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  • BJP की टिकट बैठक में मोबाइल पर सख्ती, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का फोन भी कमरे से बाहर; वीडियो वायरल

    BJP की टिकट बैठक में मोबाइल पर सख्ती, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का फोन भी कमरे से बाहर; वीडियो वायरल

    जयपुर
    नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा का मंथन रविवार को चौथे दिन भी आधी रात के बाद तक जारी रहा। करीब 4 से 5% सीटों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका। पार्टी इन सीटों पर आज फैसला करेगी। प्रदेश कार्यालय में प्रत्याशी चयन में गोपनीयता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्याशी चयन को लेकर हुई बैठक में मोबाइल को लेकर सख्ती रही। कक्ष में नेताओं और पदाधिकारियों के मोबाइल रखने पर रोक थी।

    इसी दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का टेबल पर चार्जिंग में लगा मोबाइल भी सुरक्षाकर्मी (पीएसओ) के जरिए बैठक कक्ष से बाहर भिजवा दिया गया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पहले रविवार को प्रदेश कार्यालय में पहले भरतपुर संभाग के शेष निकायों के वार्डों पर प्रत्याशियों के नाम तय किए गए।

    इसके बाद जयपुर संभाग के 2,970 वार्डों पर मंथन शुरू हुआ। स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के कारण कई वार्डों पर नाम तय करने में पेच फंसा रहा। सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन पार्टी के अधिकृत जिला या निकाय प्रभारी संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को प्रत्याशियों के सिंबल सौपेंगे। सूत्रों के अनुसार पार्टी सिंबल वितरण के बाद ही प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने की तैयारी में है, ताकि बगावत की आशंका को कम किया जा सके। भाजपा की तरफ से प्रत्याशियों को नामांकन भरने के लिए फोन भी किए गए।

    'चर्चा में बैठते है तो वाद-विवाद होते ही है'
    भरतपुर संभाग के चुनाव संचालन समिति के प्रभारी अशोक परनामी ने रविवार को प्रदेश कार्यालय में मीडिया के सामने कहा कि मेरे घर पर हुई बैठक में कोई विवाद नहीं हुआ। न तो पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव ने कोई चप्पल दिखाई और न ही करौली जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन ने कोई गला दबाने का काम किया। जब हम चर्चा में बैठते हैं तो वाद-विवाद होते ही है। बाद में हमने मिलकर एक नाम तय कर दिया।

    अलवर निगम में टिकट वितरण को लेकर भाजपा में बगावत शुरू हो गई है। शहर के चार में से दो मंडल अध्यक्षों ने अपनी पूरी कार्यकारिणी के साथ इस्तीफा दे दिया है। ये इस्तीफे भाजपा जिलाध्यक्ष को भेजे गए हैं। वरिष्ठ भाजपाई सुरेश मेहता ने सोशल मीडिया पर लिखा- पार्टी को अनुभवी और पुराने नेताओं की जरूरत नहीं है। हमें घर बैठना चाहिए ताकि स्वार्थी और चापलूस लोगों को जगह मिल सके।

    प्रदेश कार्यालय के कार्यकर्ताओं बाहर ने की नारेबाजी
    जयपुर शहर के 150 वार्डों में प्रत्याशी चयन को लेकर रविवार देर रात तक माथापच्ची चलती रही। रात करीब 9 बजे के बाद चर्चा शुरू हो सकी। सिविल लाइंस और किशनपोल विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े वार्डों में संभावित नामों को लेकर गहमागहमी रही। कुछ कार्यकर्ताओं के प्रदेश कार्यालय पहुंचने और गेट के बाहर नारेबाजी करने से टिकट वितरण का मुद्दा और गरमा गया।

  • चंडीगढ़ में बहसबाजी के बाद तीन युवकों पर चढ़ाई थार, एक की मौत

    चंडीगढ़ में बहसबाजी के बाद तीन युवकों पर चढ़ाई थार, एक की मौत

    चंडीगढ़.

    गांव दड़वा में देर रात करीब साढ़े 12 एक भयावह वारदात सामने आई। एक तेज रफ्तार थार ने तीन युवकों को कुचल दिया, जिसमें से एक मौत हो गई। यह कोई हादसा नहीं था, बल्कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपित थार चालक ने युवकों पर गाड़ी चढ़ा दी।

