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  • हरियाणा के युवाओं को बड़ा मौका, 2000 शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप, हर महीने मिलेंगे ₹9,000

    हरियाणा के युवाओं को बड़ा मौका, 2000 शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप, हर महीने मिलेंगे ₹9,000

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआइएस) का अधिक से अधिक लाभ युवाओं तक पहुंचाने के लिए बुधवार को पंचकूला में राज्यस्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।

    सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं को देश की दो हजार अग्रणी कंपनियों में छह से नौ माह की इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। चयनित इंटर्न को प्रतिमाह नौ हजार रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने कहा कि केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित यह योजना युवाओं को उद्योगों का व्यावहारिक अनुभव देकर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वविद्यालयों, कालेजों, आइटीआइ, पालिटेक्निक और अन्य शिक्षण संस्थानों से पात्र विद्यार्थियों और पासआउट युवाओं को योजना के लिए पंजीकरण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

    10वीं पास युवा भी कर सकते हैं अप्लाई

    • उन्होंने बताया कि 10वीं, 12वीं, आइटीआइ, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर उत्तीर्ण, लेकिन पूर्णकालिक नौकरी में नहीं लगे युवा योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
    • चयनित इंटर्न को मासिक सहायता के अलावा 6,000 रुपये का एकमुश्त अनुदान दो किस्तों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से मिलेगा।
    • इसके साथ ही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के समान जीवन एवं दुर्घटना बीमा का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

    कार्यशाला में इन लोगों ने लिया भाग
    कार्यशाला में योजना के उद्देश्य, पात्रता, पंजीकरण प्रक्रिया और प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति व रजिस्ट्रार, केंद्रीय कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, उद्योग, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्कूल शिक्षा विभाग, सरकारी कॉलेजों, पॉलिटेक्निक, आटीआइ, फिक्की, सीआइआइ तथा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। हरियाणा में इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को राज्य नोडल विभाग बनाया गया है।

  • ‘टीम पंजाब’ फॉर्मूले पर एकजुट हुई कांग्रेस, राहुल गांधी की मौजूदगी में साथ दिखे चन्नी-वडिंग

    ‘टीम पंजाब’ फॉर्मूले पर एकजुट हुई कांग्रेस, राहुल गांधी की मौजूदगी में साथ दिखे चन्नी-वडिंग

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर नई दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक में पार्टी ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का संकल्प लिया। पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में चुनावी रणनीति पर मंथन हुआ।

    हाईकमान ने सभी नेताओं को 'टीम पंजाब' के मंत्र के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का संदेश दिया। बैठक के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब में चुनाव अभियान की शुरुआत राहुल गांधी करेंगे। इसके लिए राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा से समय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी पूरे पंजाब में बस यात्रा या जनसभाओं और रैलियों के जरिए चुनाव प्रचार शुरू करने के विकल्प पर विचार कर रही है। संभावना है कि इसी महीने अभियान शुरू हो जाएगा।

    बैठक रही सकारात्मक
    नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने बैठक को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का संकल्प लिया है। उनके अनुसार कांग्रेस परिवार पूरी तरह एकजुट है और पार्टी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संगठन के सभी नेता अब साझा रणनीति के तहत काम करेंगे।

    साथ-साथ दिखे चन्नी-वड़िंग
    हाल के दिनों में अलग-अलग खेमों में दिख रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बैठक में कंधे से कंधा मिलाकर बैठे। सुखजिंदर सिंह रंधावा, डॉ. धर्मवीर गांधी, राजकुमार वैरका सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि चुनाव समितियों के गठन के बाद पार्टी में गुटबाजी उभरकर सामने आई थी, लेकिन हाईकमान ने संगठन में किसी बदलाव से इनकार करते हुए सभी नेताओं को मिलकर चुनाव लड़ने का निर्देश दिया। अब कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि एकजुटता के साथ पार्टी पंजाब में मजबूत वापसी करेगी।

