Category: news

  • 2027 में तैयार होगा अंबाला-शामली सिक्स लेन हाईवे, पश्चिमी यूपी का सफर होगा आसान

    2027 में तैयार होगा अंबाला-शामली सिक्स लेन हाईवे, पश्चिमी यूपी का सफर होगा आसान

    अंबाला
     साल 2027 में हरियाणा के लोगों को एक नई सौगात मिलेगी। अंबाला से शामली तक छह लाइन का हाइवे बनाया जा रहा है।

    इसका काम तकरीबन 70 फीसदी पूरा भी हो चुका है। इस राजमार्ग से बन जाने से पश्चिमी यूपी का सफर आसान हो जाएगा। वहीं, इस रूट का फायदा हरियाणावासियों को भी खूब मिलेगा। हरियाणा से वेस्ट यूपी तक बन रहा यह हाइवे मार्च, 2027 तक पूरा हो जाएगा।
    4900 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण

    हरियाणा के अंबाला से लेकर उत्तर प्रदेश के बीच बन रहा 122 किलोमीटर लंबा यह हाइवे की लागत 4800 करोड़ रुपये है। जिसके पूरा होने का लक्ष्य मार्च, 2027 रखा है। इस हाइवे को भारतमाला परियोजना के तहत किया जा रहा है। यह साल 2024 में शुरू हुआ था।

    हरियाणा के किन जिलों को फायदा?
        करनाल
        पानीपत
        कुरुक्षेत्र
        यमुनानगर
        अंबाला
        कैथल
        जींद
        रोहतक

    कहां से लेकर कहां तक बना रहा यह हाईवे?
    इस हाइवे का निर्माण अंबाला से शामली के बीच हो रहा है। इस बीच यह छह जिलों से होकर गुजरेगा। हरियाणा के अंबाला के अंतर्गत सोदापुर गांव से इसकी शुरुआत होगी।

    इसके बाद कुरुक्षेत्र, करनाल और यमुनानगर से होते हुए यह यूपी के सहारनपुर से होकर शामली को जोड़ेगा। खास बात है कि इस पूरे हाइवे पर कोई टोल प्लाजा नहीं होगा। 

    हाइवे से जुड़ी खास बातें…
        हाइवे पर कई स्थानों पर दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॉरिडोर की तर्ज पर रेस्ट एरिया बनाया जाएगा।
        पेट्रोल, सीएनजी पंप, रेस्टोरेंट और शौचालय आदि की सुविधा सुलभ कराई जाएगी। 
        NHAI बागपत डिवीजन द्वारा शामली से सहारनपुर तक 45 किमी हाइवे का निर्माण कराया जा रहा है।
        इस हाइवे का 77 किमी का दरमियां अंबाला डिवीजन के अंतर्गत आता है।
        हाइवे का लगभग 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
        मार्च-2027 तक निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।

  • झारखंड में SIR के बाद 4.45 लाख वोटरों को नोटिस, दस्तावेजों से साबित करनी होगी पात्रता

    झारखंड में SIR के बाद 4.45 लाख वोटरों को नोटिस, दस्तावेजों से साबित करनी होगी पात्रता

    रांची 
    झारखंड में एसआईआर को लेकर मैपिंग का काम खत्म होने के बाद प्रारूप वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया गया। प्रारूप मतदाता सूची में शामिल 16,52,203 वोटरों में से 4,45,901 वोटरों के नाम, उम्र, पिता के नाम समेत अन्य तरह की विसंगतियां पाई गई हैं। अब इन वोटरों को जिला निर्वाचन विभाग की ओर से नोटिस भेजा जा रहा है। जिन वोटरों को नोटिस भेजा जा रहा है, वह इन गलतियों को सुधारने के लिए दस्तावेज लेकर सुनवाई में शामिल होंगे। आइए जानते हैं चुनाव आयोग ने क्या कहा है।

    जिला निर्वाचन विभाग ने जिले के 50 अधिकारियों को सुनवाई के काम में लगाया है। नगर निगम, जिला प्रशासन से लेकर लगभग सभी सरकारी विभाग के अधिकारी और कर्मी एसआईआर की सुनवाई में लगे हुए हैं। चार-पांच बूथों को मिलाकर एक जगह केंद्र बनाया गया है, वहीं अधिकारी बैठकर सुनवाई कर रहे हैं। लोग वोटर लिस्ट में हुई गलतियों को सुधारने के लिए पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक गलती नाम की स्पेलिंग को लेकर है। इससे संबंधित मैट्रिक का प्रमाणपत्र देकर नाम सुधारा जा रहा है। जिनके पास नोटिस पहुंच रहा है, सिर्फ उन्हें अपने दस्तावेज लेकर सुनवाई में शामिल होना है।
    नो मैपिंग की श्रेणी में आनेवाले वोटरों को नोटिस

