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  • हरियाणा के अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत, सेवा सुरक्षा बढ़ाने के लिए 4 नई श्रेणियों में होगा पंजीकरण

    हरियाणा के अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत, सेवा सुरक्षा बढ़ाने के लिए 4 नई श्रेणियों में होगा पंजीकरण

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के दायरे का विस्तार करते हुए चार अतिरिक्त श्रेणियों के अनुबंध कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल पुनः खोल दिया है, ताकि उन्हें भी राज्य की सेवा सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिल सके।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, नई अधिसूचित श्रेणियों के पात्र कर्मचारी www.secureemployees.csharyana.gov.in पोर्टल पर 31 जुलाई तक  पोर्टल पर 31 जुलाई तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनके सर्विस रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा, जिसके उपरांत हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 तथा हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम, 2025 के प्रावधानों के तहत उनके नामों पर विचार किया जाएगा। पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल की गई नई श्रेणियों में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत कंप्यूटर फैकल्टी एवं कंप्यूटर लैब अटेंडेंट, सूचना प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विभाग (हरट्रॉन को छोड़कर) के माध्यम से कार्यरत अनुबंध कर्मचारी तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) में कार्यरत अनुबंध कर्मचारी शामिल हैं।

    ये श्रेणियां पूर्व में चलाए गए पंजीकरण अभियान में शामिल नहीं थीं। आवेदनों के समयबद्ध निपटान के लिए सरकार ने तीन-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया निर्धारित की है। इसके अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण 31 जुलाई तक किया जा सकेगा। इसके बाद संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को 7 अगस्त तक सर्विस रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा करना होगा। अंतिम जांच एवं अनुमोदन संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा 15 अगस्त तक किया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा महानिदेशक,  हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष तथा सभी उपायुक्तों को पत्र भेजा गया है। साथ ही, उन्हें यह भी निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र कर्मचारी केवल प्रक्रियागत विलंब के कारण अधिनियम के लाभ से वंचित न रह जाए।

    सत्यापन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए मानव संसाधन विभाग ने खजाना एवं लेखा विभाग के निदेशक तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के प्रबंध निदेशक को भी निर्देश दिए हैं कि हाल में शामिल श्रेणियों के कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड एवं अन्य आवश्यक विवरण शीघ्रातिशीघ्र मानव संसाधन विभाग तथा हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन  लिमिटेड (एचकेसीएल) को उपलब्ध कराएं

  • राहुल गांधी पर सम्राट चौधरी का पलटवार, बोले- ‘लोकतांत्रिक मर्यादा का सम्मान करें’

    राहुल गांधी पर सम्राट चौधरी का पलटवार, बोले- ‘लोकतांत्रिक मर्यादा का सम्मान करें’

    पटना.

    दिल्ली के हाई सिक्योरिटी जोन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने राहुल गांधी के आचरण की आलोचना करते हुए इसे संवैधानिक पद की गरिमा के विपरीत बताया है।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि हाई सिक्योरिटी जोन में राहुल गांधी द्वारा नियमों की अनदेखी करना संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षणिक राजनीतिक लाभ और सुर्खियां बटोरने के लिए किया गया ऐसा व्यवहार विपक्ष के नेता जैसे संवैधानिक पद की गरिमा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं, सुरक्षा प्रोटोकॉल और सार्वजनिक मर्यादाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उनके अनुसार सार्वजनिक जीवन में आचरण भी उतना ही जिम्मेदार, संयमित और मर्यादित होना चाहिए, जितनी बड़ी जिम्मेदारी उस पद के साथ जुड़ी होती है।

