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  • छात्रों पर लाठीचार्ज, उधर बर्गर खाते दिखे विजेता दहिया! CJP ने प्रवक्ता पद से हटाया

    छात्रों पर लाठीचार्ज, उधर बर्गर खाते दिखे विजेता दहिया! CJP ने प्रवक्ता पद से हटाया

    नई दिल्ली
    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया है. यह फैसला उस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद लिया गया, जिसमें वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पास के एक मॉल में बर्गर आउटलेट पर दिखाई दे रहे थे. उसी समय प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई चल रही थी। 

    कॉकरोच जनता पार्टी ने एक बयान जारी करके कहा, 'हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया के बेहद असंवेदनशील व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं. जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हमारी टीम पुलिस की बर्बर कार्रवाई का सामना कर रही थी, उस दौरान उनके वीडियो सामने आए. ऐसा व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है और हमारे आंदोलन के मूल्यों व सिद्धांतों के खिलाफ है. विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाते हुए उनकी सभी आधिकारिक जिम्मेदारियां भी वापस ले ली गई हैं। 

    वायरल वीडियो पर मचा विवाद

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विजेता दहिया एक मॉल के बर्गर आउटलेट पर दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में कुछ लड़के उनसे सवाल करते सुनाई देते हैं, 'जब हम प्रदर्शन कर रहे थे, तब आप बर्गर खा रहे थे?' हालांकि, वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया और किन परिस्थितियों में बनाया गया, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। 

    विजेता दहिया ने भी दी सफाई
    विवाद बढ़ने के बाद विजेता दहिया ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब डेढ़ महीने से लगातार आंदोलन में सक्रिय हैं और बीते दो दिनों से ठीक से सो भी नहीं पाए हैं. उन्होंने कहा, 'बर्गर खाना इतना बड़ा मुद्दा क्यों बना दिया गया? कोई इंसान बर्गर कब खाता है, जब उसे भूख लगती है. कोई मुझे आंदोलन में शामिल होने के पैसे नहीं देता. मुझे किसी ने इस जॉब के लिए चुना नहीं है. मैं देश के लिए यह सब कर रहा हूं. हां, मैं बर्गर खाऊंगा.' हालांकि, इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने यह भी लिखा कि उन्होंने बर्गर नहीं खाया, क्योंकि उसमें मैदा और ट्रांस फैट था और उन्होंने कहीं और खाना खाने का फैसला किया। 

    पहले भी विवादों में रहे हैं दहिया
    विजेता दहिया इससे पहले भी सोशल मीडिया पर अपने कुछ बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं. ट्रांसजेंडर समुदाय और महिलाओं की राजनीति में भागीदारी को लेकर उनकी टिप्पणियों की भी आलोचना हुई थी. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. कल प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च निकाला था. इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़पें हुईं. प्रदर्शनकारी संसद भवन के काफी नजदीक पहुंच गए थे, जिन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया था। 

  • रिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार, 200 वेंटिलेटर और रोबोटिक सर्जरी को मंजूरी

    रिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार, 200 वेंटिलेटर और रोबोटिक सर्जरी को मंजूरी

     रांची
    राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मरीजों की सुविधा बढ़ाने और चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई रिम्स शासी परिषद की बैठक में छात्रावासों के संचालन से लेकर अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और रोबोटिक सर्जरी शुरू करने तक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि रिम्स के सभी यूजी और पीजी छात्रावासों का संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। उद्देश्य छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    रिम्स की आपातकालीन और ट्रॉमा सेवाओं को मजबूत करने के लिए 200 अत्याधुनिक वेंटिलेटर खरीदने का फैसला लिया गया है। इन वेंटिलेटरों को मुख्य रूप से इमरजेंसी और ट्रॉमा मरीजों के उपचार में उपयोग किया जाएगा, जिससे गंभीर मरीजों को तत्काल बेहतर जीवनरक्षक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

    बैठक में रिम्स में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी निर्णय लिया गया। रोबोटिक सर्जरी शुरू होने से जटिल ऑपरेशन अधिक सटीकता के साथ किए जा सकेंगे और मरीजों की रिकवरी अवधि भी कम होगी।

