Category: लाइफस्टाइल

  • बारिश में बनाएं पान के पत्ते के क्रिस्पी पकौड़े, स्वाद देगा नया ट्विस्ट

    बारिश में बनाएं पान के पत्ते के क्रिस्पी पकौड़े, स्वाद देगा नया ट्विस्ट

     मॉनसून में पकौड़ियां खाने का अपना अलग मजा होता है, जब रिमझिम बारिश हो रही हो और चाय के साथ में गरमागरम पकौड़े मिल जाए तो मजा ही आ जाता है. आलू, प्याज और गोभी के पकौड़े तो आपने कई बार खाए होंगे, लेकिन क्या आपने कभी पान के पत्ते से बने पकौड़े ट्राई किए हैं? सुनने में भले ही यह थोड़ा अलग लगे, लेकिन साउथ इंडिया में पान के पत्ते से बनाया जाने वाला तमालपाकु पकोड़ा अपने अनोखे स्वाद के लिए जाना जाता है.

    यह तमालपाकु पकोड़ा बाहर से कुरकुरा और अंदर से मसालेदार स्नैक चाय के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है. पान के पत्ते को कई जगह तामलपाकु भी कहा जाता है और इसी वजह से दक्षिण भारत में इस पत्ते की हल्की खुशबू और मसालों का स्वाद इन पकौड़ों को आम पकौड़ों से अलग बनाता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे घर पर मौजूद सामान्य सामग्री से ही आसानी से बनाया जा सकता है. आइए आपको इसकी सिंपल रेसिपी बताते हैं.

    पान के पत्ते के पकौड़े बनाने के लिए सामग्री
        6-8 ताजे पान के पत्ते
        1 कप बेसन
        2 बड़े चम्मच चावल का आटा
        1-2 हरी मिर्च बारीक कटी हुई
        1 छोटा चम्मच अदरक कद्दूकस किया हुआ
        आधा छोटा चम्मच जीरा
        एक चुटकी हींग
        आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        आधा छोटा चम्मच हल्दी
        स्वादानुसार नमक
        जरूरत के अनुसार पानी
        तलने के लिए तेल

    पान के पत्ते के पकौड़े बनाने का तरीका
        सबसे पहले पान के पत्तों को अच्छी तरह धोकर साफ कपड़े से पोंछ लें. इसके बाद पत्तों की डंडी काटकर अलग कर दें.
        अब एक बड़े कटोरे में बेसन और चावल का आटा डालें. इसमें जीरा, हींग, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, नमक, बारीक कटी हरी मिर्च और अदरक डालकर अच्छी तरह मिला लें.
        अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि बैटर बहुत पतला न हो, वरना पान के पत्ते पर ठीक से कोटिंग नहीं बनेगी.
        पकौड़ों को ज्यादा क्रिस्पी बनाने के लिए चावल का आटा डालना जरूरी है. अब एक पैन में तेल गर्म होने के लिए रखें.
        जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए तो एक पान का पत्ता लें और उसे बेसन के घोल में अच्छी तरह डुबोकर चारों तरफ से कोट कर लें. इसे सावधानी से गर्म तेल में डालें.
        इसी तरह बाकी पत्तों को भी बैटर में लपेटकर तेल में डालें. पकौड़ों को मिडियम आंच पर गोल्डन और कुरकुरा होने तक तलें.
        बहुत तेज आंच पर तलने से बाहर की परत जल्दी ब्राउन हो सकती है, जबकि अंदर का हिस्सा अच्छी तरह क्रिस्पी नहीं होगा.
        तैयार पकौड़ों को टिश्यू पेपर पर निकाल लें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए.
        गरमा-गरम पान के पत्ते के पकौड़े को हरी चटनी, इमली की चटनी या टोमैटो सॉस के साथ सर्व करें.

    इस तरह बनेंगे ज्यादा क्रिस्पी
    पकौड़ों को कुरकुरा बनाने के लिए बैटर में चावल का आटा जरूर डालें. साथ ही तेल का तापमान मिडियम रखें और पकौड़ों को एक साथ बहुत ज्यादा संख्या में न तलें. इससे पकौड़े अच्छी तरह सिकेंगे और उनकी बाहरी परत लंबे समय तक क्रिस्पी रहेगी.

  • लौकी और मिलेट से बनाएं हेल्दी थेपला, स्वाद ऐसा कि सब करेंगे पसंद

    लौकी और मिलेट से बनाएं हेल्दी थेपला, स्वाद ऐसा कि सब करेंगे पसंद

    ज्यादातर घरों में लौकी का नाम सुनते ही बच्चों से लेकर बड़े तक मुंह बना लेते हैं. अगर आपके घर का भी यही हाल है और आपके घर के बच्चे या बड़े भी लौकी और मिलेट खाना पसंद नहीं करते, तो ये रेसिपी उनकी सोच बदल सकती है. लौकी, ज्वार, बाजरा (या रागी) और बेसन से बनने वाला ये हेल्दी थेपला स्वाद के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर है. आज हम आपको लौकी और मिलेट से बनने वाले थेपले की खास रेसिपी बताने वाले हैं, जो सबको बहुत पसंद आएगी.

