Category: लाइफस्टाइल

  • रोज की सब्जी-रोटी से हो गए बोर? बनाएं काठियावाड़ी मसाला खिचड़ी

    रोज की सब्जी-रोटी से हो गए बोर? बनाएं काठियावाड़ी मसाला खिचड़ी

     रोज-रोज वही सब्जी-रोटी खाकर अक्सर मन भर जाता है और समझ नहीं आता कि रात के खाने में क्या हल्का और स्वादिष्ट बनाया जाए. ऐसे में ताजी हरी मटर डालकर तैयार की गई काठियावाड़ी मसाला खिचड़ी एक बेहतरीन विकल्प है. मूंग दाल, चावल, हरी मटर, खड़े मसालों और देसी घी के स्पेशल तड़के से बनी यह खिचड़ी न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि पौष्टिकता से भी भरपूर होती है.

    इसका तीखा और चटपटा स्वाद इतना कमाल का होता है कि जो बच्चे अक्सर खिचड़ी का नाम सुनते ही मुंह बनाते हैं, वे भी इसे बहुत चाव से खाएंगे. दही, पापड़ और अचार के साथ परोसी गई यह गरमा-गरम खिचड़ी आपके पूरे परिवार का दिल जीत लेगी. आइए जानते हैं इसे बनाने की बेहद आसान विधि!

    सामग्री
    1 कप चावल (लगभग 200 ग्राम)
    1 कप धुली हुई पीली मूंग दाल (लगभग 200 ग्राम)
    1 बड़ा प्याज़, बारीक कटा हुआ
    1 बड़ा आलू, टुकड़ों में कटा हुआ
    1/2 कप हरी मटर (लगभग 75 ग्राम)
    6-7 लहसुन की कलियां, बारीक कटी हुई
    1 छोटा टुकड़ा अदरक, कद्दूकस किया हुआ
    1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हुआ हरा लहसुन
    1 बड़ा टमाटर, बारीक कटा हुआ
    1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
    4 बड़े चम्मच तेल
    1 छोटा चम्मच जीरा
    1 चुटकी हींग
    1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
    1 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला
    जरूरत के अनुसार

    बनाने का तरीका
    चावल और दाल को धो लें, फिर उन्हें प्रेशर कुकर में नमक, हल्दी, आलू, हरी मटर और 4 कप पानी के साथ डालें. नरम और अच्छी तरह पकने तक पकाएं.

    एक पैन में तेल गरम करें. हींग और जीरा डालें और भूनें. अदरक और लहसुन डालें और 1 मिनट तक भूनें. प्याज डालें और एक और मिनट तक भूनें. हरा लहसुन डालें और थोड़ी देर भूनें.

    टमाटर, हरी मिर्च, नमक, हल्दी और गरम मसाला डालें. अच्छी तरह मिलाएँ और तेल अलग होने तक पकाएँ.

    1/2 से 1 कप पानी डालें और उबाल आने दें. पकी हुई खिचड़ी डालें, अच्छी तरह मिलाएँ और 2 मिनट तक पकाएँ. कटा हुआ हरा धनिया मिलाएँ.

    गरम खिचड़ी पर घी डालें और तुरंत परोसें.

  • टूटी स्क्रीन पर टेम्पर्ड ग्लास लगाना पड़ सकता है भारी, जानें क्या-क्या नुकसान

    टूटी स्क्रीन पर टेम्पर्ड ग्लास लगाना पड़ सकता है भारी, जानें क्या-क्या नुकसान

    स्मार्टफोन में सबसे जल्दी किसी चीज के खराब होने का खतरा होता है तो वो है डिस्प्ले. क्योंकि फोन इस्तेमाल करते समय कई बार ऐसा होता है कि हाथ से छूटकर फोन गिर जाता है, जिसकी वजह से डिस्प्ले पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिलता है. स्क्रीन क्रैक हो जाती है या अगर स्मार्टफोन किसी कोने की तरफ से गिर जाए तो स्क्रीन पर क्रैक ही क्रैक हो जाते हैं.

    कई लोग डिस्प्ले को ठीक कराने की जगह बहुत ही सस्ता जुगाड़ निकालते हैं. मार्केट से स्क्रीन गार्ड या टेम्पर्ड ग्लास लाकर टूटे हुए डिस्प्ले के ऊपर लगाकर इस्तेमाल करने लगते हैं. लोगों का मानना होता है कि इससे डिस्प्ले ज्यादा खराब नहीं होगा और काफी समय तक इसी तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. आइए जानते हैं इस ट्रिक को इस्तेमाल करने के क्या नुकसान हो सकते हैं.

    क्यों नहीं लगाना चाहिए टेम्पर्ड ग्लास को टूटे हुए फोन के ऊपर?
    मोबाइल फोन की स्क्रीन टूट जाने के बाद अक्सर लोग पैसे बचाने के चक्कर में उस पर एक ग्लास लगवाकर इस्तेमाल करते हैं. शुरुआत में तो इससे थोड़ी मदद मिलती है. टूटे हुए स्क्रीन से निकलने वाले छोटे-छोटे पार्टिकल्स उंगलियों में घुस सकते हैं और चोट भी लग सकती है.

    लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि टूटे हुए डिस्प्ले पर ग्लास लगाने के बाद भी स्क्रीन के अंदर मौजूद क्रैक बढ़ सकते हैं. समय के साथ डिस्प्ले और ज्यादा टूट सकता है और खराब हो सकता है. ऐसे में पैसे बचाने के चक्कर में बाद में ज्यादा खर्चा करना पड़ सकता है.

