Category: लाइफस्टाइल

  • AI, गेमिंग और हेल्थ टेक का जलवा, 2026 के ये गैजेट्स बदल रहे टेक्नोलॉजी का अंदाज

    AI, गेमिंग और हेल्थ टेक का जलवा, 2026 के ये गैजेट्स बदल रहे टेक्नोलॉजी का अंदाज

    टेक्नोलॉजी की दुनिया में अब सिर्फ तेज प्रोसेसर और बड़ी स्क्रीन ही चर्चा में नहीं हैं. 2026 में गैजेट्स का फोकस ज्यादा खास जरूरतों पर दिखाई दे रहा है. कहीं गेमिंग के लिए स्मार्टफोन और टैबलेट को नए अंदाज में तैयार किया जा रहा है, तो कहीं छोटे साइज यानी मिनी कंप्यूटर में AI की ताकत दी जा रही है. इसी के साथ स्मार्ट वियरेबल्स, AI एडिटिंग टूल्स और स्क्रीन से दूरी बनाने वाले हेल्थ डिवाइस भी तेजी से सामने आ रहे हैं. 2026 के टेक ट्रेंड्स पर नजर डालें तो इस साल तेज परफॉर्मेंस, AI और रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर नए गैजेट्स तैयार किए जा रहे हैं. तो आइए जानते हैं कि गेमिंग फोन से Mini AI PC तक कौन से गैजेट्स खास हैंl  

    गेमिंग फोन से हैंडहेल्ड कंसोल तक 
        गेमिंग फोन और कंसोल में बेहतर परफॉर्मेंस मुख्य रुझान.
        मिनी AI PC, एडिटिंग में AI क्षमताएं प्रमुख हैं.
        स्मार्ट वियरेबल्स, स्वास्थ्य निगरानी पर केंद्रित नए गैजेट्स.

    गेमिंग और हाई-परफॉर्मेंस हार्डवेयर इस साल के प्रमुख ट्रेंड्स में शामिल हैं. Gaming Ecosystem Smartphones और Performance-Driven Gamer Tablets जैसे डिवाइस पोर्टेबल गेमिंग को ज्यादा पावरफुल बनाने पर फोकस कर रहे हैं. वहीं Pro-Level Mini Handheld Consoles छोटे साइज में डेस्कटॉप-क्लास परफॉर्मेंस देने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, ONEXPLAYER X2 Mini Pro इसी ट्रेंड का एक बेस्ट गैजेट है. इसमें AMD Ryzen AI Max+ 388 प्रोसेसर, Radeon 8060S ग्राफिक्स, 64GB तक RAM और 2TB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है. गेमिंग सेटअप को और खास बनाने के लिए Reactive Wireless Gamer Chairs और Cyberpunk Mechanical Keyboards जैसे प्रोडक्ट्स भी चर्चा में हैं. 

    Mini AI PC में क्या खास है?
    AI अब सिर्फ स्मार्टफोन के फीचर्स तक सीमित नहीं है. Mini AI Desktop PCs इस तकनीक को छोटे कंप्यूटिंग डिवाइस में ला रहे हैं. GMKtec EVO-X3 Mini PC में AMD AI Max+ 395 और Radeon 8060S ग्राफिक्स के साथ 128GB RAM और 4TB तक SSD का सपोर्ट दिया गया है.  यह सिस्टम लोकल LLM चलाने के साथ 3D रेंडरिंग, CAD, इमेज और वीडियो जनरेशन जैसे कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. Wi-Fi 7 और Bluetooth 5.4 जैसे कनेक्टिविटी ऑप्शन भी इसमें दिए गए हैं l  

    AI फोटो और वीडियो एडिटिंग ट्रेंड 
    AI का इस्तेमाल क्रिएटिव कामों में भी बढ़ रहा है. AI Photo Editors और AI Video Editors ऐसे टूल्स को दिखाते हैं, जहां एडिटिंग के काम में AI की मदद ली जा रही है. इसके अलावा AI Personal Finance Coaches और Practical AI-Driven Smartphone Models बताते हैं कि AI अब अलग-अलग जरूरतों वाले डिवाइस और सेवाओं में जगह बना रहा है l  

    हेल्थ टेक में स्मार्ट वियरेबल्स
    2026 के ट्रेंड्स में हेल्थ और वियरेबल टेक्नोलॉजी भी जरूरी है. Blood Pressure-Tracking Smart Rings, Early Illness-Detecting Wearables और Fitness-Focused Smartwatch Ranges शरीर और फिटनेस से जुड़ी निगरानी पर फोकस करते हैं. वहीं Mindful Screen-Free Health Trackers स्क्रीन पर निर्भरता कम रखते हुए वेलनेस ट्रैकिंग की दिशा दिखाते हैं l 

  • रक्षाबंधन पर कम बजट में खरीदें मिठाई, लड्डू से पेड़े तक ये 7 ऑप्शन रहेंगे बेस्ट

    रक्षाबंधन पर कम बजट में खरीदें मिठाई, लड्डू से पेड़े तक ये 7 ऑप्शन रहेंगे बेस्ट

    रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और रिश्ते को सेलिब्रेट करने का खास मौका होता है. इस दिन राखी बांधने के साथ भाई-बहन एक-दूसरे का मुंह मीठा भी कराते हैं और मिठाई इस खुशी का जरूरी हिस्सा बन जाती है. हालांकि, त्योहार के समय मिठाइयों की कीमत बढ़ जाती है, जिससे अच्छी क्वालिटी की मिठाई खरीदना कई बार बजट बिगाड़ सकता है.

    अगर आप भी इस बार भाई या बहन के लिए कुछ मीठा खरीदने की सोच रहे हैं, लेकिन ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते तो बाजार में कई अच्छे और किफायती विकल्प मौजूद हैं. मिठाई खरीदते समय जरूरी नहीं कि आप महंगी और प्रीमियम मिठाई ही लें. कई पारंपरिक मिठाइयां ऐसी हैं, जो स्वाद में अच्छी होने के साथ जेब पर भी ज्यादा भारी नहीं पड़तीं. आप परिवार में लोगों की संख्या और अपने बजट के हिसाब से इनकी मात्रा तय कर सकते हैं.

    लड्डू, बर्फी और पेड़े जैसे किफायती ऑप्शन्स
    बेसन के लड्डू त्योहारों पर सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली मिठाईयों में से एक हैं. बेसन, घी और चीनी से तैयार होने वाले इन लड्डुओं का स्वाद काफी अच्छा होता है और आप इन्हे कम मात्रा में लेकर भी पूरे परिवार के साथ शेयर कर सकते हैं. पेड़ा भी रक्षाबंधन के लिए एक अच्छा और किफायती विकल्प है. बाजार में दूध, मावा और अलग-अलग फ्लेवर के पेड़े आसानी से मिल जाते हैं. बूंदी के लड्डू भी त्योहार के लिए अच्छा ऑप्शन हैं, जिन्हें कम खर्च में खरीदा जा सकता है. वहीं बालूशाही और नारियल की बर्फी भी बजट में मिठाई लेने वालों के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं.