    इसके साथ ही मेडिकल शिक्षा को आधुनिक स्वरूप देने के लिए स्मार्ट क्लासरूम संचालित करने की मंजूरी दी गई है। इससे एमबीबीएस और पीजी छात्रों को डिजिटल एवं तकनीक आधारित शिक्षण सुविधाएं मिलेंगी।

    शासी परिषद ने अस्पताल परिसर के सभी शौचालयों को आधुनिक बनाने, मुख्य प्रवेश द्वार को नया स्वरूप देने, ऑर्थोपेडिक वार्ड के पुनर्निर्माण तथा मरीजों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने का भी निर्णय लिया। रिम्स में एमबीबीएस सीटों की संख्या 250 होने के बाद आवश्यक आधारभूत संरचना के विस्तार के लिए तकनीकी आकलन कराने का निर्देश दिया गया है।

    बैठक में थैलेसीमिया मरीजों के लिए रक्त उपलब्धता बढ़ाने, ब्लड बैंक को सुदृढ़ करने, जेनेटिक स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत करने, रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित करने और ऑन्कोलॉजी विभाग के लिए रेडियोथेरेपी मशीन की खरीद प्रक्रिया तेज करने पर भी सहमति बनी। साथ ही अस्पताल में एयरपोर्ट की तर्ज पर शौचालय का निर्माण होगा।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स को देश के अग्रणी सरकारी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में लाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने का निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    प्रमुख फैसले:
        यूजी और पीजी हॉस्टल का संचालन पीपीपी मॉडल पर होगा।
        इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाओं के लिए 200 नए वेंटिलेटर खरीदे जाएंगे।
        रिम्स में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की प्रक्रिया तेज होगी।
        मेडिकल छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासरूम संचालित किए जाएंगे।
        ऑर्थोपेडिक वार्ड का पुनर्निर्माण होगा।
        मरीजों की सहायता के लिए आधुनिक हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा।
        ब्लड बैंक और जेनेटिक स्क्रीनिंग सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा।

     

  • झालावाड़ में 5500 घरों पर लगेंगे मुफ्त सोलर प्लांट, मिलेगी बिजली राहत

    झालावाड़ में 5500 घरों पर लगेंगे मुफ्त सोलर प्लांट, मिलेगी बिजली राहत

      झालावाड़
    झालावाड़ जिले के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर है। राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुपालन में जिले के करीब साढ़े पांच हजार उपभोक्ताओं के घरों पर जल्द ही निःशुल्क सोलर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। दो किलोवॉट क्षमता के ये सोलर प्लांट पूरी तरह से निःशुल्क लगाए जाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली के खर्च से बड़ी राहत मिलेगी।

    बता दें कि इन सोलर प्लांट को लगाने के लिए जयपुर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) ने जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। जयपुर डिस्कॉम कार्यालय की ओर से ऐसे पात्र उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर जयपुर डिस्कॉम मुख्यालय को भेज दी गई है। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए जल्द ही टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।

    जानकारों के अनुसार, डिस्कॉम स्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित फर्म को कार्य आदेश जारी किया जाएगा। इसके बाद फर्म के तकनीकी कर्मचारी सूची में शामिल उपभोक्ताओं के घरों का मौका-मुआयना और सर्वे करेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली उपभोक्ताओं को आत्मनिर्भर बनाना और बिजली बिलों के बोझ को कम करना है।

    यह पहल जिले में हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। डिस्कॉम अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से बिजली उपभोक्ताओं को न केवल आर्थिक लाभ होगा, बल्कि वे अक्षय ऊर्जा के उपयोग में भी भागीदार बनेंगे। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजना का क्रियान्वयन पारदर्शिता और गति के साथ हो, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें।

    सर्वे में लगेगा समय
    सर्वे के दौरान जिन उपभोक्ताओं के घरों की छत पर छाया रहित पर्याप्त स्थान और तकनीकी उपयुक्तता पाई जाएगी, वहां निःशुल्क सोलर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया में अभी कुछ समय लगेगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने अपने बजट में जयपुर डिस्कॉम के एक लाख गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को निःशुल्क सोलर उपकरण लगाने की घोषणा की थी।

