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  • झारखंड में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, 11 में 8 मरीज मिले पॉजिटिव; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

    झारखंड में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, 11 में 8 मरीज मिले पॉजिटिव; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

    रांची
     झारखंड में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के बढ़ते संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए 11 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की गई। इनमें आठ की रिपोर्ट पाजिटिव मिली है।

    संक्रमित मरीजों में रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एक चिकित्सक भी शामिल हैं। इसके बाद अस्पताल में संक्रमण से बचाव को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

    मौसम में बदलाव के साथ राजधानी में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, बदन दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण वाले मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।

    चिकित्सकों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों के आधार पर उपचार किया जाता है। हर मरीज की एच1एन1 जांच आवश्यक नहीं होती। गंभीर लक्षण, जोखिम वाले मरीज या चिकित्सकीय रूप से संदिग्ध मामलों में ही जांच की जरूरत होती है।

    अस्पतालों में 10-10 बेड रखने का निर्देश :
    मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ाने और अस्पतालों को पूरी तरह तैयार रखने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों और मेडिकल कालेजों को पत्र भेजकर संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान, आवश्यक जांच और उपचार सुनिश्चित करने को कहा है।

    सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में 10-10 अतिरिक्त बेड आरक्षित रखने तथा जरूरत पड़ने पर अलग वार्ड में मरीजों के उपचार की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों को पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं, आक्सीजन और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने को भी कहा गया है। रिम्स में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए पहले से अलग व्यवस्था की गई है।

  • टोरंटो में मोहन भागवत का वसुधैव कुटुंबकम् संदेश, बोले- भारत ने दुनिया की सेवा की

    टोरंटो में मोहन भागवत का वसुधैव कुटुंबकम् संदेश, बोले- भारत ने दुनिया की सेवा की

    रांची
     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने टोरंटो में आयोजित ‘हिंदू विश्व बंधु-मित्रता के साथ विश्व को अपनाएं’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश दिया।

    कहा, जब भी दुनिया में कहीं भी भारत से सहायता मांगी गई है, भारत ने कभी मना नहीं किया। बल्कि, बिना मांगे भी भारत ने हमेशा सहायता का हाथ बढ़ाया है। यही भारत की परंपरा और उसका स्वभाव है।

    एक समय भारत को महाशक्ति कहा जा सकता था, लेकिन उस समय भारत महाशक्ति नहीं था। उसने दुनिया पर शासन नहीं किया, बल्कि विश्व की सेवा की। अपने चरित्र और आचरण के बल पर भारत ‘विश्वगुरु’ बना, ‘महाशक्ति’ नहीं। इसलिए, भारत का उदय वास्तव में मानवता के अधिक एकजुट और अधिक मुक्त होने का प्रतीक है।

    कनाडा के हिंदू समुदाय के इस महत्वपूर्ण आयोजन में देश के सभी दस प्रांतों से 2,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर वैश्विक संपर्क अभियान के तहत अमेरिका के न्यूयार्क के बाद मोहन भागवत रविवार को कनाडा के टोरंटो पहुंचे।

    भारतीय समयानुसार रविवार की रात्रि 2.30 बजे के बाद कार्यक्रम का आयोजन कनाडियन हिंदूज फॉर आउटरीच, रिलेशंस एंड डायलाग की ओर से किया गया था।

    आयोजन को कनाडा के 175 से अधिक संगठनों का समर्थन प्राप्त था। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू समुदाय के बीच आपसी संवाद और अपनत्व को मजबूत करने के साथ कनाडाई समाज में सकारात्मक एवं रचनात्मक योगदान को बढ़ावा देना था।

    आयोजन का मूल भाव हिंदू सभ्यता के शाश्वत आदर्श ‘वसुधैव कुटुंबकम—संपूर्ण विश्व एक परिवार है’ पर आधारित रहा।

    विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और सहयोग पर जोर
    अपने संबोधन में मोहन भागवत ने हिंदू पहचान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के बीच पारस्परिक सम्मान, संवाद और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