    गुलाब जामुन, मिल्क केक और घर पर बना हलवा
    गुलाब जामुन ऐसी मिठाई है, जिसे ज्यादातर लोग पसंद करते हैं. रक्षाबंधन पर आप परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से सीमित मात्रा में गुलाब जामुन खरीद सकते हैं, जिससे बजट भी कंट्रोल में रहेगा और सभी का मुंह भी मीठा हो जाएगा.

    मिल्क केक भी त्योहार के लिए एक अच्छा ऑप्शन है, जिसका स्वाद दूध और मावे की मिठास से भरपूर होता है  इसे आप कम मात्रा में खरीदकर भी रक्षाबंधन की मिठास बढ़ा सकते हैं. अगर आप बाजार से मिठाई खरीदने के बजाय घर पर कुछ बनाना चाहते हैं तो सूजी का हलवा एक आसान और किफायती विकल्प है. इसे बनाने के लिए घर में मौजूद सामान का ही इस्तेमाल किया जा सकता है, और रक्षाबंधन पर परिवार के साथ इसका आनंद लिया जा सकता है इससे त्योहार पर घर के स्वाद का मजा भी मिलता है.

    इन बातों का रखें ध्यान
    रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि उसकी क्वालिटी और ताजगी का भी ध्यान रखें. मिठाई हमेशा साफ-सुथरी और भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें. कम बजट में भी इन मिठाईयों के जरिए आप अपने रक्षाबंधन को खास और मीठा बना सकते हैं.

  • दिल्ली जैसे नरम और फूले दही भल्ले बनाने का आसान तरीका, इन ट्रिक्स से नहीं होंगे सख्त

    दिल्ली जैसे नरम और फूले दही भल्ले बनाने का आसान तरीका, इन ट्रिक्स से नहीं होंगे सख्त

    दही भल्ले का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. दिल्ली की गलियों में मिलने वाले नरम और स्वादिष्ट दही भल्ले हर किसी को पसंद आते हैं. उड़द दाल से बने मुलायम भल्लों के ऊपर ठंडा दही, मीठी चटनी और खट्टी-मीठी चटपटी चीजें डाली जाती हैं, जो इसके स्वाद को और बढ़ा देती हैं. लेकिन घर पर दही भल्ले बनाते समय सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि भल्ले बाजार जैसे नरम और फूले हुए नहीं बन पाते.

    कई बार भल्ले तलने के बाद सख्त हो जाते हैं, तो कभी बैटर सही न होने की वजह से वे अच्छी तरह फूलते नहीं हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप घर पर भी नरम और फूले हुए दही भल्ले बना सकते हैं. दाल चुनने से लेकर बैटर तैयार करने और तलने से पहले उसकी जांच करने तक हर छोटा स्टेप इसमें काम आता है.

    सही दाल चुनना है सबसे जरूरी
    अच्छे दही भल्ले बनाने की शुरुआत सही दाल से होती है. इसके लिए आमतौर पर उड़द दाल का इस्तेमाल किया जाता है. उड़द दाल भल्लों को नरम और हल्का बनाने में मदद करती है. इसमें थोड़ी सी मूंग दाल मिलाने से स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं. अगर आप घर पर दिल्ली जैसे दही भल्ले बनाना चाहते हैं, तो दाल की मात्रा का ध्यान रखें. उड़द दाल मुख्य रूप से रखें और उसमें थोड़ी मूंग दाल मिलाएं. दाल को अच्छी तरह धोकर कुछ घंटे के लिए पानी में भिगो दें. इससे दाल आसानी से पिसेगी और बैटर भी अच्छा तैयार होगा.

    पानी एक साथ ज्यादा न डालें
    दाल पीसते समय पानी डालने में जल्दबाजी न करें. एक साथ ज्यादा पानी डालने से बैटर पतला हो सकता है और फिर भल्ले ठीक से नहीं बनेंगे. दाल को पीसते समय थोड़ा-थोड़ा पानी डालें और जरूरत के हिसाब से ही इस्तेमाल करें. बैटर इतना गाढ़ा होना चाहिए कि वह आसानी से आकार ले सके. बहुत पतला बैटर होने पर भल्ले तेल में फैल सकते हैं और उनका टेक्सचर भी सही नहीं आएगा. इसलिए पानी हमेशा कम मात्रा में डालना बेहतर है और जरूरत पड़ने पर बाद में थोड़ा और पानी मिलाया जा सकता है.

    बैटर में थोड़ा नमक जरूर डालें
    दाल पीसते समय एक छोटी सी बात का ध्यान रखना भी जरूरी है. बैटर में थोड़ा नमक जरूर डालें. यह एक सामान्य सी बात लग सकती है, लेकिन कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. नमक बैटर के स्वाद को बेहतर करता है और भल्ले बनाने की तैयारी में इसका भी अपना महत्व है. इसलिए दाल पीसते समय इसमें स्वाद के अनुसार थोड़ा नमक जरूर मिलाएं.

    दाल को अच्छी तरह पीसें
    नरम और फूले हुए भल्लों के लिए बैटर अच्छी तरह तैयार होना चाहिए. दाल को इतना पीसें कि बैटर स्मूद और एकसार हो जाए. अच्छी तरह पिसा हुआ बैटर भल्लों को हल्का और नरम बनाने में मदद करता है. बैटर को हाथ से भी अच्छी तरह फेंटा जा सकता है या इसके लिए मिक्सर या स्टैंड मिक्सर की मदद ली जा सकती है. बैटर को अच्छी तरह फेंटने से उसमें हवा शामिल होती है, जिससे तलने के बाद भल्ले ज्यादा हल्के और फूले हुए बन सकते हैं.

    बैटर का छोटा सा ड्रॉप टेस्ट करें
    भल्ले तलने से पहले बैटर की जांच करने का एक आसान तरीका है ड्रॉप टेस्ट. इसके लिए तैयार बैटर का थोड़ा सा हिस्सा लें और उसे पानी से भरे कटोरे में डालें. अगर बैटर का हिस्सा पानी में डालने के बाद ऊपर तैरने लगे, तो यह अच्छा संकेत माना जाता है. इसका मतलब है कि बैटर में पर्याप्त हवा आ गई है और अब इसे भल्ले बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर बैटर नीचे बैठ जाता है, तो उसे कुछ देर और अच्छी तरह फेंटें और फिर दोबारा जांच करें.