    डिस्कॉम स्तर पर होंगे टेंडर
    सरकार की महत्त्त्वाकांक्षी योजना के तहत अब उपभोक्ताओं को निःशुल्क सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इस नई व्यवस्था के तहत टेंडर प्रक्रिया डिस्कॉम स्तर पर ही पूरी की जाएगी, जिससे काम में तेजी आएगी। जयपुर डिस्कॉम ने अपने क्षेत्र के पात्र उपभोक्ताओं की सूची मुख्यालय भेज दी है।

    इन्हें मिलेगा योजना का लाभ
    तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना उन उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाएगी, जिनकी मासिक बिजली खपत 150 यूनिट या उससे कम है। ऐसे उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो वर्तमान में सरकार की 100 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना का लाभ उठा रहे हैं। एक किलोवाट का यह डोमेस्टिक सोलर प्लांट प्रतिदिन औसतन 4 से 5 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। इस लिहाज से एक महीने में उपभोक्ता को 150 यूनिट बिजली का उत्पादन आसानी से हो सकेगा।

    चूंकि सरकार ने बजट घोषणा में 150 यूनिट तक बिजली फ्री देने का वादा किया था। ऐसे उपभोक्ताओं को अपने घरेलू उपयोग के लिए पूरी तरह से निःशुल्क बिजली मिल सकेगी। योजना के पूरी तरह लागू होने के बाद न केवल ग्रिड पर बिजली का भार कम होगा, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी आने वाले बिजली बिल के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। उन्हें अपने उपयोग के लिए पूरी तरह निःशुल्क बिजली मिल सकेगी। यह योजना उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान करेगी।

    डिस्कॉम स्तर पर ही टेंडर, प्रक्रिया आदि होगी और जल्द ही पात्र घरों पर निःशुल्क सोलर उपकरण लगाए जाएंगे। झालावाड़ जिले में साढ़े पांच हजार उपभोक्ताओं को निःशुल्क सोलर कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य है।
    -नवरतन बैरवा, अधीक्षण अभियंता, जयपुर डिस्कॉम, झालावाड़

  • बिहार सरकार का बड़ा कदम, विदेश जाने वाले कामगारों को मिलेगा सुरक्षित रोजगार

    बिहार सरकार का बड़ा कदम, विदेश जाने वाले कामगारों को मिलेगा सुरक्षित रोजगार

    पटना
     विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले बिहार के कामगारों की सुरक्षा और सुव्यवस्थित प्रवासन पर राज्य सरकार ने विशेष जोर दिया है। इसी उद्देश्य से पटना के नियोजन भवन स्थित प्रतिबिंब सभागार में प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण (पीडीओटी) प्रशिक्षक कार्यशाला आयोजित की गई।

    कार्यशाला का आयोजन युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तहत बिहार राज्य समुद्रपार नियोजन ब्यूरो ने किया। इसकी अध्यक्षता निदेशक-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सुनील कुमार ने की।

    सुनील कुमार ने कहा कि सरकार बिहार के युवाओं को सुरक्षित और पारदर्शी माध्यम से विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराना चाहती है। इसके लिए अधिकृत नियोक्ता एजेंसियों के साथ समन्वय मजबूत किया जा रहा है।

    इससे युवाओं को बेहतर और सुरक्षित रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सही जानकारी मिलने से प्रवासी कामगार ठगी और अन्य जोखिमों से बच सकेंगे।

    ई-माइग्रेंट पोर्टल के उपयोग का प्रशिक्षण
    कार्यशाला में प्रशिक्षकों को पीडीओटी के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी गई। विदेश जाने से पहले अभ्यर्थियों को किन बातों का ध्यान रखना है, इसकी विस्तार से जानकारी साझा की गई। प्रशिक्षण में कार्यस्थल पर अधिकार और दायित्व, स्थानीय कानून, श्रम नियम, संस्कृति और सामाजिक परंपराओं पर चर्चा हुई।

    सुरक्षा उपायों और आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया भी बताई गई। प्रशिक्षकों को ई-माइग्रेंट पोर्टल के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर पंजीकरण और लॉग-इन प्रक्रिया समझाई गई।

    डाटा एंट्री और बैच प्रबंधन की जानकारी भी दी गई। कार्यशाला में प्रवासी श्रमिकों के जरूरी दस्तावेज, आपातकालीन संपर्क नंबर और भारतीय दूतावास की भूमिका पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। सहायता के लिए उपलब्ध आनलाइन पोर्टलों के उपयोग की जानकारी भी साझा की गई।

    कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक (नियोजन) प्रियंका कुमारी, उप निदेशक (नियोजन) श्याम प्रकाश शुक्ला, उप निदेशक (नियोजन) अश्वजीत कुमार परासर, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी जिलों के नियोजन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  • मां योजना से अब देशभर में मुफ्त इलाज, 30 हजार लोगों को मिला लाभ

    मां योजना से अब देशभर में मुफ्त इलाज, 30 हजार लोगों को मिला लाभ

     जयपुर
    मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मां योजना) योजना के तहत प्रदेश के पात्र परिवारों को अब राज्य से बाहर भी बेहतर एवं कैशलेस निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी व्यवस्था के माध्यम से पात्र लाभार्थी देश के विभिन्न राज्यों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) से संबद्ध अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक का कैशलेस निःशुल्क उपचार प्राप्त कर सकते हैं। 6 माह में प्रदेश के 30 हज़ार से अधिक लोगों ने अन्य राज्यों के अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज करवाया है ।

    मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के समन्वय से संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 25 लाख रुपये तक का कैशलेस निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना में 2,179 उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार भी सम्मिलित है।कर्नाटक और तमिलनाड के अलावा सभी राज्यों में सुविधा उपलब्ध है।

    पूर्व में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए प्रदेश के मरीजों को गुजरात, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में जाकर उपचार कराना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक एवं प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की, जिसके बाद पात्र परिवार देश के अन्य राज्यों में स्थित पीएमजेएवाई से संबद्ध अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार का लाभ उठा रहे हैं।

    इस व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र परिवारों के साथ-साथ मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के सभी पात्र परिवारों को भी अन्य राज्यों में 25 लाख रुपये तक के कैशलेस निःशुल्क उपचार का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

    अब तक इस प्रावधान के अंतर्गत 5,959 क्लेम प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 17 करोड़ रुपये से अधिक है। इन क्लेम्स के माध्यम से मरीजों ने हार्ट स्टेंट, हार्ट बायपास सर्जरी, कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, डायलिसिस, जनरल सर्जरी, सिजेरियन प्रसव सहित विभिन्न जटिल उपचारों का लाभ प्राप्त किया है।

    लाभार्थियों द्वारा सर्वाधिक उपचार गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के अस्पतालों में कराया गया है। वर्तमान में इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी के तहत देशभर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबद्ध लगभग 16 हजार से अधिक सरकारी तथा 14 हजार से अधिक निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इनमें गुजरात के 2,067, हरियाणा के 1,366, मध्यप्रदेश के 1,622, महाराष्ट्र के 1,709, पंजाब के 823, उत्तर प्रदेश के 6,182 तथा दिल्ली के 184 अस्पताल शामिल हैं।

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ का कहना है कि-
    राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का प्रत्येक पात्र नागरिक आवश्यकता पड़ने पर राज्य की सीमाओं से बाहर भी बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण उपचार प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल है।

  • जोधपुर में बन रहा देश का पहला वंदे भारत स्लीपर डिपो, 80% काम पूरा

    जोधपुर में बन रहा देश का पहला वंदे भारत स्लीपर डिपो, 80% काम पूरा

     जयपुर
    रेलवे की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल देश के पहले वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो का निर्माण तेजी से जोधपुर (भगत की कोठी) में आकार ले रहा है। करीब 360 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे इस अत्याधुनिक डिपो के प्रथम चरण का लगभग 80% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद जोधपुर देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।