    इस वारदात में इंदिरा कालोनी निवासी पवन की मौत हो गई जबकि उसके साथी सूरज और एक अन्य युवक बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद तीनों को सेक्टर-16 के अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन पवन को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिवार की शिकायत पर मनप्रीत उर्फ काका और मोनू जसवाल के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। वारदात के बाद से दोनों फरार हैं और पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी भी की है। वहीं, पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर थार को कौन चला रहा था। हालांकि पहले पुलिस इसे हादसा मान रही थी, लेकिन मृतक के परिवार और दोस्तों के आरोप के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। जिसके बाद पता चला कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपित ने पवन और उसके दोस्तों को निशाना बनाया। वारदात के बाद पुलिस ने मौके से सबूत इकट्ठा किए। फारेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया जिन्होंने पूरे इलाके का निरीक्षण किया और कई अहम साक्ष्य जुटाए।

    होटल रायल प्लाजा के बाहर खड़े थे तीनों युवक
    पुलिस को दिए बयान में सूरज ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े 12 बजे वह पवन और एक अन्य युवक के साथ दड़वा के होटल रायल प्लाजा के बाहर खड़ा था। इसी दौरान तेज रफ्तार थार उनकी तरफ आई और तीनों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पवन गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को निजी वाहन से घायलों को सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचाया, लेकिन पवन ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। मृतक के परिवार और दोस्तों ने अस्पताल में भी खूब हंगामा किया। उन्होंने आरोपितों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।

    इंस्टाग्राम पर हुई बहस, फिर निकाली रंजिश
    पवन के परिजनों और दोस्तों ने आरोप लगाया कि कुछ युवकों के साथ उनका पहले से विवाद चल रहा था। उन्होंने इंदिरा कालोनी निवासी मलकीत उर्फ काका, हल्लोमाजरा निवासी मोनू जायसवाल, कांदू और गोविंदा समेत कुछ अन्य युवकों पर शक जताया है। उनका आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते ही पवन और उसके दोस्तों को निशाना बनाया गया। जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों में कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर बहसबाजी हुई थी। उनके बीच पहले से भी रंजिश चली आ रही थी। इंटरनेट मीडिया पर हुई बहस ने रंजिश को और तूल दे दिया। जिसके बाद आरोपित उन्हें मारने के लिए दड़वा पहुंचे। फिलहाल इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय मौके पर कितने वाहन मौजूद थे, थार किस दिशा से आई और टक्कर के बाद कौन-कौन से वाहन वहां से निकले। घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

  • हरियाणा में गन्ने का संकट गहराया, ‘क्रांतिकारी’ CO-0238 पर रेड रॉट का कहर

    हरियाणा में गन्ने का संकट गहराया, ‘क्रांतिकारी’ CO-0238 पर रेड रॉट का कहर

    चंडीगढ़
     हरियाणा के चीनी संकट की वजह सिर्फ जमाखोरी, निर्यात या चीनी मिलों में स्टाक का रुकना नहीं है। संकट का एक बड़ा सिरा खेतों में भी दिखाई दे रहा है, जहां गन्ने की कभी ‘क्रांतिकारी’ मानी जाने वाली सीओ-0238 किस्म रेड राट यानी लाल सड़न बीमारी की चपेट में है।

    यह वही किस्म है, जिसने उत्तर भारत में गन्ने की उत्पादकता और चीनी रिकवरी को नई ऊंचाई दी थी। इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चर रिसर्च (आइसीएआर) के मुताबिक 2009 में जारी सीओ-0238 ने परीक्षणों में करीब 81 टन प्रति हेक्टेयर गन्ना उत्पादन दिया था। तत्कालीन लोकप्रिय सीओजे-64 की तुलना में इसकी गन्ना उपज करीब 19.96 फीसदी और चीनी की रिकवरी 15.83 फीसदी अधिक थी।

    इसी बेहतर उत्पादन और गुणवत्ता के कारण हरियाणा के किसानों ने सीओ-0238 किस्म को तेजी से अपनाया था। लेकिन एक ही किस्म पर अत्यधिक निर्भरता आगे चलकर कमजोरी बन गई है।

    केवल किसानों की आशंका नहीं बीमारी
    सीओ-0238 में रेड राट के नए और अधिक आक्रामक “रोगजनक प्रकार सीएफ-13 के उभरने को वैज्ञानिकों ने किस्म की रोग-प्रतिरोधक क्षमता के टूटने से जोड़ा है। यानी जिस किस्म को बीमारी की प्रचलित नस्लों के प्रति मध्यम प्रतिरोधी माना जाता था, वही नई रोग-नस्ल के सामने कमजोर पड़ने लगी है।

    हरियाणा में बीमारी की मौजूदगी अब केवल किसानों की आशंका नहीं है। आइसीएआर के क्षेत्रीय सर्वेक्षणों में करनाल और आसपास के गन्ना क्षेत्रों में सीओ-0238 में रेड राट दर्ज किया गया है। एक रिपोर्ट में करनाल में 10 फीसदी तक और पलवल क्षेत्र में 10 से 20 फीसदी तक संक्रमण दर्ज किया गया है।

