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  • बिहार के विश्वविद्यालयों में अब एकसमान होगा PG पाठ्यक्रम, 46 कार्यक्रमों के लिए तैयार होगा नया सिलेबस

    बिहार के विश्वविद्यालयों में अब एकसमान होगा PG पाठ्यक्रम, 46 कार्यक्रमों के लिए तैयार होगा नया सिलेबस

     पटना
    प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए अब एकसमान पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। इसके लिए बिहार लोक भवन में मंगलवार से छह दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें दो वर्षीय पीजी के तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर तथा एक वर्षीय पीजी के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर का पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। 

    यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 और यूजीसी के दिशा-निर्देश के अनुरूप की जा रही है। इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस कार्य के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों से 150 से अधिक विषय विशेषज्ञों और शिक्षकों को लोक भवन में बुलाया गया है। 

    इस दौरान राज्य के विश्वविद्यालयों में संचालित हो रहे सभी 46 स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे।

    प्रत्येक सेमेस्टर में होगी 22 क्रेडिट की समान व्यवस्था
    नए पाठ्यक्रम में प्रत्येक सेमेस्टर के लिए 22 क्रेडिट की समान व्यवस्था होगी तथा विद्यार्थियों को अपनी रुचि और भविष्य की जरूरत के अनुसार विषय चुनने के अधिक विकल्प मिलेंगे। तृतीय सेमेस्टर में विषय से जुड़े वैकल्पिक और कौशल विकास के पाठ्यक्रम के साथ शोध का विकल्प भी होगा। 

    चतुर्थ सेमेस्टर में विद्यार्थी विशेष विषयों की पढ़ाई, शोध परियोजना या शोध आधारित पाठ्यक्रम में से विकल्प चुन सकेंगे। दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्नातकोत्तर पीजी शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करना और सभी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम में एकरूपता लाना है। 

    नए पाठ्यक्रम में विषय की गहरी जानकारी के साथ विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी जोर दिया जाएगा। इसे बिहार में लागू चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि स्नातक के बाद स्नातकोत्तर की पढ़ाई में बेहतर तालमेल बना रहे।

  • झारखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; रांची में 13 मिमी बारिश

    झारखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; रांची में 13 मिमी बारिश

    रांची
    राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में एक बार फिर सक्रिय मानसून का असर देखने को मिल रहा है। सोमवार से शुरू शुरू हुई फुहारें मंगलवार तक जारी हैं। इस वर्षा ने जहां शहरी क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या खड़ी कर दी है तो वहीं किसानी को नया जीवन दिया है। किसान खेतों की ओर जाने लगे हैं। 

    विशेषकर राज्य के उत्तर पश्चिमी हिस्से यानी पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा समेत आसपास के जिलों में तो निराश हो चुके किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। 

    बता दें कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में वर्षा का दौर जारी है। मौसम विभाग ने एक सितंबर को रांची समेत राज्य के लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा की संभावना जताई है।

    इन जिलों में भारी वर्षा की है संभावना 
    मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, दो, तीन और चार सितंबर को भी राज्य के कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है। 

    इधर, सोमवार को राजधानी रांची में दिनभर रुक-रुककर वर्षा होती रही। देर शाम भी वर्षा का सिलसिला जारी रहा। रांची में करीब 13 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

    महुआडांड में 171 मिमी वर्षा
    पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा हुई। सबसे अधिक 171 मिमी वर्षा लातेहार के महुआडांड में दर्ज की गई। इसके अलावा डुमरिया में 112.2 मिमी, मझगांव में 95.4 मिमी, चाकुलिया में 92.4 मिमी और मुसाबनी में 80.2 मिमी वर्षा हुई। वहीं, लोहरदगा में 41 मिमी, जमशेदपुर में 49 मिमी और चाईबासा में 29.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

     

  • आधी रात CM सैनी संग हाई-लेवल मीटिंग, गेस्ट टीचर्स के परमानेंट होने की जगी आस

    आधी रात CM सैनी संग हाई-लेवल मीटिंग, गेस्ट टीचर्स के परमानेंट होने की जगी आस

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पिछले 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोमवार देर रात अतिथि अध्यापकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एक हाई लेवल मीटिंग की।

    विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद विधानसभा सचिवालय के भीतर आधी रात तक चली इस बैठक के बाद से ही गेस्ट टीचर्स को पक्का किए जाने को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