    ललन सिंह ने कहा- सस्ती लोकप्रियता की राजनीति
    केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भी अपने एक्स पोस्ट में राहुल गांधी के प्रदर्शन की निंदा की। उन्होंने लिखा कि विपक्ष के नेता ने हाई सिक्योरिटी जोन में जिस प्रकार का व्यवहार किया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसा आचरण विपक्ष के नेता जैसे गरिमामय संवैधानिक पद के अनुरूप नहीं है। उनके मुताबिक राहुल गांधी इस तरह के कृत्यों से अपनी ही छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ललन सिंह ने आगे लिखा कि राहुल गांधी को आत्मचिंतन करना चाहिए, क्योंकि विपक्ष के नेता का पद गंभीर जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए वह इस पद की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।

    संजय कुमार झा भी कर चुके हैं आलोचना
    इससे पहले जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा भी राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि संसद में चर्चा का अवसर होने के बावजूद सड़क पर प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि अराजकता फैलाने का प्रयास है। राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर बिहार में एनडीए के नेताओं के लगातार बयान सामने आने से इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज हो गई है।

  • अबोहर में AAP को बड़ा झटका, मेयर नहीं बनने पर इंचार्ज अरुण नारंग ने दिया इस्तीफा

    अबोहर में AAP को बड़ा झटका, मेयर नहीं बनने पर इंचार्ज अरुण नारंग ने दिया इस्तीफा

    अबोहर.

    अबोहर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी का बोर्ड बनने के बाद आम आदमी पार्टी में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी के हलका इंचार्ज अरुण नारंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने नगर निगम में पार्टी का मेयर नहीं बन पाने की जिम्मेदारी खुद लेते हुए नैतिक आधार पर पद छोड़ने का फैसला किया।

    अरुण नारंग ने साफ किया कि उनका इस्तीफा केवल हलका इंचार्ज पद से है, पार्टी से नहीं। वह आगे भी आम आदमी पार्टी के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे। नारंग ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया को ईमेल के माध्यम से भेज दिया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी और मेयर पद हासिल नहीं हो पाया। इसलिए उन्होंने इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ने का निर्णय लिया।

    पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ा
    उन्होंने कहा कि हलका इंचार्ज के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ा है। पिछले चुनावों की तुलना में पार्टी के वोट प्रतिशत में भी बढ़ोतरी हुई है। नगर निगम चुनाव में 50 वार्डों में से 20 वार्डों में पार्टी के उम्मीदवारों की जीत इसका प्रमाण है। इसके बावजूद पार्टी का मेयर नहीं बन सका, इसलिए वह स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं। अरुण नारंग ने कहा कि पार्टी नेतृत्व जिस भी नेता को नया हलका इंचार्ज नियुक्त करेगा, वह उसके साथ पूरी निष्ठा से काम करेंगे। उनका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना है और वह भविष्य में भी पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का कार्य जारी रखेंगे।

    आप के कामकाज से संतुष्ट हैं जनता
    उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार की नीतियों और विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। उनका विश्वास है कि आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी पहले से बेहतर प्रदर्शन करेगी और वह इस मिशन का हिस्सा बने रहेंगे। अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने की अटकलों को भी अरुण नारंग ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल हलका इंचार्ज पद से इस्तीफा दिया है, पार्टी से नहीं। वह आगे भी एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में संगठन के लिए काम करते रहेंगे।

    पार्टी के आदेश का हमेशा करेंगे सम्मान
    उन्होंने यह भी कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं करता या उन्हें पद पर बने रहने का निर्देश देता है तो वह संगठन के निर्णय का पूरा सम्मान करेंगे। फिलहाल उनके इस्तीफे को लेकर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है। वहीं, उनके इस्तीफे के बाद अबोहर की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी की नजर आम आदमी पार्टी के अगले संगठनात्मक फैसले पर टिकी हुई है।

  • अयोध्या से जनकपुर तक बनेगा फोर लेन राम-जानकी पथ, चंपारण को मिलेगी बड़ी सौगात

    अयोध्या से जनकपुर तक बनेगा फोर लेन राम-जानकी पथ, चंपारण को मिलेगी बड़ी सौगात

    मोतिहारी.

    मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या व देवी जानकी के नगर जनकपुर को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी राम-जानकी पथ परियोजना अब पूर्वी चंपारण में गति पकड़ने लगी है। यह सड़क केवल परिवहन क्षेत्र की उपलब्धि नहीं, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से उत्तर बिहार की तस्वीर बदलने वाली मानी जा रही है।

    जिले में प्रस्तावित 56 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पांच सदस्यीय कमेटी की जांच अंतिम चरण में है। अधिसूचना व खेसरा पंजी के निर्माण को लेकर तैयारी प्रारंभ कर दी गई है।

    जिले के सात अंचलों के 49 गांवों से गुजरेगी सड़क
    राम-जानकी पथ फोर लेन में बनना है। यह सड़क जिले के सात अंचलों के 49 राजस्व गांवों से होकर गुजरेगी। केसरिया के ढेकहां में यह सड़क जिले में प्रवेश कर पताही होते हुए शिवहर में प्रवेश करेगी। केसरिया अंचल के 11, कल्याणपुर के 15, चकिया के तीन, मेहसी के एक, मधुबन के 13, फेनहारा के पांच एवं पताही के एक राजस्व ग्राम से यह सड़क गुजरेगी। इससे इन गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन का मार्ग मिलेगा, जिससे वहां की आर्थिकी बेहतर होगी।

    धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
    राम-जानकी पथ का सबसे बड़ा लाभ धार्मिक पर्यटन को मिलेगा। अयोध्या से जनकपुर जाने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और तेज सड़क संपर्क उपलब्ध होगा। प्रभु श्रीराम के नगर से जानकी नगर के बीच बन रही इस सड़क में विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप, सोमेश्वर धाम के दर्शन के बाद विराट रामायण मंदिर भी देखा जा सकेगा। कल्याणपुर के जानकी नगर में बन रहे विश्व का सबसे ऊंचा विराट रामायण मंदिर का दर्शन भी लोग कर सकेंगे। ऐतिहासिक सीताकुंड जहां माता सीता व प्रभु श्री राम जनकपुर से विवाह के बाद वापस लौटने के क्रम में प्रवास किया था। यह स्थान भी इस सड़क से कनेक्ट होगा। वहीं सीतामढ़ी में मां जानकी के भव्य मंदिर का दर्शन करते हुए जनकपुर धाम लोग जा सकेंगे।

    नए रोजगार होंगे सृजित, बदलेगी आर्थिकी
    विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। सड़क किनारे होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, वे-सााइड सुविधाएं और छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित होंगे। इससे हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। भूमि की कीमतों में भी वृद्धि की संभावना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इससे भारत और नेपाल के बीच धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।

    पांच सदस्यीय टीम की जांच –
    राम-जानकी पथ का पांच सदस्यीय टीम की जांच अंतिम चरण में है। जल्द भूमि अधिग्रहण के लिए आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
    – कुमार विमल कांत, एडीएलओ, पूर्वी चंपारण

  • LADC सिस्टम के विरोध में चंडीगढ़ जिला अदालत के वकीलों की भूख हड़ताल, न्यायिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

    LADC सिस्टम के विरोध में चंडीगढ़ जिला अदालत के वकीलों की भूख हड़ताल, न्यायिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

    चंडीगढ़.

    लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) सिस्टम के विरोध में चंडीगढ़ जिला अदालत के वकीलों ने बुधवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी। पंजाब में संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के आह्वान पर जिला बार एसोसिएशन, चंडीगढ़ ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया।

    पहले दिन कई पदाधिकारी और वरिष्ठ अधिवक्ता भूख हड़ताल पर बैठे। भूख हड़ताल में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चौहान, उपाध्यक्ष संदीप गुज्जर, सचिव अमीश शर्मा, कोषाध्यक्ष उज्जवल भसीन सहित मुकेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, एएस गुजराल, आरएल मौर्य और नरेश कुमार शामिल हुए।
    बार एसोसिएशन ने जजों से अनुरोध किया है कि आंदोलन में शामिल वकीलों की अनुपस्थिति के दौरान उनके मामलों में कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए। वकीलों का कहना है कि यह सिस्टम लागू होने से स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