    खास बात ये है कि ये थेपला लंबे समय तक सॉफ्ट रहता है और दही, अचार या चाय के साथ बेहतरीन लगता है. अगर आप रोज की रोटी या पराठे से कुछ अलग और हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं, तो ये रेसिपी जरूर बनाएं.

    लौकी-मिलेट थेपला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
        300-400 ग्राम लौकी (छिली और कद्दूकस की हुई)
        1 छोटा गुच्छा बारीक कटा हरा धनिया
        1 छोटा टुकड़ा अदरक (दरदरा कुटा हुआ)
        2 हरी मिर्च (दरदरी कुटी हुई)
        1 छोटा चम्मच जीरा (दरदरा कुटा हुआ)
        1½ छोटा चम्मच धनिया पाउडर
        1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        ½ छोटा चम्मच हल्दी
        ¼ छोटा चम्मच अजवाइन
        1 बड़ा चम्मच सफेद तिल
        स्वादानुसार नमक
        1 बड़ा चम्मच कसूरी मेथी
        ¼ कप खट्टा दही
        ¾ कप ज्वार का आटा
        ¼ कप बाजरे का आटा (या रागी का आटा)
        ¼ कप बेसन
        जरूरत के अनुसार पानी
        सेंकने के लिए तेल
        बेलने के लिए थोड़ा सूखा ज्वार का आटा

    लौकी-मिलेट थेपला बनाने का तरीका
    1. सबसे पहले लौकी को छीलकर कद्दूकस कर लें. अब इसमें बारीक कटा धनिया, अदरक, हरी मिर्च और दरदरा कुटा जीरा डालें. इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, अजवाइन, सफेद तिल, नमक और कसूरी मेथी मिलाकर अच्छी तरह मिला लें.

    2. अब इस मिश्रण में खट्टा दही, ज्वार का आटा, बाजरे (या रागी) का आटा और बेसन डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं. जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंध लें.

    3. आटा तैयार होते ही इसके छोटे-छोटे पेड़े बना लें. अगर आटा हाथों में चिपक रहा हो तो हथेलियों पर थोड़ा तेल लगा लें. ज्वार का सूखा आटा लगाते हुए थेपले बेलें. ध्यान रखें कि थेपले बहुत पतले न हों, हल्के मोटे रखें ताकि पकने के बाद भी सॉफ्ट रहें.

    4. गरम तवे पर थेपला डालें और दोनों तरफ हल्का पकने दें. इसके बाद थोड़ा तेल लगाकर दोनों ओर से सुनहरा और हल्का गुलाबी होने तक सेंक लें.

    5. बस आपका गरमा-गरम लौकी-मिलेट थेपला तैयार है. आप इसे दही, अचार या एक कप गर्म चाय के साथ खा सकते हैं. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि दो की जगह चार थेपले आसानी से खा सकते हैं और फिर भी भारीपन महसूस नहीं होगा.

  • सस्ती और महंगी USB-C केबल में बड़ा फर्क, खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

    सस्ती और महंगी USB-C केबल में बड़ा फर्क, खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

    फोन खरीदते समय लोग हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन जब चार्जिंग केबल खरीदने की बारी आती है, तो अक्सर सबसे सस्ती केबल उठा लेते हैं. कई लोगों को लगता है कि सभी USB Type-C केबल एक जैसी होती हैं. अगर फोन चार्ज हो रहा है, तो फिर महंगी केबल खरीदने की क्या जरूरत? यहीं सबसे बड़ी गलतफहमी है.

    दिखने में भले ही दो USB Type-C केबल एक जैसी लगें, लेकिन उनके अंदर इस्तेमाल होने वाले तार, चिप, डेटा ट्रांसफर की कैपेसिटी और सुरक्षा फीचर अलग हो सकते हैं. यही वजह है कि एक केबल सिर्फ फोन चार्ज करती है, जबकि दूसरी उसी पोर्ट से लैपटॉप चार्ज करने, 4K मॉनिटर चलाने और तेज डेटा ट्रांसफर करने का काम भी कर सकती है.

    आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर सस्ती और महंगी केबल में क्या फर्क होता है. सबसे बड़ा फर्क अंदर इस्तेमाल होने वाले तार का होता है. किसी भी केबल की असली पावर बाहर नहीं, बल्कि उसके अंदर होती है. अच्छी क्वालिटी की केबल में मोटे और बेहतर कॉपर वायर इस्तेमाल किए जाते हैं. इससे बिजली का नुकसान कम होता है और ज्यादा पावर सुरक्षित तरीके से पहुंचती है.

    सस्ती केबल में कई बार पतले तार या कम गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल की जाती है. ऐसी केबल सामान्य चार्जिंग तो कर सकती है, लेकिन ज्यादा पावर पर उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता. हर USB-C Cable Fast Charging नहीं करती यह सबसे बड़ा भ्रम है.

    सिर्फ कनेक्टर नहीं, पावर देखें
    USB Type-C सिर्फ कनेक्टर का नाम है. इसका मतलब यह नहीं कि हर Type-C केबल 100W या 240W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी. कुछ केबल सिर्फ 15W या 18W तक ही बनी होती हैं, जबकि कुछ 60W, 100W और नई USB-C केबल 240W तक की पावर संभाल सकती हैं.

