Category: लाइफस्टाइल

  • OpenAI ने लॉन्च किया GPT-6 Astra, AI की दुनिया में मचा तहलका; साइबर सिक्योरिटी में 100% स्कोर

    OpenAI ने लॉन्च किया GPT-6 Astra, AI की दुनिया में मचा तहलका; साइबर सिक्योरिटी में 100% स्कोर

    ChatGPT के मेकर OpenAI ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है और कंपनी ने आखिरकार अपना सबसे पावरफुल AI मॉडल लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम GPT-6 Astra है. कंपनी का दावा है कि यह उनका अब तक का सबसे पावरफुल AI मॉडल है. कंपनी ने बताया है कि AGI की शुरुआत हो सकती है.  

    OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट पर किया है. ऑल्टमैन ने GPT 6 को कंप्यूटर पर इस्तेमाल होने वाला दुनिया का सबसे बेस्ट बेस्ट मॉडल बताया है. साथ ही इसको प्रोफेशनल वर्कस साइंसस, कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी को लेकर काम करता है. सैम ऑल्टमैन का मानना है कि इसको एंत्रोप्रेन्योरशिप, साइंटिस्ट खोज और बिल्डिंग आदि में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

    एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान OpenAI के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने कहा है कि यह महसूस करना गलत नहीं है कि अब हम AGI के दौर में हैं. ब्रॉकमैन को भरोसा है कि भविष्य में लोग Astra के लॉन्च को AI की दुनिया में बड़ी लॉन्चिंग मानी जा सकती है.

    GPT-6 Astra कितना बेहतर है?
    GPT-6 Astra के फीचर्स की बात करें तो यह कई कामों को बड़े ही बेहतर तरीके से कर सकता है. जैसे कोडिंग जैसे टास्क को आसानी से कंप्लीट कर सकता है. OpenAI ने अपने ब्लॉगपोस्ट में GPT 6 Astra को सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में अब तक का सबसे बेहतरीन मॉडल बताया गया है.

    बग आदि को भी खोज सकता है
    GPT-6 Astra की अन्य काबिलियत की बात करें तो ये आसानी से बग खोज सकता है. टर्मिनल टास्क आदि को कंप्लीट कर सकता है और कोडबेस से संबंधित सवालों को जवाब आदि दे सकता है. जवाब की एक्युरेसी में Astra ने OpenAI के अपने GPT-5.6 Sol और Anthropic के Fable मॉडल्स को भी पीछे छोड़ दिया है.

    GPT-6 Astra की साइबर सिक्योरिटी को लेकर काबिलियत
    Astra साइबर सिक्योरिटी और बग आदि खोजने में भी दूसरे प्लेटफॉर्म की तुलना में बेहतर है.  Anthropic के Claude Mythos और OpenAI के GPT-5.6 Sol के लॉन्च के बाद ऐसे AI मॉडल देखें हैं, जो साइबर सिक्योरिटी स हमने ऐसे AI मॉडल देखे हैं, जो साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी खामियों को खोजने में बेहतर है.

    साथ ही OpenAI ने बताया है कि प्रोडक्शन सेफ्टी गार्डरेल्स के बिना किए गए साइबर सिक्योरिटी टेस्ट में Astra ने ExploitBench पर 100 फीसदी स्कोर हासिल किया है, जबकि GPT-5.6 Sol का स्कोर 78.5 परसेंट का रहा है.

  • बालों का झड़ना और डैंड्रफ होगा कम? घर पर बनाएं रीठा-आंवला-शिकाकाई का नेचुरल शैंपू

    बालों का झड़ना और डैंड्रफ होगा कम? घर पर बनाएं रीठा-आंवला-शिकाकाई का नेचुरल शैंपू

     आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण और केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स की वजह से बालों का झड़ना, डैंड्रफ और रूखापन एक आम समस्या बन चुका है. बाजार में मिलने वाले महंगे शैंपू में अक्सर सल्फेट और पैराबेन जैसे हानिकारक केमिकल्स होते हैं, जो बालों को अंदर से नुकसान पहुंचाते हैं.

    अगर आप भी अपने बालों को बिना किसी नुकसान के प्राकृतिक रूप से मजबूत, लंबा और घना बनाना चाहते हैं, तो पारंपरिक रीठा शैंपू एक बेहतरीन विकल्प है. रीठा में प्राकृतिक रूप से 'सैपोनिन' मौजूद होता है, जो बालों की गंदगी को गहराई से साफ करता है और स्कैल्प को पोषण प्रदान करता है.

    सामग्री:
    8-10 सूखा रीठा (बीज निकाले हुए)

    5-6 सूखा आंवला

    5-6 सूखा शिकाकाई

    2-3 कप पानी

    रीठा शैंपू बनाने का तरीका
    रातभर भिगोएं: एक बर्तन में रीठा, आंवला और शिकाकाई को 2-3 कप पानी में डालकर रातभर के लिए भिगोकर रख दें.

    उबालें: अगली सुबह इस मिश्रण को धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट के लिए उबालें, ताकि सभी जड़ी-बूटियों का अर्क पानी में आ जाए.