    24 कोच वाली वंदे भारत का रखरखाव
    डिपो को भविष्य में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। यहां 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रखरखाव किया जा सकेगा तथा एक साथ तीन ट्रेनों का निरीक्षण एवं मेंटेनेंस संभव होगा। इससे ट्रेनों की नियमित जांच, मरम्मत और तकनीकी परीक्षण कम समय में किए जा सकेंगे जिससे यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित रेल सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    ये कार्य हो रहे
    डिपो में करीब 600 मीटर लंबा अत्याधुनिक शेड तैयार किया जा रहा है, जहां ट्रेनों के रखरखाव की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां निरीक्षण पिट, सिंक्रोनाइज्ड लिफ्टिंग सिस्टम, ड्रॉप पिट टेबल, पिट व्हील लेथ, ऑटोमेटेड वॉशिंग सिस्टम तथा व्हील और बॉगी मेंटेनेंस जैसी विश्वस्तरीय तकनीकें विकसित की जा रही हैं। इन अत्याधुनिक व्यवस्थाओं की मदद से ट्रेनों का रखरखाव पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही तकनीकी खराबियों की पहचान भी कम समय में हो सकेगी, जिससे ट्रेनों के संचालन में अनावश्यक देरी की संभावना कम होगी।

    जल्द शुरू होगा दूसरा चरण
    परियोजना का दूसरा चरण जल्द शुरू होगा। इसमें लगभग 30 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और सिमुलेटर रूम बनाए जाएंगे, जहां कर्मचारियों को वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण केंद्र में रेलवे कर्मचारियों को आधुनिक उपकरणों और नई तकनीक के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

    रोजगार के अवसर
    यह परियोजना केवल रेलवे के लिए ही नहीं, बल्कि मारवाड़ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, तकनीकी कौशल का विकास होगा और जोधपुर आधुनिक रेलवे अवसंरचना के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा।
    अनुराग त्रिपाठी, डीआरएम

  • जयपुर में 219 करोड़ की विकास परियोजनाओं को मंजूरी, JDA का बड़ा फैसला

    जयपुर में 219 करोड़ की विकास परियोजनाओं को मंजूरी, JDA का बड़ा फैसला

    जयपुर
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विकसित राजस्थान के संकल्प तथा नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशन में जयपुर शहर के सुनियोजित एवं समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में मंगलवार को जेडीए मुख्यालय स्थित मंथन सभागार में पीडब्ल्यूसी की बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में शहर के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने, यातायात व्यवस्था में सुधार, जल निकासी, सड़क निर्माण, हरित विकास, पार्क विकास एवं नागरिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विचार करते हुए लगभग 219 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।

    बैठक में जोन-सी में सवाई माधोपुर रेलवे लाइन से शिप्रा पथ तक करतारपुरा नाले के पुनर्स्थापन एवं निर्माण कार्य के लिए 165.73 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।

    इसी प्रकार विद्याधर नगर के निकट स्वर्ण जयंती ऑक्सीजन पार्क के विकास के लिए 7.54 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई। साथ ही रामनिवास बाग क्षेत्र (गार्डन-1) में रॉयल हैप्पीनेस पार्क के विकास के लिए 13.25 करोड़ रुपये तथा राजस्थान उत्सव पार्क (वेस्ट-टू-वंडर) के विकास के लिए 24.55 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। ये परियोजनाएं शहर में हरित क्षेत्र के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन को बढ़ावा देने तथा नागरिकों को आधुनिक एवं आकर्षक सार्वजनिक मनोरंजन स्थल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

    बैठक में जोन-10 अंतर्गत ग्राम सायपुरा, गुवाड़ी तथा पालेड़ा मोड़ से बालकृष्णपुरा तक सड़क नवीनीकरण कार्यों के लिए 3.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

    इसके अतिरिक्त जोन-7 में अजमेर पुलिया से पुरानी चुंगी (मजार) तक एलिवेटेड रोड के नवीनीकरण के लिए संशोधित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 4.20 करोड़ रुपये की प्रदान की गई।

    बैठक में विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने तथा निर्माण गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

    बैठक में सचिव डॉ. गौरव सैनी, निदेशक अभियांत्रिकी संजीव जैन , निदेशक वित्त सुरेश वर्मा सहित जेडीए के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • जयपुर में पानी के बिल होंगे डिजिटल, QR कोड से मिलेगी पूरी जानकारी

    जयपुर में पानी के बिल होंगे डिजिटल, QR कोड से मिलेगी पूरी जानकारी

     जयपुर
    जयपुर शहर के पेयजल उपभोक्ताओं के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) राहत भरी खबर लेकर आया है। विभाग ने नया 'जयपुर वाटर बिलिंग सिस्टम' तैयार किया है, जिसके लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को पानी के बिल से जुड़ी जानकारी या भुगतान सेवाओं के लिए जलदाय कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह नई पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था अगले महीने 10 अगस्त से जारी होने वाले पानी के बिलों पर लागू हो जाएगी, जिससे शहर के लगभग 6 लाख पंजीकृत जल उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचेगा।