    शिक्षा मंत्री भी थे शामिल
    इस बैठक में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अतिथि अध्यापकों के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष गेस्ट टीचर्स का पूरा मुद्दा प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने मामले पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया है कि जल्द ही अधिकारियों के साथ एक औपचारिक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस समस्या के अंतिम समाधान पर फैसला लिया जाएगा।

    2014 की नीति की सभी शर्तें पूरी करते हैं गेस्ट टीचर
    प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि गेस्ट टीचर्स 2014 की नीति के तहत तय सभी नियमों और शर्तों को पूरा करते हैं। डॉ. लोहान के अनुसार, कॉलेज लेक्चरर और गेस्ट टीचर्स के नियम व शर्तें बिल्कुल एक समान थीं। कॉलेज लेक्चरर 2014 में ही पक्के किए जा चुके हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में 21 वर्षों से सेवाएं दे रहे गेस्ट टीचर आज भी अपने नियमितीकरण का इंतजार कर रहे हैं।

    उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में बीजेपी ने सरकार बनने पर पहली कलम से गेस्ट टीचर्स को नियमित करने का वादा किया था। अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे लगातार उनकी मांगों को लेकर गंभीर हैं और मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी के सकारात्मक रुख के बाद अब हजारों गेस्ट टीचर्स में जल्द पक्के होने की उम्मीद जग गई है।

  • राहुल गांधी पर FIR का विरोध, चंडीगढ़ की सड़कों पर पंजाब कांग्रेस का हल्ला बोल

    राहुल गांधी पर FIR का विरोध, चंडीगढ़ की सड़कों पर पंजाब कांग्रेस का हल्ला बोल

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के अनुसूचित जाति विंग ने मंगलवार को राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका और राज्यपाल से मिलने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने उन्हें गवर्नर हाउस जाने से रोका, जिससे टकराव की स्थिति बन गई।

    कांग्रेसियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर कांग्रेसी सड़क पर ही बैठ गए। वे राज्यपाल से मिलने के लिए लोक भवन जाने की जिद पर अड़े रहे। पंजाब कांग्रेस के कार्यवाहक प्रधान राजकुमार वेरका ने कहा कि वे शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल से मिलना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया।

    पुलिस से टकराव और हिरासत
    प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर हाउस की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश करने पर पुलिस ने कांग्रेसियों को खदेड़ा। आगे बढ़ने की कोशिश के चलते पुलिस ने कुछ कांग्रेसियों को हिरासत में लिया और उन्हें थाना 11 ले जाया गया।

    राहुल गांधी के खिलाफ मामले का विरोध
    यह प्रदर्शन राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले के विरोध में आयोजित किया गया था। राजकुमार वेरका ने कहा कि राहुल गांधी ने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ हो रहे भेदभाव के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मुद्दे को उठाने वाले के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया। कांग्रेस का कहना है कि वे इस कार्रवाई का विरोध जारी रखेंगे। 

  • अमृतसर में ड्रग्स और जाली नोट बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार; 1.54 किलो नशा मिला

    अमृतसर में ड्रग्स और जाली नोट बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार; 1.54 किलो नशा मिला

    अमृतसर 

    भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे अमृतसर के इलाकों में BSF और पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। अलग-अलग मामलों में कुल 1 किलो 54 ग्राम ड्रग्स और करीब एक लाख 98 हजार रुपए की जाली भारतीय करंसी बरामद की गई। इस दौरान एक नशा तस्कर को भी गिरफ्तार किया। 

    BSF की 181 बटालियन के जवानों ने सोमवार देर रात बीओपी काहनगढ़ इलाके में तलाशी के दौरान एक पैकेट बरामद किया। जांच करने पर पैकेट से 577 ग्राम आइस ड्रग यानी क्रिस्टल मेथ बरामद हुई। BSF के कंपनी कमांडर राकेश नेगी की शिकायत पर घरिंडा पुलिस ने अज्ञात तस्कर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दाओके से 1.98 लाख की जाली करंसी मिली
    इसी क्षेत्र में BSF ने एक अन्य कार्रवाई के दौरान बीओपी दाओके के पास से 1 लाख 98 हजार रुपए की जाली भारतीय करंसी बरामद की। कंपनी कमांडर रमेश चंद्र शाह की शिकायत पर घरिंडा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जाली करंसी सीमा पार से किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई।

