. सच बोलने से मन हल्का, साफ और निडर रहता है. नीम करोली बाबा कहते हैं कि सत्यवादी व्यक्ति का आचरण ही उसकी सबसे बड़ी ताकत बनता है.

  • टेक कंपनियों में छंटनी का दौर जारी, ओरकल और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों ने निकाले कर्मचारी

    टेक कंपनियों में छंटनी का दौर जारी, ओरकल और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों ने निकाले कर्मचारी

    Oracle कंपनी में एक बार फिर से छंटनी का दौर शुरू हो चुका है, जिसकी वजह से बहुत से लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है. लेकिन यह कोई इकलौती कंपनी नहीं है, जहां पर छंटनी हो रही है. दुनिया भर में कई कंपनियां छंटनी कर रही हैं, जिसके पीछे की एक वजह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) भी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 1.28 लाख टेक कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाला गया है.

    लेऑफ ट्रैकर पोर्टल layoffs.fyi ने बताया है कि इस साल दुनियाभर में 303 टेक कंपनियों के अंदर छंटनी हुई है, जिसमें 128,873 टेक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है. इसमें Oracle, Amazon, Uber, PayPal जैसे कई नाम शामिल हैं.

    Oracle की छंटनी की चर्चा इसलिए सबसे ज्यादा है क्योंकि इस कंपनी ने सबसे बडे़ स्तर छंटनी की है. इस साल कंपनी पहले ही 21,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है और अब एक बार फिर से कंपनी ने लोगों को नौकरी से निकालना शुरू कर दिया है. हालांकि कंपनी ने अभी तक संख्या का ऑफिशियल ऐलान नहीं किया है.

    Amazon भी कर चुकी है छंटनी
    Amazon एक इंटरनेशनल कंपनी है और यह इस साल की शुरुआत में बड़ी छंटनी कर चुकी है. कंपनी ने जनवरी में 16 हजार लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया था.  Amazon AI को लेकर भी काम कर रही है.

    Dell भी कर चुका है छंटनी
    Dell कंपनी की तरफ से इस साल मार्च में बड़ी छंटनी की जा चुकी है, जिसमें 11 हजार लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है. इसमें भी AI का बड़ा रोल रहा है.

    Meta भी कर चुका है छंटनी
    Meta कंपनी की तरफ से भी इस साल छंटनी की जा चुकी है, जिसमें अब तक कई राउंड्स की छंटनी हो चुकी है.

    दुनियाभर में बहुत सी कंपनियां हैं, जो बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी में इनवेस्ट कर रही हैं और अपने कई काम को ऑटोमैटिक करने के इरादे से AI का भी इस्तेमाल कर रहे हैं या करने का प्लान बना रहे हैं. काम ऑटोमैटिक होने के बाद कम कर्मचारियों की जरूरत होगी, जिसकी वजह से अधिकतर कंपनियों में वर्कफोर्स को करने की दिशा में काम किया जा रहा है. 

  • मैदे के बिना बनाएं टेस्टी सूजी मोमोज, सब्जियों की फिलिंग से बढ़ेगा स्वाद

    मैदे के बिना बनाएं टेस्टी सूजी मोमोज, सब्जियों की फिलिंग से बढ़ेगा स्वाद

     बाजार में मिलने वाले मोमोज  बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को खूब पसंद आते हैं. बाहर मिलने वाले मोमोज में कई तरह की फिलिंग और फ्लेवर आसानी से मिल जाते हैं लेकिन आप घर पर मोमोज बनाना चाहते हैं और मैदे का इस्तेमाल नहीं करना चाहते तो सूजी से बने मोमोज ट्राई कर सकते हैं. सूजी से तैयार ये मोमोज खाने में काफी टेस्टी लगते हैं और इनमें आप अपनी पसंद की सब्जियों की फिलिंग भी भर सकते हैं.

    पत्ता गोभी, प्याज, गाजर और मसालों से तैयार इसकी फिलिंग मोमोज का स्वाद और भी बढ़ा देती है. खास बात यह है कि इन्हें तेल में तलने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि स्टीम करके आसानी से तैयार किया जाता है. तो आइए जानते हैं घर पर सूजी के टेस्टी मोमोज बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होगी और इन्हें बनाने का आसान तरीका क्या है.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    200 ग्राम सूजी
    1 कप पत्ता गोभी, बारीक कटी हुई
    1 कप प्याज, बारीक कटा हुआ
    1 कप गाजर, बारीक कटी हुई
    1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
    1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट
    नमक, स्वादानुसार
    1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
    1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    1 छोटा चम्मच सोया सॉस
    1 छोटा चम्मच रेड चिली सॉस
    1 छोटा चम्मच ग्रीन चिली सॉस
    थोड़ा सा तेल
    पानी, जरूरत के अनुसार

    सूजी के मोमोज कैसे बनाएं?