    स्क्रीन पर प्रेशर देने से स्क्रीन और ज्यादा खराब
    स्मार्टफोन यूजर्स जिनके डिस्प्ले पर ग्लास प्रोटेक्टर लगा होता है, उन्हें कई बार ऐसा लगता है कि स्क्रीन अब सुरक्षित है. लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल के दौरान फोन पर पड़ने वाला दबाव धीरे-धीरे क्रैक को और ज्यादा बढ़ा सकता है. इसकी वजह से छोटा सा क्रैक भी बड़ी समस्या बन सकता है.

    टच जल्दी हो सकता है खराब
    जैसे-जैसे आप फोन इस्तेमाल करते हैं, स्क्रीन पर लगातार टच और प्रेशर पड़ता रहता है. अगर डिस्प्ले पहले से टूटा हुआ है तो लगातार पड़ने वाला प्रेशर क्रैक को और ज्यादा बढ़ा सकता है. इसके साथ ही फोन के टच में भी दिक्कत आने का खतरा रहता है.

    किसी खास जगह पर ज्यादा प्रेशर पड़ने से स्क्रीन पर फ्लिकर या ग्रेन जैसी लाइन्स भी दिखाई दे सकती हैं. धीरे-धीरे टच रिस्पॉन्स भी खराब हो सकता है और फोन इस्तेमाल करने में परेशानी आने लगती है.

    फोन में इंटरनल डैमेज का खतरा
    डिस्प्ले क्रैक होने के बाद सबसे बड़ा खतरा फोन की वाटर रेसिस्टेंस को लेकर होता है. क्रैक की वजह से नमी और पानी के अंदर जाने का खतरा बढ़ जाता है. अगर पानी या नमी फोन के अंदर चली गई तो इंटरनल पार्ट्स को नुकसान पहुंच सकता है और फोन पूरी तरह खराब भी हो सकता है.

    इसलिए थोड़े पैसे बचाने के चक्कर में टूटे हुए डिस्प्ले पर सिर्फ टेम्पर्ड ग्लास लगाकर लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करना सही नहीं है. अगर स्क्रीन ज्यादा टूट गई है या टच में दिक्कत आ रही है, तो फोन को जल्द से जल्द सर्विस सेंटर पर दिखाना बेहतर है.
     

  • iPhone 18 Pro Max Review: ₹1.79 लाख के फोन में क्या बदला? कैमरा और A20 Pro खास

    iPhone 18 Pro Max Review: ₹1.79 लाख के फोन में क्या बदला? कैमरा और A20 Pro खास

    इस साल ऐपल ने iPhone 18 लॉन्च नहीं किया. iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और iPhone Duo लॉन्च हुए हैं. iPhone 18 Pro सीरीज की बिक्री शुरू है, लेकिन Duo मार्केट में अक्टूबर के आखिर में आएगा. iPhone 18 Pro Max शुरुआती यूज में कैसा परफॉर्म कर रहा है इस रिव्यू में जानेंगे. साथ ही ये भी जानेंगे कि पुराने प्रो मॉडल्स के मुकाबले इस बार क्या बदला है या नहीं बदला है.

    iPhone7 सीरीज से लेकर अब तक जितने भी iPhone रिव्यू किए हैं एक पैटर्न दिखता है. ऐपल कई सालों तक एक ही डिजाइन को चलाता है और लॉन्च पर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर फोकस्ड रहता है. यही इस बार भी हुआ है. iPhone 17 Pro Max वाला ही डिजाइन है, एल्यूमिनियम यूज किया गया है और कमोबेश यूज करने पर भी iPhone 17 Pro Max जैसा ही लगता है. लेकिन… कुछ चीजें हैं जो इसे पुराने फोन से अलग बनाती हैं. जाहिर है नए पुराने में कुछ तो फर्क रखना ही होगा.

    भारत में आईफोन 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 256 जीबी मॉडल के लिए ₹1,79,900 है और यह 2TB तक स्टोरेज के साथ आता है. यानी यह फोन सिर्फ महंगा नहीं है, बल्कि ऐपल के सबसे महंगे आईफोन में से एक है.

    डिजाइन में बड़ा बदलाव नहीं
    पहली नजर में iPhone 18 Pro Max को देखकर यह बताना मुश्किल है कि यह पिछले मॉडल से कितना अलग है. 6.9 इंच का OLED डिस्प्ले, प्रोमोशन 120Hz और डायनेमिक आइलैंड अभी भी मौजूद हैं. हालांकि इस बार डायनैमिक आइलैंड छोटा है, इस वजह से डिस्प्ले एरिया थोड़ा बढ़ गया है. डिस्प्ले की क्वालिटी शानदार है और बाहर तेज रोशनी में भी स्क्रीन पढ़ने में कोई खास परेशानी नहीं होती.

    ऐपल ने इस बार एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग भी दी है, जो धूप में काफी काम आती है. लेकिन एक चीज ऐसी है जिसे इस्तेमाल करते ही महसूस किया जा सकता है – वजन.

    iPhone 18 Pro Max का वजन 249 ग्राम है. यह iPhone 17 Pro Max से ज्यादा है और लंबे समय तक एक हाथ में फोन इस्तेमाल करते हुए इसका वजन महसूस होता है. बड़े डिस्प्ले और बड़ी बैटरी के साथ यह एक समझने लायक समझौता है, लेकिन हल्का फोन चाहने वालों के लिए यह इसकी बड़ी कमी है.