    अब बनाएं नरम दही भल्ले
    जब बैटर तैयार हो जाए, तो कड़ाही में तेल गर्म करें. बैटर को छोटे हिस्सों में लेकर तेल में डालें और भल्लों को मध्यम आंच पर तलें. उन्हें बहुत तेज आंच पर तलने से बाहर की सतह जल्दी सख्त हो सकती है, जबकि अंदर का हिस्सा ठीक से नहीं पक पाएगा. भल्ले सुनहरे होने पर उन्हें तेल से निकाल लें. इसके बाद इन्हें पानी में डालकर कुछ देर रखें, ताकि वे नरम हो जाएं. पानी से निकालने के बाद हल्के हाथ से अतिरिक्त पानी दबाकर निकालें. अब इन नरम भल्लों के ऊपर फेंटा हुआ ठंडा दही डालें. इसके बाद मीठी चटनी, खट्टी चटनी और अपनी पसंद के मसाले डाल सकते हैं. ऊपर से थोड़ा भुना जीरा और लाल मिर्च डालने से स्वाद और बढ़ जाता है.

    दही भल्ले का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. दिल्ली की गलियों में मिलने वाले नरम और स्वादिष्ट दही भल्ले हर किसी को पसंद आते हैं. उड़द दाल से बने मुलायम भल्लों के ऊपर ठंडा दही, मीठी चटनी और खट्टी-मीठी चटपटी चीजें डाली जाती हैं, जो इसके स्वाद को और बढ़ा देती हैं. लेकिन घर पर दही भल्ले बनाते समय सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि भल्ले बाजार जैसे नरम और फूले हुए नहीं बन पाते.

    कई बार भल्ले तलने के बाद सख्त हो जाते हैं, तो कभी बैटर सही न होने की वजह से वे अच्छी तरह फूलते नहीं हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप घर पर भी नरम और फूले हुए दही भल्ले बना सकते हैं. दाल चुनने से लेकर बैटर तैयार करने और तलने से पहले उसकी जांच करने तक हर छोटा स्टेप इसमें काम आता है.

    सही दाल चुनना है सबसे जरूरी
    अच्छे दही भल्ले बनाने की शुरुआत सही दाल से होती है. इसके लिए आमतौर पर उड़द दाल का इस्तेमाल किया जाता है. उड़द दाल भल्लों को नरम और हल्का बनाने में मदद करती है. इसमें थोड़ी सी मूंग दाल मिलाने से स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं. अगर आप घर पर दिल्ली जैसे दही भल्ले बनाना चाहते हैं, तो दाल की मात्रा का ध्यान रखें. उड़द दाल मुख्य रूप से रखें और उसमें थोड़ी मूंग दाल मिलाएं. दाल को अच्छी तरह धोकर कुछ घंटे के लिए पानी में भिगो दें. इससे दाल आसानी से पिसेगी और बैटर भी अच्छा तैयार होगा.

    पानी एक साथ ज्यादा न डालें
    दाल पीसते समय पानी डालने में जल्दबाजी न करें. एक साथ ज्यादा पानी डालने से बैटर पतला हो सकता है और फिर भल्ले ठीक से नहीं बनेंगे. दाल को पीसते समय थोड़ा-थोड़ा पानी डालें और जरूरत के हिसाब से ही इस्तेमाल करें. बैटर इतना गाढ़ा होना चाहिए कि वह आसानी से आकार ले सके. बहुत पतला बैटर होने पर भल्ले तेल में फैल सकते हैं और उनका टेक्सचर भी सही नहीं आएगा. इसलिए पानी हमेशा कम मात्रा में डालना बेहतर है और जरूरत पड़ने पर बाद में थोड़ा और पानी मिलाया जा सकता है.

    बैटर में थोड़ा नमक जरूर डालें
    दाल पीसते समय एक छोटी सी बात का ध्यान रखना भी जरूरी है. बैटर में थोड़ा नमक जरूर डालें. यह एक सामान्य सी बात लग सकती है, लेकिन कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. नमक बैटर के स्वाद को बेहतर करता है और भल्ले बनाने की तैयारी में इसका भी अपना महत्व है. इसलिए दाल पीसते समय इसमें स्वाद के अनुसार थोड़ा नमक जरूर मिलाएं.

    दाल को अच्छी तरह पीसें
    नरम और फूले हुए भल्लों के लिए बैटर अच्छी तरह तैयार होना चाहिए. दाल को इतना पीसें कि बैटर स्मूद और एकसार हो जाए. अच्छी तरह पिसा हुआ बैटर भल्लों को हल्का और नरम बनाने में मदद करता है. बैटर को हाथ से भी अच्छी तरह फेंटा जा सकता है या इसके लिए मिक्सर या स्टैंड मिक्सर की मदद ली जा सकती है. बैटर को अच्छी तरह फेंटने से उसमें हवा शामिल होती है, जिससे तलने के बाद भल्ले ज्यादा हल्के और फूले हुए बन सकते हैं.

    बैटर का छोटा सा ड्रॉप टेस्ट करें
    भल्ले तलने से पहले बैटर की जांच करने का एक आसान तरीका है ड्रॉप टेस्ट. इसके लिए तैयार बैटर का थोड़ा सा हिस्सा लें और उसे पानी से भरे कटोरे में डालें. अगर बैटर का हिस्सा पानी में डालने के बाद ऊपर तैरने लगे, तो यह अच्छा संकेत माना जाता है. इसका मतलब है कि बैटर में पर्याप्त हवा आ गई है और अब इसे भल्ले बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर बैटर नीचे बैठ जाता है, तो उसे कुछ देर और अच्छी तरह फेंटें और फिर दोबारा जांच करें.

    अब बनाएं नरम दही भल्ले
    जब बैटर तैयार हो जाए, तो कड़ाही में तेल गर्म करें. बैटर को छोटे हिस्सों में लेकर तेल में डालें और भल्लों को मध्यम आंच पर तलें. उन्हें बहुत तेज आंच पर तलने से बाहर की सतह जल्दी सख्त हो सकती है, जबकि अंदर का हिस्सा ठीक से नहीं पक पाएगा. भल्ले सुनहरे होने पर उन्हें तेल से निकाल लें. इसके बाद इन्हें पानी में डालकर कुछ देर रखें, ताकि वे नरम हो जाएं. पानी से निकालने के बाद हल्के हाथ से अतिरिक्त पानी दबाकर निकालें. अब इन नरम भल्लों के ऊपर फेंटा हुआ ठंडा दही डालें. इसके बाद मीठी चटनी, खट्टी चटनी और अपनी पसंद के मसाले डाल सकते हैं. ऊपर से थोड़ा भुना जीरा और लाल मिर्च डालने से स्वाद और बढ़ जाता है.