    बुर्ज में 766 ग्राम अफीम बरामद
    वहीं, भिंडीसैदा थाना क्षेत्र में BSF की 45 बटालियन ने गांव बुर्ज के बाहर एक संदिग्ध लावारिस पैकेट बरामद किया। तलाशी लेने पर उसमें से 766 ग्राम अफीम मिली। कंपनी कमांडर विकास शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात तस्कर के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    लोपोके में 205 ग्राम हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार
    इसके अलावा, लोपोके पुलिस ने लिंक रोड हेतमपुरा के पास गश्त के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली। आरोपी की पहचान लोधी गुज्जर निवासी गुरमेज सिंह के रूप में हुई। उसके कब्जे से 205 ग्राम हेरोइन और 1,200 रुपए की ड्रग मनी बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

     

  • राजस्थान में फिर सक्रिय होगा मानसून, 2 सितंबर से बारिश का नया दौर; कोटा संभाग में भारी बारिश का अलर्ट

    राजस्थान में फिर सक्रिय होगा मानसून, 2 सितंबर से बारिश का नया दौर; कोटा संभाग में भारी बारिश का अलर्ट

    जयपुर
    राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से कमजोर मानसून के बीच मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती सप्ताह में बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान जारी किया है। 2 और 3 सितंबर से भरतपुर और जयपुर संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसके बाद 4 से 7 सितंबर तक प्रदेश के पांच संभागों में बारिश का दायरा और व्यापक हो जाएगा। इस दौरान कोटा संभाग में भारी बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।

    मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 2 सितंबर से भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ जिलों में मानसूनी गतिविधियां बढ़ना शुरू होंगी। 3 सितंबर को भी इन क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम में बदलाव के साथ कई स्थानों पर बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इससे पिछले दिनों से बनी गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिल सकती है।

    4 से 7 सितंबर तक पांच संभागों में बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक 4 से 7 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में बारिश का दायरा काफी बढ़ जाएगा। जयपुर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान मानसून की गतिविधियां पहले की तुलना में ज्यादा प्रभावी रहने के आसार हैं।

    कोटा संभाग में भारी बारिश की चेतावनी
    बारिश के नए दौर में कोटा संभाग पर मौसम विभाग की विशेष नजर रहेगी। विभाग के अनुसार कोटा और आसपास के जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है, जबकि कहीं-कहीं भारी बारिश भी होने की संभावना है। भारी बारिश की स्थिति में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति बनने की आशंका है।

    पश्चिमी राजस्थान में मानसून रहेगा कमजोर
    पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने के बावजूद पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर रहने का अनुमान है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में आगामी दिनों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। बारिश नहीं होने से इन क्षेत्रों में उमस और गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।

    शेखावाटी में छिटपुट बौछारों के आसार
    पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों को हालांकि बारिश से आंशिक राहत मिल सकती है। 4 से 6 सितंबर के दौरान बीकानेर संभाग और उससे सटे शेखावाटी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। सीकर, झुंझुनूं और चूरू में छिटपुट मानसूनी बौछारें पड़ सकती हैं।

  • पंजाब में फिर करीब आ रहे BJP-अकाली दल? गठबंधन की चर्चा तेज, बड़े भाई की भूमिका में बीजेपी

    पंजाब में फिर करीब आ रहे BJP-अकाली दल? गठबंधन की चर्चा तेज, बड़े भाई की भूमिका में बीजेपी

    चंडीगढ़ 
    पंजाब की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच दोबारा गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। करीब छह साल पहले कृषि कानूनों के मुद्दे पर यह पुराना रिश्ता टूट गया था। इस बार सीटों के बंटवारे और दोनों दलों की बदली राजनीतिक हैसियत सबसे बड़ा सवाल है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा गठबंधन में लगभग 60 विधानसभा सीटों पर दावा करने की तैयारी में है।

    यह नया तरीका 1996 से 2020 तक चले पुराने समीकरण से बिल्कुल अलग होगा। उस समय अकाली दल 94 और भाजपा 23 सीटों पर चुनाव लड़ती थी। 1996 में मोगा सम्मेलन के बाद अकाली-भाजपा गठबंधन पंजाब का सबसे मजबूत चुनावी समीकरण बना था। अकाली दल ग्रामीण और सिख क्षेत्रों में मजबूत था, जबकि भाजपा शहरी हिंदू मतदाताओं में। 