    उन्होंने हिंदू समाज की व्यापक वैश्विक भूमिका और समाज के प्रति जिम्मेदारी के संदर्भ में अपने विचार रखे।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अल्बर्टा के पूर्व प्रीमियर और कनाडा के पूर्व संघीय कैबिनेट मंत्री जेसन केनी रहे। सार्वजनिक जीवन में केनी ने कनाडा के विभिन्न सांस्कृतिक समुदायों के साथ संवाद तथा कनाडा-भारत संबंधों से जुड़े विषयों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

    वहीं, खालसा दीवान सोसाइटी और ऐतिहासिक रास स्ट्रीट गुरुद्वारा का प्रतिनिधित्व करने वाले कश्मीर सिंह धालीवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति को कनाडा में हिंदू और सिख समुदायों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण और मजबूत संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा गया।

    कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विविधता से भरे कनाडाई समाज में सभी समुदाय आपसी सम्मान और सहयोग की भावना के साथ देश की प्रगति में योगदान दें।

  • कोटा में बारिश थमी, गर्मी-उमस ने बढ़ाई परेशानी; 38% कम बरसा मानसून

    कोटा में बारिश थमी, गर्मी-उमस ने बढ़ाई परेशानी; 38% कम बरसा मानसून

    कोटा 
    कोटा शहर में बारिश का दौर थमने से गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है। रविवार को दिनभर धूप खिली और आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि अधिकतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ 33.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान भी एक डिग्री गिरकर 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बारिश की कमी का असर इस बार मानसून के आंकड़ों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कोटा जिले में 30 अगस्त तक सामान्यत: 615 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस मानसून सीजन में अब तक केवल 378.3 मिमी बारिश हुई है। यह सामान्य से 38.54 प्रतिशत कम है। पिछले साल अगस्त माह में 269.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

    अगस्त में हुई 190.2 मिमी बारिश
    कोटा शहर में अगस्त माह के दौरान 190.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। जुलाई तक शहर में 188.1 मिमी बारिश हो चुकी थी। इस तरह वर्तमान मानसून सीजन में अब तक कुल 378.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि कोटा शहर में सामान्य औसत वार्षिक बारिश करीब 732 मिमी मानी जाती है।

    बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने के आसार
    मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटों में तीव्र होकर वेल मार्क लो प्रेशर एरिया बनने की प्रबल संभावना है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में आगामी चार से पांच दिन मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में 3 सितम्बर से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। वहीं 4 से 7 सितम्बर के दौरान कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

  • MSP, कर्जमाफी और लैंड पूलिंग नीति वापस लेने की मांग, 22 जिलों में किसान-मजदूर मोर्चा का प्रदर्शन

    MSP, कर्जमाफी और लैंड पूलिंग नीति वापस लेने की मांग, 22 जिलों में किसान-मजदूर मोर्चा का प्रदर्शन

    पटियाला.

    किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब के आह्वान पर आज, 31 अगस्त को पंजाब के सभी 22 जिलों में डीसी कार्यालयों के सामने एक-दिवसीय मोर्चा लगाया गया। मोर्चे में पंजाब के किसानों, मजदूरों, युवाओं को बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया है।

    किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने कहा कि पंजाब की कृषि, पानी, जमीन, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों का समाधान करने के बजाय सरकारें ऐसी नीतियां लागू कर रही हैं, जिनका सबसे अधिक असर किसानों, मजदूरों और ग्रामीण लोगों पर पड़ता है। इसलिए 31 अगस्त के मोर्चे के माध्यम से पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें जोरदार ढंग से रखी जा रही हैं।

