Category: लाइफस्टाइल

  • क्रिस्पी प्याज डोसा बनाने की आसान रेसिपी, नाश्ते में मिलेगा साउथ इंडियन स्वाद

    क्रिस्पी प्याज डोसा बनाने की आसान रेसिपी, नाश्ते में मिलेगा साउथ इंडियन स्वाद

    साउथ इंडियन नाश्ते में डोसा काफी पसंद किया जाता है. सुबह के नाश्ते में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. डोसा कई तरह से बनाया जाता है और इन्हीं में से एक है ओनियन यानी प्याज डोसा. यह डोसा खाने में काफी टेस्टी होने के साथ-साथ बनाने में भी बेहद आसान है. अगर आप भी एक जैसा डोसा खाकर बोर हो गए हैं और कुछ नया और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं तो प्याज डोसा बना सकते हैं. इसमें प्याज और मसालों का स्वाद डोसे को और भी खास बना देता है. तो आइए जानते हैं घर पर प्याज डोसा बनाने की आसान रेसिपी और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होगी.

    इंग्रेडिएंट्स (ingredients)
    1 कप सूजी
    1 कप चावल का आटा
    3 प्याज, बारीक कटे हुए
    3 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
    आधा टुकड़ा अदरक, बारीक कटा हुआ
    3 चम्मच भुने हुए काजू, कटे हुए
    1/4 छोटा चम्मच जीरा
    1 चुटकी हींग
    1/2 छोटा चम्मच काली मिर्च
    स्वादानुसार नमक
    जरूरत के अनुसार पानी
    जरूरत के अनुसार तेल

    प्याज डोसा बनाएं कैसे?

    • प्याज डोसा बनाने के लिए सबसे पहले एक गहरे बर्तन में सूजी और चावल का आटा डालें. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें हींग, जीरा और स्वादानुसार नमक डालकर मिक्स करें. बर्तन को ढककर 2 से 3 घंटे के लिए रख दें.
    • इस बीच प्याज, हरी मिर्च, अदरक और काजू को बारीक काट लें. तय समय के बाद डोसे का बैटर लें और इसमें प्याज को छोड़कर बाकी सभी कटी हुई चीजें डाल दें. अब जरूरत के अनुसार पानी डालकर घोल को पतला कर लें. डोसे का घोल नॉर्मल डोसे के घोल से थोड़ा पतला होना चाहिए.
    • अब गैस पर तवा रखें और इसे मीडियम गैस पर गर्म करें. तवा गर्म होने के बाद उस पर थोड़ा तेल डालकर चारों तरफ फैला दें. एक करछी घोल लेकर तवे के बीच में डालें और हल्के हाथ से गोल आकार में फैला दें.
    • अब ऊपर से बारीक कटा हुआ प्याज और थोड़ी हरी मिर्च डालें. चम्मच की मदद से प्याज को हल्का दबा दें, ताकि वह डोसे पर अच्छी तरह चिपक जाए. डोसे को 2 से 3 मिनट तक पकने दें.
    • इसके बाद डोसे के किनारों पर थोड़ा तेल डालें और इसे तब तक सेंकें, जब तक नीचे से सुनहरा और क्रिस्पी न हो जाए. अब डोसे को सावधानी से पलटें और दूसरी तरफ से भी अच्छी तरह सेंक लें.
    • जब डोसा अच्छी तरह पक जाए तो इसे आधा मोड़कर प्लेट में निकाल लें. इसी तरह बाकी घोल से भी प्याज डोसे तैयार कर लें.
    • गरमा-गरम प्याज डोसे को नारियल की चटनी, सांभर या अपनी पसंद की चटनी के साथ सर्व करें. इसका क्रिस्पी स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आएगा.
  • BSNL ने हरियाणा में मचाई धूम, नए यूजर्स जोड़ने में Jio-Airtel को छोड़ा पीछे

    BSNL ने हरियाणा में मचाई धूम, नए यूजर्स जोड़ने में Jio-Airtel को छोड़ा पीछे

    सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) कम कीमत में लोगों को कई तरह की सर्विस देती है. इसकी मदद से आम लोग कम कीमत में अच्छी कनेक्टिविटी का फायदा उठा सकते हैं.

    टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की लेटेस्ट सब्सक्रिप्शन रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2026 के महीने में BSNL ने हरियाणा में दूसरे प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है. इस दौरान BSNL के साथ सबसे ज्यादा नए यूजर्स जुड़े हैं. आइए जानते हैं पूरी डिटेल.

    जानिए हरियाणा में BSNL के यूजर्स कैसे बढ़े
    BSNL के यूजर्स जून 2026 में 46,49,224 थे. जुलाई 2026 के आखिर तक इनकी संख्या बढ़कर 47,17,784 हो गई.इस तरह जुलाई के महीने में BSNL के साथ कुल 68,560 नए मोबाइल सब्सक्राइबर्स जुड़े. नए यूजर्स जुड़ने के मामले में BSNL हरियाणा में सबसे आगे रहा.