    • सूजी के मोमोज बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में सूजी लें. इसमें थोड़ा-थोड़ा गर्म पानी डालते हुए नरम आटा गूंध लें. ध्यान रखें कि आटा बहुत ज्यादा गीला न हो. तैयार आटे को कुछ देर के लिए ढककर रख दें.
    • अब मोमोज की फिलिंग तैयार करने के लिए एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें. इसमें बारीक कटी पत्ता गोभी, प्याज, गाजर और हरी मिर्च डालकर हल्का सा भून लें. इसके बाद इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, नमक, जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, सोया सॉस, रेड चिली सॉस और ग्रीन चिली सॉस डालकर अच्छी तरह मिला लें. सब्जियों को ज्यादा न पकाएं, ताकि इनमें हल्का क्रंच बना रहे. अब गैस बंद करके इस मिश्रण को ठंडा होने दें.
    • जब फिलिंग ठंडी हो जाए, तो सूजी के आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें. इन्हें बेलकर छोटी-छोटी पतली पूड़ियां तैयार करें. अब हर पूरी के बीच में एक चम्मच तैयार सब्जियों की फिलिंग रखें और किनारों को मोड़कर मोमोज का आकार दें. इसी तरह सभी मोमोज तैयार कर लें.
    • अब मोमोज को स्टीमर में रखें और लगभग 15 मिनट तक स्टीम करें. जब मोमोज अच्छी तरह पक जाएं और सूजी की परत नरम हो जाए, तो इन्हें स्टीमर से निकाल लें.
    • आपके टेस्टी सूजी मोमोज तैयार हैं. इन्हें गर्मागर्म लाल चटनी, हरी चटनी या अपनी पसंद की डिप के साथ सर्व करें.
  • गणेश चतुर्थी पर मोदक का नया अंदाज, मैंगो से न्यूटेला तक दिखे अनोखे फ्लेवर

    गणेश चतुर्थी पर मोदक का नया अंदाज, मैंगो से न्यूटेला तक दिखे अनोखे फ्लेवर

    गणेश महोत्सव शुरू हो गया है और जयपुर से लेकर मुंबई तक गणेश चतुर्थी की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं. बप्पा की मूर्ति और सजावट के साथ उनके प्रिय भोग मोदक, लड्डू को लेकर भी खास तैयारियां देखने को मिल रही हैं. इस बार मोदक सिर्फ पारंपरिक मिठाई नहीं, बल्कि नए दौर के स्वाद के साथ बाजार में नजर आ रहा है. एक ही रेंज में इतने अलग-अलग फ्लेवर हैं कि मोदक का हर पीस पिछले पीस से बिल्कुल अलग स्वाद दे रहा है.

    मोदक की इस खास रेंज में मैंगो सिगार, मथुरा पेड़ा, नारियल, गुलाब गुलकंद, थंडाई केसर, मावा और मोतीचूर जैसे स्वाद शामिल हैं. वहीं कानपुरी, काजू कतली, न्यूटेला व्हाइट चॉकलेट और लोटस बिसकॉफ जैसे फ्लेवर्स पारंपरिक मिठाई में मॉडर्न ट्विस्ट को जोड़ रहे हैं. यानी एक ही बॉक्स में देसी स्वाद से लेकर नई पीढ़ी के फेवरेट फ्लेवर तक सबकुछ मौजूद है.

    लड्डू भी अब बूंदी-बेसन तक सीमित नहीं
    लड्डू की दुनिया में भी इस बार काफी एक्सपेरिमेंट देखने को मिल रहा है. बाजार में जेस्ट फुल बॉल्स, पिस्ता मलहार, बादाम, बटरस्कॉच रॉशर, काजू बेमिसाल, काजू रोज फैंटसी, खजूर लड्डू और किवी-बादाम डिलाइट जैसे नाम और स्वाद इसे अलग पहचान दे रहे हैं. इसके साथ मूंग, बेसन, मोतीचूर, बीकानेरी, बनारसी, दूध और गोंद लड्डू जैसी पारंपरिक वैरायटी भी मौजूद हैं.