    मसलें: मिश्रण को ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद हाथों से रीठा और शिकाकाई को अच्छे से मसल लें ताकि झाग और रस पूरी तरह बाहर निकल आए.

    छानें: अब इस गाढ़े पानी को किसी पतले कपड़े या छलनी की मदद से छानकर एक साफ बोतल में भर लें. आपका नेचुरल रीठा शैंपू तैयार है.

    इस्तेमाल का तरीका
    सबसे पहले अपने बालों को नॉर्मल पानी से अच्छी तरह गीला कर लें.

    तैयार किए गए रीठा शैंपू की थोड़ी मात्रा अपने हाथों में लें और स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से 3-5 मिनट तक मसाज करें.

    चूंकि यह 100% नेचुरल है, इसलिए इसमें केमिकल शैंपू जितना ज्यादा झाग नहीं बनेगा, लेकिन यह स्कैल्प को पूरी तरह साफ कर देता है.

    मसाज करने के बाद बालों को सादे पानी से अच्छी तरह धो लें.

    बेहतर परिणामों के लिए हफ्ते में 2 बार इस शैंपू का इस्तेमाल करें.

  • डोसे से अलग है ये देसी नाश्ता, 5 दालों से बनाएं महाराष्ट्रीयन दाल अंबोली; जानें रेसिपी

    डोसे से अलग है ये देसी नाश्ता, 5 दालों से बनाएं महाराष्ट्रीयन दाल अंबोली; जानें रेसिपी

     रोज-रोज नाश्ते में पोहा, पराठा और डोसा खाकर अगर आप भी बोर हो चुके हैं, तो इस बार कुछ बिल्कुल अलग ट्राई कर सकते हैं. खास बात ये है कि ये रेसिपी बिल्कुल देसी है. हम बात कर रहे हैं दाल अंबोली की. शेफ संजीव कपूर की बताई दाल अंबोली मशहूर महाराष्ट्रीयन डिश है, जो स्वाद में लाजवाब होने के साथ बनाने में भी काफी दिलचस्प है. महाराष्ट्र की इस खास डिश में एक-दो नहीं बल्कि कई तरह की दालों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बैटर में छाछ, चावल, पोहा, मेथी और अलसी के बीज भी डाले जाते हैं. ये सभी चीजें इसे प्रोटीन से भरपूर नाश्ता भी बनाती हैं.

    खास बात ये है कि दाल अंबोली दिखने में डोसे जैसी जरूर लग सकती है, लेकिन इसका स्वाद और बैटर नॉर्मल डोसे से काफी अलग होता है. अगर आप घर के नाश्ते में कुछ नया और देसी स्वाद वाला बनाना चाहते हैं, तो संजीव कपूर की ये रेसिपी जरूर ट्राई कर सकते हैं.

    क्या होती है दाल अंबोली?
    दाल अंबोली महाराष्ट्र की पारंपरिक डिश है, जिसे दाल और चावल को मिक्स करके तैयार किया जाता है. इसका बैटर तैयार करने के लिए कई तरह की दालों को चावल के साथ भिगोया जाता है और फिर पीसकर फर्मेंट किया जाता है. बैटर में छाछ का इस्तेमाल इसे हल्का खट्टा स्वाद देता है.

    इसे तवे पर फैलाकर पकाया जाता है, जिससे बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से नरम अंबोली तैयार होती है. इसे नाश्ते या स्नैक के तौर पर चटनी के साथ खाया जा सकता है.

    दाल अंबोली के लिए इंग्रेडिएंट्स
        1 कप शॉर्ट ग्रेन चावल
        1/4 कप पोहा
        1/4 कप तूर दाल
        1/4 कप छिलके वाली मूंग दाल
        1/4 कप मूंग दाल
        1/4 कप चना दाल
        1/4 कप मसूर दाल
        1 बड़ा चम्मच अलसी के बीज
        2 छोटे चम्मच मेथी दाना
        4 कप छाछ
        स्वादानुसार नमक
        बारीक कटा प्याज
        जरूरत के अनुसार तेल

    बनाने का तरीका:
    1.
    दाल अंबोली बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बाउल में चावल, पोहा, तूर दाल, छिलके वाली मूंग दाल, मूंग दाल, चना दाल, मसूर दाल, अलसी के बीज और मेथी दाना डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह धो लें.

    2. अब इसमें करीब 4 कप छाछ डालकर अच्छी तरह मिलाएं और इसे 6-8 घंटे के लिए भिगोकर रख दें. इससे चावल और दालें अच्छी तरह नरम हो जाएंगी और इन्हें पीसना आसान होगा.

    3. भीगी हुई दाल और चावल के मिश्रण को ग्राइंडर में डालें. जरूरत के अनुसार छाछ डालकर इसे अच्छी तरह पीस लें. बैटर न ज्यादा मोटा हो और न ही बहुत पतला.

    4. अब तैयार बैटर को एक बड़े बाउल में निकालें और बची हुई छाछ डालकर अच्छी तरह मिला लें. बाउल को ढककर बैटर को करीब 8-10 घंटे के लिए फर्मेंट होने दें.