    इसका असर सीओ-0238 के रकबे पर भी दिख रहा है। 2022-23 में हरियाणा के गन्ना क्षेत्र में इस किस्म की हिस्सेदारी करीब 81 फीसदी तक पहुंच गई थी, लेकिन रेड राट और दूसरी समस्याओं के बढ़ते खतरे के बाद इसका क्षेत्र तेजी से घटने लगा है।

    करनाल स्थित आइसीएआर गन्ना प्रजनन केंद्र के वैज्ञानिकों ने सीओ-0238 को रेड राट और टाप बोरर के प्रति कमजोर बताते हुए नई किस्मों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
    आंकड़ों की एक अहम परत यह भी है कि सीओ-0238 का क्षेत्र घटने का मतलब यह नहीं कि प्रति हेक्टेयर उपज उसी अनुपात में गिर गई।

    उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 से 2023-24 के बीच सीओ-0238 का क्षेत्र और कुल उत्पादन काफी घटा, लेकिन उसकी प्रति हेक्टेयर उपज में बड़ी गिरावट नहीं आई। इसका अर्थ है कि बीमारी का एक बड़ा आर्थिक असर किस्म के क्षेत्रफल और उपलब्ध गन्ने की कुल मात्रा पर पड़ा है, जबकि खेत-स्तर पर बीमारी से होने वाला वास्तविक नुकसान खेत-दर-खेत अलग है।

    पानीपत में गन्ने की मात्रा के साथ चीनी रिकवरी पर असर
    हरियाणा के पानीपत क्षेत्र के आंकड़े इस संकट का दूसरा पहलू सामने रखते हैं। 2025-26 के पेराई सत्र में किसानों ने गन्ने की प्रति एकड़ पैदावार में करीब 15 फीसदी गिरावट की शिकायत की है। वहीं, चीनी की रिकवरी पिछले सत्र के करीब 9.2 फीसदी से घटकर लगभग 8.5 फीसदी रह गई।

    स्थानीय स्तर पर इसके पीछे भारी बारिश, रेड राट और टाप बोरर (शीर्ष छेदक रोग) को प्रमुख कारणों में बताया गया। यानी बीमारी का असर केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि खेत से मिल तक कितना गन्ना पहुंचा।

    रेड राट गन्ने के अंदरूनी ऊतकों को प्रभावित कर रहा है और संक्रमित गन्ने में सुक्रोज (गन्ने में प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली चीनी) की मात्रा, रस की गुणवत्ता और अंततः चीनी की रिकवरी घट रही है।

    रोहतक चीनी मिल के आंकड़े भी दे रहे दबाव का संकेत
    हरियाणा के रोहतक की मिल के आंकड़े भी लंबी अवधि में दबाव का संकेत देते हैं। 2019-20 में जहां मिल ने करीब 45.91 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की और रिकवरी 9.69 फीसदी रही, वहीं 2024-25 में पेराई घटकर 24.76 लाख क्विंटल और रिकवरी 8.40 फीसदी रह गई।

    यह गिरावट सिर्फ बीमारी से जोड़ना संभव नहीं है, क्योंकि गन्ने की उपलब्धता, पेराई अवधि और दूसरे कृषि कारण भी इसमें शामिल हैं। स्वस्थ गन्ने में बीमारी से प्रभावित पौधे का वजन कम हो रहा है, यह अलग समस्या है।

    विकल्प के तौर पर गन्ने की नई दो प्रजातियां तैयार
    हरियाणा में अब इसका जवाब सीओ-0238 का विकल्प तलाशने में देखा जा रहा है। करनाल स्थित आइसीएआर के गन्ना प्रजनन केंद्र ने सीओ-17018 जैसी नई किस्म विकसित की है, जबकि सीओ-15023 और सीओ-0118 जैसी किस्मों को भी किसानों के सामने विकल्प के रूप में रखा जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सबक यह है कि किसी एक अत्यधिक सफल किस्म पर निर्भरता भी कृषि के लिए जोखिम बन सकती है।

     

  • बिहार में बेरोजगार युवाओं को हर महीने मिलेंगे ₹1,000, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया

    बिहार में बेरोजगार युवाओं को हर महीने मिलेंगे ₹1,000, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया

     पटना
     Bihar Berojgari Bhatta Yojana: बिहार बिहार में बेरोजगार युवाओं की मदद के लिए सरकार मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना (SHA Scheme) चल रही है। इसके अन्तर्गत 12वीं पास या ग्रेजुएट बेरोजगार युवाओं को 2 साल तक 1 हजार रुपये प्रति महीने की सहायता दी जाती है।