    Jio क्यों रहा पीछे?
    देशभर में जिओ के सबसे ज्यादा मोबाइल यूजर्स हैं, लेकिन हरियाणा में जुलाई के दौरान कंपनी नए यूजर्स जोड़ने के मामले में BSNL से पीछे रही. रिपोर्ट के मुताबिक, जिओ के मोबाइल सब्सक्राइबर्स 82,70,811 से बढ़कर 83,08,319 हो गए. यानी जुलाई 2026 में Jio के साथ सिर्फ 37,508 नए यूजर्स जुड़े.

    जानिए Airtel ने कितने नए यूजर्स जोड़े
    Airtel के सब्सक्राइबर्स की संख्या भी हरियाणा में बढ़ी है. कंपनी के यूजर्स 79,38,962 से बढ़कर 79,64,101 हो गए. इस तरह जुलाई 2026 में एयरटेल के साथ 25,139 नए यूजर्स जुड़े. हालांकि, नए यूजर्स जोड़ने के मामले में Airtel भी BSNL से काफी पीछे रहा.

    यह सवाल सबसे ज्यादा दिलचस्प है कि आखिर BSNL के साथ इतनी तेजी से लोग क्यों जुड़ रहे हैं? इसकी एक बड़ी वजह कम कीमत वाले रिचार्ज प्लान माने जा सकते हैं. प्राइवेट कंपनियों के महंगे होते प्लान के बीच BSNL कई यूजर्स को किफायती विकल्प देता है.

    इसके अलावा कंपनी लगातार 4G नेटवर्क का विस्तार कर रही है और कई इलाकों में अपनी कनेक्टिविटी बेहतर कर रही है. ग्रामीण और छोटे शहरों में भी BSNL की मजबूत मौजूदगी है. यही वजह है कि जो लोग कम कीमत में मोबाइल सेवा चाहते हैं, उनके लिए BSNL फिर से एक आकर्षक विकल्प बन रहा है.

  • आलू की इन 10 चटपटी डिशेज से बनाएं घर पर ढाबे जैसा स्वाद, लंच-डिनर के लिए बेस्ट

    आलू की इन 10 चटपटी डिशेज से बनाएं घर पर ढाबे जैसा स्वाद, लंच-डिनर के लिए बेस्ट

     भारतीय घरों में आलू की सब्जी सबसे ज्यादा पसंद बनने वाले सब्जियों में से एक है. आलू एक ऐसी सब्जी है, जिससे कई तरह की टेस्टी डिश बनाई जा सकती हैं. कभी इसकी सूखी सब्जी बनाई जाती है तो कभी मसालेदार ग्रेवी वाली सब्जी. अगर आपको ढाबे का मसालेदार और चटपटा खाना पसंद है तो घर पर भी आलू की कुछ ऐसी डिशेज बना सकते हैं, जिनका स्वाद आपको बिल्कुल ढाबे जैसा लगेगा. इन्हें रोटी, नान, पराठे या चावल के साथ आसानी से सर्व किया जा सकता है. आइए जानते हैं आलू से बनने वाली कुछ ऐसी डिशेज के बारे में जो लंच और डिनर दोनों के लिए बढ़िया ऑप्शन हैं.

    ढाबा स्टाइल दम आलू
    ढाबा स्टाइल दम आलू का स्वाद काफी लाजवाब होता है. इसे बनाने के लिए छोटे आलू को पहले हल्का फ्राई किया जाता है और फिर प्याज-टमाटर की गाढ़ी ग्रेवी में पकाया जाता है. इसमें अदरक, लहसुन, दही और कई तरह के मसाले डाले जाते हैं. इसे बटर नान या जीरा राइस के साथ सर्व कर सकते हैं.

    जीरा आलू
    जीरा आलू एक सिंपल लेकिन टेस्टी डिश है. इसे उबले हुए आलू, जीरा, हरी मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर और हरे धनिये के साथ बनाया जाता है. कम समय में तैयार होने वाली यह सब्जी दाल-चावल या रोटी के साथ काफी अच्छी लगती है.

    आलू दो प्याजा
    अगर आपको प्याज वाली सब्जी पसंद है तो आलू दो प्याजा ट्राई कर सकते हैं. इसमें आलू के साथ प्याज के बड़े टुकड़े डालकर मसालेदार प्याज-टमाटर की ग्रेवी में पकाया जाता है. प्याज के हल्के मीठे स्वाद से सब्जी का जायका और बढ़ जाता है. इसे तंदूरी रोटी या नान के साथ खा सकते हैं.

    पंजाबी आलू मटर
    आलू और हरी मटर का कॉम्बिनेशन ज्यादातर लोगों को पसंद आता है. पंजाबी स्टाइल आलू मटर को प्याज-टमाटर की ग्रेवी और जीरा, गरम मसाला व कसूरी मेथी जैसे मसालों के साथ तैयार किया जाता है. यह रोज के लंच या डिनर के लिए अच्छा ऑप्शन है और रोटी या चावल के साथ टेस्टी लगता है.