    5. फर्मेंट होने के बाद बैटर में स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब आपकी दाल अंबोली बनाने के लिए बैटर तैयार है.

    6. दाल अंबोली बनाने के लिए तवा गर्म करें. तवे पर थोड़ा तेल लगाएं और जरूरत हो तो बारीक कटे प्याज से तवे को हल्का रगड़ लें.

    7. अब एक कलछी बैटर तवे पर डालें और इसे गोल आकार में हल्का फैलाएं. इसे बहुत ज्यादा पतला करने की जरूरत नहीं है. किनारों पर थोड़ा तेल डालें और मध्यम आंच पर करीब 3-4 मिनट तक पकाएं.

    8. जब नीचे की तरफ से अंबोली सुनहरी और हल्की कुरकुरी हो जाए, तो इसे पलट दें. दूसरी तरफ भी 2-3 मिनट तक पकाएं. इसी तरह पूरे बैटर से अंबोली तैयार कर लें.

    9. गरमा-गरम दाल अंबोली को प्लेट में निकालें और नारियल की चटनी या अपनी पसंद की चटनी के साथ सर्व करें. कई तरह की दालों से बनी ये महाराष्ट्रीयन डिश नाश्ते में कुछ अलग खाने की इच्छा को पूरा कर सकती है.

  • Dyson ने लॉन्च किया AI वाला CameraJet टूथब्रश, कैमरा देखकर खुद साफ करेगा दांतों के गैप

    Dyson ने लॉन्च किया AI वाला CameraJet टूथब्रश, कैमरा देखकर खुद साफ करेगा दांतों के गैप

    Dyson ने एक बेहद ही कमाल का इलेक्ट्रिक टूथब्रश लॉन्च किया है, जिसका नाम CameraJet इलेक्ट्रिक टूथब्रश है. इसमें कैमरा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और माउथवॉश जेट सिस्टम लगाया गया है l

    कंपनी ने इसको माउथ की फुल क्लीनिंग सॉल्यूशन के तौर पर लॉन्च किया है, जहां यूजर्स फोन में दांतों की कंडीशन देख सकते हैं और उन्हें साफ रखने में मदद कर सकते हैं l

    Dyson ने न्यू लॉन्च ब्रश की कीमत 499.99 अमेरिकी डॉलर (करीब 47,000 रुपये) रुपये रखी है. अभी इसको पेरिश में लॉन्च किया है. भारत समेत अन्य मार्केट में कब तक लॉन्च होगा, उसकी जानकारी आने वाले दिनों में पता चलेगी l

    कैमरा, AI से क्या होगा फायदा?
    डायसन के इस ब्रश के अंदर बिल्ट-इन कैमरा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एक माउथवॉश जेट दिया है. यह ब्रश दांतों के बीच की जगह को भी आसानी से साफ करने में मदद करेगा l

    डायसन ने CameraJet इलेक्ट्रिक टूथब्रश को तैयार करने में छह साल का रिसर्च और डेवलपमेंट तक का काम किया है. ब्रश हेड के अंदर 1,00,000 पिक्सल मैक्रो कैमरा है. यह ब्रशिंग के दौरान हर सेकेंड में 28 इमेज को कैप्चर कर सकता है l

    Dyson का गैप ऑप्टीकल टारगेटिंग सिस्टम
    ब्रश के सिस्टम को जब भी कोई गैप डिटेक्ट होता है, Dyson का गैप ऑप्टीकल टारगेटिंग सिस्टम माउथवॉश की एक छोटी की धार छोड़ता है. कंपनी ने बताया है कि यह सिस्टम सिर्फ 100 मिलीसेकंड में एक्टिव हो जाता है l

    MyDyson ऐप से कनेक्ट होता है
    डायसन का इलेक्ट्रिक ब्रश वाईफाई और ब्लूटूथ के जरिए MyDyson ऐप से भी कनेक्ट होता है. ऐप की मदद से यूजर्स अपने मुंह के अंदर का वीडियो देख सकते हैं. साथ ही दातों की कंडीशन या फिर कोई इंफेक्शन आदि को चेक कर सकते हैं l

    Dyson ने बताया है कि यूजर्स की प्राइवेसी का ध्यान रखा है और कंपनी ने बताया है कि टूथब्रर्श कैमरा केवल लाइव व्यू देखने या ऑटोमैटिक जेटिंग के दौरान ही एक्टिव होता है. साथ ही तस्वीरें न तो रिकॉर्ड की जाती हैं और न ही टूथब्रश या क्लाउड में स्टोर होती हैं l

  • जन्माष्टमी पर घर में बनाएं बेसन मोहन पेड़ा, बिना मावे के तैयार होगी स्वादिष्ट मिठाई

    जन्माष्टमी पर घर में बनाएं बेसन मोहन पेड़ा, बिना मावे के तैयार होगी स्वादिष्ट मिठाई