    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वैसे मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है, जो मतदाता सूची की मैपिंग प्रक्रिया में नो-मैपिंग की श्रेणी में पाए गए हैं अथवा जिनकी मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टियों में किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है। सुनवाई का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के दावों का नियमानुसार सत्यापन करते हुए मतदाता सूची की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित 12 मान्य दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज के माध्यम से अपनी पात्रता प्रमाणित करने का अवसर दिया जा रहा है। दस्तावेजों के परीक्षण एवं आवश्यक सत्यापन के उपरांत पात्र मतदाताओं के नाम एवं विवरण को नियमानुसार मतदाता सूची में सुरक्षित एवं अद्यतन रखने की कार्रवाई की जा रही है।
    गोविंदपुर में 27 हजार वाटरों के नाम हटाए

    गोविंदपुर। गोविंदपुर प्रखंड में 27,301 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे कुल वोटरों की संख्या 2,32,993 से घटकर 2,05,693 रह गई है। 38,954 मतदाताओं के नाम विसंगति सूची में डाले गए हैं। बीडीओ जहीर आलम और सीओ यशवंत कुमार सिन्हा ने बताया कि मृत, स्थायी रूप से शिफ्ट, दोहरी प्रविष्टि वाले या नोटिस पर हस्ताक्षर न करने वाले मतदाताओं के नाम जांच के बाद हटाए गए हैं।

  • समस्तीपुर के 21 स्टेशनों पर ₹233 करोड़ से लगेगा इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलिंग सिस्टम

    समस्तीपुर के 21 स्टेशनों पर ₹233 करोड़ से लगेगा इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलिंग सिस्टम

    पटना.

    रेल परिचालन को और सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने के लिए समस्तीपुर मंडल में सिग्नलिंग व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। रेल मंत्रालय ने मंडल के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग (EI) लगाने के लिए 233 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

    इसके तहत इन स्टेशनों पर वर्तमान में कार्यरत पैनल इंटरलाॅकिंग व्यवस्था को हटाकर आधुनिक कंप्यूटर आधारित इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाॅकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इससे स्टेशनों की सिग्नलिंग व्यवस्था अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित हो सकेगी।

    कवच के लिए मजबूत होगा सिग्नलिंग नेटवर्क
    रेलवे के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाॅकिंग की व्यवस्था कवच के क्रियान्वयन के लिए भी महत्वपूर्ण होगी। स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच को लागू करने के लिए आधुनिक और विश्वसनीय सिग्नलिंग ढांचा आवश्यक है। ऐसे में 21 स्टेशनों पर ईआई की स्थापना से कवच से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी।

    कंप्यूटर आधारित तकनीक से बढ़ेगी विश्वसनीयता
    वर्तमान पैनल इंटरलाकिंग की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग अधिक आधुनिक कंप्यूटर आधारित तकनीक है। इसमें सिग्नल, प्वाइंट और रूट से संबंधित कार्यों को अधिक सटीक तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सिग्नलिंग उपकरणों की निगरानी और संचालन में भी सुधार होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाॅकिंग का एक बड़ा लाभ तकनीकी खराबी का तेजी से पता लगाना है। इससे फाॅल्ट डायग्नोसिस में लगने वाला समय कम होगा और रखरखाव कार्य भी अपेक्षाकृत आसान हो जाएगा। इससे सिग्नलिंग सिस्टम की उपलब्धता और परिचालन विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

    ट्रेनों के परिचालन में आएगा सुधार
    स्टेशनों पर सिग्नलिंग व्यवस्था मजबूत होने का सीधा असर ट्रेन परिचालन पर भी पड़ेगा। प्वाइंट और सिग्नल के संचालन में अधिक सटीकता आने से ट्रेनों के आवागमन को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे परिचालन में लचीलापन बढ़ने के साथ सुरक्षा मानकों को भी मजबूती मिलेगी। समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाॅकिंग की स्थापना भारतीय रेलवे के सिग्नलिंग आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है। रेलवे लगातार पुराने सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक तकनीक से बदल रहा है, ताकि बढ़ते रेल यातायात के बीच सुरक्षित, सुगम और अधिक भरोसेमंद ट्रेन परिचालन सुनिश्चित किया जा सके।

  • राहुल गांधी और राजा वड़िंग के समर्थन में पंजाब कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, कई समर्थक हिरासत में

    राहुल गांधी और राजा वड़िंग के समर्थन में पंजाब कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, कई समर्थक हिरासत में

    चंडीगढ़.