  • Fire-Boltt ने लॉन्च किए दो नए स्मार्टफोन, Ace 5G और Evo की कीमत-फीचर्स जानें

    Fire-Boltt ने लॉन्च किए दो नए स्मार्टफोन, Ace 5G और Evo की कीमत-फीचर्स जानें

    मुंबई 

    फायर-बोल्ट ने मंगलवार यानी आज ही भारत में अपने नए सब-ब्रांड Boltt के दो स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं. इन दो नए फोन्स के नाम Boltt Ace 5G और Boltt Evo है. फायर-बोल्ट ने पहली बार स्मार्टफोन लॉन्च किया है और इस कारण अब यह कंपनी आधिकारिक तौर पर भारत के स्मार्टफोन मार्केट में शामिल हो गई है. ये दोनों फोन अगले महीने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। 

    कंपनी ने Ace 5G को छह जबकि Evo को पांच रंगों में लॉन्च किया है. ये दोनों फोन Unisoc चिपसेट पर चलते हैं. इनमें 6.79 इंच की HD+ LCD स्क्रीन दी गई है. दोनों ही फोन 6000mAh की बड़ी बैटरी के साथ आते हैं, लेकिन सिर्फ Ace 5G में 18W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है. आइए हम आपको इन दोनों फोन्स के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स के बारे में बताते हैं। 

    Boltt Ace 5G vs Boltt Evo: स्पेसिफिकेशन्स का अंतर

     

    फीचरBoltt Ace 5G Boltt Evo
    डिस्प्ले6.79-inch HD+ LCD (720×1640), 120Hz, 600 nitsसेम है
    प्रोसेसरUnisoc T8200 (Octa-core)Unisoc T7250 (Octa-core)
    AnTuTu स्कोर 5,47,000+3,90,000+
    रैम4GB / 6GB / 8GB4GB / 6GB
    स्टोरेज64GB / 128GB (1TB तक microSD)सेम
    रियर कैमरा64MP + अनस्पेसिफाइड सेकेंडरी कैमरा50MP + 2MP मैक्रो
    फ्रंट कैमरा8MPसेम
    बैटरी और चार्जिंग6000mAh, 18W वायर्ड फास्ट चार्जिंग6000mAh बैटरी, स्टैंडर्ड चार्जिंग
    OSAndroid 16 पर बेस्डसेम
    कनेक्टिविटी5G, 4G LTE, NFC, Wi-Fi, Bluetooth 5.0, USB Type-C4G LTE, Wi-Fi, Bluetooth, USB Type-C
    शुरुआती कीमत₹13,999₹10,999

    डिस्प्ले: ये दोनों स्मार्टफोन्स डुअल सिम सपोर्ट के साथ आते हैं. ये दोनों Android 16 पर बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं. इन दोनों फोन में भी कंपनी ने 720 x 1,640 पिक्सल वाली 6.79 इंच की HD+ LCD टचस्क्रीन दी है, जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया. दोनों ही फोन्स की स्क्रीन में 120Hz तक का रिफ्रेश रेट और 600 निट्स की पीक ब्राइटनेस भी मिलती है.

    प्रोसेसर में अंतर

    फायर-बोल्ट ने Boltt Ace 5G में octa-core Unisoc T8200 चिपसेट दिया है, जो अधिकतम 8GB रैम और 128GB इंटरनल स्टोरेज के साथ आता है, जिसे microSD कार्ड से 1TB तक बढ़ाया जा सकता है. कंपनी ने इस फोन की चिपसेट के लिए दावा किया है कि इसने AnTuTu बेंचमार्क पर 5,47,000 से ज्यादा अंक हासिल करता है.

    Boltt Evo की बात करें तो इसमें कंपनी ने octa-core Unisoc T7250 SoC दिया गया है, जो अधिकतम 6GB RAM और 128GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसे जिसे microSD कार्ड से 1TB तक बढ़ाया जा सकता है. कंपनी ने इस फोन की चिपसेट के लिए दावा किया है कि इसने AnTuTu बेंचमार्क पर 3,90,000 से ज्यादा अंक हासिल करता है.

    कैमरा सेटअप: Boltt Ace 5G के पिछले हिस्से पर 64MP का मेन कैमरा और एक अनस्पेसिफाइड कैमरा दिया गया है. Boltt Evo में कंपनी ने 50MP का मेन कैमरा और 2MP का एक मैक्रो सेंसर दिया हुआ है. इस दोनों फोन में सेल्फी और फ्रंट कैमरा के लिए कंपनी ने 8MP का एक फ्रंट कैमरा दिया है.

    Boltt Ace 5G: कीमत और उपलब्धता

    • इस फोन का पहला वेरिएंट 4GB रैम और 64GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसकी कीमत 13,999 है.
    • इस फोन का दूसरा वेरिएंट 6GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसकी कीमत 14,999 है.
    • इस फोन का तीसरा और टॉप मॉडल 8GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसकी कीमत 15,999 रुपये है.

    Boltt Evo: कीमत और उपलब्धता

    • इस फोन का पहला वेरिएंट 4GB रैम और 64GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसकी कीमत 10,999 है.
    • इसका दूसरा वेरिएंट 6GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसकी कीमत 11,999 है.

    इन दोनों फोन्स की बिक्री 1 सितंबर से फ्लिपकार्ट पर शुरू होगी. कंपनी इन दोनों फोन्स पर सेल के पहले दिन यानी एक सितंबर को 1,000 रुपये का डिस्काउंट दे रही है. यह ऑफर हर वेरिएंट पर लागू होगा.

  • कोरियन लड़कियों जैसी ग्लोइंग स्किन पाने के लिए अपनाएं ये आसान स्किनकेयर रूटीन

    कोरियन लड़कियों जैसी ग्लोइंग स्किन पाने के लिए अपनाएं ये आसान स्किनकेयर रूटीन

    : कोरियन ड्रामा और फिल्मों की तरह कोरियन लोगों की स्किन भी लोगों को काफी पसंद आती है. कोरियन लड़कियों की स्किन इतनी ग्लोइंग और स्मूद नजर आती है कि इसे देखकर हर किसी के मन में सवाल आता है कि आखिर वे ऐसा क्या करती हैं कि उनकी स्किन शीशे की तरह चमकती रहती है. ऐसे में आज हम आपको कोरियन गर्ल की स्किनकेयर केयर रूटीन के बारे में बताएंगे जो आपकी स्किन को ग्लोइंग और सॉफ्ट बनाने में मदद कर सकती है l

    डबल क्लींजिंग को बनाएं रूटीन का हिस्सा
    कोरियन स्किनकेयर में रात के समय डबल क्लींजिंग पर काफी ध्यान दिया जाता है. सबसे पहले ऑयल-बेस्ड क्लींजर से मेकअप, सनस्क्रीन और चेहरे पर जमा अतिरिक्त तेल को साफ किया जाता है. इसके बाद माइल्ड वॉटर-बेस्ड क्लींजर से चेहरे को धोया जाता है. इससे चेहरे की गंदगी साफ करने में मदद मिलती है और स्किन को ज्यादा रगड़ने की जरूरत नहीं पड़ती l