    अकाली दल केंद्र में एनडीए का हिस्सा रहा और अटल बिहारी वाजपेयी तथा नरेंद्र मोदी की सरकारों में भी शामिल था। इस पूरे दौर में भाजपा गठबंधन में लगातार छोटे साझेदार की भूमिका में रही। सितंबर 2020 में कृषि कानूनों के विवाद के कारण अकाली दल ने भाजपा से नाता तोड़ दिया। इससे करीब 24 साल पुराना औपचारिक गठबंधन समाप्त हो गया।

    बदली भाजपा की राजनीतिक हैसियत
    गठबंधन टूटने के बाद भाजपा को पंजाब में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक जमीन तैयार करने की चुनौती मिली। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी के साथ गठबंधन किया। पार्टी केवल दो सीटें जीत सकी और उसका वोट फीसदी करीब 6.6 रहा। 2024 के लोकसभा चुनाव ने तस्वीर काफी हद तक बदल दी। भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ते हुए भले ही कोई सीट नहीं जीती पर उसका वोट फीसदी बढ़कर 18.56 तक पहुंच गया। पहली बार पंजाब में भाजपा का वोट फीसदी अकाली दल से अधिक रहा।

    भाजपा का बढ़ता आधार और आत्मविश्वास
    इस प्रदर्शन ने भाजपा को विश्वास दिया कि वह अब केवल शहरी सीटों तक सीमित नहीं है। 2026 के निकाय चुनावों में भी भाजपा ने शहरी क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने का दावा किया। अबोहर और पठानकोट जैसे क्षेत्रों में पार्टी ने अपनी मौजूदगी दिखाई। भाजपा ने कांग्रेस और अकाली दल के कई बड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ और मनप्रीत सिंह बादल जैसे नेता भाजपा में आए। इससे पार्टी को पंजाब की ग्रामीण और सिख राजनीति में भी आधार बढ़ाने का अवसर मिला।

    सीट बंटवारे पर नई चुनौती
    भाजपा संगठन में भी सिख चेहरों को प्रमुखता देने की रणनीति दिख रही है। केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा अध्यक्ष बनाया जाना इसी रणनीति का हिस्सा है। यही बदली हुई राजनीतिक स्थिति अब संभावित गठबंधन के सीट बंटवारे में दिख रही है। भाजपा पुराने 94-23 तरीके पर लौटने के बजाय बराबरी के राजनीतिक साझेदार के रूप में बातचीत करना चाहती है। अकाली दल के लिए भी भाजपा के साथ गठबंधन आसान नहीं होगा। 2022 विधानसभा और 2024 लोकसभा में उसका प्रदर्शन कमजोर रहा है। 

  • 1 सितंबर से मुंबईकरों पर महंगाई की मार, दूध-ऑटो-टैक्सी और कमर्शियल LPG के दाम बढ़े

    1 सितंबर से मुंबईकरों पर महंगाई की मार, दूध-ऑटो-टैक्सी और कमर्शियल LPG के दाम बढ़े

    जयपुर 
    सितंबर महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए महंगाई का झटका लेकर आई है। 1 सितंबर 2026 से देश और खासकर मुंबई में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। मुंबई में दूध के दाम बढ़ गए हैं, वहीं ऑटो और टैक्सी का सफर भी महंगा हो गया है। इसके अलावा 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, घरेलू LPG सिलिंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    मुंबई में दूध हुआ महंगा, 93 से बढ़कर 102 रुपये लीटर
    मुंबईकरों के लिए सितंबर की शुरुआत दूध की बढ़ी कीमतों के साथ हुई है। डेयरी में मिलने वाले दूध की कीमत 9 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई है। अब तक 93 रुपये लीटर मिलने वाला दूध 102 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस बढ़ोतरी का असर खुदरा बाजार में भी होगा। ग्राहकों को कुछ जगहों पर दूध के लिए करीब 110 रुपये प्रति लीटर तक चुकाने पड़ सकता है।

    मुंबई में ऑटो-टैक्सी का सफर भी महंगा
    मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में ऑटो और टैक्सी के नए किराये भी 1 सितंबर से लागू हो गए हैं। नए टैरिफ के मुताबिक, ऑटो के किराये में 1 रुपये प्रति किलोमीटर और टैक्सी के किराये में 2 रुपये प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है।