    नए बिलिंग सिस्टम को तैयार करने वाली फर्म के प्रतिनिधि राकेश शर्मा के अनुसार, अब हर बिल पर उपभोक्ता वार एक विशिष्ट क्यूआर कोड अंकित रहेगा। जब उपभोक्ता पहली बार अपने मोबाइल से बिल पर दिए गए QR कोड को स्कैन करेंगे, तो उनका मोबाइल नंबर सिस्टम में पंजीकृत हो जाएगा। नंबर रजिस्टर होने के बाद, उपभोक्ता जब भी दोबारा QR कोड स्कैन करेंगे, तो उनके मोबाइल स्क्रीन पर पिछले 10 महीने की पूरी बिलिंग हिस्ट्री आ जाएगी।

    मोबाइल पर मिलेंगे हर महीने के अलर्ट
    इस नई डिजिटल पहल के जरिए उपभोक्ता अपने मोबाइल पर आसानी से जल उपभोग और बकाया राशि, वर्तमान बिल की राशि और भुगतान की अंतिम तिथि तथा पुराने भुगतान का पूरा विवरण देख सकेंगे। इसके अलावा, मोबाइल नंबर पंजीकृत होते ही उपभोक्ताओं को हर महीने बिल बनने की राशि और अंतिम तिथि का अलर्ट मैसेज भी SMS के जरिए प्राप्त होगा। इससे बिल संबंधी जानकारी पाना और समय पर भुगतान की निगरानी करना बेहद आसान हो जाएगा।

    जलदाय कार्यालय जाकर मोबाइल नंबर पंजीकरण कराने में उपभोक्ताओं को परेशानी होने का फीडबैक मिला था। अब नया सिस्टम लाया जा रहा है। घर बैठे क्यूआर कोड स्कैन कर उपभोक्ता बिलिंग सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
    अजय सिंह राठौड़, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर

  • हरियाणा में अब स्मार्ट होंगी सरकारी बैठकें, IAS अधिकारियों को नई गाइडलाइन जारी

    हरियाणा में अब स्मार्ट होंगी सरकारी बैठकें, IAS अधिकारियों को नई गाइडलाइन जारी

    चंडीगढ़
     हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य के सभी आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार की 'गाइड फॉर स्मार्टर ऑफिशियल मीटिंग्स' भेजी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल सचिवालय से प्राप्त इस मार्गदर्शिका का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र में कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन के पत्र का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि प्रशासनिक व्यवस्था में छोटे-छोटे व्यवहारिक सुधार भी सुशासन और जनसेवा की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। इसी उद्देश्य से बैठकों को अधिक व्यवस्थित, समयबद्ध और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए यह मार्गदर्शिका तैयार की गई है

    गाइडलाइन के अनुसार किसी भी बैठक से पहले यह आकलन किया जाएगा कि बैठक वास्तव में आवश्यक है या ई-मेल, टेलीफोन अथवा लिखित संवाद से ही उद्देश्य पूरा हो सकता है। यदि बैठक जरूरी हो तो उसका उद्देश्य स्पष्ट रखा जाए, एजेंडा और संबंधित दस्तावेज पहले से साझा किए जाएं तथा केवल आवश्यक अधिकारियों को ही आमंत्रित किया जाए।

    मार्गदर्शिका में सभी बैठकों को निर्धारित समय पर शुरू और समाप्त करने, खुली एवं दो-तरफा चर्चा को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक प्रतिभागी को अपनी बात रखने का अवसर देने पर जोर दिया गया है। बैठक संचालन के लिए फैसिलिटेटर, मिनट-टेकर और टाइमकीपर जैसी जिम्मेदारियां तय करने की भी सिफारिश की गई है।

    इसके अलावा निर्देश दिए गए हैं कि बैठकों का कार्यवृत्त दो से तीन दिनों के भीतर जारी किया जाए, जिसमें प्रत्येक निर्णय, संबंधित अधिकारी और कार्य पूरा करने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज हो। राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों से भी इन सर्वोत्तम प्रशासनिक प्रथाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करने को कहा गया है।