    ढाबा स्टाइल आलू गोभी
    आलू और गोभी की सब्जी तो आपने जरूर खाई होगी, लेकिन इसे ढाबा स्टाइल में बनाकर इसका स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है. आलू और गोभी को प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन और मसालों के साथ पकाया जाता है. सब्जियों को हल्का भूनने से इसमें एक अलग तरह का स्वाद आता है. इसे गरमा-गरम रोटी या चावल के साथ परोसें.

    आलू शिमला मिर्च
    आलू और शिमला मिर्च से बनने वाली यह सूखी सब्जी खाने में बेहद टेस्टी होती है. इसमें जीरा, प्याज, टमाटर, हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर जैसे मसाले डाले जाते हैं. इसे आप पराठे या सादी रोटी के साथ लंच में बना सकते हैं.

    आलू पालक
    अगर आप आलू की सब्जी के साथ पालक का स्वाद लेना चाहते हैं तो आलू पालक एक बढ़िया ऑप्शन है. इसमें कटे हुए आलू को ताजे पालक और हल्के मसालों के साथ पकाया जाता है. यह सब्जी खाने में टेस्टी होने के साथ रोज के खाने के लिए भी बढ़िया ऑप्शन है. इसे रोटी या चावल के साथ परोस सकते हैं.

    मसाला आलू फ्राई
    क्रिस्पी और मसालेदार आलू खाने का मन हो तो मसाला आलू फ्राई ट्राई करें. इसमें आलू के टुकड़ों को सुनहरा होने तक फ्राई करके लाल मिर्च, जीरा, धनिया, काली मिर्च और गरम मसाले के साथ मिलाया जाता है. इसे रोटी-चावल के साथ साइड डिश के तौर पर या स्नैक की तरह भी खा सकते हैं.

    आलू लहसुनी
    लहसुन का स्वाद पसंद करने वालों के लिए आलू लहसुनी एक अच्छा ऑप्शन है. इसमें आलू को लहसुन, प्याज, टमाटर और मसालों के साथ पकाया जाता है. लहसुन की खुशबू इस सब्जी के स्वाद को और बढ़ा देती है. इसे रोटी, पराठे या नान के साथ खा सकते हैं.

    मसाला आलू
    मसाला आलू को कई तरह के मसालों के साथ तैयार किया जा सकता है. आलू को पहले हल्का भूनकर इसमें लाल मिर्च, धनिया, जीरा, गरम मसाला और अन्य मसाले मिलाए जाते हैं. यह चटपटी सब्जी पराठे या रोटी के साथ लंच के लिए बढ़िया रहती है.

  • Samsung India में बड़ी छंटनी, TV और होम अप्लायंसेज बिजनेस से 100 अधिकारियों की नौकरी गई

    Samsung India में बड़ी छंटनी, TV और होम अप्लायंसेज बिजनेस से 100 अधिकारियों की नौकरी गई

    Samsung India ने अपने एम्प्लॉइज को लेकर बड़ा फैसला लिया है. कंपनी ने अपने टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में करीब 80 से 100 अधिकारियों को नौकरी से हटा दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अलग-अलग बैच में एम्प्लॉइज की छंटनी कर रही है. इसमें डायरेक्टर, टीम लीड, ब्रांच मैनेजर और एरिया मैनेजर जैसे पदों पर काम करने वाले लोग भी शामिल हैं.

    कंपनी के इस फैसले के पीछे बढ़ता कॉस्ट और कमजोर सेल्स बड़ी वजह बताई जा रही है. पिछले कुछ समय में मेमोरी चिप की कीमत काफी बढ़ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी कीमत दोगुने से ज्यादा हो चुकी है. इससे टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों का खर्च बढ़ गया है.

    इसके अलावा रुपये में आई कमजोरी का भी असर सैमसंग पर पड़ा है. इम्पोर्टेड कंपोनेंट्स महंगे होने से कंपनी के लिए प्रोडक्ट बनाने की कॉस्ट बढ़ गई है. ऐसे में कंपनी के लिए कम कीमत पर प्रोडक्ट बेचकर पहले जैसा प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखना मुश्किल हो रहा है.

    और एम्प्लॉइज पर पड़ सकता है असर
    अभी तक जो छंटनी सामने आई है, वह मुख्य रूप से टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में हुई है. लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि आगे भी कुछ एम्प्लॉइज की नौकरी जा सकती है.

    सैमसंग के इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस की सेल्स और मार्केटिंग टीम में करीब 550 से 600 अधिकारी हैं. इस टीम के करीब 25 फीसदी एम्प्लॉइज पर असर पड़ सकता है. इसमें कंपनी के डायरेक्ट एम्प्लॉइज के साथ ऑफ-रोल एम्प्लॉइज भी शामिल हैं.

    नौकरी से हटाए जा रहे एम्प्लॉइज को कंपनी की तरफ से सर्वेंस दिया जा रहा है. कर्मचारियों को करीब तीन महीने की सैलरी के साथ हर साल की सर्विस के बदले एक महीने की एक्स्ट्रा सैलरी दी जा रही है.

    स्मार्टफोन बिजनेस में फिलहाल छंटनी नहीं
    सैमसंग के स्मार्टफोन बिजनेस को फिलहाल इस छंटनी से अलग रखा गया है. कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले फेस्टिव सीजन और दिवाली के दौरान स्मार्टफोन की सेल्स में तेजी आ सकती है.

