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  • GATE 2027 परीक्षा शेड्यूल जारी, जानें एग्जाम डेट, शिफ्ट और महत्वपूर्ण अपडेट

    GATE 2027 परीक्षा शेड्यूल जारी, जानें एग्जाम डेट, शिफ्ट और महत्वपूर्ण अपडेट

     आईआईटी मद्रास (IIT Madras) ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE 2027) परीक्षा का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. अगर आप देश के टॉप संस्थानों से मास्टर डिग्री या डायरेक्ट Ph.D. करना चाहते हैं, या फिर महारत्न-नवरत्न कंपनियों (PSUs) में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो यह आपके लिए सबसे बड़ा मौका है. IIT मद्रास ने परीक्षा की तारीखों के साथ-साथ पेपर टाइमिंग्स और कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की भी घोषणा की है, जिनके बारे में हम आगे आर्टिकल में विस्तार से बता रहे हैं.
    एग्जाम शेड्यूल क्या होगा

    आईआईटी मद्रास की ओर से जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, गेट 2027 की परीक्षा फरवरी महीने के में आयोजित की जाएगी. परीक्षा की डेट्स 6, 7, 14, 15, 20 और 21 फरवरी 2027 तय की गई हैं. सारी परीक्षाएं वीकेंड पर हो रही हैं. बता दें कि कुल 30 अलग-अलग सब्जेक्ट के लिए होने वाली यह परीक्षा हर दिन दो शिफ्ट में होगी-

        पहली शिफ्ट 09:30 AM से 12:30 PM
        दूसरी शिफ्ट दोपहर 02:30 PM to 05:30 PM तक

  • पंजाब के सरकारी स्कूलों का कमाल, नीट-यूजी 2026 में 882 छात्र सफल

    पंजाब के सरकारी स्कूलों का कमाल, नीट-यूजी 2026 में 882 छात्र सफल

    पंजाब के सरकारी स्कूलों के लिए इस बार नीट-यूजी 2026 के नतीजे गर्व और उम्मीद लेकर आए हैं. पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होने और दोबारा आयोजित किए जाने जैसी मुश्किलों के बावजूद सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट-यूजी 2026 में सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने चुनौतियां टिक नहीं पातीं. इस संबंध में विवरण शेयर करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने नीट परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके चिकित्सा क्षेत्र में स्वर्णिम भविष्य की कामना की.

    इस दौरान उन्होंने कहा कि एक बार फिर हमारे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कठोर परिश्रम से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. इस साल हमारे 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है, जो शिक्षा क्रांति के प्रभाव और हमारे शिक्षकों के समर्पण को दर्शाता है.

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि साल 2026 में नीट परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बढ़ते मानकों की स्पष्ट मिसाल है. वर्ष 2024 में 437 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी और वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 847 हो गई थी. इस साल 882 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा पास की है, जो वर्ष 2024 की तुलना में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाती है. पेपर लीक और दोबारा परीक्षा के कारण 2026 की परीक्षा में आई बाधा के बावजूद यह सफलता हासिल की गई है.

    शिक्षा गरीबी को कर सकती है खत्म
    मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की सार्वजनिक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शिक्षा गरीबी को समाप्त करने और जीवन को नई दिशा देने का सबसे शक्तिशाली साधन है. इस साल परीक्षा में आई बाधा के बावजूद, नीट में हमारे सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि हमारे बच्चे उचित सहायता और अनुकूल वातावरण के साथ क्या कुछ हासिल नहीं कर सकते.

    छात्रों ने पास की नीट परीक्षा
    इस वर्ष नीट परीक्षा पास करने वालों में से लुधियाना जिले के स्कूल ऑफ एमिनेंस, सेखेवाल के विद्यार्थी प्रतीक कुमार की कहानी प्रदेश के शिक्षा सुधारों के व्यापक प्रभाव को उजागर करती है.16,000 रुपये मासिक सैलरी वाले एक निजी स्कूल शिक्षक के पुत्र, प्रतीक ने नीट-यूजी 2026 में 720 में से 594 अंकों के साथ 99.3 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. उसने सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के पेस कार्यक्रम के तहत फ्री ऑनलाइन कक्षाओं और मॉक टेस्टों के माध्यम से परीक्षा की तैयारी की. प्रतीक एक ऑन्कोलॉजिस्ट बनकर कैंसर के रोगियों की सेवा करना चाहते हैं. उसकी उपलब्धि दर्शाती है कि सही दिशा, सहायता, समर्पण और कठोर परिश्रम से वित्तीय बाधाओं को पार किया जा सकता है.

    क्या कहते हैं प्रतीक के पिता
    प्रतीक के पिता ने कहा कि मैं हमेशा मानता था कि शिक्षा ही हमारे परिवार की किस्मत बदलने का एकमात्र जरिया है. पंजाब सरकार की निःशुल्क कोचिंग और मॉक टेस्टों ने प्रतीक को नई दिशा दी.  आज, जब उसने नीट परीक्षा पास कर ली है यह हमारे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण और खुशनुमा दिन है. नीट परीक्षा में विद्यार्थियों की सफलता प्रगति की ओर बढ़ते प्रदेश के कदमों को दर्शाती है.