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान बाल गोपाल को तरह-तरह के मिष्ठान और पकवानों का भोग लगाया जाता है. कान्हा जी को माखन-मिश्री के साथ-साथ दूध और बेसन से बनी मिठाइयां भी बेहद प्रिय हैं. त्योहारों के सीजन में बाजार में मिलने वाले मावे और मिठाइयों में मिलावट और शुद्धता का खतरा रहता है l

    ऐसे में अगर आप बिना मावा, बिना चाशनी के झंझट और बिना ज्यादा खर्च के घर पर ही शुद्ध व स्वादिष्ट मिठाई बनाना चाहते हैं तो बेसन मोहन पेड़ा बहुत ही अच्छा ऑप्शन है. मात्र 1 कप बेसन, थोड़े से देसी घी और चीनी से बनी यह मिठाई इतनी सॉफ्ट और स्वादिष्ट होती है कि मुंह में जाते ही घुल जाती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान रेसिपी l

    सामग्री (Ingredients)
    सन: 1 कप (छाना हुआ)

    देसी घी: 1/2 कप

    पिसी हुई चीनी या भूरा: 3/4 कप

    दूध: 2 से 3 बड़े चम्मच (गुनगुना)

    इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच

    केसर के धागे: 8-10 (2 चम्मच गर्म दूध में भीगे हुए)

    कटे हुए मेवे: सजावट के लिए (पिस्ता और बादाम की कतरन)

    बनाने की सही और आसान विधि
    बेसन भूनें: एक भारी तले की कढ़ाई में 1/2 कप देसी घी डालकर हल्का गरम करें. अब इसमें 1 कप छाना हुआ बेसन डालें. धीमी आंच पर बेसन को लगातार चलाते हुए भूनें.

    सुनहरा रंग और खुशबू आने तक सेकें: लगभग 8 से 10 मिनट में बेसन का कच्चापन दूर हो जाएगा, उसमें से सौंधी खुशबू आने लगेगी और घी अलग होने लगेगा.

    दानेदार बनाने का सीक्रेट हैक: जब बेसन अच्छी तरह भून जाए, तो इसमें 2-3 चम्मच गुनगुना दूध छिड़कें. दूध डालते ही बेसन में झाग बनेगा और वह एकदम दानेदार हो जाएगा. इसे 1-2 मिनट और चलाएं फिर गैस बंद कर दें.

    इलायची और केसर मिलाएं: भुने हुए बेसन में इलायची पाउडर और केसर वाला दूध मिलाकर अच्छे से मिक्स करें और मिश्रण को थोड़ा गुनगुना होने तक ठंडा होने दें.

    मीठा मिलाएं: जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए (बहुत गरम में चीनी न डालें, वरना पेड़ा कड़ा हो जाएगा), तब इसमें पिसी हुई चीनी या भूरा मिलाएं और हाथों से अच्छी तरह एकसार कर लें.

    पेड़े का आकार दें: मिश्रण में से थोड़ा-थोड़ा हिस्सा लेकर गोल गोल लोई बनाएं और हल्का सा दबाकर पेड़े का आकार दें. अंगूठे से बीच में हल्का सा गड्डा बनाएं और ऊपर से पिस्ता-बादाम की कतरन से सजाएं.

    आपका बेहद स्वादिष्ट और शुद्ध मोहन पेड़ा बनकर तैयार है. कान्हा जी को भोग लगाएं और सबको प्रसाद बांटें.

  • चाणक्य नीति: इन 7 मौकों पर रहें बिल्कुल चुप, वरना बढ़ सकती है आपकी परेशानी

    चाणक्य नीति: इन 7 मौकों पर रहें बिल्कुल चुप, वरना बढ़ सकती है आपकी परेशानी

     कई बार हमें लगता है कि किसी को सही सलाह देकर हम उसकी परेशानी कम कर सकते हैं. लेकिन हर व्यक्ति सलाह सुनने और उसे समझने के लिए तैयार हो, यह जरूरी नहीं है. कुछ परिस्थितियों में जरूरत से ज्यादा बोलना या सामने वाले को समझाने की कोशिश करना उल्टा हमारे लिए ही परेशानी खड़ी कर सकता है. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में ऐसे ही मौकों पर मौन रहने को बुद्धिमानी बताया है. उनके अनुसार सही समय पर चुप रहना भी एक तरह की समझदारी है l

    1.  जब सामने वाला आपकी बात समझना ही न चाहे
    अगर किसी व्यक्ति को अपनी गलती स्वीकार करने या सही बात समझने में कोई रुचि नहीं है, तो उसे बार-बार सलाह देना व्यर्थ हो सकता है. चाणक्य नीति के अनुसार ऐसे व्यक्ति को समझाने में अपनी ऊर्जा खर्च करने के बजाय मौन रहना बेहतर है l

    कई बार बहस में सही साबित होने से ज्यादा जरूरी यह होता है कि हम यह समझें कि सामने वाला हमारी बात सुनने की स्थिति में है या नहीं l

    2.  जहां बात-बात पर बहस हो
    ऐसी जगह जहां लोग किसी विषय को समझने के बजाय केवल बहस करने या अपनी बात साबित करने के लिए जुटे हों, वहां सोच-समझकर बोलना चाहिए l