  • चंडीगढ़-लुधियाना समेत 5 ठिकानों पर CBI की रेड, बैंक फ्रॉड मामले में बड़ा एक्शन

    चंडीगढ़-लुधियाना समेत 5 ठिकानों पर CBI की रेड, बैंक फ्रॉड मामले में बड़ा एक्शन

    चंडीगढ़

    केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के बैंक खातों से सरकारी धन गबन मामले में कार्रवाई करते हुए गुरुवार को चंडीगढ़ और लुधियाना में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं। सीबीआई के अनुसार, कुल पांच स्थानों पर तलाशी ली गई। इनमें गबन की गई राशि के लाभार्थियों के घर और कारोबारी प्रतिष्ठान, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के अधिकारी अनुभव मिश्रा का ठिकाना तथा जांच से जुड़े निजी संस्थानों के परिसर शामिल हैं। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को कई अहम सबूत मिले हैं।

    इनमें डिजिटल स्टोरेज ड्राइव, डिजिटल सिग्नेचर, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। अब इन दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच और विश्लेषण किया जा रहा है। सीबीआई ने बताया कि यह मामला पहले हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास था। राज्य सरकार के अनुरोध पर बाद में इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा से जुड़े एक बड़े बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है। आरोप है कि हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपए सरकारी धन को फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और धोखाधड़ी वाले डेबिट लेनदेन के जरिए निकालकर शेल कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर भेज दिया गया।

    इस मामले में अब तक सीबीआई 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन सरकारी कर्मचारी, दो कंपनियां और छह व्यक्ति शामिल हैं। सीबीआई ने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच की। जिनमें पहला मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) और नगर निगम चंडीगढ़ से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (सीआरईएसटी) से संबंधित है। इन दोनों मामलों में भी सीबीआई पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

    सीएससीएल मामले में पांच बैंक अधिकारियों, एक सीएससीएल अधिकारी और एक निजी व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। वहीं सीआरईएसटी मामले में पांच बैंक अधिकारी, दो सीआरईएसटी अधिकारी, चार निजी व्यक्ति और दो कंपनियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है। सीबीआई ने कहा कि वह इस पूरे मामले में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही गबन किए गए सार्वजनिक धन की पूरी शृंखला का पता लगाकर अपराध से अर्जित राशि को ट्रेस करने की दिशा में जांच लगातार जारी रहेगी। 

    क्या है पूरा घोटाला
    यह मामला IDFC फर्स्ट बैंक (सेक्टर-32, चंडीगढ़) से जुड़े एक बड़े बैंकिंग फ्रॉड से संबंधित है। आरोप है कि फर्जी एफडी और शेल कंपनियों के माध्यम से हरियाणा सरकार के 8 अलग-अलग विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड की हेराफेरी की गई।

    जांच के अनुसार, कथित तौर पर फर्जी या गैर-मौजूद एफडी और फर्जी डेबिट ट्रांजैक्शन के जरिए यह रकम शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई। हरियाणा सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने इस मामले की जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी।

    चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और नगर निगम के खातों से जुड़ा मामला

    चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम चंडीगढ़ में हुए 116 करोड़ रुपये के घोटाले में सीबीआई ने वीरवार को चंडीगढ़ और लुधियाना में पांच जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मामले से जुड़े संदिग्ध लाभार्थियों, एक सरकारी अधिकारी और निजी संस्थाओं के परिसरों पर की गई।

    सीबीआई के अनुसार, तलाशी के दौरान डिजिटल स्टोरेज डिवाइस, डिजिटल सिग्नेचर, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जांच से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर जब्त किए गए हैं। जब्त रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

    सीबीआइ ने बताया कि यह मामला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम के खातों में हुए धन के दुरुपयोग से जुड़ा है। सीबीआई ने यह जांच हरियाणा सरकार के अनुरोध पर राज्य विजिलेंस एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी।