    जानें किसानों की मांगें-
    पंजाब सरकार बासमती, मक्का, मूंग, सरसों और आलू की फसल की अपने स्तर पर एम.एस.पी. से ऊपर लाभकारी मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करे, ताकि किसानों को मंडी में लूट का सामना न करना पड़े। किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्जमाफी की जाए। कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों और मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। पंजाब में बार-बार आने वाली बाढ़, भूजल के लगातार गिरते स्तर तथा वायु और जल प्रदूषण के बढ़ते संकट को हल करने के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक प्रभावी नीति बनाई जाए। नदी जल का बंटवारा राइपेरियन सिद्धांत के अनुसार किया जाए। केंद्र द्वारा लाए गए Seeds Bill/Act, 2025, Cooperative Laws/Changes, 2026, MGNREGA के स्थान पर लागू किए गए Viksit Bharat–G RAM G Act, 2025 और Electricity (Amendment) Bill, 2025 का विरोध करते हुए पंजाब विधानसभा में इन्हें खारिज करने के लिए प्रस्ताव पारित किया जाए। पंजाब में प्रीपेड बिजली मीटर लगाना तुरंत बंद किया जाए। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से VB–G RAM G Act लागू करके MGNREGA को रद्द किया है। पंजाब सरकार भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से इस समझौते को रद्द करने की मांग करे। शंभू और खनौरी मोर्चों से किसानों की ट्रालियों सहित जब्त या लूटा गया सारा सामान वापस किया जाए और आंदोलनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों में न्याय सुनिश्चित किया जाए। सभी प्रकार के आबादकार किसानों और मजदूरों को उनके द्वारा बसाई और खेती की जा रही जमीन के मालिकाना हक दिए जाएं। किसान-मजदूर आंदोलनों के दौरान दर्ज किए गए पुलिस और रेलवे के मुकदमे तथा पराली जलाने से संबंधित दर्ज किए गए मामले रद्द किए जाएं। आंदोलनों के दौरान शहीद हुए किसानों और मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

    पंजाब की लैंड पूलिंग नीति तुरंत वापस ली जाए और भारतमाला प्रोजेक्ट सहित किसी भी परियोजना के लिए किसानों की जमीन उनकी सहमति और उचित मुआवजे के बिना जबरदस्ती कब्जे में लेना बंद किया जाए। पंजाब सरकार ने 2026 में लैंड पूलिंग नीति में कई संशोधन किए हैं, लेकिन किसानों की मांग है कि इस नीति को वापस लिया जाए। पंजाब में नशे पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण किया जाए और युवाओं के लिए स्थायी तथा सम्मानजनक रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं, ताकि युवाओं को नशे और बेरोजगारी से बचाया जा सके। पंजाब में विभिन्न जोन बनाने के नाम पर निजी संस्थाओं द्वारा गांवों की ड्रोन के माध्यम से, गांववासियों की सहमति के बिना की जा रही मैपिंग तुरंत बंद की जाए और ऐसे कार्यों के लिए गांववासियों की सहमति तथा पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ व्यापारिक गलियारा खोला जाए, ताकि पंजाब के किसानों, व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को नए बाजार मिल सकें तथा सीमावर्ती क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

    किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने कहा कि ये मोर्चे केवल किसानों के नहीं, बल्कि पंजाब के पानी, जमीन, रोजगार, कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पंजाब के भविष्य को बचाने की लड़ाई हैं।

  • बठिंडा में महिला नशा तस्कर के घर पर चला बुलडोजर, नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा

    बठिंडा में महिला नशा तस्कर के घर पर चला बुलडोजर, नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा

    बठिंडा.

    नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच बठिंडा में प्रशासन ने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की धौबियाणा बस्ती में जसप्रीत कौर पत्नी इंद्रजीत सिंह की ओर से बनाई गई इमारत को सोमवार को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।

    कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन के अनुसार, उक्त इमारत को लेकर संबंधित व्यक्ति को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के माध्यम से कब्जा हटाकर जगह खाली करने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद जगह खाली नहीं की गई। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी एवं उपायुक्त-सह-मजिस्ट्रेट के निर्देश पर प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और निर्माण को गिरा दिया।