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ अनुसूचित जाति आयोग की ओर से जारी गिरफ्तारी संबंधी आदेशों के विरोध में मंगलवार को चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया।

    सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक खींचतान की स्थिति बनी रही। हालात को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में चंडीगढ़ पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व पंजाब कांग्रेस के वर्किंग प्रेसिडेंट डॉ. राजकुमार वेरका ने किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और अनुसूचित जाति आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।

    वहीं, उत्तराखंड के हल्द्वानी में कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले को लेकर कार्रवाई तथा राजा वड़िंग के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेशों का भी विरोध किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने डॉ. राजकुमार वेरका और उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें सेक्टर-11 थाने ले गई, जहां करीब आधे घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। डॉ. वेरका ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति आयोग बंधुआ मजदूरों की तरह काम कर रहा है। उन्होंने राजा वड़िंग के खिलाफ गिरफ्तारी आदेशों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि मामला हाई कोर्ट के विचाराधीन होने के बावजूद आयोग इस तरह के आदेश जारी नहीं कर सकता। प्रदर्शन के चलते करीब एक घंटे तक मध्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा और मार्ग को बंद करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई।

  • बिहार में बनेगा NSD का नया कैंपस, कलाकारों को मिलेंगे प्रशिक्षण के बेहतर अवसर

    बिहार में बनेगा NSD का नया कैंपस, कलाकारों को मिलेंगे प्रशिक्षण के बेहतर अवसर

    पटना 
    बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय यानी NSD का नया कैंपस बनेगा। एनएसडी के नए कैंपस की स्थापना को केंद्र सरकार की सहमति मिलने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा है कि यह निर्णय बिहार की समृद्ध नाट्य एवं प्रदर्शन कला परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और नई संभावनाएं प्रदान करेगा। बिहार की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध रही है।

    सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि यह कालिदास, रामवृक्ष बेनीपुरी और भिखारी ठाकुर जैसी महान विभूतियों की भूमि है। राज्य की लोक नाट्य एवं प्रदर्शन कलाओं की अपनी विशिष्ट और गौरवशाली परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में एनएसडी कैंपस की स्थापना से राज्य के युवा कलाकारों को पेशेवर नाट्य प्रशिक्षण, स्टेजक्राफ्ट, प्रदर्शन कला और उन्नत शोध के लिए बेहतर संस्थागत अवसर मिलेंगे।

    सीएम ने बिहार में फिल्म सिटी का किया था ऐलान
    बता दें कि अभी कुछ ही दिनों पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया था कि बिहार में फिल्म सिटी बनाई जाएगी। सीएम 'भोजपुरी बवाल' कार्यक्रम के ग्रैंड फिनाले का उद्घाटन करने पहुंचे थे। सीएम ने इस मौके पर भोजपुरी जगत के कलाकारों से आग्रह किया था कि वो सभी मिलकर फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त जगह का चयन करें। सीएम ने कहा था कि बिहार के बच्चों में अभिनेता, निर्देशक, लेखक, संगीतकार और फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रतिभा है।

    सीएम ने कहा था कि फिल्म जगत से जुड़े लोगों का बिहार में स्वागत है औऱ सरकार फिल्म निर्माण से जुड़े कलाकारों और निर्माताओं को हरसंभव मदद भी देगी। बता दें कि सरकार ने बिहार में करीब 54 फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति प्रदान की है।

    सुनील शेट्टी ने सीएम से की थी मुलाकात
    बता दें कि मशहूर अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद सुनील शेट्टी ने कहा था कि वो जल्द ही बिहार में फिल्म निर्माण करेंगे।