    कैमरा इस फोन की सबसे बड़ी वजह है
    अगर मुझे iPhone 18 Pro Max में एक सबसे बड़ा अपग्रेड चुनना हो, तो मैं कैमरा चुनूंगा. 48 मेगापिक्सल कैमरे में वेरिएबल अपर्चर दिया गया है. यानी कैमरा सिर्फ सॉफ्टवेयर के भरोसे नहीं है, बल्कि लेंस से आने वाली रोशनी को भी ज्यादा कंट्रोल किया जा सकता है. इसके लिए अलग-अलग अपर्चर विकल्प मिलते हैं. हालांकि ये कितना प्रैक्टिकल है और लोग इसे कितना यूज करते हैं वो आने वाले समय में ही पता चलेगा.

    अगर आपको याद हो तो कंपनी ने एक बार कैमरा कंट्रोल बटन लॉन्च किया था जो अब तक है, लेकिन इसे ज्यादातर लोग यूज नहीं करते हैं. रोजमर्रा की तस्वीरों में इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि तस्वीरों पर ज्यादा कंट्रोल मिलता है. दिन में फोटो बहुत साफ और नैचुरल आती हैं और कम रोशनी में भी कैमरा अच्छा काम करता है. लेकिन सबसे दिलचस्प बदलाव तब दिखता है जब आप कैमरा को ऑटो से बाहर निकालकर खुद सेटिंग्स इस्तेमाल करते हैं.

    पीछे तीनों कैमरे 48 मेगापिक्सल के हैं. अल्ट्रा वाइड कैमरा 120 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू देता है, जबकि टेलीफोटो कैमरा 4 गुना ऑप्टिकल जूम और ऑप्टिकल क्वालिटी 8 गुना जूम तक जाता है. डिजिटल जूम 40 गुना तक है.

    iPhone 18 Pro Max में  A20 Pro चिप है. इसमें 6-कोर सीपीयू, 7-कोर जीपीयू और 16-कोर न्यूरल इंजन दिया गया है. ऐपल ने साथ में नया वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम भी दिया है, जिसका मकसद लंबे समय तक भारी काम करने पर परफॉर्मेंस को स्थिर रखना है. ये पहला 2nm आर्किटेक्चर वाला प्रोसेसर है जो बेंचमार्क स्कोर में दूसरों से कहीं आगे हैं. लेकिन फिर से मैं कहूंगा कि परफॉर्मेंस रिपोर्ट डिटेल से फुल रिव्यू में जो लंबे समय यूज करने के बाद करूंगा.

    रोजमर्रा के इस्तेमाल में फोन बेहद तेज है. ऐप खोलना, फोटो एडिट करना, 4के वीडियो काटना या भारी गेम चलाना – कहीं भी फोन रुकता हुआ महसूस नहीं होता. लेकिन यहां एक बात और  है. नॉर्मल यूजर को A20 Pro की पूरी ताकत हर दिन महसूस नहीं होगी. यह चिप उन लोगों के लिए ज्यादा मायने रखती है जो गेमिंग, वीडियो एडिटिंग, एआई और दूसरी भारी चीजें करते हैं.

    ऐपल इंटेलिजेंस और Siri AI अभी कहानी का कमजोर हिस्सा है
    कई सालों से ऐपल आईफोन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड फीचर्स तो दे रहा है, लेकिन कंपटीशन के मुकाबले पीछे है. Siri में AI काफी लंबे समय से पेंडिंग था, लेकिन अब आ चुका है. iPhone 18 Pro Max में iOS27 के साथ ऐपल इंटेलिजेंस और नया सिरी एआई दिया गया है. सिरी अब ज्यादा बातचीत करने वाला और पर्सनल एक्सपीरिएंस देने की कोशिश करता है और फोन में AI का इस्तेमाल पहले से ज्यादा जगह दिखाई देता है. लेकिन यहां मेरी उम्मीदें थोड़ी ज्यादा थीं. उम्मीद है अपडेट के साथ कंपनी इसे और बेहतर करे. कुछ हफ्ते यूज करने के बाद मैं आपको इसका भी पूरा रिपोर्ट दूंगा.

    एक और चीज जो मुझे पसंद आई
    डायनेमिक आइलैंड छोटा हुआ है और फेस आईडी के कुछ हिस्सों को डिस्प्ले के नीचे ले जाने से स्क्रीन पर ज्यादा जगह मिलती है. यह ऐसा बदलाव नहीं है जिसके लिए आप नया फोन खरीदें, लेकिन रोज इस्तेमाल में फोन थोड़ा ज्यादा साफ और आधुनिक महसूस होता है. इसके अलावा Apple ने 18 मेगापिक्सल सेंटर स्टेज फ्रंट कैमरा दिया है. इसमें ऑटोफोकस, सेंटर स्टेज और बेहतर वीडियो फीचर्स मिलते हैं. वीडियो कॉल करने वालों के लिए यह अच्छा अपग्रेड है. फोकस ट्रैकिंग भी अच्छा फीचर जो काम आ सकता है.

    अपग्रेड कैसा है?
    यहीं सवाल थोड़ा मुश्किल हो जाता है. अगर आपके पास iPhone 17 Pro Max है और आपका कैमरा, बैटरी और परफॉर्मेंस पहले से ठीक चल रहा है, तो iPhone 18 Pro Max में आने के लिए कोई एक ऐसा बदलाव नहीं है जो हर यूजर के लिए जरूरी हो.

    लेकिन अगर आप iPhone 14, 15 या उससे पुराने मॉडल से आ रहे हैं, तो अंतर काफी बड़ा महसूस होगा. आपको बेहतर कैमरा, ज्यादा तेज चिप, बेहतर बैटरी, 2TB तक का स्टोरेज ऑप्शन, बेहतर वीडियो कंट्रोल और ज्यादा कैपेबल AI फीचर्स एक साथ मिलते हैं.