    क्लींजिंग के बाद चेहरे को हाइड्रेट करना न भूलें
    चेहरा धोने के बाद उसे पूरी तरह सूखने का इंतजार न करें. हल्के गीले चेहरे पर टोनर या एसेंस जैसा हाइड्रेटिंग प्रोडक्ट लगाया जा सकता है. इससे चेहरे में नमी बनाए रखने में मदद मिलती है. चेहरा धोने के बाद जोर-जोर से तौलिये से रगड़ने से भी बचें. इसकी जगह हल्के हाथों से थपथपाकर चेहरा सुखाएं l

    एक साथ ज्यादा क्रीम लगाने के बजाय करें लेयरिंग
    कोरियन स्किनकेयर में एक मोटी क्रीम की लेयर लगाने के बजाय हल्के प्रोडक्ट्स को एक-एक करके लगाने का तरीका अपनाया जाता है. आप टोनर के बाद एसेंस, फिर अपनी जरूरत के अनुसार सीरम और आखिर में हल्का मॉइस्चराइजर लगा सकते हैं. हालांकि, हर व्यक्ति की स्किन अलग होती है. इसलिए बहुत सारे प्रोडक्ट्स एक साथ इस्तेमाल करने के बजाय अपनी स्किन टाइप और जरूरत के हिसाब से ही प्रोडक्ट चुनेंl

    सनस्क्रीन को बिल्कुल न भूलें
    ग्लोइंग स्किन के लिए सनस्क्रीन बेहद जरूरी है. धूप में निकलने पर यूवी किरणें चेहरे नुकसान पहुंचा सकती हैं और समय से पहले एजिंग, टैनिंग और डार्क स्पॉट्स जैसी समस्याएं बढ़ा सकती हैं. इसलिए सुबह स्किनकेयर रूटीन के आखिर में ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं. अगर आप लंबे समय तक बाहर हैं तो इसे दोबारा लगाने की जरूरत भी पड़ सकती है l

    स्किन को ज्यादा स्क्रब करने से बचें
    ग्लो पाने के चक्कर में त्वचा को बार-बार स्क्रब करना सही नहीं है. बहुत ज्यादा या हार्श स्क्रबिंग से त्वचा में जलन और लालिमा हो सकती है. अगर एक्सफोलिएशन करना चाहते हैं तो अपनी स्किन के हिसाब से माइल्ड एक्सफोलिएंट चुनें और इसे जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें. सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए l

    ग्लास स्किन के लिए सबसे जरूरी है कंसिस्टेंसी
    ग्लास स्किन किसी एक प्रोडक्ट से रातोंरात हासिल नहीं होती. रोजाना चेहरे की सही तरह से सफाई, प्रॉपर हाइड्रेशन, मॉइस्चराइजिंग और सनस्क्रीन जैसी बेसिक आदतों को लगातार फॉलो करना ज्यादा जरूरी है. साथ ही, कोई भी नया प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें l

  • Google Fitbit Air भारत में जल्द होगा लॉन्च, स्टोर पर बिक्री शुरू होने का दावा

    Google भारत में जल्द ही Fitbit Air लॉन्च करने की तैयारी में है. लॉन्च से पहले ही यह स्क्रीनलेस फिटनेस ट्रैकर कुछ स्टोर्स में नजर आने लगा है. ऑनलाइन सामने आई तस्वीरों में Fitbit Air को कई अलग-अलग कलर ऑप्शन में देखा गया है. खास बात यह है कि एक रिटेलर ने Fitbit Air की बिक्री भी शुरू कर दी है.

    हालांकि, इसकी कीमत ग्लोबल प्राइसिंग के मुकाबले थोड़ी ज्यादा बताई जा रही है. Google ने पहले ही साफ कर दिया है कि Fitbit Air को अक्टूबर में भारत लाया जाएगा, लेकिन अभी तक लॉन्च की सटीक तारीख और ऑफिशियल कीमत का खुलासा नहीं किया गया है.

    रिटेल स्टोर में दिखा Fitbit Air
    X पर एक यूजर ने Fitbit Air की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें यह फिटनेस ट्रैकर एक रिटेल स्टोर में नजर आ रहा है. तस्वीरों में डिवाइस ब्लैक, ब्लू और रेड शेड्स में दिखाई दे रहा है. माना जा रहा है कि ये कलर ग्लोबल मॉडल के Obsidian, Lavender और Cherry ऑप्शन हो सकते हैं. हालांकि, Fitbit Air का Fog कलर तस्वीरों में नजर नहीं आया.

    X यूजर ने यह भी दावा किया कि एक रिटेलर इस डिवाइस को करीब 16,000 रुपये में बेच रहा है. अगर इसकी तुलना ग्लोबल कीमत से करें, तो Google ने स्क्रीनलेस फिटनेस ट्रैकर को अमेरिका में 99.99 डॉलर की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया था, जो करीब 9,400 रुपये बैठती है. कंपनी Fitbit Air का Special Edition भी बेचती है, जिसे Stephen Curry के साथ मिलकर डिजाइन किया गया है. इसकी कीमत 129.99 डॉलर यानी करीब 12,300 रुपये है.

    अक्टूबर में लॉन्च होगा Fitbit Air
    Google ने इसी महीने की शुरुआत में कन्फर्म की थी कि Fitbit Air को अक्टूबर 2026 में भारत में लॉन्च किया जाएगा. हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी सटीक लॉन्च डेट, भारतीय कीमत या उपलब्धता से जुड़ी कोई डिटेल्स शेयर नहीं की है. खास बात यह है कि Fitbit Air को इससे पहले Made by Google India ब्रीफिंग में भी दिखाया गया था, जहां इसके भारत में लॉन्च होने की जानकारी सामने आई थी.

    Fitbit Air क्या है और कैसे करता है काम?
    Fitbit Air एक स्क्रीनलेस फिटनेस ट्रैकर है. यानी इसमें कोई डिस्प्ले नहीं दिया गया. इसका कॉम्पैक्ट 'pebble' डिजाइन इसे काफी हल्का और पहनने में आसान बनाता है. कंपनी का कहना है कि बिना स्क्रीन और नोटिफिकेशन के यूजर्स इसे पूरे दिन पहन सकते हैं, बिना किसी तरह के डिस्ट्रैक्शन के. यह वियरेबल पैसिव हेल्थ ट्रैकिंग पर फोकस करता है, जबकि इससे जुड़ी डिटेल्ड जानकारी कनेक्टेड स्मार्टफोन के Google Health ऐप पर देखी जा सकती है.