    चाणक्य के अनुसार बिना जरूरत किसी विवाद में पड़ना बुद्धिमानी नहीं है. हर सवाल का जवाब देना या हर बहस में शामिल होना जरूरी नहीं होता. कुछ मौकों पर चुप रहकर वहां से हट जाना ही बेहतर विकल्प होता है l

    3.  जहां आपको सम्मान नहीं मिल रहा हो
    जिस जगह आपकी बात को महत्व नहीं दिया जा रहा हो या लोग केवल आपको नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हों, वहां अपनी सफाई देते रहना उचित नहीं है l

    चाणक्य नीति में अपनी योजनाओं और महत्वपूर्ण बातों को हर किसी के सामने जाहिर न करने की सीख दी गई है. ऐसे माहौल में शांत रहकर अपने काम पर ध्यान देना ज्यादा समझदारी भरा कदम हो सकता है l

    4.  जब किसी विषय की पूरी जानकारी न हो
    किसी मुद्दे के बारे में आधी-अधूरी जानकारी होने पर तुरंत अपनी राय देना कई बार नुकसान पहुंचा सकता है. अधूरी जानकारी के आधार पर कही गई बात आपको दूसरों के सामने असहज स्थिति में डाल सकती है l

    इसलिए जब किसी विषय की पूरी जानकारी न हो तो पहले उसे समझना और फिर अपनी बात रखना बेहतर है. कई बार कुछ देर का मौन गलत जानकारी देने से कहीं ज्यादा अच्छा होता है l

    इन मौकों पर भी रखें मौन
    चाणक्य नीति के अनुसार कुछ परिस्थितियों में व्यक्ति को विशेष रूप से अपनी जुबान पर नियंत्रण रखना चाहिए.

    गुस्से में: क्रोध के दौरान कही गई बात रिश्तों में लंबे समय तक कड़वाहट पैदा कर सकती है.
    पारिवारिक विवाद में: घर की निजी और गोपनीय बातें दूसरों के सामने बताने से बचना चाहिए.
    निंदा के दौरान: किसी की बुराई में शामिल होने के बजाय खुद को उस बातचीत से दूर रखना बेहतर है.

  • डायबिटीज का पुरुषों और महिलाओं पर अलग असर, नई रिसर्च में कई बीमारियों का बढ़ा खतरा

    डायबिटीज का पुरुषों और महिलाओं पर अलग असर, नई रिसर्च में कई बीमारियों का बढ़ा खतरा

    नई दिल्ली

    डायबिटीज का असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है. इससे दिल, किडनी और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है. अब एक बड़ी स्टडी में सामने आया है कि डायबिटीज से होने वाली दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं पुरुषों और महिलाओं में एक जैसी नहीं होतीं है. इस रिसर्च को PLOS मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है। 

    इस रिसर्च में यूके के 28,720 ऐसे मरीजों का हेल्थ रिकॉर्ड निकाला गया, जिनमें हाल ही में टाइप-2 डायबिटीज की पहचान हुई थी. मरीजों में समय के साथ डायबिटीज के कारण होने वाली दूसरी समस्याओं का भी आकलन किया गया. इसमें देखा गया है महिलाओं में क्या समस्याएं हो रही है और इनमें ऐसी कौन सी हैं जो पुरुषों से अलग हैं। 

    डायबिटीज में महिलाओं को मेंटल हेल्थ की समस्याओं का ज्यादा खतरा 
    स्टडी के अनुसार, डायबिटीज का जैसे ही पता चलता है उसके बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं होने की आशंका अधिक होती है, जबकि पुरुषों में दिल और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा अधिक रहता है। 

    शोधकर्ताओं ने कहा कि महिला और पुरुष इन स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव अलग-अलग तरह से करते हैं, लेकिन टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में लिंग और उम्र के आधार पर बीमारी के बढ़ने के तरीके के बारे में अभी तक कोई शोध नहीं किया गया है। 

    महिलाओं और पुरुषों पर अलग-अलग प्रभाव 
    बताते चलें कि ब्रिटेन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी एवं अन्य शोधकर्ताओं के अध्ययन का निष्कर्ष प्लोस मेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसने साल 2010 से 2020 के बीच टाइप-2 डायबिटीज विकसित होने वाले लगभग 28,720 पुरुषों और महिलाओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण किया। रोग का पता चलने के बाद के वर्षों में प्रतिभागियों में से 39 प्रतिशत ने कम से कम एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य घटना का अनुभव किया, जिसमें पाया गया कि घटना की प्रगति और समय लिंग के अनुसार अलग-अलग थी। 

    पुरुषों में हाई बीपी और किडनी की बीमारी का जोखिम 
    इसके बाद शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि बीमारी का पता चलने के बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं होने की आशंका अधिक थी जो कि 5.3 प्रतिशत की तुलना में 8.1 प्रतिशत है और उनकी स्थिति ऐसी होती गई जिससे अंत में मौत हो गई। जबकि पुरुषों में हृदय रोग (5.3 प्रतिशत के मुकाबले 8.4 प्रतिशत), अंतिम चरण की गुर्दे की बीमारी और हाइपरटेंशन की उच्च दरें थीं। 