    और अगर आप फोन से वीडियो बनाते हैं, कैमरा इस्तेमाल करते हैं या लंबे समय तक एक ही फोन चलाना चाहते हैं, तो iPhone 18 Pro Max ज्यादा समझ में आता है.

  • बिना प्याज-लहसुन बनाएं चीजी राजमा बर्गर, स्वाद के साथ मिलेगा भरपूर प्रोटीन

    बिना प्याज-लहसुन बनाएं चीजी राजमा बर्गर, स्वाद के साथ मिलेगा भरपूर प्रोटीन

    बर्गर का नाम सुनते ही बच्चों से लेकर बड़ों तक के मुंह में पानी आ जाता है. लेकिन अगर आप प्याज-लहसुन नहीं खाते हैं, तो बाहर मिलने वाले बर्गर में आपके लिए ऑप्शन काफी कम हो जाते हैं. क्योंकि बाजार वाले बर्गर में प्याज-लहसुन पड़ती है. ऐसे में क्या किया जाए? क्यों न घर पर ही एक ऐसा टेस्टी और चीजी बर्गर तैयार किया जाए, वो भी राजमा से. जी हां, प्रोटीन से भरपूर राजमा से आप टेस्टी और हेल्दी बर्गर बना सकते हैं, जिसमें न प्याज होगा और न लहसुन, फिर भी इसका स्वाद किसी कैफे या बड़े फूड ब्रांड के बर्गर से कम नहीं लगेगा.

    अगर आपको घर पर झटपट कुछ ऐसा बनाना है जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आए, तो ये बिना प्याज-लहसुन वाला राजमा बर्गर जरूर ट्राई किया जा सकता है. चलिए जानते हैं कैसे आप अपने बच्चों को बर्गर के रूप में प्रोटीन से भरपूर हेल्दी चीज आसानी से खिला सकते हैं.

    राजमा मसाला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
        तेल- 1 बड़ा चम्मच
        धनिया की डंठल- 1 बड़ा चम्मच, बारीक कटी हुई
        लाल मिर्च पाउडर- 1½ छोटा चम्मच
        टमाटर की प्यूरी- 1 कप
        नमक- स्वादानुसार
        टोमैटो केचप- 2 बड़े चम्मच
        चिली फ्लेक्स- 1 छोटा चम्मच
        चीनी- 1½ छोटा चम्मच
        ऑरेगैनो- 1 छोटा चम्मच
        उबला हुआ राजमा- 1 कप

    पैटी के लिए इंग्रेडिएंट्स
        तैयार राजमा मसाला
        ब्रेड क्रम्ब्स- 1 कप
        काली मिर्च पाउडर- ½ छोटा चम्मच
        लाल मिर्च पाउडर- 1½ छोटा चम्मच
        गरम मसाला- 1 छोटा चम्मच
        जीरा पाउडर- 1 छोटा चम्मच
        सोंठ पाउडर- ½ छोटा चम्मच
        नमक- स्वादानुसार
        तेल- शैलो फ्राई करने के लिए
        चीज स्लाइस- जरूरत के मुताबिक

    बर्गर सॉस के लिए
        मेयोनीज- 2 बड़े चम्मच
        मस्टर्ड सॉस- 1 छोटा चम्मच
        टोमैटो केचप- ½ बड़ा चम्मच
        चिली सॉस- 1 छोटा चम्मच
        काली मिर्च पाउडर- ¼ छोटा चम्मच
        ऑरेगैनो- ½ छोटा चम्मच

    बर्गर बनाने के लिए
        बर्गर बन
        तैयार बर्गर सॉस
        लेट्यूस
        टमाटर के स्लाइस
        कद्दूकस की हुई पत्तागोभी
        कटे हुए जलापेनो
        बन सेंकने के लिए मक्खन

    ऐसे तैयार करें राजमा मसाला
    1. सबसे पहले एक पैन में तेल गर्म करें. इसमें बारीक कटी धनिया की डंठल और लाल मिर्च पाउडर डालकर हल्का भूनें. अब टमाटर की प्यूरी, नमक, टोमैटो केचप, चिली फ्लेक्स, चीनी और ऑरेगैनो डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर कुछ देर पकाएं.

    2. अब इसमें उबला हुआ राजमा डालकर अच्छी तरह मिलाएं, ताकि मसाले राजमा पर अच्छी तरह चढ़ जाएं. इसे तब तक पकाएं जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए. ध्यान रखें कि इसमें ज्यादा पानी नहीं रहना चाहिए. तैयार मिश्रण को हल्का दरदरा पीस लें.

    ऐसे बनाएं चीज वाली राजमा पैटी

    1. राजमा के तैयार मिश्रण को एक बाउल में निकालें. इसमें ब्रेड क्रम्ब्स, काली मिर्च, लाल मिर्च, गरम मसाला, जीरा पाउडर, सोंठ पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अब इस मिश्रण से बर्गर की गोल पैटी तैयार कर लें.

    2. एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें और पैटी को दोनों तरफ से सुनहरा और हल्का क्रिस्पी होने तक शैलो फ्राई करें. अब हर पैटी के ऊपर चीज स्लाइस रखें. पैन को ढककर कुछ देर पकाएं, ताकि चीज अच्छी तरह पिघल जाए.

    दो मिनट में तैयार करें स्पाइसी बर्गर सॉस
    एक छोटे बाउल में मेयोनीज, मस्टर्ड सॉस, टोमैटो केचप, चिली सॉस, काली मिर्च और ऑरेगैनो डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं. आपकी क्रीमी और स्पाइसी बर्गर सॉस तैयार है.