    19 इमारतें अब तक ध्वस्त
    प्रशासन ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के साथ कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के अवैध कब्जों और निर्माणों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत जिले में अब तक 19 अवैध रूप से निर्मित इमारतों को ध्वस्त किए जाने का दावा किया गया है।

    17 महीने में 3177 मुकदमे, 4487 गिरफ्तार
    पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत बठिंडा पुलिस ने अपनी कार्रवाई के आंकड़े भी जारी किए हैं। पुलिस के अनुसार, एक मार्च 2025 से अब तक 3177 मुकदमे दर्ज कर 4487 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 113 कथित बड़े नशा तस्कर भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 से अब तक नशा तस्करी से जुड़े मामलों में 92 आरोपितों की करीब 14 करोड़ 89 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज करवाई जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है।

    सूचना देने की अपील
    बठिंडा पुलिस ने लोगों से नशे की अवैध बिक्री या तस्करी की जानकारी साझा करने की अपील की है। इसके लिए पंजाब सरकार की नशा विरोधी हेल्पलाइन 97791-00200 और बठिंडा पुलिस की नशा विरोधी हेल्पलाइन 91155-02252 पर सूचना दी जा सकती है। पुलिस ने सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने का भरोसा दिया है। पुलिस के मुताबिक, जसप्रीत कौर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं। आगे की कार्रवाई और इमारत से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।

  • यूपी विधानसभा चुनाव में फिर किस्मत आजमाएगी JDU? गठबंधन या अकेले चुनाव पर मंथन जारी

    यूपी विधानसभा चुनाव में फिर किस्मत आजमाएगी JDU? गठबंधन या अकेले चुनाव पर मंथन जारी

    पटना
    जनता दल यूनाइटेड (JDU) अगले वर्ष उत्‍तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में फिर अपनी संभावना तलाश रहा है।

    चुनाव को लेकर यूपी और बिहार में बैठकों का सिलसिला नियमित रूप से चल रहा पर अभी यह तय नहीं हाे पाया है कि जदयू पिछले विधानसभा चुनाव की तरह अकेले वहां चुनाव लड़ेगा या फिर गठबंधन की बात बढ़ेगी।

    निराशाजनक रहा था 2022 का विधानसभा चुनाव  
    वर्ष 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में जदयू की आरंभ में यह योजना थी कि वह एनडीए गठबंधन के घटक के रूप में चुनाव लड़ेगा पर इस पर बात नहीं बनी। सीटों को लेकर सहमति नहीं बनी।

    इसके बाद जदयू ने अपने बूते चुनाव में उतरने का फैसला किया। वर्ष 2022 के उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू ने 27 विधानसभा क्षेत्रों से अपने प्रत्याशी उतारे पर एक भी सीट पर उसे सफलता नहीं मिली।

    हाल यह रहा कि जदयू को एक प्रतिशत वोट भी नहीं आ सका। उपलब्ध आंकड़े के अनुसार उक्त चुनाव में जदयू को मात्र 0.11 प्रतिशत वोट ही मिले। अधिकांश सीटों पर जदयू प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी।

    पूर्वांचल में जदयू का रहा अधिक जोर
    वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जदयू का जोर पूर्वांचल की सीटों पर अधिक रहा। इसके तहत उसने जौनपुर के मल्हानी, मड़ियाहू, मुंगरा-बादशाहपुर, वाराणसी के रोहनिया, वाराणसी कैंट, चुनार, सोनभद्र के राबर्टसगंज, दुद्धी, कुशीनगर के तुमकुही राज, कुशीनगर, देवरिया के पथरदेवा, बलिया के फेफना, गाजीपुर के जहूराबाद, मुगलसराय के साथ-साथ लखनऊ कैंट, प्रयागराज के करछना, प्रतापपुर, रानीगंज, रायबरेली के सलोन आदि सीटों पर अपने उम्मीदवार दिए थे।

    वर्ष 2017 में भी थी तैयारी पर नहीं गए चुनाव मैदान में 
    2017 में भी जदयू ने उप्र विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी की थी। भाजपा के साथ गठबंधन का प्रयास किया गया था पर बात नहीं बनी। आखिर में यह तय हुआ कि जदयू चुनाव में नहीं लड़ेगा।