    यानी अगर आपके पास 100W का चार्जर है, लेकिन केबल 18W वाली है, तो आपको पूरी स्पीड नहीं मिलेगी. डेटा ट्रांसफर में भी बड़ा अंतर होता है. कई लोगों को लगता है कि हर केबल से डेटा एक जैसी स्पीड से ट्रांसफर होता है. असल में ऐसा नहीं है. कुछ USB-C केबल सिर्फ USB 2.0 स्पीड देती हैं, जो लगभग 480 Mbps तक होती है.

    अगल काम के लिए अलग केबल
    वहीं दूसरी केबल USB 3.2, USB4 या Thunderbolt को सपोर्ट करती हैं, जिनसे बड़ी फाइलें कई गुना तेजी से ट्रांसफर हो सकती हैं. अगर आप फोन से लैपटॉप में वीडियो कॉपी करते हैं, तो यह फर्क साफ दिखाई देगा. महंगी केबल में एक खास चिप भी हो सकती है. 100W या उससे ज्यादा पावर सपोर्ट करने वाली कई USB-C केबल में E-Marker Chip लगी होती है.

    यह चिप चार्जर और डिवाइस को बताती है कि केबल कितनी पावर सुरक्षित तरीके से संभाल सकती है. अगर यह चिप नहीं होगी, तो हाई-पावर चार्जिंग संभव नहीं होगी या सीमित हो सकती है.

    क्या महंगी केबल ज्यादा सुरक्षित होती है? कीमत हमेशा सुरक्षा की गारंटी नहीं होती. लेकिन अच्छी क्वालिटी की केबल में इंसुलेशन, कनेक्टर और हीट मैनेजमेंट बेहतर हो सकते हैं.

    अगर केबल USB-IF जैसे मानकों के अनुसार बनाई गई है और जरूरी सुरक्षा परीक्षण पूरे करती है, तो उसके लंबे समय तक सुरक्षित चलने की संभावना ज्यादा होती है. सिर्फ महंगी होने की वजह से कोई केबल बेहतर नहीं हो जाती. उसकी गुणवत्ता और प्रमाणन ज्यादा मायने रखते हैं.

    क्या महंगी केबल जल्दी खराब नहीं होती?
    अच्छी केबल में अक्सर मजबूत ब्रेडेड कवर, बेहतर कनेक्टर और बार-बार मुड़ने पर टूटने से बचाने वाला डिजाइन होता है. इस वजह से उसकी उम्र सामान्य केबल से ज्यादा हो सकती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि हर महंगी केबल हमेशा लंबे समय तक चलेगी.

    क्या फोन खराब हो सकता है?
    यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है. अगर आप किसी भरोसेमंद कंपनी की मानकों के अनुरूप बनी केबल इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सिर्फ सस्ती या महंगी होने से फोन खराब नहीं होता.

    लेकिन बहुत खराब गुणवत्ता वाली या नकली केबल में सुरक्षा का स्तर कम हो सकता है. ऐसी स्थिति में चार्जिंग की स्पीड, गर्म होना या केबल का जल्दी खराब होना जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं.

    खरीदते समय किन बातों पर ध्यान दें?
    केबल खरीदते समय सिर्फ कीमत न देखें. यह जरूर देखें कि वह कितने Watt तक चार्जिंग सपोर्ट करती है. अगर लैपटॉप भी चार्ज करना है, तो 100W या उससे ज्यादा क्षमता वाली केबल की जरूरत पड़ सकती है. अगर बड़ी फाइलें ट्रांसफर करते हैं, तो USB 3.2 या USB4 सपोर्ट वाली केबल चुनना बेहतर रहेगा. अगर सिर्फ फोन चार्ज करना है, तो बहुत महंगी केबल खरीदना हर बार जरूरी नहीं है.

    ₹100 और ₹1500 की केबल में फर्क सिर्फ कीमत का नहीं होता. अंतर इस बात का होता है कि वह कितनी पावर हैंडल कर सकती है, डेटा कितनी तेजी से सेंड कर सकती है, उसके अंदर किस तरह के तार और चिप लगी है और वह कितने समय तक भरोसेमंद तरीके से काम करेगी.

    इसलिए अगली बार USB Type-C केबल खरीदते समय सिर्फ यह मत देखिए कि दोनों दिखने में एक जैसी हैं. कई बार अंदर का फर्क ही तय करता है कि आपको सही चार्जिंग, तेज डेटा ट्रांसफर और लंबे समय तक भरोसेमंद इस्तेमाल मिलेगा या नहीं.