    सीबीआई के अनुसार, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर 32 स्थित शाखा में लगभग स्मार्ट सिटी के करीब 116 करोड़ एफडी के रूप में जमा थे, लेकिन आरोपितों ने मिलीभगत कर इस रकम को निकलवा कर शेल कम्पनियों में ट्रांसफर कर दिया। इन फर्जी कंपनियों के जरिए आरोपितों ने करोड़ों रुपये कमा लिए। ऐसा ही घोटाला पहले हरियाणा सरकार के भी कई विभागों के साथ किया गया था।

    एजेंसी ने बताया कि हरियाणा मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। चंडीगढ़ में स्मार्ट सिटी घोटाले में सात और में पांच क्रेस्ट मामले में पांच बैंककर्मियों, दो क्रेस्ट अधिकारियों, चार निजी व्यक्तियों और दो कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं।

     

  • दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बीच 16 मेट्रो स्टेशन बंद, DMRC ने जारी की एडवाइजरी

    दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बीच 16 मेट्रो स्टेशन बंद, DMRC ने जारी की एडवाइजरी

    नई दिल्ली
     दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के कारण कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच DMRC ने बड़ा फैसला लिया है। यह कदम जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच उठाया गया है। आज बुधवार, 22 जुलाई को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राजधानी के 16 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया। इन स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट पूरी तरह बंद रहेगी।

    DMRC ने X पर बताया कि कुछ बड़े इंटरचेंज स्टेशनों पर ट्रेन बदलने की सुविधा जारी रहेगी। यात्री राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय पर केवल इंटरचेंज कर सकेंगे, लेकिन इन स्टेशनों से बाहर नहीं निकल सकेंगे। मेट्रो प्रशासन ने लोगों से यात्रा से पहले अपने रूट की जानकारी लेने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के संसद तक मार्च के आह्वान पर हजारों लोगों के मध्य दिल्ली में पहुंचने के कारण सोमवार को भी कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए थे।

    कौन-कौन से मेट्रो स्टेशन बंद हैं?
    DMRC के अनुसार अगले आदेश तक ये 16 स्टेशन बंद रहेंगे:
        लोक कल्याण मार्ग
        राजीव चौक
        पटेल चौक
        रामकृष्ण आश्रम मार्ग
        बाराखंभा रोड
        सुप्रीम कोर्ट
        सेवा तीर्थ
        जनपथ
        मंडी हाउस
        केंद्रीय सचिवालय
        आईटीओ
        दिल्ली गेट
        इंद्रप्रस्थ
        खान मार्केट
        जोर बाग
        शिवाजी स्टेडियम

    क्यों लिया गया यह फैसला?
    दिल्ली के मध्य हिस्से में चल रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसी के चलते DMRC ने एहतियात के तौर पर इन स्टेशनों को बंद करने का फैसला लिया है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और कानून व्यवस्था बनी रहे।
    यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
    इन स्टेशनों पर मेट्रो ट्रेनें नहीं रुकेंगी। जिन यात्रियों को इन इलाकों में जाना है, उन्हें दूसरे खुले स्टेशनों पर उतरकर वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना होगा। खासकर ऑफिस जाने वाले लोगों और छात्रों को यात्रा में अतिरिक्त समय लग सकता है। DMRC ने कहा है कि स्थिति सामान्य होने पर स्टेशनों को फिर से खोलने की जानकारी आधिकारिक सूचना के जरिए दी जाएगी।