    Google Fitbit Air के फीचर्स

    • फिटनेस और हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए Fitbit Air में कई फीचर्स मिलते हैं. यह 24 घंटे हार्ट रेट ट्रैक करता है और हार्ट रिदम पर भी नजर रखता है.
    • इसमें AFib अलर्ट, ब्लड ऑक्सीजन यानी SpO2 ट्रैकिंग, रेस्टिंग हार्ट रेट और हार्ट रेट वैरिएबिलिटी मॉनिटरिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं.
    • डिवाइस नींद के अलग-अलग स्टेज और स्लीप ड्यूरेशन को भी ट्रैक करता है, जिससे यूजर्स को अपनी रोजाना की हेल्थ और स्लीप पैटर्न को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है.
    • वर्कआउट ट्रैकिंग के मामले में Fitbit Air काफी आसान है. यह अपने आप वर्कआउट को पहचानकर उसे ट्रैक कर सकता है. अगर आप चाहें तो वर्कआउट को मैन्युअली भी लॉग कर सकते हैं.
    • Google Health Coach के जरिए गाइडेड वर्कआउट का भी ऑप्शन मिलता है. कंपनी का दावा है कि Fitbit Air एक बार फुल चार्ज होने पर एक हफ्ते तक चल सकता है.
  • मूंग दाल मलाई लड्डू की आसान रेसिपी, स्वाद में हलवे से भी लगेंगे लाजवाब

    मूंग दाल मलाई लड्डू की आसान रेसिपी, स्वाद में हलवे से भी लगेंगे लाजवाब

    जब भी मूंग दाल की मिठाई की बात होती है तो सबसे पहले मूंग दाल का हलवा ही याद आता है. लेकिन मूंग दाल का हलवा बनाने में घंटों की मेहनत, लगातार कलछी चलाना और ढेर सारा समय लगता है. अगर आप मूंग दाल की वही मिठास और शाही स्वाद बहुत कम मेहनत में पाना चाहते हैं तो मूंग दाल मलाई लड्डू आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प हैं l

    देसी घी, इलायची और क्रंची मेवों के साथ बने ये लड्डू इतने ज्यादा सॉफ्ट, मलाईदार और दानेदार होते हैं कि मुंह में रखते ही घुल जाते हैं. इनका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि इसके आगे मूंग दाल का हलवा भी फीका लगने लगेगा. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान और सीक्रेट रेसिपी l

    सामग्री:
    पीली मूंग दाल (बिना छिलके वाली): 1 कप (कपड़े से अच्छी तरह पोंछी हुई)

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    ताजी मलाई (घर के दूध की): 1/2 कप

    देसी घी: 3-4 बड़े चम्मच

    तगड़ / बूरा या पिसी चीनी: 3/4 कप

    कटे हुए मेवे (काजू, बादाम, पिस्ता): 3 बड़े चम्मच

    इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच

    केसर के धागे: 8-10 (1 चम्मच गुनगुने दूध में भीगे हुए)

    बनाने की विधि:
    पीली मूंग दाल को सूती कपड़े से पोंछकर साफ कर लें. अब कड़ाही में बिना घी के धीमी आंच पर दाल को 6-8 मिनट तक हल्का सुनहरा और सोंधी खुशबू आने तक भून लें. ठंडी होने पर इसे मिक्सी में डालकर दरदरा पीस लें l

    कड़ाही में 2 चम्मच देसी घी गरम करें. इसमें पिसी हुई मूंग दाल और 1/2 कप ताजी मलाई डालें. धीमी आंच पर इसे लगातार चलाते हुए 3-4 मिनट भूनें. मलाई पककर मावे जैसा टेक्सचर छोड़ देगी और दाल में बेहतरीन मलाईदार स्वाद आ जाएगा. आप मलाई स्किप भी कर सकते हैं l

    एक छोटे पैन में 1 चम्मच घी गरम करके कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता को हल्का फ्राई कर लें.

    भुने हुए मूंग दाल और मलाई के मिश्रण में केसर वाला दूध, इलायची पाउडर और फ्राई किए हुए मेवे डालकर अच्छी तरह मिलाएं और 1 मिनट चलाकर गैस बंद कर दें.

    मिश्रण को एक प्लेट में निकालें और हल्का गुनगुना होने दें. जब मिश्रण छूने लायक ठंडा हो जाए तो इसमें तगड़/बूरा (या पिसी चीनी) मिलाएं. ध्यान रहे कि एकदम गरम मिश्रण में चीनी न मिलाएं, वरना यह पानी छोड़ देगा.

    हाथों में थोड़ा-सा घी लगाएं और मिश्रण से छोटे-छोटे गोल लड्डू तैयार करें. ऊपर से बारीक कटे पिस्ते से गार्निश करें. आपके बेहद स्वादिष्ट, मलाईदार और दानेदार मूंग दाल के लड्डू तैयार हैं.

  • प्रोटीन के लिए राजमा, छोले या काला चना, जानिए किसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन

    प्रोटीन के लिए राजमा, छोले या काला चना, जानिए किसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन

     जब भी प्रोटीन की बात आती है, तो लोगों के दिमाग में सबसे पहले अंडे समेत कई तरह के नॉनवेज फूड्स का नाम आता है. अगर आप नॉन-वेजिटेरियन हैं, तो आपके लिए प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना बहुत आसान है. लेकिन अगर आप शाकाहारी हैं, तो आपके पास प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए ऑप्शंस बहुत ही सीमित होते हैं. इन ऑप्शंस में दालों से लेकर राजमा, छोले और काला चना भी शामिल होते हैं. तीनों ही स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट भरने वाले और पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं. लेकिन जब बात सिर्फ प्रोटीन की आती है, तो सवाल ये उठता है कि इन तीनों में से सबसे बेहतर क्या है? या कहें इन तीनों में से किसमें प्रोटीन की मात्रा सबसे ज्यादा है.

    दिलचस्प बात ये है कि तीनों के बीच प्रोटीन का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है. पकने के बाद 100 ग्राम में छोले थोड़ा आगे निकलते हैं, जबकि राजमा और काला चना भी लगभग उसी रेंज में रहते हैं. यानी सिर्फ 0.2-0.3 ग्राम के अंतर के लिए अपनी पसंदीदा दाल या चना छोड़ने की जरूरत नहीं है. असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप कितनी मात्रा खाते हैं और उसके साथ क्या लेते हैं.

    100 ग्राम में किसमें कितना प्रोटीन?
    100 ग्राम छोले, राजमा या फिर काले चने में कितना प्रोटीन है ये जानना बहुत जरूरी है. खासतौर पर पके हुए यानी उबले हुए में क्योंकि तीनों ही चीजों को ज्यादातर लोग उबालकर खाते हैं. उबले छोले, राजमा और काले की बात करें तो लगभग 100 ग्राम में:

    छोले: करीब 8.9 ग्राम प्रोटीन
    राजमा: करीब 8.7 ग्राम प्रोटीन
    काला चना: करीब 8-9 ग्राम प्रोटीन

    इस हिसाब से देंखे तो तीनों में बहुत भारी अंतर नहीं है. लेकिन नंबर्स को देखें तो छोले मामूली अंतर से आगे हैं. हालांकि तीनों ही लगभग एक जैसी प्रोटीन कैटेगरी में आते हैं. कप के हिसाब से मात्रा थोड़ी बदल सकती है, क्योंकि हर व्यक्ति एक कप में अलग-अलग मात्रा में तीनों को भर सकता है.