  • सितंबर तक 20 हजार नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य, सीजीडी कंपनियों को निर्देश

    सितंबर तक 20 हजार नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य, सीजीडी कंपनियों को निर्देश

    जयपुर
    अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने राज्य में कार्यरत सिटी गैस वितरण संस्थाओं को सितंबर अंत तक 20 हजार नए डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस (डीपीएनजी) कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही औद्योगिक प्रतिष्ठानों, व्यावसायिक संस्थाओं और कलस्टरों को पाइपलाइन से घरेलू गैस सुविधा से जोड़ने पर खास फोकस करने के निर्देश दिए हैं। सीजीडी संस्थाएं ग्राहकोन्मुखी प्रोत्साहन योजनाएं भी चलाएं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही स्वच्छ, सुरक्षित और हरित उर्जा को बढ़ावा दिया जा सकेगा। राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों व नियमित मोनेटरिंग का ही परिणाम है कि सीजीडी संस्थाओं द्वारा गत दो माह में 21 हजार 240 परिवारों को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ा गया हैं वहीं दो माह में ही 240 औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थाओं को प्राकृतिक गैस सेवाएं उपलब्ध कराना शुरु कर दिया है।

    एसीएस माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा मंगलवार को सचिवालय में राज्य की सीजीडी संस्थाओं की वर्चुअल बैठक ले रही थी। उन्होंने कहा कि सीजीडी संस्थाओं के कार्यक्षेत्र में जिन इलाकों में पीएनजी आधारभूत संरचना विकसित हो गई है उन क्षेत्रों में घरेलू, औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी कनेक्शन जारी करने के समन्वित व योजनाबद्ध प्रयास करने होंगे। उन्होंने इसके लिए अवेयरनेस कार्यक्रम चलाने, इलाकों में शिविर लगाने और क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से समन्वय बनाते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ समन्वय बनाते हुए रिटेलर्स माॅडल विकसित करने पर भी जोर दिया।

    अपर्णा अरोरा ने बताया कि एक लाख 75 हजार परिवारों को डीपीएनजी सेवाओं से जोड़ा जा चुका है वहीं 1553 औद्योगिक और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन जारी किये जा चुके हैं। उन्होंने सीजीडी संस्थाओं से डीकम्प्रेशर यूनिट (डीसीयू) और लिक्विफाइड नेचुरल गैस(एलएनजी) यूूनिट माॅडल पर भी काम करते हुए पीएनजी सुविधाओं के विस्तार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आमनागरिकों तक यह संदेश पहुंचाना जरुरी है कि देरसबेर एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट होना ही पड़ेगा। पीएनजी सुविधा 24 गुणा 7, बुकिंग की समस्या से मुक्ति, सुरक्षित, स्वच्छ और हरित उर्जा है।

    प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन नवीन जैन ने बताया कि जयपुर में गांधीनगर के साथ ही सिविल लाइंस, विद्याद्यर नगर, मालवीय नगर में सरकारी क्वाटरों में पीएनजी कनेक्शन जारी कराने को प्राथमिकता दी जाएं। उन्होंने बताया कि गांधीनगर में गैस कंपनी को सीडीयू स्टेशन स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध करादी है। उन्होंने सर्किट हाउसों में भी पीएनजी कनेक्शन जारी करने पर जोर दिया।

    निदेशक पेट्रोलियम अवधेश सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा सीजीडी संस्थाओं से समन्वय बनाकर पीएनजी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

    राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक विनय पाटनी ने बताया कि राज्य में 13 सीजीडी संस्थाओं द्वारा 17 जियोग्राफिकल एरिया में पीएनजी आधारभूत संरचना विकसित कर पीएनजी -सीएनजी सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विस्तार से सीजीडी संस्थाओं के कार्य प्रगति की जानकारी दी।

    बैठक में विशिष्ठ सचिव माइंस नम्रता वृष्णि, संयुक्त निदेशक पेट्रोलियम श्री दिलीप राज शर्मा, उपनिदेशक सुशील कुमार हुड्डा, अंकित सोनी, उपप्रबंधक गगनदीप राजोरिया, टोरेंट गैस के शैलेश और इंडियन ऑयल के मनोज मीणा के साथ ही सभी सीजीडी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।