    इस साल की शुरुआत में नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए भारत के सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले राज्य का दर्जा हासिल किया. शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मेंटरशिप और परीक्षा की तैयारी प्रदान की जाती है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार स्किल की पहचान करने और उसे निखारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

  • अजमेर में दर्दनाक हादसा: चलती स्कॉर्पियो में लगी आग, पूर्व सरपंच समेत 4 लोग जिंदा जले

    अजमेर में दर्दनाक हादसा: चलती स्कॉर्पियो में लगी आग, पूर्व सरपंच समेत 4 लोग जिंदा जले

    अजमेर

    राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पूर्व सरपंच सहित एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में सुबह करीब 5:30 बजे हुआ, जब एक स्कॉर्पियो गाड़ी में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि वाहन में सवार लोग बाहर नहीं निकल सके।

    पूर्व सरपंच, मां, पत्नी और भांजी की मौत
    पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला ने बताया कि हादसे में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां एवं पूर्व सरपंच पूसी देवी, पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई।

    सीने में दर्द होने पर मां को ले जा रहे थे अस्पताल
    जानकारी के मुताबिक पूसी देवी के सीने में दर्द की शिकायत होने पर परिवार उन्हें अस्पताल लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

    जिला परिषद सदस्य थीं सुरज्ञान देवी
    हादसे में जान गंवाने वाली सुरज्ञान देवी जिला परिषद सदस्य थीं। एक साथ परिवार के चार लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया।

    पुलिस कर रही हादसे की जांच
    पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। वाहन में आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम की मदद ली जा रही है। शुरुआती जांच में मामला हादसा माना जा रहा है।

  • जयपुर में JDA का बड़ा एक्शन, 60 करोड़ की सरकारी जमीन से हटाया अतिक्रमण

    जयपुर में JDA का बड़ा एक्शन, 60 करोड़ की सरकारी जमीन से हटाया अतिक्रमण

    जयपुर

    जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने शनिवार को अवैध निर्माण और कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जेडीए के प्रवर्तन दस्ते ने करीब 60 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से छुड़ा लिया. यह कार्रवाई जेडीए कमिश्नर सिद्धार्थ महाजन के निर्देशों पर हुई है. जेडीए ने साफ कर दिया कि अतिक्रमण के मामले में अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी. जेडीए की बुलडोजर एक्शन में अतिक्रमण करके कब्जाई गई सरकारी जमीन को खाली करवाया गया है.

    60 करोड़ की सरकारी से हटवाया अतिक्रमण
    उप महानिरीक्षक पुलिस आनन्द शर्मा ने बताया कि आज (11 अप्रैल 2026) को प्रवर्तन शाखा ने जोन-14, 17 और 01 के इलाकें में कार्रवाई करते हुए तहसील चाकसू के ग्राम जयचंदपुरा में करीब 15 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को हटाया गया. इन जमीनों पर 10-12 कच्चे-पक्के मकान, बाउण्ड्रीवाल, टीनशेड, कांटों की बाड़, झाड़ियां और तारबंदी कर कब्जा किया गया था. जिसे जेसीबी मशीन व मजदूरों की

    सहायता से हटवाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया.
    अतिक्रमण मुक्त करवाई गई इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 60 करोड़ रुपये है. जेडीए की यह कार्रवाई सिर्फ सरकारी जमीन पर किए अवैध कब्जे के खिलाफ नहीं रही. सांगानेर तहसील के दयालपुरा में करीब 03 बीघा कृषि भूमि पर बिना अनुमति कॉलोनी काटने वालों पर भी गाज गिरी है. कृषि भूमि पर बिना किसी भू-रूपांतरण के अवैध कॉलोनी बसाई जा रही थी.

    भू-माफियाओं ने यहाँ सड़कें बना दी थीं और सीमेंट ब्लॉक से बाउंड्रीवाल भी खींच दी थी. जेडीए के दस्ते ने मौके पर पहुंचकर इन सड़कों को उखाड़ दिया और बाउंड्रीवाल गिराकर कॉलोनी बसाने के प्रयास को शुरुआती दौर में ही नाकाम कर दिया.

    बंद रास्ते को जेडीए ने खुलवाया
    शिवदासपुरा क्षेत्र के ग्राम पदमपुरा स्थित गैर अनुमोदित योजना “श्रीराम विहार” के भूखण्ड संख्या 62 पर किए गए अवैध निर्माण को भी जेसीबी मशीन की सहायता से ध्वस्त किया गया. जोन-17 के सरना चौड़ गांव में भी जेडीए ने कार्रवाई की. यहां गैर मुमकिन आम रास्ते की सरकारी जमीन पर करीब 400 मीटर लंबाई में मिट्टी की डोल बनाकर और तारबंदी कर रास्ता रोका गया था. जेडीए ने इसे पूरी तरह साफ कर रास्ता फिर से खोल दिया है.

    वहीं, जोन-01 में टोंक रोड के पास अवैध रूप से बनाए गए छज्जे के लिए समझाइश करने पर एक भूखंड स्वामी ने खुद हटा लिया. पुलिस उप महानिरीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन शिल्पा चौधरी की देखरेख में हुई. जेडीए ने चेतावनी दी है कि शहर में कहीं भी सरकारी जमीन पर कब्जा या बिना अनुमति अवैध निर्माण किया गया, तो प्रशासन इसी तरह सख्त कदम उठाता रहेगा.