    स्वयं सहायता भत्ता के लिए पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद DRCC जाकर अपना डॉक्यूमेंट जमा करना होगा।ऑनलाइल आवेदन के लिए 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in वेबसाइट पर जाना है। इसके बाद इन स्टेप्स को फॉलो करें-

    रजिस्ट्रेशन
        होमपेज पर दाईं ओर दिख रहे New Applicant Registrationबटन पर क्लिक करें।
        एक नया फॉर्म खुलेगा। इसमें अपना नाम, ईमेल आईडी, आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
        Send OTP बटन पर क्लिक करें। आपके मोबाइल और ईमेल पर अलग-अलग ओटीपी (OTP) आएगा। दोनों ओटीपी बॉक्स में भरकर Submit बटन पर क्लिक करें।
        रजिस्ट्रेशन के बाद आपकी स्क्रीन पर एक मैसेज आएगा और आपके मोबाइल/ईमेल पर आपका यूज़र आईडी (User ID) और पासवर्ड (Password) भेज दिया जाएगा।

    योजना का फॉर्म  

    •     वापस वेबसाइट के होमपेज पर जाएं और यूजर आईडी, पासवर्ड और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड (Captcha) डालकर Login करें।
    •     लॉगिन होते ही आपके सामने एक डैशबोर्ड खुलेगा, जहां आपको तीन योजनाओं के विकल्प दिखेंगे। इसमें से आपको SHA (स्वयं सहायता भत्ता योजना) का विकल्प चुनना है।
    •     SHA सलेक्ट करने पर आपको एक अप्लीकेशन फॉर्म दिखेगा। इसमें व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी के साथ पता और बैंकखाते की जानकारी डालनी है।
    •     भरी गई सारी डिटेल Preview बटन पर क्लिक करके चेक कर लें और सबमिट पर क्लिक करें।
    • मेल पर मिली पावती के साथ केंद्र जाएं  
    • Online आवेदन सबमिट करने के बाद इसकी (Bihar Unemployment Job Scheme) पावती यूनिक पंजीकरण संख्या के साथ दिए गए मोबाईल नंबर और ई-मेल पर प्राप्त हो जाएगा।
    • अब आपको 60 दिनों के भीतर अपने कागजात जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र के काउंटर में जमा करना होगा।
    • आवेदन को काउंटर पर जमा करते समय किन-किन कागजातों की आवश्यकता होगी, इसकी जानकारी ऑनलाइल आवेदन सबमिट करते समय ही ई-मेल द्वारा सूचित किया जाएगा।
    • साथ ही आवेदक द्वारा Online समर्पित आवेदन की एक PDF प्रति भी उनके E-mail ID पर भेज दी जाएगी।
    • आवेदकों को वांछित कागजातों के सत्यापन हेतु जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र पर आने हेतु एक तिथि एवं समय निर्धारित किया जायेगा, जिसकी सूचना उन्हें एक सप्ताह अग्रिम में E-mail एवं SMS के द्वारा दी जायेगी।
    • आवेदक E-mail पर प्राप्त अपने आवेदन की स्वहस्ताक्षरित प्रति (Self Attested Copy) पर अपना पासपोर्ट साईज का फोटो लगाकर और जरूरी डॉक्यूमेंट की फोटो कॉपी के साथ बताई गई डेट पर केन्द्र पर पहुंचें।

    जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र में क्या होगा?
    जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र में एक टोकन नम्बर दिया जाएगा। अपना नंबर आने पर सारे मूल प्रमाण पत्र, सभी प्रमाण पत्रों की स्वभिप्रमाणित प्रति एवं Online समर्पित आवेदन पत्र की हस्ताक्षरित प्रति के साथ काउंटर पर जायेंगे।

    मूल प्रमाण पत्र Scanning के पश्चात् आवेदक को वापस कर दिए जायेंगे। कागजातों के सत्यापन के उपरांत उन्हें काउंटर से एक लिखित पावती भी दी जाएगी।

    आवेदन के लिए जरूरी कागजात
        12वीं या ग्रेजुएशन की मार्कशीट
        10वीं की मार्कशीट
        आवासीय प्रमाण-पत्र
        बैंक खाता संख्या तथा बैंक पासबुक की फोटो कॉपी
        आधार कार्ड