    एक डिब्बे में कई स्वाद का सरप्राइज
    मिठाई के एक ही स्वाद से लोग बोर न हों, इसलिए अलग-अलग फ्लेवर को एक बॉक्स में शामिल करने का कॉन्सेप्ट भी खास है. एक किलो का बॉक्स लेने पर हर पीस अलग स्वाद का हो सकता है. यानी मिठाई का डिब्बा खोलते ही अगली बाइट में कौन-सा फ्लेवर मिलेगा, इसका छोटा सा सरप्राइज भी बना रहता है.

    जब बप्पा का ‘बर्थडे केक’ भी हो मोतीचूर का
    गणेश चतुर्थी को बप्पा के जन्मदिन की तरह सेलिब्रेट करने के लिए मोतीचूर के लड्डू से तैयार किया गया खास लड्डू केक भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है है. बादाम, गुलाब और पिस्ता से सजा यह केक पारंपरिक मिठाई को सेलिब्रेशन के नए अंदाज से जोड़ता है.

    ट्रेडिशन की मिठास, Gen Z का टेस्ट
    इन फ्लेवर्स का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि ये पारंपरिक मिठाइयों को नई पीढ़ी के स्वाद से जोड़ते हैं. जहां Gen-Z अक्सर पारंपरिक मिठाइयों से दूरी बनाते नजर आते हैं. वहीं लोटस बिसकॉफ, न्यूटेला, कीवी-बादाम और बटरस्कॉच जैसे फ्लेवर उन्हें उसी मिठाई की दुनिया में नए अंदाज से वापस ला सकते हैं. यानी इस गणेश चतुर्थी पर परंपरा वही है, बस स्वाद में नया ट्विस्ट होगा.

    मोदक जैसा बॉक्स, बप्पा जैसा सरप्राइज
    स्वाद के साथ पैकेजिंग में भी गणेश चतुर्थी का रंग नजर आ रहा है. मोदक शेप के छोटे बॉक्स से लेकर गणपति बप्पा के आकार की पैकेजिंग तक, गिफ्टिंग को भी खास बनाने की कोशिश की गई है. वहीं अलग-अलग फ्लेवर वाले लग्जरी बॉक्स भी तैयार हैं, जिनमें मोदक और लड्डू दोनों की वैरायटी मिलती है. ऐसे में इस बार बप्पा का भोग सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि देखने और गिफ्ट करने का भी नया एक्सपीरियंस बनता नजर आ रहा है.

  • महंगे केराटिन-प्रोटीन ट्रीटमेंट छोड़िए! अंडे से बनाएं 5 होममेड हेयर मास्क, बाल होंगे मुलायम

    महंगे केराटिन-प्रोटीन ट्रीटमेंट छोड़िए! अंडे से बनाएं 5 होममेड हेयर मास्क, बाल होंगे मुलायम

     क्या आपने भी पार्लर में केराटिन और प्रोटीन ट्रीटमेंट पर हजारों रुपये खर्च किए हैं, फिर भी बाल रूखे और बेजान बने रहते हैं? अगर हां, तो इसका सबसे सस्ता और 100 प्रतिशत प्राकृतिक इलाज आपके किचन में ही मौजूद है. बालों के लिए अंडा बेस्ट माना जाता है और दादी-नानी के जमाने से ही लोग इसे बालों पर हेयर मास्क की तरह लगाते आ रहे हैं.

    प्रोटीन और बायोटिन से भरपूर अंडा बालों को जड़ों से मजबूत बनाता है और झड़ने की समस्या को कम करता है. अक्सर लड़कियां महंगे एग-बेस्ड शैंपू तो खरीद लेती हैं, लेकिन घर पर ताजा अंडा लगाने से कतराती हैं. हालांकि, करीब 80 प्रतिशत महिलाएं अंडे की तेज बदबू की वजह से इसे लगाने से बचती हैं.

    ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, अंडे को अकेले लगाने से स्मेल आती है. लेकिन इसमें कुछ घरेलू चीजें मिला ली जाएं, तो बदबू पूरी तरह खत्म हो जाती है और बालों को दोगुना पोषण मिलता है. आइए हम आपको ऐसे 5 आसान और असरदार होममेड एग हेयर मास्क के बारे में बताते हैं, जो बिना किसी बदबू के 30 मिनट में आपके बालों को सैलून जैसी चमक और मजबूती देंगे.