    राजमा: प्रोटीन के साथ भरपूर फाइबर
    राजमा सिर्फ प्रोटीन के लिए ही अच्छा ऑप्शन नहीं है, इसमें फाइबर भी अच्छी खासी क्वांटिटी में मिलता है. करीब 100 ग्राम उबले राजमा में लगभग 8.7 ग्राम प्रोटीन और 7.4 ग्राम फाइबर पाया जाता है. राजमा को चावल या रोटी के साथ खाना एक आसान और पेट भरने वाला ऑप्शन है. इसके साथ सब्जियों का सलाद और दही जोड़ दें तो पूरा खाना और ज्यादा बैलेंस हो जाता है.

    आप राजमा को चावल, रोटी, सलाद-दही और बाजरे या किसी भी दूसरे साबुत अनाज के साथ खा सकते हैं.

    छोले: थोड़ी मात्रा में ज्यादा प्रोटीन
    अगर सिर्फ प्रोटीन का आंकड़ा देखें, तो छोले इस मुकाबले में थोड़ा आगे हैं. 100 ग्राम पके छोले में करीब 8.9 ग्राम प्रोटीन और लगभग 7.6 ग्राम फाइबर मिल सकता है.

    छोलों की एक और खासियत ये है कि इन्हें कई तरह से खाया जा सकता है. छोले मसाला, चना चाट, सलाद या उबले चने के रूप में इन्हें डाइट में शामिल करना आसान है. अगर प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं तो छोले के साथ दही, पनीर या कोई साबुत अनाज जोड़ना अच्छा ऑप्शन हो सकता है.

    काला चना: प्रोटीन के साथ फाइबर का भी फायदा
    काला चना यानी देसी चना भी प्रोटीन के मामले में राजमा और छोले से बहुत पीछे नहीं है. 100 ग्राम उबले काले चने में लगभग 8-9 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है. इसकी मात्रा चने को पकाने के तरीके और वो किस टाइप का है, इसके हिसाब से थोड़ी बदल सकती है.

    काले चने का टेक्शचर थोड़ा हार्ड होता है, इसलिए इससे चाट, सलाद और नाश्ता आसानी से तैयार किया जा सकता है.

    आप काले चने को
        काला चना + रोटी
        काला चना चाट + दही
        काला चना + चावल
        काला चना सलाद + पनीर
        उबला काला चना + सब्जियां + बीज

    फूड     प्रोटीन (100 ग्राम पका हुआ)     फाइबर (100 ग्राम पका हुआ)
    छोले     करीब 8.9 ग्राम     करीब 7.6 ग्राम
    राजमा     करीब 8.7 ग्राम     करीब 7.4 ग्राम
    काले चने     करीब 8-9 ग्राम     करीब 7.6-8 ग्राम

    प्रोटीन बढ़ाना है तो सिर्फ चना बदलने से काम नहीं चलेगा
    अगर आपका मकसद डाइट में ज्यादा प्रोटीन शामिल करना है, तो राजमा की जगह छोले या छोले की जगह काला चना खाने पर ही ध्यान देने की जरूरत नहीं है. तीनों में प्रोटीन का अंतर काफी कम है.

    इसके बजाय इन बातों पर ध्यान दें:
    1. मात्रा बढ़ाएं: 100 ग्राम में करीब 8-9 ग्राम प्रोटीन मिलता है. इसलिए जरूरत के हिसाब से पर्याप्त मात्रा खाना ज्यादा जरूरी है.
    2. साथ में अनाज लें: राजमा-चावल या चना-रोटी जैसे कॉम्बिनेशन खाने से भोजन का पोषण बेहतर हो सकता है.
    3. दही या पनीर जोड़ें: अगर आप डेयरी प्रोडक्ट्स खाते हैं, तो दही, ग्रीक योगर्ट या पनीर जोड़कर खाने का कुल प्रोटीन बढ़ाया जा सकता है.
    4. बहुत ज्यादा तेल से बचें: प्रोटीन चने या राजमा से आता है, ज्यादा तेल वाली ग्रेवी से नहीं. इसलिए इन तीनों में से किसी भी चीजों को बहुत ज्यादा तेल में पकाने से बचें.
    5. दाल-फलियां बदल-बदलकर खाएं: राजमा, छोले, काला चना और अलग-अलग दालें बदल-बदलकर खाने से शरीर को कई तरह के जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं.

    तो प्रोटीन के लिए कौन है बेस्ट?
    100 ग्राम पके हुए खाने में छोले में करीब 8.9 ग्राम, राजमा में 8.7 ग्राम और काले चने में लगभग 8-9 ग्राम प्रोटीन मिलता है. यानी तीनों में प्रोटीन का अंतर बहुत कम है.

    लेकिन इसे लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. तीनों ही प्रोटीन और फाइबर के अच्छे सोर्स हैं. इसलिए प्रोटीन बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप इन्हें 1 से 1.5 कटोरी खाएं और उसे रोटी, चावल, सब्जी, दही या पनीर जैसे दूसरे फूड्स के साथ पेयर करके डाइट को बैलेंस्ड बनाएं. यानी असली सवाल ये नहीं है कि राजमा, छोले या काला चना में कौन जीता, बल्कि ये है कि आपकी पूरी थाली में प्रोटीन कितना है.

    एक बार में 1 से 1.5 कटोरी से ज्यादा खाने पर आपके पेट में दर्द भी हो सकता है. क्योंकि ये तीनों ही चीजें साबुत अनाजों में आती हैं और ज्यादा खाना पेट के लिए भारी हो सकता है.

  • जैकी चैन की कलाई पर दिखी 9.57 करोड़ की घड़ी, मोटाई सिर्फ 1.75mm

    जैकी चैन की कलाई पर दिखी 9.57 करोड़ की घड़ी, मोटाई सिर्फ 1.75mm

    अभिनेता जैकी चैन का अंदाज एकदम अनोखा है, अधिकतर लोगों ने टीवी और बड़े पर्दे पर देखा है. उनके फाइटिंग स्टाइल के दुनियाभर में दीवाने हैं. हाल ही में उनकी एक घड़ी स्पॉट हुई है, जिसकी कीमत 9.57 करोड़ रुपये (1 मिलियन अमेरीकी डॉलर) है और इसकी थिकनेस 1 रुपये के सिक्के के बराबर है.