    पहले 1.5 किलोमीटर के सफर के लिए अब नए न्यूनतम किराये लागू होंगे। आज से शुरुआती 1.5 किमी की न्यूनतम दूरी के लिए ऑटो का भाड़ा 26 रुपये से बढ़कर 27 रुपये और टैक्सी का न्यूनतम भाड़ा 31 रुपये से बढ़कर 33 रुपये हो गया है।

    ऑटो और टैक्सी चालकों को मीटर में नए किराये के अनुसार बदलाव करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। तब तक यात्रियों के लिए संशोधित टैरिफ कार्ड के आधार पर किराया लेने की व्यवस्था रहेगी।

    सितंबर की शुरुआत में एलपीजी की कीमतों में भी बदलाव किया गया है। मुंबई में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत 9.50 रुपये बढ़कर 2,701 रुपये हो गई है। इसके अलावा 5 किलो के नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी रिफिल की कीमत में भी 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत 762 रुपये से बढ़कर 764 रुपये प्रति सिलिंडर हो गई है।

    हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मुंबई में घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत फिलहाल 941.50 रुपये बनी हुई है।

    त्योहारों से पहले बढ़ी महंगाई, बजट पर पड़ेगा असर
    सितंबर से लागू इन बदलावों का असर सीधे आम लोगों के रोजमर्रा के खर्च पर पड़ेगा। दूध की कीमत बढ़ने से घर का बजट प्रभावित होगा, जबकि ऑटो-टैक्सी किराये में बढ़ोतरी का असर रोजाना सफर करने वाले मुंबईकरों पर पड़ेगा। कमर्शियल एलपीजी महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे कारोबारी प्रतिष्ठानों की लागत बढ़ेगी, जिसका अप्रत्यक्ष प्रभाव ग्राहकों पर देखने को मिल सकता है।

  • मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर 7 दिन का किसान कैंप, निकलने से पहले जान लें नया ट्रैफिक रूट

    मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर 7 दिन का किसान कैंप, निकलने से पहले जान लें नया ट्रैफिक रूट

    मोहाली
     पंजाब के किसानों के 32 संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आज से मोहाली-चंडीगढ़ बार्डर पर सात दिनों तक पक्का मोर्चा लगाया जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर लगाए जाने वाले इस मोर्चे को लेकर किसानों की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है।

    मोर्चे में पंजाब के हर इलाकों से किसान धरना स्थल पर पहुंच रहे है। इस कारण फेज-11 , जगतपुरा, बाबा व्हाइट हाउस चौक सहित शहर के अंदरूनी भागों में किसान ट्रैक्टरों सहित होकर मोर्चे वाले स्थान पर पहुंचेंगे।

    इस कारण मोहाली प्रशासन की ओर से आयशर चौक से एयरपोर्ट रोड और आयशर चौक से फेज-9 की तरफ से चंडीगढ़ तरफ जाया जा सकता है। किसानों के पक्के मोर्चे को देखते हुए चंडीगढ़ तरफ जाने वालों को फेज 10 , फेज-11 की तरफ नहीं जाना चाहिए।

    किसानों की ओर से ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर आया जा रहा है इस कारण आयशर चौक से बेस्टेक माल तक की सड़क को सभी तरह के वाहनाें के लिए बंद किया गया है। पिछली बार किसानों ने इस स्थान पर प्रशासन से मीटिंग किए बगैर मोर्चा लगाया था तो कई रास्तों पर जाम की स्थिति बन गई थी।

    इस बार किसान यूनियन के नेताओं की ओर से मोहाली-चंडीगढ़ पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग होने के बाद ही मोर्चा लगाने की इजाजत मिली है। इसलिए पिछली बार लगाए मोर्चे की तरह स्थिति खराब नहीं होगी और लोगों को ज्यादा कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़ सकता है।

    तीन वैकल्पिक रूट किए गए निर्धारित
    ट्रैफिक पुलिस ने चंडीगढ़ जाने वाले वाहन चालकों के लिए तीन वैकल्पिक रास्ते सुझाए हैं।