    शहद, दही और अंडे का मास्क
    अगर आपके बालों में स्प्लिट्स एंड्स और ड्राईनेस है, तो यह मास्क सबसे अच्छा ऑप्शन है. 1 अंडे में 2 चम्मच घर का गाढ़ा दही और 1 चम्मच शहद मिलाकर अच्छे से फेंट लें. दही इस मास्क को क्रीमी बनाता है जिससे अं

    डा बालों में चिपकता नहीं है, वहीं शहद नमी को अंदर तक लॉक करने का काम करता है. इसे सिर्फ बालों की लेंथ पर लगाएं और 25 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें.

    नारियल तेल, एलोवेरा और अंडे का मास्क
    कई लोगों के बाल धोने के तुरंत बाद बहुत रूखे हो जाते हैं. इसके लिए 1 अंडे में 2 चम्मच एलोवेरा जेल और आधा चम्मच नारियल तेल मिलाएं. एलोवेरा हल्का और फिसलन भरा होता है जो बालों को सॉफ्ट बनाता है, जबकि नारियल तेल हल्की चमक देता है. ध्यान रहे कि नारियल तेल आधा चम्मच से ज्यादा न डालें, वरना बाल ऑयली लगेंगे.

    केला, दही और अंडे का मास्क
    अगर आपके बाल मैनेज नहीं होते और बार-बार उलझते हैं, तो यह मास्क कमाल का काम करेगा. 1 पके केले को मिक्सी में बारीक पीस लें, फिर इसमें 1 अंडा और 1 चम्मच दही मिलाएं. केले की मीठी खुशबू अंडे की बदबू को पूरी तरह खत्म कर देती है और बालों को स्मूथ बनाती है.

    एवोकाडो और अंडे का मास्क
    मोटे और कर्ली हेयर्स के लिए एवोकाडो सबसे बेस्ट माना जाता है. आधा पका एवोकाडो और 1 अंडा मिलाकर अच्छे से मैश करके पेस्ट बना लें. एवोकाडो में मौजूद नेचुरल फैट बालों को डीप मॉइश्चर और कंडीशनिंग देता है. पतले या बारीक बालों वाले लोग इस मास्क का इस्तेमाल न करें.

    कॉफी और अंडे का मास्क
    अगर आपको सिर्फ अंडे की स्मेल से प्रॉब्लम है, तो यह तरीका आपके लिए ही है. 1 अंडे में 1 चम्मच कॉफी पाउडर मिलाएं. कॉफी की स्ट्रॉन्ग खुशबू अंडे की स्मेल पर पूरी तरह भारी पड़ती है और यह स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ाती है. इसे स्कैल्प पर रगड़ें नहीं, सिर्फ 5 मिनट हल्के हाथों से मसाज करें और 30 मिनट बाद धो लें.

    अंडे की बदबू से बचने के 3 गोल्डन रूल्स
    ठंडे पानी का इस्तेमाल: एग मास्क को हमेशा नॉर्मल या ठंडे पानी से ही धोएं. गर्म पानी से अंडा बालों में जम सकता है और बदबू बढ़ जाती है.

    लास्ट रिंस: बाल धोने के बाद आखिरी बार रिंस करते समय पानी में 2 बूंद नींबू का रस या गुलाब जल मिला लें.

    कितने समय तक लगाएं: किसी भी एग हेयर मास्क को 30 मिनट से ज्यादा समय तक बालों में रखना चाहिए.

  • खाना खाने के बाद मुंह का स्वाद बदलना है? घर पर झटपट बनाएं खट्टी-मीठी जीरा पाचक गोली

    खाना खाने के बाद मुंह का स्वाद बदलना है? घर पर झटपट बनाएं खट्टी-मीठी जीरा पाचक गोली