    अब ऐसे करें बर्गर की फाइनल असेंबलिंग
    1. बर्गर बन को बीच से काटकर दोनों हिस्सों को मक्खन लगाकर पैन पर हल्का टोस्ट कर लें. अब नीचे वाले बन पर तैयार बर्गर सॉस लगाएं. इसके ऊपर लेट्यूस, कद्दूकस की हुई पत्तागोभी और फिर चीज वाली राजमा पैटी रखें.

    2. इसके ऊपर टमाटर के स्लाइस और जलापेनो डालें. आखिर में ऊपर वाले बन पर भी थोड़ा सॉस लगाकर इसे ढक दें. आपका नो ऑनियन-नो गार्लिक चीजी राजमा बर्गर तैयार है.

  • पहाड़ी प्याज-लहसुन की चटनी, दाल-चावल और रोटी का स्वाद कर देगी दोगुना

    पहाड़ी प्याज-लहसुन की चटनी, दाल-चावल और रोटी का स्वाद कर देगी दोगुना

    सब्जी और दाल के साथ में तीखी और चटपटी चटनी मिल जाती है तो मजा दोगुना हो जाता है. धनिया-पुदीना की चटनी तो अक्सर घरों में बनती है, लेकिन बार-बार एक ही चटनी खाकर मन भर जाता है. अगर आप भी कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं तो पहाड़ो की मशहूर लहसुन-प्याज की चटनी ट्राई कर सकते हैं. इस चटनी को बनाने में बिल्कुल समय नहीं लगता है और इसका खट्टा और तीखा स्वाद सिंपल से खाने को भी लाजवाब बना देता है.

    पहाड़ी खाना जितना सादा और आसान होता है, उसका स्वाद उतना ही बेहतरीन होता है. अगर आपको भी खाने के साथ में कुछ चटपटा खाना अच्छा लगता है तो आप प्याज-लहसुन की चटनी ट्राई कर सकते हैं. आइए आपको इस बनाने का पहाड़ी तरीका बताते हैं, लहसुन की कलियों के साथ-साथ इसमें लहसुन की पत्तियों का भी इस्तेमाल किया जाता है.

    प्याज-लहसुन की चटनी के लिए सामग्री
        लहसुन की कलियां- 8-10
        लहसुन के पत्ते- आधा मुट्ठी
        प्याज- 1 मिडियम साइज
        हरा धनिया- एक मुट्ठी
        हरी मिर्च-3-4
        नमक-स्वादानुसार
        लाल मिर्च- आधा चम्मच
        हल्दी-आधा चम्मच
        धनिया पाउडर- आधा चम्मच
        दही- आधा कप

    तड़के के लिए
        सरसों का तेल
        हींग-एक चुटकी
        जीरा- आधा छोटा चम्मच
        लाल मिर्च- एक चुटकी

    प्याज-लहसुन की चटनी बनाने का तरीका

    • सबसे पहले लहसुन, प्याज, हरा धनिया और हरी मिर्च को पानी से धो लें और फिर उनको काट लें.
    • उसके बाद सिलबट्टे पर लहसुन-प्याज को कूट लें, फिर इसमें हरी-मिर्च और हरा धनिया डालें और सबको एक साथ अच्छी तरह से कूट लें.
    • फिर सारे सूखे मसाले और दही मिलाएं, उसके बाद हल्के हाथ से सिलबट्टे पर ही एक बार फिर से सबको चीजों को पीस लें.
    • अब एक पेस्ट जैसा तैयार हो जाएगा, जिसे आप एक कटोरी में निकालकर अलग रख लीजिए.
    • एक पैन में सरसों का तेल गर्म करें और उसमें हींग, जीरा और लाल मिर्च डालें. एक मिनट बाद ही चटनी का मिक्सर इसमें डालकर अच्छी तरह से सबको मिक्स कर लें.

    इस तरीके से करें सर्व
    पहाड़ी स्वाद के लिए चटनी को मिक्सी की बजाय सिलबट्टे पर ही पीसना सही रहेगा. इस चटनी को आप रोटी-पराठा के साथ बिना सब्जी के भी खा सकते हैं. इसके अलावा आप इसे दाल-चावल के साथ साइड डिश की तरह सर्व भी कर सकते हैं. अगर आपके घर अचानक मेहमान आ जाए तो आप झटपट इस चटनी को बना सकते हैं और इसे खाने के बाद मेहमान खुद को इसकी रेसिपी पूछने से रोक नहीं पाएंगे.

  • प्लेट जितनी बड़ी और रुई जैसी सॉफ्ट, ऐसे बनाएं कर्नाटक की मशहूर थट्टे इडली

    प्लेट जितनी बड़ी और रुई जैसी सॉफ्ट, ऐसे बनाएं कर्नाटक की मशहूर थट्टे इडली

    क्या आपने कभी किसी साउथ इंडियन खाने की दुकान में प्लेट के आकार की बड़ी-बड़ी इडली रखी देखी है. प्लेट के साइज की इडली को 'थट्टे इडली' कहते हैं जो कर्नाटक की संस्कृति का एक अहम हिस्सा है. साउथ इंडिया में लगभग हर जगह मिलने वाली छोटी, गुंबद के आकार की इडली के उलट यह काफी चौड़ी, चपटी और बहुत ही मुलायम होती है. इसका टेक्सचर चावल के केक से ज्यादा बादल जैसा होता है.

    थट्टे इडली इतनी मुलायम क्यों होती है?
    थट्टे इडली का बैटर आम इडली के बैटर से अलग होता है. इसमें रेगुलर इडली वाले चावल और उड़द दाल के साथ ही मुरमुरे या पोहा और कभी-कभी साबूदाना भी मिलाया जाता है जिससे ये बहुत ज्यादा मुलायम और लाइट बनती है. वैसे इस बैटर से साधारण इडली भी बनाई जा सकती है.