    उनका आरोप है कि इस व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में ऐसे मामले, जिनमें पहले निजी वकीलों को नियुक्त किया जाता था, अब एलएडीसी के माध्यम से निपटाए जा रहे हैं। इससे युवा और मध्यम वर्ग के वकीलों की आय और रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने लीगल सर्विस अथारिटी से इस सिस्टम की समीक्षा करने की मांग की है।

  • हरियाणा अंत्योदय मेले में 3093 लाभार्थियों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ

    हरियाणा अंत्योदय मेले में 3093 लाभार्थियों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ

    नारनौल.

    मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान योजना 2.0 के तहत आगामी 26 जुलाई को जिला सभागार में एक दिवसीय अंत्योदय मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले के सफल संचालन और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर मंगलवार को अतिरिक्त उपायुक्त तरुण पावरिया की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई।

    बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि मुख्यालय से विधानसभा क्षेत्र नारनौल के 3093 पात्र लाभार्थियों की सूची प्राप्त हुई है। इन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जाना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि मेले के दिन ही सभी पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी की जा सके। प्रशासन द्वारा मेले में आने वाले नागरिकों के मार्गदर्शन और सहायता के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे। इसके तहत विभिन्न महाविद्यालयों के सहायक प्राध्यापकों की काउंसलर के रूप में ड्यूटी लगाई गई है, जो लाभार्थियों को 19 प्रमुख विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देंगे।

    अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी योजनाओं के लिए आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी काउंसलर टीम को पहले ही उपलब्ध करा दें, जिससे आवेदन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान सभी 19 विभाग अपने स्टाल लगाकर मौके पर ही लाभार्थियों के आवेदन फार्म भरवाएंगे। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने मेले के सफल आयोजन की रूपरेखा साझा की। इस बैठक में तहसीलदार कनीना पायल यादव, इन्वेस्टिगेटर अरुण कुमार, अधीक्षक अरुण चांदना और सतीश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

  • दिल्ली की गिरफ्तारियों के विरोध में पंजाब कांग्रेस का प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

    दिल्ली की गिरफ्तारियों के विरोध में पंजाब कांग्रेस का प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस आज राज्यभर में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने ऐलान किया है कि पंजाब के सभी जिलों में कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

    इस दौरान सरकार के पुतले भी फूंके जाएंगे। पंजाब कांग्रेस का आरोप है कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक से प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है। पार्टी का कहना है कि पंजाब में भी बीते कुछ सालों में अब तक तीन बड़े पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस प्रवक्ता अनुसार हाल ही में फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा से पहले पेपर लीक होने का मामला सामने आया। इससे पहले 12वीं कक्षा की इंग्लिश परीक्षा और पीएसटीईटी (पीसेट) का पेपर भी लीक हो चुका है। कांग्रेस समर्थकों ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हुआ है।

    पेपरों की जांच ठंडे बस्ते में
    कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि ग्रुप-बी पेपर लीक मामले में पिछले छह महीनों से जांच आगे नहीं बढ़ी है। आरोप है कि सरकार सइस मामले में जवाबदेही तय करने में विफल रही है। पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर नीट समेत अन्य परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों का भी जिक्र किया। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा टूट रहा है।

    निष्पक्ष जांच की रखी मांग
    पंजाब कांग्रेस प्रधान वड़िंग ने केंद्र और राज्य सरकार से पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करने की मांग की है। उधर मंगलवार दिल्ली में नीट छात्रों के समर्थन में पंजाब कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के साथ प्रधानमंत्री निवास के सामने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे नेताओं को पुलिस नेे हिरासत में ले लिया था।

  • हरियाणा में हेली एंबुलेंस सेवा का विस्तार, गंभीर मरीजों को अब तेजी से मिलेगी एयरलिफ्ट सुविधा