    पुरुषों में दिल और किडनी पर ज्यादा असर

    स्टडी के मुताबिक पुरुषों में डायबिटीज के साथ हार्ट और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा महिलाओं की तुलना में ज्यादा था, खास बात यह रही कि पुरुषों में ये समस्याएं डायबिटीज होने के बाद कम उम्र में ही होने लगीं थी. डायबिटीज लंबे समय तक बढ़ी हुई शुगर के कारण नसों को नुकसान पहुंचा सकती है. शुगर लेवल बढ़ने से आंखों की समस्याएं भी हो सकती हैं। 

    महिलाओं में चिंता और डिप्रेशन का खतरा
    रिसर्च में पता चला कि महिलाओं में एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं अधिक देखने को मिलीं. जबकि पुरुषों में ये डायबिटीज से होने के बाद कम देखी गईं.  यह भी पाया गया कि डायबिटीज के साथ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर मौत का जोखिम बढ़ सकता है। 

    डॉक्टरों के लिए भी जरूरी संकेत
    शोधकर्ताओं का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों की निगरानी करते समय केवल ब्लड शुगर के आंकड़ों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा. पुरुषों में दिल और किडनी की सेहत पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हो सकती है, जबकि महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग को भी इलाज का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। 

  • Apple का 9 सितंबर को बड़ा इवेंट, लॉन्च हो सकते हैं iPhone 18 Pro और पहला Foldable iPhone

    Apple का 9 सितंबर को बड़ा इवेंट, लॉन्च हो सकते हैं iPhone 18 Pro और पहला Foldable iPhone

     नई दिल्ली

    Apple का इस महीने एक बड़ा इवेंट आयोजित होने जा रहा है, जिसका नाम सर्प्राइस एंड साइन है. कंपनी ऑफिशियली कंफर्म कर चुकी है कि यह इवेंट 9 सितंबर होगा और भारतीय समयनुसार इसकी टाइमिंग रात 10:30 बजे की होगी. इस इवेंट में कंपनी अपना पावरफुल स्मार्टफोन iPhone 18 Pro सीरीज को लॉन्च करेगी। 

    iPhone 18 Pro सीरीज के तहत दो हैंडसेट को लॉन्च किया जा सकता है, जिनके नाम 18 Pro और 18 Pro Max होगा. दोनों ही हैंडसेट में पावरफुल चिपसेट का यूज किया जाएगा. अपग्रेड कैमरा और बेहतर बैटरी बैकअप मिलेगा. इसको लेकर अब तक कई लीक्स सामने आ चुके हैं। 

    ऐपल इस बार अपना फोल्ड हैंडसेट भी लॉन्च करेगी, जिसका नाम (आईफोन फोल्ड अल्ट्रा) iPhone Fold Ultra होगा. ऐपल पहली बार अपना फोल्ड हैंडसेट लेकर आ रही है, जबकि बाकी ब्रांड पहली ही अपना फोल्ड हैंडसेट लॉन्च कर चुकी है, जिसमें सैमसंग, वनप्लस, शाओमी, हुवावे आदि के नाम शामिल हैं। 

    iPhone 18 Pro का डिजाइन 
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, iPhone 18 Pro का डिजाइन iPhone 17 Pro की तुलना में बहुत ज्यादा अलग नहीं है. बैक पैनल पर दिए जाने वाले कैमरा एलाइनमेंट में भी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. हालांकि बैक पैनल के कैमरा सेंसर में बदलाव किया जाएगा। 

    मिलेगा बड़ा डिस्प्ले का एक्सपीरियंस 
    iPhone 18 Pro के डिस्प्ले में बहुत बड़ा बदलाव नहीं दिखाई देगा, लेकिन डाइनमिक आइलैंड के साइज को छोटा जरूर किया जाएगा. ऐसे में यूजर्स को बड़ी स्क्रीन का फायदा मिलेगा। 

    A20 Pro चिपसेट का यूज किया जाएगा
    iPhone 18 Pro और 18 Pro Max के अंदर ऐपल का A20 Pro चिपसेट का यूज किया जाएगा. रिपोर्ट्स में बताया है कि यह 2nm प्रोसेस पर मैन्युफैक्चर्ड किया गया है। 

    आईफोन फोल्ड अल्ट्रा को बुक स्टाइल फोल्डेबल डिजाइन में पेश किया जाएगा, जैसा Samsung Galaxy Z Fold 8 को लॉन्च किया जा चुका है. अफवाहों के मुताबिक, आउटर डिस्प्ले 5.3-5.5 इंच साइज आएगा. वहीं अनफोल्ड होने के बाद 
    करीब 7.8 इंच का डिस्प्ले मिलेगा. दोनों में 120Hz का प्रोमोशन सपोर्ट मिलेगा। 

  • Lava Agni 4N की UK में एंट्री, 4 सितंबर से बिक्री; ₹64 हजार के फोन में 1.5K AMOLED और 4K कैमरा

    Lava Agni 4N की UK में एंट्री, 4 सितंबर से बिक्री; ₹64 हजार के फोन में 1.5K AMOLED और 4K कैमरा

    भारतीय स्मार्टफोन कंपनी Lava ने अब UK मार्केट में भी एंट्री कर ली है. कंपनी ने पहली बार अपनी फ्लैगशिप Agni सीरीज को इंटरनेशनल मार्केट में उतारा है. UK में Lava Agni 4N की बिक्री 4 सितंबर से शुरू होगी और इसे खास तौर पर Amazon UK के जरिए बेचा जाएगा. फोन की कीमत £499 रखी गई है और यह सिर्फ 8GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट में आएगा.