    हालांकि, स्मार्टफोन मार्केट भी इस समय पूरी तरह मजबूत नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में स्मार्टफोन सेल्स वॉल्यूम में सालाना करीब 11 से 12 फीसदी की गिरावट देखी गई है.

    सैमसंग इंडिया अपने खर्च को कम करने के लिए कुछ रीजनल ऑफिस को भी एक साथ करने की तैयारी में है. कंपनी का फोकस ज्यादा कॉस्ट वाले कामों को कम करने और अपने ऑपरेशंस को आसान बनाने पर है.

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिवाली के बाद टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में वर्कफोर्स को लेकर और बदलाव हो सकते हैं. यानी आने वाले समय में कुछ और एम्प्लॉइज पर इसका असर पड़ सकता है.

    फिलहाल सैमसंग इंडिया का पूरा बिजनेस खराब स्थिति में नहीं है. कंपनी की ओवरऑल परफॉर्मेंस मजबूत बनी हुई है. ऐसे में इस छंटनी को खास तौर पर टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में बढ़ती कॉस्ट, कम सेल्स और प्रॉफिट मार्जिन को बचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

  • टिफिन में खाना घंटों रहेगा गर्म, अपनाएं ये 8 आसान घरेलू तरीके

    टिफिन में खाना घंटों रहेगा गर्म, अपनाएं ये 8 आसान घरेलू तरीके

    सुबह-सुबह हर घर में लंच बनाने की तैयारी होती है. बच्चों को स्कूल भेजने से लेकर ऑफिस तक के लिए टिफिन में लंच पैक किया जाता है. ऑफिस के लिए तो लोग खाना गर्म रखने वाले टिफिन बॉक्स खरीद लेते हैं, लेकिन बच्चों के लिए ऐसा कर पाना मुश्किल होता है. साथ ही कितना भी गर्म रखने वाले टिफिन खरीद लें, लेकिन कुछ घंटों बाद खाना ठंडा हो ही जाता है. ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि सुबह-सुबह घर से निकलते समय खाना गर्म करके टिफिन में पैक किया जाता है, लेकिन ऑफिस या स्कूल पहुंचने के बाद जब टिफिन खुलता है तो खाना काफी ठंडा हो चुका होता है.

    हर जगह खाना गर्म करने के लिए माइक्रोवेव मिले, ये भी जरूरी नहीं है. ऐसे में सवाल है कि आखिर टिफिन में खाना ज्यादा देर तक गर्म कैसे रखा जाए? इसके लिए आपको कोई महंगा इलेक्ट्रिक लंच बॉक्स खरीदने की जरूरत नहीं है. खाना पैक करने के तरीके में थोड़ा बदलाव करके भी आप काफी देर तक उसकी गर्माहट बनाए रख सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही आसान घरेलू तरीके.

    टिफिन में खाना डालने से पहले करें ये छोटा सा काम
    टिफिन में सीधे गर्म खाना डालने के बजाय पहले उसमें थोड़ा गर्म पानी भरकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद पानी निकालकर टिफिन को अच्छी तरह पोंछ लें और तुरंत गर्म खाना भर दें. इससे टिफिन पहले से ठंडा नहीं रहेगा और खाने की गर्माहट जल्दी कम नहीं होगी.

    खाना अच्छी तरह गर्म करके ही पैक करें
    अगर खाना टिफिन में डालने से पहले ही हल्का ठंडा हो गया है तो वो कुछ ही देर में और ठंडा हो जाएगा. इसलिए सब्जी, दाल, चावल या जो भी खाना पैक कर रहे हैं, उसे अच्छी तरह गर्म करें और उसके तुरंत बाद टिफिन बंद कर दें.

    टिफिन के अंदर खाली जगह न छोड़ें
    टिफिन के अंदर जितनी ज्यादा खाली जगह होगी, गर्मी उतनी जल्दी कम हो सकती है. इसलिए जरूरत के हिसाब से सही शेप का बॉक्स इस्तेमाल करें. बहुत बड़े टिफिन बॉक्स में थोड़ा सा खाना भरने से बचें.

    गर्म रोटी को ऐसे रखें
    रोटियां जल्दी ठंडी होती हैं. इन्हें सीधे स्टील के डिब्बे में रखने के बजाय साफ कॉटन के कपड़े या फॉइल में लपेटकर रखें. इसके बाद इन्हें अच्छी तरह बंद होने वाले टिफिन में रखें. इससे रोटियों की गर्माहट कुछ ज्यादा समय तक बनी रह सकती है.

    टिफिन को तुरंत बैग में रखें
    खाना पैक करने के बाद टिफिन को खुला या किचन की ठंडी जगह पर ज्यादा देर तक न रखें. ढक्कन बंद करके उसे तुरंत इंसुलेटेड लंच बैग में रख दें. ये तरीका स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वालों के लिए काफी काम का हो सकता है.