  • हरियाणा में मतदाता दो दिन में जमा करें गणना प्रपत्र, तभी सूची में जुड़ेंगे नाम

    हरियाणा में मतदाता दो दिन में जमा करें गणना प्रपत्र, तभी सूची में जुड़ेंगे नाम

     चंडीगढ़
     हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाताओं से अपील की है कि वे अगले दो दिनों के भीतर अपने हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र (इम्युनरेशन फार्म) बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को अवश्य जमा करा दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिनके हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को प्राप्त हो चुके होंगे।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास के अनुसार, प्रदेश में 2 करोड़ 6 लाख 54 हजार 668 (99.99 प्रतिशत) मतदाताओं तक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 1 करोड़ 72 लाख 28 हजार 926 (83.41 प्रतिशत) गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन एवं अपलोड पूरा हो चुका है। शेष मतदाताओं से जल्द से जल्द प्रपत्र जमा कराने का आग्रह किया गया है।

    संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार लोहान ने बताया कि बीएलओ प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां उपलब्ध कराते हैं। मतदाता को विवरण भरकर स्वयं अथवा परिवार के किसी वयस्क सदस्य के हस्ताक्षर कराने के बाद एक प्रति बीएलओ को जमा करनी होती है, जबकि बीएलओ के हस्ताक्षर वाली दूसरी प्रति रसीद के रूप में अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता अपना गणना प्रपत्र आनलाइन भी भर सकते हैं। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी अपील की गई है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए-2) के माध्यम से अधिक से अधिक मतदाताओं को जागरूक करें और समय पर गणना प्रपत्र जमा कराने में सहयोग दें।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं के विवरण में किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है, वे 31 जुलाई के बाद आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को उपलब्ध कराएं। वहीं, जो मतदाता किसी कारणवश निर्धारित समय में गणना प्रपत्र जमा नहीं करा पाएंगे, वे 31 जुलाई से 30 अगस्त के बीच आवश्यक दस्तावेजों के साथ फार्म-6 भरकर अपना नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

  • हरियाणा के 15 हजार क्लर्कों को बड़ी राहत, बेसिक सैलरी में जुड़ेगा इंक्रीमेंट

    हरियाणा के 15 हजार क्लर्कों को बड़ी राहत, बेसिक सैलरी में जुड़ेगा इंक्रीमेंट

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में लिपिकों (क्लर्क) को मिलने वाली अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ उनके बेसिक वेतनमान में शामिल किया जाएगा। भविष्य में सभी वित्तीय एवं सेवा लाभ बढ़े हुए वेतनमान के आधार पर मिलेंगे।

    वित्त विभाग ने क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी की आपत्तियों को दूर करते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है। 15 हजार लिपिकों को राहत देते हुए सरकार ने साफ किया है कि अतिरिक्त वेतनवृद्धि लिपिकों की बेसिक-पे का स्थायी हिस्सा होंगे। इसके साथ ही लिपिकों, वरिष्ठ लिपिकों, सहायक सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों के वेतन निर्धारण, एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रमोशन), पदोन्नति, पेंशन और अन्य लाभों को लेकर चल रही अधिकतर शंकाएं खत्म हो गई हैं।

    वरिष्ठ लिपिकों को मिलने वाली तीन अतिरिक्त वेतन वृद्धि और वर्ष 2020 बैच के लिपिकों को मिलने वाली दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि उनके मौजूदा बेसिक वेतनमान में स्थायी रूप से शामिल की जाएगी। बढ़े हुए बेसिक वेतनमान के आधार पर ही उन्हें महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, वार्षिक वेतन वृद्धि, छुट्टियों का भुगतान (लीव एनकैशमेंट), पदोन्नति पर वेतन निर्धारण, एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रमोशन), पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ मिलेंगे। अतिरिक्त वेतनवृद्धि मिलने के बावजूद उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि की तिथि में कोई बदलाव नहीं होगा। अगली वेतन वृद्धि निर्धारित तिथि पर ही जारी होगी।

    वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ आठ फरवरी 2024 से प्रभावी माना जाएगा। जिन कर्मचारियों पर यह आदेश लागू होता है, उन्हें उसी तिथि से संशोधित लाभ प्रदान किया जाएगा। यदि किसी लिपिक को अतिरिक्त वेतन वृद्धि मिलने के बाद सहायक पद पर पदोन्नति मिल चुकी है, तब भी संशोधित आदेश के अनुसार उसे पूरा लाभ मिलेगा। ऐसे मामलों में हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016 के तहत वेतन का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। यदि अतिरिक्त वेतन वृद्धि के कारण किसी जूनियर कर्मचारी का वेतन वरिष्ठ कर्मचारी से अधिक हो जाता है, तो ऐसे मामलों का निस्तारण वित्त विभाग प्रत्येक कर्मचारी के सेवा रिकार्ड और तथ्यों के आधार पर अलग-अलग करेगा।

    विभागीय टाइप टेस्ट या एसईटीसी पास नहीं करने वाले लिपिक भी संशोधित आदेश के तहत दो या तीन अतिरिक्त वेतन वृद्धि के पात्र होंगे। यदि कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एसईटीसी पास किए बिना लिपिक पद पर पदोन्नत हुआ है, तो उसे भी अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा।

  • जोजिला सुरंग परियोजना को सेल ने पहुंचाया 31 हजार टन इस्पात, निर्माण को मिली मजबूती

    जोजिला सुरंग परियोजना को सेल ने पहुंचाया 31 हजार टन इस्पात, निर्माण को मिली मजबूती

    रांची
     जम्मू-कश्मीर में बन रही देश की महत्वाकांक्षी जोजिला सुरंग परियोजना को मजबूती देने में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के मार्केटिंग विंग की अहम भूमिका रही है।

    इसके समन्वय से परियोजना के लिए 31 हजार टन से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले इस्पात की आपूर्ति समय पर कराई गई। इसमें टीएमटी री-बार, स्ट्रक्चरल स्टील और स्टील प्लेट्स शामिल हैं।

    सेल के अनुसार, जोजिला सुरंग जैसी चुनौतीपूर्ण परियोजना में केवल इस्पात बनाना ही नहीं, बल्कि सही समय पर सही जगह तक उसकी आपूर्ति कराना भी बड़ी जिम्मेदारी होती है। रांची स्थित सेल कार्यालय ने इसी जिम्मेदारी को निभाते हुए पूरी सप्लाई चेन का समन्वय किया, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित नहीं हुआ।

    देश की सबसे लंबी सुरंग, बर्फबारी में भी नहीं होगी बंद
    यह सुरंग तैयार होने के बाद देश की सबसे लंबी सड़क सुरंग और एशिया की सबसे लंबी दो-तरफा सड़क सुरंग होगी। इसके शुरू होने से श्रीनगर और लेह के बीच पूरे साल सड़क संपर्क बना रहेगा। अभी हर साल भारी बर्फबारी के कारण जोजिला दर्रा कई महीनों तक बंद हो जाता है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ सेना की आवाजाही भी प्रभावित होती है।

    सुरंग निर्माण में इस्तेमाल किए गए इस्पात को कठिन मौसम और ऊंचाई वाले क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे सुरंग की मजबूती और सुरक्षा लंबे समय तक बनी रहेगी।

    झारखंड के लिए भी बड़ी उपलब्धि
    सेल अधिकारियों का कहना है कि देश की बड़ी आधारभूत और सामरिक परियोजनाओं में कंपनी लगातार अपनी भूमिका निभा रही है। रेलवे, मेट्रो, पुल, राजमार्ग और अब जोजिला सुरंग जैसी परियोजनाओं में सेल का इस्पात देश के विकास की मजबूत नींव बन रहा है।

    रांची स्थित सेल मार्केटिंग आफिस की इस भूमिका को झारखंड के लिए भी उपलब्धि माना जा रहा है। देश की सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक में यहां से किए गए समन्वय ने एक बार फिर साबित किया है कि रांची का यह कार्यालय केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र है।