  • रोटी-सब्जी से बोर हैं तो बनाएं यूपी का स्वादिष्ट चावल-आलू फरा

    रोटी-सब्जी से बोर हैं तो बनाएं यूपी का स्वादिष्ट चावल-आलू फरा

    रोटी-सब्जी रोज-रोज खाकर मन भर जाता है, तब लोग ऐसे खाने में तलाश में रहते हैं, जिसे बनाने में ज्यादा मेहनत भी ना लगे और उसे खाने से पेट भी भर जाए.अगर आप भी रोटी-सब्जी और सिंपल दाल-चावल से कुछ अलग और नया ट्राई करना चाहते हैं तो आप घर पर उत्तर प्रदेश का फेमस चावल के आटे और चटपटे आलू का फरा बना सकते है. बिना तले बनने वाली यह डिश बनाने में बहुत आसान होती है और इसे बच्चों से लेकर बड़े तक सभी बहुत पसंद करते हैं l  

    सबसे अच्छी बात यह है कि इस डिश को आप आसानी से अपने घर पर ही तैयार कर सकते हैं. यूपी में आमतौर पर चावल के आटे के साथ चना दाल के फरे बनाएं जाते हैं, लेकिन आप इसे नया ट्विस्ट देते हुए आलू के स्टफिंग  करके भी बना सकते हैं. आइए आपको इसे बनाने के आसान तरीका बताते हैं, जिसे आप लंच या वीकेंड पर बनाकर अपने परिवारवालों को बनाकर खिला सकते हैं l  

    चावल-आलू के फरा बनाने के लिए सामग्री
    बाहरी परत के लिए

        चावल का आटा – 2 कप (250 ग्राम)
        पानी – 2½ कप
        तेल – 1 बड़ा चम्मच
        नमक – ½ छोटा चम्मच

    आलू की स्टफिंग के लिए
        उबले आलू – 4 मध्यम (मैश किए हुए)
        हरी मिर्च – 2 (बारीक कटी)
        अदरक – 1 छोटा चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
        हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा)
        जीरा – ½ छोटा चम्मच
        सौंफ – ½ छोटा चम्मच (दरदरी कुटी)
        धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
        लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
        हल्दी – ¼ छोटा चम्मच
        अमचूर पाउडर – ½ छोटा चम्मच
        गरम मसाला – ½ छोटा चम्मच
        चाट मसाला – ½ छोटा चम्मच
        नमक – स्वादानुसार

    तड़के के लिए
        सरसों का तेल – 2 बड़े चम्मच
        राई – ½ छोटा चम्मच
        जीरा – ½ छोटा चम्मच
        सफेद तिल – 1 बड़ा चम्मच
        करी पत्ता – 8–10
        सूखी लाल मिर्च – 2
        हरा धनिया – गार्निश के लिए

    फरा बनाने का आसान तरीका

    • आटा गूंथ लें: सबसे पहले एक पैन में पानी, नमक और तेल डालकर उबाल लें. उबाल आने पर चावल का आटा डालें, मिलाकर ढक दें और 2 मिनट पकाए. गैस बंद करके मिक्सर को थोड़ा ठंडा करें और हाथों से मुलायम आटा गूंधकर साइड में रख दें l  
    • आलू की स्टफिंग बनाएं: स्टफिंग के लिए सभी सामग्री को एक बाउल में अच्छी तरह मिला लें  l  
    • आटे से फरे बनाएं: चावल के आटे की छोटी लोई बनाकर हथेली से फैलाएं, बीच में आलू की स्टफिंग भरें और किनारों को अच्छी तरह बंद करके फरे का आकार दें l  
    • फरे स्टीम करें: सभी फरे तैयार करके 12 से 15 मिनट तक स्टीम करें. स्टीम होने के बाद उनको थोड़ी देर के लिए ठंडा होने दें.  ठंडा होने के बाद फरों को हल्का तिरछा काट लें l  
    • तड़का लगाएं: पैन में तेल गर्म करें, राई, जीरा, तिल, करी पत्ता और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाएं. इस तड़के को आप कटे हुए फरे पर डाल दें l
    • गार्निश करें: आखिर में तड़का लगाने के बाद ऊपर से हरा धनिया डालकर गार्निश कर दें. फरों को आप हरी चटनी और दही के साथ सर्व करें l

    प्रो टिप्स
        चावल का आटा गरम रहते हुए ही अच्छी तरह गूंधें, इससे आटा मुलायम बनेगा l
        स्टफिंग पूरी तरह सूखी रखें ताकि फरे फटें नहीं l
        स्टीम करने के बाद 10 मिनट ठंडा करके काटें, इससे फरे टूटेंगे नहीं l  
        तिल और सरसों के तेल का तड़का फरे का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है l

     

  • Apple के AirPods में होगा बड़ा बदलाव! अब कैमरे वाले ईयरफोन्स लाने की तैयारी

    Apple के AirPods में होगा बड़ा बदलाव! अब कैमरे वाले ईयरफोन्स लाने की तैयारी

    नई दिल्ली

    ऐपल अगले महीने iPhone 18 सीरीज लॉन्च करने वाला है. फोल्डेबल फोन की भी चर्चा हो रही है. इसी बीच रिपोर्ट ये भी आ रही है कि कंपनी इस बार अपने AirPods में बड़े बदलाव कर सकती है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कंपनी ऐसे AirPods पर काम कर रही है जिनमें छोटे कैमरे या इंफ्रारेड सेंसर दिए जाएंगे. पहली नजर में यह सुनकर लग सकता है कि अब AirPods से फोटो या वीडियो भी रिकॉर्ड किए जा सकेंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. इन कैमरों का मकसद पूरी तरह अलग होगा। 

    ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन और सप्लाई चेन रिपोर्ट्स के आधार पर सामने आई जानकारी के मुताबिक ऐपल इन कैमरों का इस्तेमाल ऐपल इंटेलिजेंस और सिरी को ज्यादा स्मार्ट बनाने के लिए करना चाहता है. यानी AirPods आपके आसपास की चीजों को देख सकेंगे और उसी हिसाब से आपको जानकारी दे पाएंगे. ऐपल पिछले कुछ समय से AI की रेस में तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। 

    आईफोन में विजुअल इंटेलिजेंस फीचर आने के बाद अब कंपनी चाहती है कि यही एक्सपीरिएंस दूसरे डिवाइस में भी मिले. इसी वजह से AirPods को सिर्फ म्यूजिक सुनने वाला डिवाइस नहीं, बल्कि AI वियरेबल बनाने की तैयारी चल रही है. लीक्स के मुताबिक AirPods में दिए जाने वाले कैमरे आम कैमरों जैसे नहीं होंगे. ये छोटे इंफ्रारेड सेंसर होंगे जो आसपास के माहौल को समझने में मदद करेंगे। 

    उदाहरण के लिए अगर आप किसी दुकान में खड़े हैं और किसी प्रोडक्ट के बारे में जानना चाहते हैं, तो Siri उससे जुड़ी जानकारी बता सकती है. अगर आप किसी विदेशी शहर में हैं, तो रास्ता समझाने या किसी बोर्ड को पहचानने में भी यह सिस्टम मदद कर सकता है। 

    ऐपल का फोकस फिलहाल विजुअल इंटेलिजेंस को और बेहतर बनाने पर है. फिलहाल यह फीचर नए iPhone मॉडल में कैमरे के जरिए काम करता है, लेकिन फेयूचर में AirPods भी इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं. कंपनी चाहती है कि यूजर बिना फोन निकाले सिर्फ Siri से सवाल पूछ सके और AI उसके आसपास की चीजों को समझकर जवाब दे सके। 

    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि AirPods में एक LED इंडिकेटर दिया जा सकता है. जब भी कैमरे या सेंसर विजुअल डेटा प्रोसेस करेंगे, तब यह लाइट जल जाएगी. इसका मकसद लोगों को यह बताना होगा कि डिवाइस उस समय विजुअल इनपुट का इस्तेमाल कर रहा है. इससे प्राइवेसी को लेकर ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। 

    अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, और सेंसर्स वाले एयर पॉड्स लॉन्च होते हैं तो ये सिर्फ वायरलेस ईयरबड्स नहीं रहेंगे. वे ऐपल के AI इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बन जाएंगे. इससे Siri ज्यादा समझदार होगी और यूजर को बिना स्क्रीन देखे भी कई काम करने में मदद मिल सकती है। 

  • अप्पे पैन में बनाएं मिनी रबड़ी घेवर, सावन के लिए आसान रेसिपी

    अप्पे पैन में बनाएं मिनी रबड़ी घेवर, सावन के लिए आसान रेसिपी

    सावन का महीना हो और घेवर का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है. घेवर का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है. पारंपरिक रूप से घेवर बनाना एक बहुत लंबी और कठिन प्रक्रिया मानी जाती है जिसके लिए खास सांचे और मुश्किल टेक्निक की जरूरत होती है. लेकिन अब आपको बाजार से महंगे और मिलावटी घेवर लाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक बेहद आसान और स्मार्ट तरीका, जिससे आप अपने घर के अप्पे पैन में ही एकदम परफेक्ट, जालीदार और क्रिस्पी मिनी रबड़ी घेवर झटपट तैयार कर सकते हैं l

    आवश्यक सामग्री
    घोल के लिए:

    मैदा – 1 कप

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    घी (ठंडा) – 3 बड़े चम्मच

    ठंडा दूध – 2 बड़े चम्मच

    नींबू का रस – 1 छोटा चम्मच

    ठंडा पानी – आवश्यकतानुसार (बर्फ का ठंडा पानी)

    तलने के लिए घी या रिफाइंड ऑयल

    चाशनी के लिए:

    चीनी – 1 कप

    पानी – आधा कप

    इलायची पाउडर – आधा छोटा चम्मच

    केसर के धागे – 5-6 (वैकल्पिक)

    रबड़ी के लिए:

    दूध – आधा लीटर (गाढ़ा करने के लिए)

    चीनी – 2 बड़े चम्मच

    कटे हुए बादाम और पिस्ता – गार्निशिंग के लिए

    बनाने की विधि
    सबसे पहले एक भारी तले की कढ़ाई में दूध उबालें. दूध को धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक वह आधा न रह जाए. अब इसमें चीनी और थोड़े से कटे हुए मेवे डालकर एक गाढ़ी रबड़ी तैयार कर लें और इसे ठंडा होने के लिए रख दें l  

    एक पैन में चीनी और पानी डालकर मध्यम आंच पर उबालें. चाशनी को एक या दो तार की नहीं बनाना है, बल्कि चिपचिपी चाशनी जैसे शहद, वैसी होने तक पकाना है. इसके बाद जब ये पूरी तरह परफेक्ट बन जाए तो इसमें इलायची पाउडर और केसर डालकर गैस बंद कर दें l  