    टिफिन बैग का करें इस्तेमाल
    अगर आपका खाना रोजाना कई घंटे बाद खाया जाता है तो एक अच्छी क्वालिटी का इंसुलेटेड लंच बैग काफी मदद कर सकता है. ये टिफिन को बाहर के टेंपरेचर से कुछ हद तक बचाता है और खाने की गर्माहट लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है.

    बहुत ठंडे टिफिन में गर्म खाना न डालें
    अगर टिफिन काफी देर से ठंडी जगह रखा हुआ है और उसमें तुरंत गर्म खाना डाल दिया जाए तो खाने की गर्मी का एक हिस्सा डिब्बे को गर्म करने में ही चला जाता है. इसलिए टिफिन को पैक करने से पहले हल्का गर्म कर लेना बेहतर तरीका है.

    ढक्कन बार-बार खोलने से बचें
    कई बार लोग खाना पैक करने के बाद बीच में टिफिन खोलकर देखते रहते हैं. ऐसा करने से अंदर की गर्म हवा बाहर निकल जाती है और खाना जल्दी ठंडा हो सकता है. इसलिए खाना खाने के समय ही टिफिन खोलें.

    स्टील के टिफिन के साथ इंसुलेटेड कवर रखें
    अगर आपके पास सामान्य स्टील का टिफिन है तो उसे अकेले बैग में रखने के बजाय इंसुलेटेड कवर में रखें. ये तरीका खासकर तब फायदेमंद है जब खाना पैक करने और खाने के बीच कई घंटे का गैप हो.

  • Vidur Niti: ये 5 आदतें इंसान को बर्बादी की ओर ले जाती हैं, आज ही बना लें दूरी

    Vidur Niti: ये 5 आदतें इंसान को बर्बादी की ओर ले जाती हैं, आज ही बना लें दूरी

    महाभारत काल में महात्मा विदुर को उनकी नीतियों और दूरदर्शिता के लिए जाना जाता है . धृतराष्ट्र को दिए गए उनके उपदेश, जिन्हें विदुर नीति के नाम से जाना जाता है, आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने तब थे. विदुर नीति में जीवन जीने के कई गूढ़ रहस्यों, सफलता के सूत्रों और उन गलतियों के बारे में बताया गया है जो व्यक्ति को सफलता से कोसों दूर कर देती हैं .

    महात्मा विदुर के अनुसार, इंसान की अपनी ही कुछ आदतें और व्यवहार उसकी बर्बादी और असफलता का सबसे बड़ा कारण बनते हैं . अगर समय रहते इन आदतों में सुधार न किया जाए, तो व्यक्ति का जीवन संकटों से घिर जाता है. आइए जानते हैं विदुर नीति के अनुसार वे कौन सी आदतें हैं जो असफलता की तरफ ले जाती हैं:

    1. अत्यधिक अहंकार (Arrogance)
    विदुर नीति के अनुसार, अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है . जिस व्यक्ति के मन में अपनी विद्या, धन या पद का घमंड आ जाता है, उसका पतन निश्चित होता है. अहंकारी व्यक्ति न तो किसी की सलाह सुनता है और न ही अपनी गलतियों से सीखता है . यह आदत उसे समाज में अकेला कर देती है. ऐसा व्यक्ति धीरे-धीरे असफलता के गर्त में चला जाता है .

    2. आलस्य और काम टालने की आदत (Procrastination)
    आलस्य सफलता के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा है . जो व्यक्ति आज के काम को कल पर टालता है (दीर्घकालिक आलस्य), वह जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ सकता . महात्मा विदुर मानते हैं कि समय का सदुपयोग न करने वाले, हर बात में बहाने बनाने वाले व्यक्ति के पास कभी भी मां लक्ष्मी और सफलता का वास नहीं होता .

    3. अनुचित और बुरी संगति (Bad Company)
    कहा जाता है कि इंसान की पहचान उसकी संगति से होती है . विदुर नीति के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति गलत राह पर चलने वाले, नकारात्मक या दुर्गुणों से घिरे लोगों के साथ रहता है, तो उसका पतन तय है . बुरी संगति अच्छे-भले इंसान के संस्कारों और भविष्य को बर्बाद कर देती है . इसलिए हमेशा ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए जो आपको गलत रास्ते पर ले जाएं .

    4. अति लोभ और लालच (Greed)
    लोभ इंसान की बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है . जो व्यक्ति अपनी मेहनत के बजाय शॉर्टकट अपनाकर या दूसरों का हक मारकर धन कमाने की सोचता है, वह कुछ समय की सफलता के बाद बहुत बड़ी बर्बादी का सामना करता है . लालच व्यक्ति के नैतिक मूल्यों को खत्म कर देता है, जिससे उसका सामाजिक और मानसिक पतन होने लगता है .

    5. कड़वा और अनियंत्रित बोलना (Harsh Speech)
    वाणी में बहुत बड़ी ताकत होती है . विदुर नीति के अनुसार, जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे कड़वे शब्दों का प्रयोग करता है, वह अपने जीवन में खुद ही शत्रुओं की संख्या बढ़ा लेता है . ऐसी आदत वाले व्यक्ति से लोग दूरी बना लेते हैं और संकट के समय उसका साथ देने वाला कोई नहीं बचता .