    जोजिला सुरंग एक नजर में
    जोजिला सुरंग देश की सबसे लंबी सड़क सुरंग और एशिया की सबसे लंबी दो-तरफा सड़क सुरंग है। इसके निर्माण से श्रीनगर और लेह के बीच पूरे वर्ष सड़क संपर्क संभव हो सकेगा, जिससे लद्दाख तक हर मौसम में आवाजाही आसान होगी।

    इस महत्वाकांक्षी परियोजना में 31 हजार टन से अधिक इस्पात का उपयोग किया गया है, जिसमें टीएमटी री-बार, स्ट्रक्चरल स्टील और स्टील प्लेट्स शामिल हैं। यह सुरंग न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।

  • पंजाब का ड्रग तस्कर हरमनवीर सिंह कैलिफोर्निया में गिरफ्तार, FBI ने दबोचा

    पंजाब का ड्रग तस्कर हरमनवीर सिंह कैलिफोर्निया में गिरफ्तार, FBI ने दबोचा

    चंडीगढ़.

    अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ) की ओर से वांटेड घोषित किए गए हरमनवीर सिंह को कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल ने स्टॉकटन से गिरफ्तार कर लिया।

    उस पर कथित तौर पर रविंदर ढंडा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप के साथ मिलकर अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के बीच कोकीन और मेथएमफेटामीन की सीमा पार तस्करी की साजिश में शामिल होने के आरोप हैं। एफबीआइ के अनुसार, हरमनवीर सिंह पहले से वांटेड था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन से जुड़ा हुआ था, जो तीन देशों में सक्रिय ड्रग तस्करी नेटवर्क के लिए काम करता था। बुधवार सुबह कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल ने स्टॉकटन में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, रविंदर ढंडा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप का आधार कनाडा के वैंकूवर में बताया गया है। आरोप है कि यह गिरोह अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में सक्रिय ड्रग तस्करी नेटवर्क के लिए बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथएमफेटामीन की तस्करी करता था। हरमनवीर सिंह पर इसी नेटवर्क के साथ मिलकर तस्करी की साजिश रचने का आरोप है। अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने सीमा पार सक्रिय संगठित अपराध और ड्रग तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए कई संयुक्त अभियान चलाए हैं। इन अभियानों में ऐसे गिरोहों को निशाना बनाया गया है, जिन पर मादक पदार्थों की तस्करी, हवाला, धन शोधन और हिंसक आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।

    एफबीआइ ने हाल के वर्षों में भारत और कनाडा से जुड़े कई वांटेड आरोपितों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की है। एजेंसी ने कई मामलों में रेड कॉर्नर नोटिस, गिरफ्तारी वारंट और इनाम घोषित कर आरोपितों की तलाश की। अमेरिका की जांच एजेंसियां कनाडा, मैक्सिको और भारत सहित अन्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच कर रही हैं। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न देशों की जांच एजेंसियों की निगरानी में रहे हैं। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क और उनके विदेशी संपर्कों पर भी जांच एजेंसियों का फोकस बढ़ा।

    हालांकि, हरमनवीर सिंह की गिरफ्तारी का इस मामले या लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कोई प्रत्यक्ष संबंध एफबीआइ ने सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क पर लगातार हो रही कार्रवाई का उद्देश्य सीमा पार संचालित संगठित अपराध गिरोहों की आर्थिक और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाना है।

  • अजमेर बम धमकी ईमेल मामले में गुजरात से आरोपी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी

    अजमेर बम धमकी ईमेल मामले में गुजरात से आरोपी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी

    अजमेर
     सिविल लाइंस थाना पुलिस ने ई-मेल से अजमेर में बम धमाकों की झूठी धमकियां देकर दहशत फैलाने के आरोपी युवक को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गुजरात के सोमनाथ पाटन की वेणेश्वर सोसायटी निवासी फलदू हार्दिक रमेशचन्द को दबोचा। पुलिस उसे लेकर मंगलवार देर रात अजमेर पहुंची। प्रारम्भिक पूछताछ के बाद आरोपी को थाने में दर्ज प्रकरण में गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश करने पर दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया। पुलिस उससे अजमेर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भेजे गए झूठी धमकियों के ई-मेल और संभावित नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। ऐसे में कई राज खुलने की संभावना है। बताया जा रहा है कि पुलिस आज खुलासा करेगी।