     आर्थिक सहायता पाने की शर्तें

    • आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
    • किसी भी प्रकार का सरकारी भत्ता/छात्रवृति/स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड/शिक्षा ऋण या किसी भी प्रकार का सहायता प्राप्त नहीं हो।
    • आवेदक के पास सरकारी या प्राइवेट नौकरी नहीं होनी चाहिए।
    • आवेदक के पास स्वरोजगार नहीं हो।
    • इस योजना के तहत आवेदन करने वाले बेरोजगार युवक / युवतियों को श्रम संसाधन विभाग द्वारा चलाए जा रहे भाषा संवाद (Communication Skill) एवं बुनियादी कम्प्यूटर ज्ञान (Basic computer) की ट्रेनिंग लेना जरूरी है।
    • उन्हें कुल प्राप्त होने वाली स्वयं सहायता भत्ता की अंतिम 5 माह की राशि तब तक विमुक्त नहीं की जाएगी, जब तक वे इस ट्रेनिंग का प्रमाण-पत्र नहीं जमा करते हैं।
    • जिस दिन आवेदक को सरकारी या प्राइवेट रोजगार मिल जाएगा, उसी दिन भत्ता बंद हो जाएगा।
  • जालंधर में तस्कर पर बड़ी कार्रवाई, 32 बोतल महंगी शराब और 10.72 लाख नकद बरामद

    जालंधर में तस्कर पर बड़ी कार्रवाई, 32 बोतल महंगी शराब और 10.72 लाख नकद बरामद

    जालंधर.

    जालंधर शहर के थाना बस्ती बावा खेल पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 32 बोतल महंगी शराब के अलावा 10 लाख 71 हजार 990 रुपये की नकदी, हुक्का-चिलम, मोबाइल फोन और सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। आरोपित के खिलाफ पहले से छह मामले दर्ज हैं।

    पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह ने बताया कि थाना बस्ती बावा खेल के प्रभारी निरीक्षक जय इंदर सिंह की टीम ने यह कार्रवाई की। 30 अगस्त को उपनिरीक्षक बलविंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान आबकारी निरीक्षक मनजीत सिंह के मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बाबा काहनदास नगर निवासी तरसेम सिंह उर्फ सेमा को काबू किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपित के कब्जे से ब्लैक लेबल की आठ बोतलें, बैलेंटाइन व्हिस्की की 10 और जेम्सन व्हिस्की की चार बोतलें बरामद कीं। इसके अलावा तीन हुक्का चिलम और तीन हुक्का पाइप भी मिले। आरोपित के बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 10 लाख 71 हजार 990 रुपये बरामद हुए।

    पांच मोबाइल और सोने के आभूषण भी मिले
    पुलिस ने आरोपित से नकदी और शराब के अलावा एक एप्पल मोबाइल, एप्पल टैब, सैमसंग मोबाइल, बटन वाला सैमसंग फोन और वीवो मोबाइल बरामद किया। इसके साथ दो सोने की बालियां और चार सोने की अंगूठियां भी मिली हैं। पुलिस अब नकदी और अन्य सामान के स्रोत की जांच कर रही है।

    शराब के पुराने मामलों में भी नाम
    पुलिस के अनुसार तरसेम सिंह के खिलाफ पहले से छह मामले दर्ज हैं। इनमें 2011 में मारपीट और घर में घुसने, 2015 में मारपीट व चोरी तथा अवैध शराब से जुड़े मामले शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 2015, 2017, 2018 और 2022 में भी उसके खिलाफ अवैध शराब से संबंधित मामले दर्ज हुए थे। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद लाखों रुपये कहां से आए और क्या इनका अवैध शराब के कारोबार से कोई संबंध है। साथ ही पुलिस उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।

  • जयपुर नगर निगम चुनाव: आखिरी वक्त में BJP ने खोले पत्ते, पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को पार्षद का टिकट

    जयपुर नगर निगम चुनाव: आखिरी वक्त में BJP ने खोले पत्ते, पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को पार्षद का टिकट

    जयपुर 
    राजस्थान में जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन आखिरकार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। शहर के 150 से अधिक वार्डों में टिकट पाने की होड़ और आंतरिक बगावत की आशंका के चलते भाजपा संगठन के सामने कड़ी चुनौती खड़ी थी। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और जयपुर के वरिष्ठ प्रभारियों की मौजूदगी में देर रात तक बैठकों का दौर चला। लंबी मंत्रणा और राजनीतिक समीकरणों को साधने के बाद नामांकन के अंतिम समय में उम्मीदवारों को पार्टी के अधिकृत सिंबल और सूची सौंपी गई।

    इस सूची में पार्टी ने पुराने समर्पित नेताओं, महिला मोर्चा की पदाधिकारियों के साथ-साथ हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व पार्षदों पर भी दांव लगाया है।

    पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को टिकट
    जयपुर की पूर्व महापौर (मेयर) और पूर्व कांग्रेस सांसद प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल के राजनीतिक सफर में एक बेहद दिलचस्प मोड़ आया है। कांग्रेस में रहते हुए एक समय जयपुर की पहली महिला महापौर बनने वाली और लोकसभा चुनाव लड़ने वाली ज्योति खंडेलवाल को अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 में केवल एक वार्ड पार्षद का टिकट थमाया है।

    उल्लेखनीय है कि ज्योति खंडेलवाल ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। कभी पूरे शहर की कमान संभालने वाली नेता को अब वार्ड स्तर पर उतारने के भाजपा के इस फैसले ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भारी चर्चा छेड़ दी है।

    पार्षद से पार्षद तक का यह राजनीतिक चक्र ज्योति खंडेलवाल के करियर की एक अनोखी कहानी बयां करता है। उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भी एक वार्ड पार्षद के रूप में ही की थी, जिसके बाद वे मेयर के पद और बाद में जयपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनने की ऊंचाइयों तक पहुंचीं। अब भाजपा में शामिल होने के बाद, वे अपनी नई पारी का आगाज एक बार फिर से पार्षद के चुनाव के साथ ही करने जा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने उन्हें जमीनी स्तर से संगठन में अपनी पैठ साबित करने की चुनौती दी है, जबकि ज्योति खंडेलवाल के समर्थक इसे पार्टी की सेवा में समर्पित एक नए पड़ाव के रूप में देख रहे हैं।

    प्रमुख वार्डों में किसे मिला मौका?
    भाजपा द्वारा जारी की गई सूची में आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र और जयपुर के अन्य प्रमुख हिस्सों में प्रत्याशियों के नाम ध्यान खींचते हैं। वार्ड 121 से नीरज अग्रवाल को फिर से उम्मीदवार बनाया गया है; वे पहले भी पार्षद रह चुके हैं और हाल ही में कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इसके अलावा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराधा माहेश्वरी को वार्ड 107 से चुनावी मैदान में उतारा गया है।

    नामांकन के आखिरी दिन तक खींचतान
    जयपुर नगर निगम के वार्डों में टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा के भीतर जबरदस्त खींचतान देखने को मिली। कई वार्डों में एक ही सीट पर 10 से 15 मजबूत दावेदार अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे।

    पार्टी नेतृत्व का मुख्य ध्यान इस बात पर था कि टिकट कटने की स्थिति में कोई भी दावेदार निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल न करे या किसी अन्य दल में शामिल होकर बगावत न करे। इसी रणनीति के तहत प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने के बजाय सीधे चयनित उम्मीदवारों को फॉर्म-बी और सिंबल सौंपे गए ताकि नामांकन की समय सीमा खत्म होने तक बगावत के असर को कम से कम किया जा सके।

    अब नामांकन वापसी और प्रचार पर रहेगा फोकस
    नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भाजपा संगठन की चुनावी टीम अब असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने के काम में जुट गई है। पार्टी की प्राथमिकता है कि 2 सितंबर 2026 तक नाम वापसी की समय सीमा के भीतर सभी बागी उम्मीदवारों के पर्चे वापस करवाए जाएं, ताकि चुनाव में मतों का विभाजन रोका जा सके।

    आधिकारिक चुनाव पोर्टल और दिशा-निर्देश
    जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 की अधिकृत प्रत्याशी सूचियों, चुनाव तिथियों और वार्ड वार मतदाता सूचियों के लिए राजस्थान सरकार के अधिकृत पोर्टल्स का अवलोकन किया जा सकता है

  • झारखंड की उच्च शिक्षा में पिछड़ापन बरकरार, 1 लाख आबादी पर सिर्फ 9 कॉलेज; 48 छात्रों पर एक शिक्षक

    झारखंड की उच्च शिक्षा में पिछड़ापन बरकरार, 1 लाख आबादी पर सिर्फ 9 कॉलेज; 48 छात्रों पर एक शिक्षक

     रांची
    केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन-2023-24 की रिपोर्ट यह बताती है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड में काफी काम किए जाने की आवश्यकता है।

    नए संस्थानों की स्थापना से लेकर शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर देना होगा। कुछ मामले में आंशिक सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन अभी भी झारखंड उच्च शिक्षा में एक-दो राज्यों से ही आगे है।

    कॉलेजों की उपलब्धता की ही बात करें तो झारखंड में निश्चित रूप से कॉलेजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन यह वृद्धि आबादी के अनुरूप नहीं हो पाई है।

    प्रति कॉलेज छात्रों की संख्या में बिहार-दिल्ली के बाद झारखंड
    झारखंड में पांच वर्षों में कॉलेजों की संख्या 323 से बढ़कर 436 पहुंच गई है, लेकिन अभी भी यहां एक लाख आबादी (23 वर्ष आयु वर्ग) पर महज नौ कॉलेज उपलब्ध हैं। अखिल भारतीय स्तर पर इतनी आबादी पर कॉलेजों की संख्या 32 है। पिछले पांच वर्षों से कॉलेजों की सघनता प्रति एक लाख आबादी पर आठ या 9 रही है।