  • WhatsApp का बड़ा AI अपडेट! अब एक साथ कई AI Agents से कर सकेंगे चैट, नहीं पड़ेगी अलग ऐप की जरूरत

    WhatsApp का बड़ा AI अपडेट! अब एक साथ कई AI Agents से कर सकेंगे चैट, नहीं पड़ेगी अलग ऐप की जरूरत

     नई दिल्ली 

    वॉट्सऐप का इस्तेमाल हम रोज चैटिंग, फोटो-वीडियो शेयर करने और कई जरूरी कामों के लिए करते हैं. अब कंपनी इसमें एक ऐसा फीचर जोड़ने की तैयारी कर रही है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए काफी काम का हो सकता है. इस नए फीचर की मदद से यूजर्स वॉट्सऐप के अंदर ही थर्ड-पार्टी एआई एजेंट और बोट्स जुड़ सकेंगे। 

    अभी अगर आपको किसी AI टूल का इस्तेमाल करना है, तो उसके लिए अलग वेबसाइट या ऐप खोलना पड़ता है. लेकिन वॉट्सऐप के इस नए फीचर के बाद ऐसा जरूरी नहीं होगा. यूजर्स सीधे वॉट्सऐप के अंदर ही अलग-अलग एआई एजेंट से बात कर सकेंगे. आइए जानते हैं यह फीचर कैसे काम कर सकता है। 

    क्या है ये नया फीचर?

    रिपोर्ट के मुताबिक, वॉट्सऐप ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है, जिससे थर्ड-पार्टी एआई एजेंट और बोट्स को वॉट्सऐप से जोड़ा जा सकेगा। 
    मान लीजिए आप वॉट्सऐप पर किसी से बात कर रहे हैं और उसी दौरान आपको किसी एआई एजेंट की जरूरत पड़ जाती है. ऐसे में आपको अलग ऐप या वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं होगी. आप वॉट्सऐप के अंदर ही उस एआई एजेंट को जोड़कर उसका इस्तेमाल कर सकेंगे। 

    यानी AI के लिए सिर्फ वॉट्सऐप के अपने फीचर्स पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी. अलग-अलग कंपनियां और डेवलपर्स अपने एआई एजेंट को वॉट्सऐप के साथ जोड़ सकेंगे। 

    मान लीजिए आपको किसी एआई एजेंट से जानकारी लेनी है, कोई सवाल पूछना है या कोई काम करवाना है. ऐसे में आपको बार-बार अलग ऐप पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वॉट्सऐप के अंदर ही उस एआई एजेंट के साथ बातचीत की जा सकेगी। 

    कैसे काम करेगा?
    इस फीचर के आने के बाद संभव है कि यूजर्स को वॉट्सऐप में ही ऐसे AI बोट्स दिखाई दें, जिन्हें वे अपनी जरूरत के हिसाब से जोड़ सकें. इसके बाद सामान्य वॉट्सऐप चैट की तरह AI से बातचीत की जा सकेगी। 

    हालांकि, यह फीचर अभी आने की तैयारी में है और इसके काम करने का पूरा तरीका आने वाले समय में और साफ होगा. यह भी देखना होगा कि वॉट्सऐप किन एआई एजेंट को सपोर्ट करता है और यूजर्स को कितने विकल्प मिलते हैं। 

    यूजर्स को क्या फायदा होगा?
    सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि AI का इस्तेमाल करने के लिए बार-बार ऐप बदलने की जरूरत कम हो सकती है. वॉट्सऐप पहले से ही करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा है. ऐसे में अगर एआई एजेंट भी यहीं मिल जाते हैं, तो उनका इस्तेमाल करना काफी आसान हो सकता है। 

    फिलहाल यह फीचर कब तक सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, इसकी आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है. लेकिन अगर वॉट्सऐप इसे बड़े स्तर पर जारी करता है, तो AI और मैसेजिंग दोनों के इस्तेमाल का तरीका काफी हद तक बदल सकता है। 
     

  • फोन में फुल सिग्नल फिर भी इंटरनेट स्लो? इस सीक्रेट कोड से चेक करें असली नेटवर्क स्ट्रेंथ

    फोन में फुल सिग्नल फिर भी इंटरनेट स्लो? इस सीक्रेट कोड से चेक करें असली नेटवर्क स्ट्रेंथ

    स्मार्टफोन में ऊपर आपको सिग्नल बार देखने को मिलता है. इससे आपको पता चलता है कि फोन में कितना सिग्नल आ रहा है. लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता कि सिग्नल बार फुल है तो नेटवर्क भी स्ट्रॉन्ग होगा l

    कई बार ऐसा होता है कि सिग्नल बार में सिर्फ एक बार होने के बावजूद इंटरनेट और कॉल ठीक से चलती है. वहीं, फुल सिग्नल होने के बाद भी कई बार न तो ढंग से कॉल लगती है और न ही इंटरनेट चलता हैl

    इस परेशानी का सबसे आसान तरीका है यह जानना कि आपके फोन में असल में कितना सिग्नल मिल रहा है. इससे आपको नेटवर्क से जुड़ी दिक्कतों का अंदाजा पहले ही लग सकता है. आइए जानते हैं इसके बारे में l

    जानिए कैसे चेक करें असली नेटवर्क सिग्नल
    मोबाइल में कितना नेटवर्क आ रहा है, यह जानने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है. इसका एक बहुत आसान तरीका है. सिर्फ एक नंबर डालकर आप नेटवर्क सिग्नल की पूरी जानकारी देख सकते हैं.