    हरियाणा में हेली एंबुलेंस सेवा का विस्तार, गंभीर मरीजों को अब तेजी से मिलेगी एयरलिफ्ट सुविधा

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने प्रदेश में हेली एंबुलेंस सेवाओं का दायरा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में मेडिकल, पर्यटन और सार्वजनिक परिवहन के लिए हेलीकाप्टर सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से फरीदाबाद, करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम और रोहतक स्थित मेडिकल कॉलेजों के निकट बने हेलीपैडों के अपग्रेडेशन की योजना पर काम तेज किया जाएगा।

    इस संबंध में हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (एचएडीसीएल) की बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की आठवीं बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री एवं हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष विपुल गोयल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के विकास, एयर एंबुलेंस सेवाओं के विस्तार, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को तेज और अधिक सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के हेलीपैडों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजनाओं की समीक्षा की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को हवाई मार्ग से शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा सके। बैठक के दौरान मंत्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में चल रही सभी नागरिक उड्डयन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।

    उन्होंने कहा कि मजबूत उड्डयन अवसंरचना से न केवल निवेश और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और प्रदेश की आपातकालीन सेवाएं भी अधिक सक्षम बनेंगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार नागरिक उड्डयन क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय एयरपोर्ट सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मजबूत हवाई संपर्क केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि उद्योग, व्यापार, निवेश, पर्यटन और रोजगार को नई गति देने का आधार है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में एयरपोर्ट अवसंरचना का सुदृढ़ विस्तार कर हरियाणा को नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।

  • पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: 3 अगस्त से मानसून सत्र, बेअदबी कानून में संशोधन की तैयारी

    पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: 3 अगस्त से मानसून सत्र, बेअदबी कानून में संशोधन की तैयारी

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में बेअदबी संबंधी कानून में संशोधन पर चर्चा करने जा रही है। यह संशोधन श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा सुझाए गए सुझावों के आधार पर किया जाएगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने एडवोकेट जनरल से कानूनी राय मांगी है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को चंडीगढ़ में कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि एडवोकेट जनरल कार्यालय से कानूनी राय मिलने के बाद मानसून सत्र में प्रस्तावित संशोधन पर चर्चा की जाएगी। मंत्रिमंडल ने तीन से 10 अगस्त तक मानसून सत्र बुलाने के लिए सहमति दी है, और आवश्यकता पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। साथ ही, निजी स्कूलों की फीस से संबंधित अध्यादेश को भी विधानसभा में पेश किया जाएगा। राज्य सरकार ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026 में संभावित बदलाव को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के साथ भी बातचीत की है।

    एसजीपीसी और एडवोकेट जनरल कार्यालय के समन्वय से कानूनी संशोधन का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा सभी सिख विधायकों को तलब करने के बाद सरकार को कानून के अलग-अलग प्रविधानों में लगभग 10 संशोधन सुझाए गए थे।
    इनमें सबसे महत्वपूर्ण मांग श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 'कस्टोडियन' से जुड़े सभी प्रविधानों को हटाने की है। इसके अतिरिक्त, गुरु ग्रंथ साहिब की बीड़ों का केंद्रीय रजिस्टर तैयार करने, उनका विवरण आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने और प्रत्येक बीड़ को अलग पहचान संख्या देने के प्रविधान का विरोध किया गया है। श्री अकाल तख्त साहिब ने यह भी सुझाव दिया है कि भविष्य में इस कानून के तहत कोई भी नियम या संशोधन लागू करने से पहले एसजीपीसी और अकाल तख्त से अनिवार्य रूप से सलाह और मंजूरी ली जाए। अब एडवोकेट जनरल की कानूनी राय के बाद सरकार श्री अकाल तख्त साहिब के सभी सुझावों पर अंतिम निर्णय लेगी।