    कॉलेजों की अनुपलब्धता का असर कॉलेजों में औसत नामांकन पर पड़ा है। झारखंड के कॉलेजों में औसत नामांकन 1,611 विद्यार्थियों का होता है। प्रति कॉलेज विद्यार्थियों की यह संख्या बिहार और दिल्ली के बाद सबसे अधिक है।

    झारखंड में उच्च शिक्षा में छात्र शिक्षक अनुपात में कमी आई है, लेकिन अभी भी झारखंड में 48 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक उपलब्ध हैं। यह अनुपात बिहार के बाद सबसे अधिक है।

    इन सभी के बीच अच्छी खबर यह है कि उच्च शिक्षा में छात्राओं का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) छात्रों से अधिक है। कुल सकल नामांकन अनुपात जहां 19.4 है, वहीं छात्रों तथा छात्राओं में यह अनुपात क्रमश: 18.7 तथा 20.2 प्रतिशत है। राज्य में आंशिक ही सही इस अनुपात में सुधार हो रहा है।

    झारखंड में कॉलेजों की संख्या और एक लाख आबादी पर उपलब्ध कॉलेज
    वर्ष     कॉलेज     एक लाख आबादी पर उपलब्ध कॉलेज
    2019-20     323     08
    2020-21     336     09
    2021-22     366     08
    2022-23     425     09
    2023-24     436     09

    कब कितना रहा सकल नामांकन अनुपात
    सत्र     छात्र     छात्रा     कुल
    2023-24     18.7     20.2     19.4
    2022-23     18.6     19.5     19.0
    2021-22     18.6     18.7     18.6
    2020-21     16.5     17.5     17.0
    2019-20     17.5     18.7     18.1

  • बिहार में गंडक का बढ़ा जलस्तर, 10 घंटे में 53,800 क्यूसेक बढ़ा डिस्चार्ज; बाढ़ का खतरा

    बिहार में गंडक का बढ़ा जलस्तर, 10 घंटे में 53,800 क्यूसेक बढ़ा डिस्चार्ज; बाढ़ का खतरा

     पटना
     बिहार में गंडक नदी के जलस्तर ने फिर चिंता बढ़ा दी है। रविवार को गंडक के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज जा रही है।

    शाम छह बजे 1,77,800 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। सुबह आठ बजे की तुलना में बराज से पानी के डिस्चार्ज में लगभग दो गुनी वृद्धि हुई है।

    पानी बढ़ने के साथ नदी के जलस्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार गंगा में भी जल स्तर बढ़ने की आशंका है। जल संसाधन विभाग के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि खतरा टला है, लेकिन प्रशासन सतर्क है।

    उधर, वाल्मीकिनगर गंडक बराज से सुबह आठ बजे जहां 1.24 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था, वहीं शाम छह बजे तक डिस्चार्ज बढ़कर एक लाख 77 हजार 800 क्यूसेक पहुंच गया।

    यानी 10 घंटे में डिस्चार्ज में 53,800 क्यूसेक की वृद्धि हुई। सुबह आठ बजे बराज के अपस्ट्रीम का जलस्तर 354.40 फीट दर्ज किया गया था, जो शाम छह बजे बढ़कर 356.30 फीट हो गया। इस तरह जलस्तर में 1.90 फीट की वृद्धि हुई।

    वहीं, डाउनस्ट्रीम का जलस्तर भी सुबह के 351.60 फीट से बढ़कर शाम को 353.60 फीट पहुंच गया। इसमें दो फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    जलस्तर और डिस्चार्ज में वृद्धि को देखते हुए नदी किनारे के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। गंडक बराज, वाल्मीकिनगर के सहायक अभियंता सत्येंद्र का कहना है कि वर्षा नहीं होने के बावजूद गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है।

    अनुमान है कि नेपाल और ऊपरी क्षेत्रों में आई बाढ़ का पानी गंडक नदी में पहुंच रहा है। इसी वजह से नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
    बाढ़ को लेकर अंचल प्रशासन अलर्ट, 62 राहत शिविर केंद्र चयनित

    गंडक के जलस्तर में वृद्धि से संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए 62 बाढ़ राहत शिविर केंद्रों का चयन किया गया है।

    सभी चयनित राहत शिविर केंद्रों के लिए प्रभारी की भी नियुक्ति कर दी गई है। तटवर्ती इलाकों में लोग जरूरी सामान और पशुओं की सुरक्षा को लेकर तैयारी करने लगे हैं।