    एक बड़े बर्तन में ठंडा घी लें और उसमें बर्फ का एक टुकड़ा डालकर अच्छी तरह फेंटें जब तक कि वह मक्खन जैसा क्रीमी न हो जाए. इसके बाद बर्फ का टुकड़ा निकाल दें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा मैदा और ठंडा दूध डालकर मिलाएं. इसके बाद ठंडा पानी डालते हुए एक बहुत ही पतला छाछ जैसा घोल तैयार कर लें. आखिर में इसमें नींबू का रस मिलाएं l

    अप्पे पैन को गैस पर रखें और इसके हर सांचे में थोड़ा-थोड़ा घी या तेल डालें. जब घी अच्छे से गर्म हो जाए, तब चम्मच की मदद से एक-एक चम्मच घोल अप्पे पैन के सांचों में बीचों-बीच डालें. ध्यान रहे कि घोल डालते समय हल्की सी छन-छन की आवाज आएगी और झाग उठेगा l

    घोल डालने के बाद जब झाग शांत हो जाए, तब थोड़ा सा घी और ऊपर से टपकाएं. इन्हें मध्यम आंच पर तब तक पकने दें जब तक कि इनका रंग सुनहरा भूरा और क्रिस्पी न हो जाए l  

    मिनी घेवर को अप्पे पैन से निकालकर किसी जाली पर रखें ताकि अतिरिक्त घी निकल जाए. अब इन्हें तैयार गुनगुनी चाशनी में कुछ सेकंड के लिए डुबोएं और बाहर निकाल लें. इसके बाद इनके ऊपर तैयार ठंडी रबड़ी फैलाएं और कटे हुए बादाम-पिस्ता से सजाकर सर्व करें l

  • CSAM और डीपफेक विवाद के बीच मार्क जुकरबर्ग ने केंद्र सरकार से मांगी माफी, अफसोस जताया

    CSAM और डीपफेक विवाद के बीच मार्क जुकरबर्ग ने केंद्र सरकार से मांगी माफी, अफसोस जताया

    फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM), डीपफेक कंटेंट को प्लेटफॉर्म्स पर दिखाने के लिए माफी मांगी है। केंद्र सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच उन्होंने अपना माफी नामा भेजा है। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब केंद्र सरकार और मेटा के अधिकारियों के बीच में हाल ही में एक बैठक हुई थी। इसमें सोशल मीडिया साइट्स पर चल रहे CSAM और डीपफेक कंटेंट को लेकर बात की गई थी।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मेटा चीफ को साफ तौर पर बताया गया कि वह किसी मध्यस्थ की भूमिका में नहीं आते हैं। मेटा ही इस बात को तय करता है कि किसे कौनसा कंटेंट मिलेगा और कैसे मिलेगा। इसलिए, IT एक्ट के तहत मिलने वाली 'सेफ हार्बर' (सुरक्षा) की सुविधा उन पर लागू नहीं होती।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा चीफ ने अपने माफी नामे में इस बात को स्वीकार किया है कि कुछ खास तरह के कंटेंट को बूस्ट करने के लिए काफी पैसे दिए गए थे। उन्होंने इस मामले में माफी मांगी और अपनी गलती पर अफसोस जताया।

    बता दें, जुकरबर्ग की यह माफी उस जांच से जुड़ी हुई है, जिसमें यह सामने आया था कि मेटा के प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े एड चलाए जा रहे हैं। BBC EYE के मुताबिक करीब 30 अलग-अलग विज्ञापनों की पहचान की गई थी, जिनमें यौन शोषण को बढ़ावा दिया जा रहा था। बाद में इसकी जानकारी भारतीय अधिकारियों को दी गई। इसके बाद इस मामले में मेटा से जवाब मांगा गया था।

  • बोरिंग दाल-चावल को बनाएं स्पेशल, चना दाल पुलाव और गार्लिक चटनी का जबरदस्त कॉम्बिनेशन

    बोरिंग दाल-चावल को बनाएं स्पेशल, चना दाल पुलाव और गार्लिक चटनी का जबरदस्त कॉम्बिनेशन

    भारतीय घरों में जब तक दाल-चावल ना बने खाने का मजा पूरा होता ही नहीं है. दाल-चावल भारतीयों का कंफर्ट फूड है, जो ना केवल उन्हें टेस्टी लगते हैं, बल्कि पेट भी भर देते हैं. हालांकि, कभी-कभी लोग रोजाना एक जैसे दाल-चावल खाकर भी बोर हो जाते हैं. अगर आप भी बोर हो गए हैं और रोज की दाल-चावल को अलग टेस्ट देना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए है l

    आज हम रोज के दाल-चावल से कुछ स्वादिष्ट और आसान बनाना बताने वाले हैं. मशहूर शेफ कुणाल कपूर की ये खास रेसिपी आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है. उन्होंने साधारण चना दाल और चावल को फ्लेवरफुल मसालों के साथ ऐसा ट्विस्ट दिया है कि ये एक शानदार वन-पॉट मील बन जाता है. इसके साथ परोसी जाने वाली तीखी गार्लिक-ग्रीन चिली चटनी इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देती है. आइए जानते हैं कैसे बनाते हैं चना दाल पुलाव, जो आपके लंच को बेहद स्वादिष्ट बना देगा l