    पुलिस के अनुसार 9 जुलाई को घूघरा स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को ई-मेल भेजकर जहरीली साइनाइड गैस और बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके बाद 13 जुलाई को अजमेर जिला एवं सेशन न्यायालय को ई-मेल भेजकर छह जिलेटिन बम लगाना बताते हुए विस्फोट की धमकी भेजी गई। दोनों मामलों में सिविल लाइंस थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

    तकनीकी जांच से गुजरात तक पहुंची पुलिस
    धमकी भरे ई-मेल मिलने के बाद पुलिस ने साइबर तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन गुजरात के सोमनाथ पाटन में मिलने पर पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से ई-मेल भेजने के उद्देश्य, इस्तेमाल उपकरण, तकनीकी माध्यम तथा अन्य संभावित मामलों में उसकी भूमिका के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिल सकते है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है कि पिछले कुछ महीनों में प्रदेशभर के कलक्टर और कोर्ट को बम जो बम की धमकियां मिली थी, क्या उसमें भी आरोपी का हाथ है?

    पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
    अजमेर में बीते कुछ माह से विभिन्न सरकारी कार्यालय व संवेदनशील संस्थानों को लगातार धमकी भरे ई-मेल मिलते रहे हैं। इनमें 4 और 10 दिसंबर 2025 को दरगाह-कलेक्ट्रेट परिसर, 23 दिसंबर 2025 को कलेक्ट्रेट में आरडीएक्स, 6 और 12 फरवरी 2026 को सेशन कोर्ट परिसर, 11 फरवरी को कलक्ट्रेट, 10 मार्च को अजमेर सहित प्रदेशभर के पासपोर्ट कार्यालयों, 17 मार्च को जयपुर हाईकोर्ट तथा 9 और 13 जुलाई को क्रमशः आरटीओ और जिला सेशन न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकियां शामिल हैं।

     

  • होशियारपुर में कारोबारी के घर ED की रेड, दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी टीम

    होशियारपुर में कारोबारी के घर ED की रेड, दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी टीम

    होशियारपुर 

    होशियारपुर के न्यू सुखियाबाद मोहल्ले में आज सुबह से केंद्रीय एजेंसियों की टीम एक घर में छापेमारी कर रही है। टीम की ओर से घर की तलाशी ली जा रही है। जानकारी के अनुसार गोपाल नामक व्यक्ति, जो पहले लुधियाना में रहता था। पिछले चार महीनों से होशियारपुर के न्यू सुखियाबाद मोहल्ले में रह रहा है। फिलहाल किसी भी अधिकारी की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छापेमारी किस मामले को लेकर की जा रही है।

    पंजाब में 96 घंटे में ₹200 करोड़ का खेल

    पंजाब में केंद्रीय एजेंसी इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की पठानकोट में रेड के बाद 96 घंटे में 92 एकड़ शामलात (सरकारी) जमीन हड़पने के खेल की पूरी कहानी सामने आई है। चार्ज संभालते ही अफसर ने ये 200 करोड़ की जमीन पंचायत के बजाय 6 महिलाओं के नाम पर करने के आदेश दे दिए। अगले दिन अफसर रिटायर हो गया। इस मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भी केस दर्ज किया लेकिन अब ED की एंट्री से न केवल पूरी कहानी सामने आ रही है बल्कि '96 घंटे के खेल की पूरी स्क्रिप्ट', अवैध माइनिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की परतें भी खुल रही हैं।