  • रामगढ़-विषधारी में री-वाइल्डिंग सफल, RVT-7 ने 41 किमी क्षेत्र में बनाई टेरिटरी

    रामगढ़-विषधारी में री-वाइल्डिंग सफल, RVT-7 ने 41 किमी क्षेत्र में बनाई टेरिटरी

     बूंदी
    राजस्थान के चौथे और तेजी से उभरते रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण को लेकर उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रदेश में पहली बार वन विभाग को बिना मां के पले एक बाघ शावक को पूरी तरह से जंगल के अनुकूल ढालने (री-वाइल्डिंग) में सफलता मिली है। वैज्ञानिक प्रक्रिया के जरिए तैयार किए गए इस युवा नर बाघ RVT-7 को 23 जून को टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक वन क्षेत्र में 'हार्ड रिलीज' किया गया था। महज दो महीनों के भीतर ही इस बाघ ने न केवल जंगल की कठिन परिस्थितियों से तालमेल बिठा लिया है, बल्कि अपनी टेरिटरी बनाने के स्पष्ट संकेत भी दिए हैं।

    वन विभाग की ओर से सेटेलाइट रेडियो कॉलर के जरिए बाघ की 24 घंटे निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। प्राप्त मूवमेंट मैप से पता चला है कि RVT-7 अब तक लगभग 41 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में घूम चुका है और उसने आधा दर्जन शिकार भी किए हैं।

    वन अधिकारियों के अनुसार, कुछ खास इलाकों में बाघ की गतिविधियां नियमित रूप से केंद्रित होने लगी हैं। इसके अलावा, बाघ द्वारा पेड़ों पर पंजों से खरोच बनाने और सेंट स्प्रे करने जैसे ठेठ टेरीटोरियल व्यवहार भी देखे जा रहे हैं, जो यह साबित करते हैं कि वह प्राकृतिक रूप से आत्मनिर्भर हो चुका है।

    RVT-1 के साथ आमना-सामना
    टाइगर रिजर्व के लिए सबसे राहत देने वाली बात यह रही कि RVT-7 का सामना इस जंगल में अब तक एकछत्र राज करने वाले वरिष्ठ नर बाघ RVT-1 से दो-तीन बार हुआ। इसके बावजूद, दोनों शक्तिशाली नर बाघों के बीच किसी भी प्रकार की हिंसा या आक्रामक संघर्ष नहीं देखने को मिला। RVT-7 अन्य बाघों के गतिविधि क्षेत्रों में आने-जाने के बाद भी बिना किसी टकराव के अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है।

    बाघिन RVT-6 के साथ देखा गया
    जंगल में RVT-7 की स्वीकार्यता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि इसे ज्यादातर टाइगर रिजर्व की युवा बाघिन RVT-6 के साथ घूमते हुए देखा गया है। इतना ही नहीं, दोनों के बीच मैटिंग (प्रजनन) व्यवहार भी रिकॉर्ड किया गया है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि री-वाइल्डिंग की प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही है और बाघ का प्राकृतिक व्यवहार वन्य परिस्थितियों के बिल्कुल अनुकूल हो चुका है।

    रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघ RVT-7 की यह वैज्ञानिक री-वाइल्डिंग बाघ संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक उपलब्धि है। बाघ की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
    -सुगनाराम जाट, वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व

  • हरियाणा की ‘राजनीतिधानी’ जींद से निकले अंकित बिढान, बने PU के सरताज

    हरियाणा की ‘राजनीतिधानी’ जींद से निकले अंकित बिढान, बने PU के सरताज

    चंडीगढ़.

    पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जीत दर्ज की है। प्रधान बने हैं अंकित बिढान, जिन्होंने आम आदमी पार्टी की स्टूडेंट ईकाई एएसएपी के आदिल बराड़ को हराकर भगवा लहराया।

    अंकित बिढान जींद के पेगां गांव के रहने वाले हैं। जींद को हरियाणा की राजनीतिक राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव हर बड़ी पार्टी यहां रैली कर चुनावी अभियान का आगाज करती हैं।  जींद के डीएवी स्कूल से 12वीं पास करने के बाद अंकित बिढान ने चंडीगढ़ का रुख किया। एलएलबी, एलएलएम की और फिलहाल पीएचडी स्काॅलर हैं। छह साल से पंजाब यूनिवर्सिटी में हैं। यहां एबीवीपी से जुड़कर विद्यार्थियों में अपनी पैठ बनाई और अब पीयू के सरताज बन गए। अंकित बिढान के पिता जींद शुगर मिल में निदेशक रह चुके हैं। फिलहाल उन्होंने गांव में ही पाइप की फैक्ट्री लगा रखी है। मां गृहिणी हैं। अंकित के बड़े भाई सुमित शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर हैं, वहीं बड़ी बहन नीरू शादीशुदा है। 