    सेलिब्रिटी और पॉपुलर लोगों की घड़ी के बारे में जानकारी देने वाले अकाउंट सेलेब वॉच स्पॉटर ने बताया है कि लेजेंडरी एक्टर जैकी चैन ने एक बेहद ही पतली 1.75mm थिकनेस में आने वाली घड़ी पहने दिखाई दिए हैं. भारत में मिलने वाले 1 रुपये के सिक्के की थिकनेस भी करीब 1.6mm होती है.

    इंस्टाग्राम अकाउंट में बताया है कि जैकी चैन की कलाई में नजर ने वाली वॉच का नाम ग्रेड 5 टाइटेनियम रिचर्ड मिले RM Up-01 है. इसको फरारी के साथ पार्टनरशिप करके तैयार किया था, पूरी दुनिया में इसके सिर्फ 150 पीस मौजूद हैं.

    जैकी चैन की घड़ी की कीमत
    इंस्टग्राम पोस्ट के मुताबिक, जैकी चैन की कलाई में नजर आने वाली वॉच की कीमत 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर (9.57 करोड़ रुपये) है.

    रिचर्ड मिले RM Up-01 की वॉच की खूबी
    रिचर्ड मिले के ऑफिशियल पोर्टल पर इस वॉच को लेकर बताया है कि इस पूरी वॉच को ग्रेड 5 टाइटेनियम से तैयार किया गया है. इसकी वजह  से यह बेहद लाइटवेट और मजबूत है. साथ ही यह 1 Atm वॉटर रेसिस्टेंस रेटिंग के साथ आती है, जिसका मतलब है कि यह 10 मीटर गहरे पानी में जाने के बाद भी खराब नहीं होगी.

    RM UP-01 को स्लिम थीम देने के लिए सभी कंपोनेंट्स को रिचर्ड मिले के मूवमेंट डिपार्टमेंट में तैयार किया गया है. इनको एक माइक्रोन की बेहद सटीक मशीनिंग में काम करने के लिए तैयार किया गया है.

    बेजेल पर सैटिन फिनिश दी गई है और किनारों को भी पॉलिश किया गया है. साथ ही डायल पर दौड़ते हुए घोड़े को उकेरा गया है, जो फरारी कंपनी का लोगो है.  

    जैकी चेन की कलाई पर नजर आने वाली वॉच केस को ग्रेड 5 टाइटेनियम से तैयार किया गया है, साथ ही इसमें इसमें 316 L स्टे स्टेनलेस स्टील के रेसिस्टेंस प्रूफ मेटल से तैयार किया गया है.  

  • घर में सब्जी नहीं है तो बनाएं मसूर दाल के कोफ्ते, स्वाद ऐसा कि बार-बार बनाएंगे

    घर में सब्जी नहीं है तो बनाएं मसूर दाल के कोफ्ते, स्वाद ऐसा कि बार-बार बनाएंगे

    कई बार घर में सब्जी नहीं होती और समझ नहीं आता कि खाने में क्या बनाया जाए. ऐसे में आप मसूर दाल से टेस्टी कोफ्ते बना सकते हैं. मसूर दाल से बने ये कोफ्ते खाने में टेस्टी होने के साथ-साथ हेल्दी भी होते हैं. इसे आप बेहद आसानी से लंच या डिनर में चावल या रोटी के साथ बनाकर परोस सकते हैं.

    इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद आप इसे बार-बार बनाना पसंद करेंगे. आइए जानते हैं मसूर दाल का कोफ्ता कैसे बनाते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है.

    इंग्रेडिएंट्स (ingredients)
    1½ कप मसूर दाल
    2 छोटे चम्मच बारीक कटा अदरक
    1 बारीक कटी हरी मिर्च
    2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
    2-3 बड़े चम्मच बेसन
    1 छोटा चम्मच हल्का कुचला हुआ अनारदाना
    1 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर

    नमक स्वादानुसार
    ग्रेवी के लिए
    3 मीडियम टमाटर की प्यूरी
    ½ कप छोटे प्याज
    1 छोटा चम्मच अजवाइन
    1 छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
    1 बड़ा चम्मच सांभर मसाला
    2 कप गर्म पानी
    1 बड़ा चम्मच देसी घी या तेल
    नमक स्वादानुसार

    मसूर दाल के कोफ्ते बनाएं कैसे?

    • सबसे पहले मसूर दाल को अच्छी तरह धोकर रातभर पानी में भिगोकर रख दें. अगर समय कम है तो इसे बनाने से 2-3 घंटे पहले भी भिगो सकते हैं. दाल फूल जाए तो उसका पानी निकाल दें.
    • अब दाल को मिक्सर में डालकर थोड़ा पानी मिलाएं और दरदरा पीस लें. ध्यान रखें कि दाल को बहुत ज्यादा पतला न पीसें. पीसी हुई दाल को एक बड़े बाउल में निकालें. इसमें अदरक, हरी मिर्च, हरा धनिया, भुना जीरा पाउडर, अनारदाना, नमक और बेसन डालकर अच्छी तरह मिला लें.
    • तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे कोफ्ते बनाएं. अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और कोफ्तों को मीडियम गैस पर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तल लें.
    • आप चाहें तो इन्हें एयर फ्रायर में भी बना सकते हैं. इसके लिए कोफ्तों पर हल्का तेल ब्रश करके एयर फ्राई करें.
    • अब ग्रेवी बनाने के लिए कड़ाही में देसी घी या तेल गर्म करें. इसमें अजवाइन डालकर चटकाएं. इसके बाद टमाटर की प्यूरी डालें और 2-3 मिनट तक पकाएं. अब इसमें सांभर मसाला, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर मसालों को अच्छी तरह भूनें.
    • जब मसाले से तेल अलग होने लगे तो इसमें छोटे प्याज डालकर करीब लगभग 2 मिनट तक भूनें. इसके बाद गर्म पानी डालें और कड़ाही को ढककर 3-4 मिनट तक पकाएं, ताकि प्याज अच्छी तरह नरम हो जाए.
    • अब तैयार ग्रेवी में तले हुए कोफ्ते डालें और कम गैस पर 2-3 मिनट तक पकाएं. इससे कोफ्ते ग्रेवी का स्वाद अच्छी तरह सोख लेंगे.
    • आखिर में ऊपर से हरा धनिया डालें और गरमा-गरम चपाती, पराठे या जीरा राइस के साथ सर्व करें.

    इन बातों का रखें ध्यान
        मसूर दाल को पूरी तरह स्मूद न पीसें, हल्का दानेदार रखने से कोफ्तों का टेक्सचर अच्छा आता है.
        अगर मिश्रण ज्यादा ढीला लगे तो थोड़ा और बेसन मिला सकते हैं.
        कोफ्तों को सर्व करने से ठीक पहले ग्रेवी में डालें, ताकि वे टूटें नहीं.
        वहीं, सांभर मसाले की मात्रा आप अपने स्वाद के हिसाब से कम या ज्यादा कर सकते हैं.