    खाना खाने के बाद अगर आपका भी कुछ खट्ठा-मीठा या चटपटा खाने का मन करता है तो इस बार बाजार से पाचक गोली खरीदने के बजाय इसे घर पर बनाकर देखें. जीरा पाचक गोली स्वाद में खट्टी-मीठी और हल्की मसालेदार होती है, जिसे खाने के बाद मुंह का स्वाद भी बदल जाता है. इसे बनाने के लिए आपको जीरा, आमचूर पाउडर, काला नमक, सेंधा नमक, नींबू और कुछ सामान्य चीजों की जरूरत होगी. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय और मेहनत भी नहीं लगती. आप इन गोलियों को बनाकर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर कर सकते हैं और जब मन करे तब खा सकते हैं. तो आइए जानते हैं घर पर टेस्टी जीरा पाचक गोली बनाने की आसान रेसिपी.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    ¼ कप जीरा
    1 बड़ा चम्मच काली मिर्च पाउडर
    2 बड़े चम्मच आमचूर पाउडर
    1 बड़ा चम्मच सेंधा नमक
    ½ बड़ा चम्मच काला नमक
    5 बड़े चम्मच नींबू का रस
    1 कप पिसी हुई चीनी
    चुटकीभर हींग

    जीरा पाचक गोली घर पर बनाएं कैसे?

    • जीरा पाचक गोली बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही गर्म करें और उसमें जीरा डालकर धीमी आंच पर अच्छी तरह भून लें. जीरा हल्का भुन जाए और उसमें से खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें. इसे ठंडा होने दें. इसके बाद भुने हुए जीरे को मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें.
    • अब एक बड़े बाउल में पिसा हुआ जीरा, काली मिर्च पाउडर, सेंधा नमक, काला नमक, आमचूर पाउडर, हींग और पिसी हुई चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद इसमें धीरे-धीरे नींबू का रस डालते हुए मिश्रण को मिलाएं. ध्यान रखें कि मिश्रण बहुत ज्यादा गीला न हो. इसे इस तरह तैयार करें कि इससे आसानी से छोटी-छोटी गोलियां बनाई जा सकें.
    • अब तैयार मिश्रण से छोटी-छोटी गोलियां बना लें. इन गोलियों को पिसी हुई चीनी में हल्का सा लपेट दें. इसके बाद इन्हें कुछ समय के लिए सूखने दें. आपकी घर पर बनी जीरा पाचक गोलियां तैयार हैं.
    • आप इन्हें खाने के बाद कभी-कभी मुंह का स्वाद बदलने के लिए ले सकते हैं. गोलियों को पूरी तरह सूखने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखकर स्टोर करें.

     

  • बेसन का चीला खाकर हो गए हैं बोर? झटपट बनाएं टेस्टी और हेल्दी पोहा-सूजी चीला

    बेसन का चीला खाकर हो गए हैं बोर? झटपट बनाएं टेस्टी और हेल्दी पोहा-सूजी चीला

    सुबह के नाश्ते में चीला कई लोगों को पसंद आता है. लेकिन आप हर दिन बेसन का चीला खाकर बोर हो गए हैं और कुछ अलग व टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं तो पोहा चीला बना सकते हैं. पोहा और सूजी से तैयार यह चीला खाने में काफी टेस्टी होता है. इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता, इसलिए सुबह की जल्दबाजी में भी आप इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं.

    इसमें प्याज, टमाटर, हरा धनिया और मसाले डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. आप इसे हरी चटनी, दही या अपनी पसंद की चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं पोहा चीला बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होगी और इसे घर पर आसानी से कैसे तैयार किया जा सकता है.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    1 कप पोहा
    1/2 कप सूजी
    1 छोटा चम्मच दही
    1/2 प्याज, बारीक कटा हुआ
    1/2 टमाटर, बारीक कटा हुआ
    1/2 छोटा चम्मच राई
    1 करी पत्ता
    नमक, स्वादानुसार
    1/4 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
    1 बड़ा चम्मच हरा धनिया, बारीक कटा हुआ
    पानी, जरूरत के अनुसार
    थोड़ा सा तेल

    पोहे से चीला कैसे बनाएं?
        पोहा चीला बनाने के लिए सबसे पहले पोहे को मिक्सर में डालकर दरदरा पीस लें. अब इसे एक बड़े बाउल में निकालें. इसमें सूजी, दही और थोड़ा पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें. ध्यान रखें कि घोल न तो बहुत गाढ़ा हो और न ही बहुत पतला. अब इस घोल को लगभग 10 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए.
        इसके बाद घोल में बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरा धनिया, नमक और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब एक छोटे पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें. इसमें राई और करी पत्ता डालकर तड़का तैयार करें. इस तड़के को पोहे के घोल में डालकर अच्छी तरह मिला दें.
        अब तवा गर्म करें और उस पर हल्का सा तेल लगाएं. तवा गर्म होने पर एक कलछी घोल डालकर गोल आकार में फैला दें. चीले को मीडियम गैस पर पकाएं. जब नीचे की तरफ से हल्का सुनहरा होने लगे तो इसे पलट दें और दूसरी तरफ से भी अच्छी तरह सेंक लें.
        जब चीला दोनों तरफ से सुनहरा और हल्का कुरकुरा हो जाए तो इसे तवे से निकाल लें. इसी तरह बाकी घोल से भी चीले तैयार कर लें.
        आपका गरमागरम पोहा चीला तैयार है. इसे हरी चटनी, दही या अपनी पसंद की चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं.