    अंकित बोले-मेरी नहीं, जेन जी की जीत
    अंकित बिढ़ान ने अपनी जीत को पूरी जेन- जी की जीत बताया। उन्होंने कहा कि इस जीत से साबित हो गया है कि जेन- जी के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वीकार्यता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद पहली बार किसी यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव हुए हैं। पीयू में हुआ यह चुनाव विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि यह जीत उनके पुराने रिपोर्ट कार्ड का हिस्सा है। विद्यार्थियों ने उनके काम और सक्रियता पर भरोसा जताया है। अब घोषणा पत्र में किए गए सभी वादों को पूरा करना उनकी प्राथमिकता होगी।

    अंकित की पात्रता और नाकांकन पर सवाल
    वहीं, अंकित बिढान की पात्रता और नामांकन पर आम आदमी पार्टी (आप) ने हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है। आप के विधायक एवं पीयू चुनाव प्रभारी अमृतपाल सिंह सुखानंद का आरोप है कि अंकित के नामांकन में अब तक छह खामियां सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद उनका नामांकन रद नहीं किया गया। सुखानंद ने आरोप लगाया कि अंकित को नकल करते पकड़े जाने के बाद पीयू ने दो साल के लिए प्रतिबंधित किया था। इसके अलावा सेक्टर-11 में मारपीट का एक मामला दर्ज होने का भी दावा किया। उन्होंने अंकित की साबरमती यूनिवर्सिटी की डिग्री की मान्यता की भी जांच कराने की मांग की। कहा कि यदि यूनिवर्सिटी नियमों के अनुसार प्रत्याशी चुनाव लड़ने के योग्य नहीं है तो नामांकन स्वीकार कैसे किया गया। इसे लेकर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

  • हरियाणा के 6105 गांवों में 24 घंटे बिजली सप्लाई, 5 महीने में बदलेंगे 91 हजार पोल

    हरियाणा के 6105 गांवों में 24 घंटे बिजली सप्लाई, 5 महीने में बदलेंगे 91 हजार पोल

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे आपूर्ति और पुराने बिजली ढांचे को बदलने पर जोर दिया है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सोमवार को विधानसभा में बिजली विभाग से जुड़े अलग-अलग सवालों के जवाब में बताया कि प्रदेश के 7,250 गांवों में से 6,105 यानी 84.2 प्रतिशत गांवों को 24 घंटे बिजली मिल रही है।

    शेष 1,145 गांवों में 16 घंटे आपूर्ति की जा रही है और उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से 24 घंटे बिजली से जोड़ा जाएगा। कालांवाली के कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला के सवाल के जवाब में अनिल विज ने विधानसभा में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश ने 40,918.30 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी गई। प्रदेश के सभी 95 शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। अनिल विज ने पिहोवा के कांग्रेस विधायक मनदीप चट्ठा के सवाल के जवाब में सदन में कहा कि पिहोवा क्षेत्र में भी बिजली ढांचे में बदलाव होगा। गुलदेहरा और ठसका मीरांजी गांवों के बाहरी क्षेत्र में 11 केवी कृषि फीडरों पर मिले 107 लोहे के पोलों में 16 रेल पोल हैं। शेष 91 लोहे के पोल जनवरी 2027 तक पीसीसी पोल से बदले जाएंगे।

    6,105 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति – विज
    ऊर्जा मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार की ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना’’ के तहत प्रदेश के गांवों को चरणबद्ध तरीके से 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दायरे में लाया जा रहा है। प्रदेश के कुल 7,250 गांवों में से 6,105 गांवों यानी 84.2 प्रतिशत गांवों में पहले से ही 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि 1,145 गांवों में 16 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि शेष गांवों को भी चरणबद्ध तरीके से 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दायरे में लाया जा रहा है। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा फीडरों के लोड को निर्धारित सीमा के भीतर लाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के तहत 55 शहरी क्षेत्रों तथा 2686 गांवों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है जबकि 980 गांवों में 16 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसी प्रकार, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के तहत 40 शहरी क्षेत्र तथा 3419 गांवों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है जबकि 165 गांवों में 16 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है।