  • CM सम्राट चौधरी के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी, साइबर पुलिस ने दर्ज किया केस

    CM सम्राट चौधरी के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी, साइबर पुलिस ने दर्ज किया केस

    पटना 
    सोशल मीडिया फेसबुक पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में साइबर पुलिस ने 28 अगस्त को केस दर्ज कर किया है। पता लगाया जा रहा है कि अभद्र टिप्पणी करनेवाला कौन है? मालूम हो कि बिहार सरकार ने चार दिन पहले अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की घोषणा की थी। इस योजना को लेकर एक शख्स ने फेसबुक पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनके परिजनों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। जाति विशेष के नाम पर बने फेसबुक अकाउंट से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है। इसकी जानकारी मिलने पर साइबर थाना ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू की। फेसबुक से जुड़े मोबाइल नंबर, ई-मेल के जरिए आरोपित का पता लगाया जा रहा है।

    बता दें कि इससे पहले इसी महीने बिहार के ही सहरसा जिले में पुलिस ने सम्राट चौधरी पर किए गए अभद्र टिप्पणी के मामले में ऐक्शन लिया था। यहां बनमाईटहरी पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों में एक को पकड़ा था। इस नाबालिग ने अपनी गलती मानते हुए कहा था कि वो नशे की हालत में था। सहरसा पुलिस ने कहा था कि हथियार के साथ फोटो और मुख्यमंत्री के प्रति अपशब्द वाले वीडियो के मामले में दो नाबालिगों को पुलिस ढूंढ रही थी। जांच में यह पाया गया था कि यह वीडियो पुराना था और बाद में यह भी पता चला था कि नशे की हालत में यह वीडियो बनाया गया था।

    इस वीडियो में दोनों लड़के अपना लोकेशन मनिया बता रहे थे। पुलिस ने ऐक्शन लेते हुए एक किशोर को पकड़ा था। इस लड़के ने स्मैक के नशे में अपशब्द कहने की बात कहते हुए माफी मांगी थी। इलाके में यह मामला काफी चर्चा में रहा था।

  • JSSC CGL परीक्षा में बड़ा खुलासा! पहले से ब्लैकलिस्ट थी ICN एजेंसी, फिर कैसे मिला ठेका?

    JSSC CGL परीक्षा में बड़ा खुलासा! पहले से ब्लैकलिस्ट थी ICN एजेंसी, फिर कैसे मिला ठेका?

     रांची
    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा संचालन में शामिल एजेंसी आईसीएन को लेकर भी सीआईडी की एसआईटी को कई अहम जानकारियां मिलीं हैं।

    आईसीएन एजेंसी पहले से ही केंद्रीय एजेंसियों व राज्य बोर्ड के माध्यम से ब्लैकलिस्ट थी। अब सीआईडी यह पता लगा रही है कि जब एजेंसी ब्लैकलिस्ट थी तब उसे जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के संचालन का काम कैसे मिला।

    सीआईडी ने रिमांड पर लिए गए आईसीएन के दो कर्मियों सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार से तीसरे दिन भी पूछताछ में इसपर सवाल किया है। दिल्ली से गिरफ्तार दोनों ही आरोपित सीआईडी की पांच दिनों की रिमांड पर हैं।

    सीआईडी उनकी एजेंसी आईसीएन की जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन में भूमिका की भी जानकारी जुटा रही है। सीआईडी यह जानना चाह रही है कि परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी का आईसीएन के साथ किस तरह का करार था।

    आईसीएन के विरुद्ध बिहार के शास्त्रीनगर थाने में भी दर्ज है प्राथमिकी
    परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी आईसीएन के विरुद्ध पटना के शास्त्रीनगर थाने में भी वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्ज है। बिहार पुलिस सिपाही भर्ती (सीएसबीसी पटना, विज्ञापन सं. 02/2018) के दौरान आईसीएन ने अभ्यर्थियों से फार्म फीस के तौर पर वसूले गए 14,06,39,674 रुपये बोर्ड के खाते में जमा नहीं किया था।

    इस मामले में शास्त्री नगर थाने में 2019 में 409 व 420 भादवि के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बोर्ड ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।

    पटना हाईकोर्ट ने भी 2021 में कंपनी के खिलाफ पारित ब्लैकलिस्टिंग के फैसले को सही ठहराया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के पुलिस फाइनेंस-V विंग ने भी 13 फरवरी 2024 को जारी आदेश के तहत आईसीएन कंपनी को मंत्रालय और उसके सभी अधीनस्थ विभागों से एक साल के लिए काली सूची में डाल दिया था।