    Lava Agni 4N को Phantom Black और Lunar Mist जैसे दो कलर ऑप्शन में पेश किया गया है. फोन में एल्युमिनियम अलॉय फ्रेम के साथ सिर्फ 1.7mm के स्लिम बेजल्स मिलते हैं, जबकि पीछे की तरफ मैट AG ग्लास फिनिश दी गई है. 

    Agni 4N के लिए Lava का मजेदार मार्केटिंग कैंपेन
    कंपनी के मुताबिक, Agni 4N को फ्लैगशिप जैसा एक्सपीरियंस देने के इरादे से तैयार किया गया है. इसमें प्रीमियम हार्डवेयर के साथ AI से लैस फीचर्स और क्लीन सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस मिलेगा. फोन के लॉन्च के साथ Lava ने एक मजेदार मार्केटिंग कैंपेन भी शुरू किया है, जिसमें स्मार्टफोन इस्तेमाल करते समय आने वाली आम परेशानियों को मजाकिया अंदाज में "बैड रिलेशनशिप" से जोड़ा गया है.

    Lava Agni 4N: परफॉर्मेंस
    Lava Agni 4N में परफॉर्मेंस के लिए MediaTek Dimensity 8350 चिपसेट दिया गया है, जिसे 4nm प्रोसेस पर तैयार किया गया है. इसके साथ 8GB RAM मिलती है, जिसे वर्चुअली 16GB तक बढ़ाया जा सकता है. स्टोरेज की बात करें तो फोन में 256GB UFS 4.0 स्टोरेज मौजूद है. खास बात यह है कि फोन स्टॉक Android 16 के साथ आता है और इसमें पहले से कोई अनचाहे ऐप्स इंस्टॉल नहीं मिलता. Lava फोन के लिए दो Android OS अपग्रेड और तीन साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने का भी वादा कर रही है.

    Lava Agni 4N: डिस्प्ले
    डिस्प्ले की बात करें तो Lava Agni 4N में 6.67 इंच का AMOLED पैनल मिलता है. इसमें 1.5K रिजॉल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट दिया गया है, जिससे स्क्रॉलिंग और दूसरे विजुअल्स काफी स्मूद नजर आने की उम्मीद है. वहीं, डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 2,400 निट्स तक जाती है.

    Lava Agni 4N: कैमरा
    इस फोन के कैमरा सेटअप की बात करें तो पीछे की तरफ 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जो ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) सपोर्ट करता है. इसके साथ 8MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस भी मिलता है. वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 50MP का कैमरा मौजूद है. खास बात यह है कि फ्रंट और रियर दोनों कैमरों से 60fps पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है.

    Lava Agni 4N: Vayu AI और सॉफ्टवेयर फीचर्स
    फोन में Lava का अपना Vayu AI असिस्टेंट भी दिया गया है, जो AI से जुड़े कई काम आसान बनाता है. इसमें AI Agents, AI Call Summary, AI Text Assistant और AI Photo Editor जैसे फीचर्स मिलते हैं. इसके अलावा, यूजर AI Image Generator, Circle to Search, डॉक्यूमेंट एनालिसिस और वॉयस के जरिए बातचीत जैसी सुविधाओं का भी यूज कर सकता है.

    Lava Agni 4N: बैटरी
    Lava Agni 4N में 5,000mAh की बैटरी दी गई है, जो 66W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है. कंपनी का दावा है कि फोन सिर्फ 19 मिनट से भी कम समय में 0 से 50 परसेंट तक चार्ज हो सकता है. कनेक्टिविटी के लिए इसमें Wi-Fi 6E, Bluetooth 5.4 और NFC जैसे फीचर्स मिलते हैं. फोन को IP64 रेटिंग भी मिली है. 

    इसके अलावा Corning Gorilla Glass प्रोटेक्शन, डुअल स्टीरियो स्पीकर और इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं. खास बात इसका कस्टमाइजेबल Action Key है, जिसे यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से सेट कर सकता है. इसमें 100 से ज्यादा शॉर्टकट कॉम्बिनेशन का सपोर्ट मिलता है.

    Lava Agni 4N: कीमत
    Lava Agni 4N की UK में बिक्री 4 सितंबर से शुरू होगी. इसे Amazon UK के जरिए खरीदा जा सकेगा. कंपनी वहां फोन को सिर्फ 8GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट में पेश करेगी, जिसकी कीमत £499 (लगभग ₹64,100) रखी गई है.