    बिजली विभाग में 27,746 नियमित कर्मचारी कार्यरत – विज
    विज ने विधानसभा में बताया कि ऊर्जा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के कुल 53,289 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 27,746 पदों पर नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं तथा 25,543 पद रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि नियमित कर्मचारियों के अतिरिक्त 15,362 कर्मचारी एचकेआरएनएल/ हारट्रोन/कॉन्ट्रैक्टर/पार्ट-टाइम व सीधे आउटसोर्सिंग के माध्यम से विभिन्न कार्यों में सेवाएं दे रहे हैं। इससे बिजली वितरण एवं आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में विभाग को अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग में श्रेणी-ए के मंजूर पदों की संख्या 1209, कार्यरत पद 1021 तथा रिक्त पदों की संख्या 188 है। इसी प्रकार, श्रेणी-बी के मंजूर पदों की संख्या 1436, कार्यरत पद 1130 तथा रिक्त पदों की संख्या 306 है। इसी तरह, श्रेणी-सी के मंजूर पदों की संख्या 47717, कार्यरत पद 24654 तथा रिक्त पदों की संख्या 23036 है। इसी प्रकार, श्रेणी-डी के मंजूर पदों की संख्या 2927, कार्यरत पद 941 तथा रिक्त पदों की संख्या 1986 है।

    तूफान के कारण टूटे खम्भों को ठीक किया- विज
    उन्होंने कहा कि हालांकि यह सही है कि सिरसा के गांवों में मई, 2026 से जुलाई, 2026 के दौरान बिजली बाधित हुई है, क्योंकि इस दौरान कई तूफान आएं हैं जिसके कारण से 37892 बिजली कें खम्भे टूटकर गिरे थे। उन्होंने बिजली के अधिकारियों व कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे उन सभी कर्मचारियों का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने इन टूटे हुए बिजली के खम्भों को थोंडे ही समय में ठीक किया। इसके अलावा, श्री विज ने कहा कि जिन गांवो में 16 घंटे बिजली दी जा रही है उन गांवों में 24 घंटे बिजली देने के लिए बिजली विभाग का स्टाफ लगातार प्रयत्नशील है और जब यह गांव 24 घंटे बिजली लेने के लिए तय शर्तें पूरी कर लेंगें तब इन गांवों में 24 घंटे बिजली देना आरंभ कर दी जाएगी।

    सरकार का लक्ष्य निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति – विज
    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को पर्याप्त, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाई जाए। बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, फीडरों के सुदृढ़ीकरण और चरणबद्ध तरीके से अधिक से अधिक गांवों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति से जोड़ने के लिए विभाग द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है।

  • GDP वृद्धि पर बिहार में घमासान, सम्राट ने मोदी की नीतियों को सराहा

    GDP वृद्धि पर बिहार में घमासान, सम्राट ने मोदी की नीतियों को सराहा

    पटना
     पहली तिमाही में देश की जीडीपी (GDP) वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज होने के बाद बिहार की सियासत में भी इसे लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

    सत्ता पक्ष ने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व, नीतियों और दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया है। वहीं, विपक्ष ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। 

    पीएम की दूरदर्शी सोच का नतीजा: सम्राट 
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर विकास का नया कीर्तिमान बनाया है।

    उन्होंने कहा कि 7.8 प्रतिशत की विकास दर केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण है।

    उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की शानदार जीडीपी वृद्धि दर्ज की है।

    यह उपलब्धि प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। भारत हर चुनौती को अवसर में बदलते हुए नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    गजेंद्र सिंह शेखावत बोले- बड़े फैसलों का परिणाम
    पटना पहुंचे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी जीडीपी वृद्धि को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।

    उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लिए गए बड़े और कठिन फैसलों का परिणाम अब दिखाई दे रहा है।

    शेखावत ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यह माना जा रहा था कि चुनौतीपूर्ण दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी दबाव पड़ेगा। इसके बावजूद भारत निवेश के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। उन्होंने इसे देश के लिए खुशी की बात बताया।

    विजय कुमार सिन्हा ने गिनाए आत्मनिर्भर भारत के प्रयास
    बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री ने देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर पर देशवासियों को बधाई दी है और इसका श्रेय 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत, संकल्प और सामूहिक शक्ति को दिया है।

    उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध, आर्थिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन संकट के बीच भारत की तेज आर्थिक प्रगति उल्लेखनीय है।

    प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेड इन इंडिया' को अपनाने का आह्वान किया है। सही नीति, साफ नीयत और देशवासियों की एकजुटता से वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प साकार होगा।

    भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष संजय सरावगी ने जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की मजबूत आर्थिक बुनियाद, प्रभावी नीतियों और बढ़ते वैश्विक विश्वास का प्रमाण बताया है।
    मनोज झा ने पूछा- आम आदमी की थाली में कितना दिख रहा विकास?