    पहला रूटः आयशर चौक से लांडरां रोड सेक्टर-82/83 रोड जगतपुरा चंडीगढ़।

    दूसरा रूटः आइआइएसईआर चौक से एयरपोर्ट रोड आईटी सिटी/एरोट्रोपोलिस जगतपुरा चंडीगढ़।

    तीसरा रूटः आइआइएसईआर चौक से फेज-9 रोड सेक्टर-66/68 रोड जगतपुरा चंडीगढ़।

     

  • हरियाणा सदन में CM का हुड्डा पर तंज, बोले- कोहनी मारकर पुलिस की कमर तोड़ दी

    हरियाणा सदन में CM का हुड्डा पर तंज, बोले- कोहनी मारकर पुलिस की कमर तोड़ दी

    चंडीगढ़.

    विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन वीरवार को विधानसभा गेट के बाहर कांग्रेस विधायकों और चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारियों में धक्का-मुक्की का मुद्दा सोमवार को भी सदन में छाया रहा। "गुंडागर्दी" पर हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर इशारा करते हुए तंज कसा कि आपने कोहनी मारकर पुलिस वालों की कमर तोड़ दी।

    इस पर पलटवार करते हुए हुड्डा ने कहा कि अगर मैंने ऐसा किया है तो मेरे खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दो। वहीं, कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने चुटकी ली कि जिस पुलिसकर्मी को कोहनी मारी गई, उसके साथ इंसाफ कैसे होगा।

    हुड्डा ने दी चुनौती
    हुड्डा ने चुनौती दी कि आपके कहने से एफआइआर दर्ज नहीं होती तो सदन से इस्तीफा दे जाओ। प्रश्नकाल खत्म होते ही कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने विधायकों के साथ हुए दुर्व्यवहार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘गुंडागर्दी’ शब्द का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने जवाब में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी को ‘कोहनियां मारकर उसकी कमर तोड़ने’ का आरोप लगाया तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। हुड्डा ने कहा कि आरोप लगाए जा रहे हैं तो कार्रवाई भी होनी चाहिए। मामला जब शांत हुआ तो विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियम भी साफ कर दिए। मुख्य गेट से ही विधानसभा परिसर शुरू हो जाता है। गेट के अंदर आने के बाद किसी तरह का प्रदर्शन या धरना नहीं किया जा सकता। समानांतर सत्र चलाने तथा पोस्टर या तख्ती लेकर आने की भी अनुमति नहीं होती। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सत्र से पहले पुलिस और विधानसभा के सिक्योरिटी स्टाफ के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक होती है।

    हम हुड्डा से सीखते हैं, लेकिन उनके रास्ते पर नहीं चलते
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हुड्डा सदन के बहुत वरिष्ठ एवं सम्मानित सदस्य हैं। हम उनसे सीखते भी हैं। हालांकि हम उस रास्ते पर नहीं चलते, जो ये सिखाते हैं। हमारा रास्ता अलग है। रही बात गुंडागर्दी को लेकर उनके द्वारा कही गई बात की, तो पूरी कार्यवाही और संदर्भ को देखा जा सकता है। उनका किसी का अपमान करने का आशय नहीं था। कांग्रेस विधायकों द्वारा नारे लगाए जा रहे थे कि "इनकी तरफ से गुंडागर्दी की जा रही है।" उन्होंने केवल इतना कहा था कि “गुंडागर्दी हमारी तरफ से नहीं, आपकी तरफ से चल रही है।” ।

    सज्जन कुमार का अनुयायी बताने पर भड़के कांग्रेसी
    सदन में माहौल गरमा गया जब अनिल विज ने कहा कि "सज्जन कुमार के अनुयायी सुन लीजिए।" इस पर कांग्रेस विधायकों ने सदन ने में हंगामा शुरू कर दिया तो स्पीकर विधायकों को चेतावनी देते हुए कहा कि "नेम करने के लिए मजबूर मत कीजिए।" काले कपड़ों पर विवाद के बीच विज ने कहा कि हुड्डा की यादाश्त कम हो गई है। इन्हें याद नहीं आता कि उनकी सरकार में विधानसभा परिसर कहां तक होता था। इनकी सरकार में हमें परिसर से धक्के देकर निकाल दिया जाता था, जिससे हमें सचिवालय के सामने बैठना पडता था। पानी तक नहीं पीने देते थे। हम तो फिर भी काले कपड़े पहनकर नहीं आते थे।