    सरकारी जमीन के लिए ऐसे तैयार हुई 96 घंटे की 'स्क्रिप्ट'
        28 अक्टूबर 2022:
    फाइल जमा, कार्रवाई नहीं: गोल पंचायत ने 92 एकड़ (734 कनाल 1 मरला) शामलात जमीन की निशानदेही के लिए फीस जमा करा दी, लेकिन तत्कालीन BDPO कुलदीप सिंह ने फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं की। कुलदीप सिंह पर कुछ मामले चल रहे थे, जिस वजह से 28 साल से उन्हें प्रमोशन नहीं मिली थी। वह रिटायरमेंट के नजदीक आ चुके थे।

        24 फरवरी 2023: प्रमोशन, अतिरिक्त चार्ज भी: इसी दौरान तत्कालीन एडीसी (रूरल डेवलपमेंट) बलराज सिंह का तबादला हो गया। जिसके बाद अचानक कुलदीप सिंह को बीडीपीओ से प्रमोट कर जिला विकास एवं पंचायत अफसर (DDPO) बना दिया गया। यही नहीं, उसी दिन उन्हें एडीसी (ग्रामीण विकास) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया। ED ने विजिलेंस FIR के हवाले से ये भी दावा किया कि यह नियुक्ति एक मंत्री की सिफारिश पर हुई थी।

        25-26 फरवरी 2023: छुट्टी के दो दिन: शनिवार और रविवार की सरकारी छुट्टी रही। इस वजह से सरकारी दफ्तर में इस जमीन से जुड़ा किसी तरह का कोई कामकाज नहीं हुआ।

        27 फरवरी 2023: तीसरे दिन 92 एकड़ जमीन का आदेश: चार्ज संभालने के तीसरे ही दिन कुलदीप सिंह ने जमीन को लेकर सुनवाई की। गोल पंचायत ने ये शामलात जमीन उन्हें देने की मांग की थी ताकि इससे पंचायती कामकाज में मदद ली जा सके। इसी जमीन को लेकर कुछ महिलाओं ने भी हक जताया था। कुलदीप सिंह ने बिना पंचायत का पक्ष सुने और बिना सभी दस्तावेजों की जांच पूरी किए 92 एकड़ शामलात जमीन 6 महिलाओं के नाम करने का आदेश जारी कर दिया।

        28 फरवरी 2023 : अगले दिन रिटायरमेंट: जमीन को महिलाओं के नाम करने के आदेश जारी करने के अगले ही दिन कुलदीप सिंह सरकारी सेवा से रिटायर हो गए।

    पूरे मामले का खुलासा कैसे हुआ…

        2 मार्च 2023: सरपंच ने खोला मोर्चा: इसका पता चलते ही गोल पंचायत ने मामला उठाने का फैसला किया। इसके बाद गोल के तत्कालीन सरपंच सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री और मुख्य सचिव को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की।

        10 अगस्त 2023: विजिलेंस की FIR: मुख्य सचिव के निर्देश पर विजिलेंस ब्यूरो अमृतसर ने रिटायर्ड एडीसी कुलदीप सिंह समेत 9 लोगों के खिलाफ जालसाजी, भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया। इनमें वीना परमार, इंदरदीप कौर, भारती बांटा, तरसेम रानी, बलविंदर कौर, मनजीत कौर और परवीन कुमारी शामिल हैं। आरोप है कि इन्हीं के नाम पर जमीन दर्ज करने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि इस दौरान ये पूरी कहानी सामने नहीं आई।

        16-19 जुलाई 2026: ED की एंट्री, मामला फिर खुला: इसके बाद ED ने पठानकोट में 16 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में ₹1.75 करोड़ नकद जब्त किया, ₹91.34 लाख बैंक बैलेंस फ्रीज किया और अब पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगालनी शुरू की। इसके बाद जांच में ये पूरा खेल सामने आया। सूत्रों के अनुसार, ED ने तारागढ़ के पूर्व सरपंच के घर भी छापेमारी की, जिनकी पत्नी और भाभी इस मामले में नामजद हैं। इसी कड़ी में कटारूचक्क गांव में भी जांच की गई।