    शुरू हुआ बैठकों का दौड़ 
    अगले वर्ष उप्र में होने वाले विधानसभा चुनाव को ले जदयू की सक्रियता फिर आरंभ हुई है। यूपी के जदयू प्रभारी श्रवण कुमार लगातार यूपी का दौरा कर रहे हैं।

    यहां तक कि पश्चिमी उप्र में भी बैठक हो रही है। यूपी के पार्टी नेताओं के साथ हाल ही में राजगीर में भी बैठक हुई है। वैसे यह बात कही जा रही है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस बारे में चर्चा की जाएगी और उसके बाद यह तय होगा कि कहां-कहां से लड़ना है।

     

  • जामा मस्जिद के पास गरजा बुलडोजर, हाई कोर्ट के आदेश पर MCD ने हटाया अतिक्रमण

    जामा मस्जिद के पास गरजा बुलडोजर, हाई कोर्ट के आदेश पर MCD ने हटाया अतिक्रमण

     नई  दिल्ली 
    दिल्ली में सोमवार को ऐतिहासिक जामा मस्जिद के पास जमकर बुलडोजर गरजे। हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (एमसीडी) ने यहां अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। मुगलकालीन इस इमारत के आसपास सरकारी जमीन और पार्क पर कब्जा कर लिया गया था, जिसे अदालत ने खाली कराने का आदेश दिया था। भारी सुरक्षा के बीच एमसीडी के अधिकारियों ने अवैध कब्जे को तोड़ा और मलबे को ठिकाने लगाया गया।

    एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुबह से ही जामा मस्जिद और उसके आसपास सार्वजनिक स्थानों और पार्क से अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया गया। अधिकारी ने कहा, 'सार्वजनिक जगहों और पार्कों पर किए गए अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। स्मारक के आसपास यह कार्रवाई की जा रही है।' एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इलाके के कम से कम तीन पार्कों को कब्जा मुक्त कराया गया है। लंबे समय से इन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा था।

    ढांचे भी तोड़े गए
    यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद की गई जिसमें जिसमें एमसीडी को जामा मस्जिद और उसके आसपास अवैध निर्माण और अतिक्रमण का सर्वेक्षण करने और उन्हें हटाने के लिए उचित कार्रवाई करने को कहा गया था। अधिकारियों के अनुसार एमसीडी की टीम सोमवार सुबह इलाके में पहुंचीं और स्मारक के आसपास सार्वजनिक जगहों पर कब्जा कर बनाए गए ढांचों और अन्य अतिक्रमणों को हटाना शुरू किया।

    पुलिस बल की तैनाती के बीच ऐक्शन
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'जामा मस्जिद के पास प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।'दिल्ली की प्रमुख मुगलकालीन ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में पर्यटक और नमाजी आते हैं। इसके आसपास भीड़भाड़ वाला कारोबारी इलाका है। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम की यह कार्रवाई जामा मस्जिद के आसपास अतिक्रमण और अवैध निर्माण को लेकर उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन के तहत की जा रही है।

  • पंजाब कांग्रेस का कर्मचारियों को समर्थन, महंगाई भत्ता बकाया और पुरानी पेंशन की मांग उठाई

    पंजाब कांग्रेस का कर्मचारियों को समर्थन, महंगाई भत्ता बकाया और पुरानी पेंशन की मांग उठाई

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने लंबित महंगाई भत्ते के बकाये और पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई है। अपने लाइव संवाद कार्यक्रम ‘वडिंग विद वॉरियर्स’ के चौथे सत्र में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता कर्मचारियों को न्याय मिलने तक उनके साथ खड़े रहेंगे।