     

  • घर पर बनाएं पूजा वाले सफेद बताशे, सिर्फ 3 चीजों से मिनटों में होंगे तैयार

    घर पर बनाएं पूजा वाले सफेद बताशे, सिर्फ 3 चीजों से मिनटों में होंगे तैयार

    घर में पूजा-पाठ हो, किसी खास मौके पर भगवान को भोग लगाना हो या प्रसाद में कुछ मीठा रखना हो, बताशे का इस्तेमाल अक्सर किया जाता है. ऐसे में ज्यादातर लोग इन्हें बाजार से खरीदकर लाते हैं. सफेद-सफेद और फूले हुए बताशे ना केवल देखने में बल्कि खाने में भी बहुत टेस्टी लगते हैं. लेकिन अगर आप चाहें तो बताशे घर पर भी बेहद आसानी से बना सकते हैं.

    खास बात ये है कि इसके लिए न तो बहुत ज्यादा इंग्रेडिएंट्स की जरूरत होगी और न ही घंटों रसोई में खड़े रहना पड़ेगा. सिर्फ चीनी, पानी और थोड़े से बेकिंग सोडा की मदद से आप घर पर ही हल्के, सफेद और फूले-फूले बताशे तैयार कर सकते हैं. सबसे अच्छी बात ये है कि इन्हें बनाने के लिए किसी खास सांचे या मशीन की जरूरत नहीं पड़ती. यानी बाजार से पैकेट खरीदने के बजाय थोड़ी सी मेहनत में घर पर ही ताजे बताशे तैयार किए जा सकते हैं. चलिए जानते हैं घर पर कैसे बनाएं बताशे.

    बताशे बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
        1 कप चीनी
        ½ कप पानी
        2 चुटकी बेकिंग सोडा
        थाली को ग्रीस करने के लिए थोड़ा सा घी

    बनाने का तरीका:
    1. बताशे बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़ी और साफ थाली लें. इसमें हल्का सा घी लगाकर इसे चिकना कर लें. लेकिन ध्यान रखें कि घी की बहुत मोटी लेयर लगाने की जरूरत नहीं है. बस थाली पर हल्की सी ग्रीसिंग के लिए ही घी का इस्तेमाल करना है. ताकि तैयार बताशे आसानी से निकल सकें.

    2. अब एक पैन में 1 कप चीनी और ½ कप पानी डालें. इसे मीडियम आंच पर पकाएं और लगातार चलाते रहें, जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए. चीनी घुलने के बाद आंच को तेज कर दें और चाशनी को पकने दें. जब चाशनी थोड़ी गाढ़ी होने लगे, तो तुरंत आंच धीमी कर दें.

    3. अब इसमें 2 चुटकी बेकिंग सोडा डालें. इसे डालते ही मिश्रण तेजी से फूलने लगेगा, इसलिए बिना देर किए इसे बहुत तेजी से मिक्स करें. मिश्रण अच्छी तरह फुल जाए तो गैस बंद कर दें.

    4. अब तैयार मिश्रण को बिना देर किए घी लगी थाली में थोड़ा-थोड़ा टपकाते जाएं. मिश्रण की हर बूंद थाली पर गिरते ही धीरे-धीरे गोल बताशे की शेप लेने लगेगी. यहां सबसे जरूरी बात ये है कि मिश्रण को ज्यादा देर तक ठंडा न होने दें, वरना इसे आकार देना मुश्किल हो सकता है.

    5. सारे बताशे थाली में डालने के बाद इन्हें पूरी तरह ठंडा होने दें. ठंडे होने पर इन्हें धीरे-धीरे थाली से निकाल लें. इस तरह घर पर ही सफेद, हल्के और फूले-फूले बताशे तैयार हो जाएंगे.