    यह इडली नॉर्मल इडली से साइज में बड़ी, स्वाद में बेहद स्वादिष्ट और छूने में रुई जैसी बेहद सॉफ्ट व जालीदार होती है. एक ही इडली में आपका पेट आराम से भर जाता है. इसे नारियल की तीखी चटनी, सांबर और थोड़े से घी या गन पाउडर यानी पोड़ी मसाले के साथ परोसा जाता है. आइए जानते हैं कर्नाटक स्टाइल में एकदम सॉफ्ट और परफेक्ट थट्टे इडली बनाने की आसान विधि!

    सामग्री:
    2 कप इडली राइस (डोसा राइस या फिर सोना मसूरी चावल)

    1/2 कप उड़द दाल (बिना छिलके वाली)

    1/4 कप साबूदाना (इडली को सुपर सॉफ्ट बनाने के लिए)

    1/4 कप पोहा (चिड़वा)

    1/2 छोटा चम्मच मेथी दाना

    स्वादानुसार नमक

    पानी (बैटर बनाने के लिए)

    मोल्ड/प्लेट ग्रीस करने के लिए थोड़ा-सा तेल या घी

    बनाने की विधि:
    एक बर्तन में इडली राइस, उड़द दाल, साबूदाना और मेथी दाना को अच्छी तरह धोकर 5-6 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. पोहे को पीसने से 10 मिनट पहले भिगोएं.

    भीगी हुई सामग्री और पोहे को मिक्सी या ग्राइंडर में थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एकदम स्मूथ पीस लें. बैटर न ज्यादा गाढ़ा होना चाहिए और न ही बहुत पतला.

    पिसे हुए बैटर में नमक मिलाएं और इसे ढककर 8-10 घंटे (या रात भर) किसी गरम जगह पर खमीर उठने के लिए रख दें. खमीर उठने के बाद बैटर फ्लफी और दोगुना हो जाएगा.

    थट्टे इडली स्टैंड (या घर की किसी भी छोटी, फ्लैट किनारे वाली ढोकला/इडली प्लेट) में थोड़ा-सा तेल या घी लगाकर ग्रीस कर लें.

    तैयार बैटर को प्लेट में आधा या तीन-चौथाई भरें. इडली स्टीमर या ढक्कन वाले बड़े बर्तन में पानी उबलने दें. प्लेट्स को स्टीमर में रखें और मध्यम से तेज आंच पर 10-12 मिनट तक भाप में पकने दें.

    एक टूथपिक डालकर चेक करें, अगर वह साफ निकले तो इडली पक चुकी है. थोड़ा ठंडा होने पर चम्मच की मदद से किनारों से इडली निकाल लें.

    ऊपर से थोड़ा-सा देसी घी और गन पाउडर छिड़ककर नारियल की चटनी और गरम-गरम सांभर के साथ परोसें.

  • बाजार से नहीं, घर पर बनाएं कुरकुरे मुरमुरे, चावल से बनाने का आसान तरीका

    बाजार से नहीं, घर पर बनाएं कुरकुरे मुरमुरे, चावल से बनाने का आसान तरीका

    मुरमुरा भारतीय स्नैक्स का एक अहम हिस्सा है. इसका इस्तेमाल भेलपुरी, नमकीन, चाट और कई तरह के झटपट स्नैक्स बनाने में किया जाता है. आप चाहें तो इसमें मसाले और नमक मिलाकर चटपटी नमकीन बना सकते हैं या गुड़-चीनी के साथ इसका मीठा स्नैक भी तैयार कर सकते हैं. हल्के और कुरकुरे मुरमुरे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आते हैं.

    आमतौर पर मुरमुरा बाजार में आसानी से मिल जाता है, इसलिए ज्यादातर लोग इसे घर पर बनाने के बारे में नहीं सोचते. लेकिन आप चाहें तो बेहद आसानी से घर पर भी कुरकुरे मुरमुरे बना सकते हैं. इसके लिए आपको चावल, नमक और पानी जैसी कुछ चीजों की जरूरत होगी. तो आइए जानते हैं घर पर मुरमुरा बनाने का आसान तरीका.

    चावल से ऐसे बनाएं मुरमुरा
    सबसे पहले लगभग 2 कप चावल (उसना चावल ज्यादा बेहतर रहेगा) लें और उन्हें गर्म पानी में थोड़ा सा नमक डालकर कम से कम 30 मिनट के लिए भिगो दें. इससे चावल अच्छी तरह फूल जाएंगे. अब चावलों को छलनी में डालकर पानी पूरी तरह निकाल दें.

    इसके बाद चावलों को एक साफ सूती कपड़े या बड़ी थाली में फैलाकर धूप में अच्छी तरह सुखाएं. चावल पूरी तरह सूखने चाहिए. अगर चावलों में नमी रह गई तो मुरमुरे अच्छी तरह फूल नहीं पाएंगे.

    अब एक भारी तले वाली कड़ाही या पैन को गैस पर गर्म करें. इसमें लगभग 1 कटोरी सफेद नमक डालकर अच्छी तरह गर्म करें. नमक को बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि वह समान रूप से गर्म हो जाए.

    जब नमक अच्छी तरह गर्म हो जाए तो इसमें सूखे हुए चावल डालें. तेज आंच पर चावलों को लगातार चलाते रहें. कुछ ही समय में चावल के दाने फूलने लगेंगे और मुरमुरे का आकार लेने लगेंगे.