    चना दाल पुलाव बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
        3 बड़े चम्मच घी या तेल
        1/2 छोटा चम्मच हींग
        3 काली इलायची
        1 इंच दालचीनी
        6 लौंग
        15 काली मिर्च
        2 छोटे चम्मच जीरा
        2 मध्यम आकार के प्याज (पतले कटे हुए)
        3 हरी मिर्च (चीरा लगी हुई)
        1/2 कप चना दाल
        1 कप चावल
        2 कप पानी
        स्वादानुसार नमक

    गार्लिक-ग्रीन चिली चटनी के लिए इंग्रेडिएंट्स
        2 बड़े चम्मच तेल
        1 छोटा चम्मच जीरा
        1 छोटा चम्मच सौंफ
        8 लहसुन की कलियां
        2 छोटे चम्मच कटा हुआ अदरक
        1/4 कप मूंगफली
        3-4 हरी मिर्च
        5-6 अचारी हरी मिर्च
        1/2 गुच्छा हरा धनिया
        1½ नींबू का रस
        1/2 छोटा चम्मच काला नमक
        1 छोटा चम्मच चाट मसाला
        1/2 कप ठंडा पानी
        स्वादानुसार नमक

    बनाने का तरीका:
    1. चना दाल पुलाव बनाने के लिए सबसे पहले चावल को अच्छी तरह धोकर लगभग 30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें. आधा घंटे बाद पानी निकालकर अलग रख दें l

    2. अब एक कड़ाही में घी या तेल गर्म करें. इसमें हींग, काली इलायची, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च और जीरा डालकर खुशबू आने तक भूनें l

    3. अब इसमें कटे हुए प्याज और चीरा लगी हरी मिर्च डालें और प्याज को सुनहरा होने तक पकाएं. इसके बाद धुली हुई चना दाल डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अब पानी और स्वादानुसार नमक डालें और उबाल आने दें l

    4. जब पानी उबलने लगे, तब भीगे हुए चावल डालकर हल्के हाथ से मिला दें. कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर 15-20 मिनट तक पकाएं l

    5. बीच-बीच में हल्के हाथ से चलाते रहें ताकि चावल तले में न चिपकें. जब चावल और दाल अच्छी तरह पक जाएं और पानी सूख जाए, तब गैस बंद कर दें l

    चटनी बनाने का तरीका:
    1. एक पैन में तेल गर्म करें. इसमें जीरा और सौंफ डालकर चटकाएं. फिर लहसुन, अदरक और मूंगफली डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. अब हरी मिर्च और अचारी हरी मिर्च डालकर 2-3 मिनट तक पकाएं l

    2. मिश्रण को ठंडा होने दें. इसके बाद इसे मिक्सर में डालें. साथ में हरा धनिया, नींबू का रस, नमक, काला नमक, चाट मसाला और ठंडा पानी डालकर स्मूद पीस लें l

    ऐसे करें सर्व
    गर्मागर्म दाल वाले चावल को एक प्लेट में निकालें और उसके साथ तीखी गार्लिक-ग्रीन चिली चटनी परोसें. चाहें तो ऊपर से थोड़ा घी डालकर भी सर्व कर सकते हैं. ये कॉम्बिनेशन लंच और डिनर, दोनों के लिए बेहतरीन ऑप्शन है l

  • कुकर में बनाएं बाजार जैसा स्पंजी ढोकला, 10 मिनट में तैयार होगी गुजराती डिश

    कुकर में बनाएं बाजार जैसा स्पंजी ढोकला, 10 मिनट में तैयार होगी गुजराती डिश

    ढोकला एक ऐसा लोकप्रिय गुजराती नाश्ता है जिसे बच्चे हों या बड़े, हर कोई चाव से खाना पसंद करता है. इसका खट्टा-मीठा स्वाद और स्पंजी टेक्सचर किसी का भी दिल जीत सकता है. अक्सर लोगों को शिकायत होती है कि घर पर ढोकला बाजार जैसा सॉफ्ट और जालीदार नहीं बनता लेकिन आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कुकर में इसे बनाने की एक ऐसी शानदार और आसान विधि जिससे आपका ढोकला मात्र 10 मिनट में एकदम परफेक्ट बनकर तैयार होगा.

    रेसिपी
    आवश्यक सामग्री
    बेसन – 2 कप

    सूजी – 2 चम्मच (बेहतर जाली के लिए)

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    चीनी – 2 बड़े चम्मच

    नींबू का रस – 2 चम्मच

    अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट – 1 चम्मच

    हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच

    नमक – स्वादानुसार

    ईनो – 1 पैकेट

    पानी – आवश्यकतानुसार (घोल तैयार करने के लिए)

    तेल – 2 चम्मच (घोल में डालने के लिए और बर्तन चिकना करने के लिए)

    तड़के के लिए सामग्री
    राई (सरसों के दाने) – 1 छोटा चम्मच

    करी पत्ता – 10-12

    हरी मिर्च – 3-4 (लंबी कटी हुई)

    चीनी – 1 चम्मच

    पानी – आधा कप

    हरा धनिया – बारीक कटा हुआ

    बनाने की विधि
    सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन और सूजी को छान लें. अब इसमें चीनी, नींबू का रस, अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट, हल्दी और नमक मिलाएं.

    इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए एक चिकना और मध्यम गाढ़ा घोल तैयार कर लें. ध्यान रहे कि घोल में कोई गांठ न रहे. अब इसमें 2 चम्मच तेल डालकर अच्छी तरह फेंट लें.

    कुकर में 2 गिलास पानी डालकर गर्म होने के लिए रख दें. कुकर की सीटी और रबर को हटा दें. कुकर के अंदर एक स्टैंड या छोटी प्लेट रखें.

    अब ढोकला टिन या केक मोल्ड को तेल से अच्छी तरह चिकना कर लें. ढोकला के घोल में ईनो का पैकेट डालें और ऊपर से थोड़ा सा पानी डालकर तुरंत हल्के हाथ से एक ही दिशा में मिलाएं.

    ईनो मिलाने के तुरंत बाद घोल को चिकना किए हुए मोल्ड में डालें और इसे कुकर में रख दें. कुकर का ढक्कन बंद कर दें और मीडियम आंच पर इसे 10 से 12 मिनट तक पकने दें.

    एक पैन में तेल गरम करें. उसमें राई, करी पत्ता और कटी हुई हरी मिर्च डालें. इसके बाद आधा कप पानी, चीनी और थोड़ा सा नमक डालकर एक उबाल आने दें.

    10 मिनट बाद गैस बंद कर दें और टूथपिक डालकर चेक करें कि ढोकला पक गया है या नहीं. ढोकला ठंडा होने पर इसे अपने मनपसंद आकार में काट लें. तैयार तड़के को ढोकले के ऊपर समान रूप से फैलाएं और ऊपर से हरा धनिया डालकर सर्व करें.

  • शरीर दे रहा ये 6 संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

    शरीर दे रहा ये 6 संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

     हमारा शरीर समय-समय पर ऐसे संकेत देता है, जो किसी अंदरूनी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं. हालांकि, केवल किसी एक लक्षण के आधार पर बीमारी तय नहीं की जा सकती. ऐसे में इन संकेतों को समझना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. आइए जानते हैं ऐसे 6 सामान्य संकेतों के बारे में, जिन पर ध्यान देना चाहिए l

    1. गर्दन का रंग धीरे-धीरे काला पड़ना
    अगर गर्दन का रंग समय के साथ गहरा होता जा रहा है, तो इसे केवल गंदगी समझकर नजरअंदाज न करें. कई मामलों में यह शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है. ऐसे में मीठे का सेवन कम करना और संतुलित खानपान अपनाना फायदेमंद माना जाता है. दालचीनी को भी सीमित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है l

    2. ब्रश करने के बाद भी मुंह से बदबू आना
    अगर रोजाना ब्रश करने के बावजूद सांसों से बदबू आती रहती है, तो इसकी वजह सिर्फ दांतों की सफाई नहीं हो सकती. कई बार पाचन तंत्र से जुड़ी गड़बड़ी भी इसका कारण बनती है. ऐसे में पाचन को बेहतर रखने वाले प्रोबायोटिक फूड्स और लौंग का सीमित सेवन मददगार हो सकता हैl

    3. बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन होना
    यदि अक्सर पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों में ऐंठन होती है, तो यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का संकेत हो सकता है. ऐसे में केले और नारियल पानी जैसे प्राकृतिक स्रोत शरीर में जरूरी मिनरल्स की पूर्ति करने में मदद कर सकते हैं. अगर समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें l

    4. थोड़ा खाने के बाद भी भारीपन महसूस होना
    अगर कम भोजन करने के बाद भी पेट भारी लगता है, तो यह पाचन क्षमता कमजोर होने का संकेत हो सकता है. ऐसे में पपीता और अनानास जैसे फल डाइट में शामिल किए जा सकते हैं. इनमें मौजूद प्राकृतिक एंजाइम पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक माने जाते हैं l

    5. बार-बार चेहरे पर पिंपल्स निकलना
    अगर त्वचा पर बार-बार मुंहासे हो रहे हैं, तो इसकी वजह केवल हार्मोनल बदलाव ही नहीं हो सकती. खराब खानपान और असंतुलित जीवनशैली भी इसका कारण बन सकते हैं. चुकंदर और आंवले का जूस शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद करता है और त्वचा की सेहत को सपोर्ट कर सकता है l

    6. खाना खाने के बाद सीने में जलन होना
    अगर भोजन के बाद अक्सर सीने में जलन महसूस होती है, तो इसे सामान्य एसिडिटी मानकर बार-बार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. केला और एलोवेरा जैसे खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में पेट को आराम पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. लेकिन अगर समस्या लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच कराना सबसे जरूरी है l

    नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है. किसी भी लक्षण के आधार पर स्वयं बीमारी का निष्कर्ष न निकालें. यदि कोई समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो योग्य डॉक्टर से सलाह अवश्य लें l