    वडिंग ने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि वे सरकार से कोई विशेष रियायत नहीं, बल्कि अपना हक मांग रहे हैं। उन्होंने कहा-
    "जो लड़ते हैं, वही जीतते हैं।"
    पंजाब सरकार पर वादों से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए उन्होंने ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर सवाल किया कि यदि इसे लागू करने की मंशा नहीं थी तो अधिसूचना क्यों जारी की गई। उन्होंने सरकार को कर्मचारियों से टकराव से बचने की चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब का कामकाज कर्मचारियों के बिना ठप हो जाएगा। वडिंग ने कहा कि कर्मचारियों को कार्रवाई की धमकी देकर डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो कार्रवाई करके देखो… आपकी सरकार छह महीने पहले ही चली जाएगी।” उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में इन्हीं कर्मचारियों ने आप को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    वित्तीय प्राथमिकताओं पर वडिंग के तीखे सवाल
    वडिंग ने सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कर्मचारियों के करीब 14,000 करोड़ रुपये के बकाये व लाभ न देने और 25,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के लिए कथित 341 करोड़ रुपये सलाहकारों को देने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 2022 में करीब 2.85 लाख करोड़ रुपये का कर्ज अब बढ़कर लगभग 4.48 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

    पंजाब की नई उम्मीद हैं राहुल
    वडिंग ने मालवा नहर, नए मेडिकल कॉलेजों और स्कूल-कॉलेजों से जुड़े वादों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मान सरकार को हटाने और स्थिर सरकार के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की। राहुल गांधी की तारीफ करते हुए वडिंग ने उन्हें “भारत की नई उम्मीद और पंजाब की नई उम्मीद” बताया। उन्होंने कहा कि राहुल तमाम मुश्किलों के बावजूद संघर्ष करते रहे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी उनसे प्रेरणा लेकर लड़ाई जारी रखनी चाहिए।

  • दिल्ली के कचरे के पहाड़ों पर बड़ा एक्शन, 15 लाख ट्रक कचरा हटाकर 100 एकड़ जमीन खाली

    दिल्ली के कचरे के पहाड़ों पर बड़ा एक्शन, 15 लाख ट्रक कचरा हटाकर 100 एकड़ जमीन खाली

    नई दिल्ली
    सरकार दिल्ली में कचरे के पहाड़ों को खत्म करने की होड़ में लगी है। इसी के तहत भलस्वा, ओखला और गाजीपुर में 15 लाख ट्रक कचरा हटाकर दिल्ली ने लैंडफिल की 100 एकड़ जमीन वापस हासिल कर ली है, जो कि लगभग 60 फुटबॉल मैदानों के बराबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दफ्तर के मुताबिक अब तक तीनों जगहों पर लगभग 2.16 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का निपटान किया जा चुका है। इससे आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को साफ-सुथरा माहौल देने में मदद मिली है।

    सबसे ज्यादा सफाई का काम नॉर्थ दिल्ली के भलस्वा में हुआ है, जहां 1 करोड़ टन कचरे का निपटान किया गया और 45 एकड़ जमीन वापस हासिल की गई। इसके बाद साउथ दिल्ली का ओखला (70 लाख टन और 35 एकड़) और ईस्ट दिल्ली का गाजीपुर (44 लाख टन और 20 एकड़) का नंबर आता है।
    सरकार ने दो और लैंडफिल को खत्म करने के लिए दिसंबर की डेडलाइन तय की
    सरकार ने भलस्वा और ओखला लैंडफिल को पूरी तरह खत्म करने के लिए इस दिसंबर की डेडलाइन तय की है, जबकि गाजीपुर के लिए डेडलाइन दिसंबर 2027 है। हालांकि, शहर में पहले भी ऐसे लक्ष्य तय किए गए हैं और डेडलाइन पूरी नहीं हो पाई हैं। ओखला के लिए लक्ष्य को कई बार आगे बढ़ाया जा चुका है, जिसमें इस साल पांचवीं बार बदलाव भी शामिल है।