    जब ज्यादातर चावल फूल जाएं तो गैस बंद कर दें. अब चावल और गरम नमक के मिश्रण को एक बड़ी छलनी में डालकर छान लें. इससे मुरमुरों से एक्स्ट्रा नमक अलग हो जाएगा. तैयार हैं घर पर बने कुरकुरे मुरमुरे.

    इस तरीके से भी बना सकते हैं मुरमुरा
    मुरमुरा बनाने का एक और तरीका भी है. इसके लिए पहले चावल को उबालकर अच्छी तरह सुखा लें. इसके बाद एक कड़ाही में तेल गर्म करें और सूखे हुए चावल डालें. इन्हें लगभग एक मिनट तक चलाते हुए भूनें. चावल फूलकर मुरमुरे जैसे हो जाएंगे.

    किस तरह के चावल का इस्तेमाल करें?
    घर पर मुरमुरा बनाने के लिए मोटे दाने वाले उसना चावल का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. हालांकि, आप अपनी पसंद के चावल से भी इसे बनाने की कोशिश कर सकते हैं. तैयार मुरमुरों से आप भेलपुरी, नमकीन या अपनी पसंद का कोई भी झटपट स्नैक बना सकते हैं.

  • एलोवेरा से बनाएं राजस्थान की खास सब्जी, कड़वाहट दूर करने का ये है आसान तरीका

    एलोवेरा से बनाएं राजस्थान की खास सब्जी, कड़वाहट दूर करने का ये है आसान तरीका

    एलोवेरा जिसे ग्वारपाठा भी कहा जाता है, सिर्फ स्किन और बालों के लिए ही फायदेमंद नहीं है, बल्कि इसकी सब्जी सेहत के लिए बेहद गुणकारी मानी जाती है. सुनकर आपको अजीब लग रहा होगा, लेकिन एलोवेरा सिर्फ स्किनकेयर प्रोडक्ट में इस्तेमाल नहीं किया जाता है, बल्कि राजस्थान में एलोवेरा की सब्जी खासतौर से बनाई जाती है.

    एलोवेरा की सब्जी डाइजेस्टिव सिस्टम को दुरुस्त रखने, जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है. आइए घर पर स्वादिष्ट और कड़वाहट फ्री एलोवेरा की सब्जी बनाने की आसान तरीका जानते हैं.

     एलोवेरा की सब्जी के लिए आवश्यक सामग्री
        ताजा एलोवेरा की पत्तियां: 2-3 बड़े टुकड़े
        किशमिश: 2 बड़े चम्मच (पानी में भिगोई हुई)
        काजू: 10-12 (दो टुकड़ों में कटे हुए)
        अमचूर पाउडर: 1 छोटा चम्मच
        हल्दी पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
        लाल मिर्च पाउडर: 1 छोटा चम्मच
        धनिया पाउडर: 1.5 छोटा चम्मच
        सौंफ पाउडर: 1 छोटा चम्मच
        हींग: 1 चुटकी
        राई और जीरा: 1/2 छोटा चम्मच
        दही: 3-4 बड़े चम्मच (फेटा हुआ)
        तेल/घी: 2 बड़े चम्मच
        नमक: स्वादानुसार
        हरा धनिया: बारीक कटा हुआ

    एलोवेरा की कड़वाहट दूर करने का तरीका
    एलोवेरा का इस्तेमाल करने से पहले उसके साइड के कांटों को छील लें. ऊपरी हरा छिलका हटाकर अंदर का गूदा यानी जेल चौकोर टुकड़ों में काट लें. अब एक बर्तन में पानी उबालें, उसमें एक चौथाई चम्मच हल्दी और थोड़ा सा नमक डालकर एलोवेरा के टुकड़ों को 5 से 7 मिनट के लिए उबाल लें. इसके बाद पानी छानकर एलोवेरा के टुकड़ों को ठंडे पानी से धो लें. इससे एलोवेरा की कड़वाहट और चिपचिपाहट पूरी तरह खत्म हो जाती है.

    एलोवेरा की सब्जी बनाने का तरीका

    • एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें. गर्म होने पर इसमें हींग, राई और जीरा डालें. जीरा चटकने के बाद इसमें काजू और भिगोई हुई किशमिश डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें.
    • इसके बाद फ्लेम स्लो कर दें और कड़ाही में हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और सौंफ पाउडर डालें. मसालों को 30 सेकेंड के लिए धीमी आंच पर भूनें ताकि मसाले जलें नहीं.
    • मसाले भून जाने पर फ्लेम को एकदम स्लो करें या बंद कर दें. अब फेटा हुआ दही डालें और लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं. जब मसाले से तेल अलग होने लगे, तब तक इसे पकाएं.
    • अब इसमें उबले हुए एलोवेरा के टुकड़े डालें और अच्छी तरह मिलाएं ताकि मसाले एलोवेरा में समा जाएं. स्वादानुसार नमक डालें. कहाड़ी को ढककर 5 से 7 मिनट के लिए धीमी आंच पर पकने दें.
    • आखिर में अमचूर पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और 1 मिनट के लिए पकाएं. गैस बंद कर दें और ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर गार्निश कर दें.

    इस तरह से परोसे
    आपकी गरमा-गरम टेस्टी और हेल्दी एलोवेरा की सब्जी तैयार है. इसे बाजरे की रोटी, मक्के की रोटी या सादी गेहूं की फुलका रोटी के साथ परोसें. राजस्थान में इसे पूड़ी और पराठे के साथ भी काफी पसंद किया जाता है

  • घर पर बनाएं शुद्ध आंवला तेल, गिरते बाल और डैंड्रफ से मिलेगा छुटकारा

    घर पर बनाएं शुद्ध आंवला तेल, गिरते बाल और डैंड्रफ से मिलेगा छुटकारा

    अगर आप भी गिरते बालों, डैंड्रफ और समय से पहले सफेद होते बालों से परेशान हैं और बाजार के मिलावटी तेल को खरीद-खरीदरकर थक गए हैं तो अब उन्हें बाय कह दीजिए.आप घर पर ही नारियल तेल और ताजे आंवले की मदद से 100% शुद्ध और केमिकल-फ्री आंवला तेल बना सकते हैं.