  • सिर्फ 10 मिनट में बनाएं हलवाई जैसे सॉफ्ट पेड़े, न मावा चाहिए न घंटों दूध पकाने की झंझट

    सिर्फ 10 मिनट में बनाएं हलवाई जैसे सॉफ्ट पेड़े, न मावा चाहिए न घंटों दूध पकाने की झंझट

    अचानक मेहमान आ जाएं या फिर त्यौहारों के मौसम में झटपट कुछ मीठा बनाना हो, तो 'वृंदा की रसोई' की खास रेसिपी आपके बहुत काम आने वाली है। इस मिठाई को बनाने के लिए न तो घंटों दूध उबलने का झंझट है और न ही मावे की जरूरत। बस एक कटोरी दूध में घर पर ही तैयार किया गया एक सीक्रेट पाउडर मिलाना है।

    इस रेसिपी से देखते ही देखते 10 मिनट में मुंह में घुल जाने वाली पेड़ा मिठाई तैयार हो जाएगी। ड्राई फ्रूट्स और इलायची के स्वाद से भरपूर यह मिठाई स्वाद और सेहत दोनों में बेहतरीन है। अगर आप भी कम समय में बिना मिलावट के हलवाई जैसी मिठाई बनाना चाहते हैं, तो इस आसान रेसिपी को जरूर ट्राई करें।

    ड्राई फ्रूट्स और चीनी का फाइन पाउडर
    सबसे पहले एक मिक्सर ग्राइंडर का जार लें। उसमें 1/4 कप चीनी, 6-7 काजू, 6-7 बादाम और 2-3 हरी इलायची के दाने डालें। इन सभी चीज़ों को मिक्सी में अच्छी तरह बारीक पीस लें। ध्यान रहे कि पाउडर में ड्राई फ्रूट्स के बड़े टुकड़े न रहें। इलायची से मिठाई में बहुत बढ़िया खुशबू आती है और काजू-बादाम इसे रिच फ्लेवर देते हैं।
    दूध और मिठास के मिश्रण को गर्म करें

    दूध और मिठास के मिश्रण को गर्म करें
    अब गैस पर एक नॉन-स्टिक या भारी तले की कड़ाही रखें। इसमें 1 कप दूध डालें और धीमी आंच पर गर्म होने दें। जब दूध हल्का गर्म हो जाए, तब इसमें तैयार किया हुआ चीनी और ड्राई फ्रूट्स का पाउडर मिला दें। इसे एक चम्मच से लगातार चलाते रहें ताकि चीनी घुल जाए और मिश्रण में कोई गांठे न बनें।
    मिल्क पाउडर का स्मूथ पेस्ट तैयार करें

    मिल्क पाउडर का स्मूथ पेस्ट तैयार करें
    एक अलग कटोरी में 1/4 कप हल्का गुनगुना पानी लें। इसमें 1 कप मिल्क पाउडर डालें और चम्मच की मदद से अच्छे से फेंट लें। पानी में मिल्क पाउडर मिलाने से इसका एक स्मूथ और गाढ़ा घोल बन जाता है, जिससे कढ़ाई में डालते समय गांठे बनने का खतरा बिल्कुल खत्म हो जाता है।
    सभी सामग्रियों को मिलाएं और गाढ़ा करें

    सभी सामग्रियों को मिलाएं और गाढ़ा करें
    अब तैयार मिल्क पाउडर के घोल को कढ़ाई में उबल रहे दूध के मिश्रण में डाल दें। गैस की आंच को धीमा से मध्यम रखें और मिश्रण को लगातार चलाते रहें। जैसे-जैसे मिश्रण पकेगा, यह गाढ़ा होना शुरू हो जाएगा। इस स्टेज पर इसमें 1 छोटा चम्मच देसी घी डालें। घी से मिठाई में बहुत अच्छी चमक आती है।
    मावा कंसिस्टेंसी और मनपसंद रंग देना

    मावा कंसिस्टेंसी और मनपसंद रंग देना
    अगर आप मिठाई को हलवाई जैसा आकर्षक लुक देना चाहते हैं, तो इसमें 1 चुटकी पीला फूड कलर या केसर का पानी मिला सकते हैं। इसके बाद 1 चम्मच घी और डालें। मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक कि कड़ाही का किनारा न छोड़ने लगे और एक सॉफ्ट डो की तरह न इकट्ठा हो जाए। इसके बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को प्लेट में निकालकर हल्का ठंडा होने दें।

    जब मिश्रण छूने लायक हल्का गुनगुना रह जाए, तो हाथों में थोड़ा सा घी लगाएं। मिश्रण से छोटे-छोटे आकार की लोइयां तोड़ें और उन्हें गोल या बेलनाकार शेप देकर पेड़े का आकार दें। तैयार पेड़ों के ऊपर चांदी का वर्क, बारीक कटे हुए पिस्ते और सूखे गुलाब की पंखुड़ियां लगाकर सजाएं। आपकी बेहद सॉफ्ट और स्वादिष्ट होममेड मिठाई तैयार है।