    खोलें डायल पैड
    सबसे पहले अपने स्मार्टफोन का डायल पैड खोलें, जिससे आप किसी को फोन करते हैं. अब यहां आपको एक कोड डालना है.
    Android यूजर्स के लिए *#*#4636#*#* कोड है, जबकि iPhone यूजर्स के लिए *3001#12345#* कोड इस्तेमाल किया जाता है.

    कोड डालने के बाद कॉल बटन दबाएं. इसके बाद आपके फोन में एक डैशबोर्ड खुलेगा. यहां आपको सिम कार्ड और फोन 4G या 5G पर चल रहा है या नहीं, जैसी जानकारी देखने को मिल सकती है.

    इसके बाद आपको यहां कुछ नंबर दिखाई देंगे, जैसे -103 dBm. यही आपके फोन के सिग्नल की असली स्ट्रेंथ बताता है. इससे पता चलता है कि आपके इलाके में नेटवर्क कितना अच्छा या खराब है.

    कितने नंबर पर सिग्नल सबसे अच्छा?
    इन नंबरों की मदद से आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपके फोन में नेटवर्क कितना अच्छा आ रहा है.
    आमतौर पर -75 dBm के आसपास या उससे ज्यादा मजबूत सिग्नल अच्छा माना जाता है. ऐसे सिग्नल पर कॉल और इंटरनेट का एक्सपीरियंस बेहतर रह सकता है.

    वहीं, अगर सिग्नल -110 dBm के आसपास या उससे नीचे चला जाता है, तो नेटवर्क काफी कमजोर माना जाता है. ऐसे में कॉल ड्रॉप होने या इंटरनेट की स्पीड कम होने जैसी दिक्कत आ सकती है.

    इसलिए अगली बार फोन में सिग्नल बार देखकर परेशान होने के बजाय ये नंबर चेक कर लें. इससे आपको पता चल जाएगा कि आपके फोन में असल में कितना नेटवर्क आ रहा है.

  • रातभर बालों में तेल लगाकर सोते हैं तो सावधान! जावेद हबीब ने बताया सही तरीका

    रातभर बालों में तेल लगाकर सोते हैं तो सावधान! जावेद हबीब ने बताया सही तरीका

    बालों में तेल लगाना भारतीयों की हेयर केयर रूटीन का हिस्सा रहा है. पूराने समय से बालों को मजबूत, स्मूद, सिल्की और शाइनी बनाने के लिए लोत बालों में तेल लगाते आए हैं. खासकर बालों को मजबूत और घना रखने के लिए लोग अक्सर रात में सिर पर अच्छी तरह तेल लगाकर सोते हैं और सुबह शैंपू करते हैं. लेकिन अगर आप भी सालों से ऐसा करते आ रहे हैं, तो जरा रुकिए! मशहूर हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब के मुताबिक, तेल लगाने का ये तरीका सही नहीं है. यही बालों के झड़ने से लेकर उनका कमजोर होना का एक बड़ा कारण है. उनका कहना है कि सिर्फ तेल लगा लेना ही काफी नहीं है, बल्कि इसे कब और कैसे लगाया जा रहा है, ये भी बालों की सेहत के लिए काफी मायने रखता है.

    अगर आप भी बालों में रात को ठूस-ठूसकर तेल भरकर सो जाते हैं और सोचते हैं कि सुबह आपके बाल अच्छे मिलेंगे, तो आप बहुत गलत सोच रहे हैं. चलिए जानते हैं क्या है बालों में तेल लगाने का सही तरीका, जो उन्हें मजबूती देने के साथ ही टूटने से भी बचाएगा.

    रातभर तेल लगाकर सोना पड़ सकता है भारी
    भारतीय आमतौर पर मानते हैं कि बालों में तेल जितनी देर लगा रहेगा, उतना ही ज्यादा फायदा होगा. इसी सोच के चलते कई लोग रात को सोने से पहले सिर में तेल लगाते हैं और सुबह तक इसे लगा रहने देते हैं. लेकिन जावेद हबीब इस आदत को सही नहीं मानते.

    उनके मुताबिक, रात सोने के लिए होती है, बालों में घंटों तक तेल लगाए रखने के लिए नहीं. लंबे समय तक स्कैल्प पर तेल लगा रहने से धूल-मिट्टी और गंदगी चिपक सकती है. इसकी वजह से स्कैल्प ब्लॉक रहता है. इससे स्कैल्प से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं और बालों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है. उनका कहना है कि रात में तेल लगाकर सोना ना केवल बाल झड़ने का बल्कि सफेद होने का भी बड़ा कारण है.