    प्रविधान और श्री अकाल तख्त की आपत्ति
    प्रविधान:
    बीड़ और बीड़ां शब्द के स्थान पर स्वरूप और स्वरूपों शब्दों को प्रयोग होगा।
    आपत्ति : बीड़ शब्द सिख रहित मर्यादा में पुरातन समय से प्रचलित है। कानून में इस शब्द को हटाना सरकार की सिख रिवायतों के प्रति असंवेदनशीलता है। सरकार बीड़ और बीड़ां शब्द को ही शामिल करे।
    प्रस्ताव : सरकार सुझाए गए शब्दों को शामिल करेगी।
    प्रविधान : 2008 के पंजाब एक्ट नंबर 21 की धारा 2 में कस्टोडियन शब्द जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि जिस व्यक्ति, संस्था, गुरुद्वारा कमेटी जिसके पास श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप है, वह उसकी सुरक्षा व सिख मर्यादा का पालन करने का जिम्मेदार होगा।
    आपत्ति : श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हमारे कस्टोडियन हैं, कोई व्यक्ति कैसे उनका कस्टोडियन हो सकता है। इसे हटाया जाए।
    प्रस्ताव – नए संशोधन में कस्टोडियन शब्द को हटाकर इसके स्थान पर नया उपयुक्त कानूनी शब्द प्रस्तावित करने को कहा गया है। साथ ही उसकी सरल व्याख्या भी शामिल करने को कहा गया है ताकि उसका गलत उपयोग न हो सके।
    प्रविधान : स्वरूपों के लिए एसजीपीसी एक केंद्रीय रजिस्टर रखेगी। स्वरूपों की छपाई, संरक्षण, वितरण तथा उपलब्ध कराने का रिकार्ड फिजिकल और इलेक्ट्रानिक दोनों रूपों में होगा और यह एसजीपीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा। इसी तरह प्रत्येक स्वरूप के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी।
    आपत्ति – श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप (बीड़) को विशिष्ट पहचान संख्या देना मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ के समान है। इसे खालसा पंथ स्वीकार नहीं करेगा।
    प्रस्ताव – इस प्रविधान को हटा दिया जाएगा।
    प्रविधान – धारा 3बी(1) केवल उन व्यक्तियों के कर्तव्य और जिम्मेदारियां निर्धारित करती है, जिनके पास श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बीड़ अथवा गुरबाणी की सैंची, पोथी या गुटका साहिब मौजूद हैं।
    आपत्ति – यह प्रविधान सीधे तौर पर श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करता है। इसलिए संशोधन कानून की धारा 3बी(1) को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
    प्रस्ताव – इस प्रविधान को हटा दिया जाएगा
    प्रविधान- वर्ष 2008 के पंजाब अधिनियम 21 की धारा 5 बदलने के संबंध में जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप अथवा स्वरूपों की बेअदबी को छोड़ अन्य अपराध करने वाले को अधिकतम पांच वर्ष तक का कारावास तथा दस लाख रुपये तक का जुर्माना।
    आपत्ति : यह स्वीकार्य नहीं है। इन मामलों में निर्णय व कार्रवाई का अधिकार केवल श्री अकाल तख्त साहिब का है।
    प्रस्ताव – बेअदबी और मर्यादा का पालन न होने की व्याख्या की जाएगी। मर्यादा तय करना व उसका पालन, पंथ व श्री अकाल तख्त साहिब का अधिकार क्षेत्र है।

  • हरियाणा TET रिजल्ट तैयार, गलत प्रश्नों का मिलेगा फायदा, अभ्यर्थियों को दिए जाएंगे ग्रेस मार्क्स

    हरियाणा TET रिजल्ट तैयार, गलत प्रश्नों का मिलेगा फायदा, अभ्यर्थियों को दिए जाएंगे ग्रेस मार्क्स

    भिवानी.

    हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का परिणाम तैयार कर लिया है। प्रश्न पत्रों और आंसर-की पर आई करीब 18 हजार आपत्तियों पर भी बोर्ड के विशेषज्ञों ने अपनी राय दे दी है।
    जिसके अनुसार सभी लेवल के प्रश्न पत्रों के कुछ-कुछ प्रश्नों और विकल्पों में खामियां मिली है। जिनकी बदले अभ्यर्थियों को ग्रेस अंक दिए जाएंगे।

    खामियां इतनी भी नहीं मिली है कि री-एग्जाम की नौबत आए। ऐसे में री-एग्जाम की संभावनाओं पर विराम लग गया है। हालांकि बोर्ड के अधिकारी अभी विशेषज्ञों की राय के आधार पर भी प्रश्न और उनके विकल्पों की जांच कर रहे है। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उम्मीद है कि इस माह के अंतिम सप्ताह में परिणाम घोषित कर दिया जाए।

    सीसीटीवी की निगरानी में हुई थी परीक्षा
    हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से पांच व छह जुलाई को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 करवाई गई थी। सुरक्षा के कड़े पहरे और सीसीटीवी की निगरानी में करीब 1,92,226 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी जबकि 17.60 प्रतिशत यानी 41068 अनुपस्थित रहे थे। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्रों की खामियों के कारण काफी सवाल उठे। कई जगह प्रश्न पत्र मिस प्रिंटिंग की शिकायत आई। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से छह जुलाई को ही प्रोविजनल आंसर-की जारी करते हुए प्रश्नों और आंसर-की पर आपत्तियां मांगी।

    करीब 18 हजार प्रश्नों और आंसर-की पर अभ्यर्थियों ने आपत्तियां दर्ज करवाई। कई अभ्यर्थी तो ऐसे रहे जिन्होंने 15 से 20 सवालों, आंसर-की पर सवाल उठाते हुए आपत्ति दर्ज करवाई। सभी आपत्तियों को बोर्ड विशेषज्ञों के समक्ष रखा गया। पिछले 10 दिन के दौरान विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों की आपत्तियों का बारीकी से मंथन किया और अब अपनी रिपोर्ट तैयार कर बोर्ड अधिकारियों को सौंप दी है। एक्सपर्ट ने भी माना है कि कुछ प्रश्न अधूरे थे तो कुछ विकल्प एक से ज्यादा सहीं थे। जिस कारण अब बोर्ड ने परीक्षार्थियों को लेवल व कोड अनुसार प्रश्न पत्रों में मिली खामियों के आधार पर मूल्यांकन करते हुए ग्रेस अंक दिए है।

    री-एग्जाम की नहीं आई नौबत
    हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के प्रश्नों और आंसर-की पर आई करीब 18 हजार आपत्तियों, मिस प्रिंटिंग, प्रश्न पूरे प्रिंट नहीं होने जैसी शिकायतों के बाद चर्चाएं थी कि कुछ अभ्यार्थियों का री-एग्जाम हो सकता है। मगर विशेषज्ञों की राय के बाद इसकी संभावनाएं खत्म हो गई है। बोर्ड अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि री-एग्जाम की जरूरत नहीं है। चेयरमैन मुनीश शर्मा ने कहा कि हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का परिणाम तैयार है। कुछ औपचारिकताएं है, जिन्हें पूरा किया जा रहा है। अभ्यार्थियों की विभिन्न प्रश्नों और आंसर-की पर आई आपत्तियों पर विशेषज्ञों ने अपनी राय दे दी है। जिसके आधार पर ही मूल्यांकन किया गया है। अधूरे और मिस प्रिंट प्रश्नों के बदले अभ्यर्थियों को ग्रेस अंक दिए जाएंगे। ये लेवल और कोड अनुसार अलग-अलग है।

    हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने कहा कि अध्यापक पात्रता परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्रों के 34 सैट बनाए गए थे तथा प्रति सैट लगभग 20 प्रश्नों पर अभ्यार्थियों ने आपत्तियां उनके पास भेजी है। जबकि एचसीएस परीक्षाओं के दौरान 100 प्रश्नों पर 33 आब्जेक्शन थे। एक्सपर्ट कमेटी की राय के आधार पर ही आब्जेशन रिमूव कर अभ्यर्थियों का मूल्यांकन किया है। जल्द ही परिणाम घोषित किया जाएगा।