    वहीं, राजद सांसद मनोज कुमार झा ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों को संविधान के अनुच्छेद 39 (ए), (बी) और (सी) के नजरिए से भी देखा जाना चाहिए।

    उन्होंने दूध, प्याज और चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चीनी की कीमत में एक महीने में उछाल आया है। सवाल यह है कि इन आंकड़ों का क्या किया जाए, अगर गरीब की थाली में इनका असर दिखाई नहीं दे रहा है।

    मनोज झा ने कहा कि निम्न आय वर्ग और मध्यम वर्ग की स्थिति में अगर बदलाव नहीं हो रहा है तो केवल जीडीपी के आंकड़ों के आधार पर अपनी पीठ थपथपाने से पहले ठहरकर और संयम के साथ बात करनी चाहिए।

    उनके मुताबिक विकास का आकलन इस आधार पर भी होना चाहिए कि उसका लाभ समाज के कमजोर और मध्यम वर्ग तक कितना पहुंच रहा है।

  • दिल्ली में SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 47.5 लाख नाम बाहर; 30 सितंबर तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति

    दिल्ली में SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 47.5 लाख नाम बाहर; 30 सितंबर तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति

    नई दिल्ली
     SIR के बाद दिल्ली में सोमवार को दिल्ली को मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी गई है, जिसमें मौजूदा 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। 70 विधानसभा सीटों की मसौदा मतदाता सूची के अनुसार, बुराड़ी में सबसे अधिक 1.67 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा 47.85 प्रतिशत नाम तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र में हटाए गए हैं। इसके बाद ओखला (45.33 प्रतिशत), कस्तूरबा नगर (44.03 प्रतिशत) और बदरपुर (42.67 प्रतिशत) हैं।

    अगर आपका नाम मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं है या वोटर लिस्ट में किसी तरह की गलती है, तो उसे ठीक कराने के लिए चुनाव आयोग ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की है। मतदाता 30 सितंबर तक अपना दावा या आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। जानते हैं SIR से जुड़े अहम सवालों के जवाब…

    नाम नहीं है तो भरें फॉर्म-6
    अगर ड्राफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम नहीं है, तो फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसमें नाम, रिश्तेदार की जानकारी, मोबाइल नंबर, ई-मेल, आधार, जन्मतिथि, जेंडर और पूरा एड्रेस जैसी जानकारी देनी होगी।

    आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाणपत्र, आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, कक्षा 10/12 का प्रमाणपत्र या पासपोर्ट में से कोई दस्तावेज दिया जा सकता है। वहीं पते के प्रमाण के लिए यूटिलिटी बिल, आधार, बैंक/डाकघर की पासबुक, पासपोर्ट, जमीन का रिकॉर्ड या किराया/बिक्री दस्तावेज लगाए जा सकते हैं।

    गलत या अपात्र नाम पर फॉर्म-7
    अगर वोटर लिस्ट में किसी मृत व्यक्ति, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, डुप्लीकेट या अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज है, तो उसके खिलाफ फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके साथ संबंधित दावे के समर्थन में प्रमाण देना होगा।

    नाम या विवरण में गलती है तो फॉर्म-8
    मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार कराना है तो फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल पता बदलने या अनुमत अन्य संशोधनों के लिए भी किया जा सकता है।

    ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प
    दावा या आपत्ति Voters Service Portal/ECI पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दाखिल की जा सकती है। ऑफलाइन आवेदन के लिए ERO/AERO, वोटर सेंटर या BLO से संपर्क किया जा सकता है।

    मतदाताओं की मदद के लिए चुनाव आयोग की हेल्पलाइन 1950 भी उपलब्ध है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने का इंतजार न करें और 30 सितंबर तक अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा दें।