    आजकल बाजार में मिलने वाले महंगे हेयर ऑयल्स में मिनरल ऑयल, सल्फेट्स और केमिकल्स की भरमार होती है जो बालों को पोषण देने के बजाय और नुकसान पहुंचाते हैं. आंवला में मौजूद विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं, जिससे बाल लंबे, घने, काले और चमकदार होते हैं. आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने का बेहद आसान तरीका.

    सामग्री:
    ताजे आंवले – 5 से 6 (कद्दूकस किए या कटे हुए)

    शुद्ध नारियल तेल  – 1 कप

    मेथी दाना – 1 बड़ा चम्मच (बालों को मजबूती देने के लिए)

    करी पत्ते  – 10-12 (ऑप्शनल, बालों को काला और चमकदार बनाने के लिए)

    बनाने की विधि:
    ताजे आंवलों को धोकर अच्छे से सुखा लें. इसके बाद इनके बीज निकालकर आंवलों को कद्दूकस कर लें या मिक्सी में बिना पानी डाले दरदरा पीस लें.

    एक लोहे की कढ़ाई या भारी तले के बर्तन में नारियल तेल डालें और धीमी आंच पर गरम होने दें. (लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल करने से तेल में आयरन के गुण भी आ जाते हैं).

    अब गरम तेल में कद्दूकस किया हुआ आंवला, मेथी दाना और करी पत्ते डालें.

    गैस की आंच एकदम धीमी रखें और मिश्रण को 15 से 20 मिनट तक पकने दें. जब आंवले का रंग हल्का भूरा/काला होने लगे और तेल का रंग बदल जाए, तो गैस बंद कर दें.

    तेल को रातभर या 6-8 घंटे के लिए कढ़ाई में ही रहने दें ताकि आंवले और लोहे के सारे पोषण तेल में आ जाएं.

    अब एक पतले सूती कपड़े या बारीक छलनी की मदद से तेल को अच्छे से निचोड़कर छान लें. इस शुद्ध आंवला तेल को कांच की साफ और सूखी बोतल में भरकर रख लें.

  • X का नया ‘X Number’ फीचर, बिना फोन नंबर शेयर किए करें चैट और कॉल

    X का नया ‘X Number’ फीचर, बिना फोन नंबर शेयर किए करें चैट और कॉल

    एलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X  पर एक ऐसा फीचर आया है, जिसके बाद किसी से बात करने के लिए आपको अपना फोन नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इतना ही नहीं, बिना एक-दूसरे को फॉलो किए भी चैट और कॉल कर सकेंगे. यानी नंबर भी प्राइवेट रहेगा और बातचीत भी हो जाएगी. आखिर कैसे काम करता है X का ये नया फीचर? आइए जानते हैं.

    जानिए क्या है ये नया X Number
    कई बार ऐसा होता है कि आप किसी से बात करना चाहते हैं, लेकिन प्राइवेसी की वजह से अपना फोन नंबर शेयर नहीं करना चाहते. कई बार आप सामने वाले को फॉलो भी नहीं करना चाहते. ऐसे में X का ये नया फीचर आपके काम आ सकता है.

    X नंबर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X का नया फीचर है, जिसकी मदद से लोग एक-दूसरे से बात कर सकते हैं. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि अगर आप किसी से चैट या कॉल पर बात करना चाहते हैं, तो आसानी से कर सकते हैं.

    X Number आपको एक प्राइवेट कोड बनाने का ऑप्शन देता है. इस कोड को आप उस व्यक्ति के साथ शेयर कर सकते हैं, जिससे आप बात करना चाहते हैं. कोड शेयर करने के बाद आप X पर चैट या कॉल के जरिए बात कर सकते हैं.

    जानिए X Number कैसे करता है काम
    इस फीचर की मदद से आप एक कोड बना सकते हैं और जिसे आपसे बात करनी है, उसके साथ शेयर कर सकते हैं. कोड शेयर करने के बाद आप X पर एक-दूसरे से चैट कर सकते हैं. इसके लिए दोनों लोगों का एक-दूसरे को फॉलो करना जरूरी नहीं है.

    ये फीचर सिर्फ चैट तक ही सीमित नहीं है. अगर आप किसी से कॉल या वीडियो कॉल पर बात करना चाहते हैं, तो वो भी कर सकते हैं. हालांकि, कॉल और वीडियो कॉल का ऑप्शन आपकी X की प्राइवेसी सेटिंग्स पर भी डिपेंड करता है.

    कोड बदलते ही चैट करने वाला हो जाएगा ब्लॉक!
    अगर आप अपने X नंबर को रिफ्रेश करके नया कोड बनाते हैं, तो पुराना कोड काम करना बंद कर देता है. यानी पुराने कोड से कोई भी व्यक्ति आपसे दोबारा संपर्क नहीं कर पाएगा. इस तरह आप अपनी प्राइवेसी को अपने हिसाब से कंट्रोल कर सकते हैं.

    सबसे जरूरी बात ये है कि X नंबर कोई फोन नंबर नहीं है. ये एक प्राइवेट कोड है, जिसकी मदद से आप X पर किसी से चैट या कॉल कर सकते हैं. इसी को X Number कहा जाता है.