    सूखे बालों पर तेल लगाना भी सही तरीका नहीं?
    बालों में तेल लगाने को लेकर एक और आम आदत है कि लोग सीधे सूखे बालों और स्कैल्प पर खूब सारा तेल लगा लेते हैं. जावेद हबीब के अनुसार, ये भी तेल लगाने का सही तरीका नहीं है.

    जिस तरह शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल बालों की कंडीशन के हिसाब से किया जाता है, उसी तरह तेल लगाने का तरीका भी मायने रखता है. वो कहते हैं कि तेल लगाने से पहले बालों को हल्का गीला किया जा सकता है. इससे तेल को बालों पर फैलाना आसान होता है और जरूरत से ज्यादा तेल लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. यानी तेल सूखे बालों पर नहीं, बल्कि हल्के गीले बालों पर लगाना अच्छा होता है.

    तो आखिर बालों में तेल कब लगाएं?
    जावेद हबीब के बताए तरीके के मुताबिक, बालों में तेल लगाने के लिए घंटों तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है. इसे शैंपू करने से कुछ समय पहले लगाया जा सकता है. तेल लगाने के बाद इसे करीब 5 से 10 मिनट तक बालों और स्कैल्प पर रहने दें और फिर शैंपू कर लें. यानी रातभर तेल लगाकर सोने के बजाय प्री-शैंपू ऑयलिंग को अपनी रूटीन में शामिल किया जा सकता है.

    तेल लगाते समय जोर-जोर से न रगड़ें
    बहुत से लोग ये भी मानते हैं कि सिर में तेल लगाते समय जितनी तेज मालिश की जाएगी, उतना ही ज्यादा फायदा होगा. लेकिन ऐसा करना जरूरी नहीं है. जावेद हबीब कहते हैं कि स्कैल्प को जोर से रगड़ने या नाखूनों से खुजलाने के बजाय हल्के हाथों से तेल लगाना अच्छा रहता है. तेल को स्कैल्प और बालों की लंबाई पर हल्के हाथों से लगाएं. इसके बाद कुछ मिनट छोड़कर शैंपू कर लें. इससे बालों की जड़ें कमजोर नहीं होंगी.

    तेल लगाने का मतलब यह नहीं कि बालों में घंटों तेल रहे
    बालों में तेल लगाने का मकसद उन्हें जरूरत से ज्यादा ऑयली बनाना नहीं है. असल में हेयर केयर में सबसे जरूरी बात है कि आप अपनी स्कैल्प और बालों की जरूरत को समझें. बहुत ज्यादा तेल लगाना, उसे लंबे समय तक छोड़ना या स्कैल्प को जोर से रगड़ना जरूरी नहीं है.

  • Jio का ₹3,599 वाला धांसू प्लान, 365 दिन की वैलिडिटी के साथ रोज 2.5GB डेटा

    Jio का ₹3,599 वाला धांसू प्लान, 365 दिन की वैलिडिटी के साथ रोज 2.5GB डेटा

    अगर आप Jio का सिम इस्तेमाल करते हैं और बार-बार रिचार्ज कराने से परेशान हैं, तो आपके लिए एक लंबी वैलिडिटी वाला प्लान काम का हो सकता है. Jio ने अपनी एनिवर्सरी के मौके पर ₹3,599 का एक प्लान पेश किया है. इस प्लान में यूजर्स को लंबे समय तक रिचार्ज की टेंशन नहीं रहती.

    इस प्लान की सबसे बड़ी खासियत इसका डेटा बेनिफिट है. इसमें रोज 2.5GB डेटा मिलता है. यानी अगर आप हर दिन YouTube देखते हैं, Instagram चलाते हैं या WhatsApp पर वीडियो कॉल करते हैं, तो आपके पास रोज इस्तेमाल करने के लिए अच्छा डेटा रहेगा.

    पूरे साल चल सकता है प्लान
    ₹3,599 के इस प्लान की वैलिडिटी 365 दिनों की है. यानी एक बार रिचार्ज कराने के बाद करीब एक साल तक दोबारा रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रोज 2.5GB डेटा के हिसाब से देखें तो पूरी वैलिडिटी के दौरान यूजर को काफी ज्यादा डेटा मिलता है.

    इसके साथ यूजर्स को अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग की सुविधा भी मिलती है. यानी किसी भी नेटवर्क पर बात करने के लिए अलग से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा रोज 100 SMS भी मिलते हैं.

    जिओ के दूसरे फायदे भी मिलेंगे
    इस प्लान में जिओ की तरफ से मिलने वाले कुछ दूसरे बेनिफिट्स भी शामिल हैं. हालांकि, प्लान लेने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिए कि आपके इलाके में जिओ की 5G सर्विस अवेलेबल है या नहीं और आपके फोन में 5G सपोर्ट करता है या नहीं.

    अगर आप ऐसा रिचार्ज चाहते हैं जिसे बार-बार कराने की जरूरत न पड़े, तो ₹3,599 वाला यह प्लान एक लंबी समय का ऑप्शन हो सकता है. खासकर उन लोगों के लिए, जो पूरे साल के लिए एक ही बार रिचार्ज कराकर टेंशन खत्म करना चाहते हैं.