    पुराने कचरे को हटाने के लिए बायोमाइनिंग का काम चल रहा है, लेकिन लैंडफिल साइटों पर अभी भी नया कचरा पहुंच रहा है। ऐसे में सरकार के लिए असली परीक्षा यह होगी कि क्या इन नई डेडलाइन के साथ दिल्ली में कचरे के पहाड़ खत्म हो पाएंगे।

    सड़कों के नीचे बेस बनाने में कचरा का उपयोग किया जा रहा
    सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि गाजीपुर में कचरे की प्रोसेसिंग के बाद जो बेकार बचा हुआ मटीरियल (इनर्ट मटीरियल) मिलता है, उसका इस्तेमाल निचले इलाकों को भरने और सड़कों के नीचे बेस बनाने में किया जा रहा है। उन्होंने कहा, इससे न केवल कचरे की वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेसिंग सुनिश्चित हुई है, बल्कि इस प्रक्रिया से मिले मटीरियल का इस्तेमाल भी हो रहा है।

    एक बार जब प्रोसेसिंग प्लांट तैयार हो जाएंगे, तो सरकार हर दिन पैदा होने वाले कचरे को उसी गति से प्रोसेस करने की क्षमता विकसित कर लेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कचरा जमा न हो और कचरे के नए पहाड़ न बनें। सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार सभी तरह के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर ध्यान दे रही है।

  • दिल्ली में महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा पर नया नियम! 1 सितंबर से पिंक कार्ड जरूरी होने की तैयारी

    दिल्ली में महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा पर नया नियम! 1 सितंबर से पिंक कार्ड जरूरी होने की तैयारी

    नई दिल्ली
    एक सितंबर से दिल्ली की महिलाओं के लिए डीटीसी बसों में मुफ्त सफर के लिए पिंक कार्ड जरूरी हो सकता है। सरकार की ओर से दी गई छूट 31 अगस्त को खत्म हो रही है। सरकार के पिछले आदेश के मुताबिक इसके बाद बिना पिंक कार्ड के महिलाओं को बस में मुफ्त सफर की सुविधा नहीं मिलेगी। हालांकि, सरकार ने कार्ड बनवाने की प्रक्रिया जारी रखी है। हालांकि, कार्ड बनने तक मुफ्त सफर की सुविधा को लेकर मंगलवार से क्या व्यवस्था रहेगी, यह अगले निर्देश पर निर्भर करेगा।

        दरअसल, दिल्ली सरकार ने महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का लाभ केवल दिल्ली की महिलाओं तक सीमित रखने के लिए पिंक कार्ड अनिवार्य करने का फैसला किया है।
        इसके लिए दिल्ली के आधार कार्ड वाले लाभार्थियों के पिंक कार्ड बनाए जा रहे हैं।
        1 सितंबर से बदल सकता है नियम, पिछले आदेश में 31 अगस्त तक की मिली थी राहत
        अब तक 4 बार पिंक कार्ड की अनिवार्यता टाली जा चुकी है, अब मंगलवार से इसे लागू करने की योजना है

    पिंक कार्ड बनाने के लिए 50 सेंटर बनाए गए
    दिल्ली में पिंक कार्ड बनाने के लिए 50 सेंटर बनाए गए हैं। महिलाएं इन सेंटरों पर जाकर कार्ड बनवा सकती हैं। अब तक 18 लाख से ज्यादा महिलाएं पिंक कार्ड बनवा चुकी हैं। सरकार ने साफ किया है कि पिंक कार्ड बनाने का काम एक सितंबर के बाद भी जारी रहेगा। यानी जिन महिलाओं ने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है, वे अपने नजदीकी सेंटर पर जाकर इसे बनवा सकती हैं। गौरतलब है कि सरकार पहले पिंक कार्ड की अनिवार्यता एक अगस्त से लागू करने वाली थी। बाद में इसकी तारीख बढ़ाकर 16 अगस्त, फिर 28 अगस्त और उसके बाद 31 अगस्त कर दी गई। सरकार अब तक चार बार पिंक कार्ड की अनिवार्यता की तारीख बढ़ा चुकी है।