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  • अमृतसर में मीरी-पीरी खालसा मार्च का शुभारंभ, सिंह साहिबान समेत पंथ की प्रमुख हस्तियां शामिल

    अमृतसर में मीरी-पीरी खालसा मार्च का शुभारंभ, सिंह साहिबान समेत पंथ की प्रमुख हस्तियां शामिल

    अमृतसर 

    अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब से आज छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के मीरी-पीरी दिवस को समर्पित मीरी-पीरी खालसा मार्च की शुरुआत होगी। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के आदेश पर आयोजित इस धार्मिक मार्च में सिंह साहिबान, विभिन्न तख्त साहिबान के जत्थेदार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष और पंथ की प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक हस्तियां शामिल होंगी। मार्च की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद आयोजित गुरमत समागम के उपरांत होगी। बड़ी संख्या में संगत के शामिल होने की संभावना को देखते हुए आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

    पांच प्यारों की अगुवाई में निकलेगा मार्च
    मीरी-पीरी खालसा मार्च श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पांच प्यारों की अगुवाई में सजाया जाएगा। धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य गुरमत का प्रचार-प्रसार करना और संगत को श्री अकाल तख्त साहिब के सिद्धांतों तथा आदेशों से अवगत कराना है। आयोजकों के अनुसार यह मार्च धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सिख इतिहास और विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने का भी प्रयास है।

    मार्च के शुभारंभ अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मीरी-पीरी दिवस की समूची सिख कौम को लाख-लाख बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से आज पूरे पंजाब में मीरी-पीरी के संदेश को घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य से इस खालसा मार्च की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि सिंह साहिब जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ने पूरी कौम को इस मार्च में शामिल होने का संदेश दिया है।

    सुखबीर सिंह बादल ने अपील करते हुए कहा कि जितने दिन यह मार्च चले, संगत अधिक से अधिक संख्या में इसमें शामिल होकर गुरु साहिब के मीरी-पीरी सिद्धांत को जन-जन तक पहुंचाने में अपना योगदान दे। उन्होंने अपने संबोधन का समापन 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह' के जयघोष के साथ किया।

    इस अवसर पर आयोजकों ने बताया कि मीरी-पीरी खालसा मार्च का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे और अन्य बुरी आदतों से दूर रखते हुए उन्हें सिखी स्वरूप और गुरु साहिब की शिक्षाओं से जोड़ना है। साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए मीरी-पीरी के सिद्धांत का व्यापक प्रचार-प्रसार करना भी इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।

    एसजीपीसी के अनुसार, यह मार्च 24 जुलाई को सुबह 10 बजे श्री अकाल तख्त साहिब से रवाना हुआ। यात्रा हाल गेट, पुतलीघर, छेहरटा साहिब, अटारी सहित विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए पहले दिन गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब जी, बीड़ ठट्टा में रात्रि विश्राम करेगी। इसके बाद यह मार्च श्री दरबार साहिब तरनतारन, गोइंदवाल साहिब, धर्मकोट (मोगा), वजीदपुर, फरीदकोट, जैतो, श्री मुक्तसर साहिब और बठिंडा से होते हुए आगे बढ़ेगा तथा 3 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो में पहुंचकर संपन्न होगा।

    आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से इस धार्मिक यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लेने व सेवा, सफाई और लंगर जैसी सेवाओं में सहयोग देने की भी अपील की।

    संगत को ऐतिहासिक शस्त्रों के होंगे दर्शन
    मार्च के दौरान एक विशेष बस के माध्यम से गुरु साहिबान और शहीद सिंहों से जुड़े ऐतिहासिक शस्त्रों के दर्शन संगत को करवाए जाएंगे। इसके अलावा सिख इतिहास, परंपराओं और संघर्ष को दर्शाने वाले पोस्टरों से सुसज्जित वाहन भी इस यात्रा का हिस्सा होंगे। आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य संगत को सिख इतिहास और विरासत से सीधे जोड़ना है, ताकि लोग ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें।

    इन मार्गों से होकर गुजरेगा खालसा मार्च
    मीरी-पीरी खालसा मार्च आज सुबह श्री अकाल तख्त साहिब से रवाना होकर हाल गेट, भंडारी पुल, पुतलीघर, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, छेहरटा साहिब, इंडिया गेट बाईपास, खासा, घरिंडा और अटारी सहित विभिन्न गांवों से होते हुए गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब जी, ठट्ठा (तरनतारन) पहुंचेगा। यहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद 25 जुलाई को यह धार्मिक यात्रा तरनतारन साहिब के लिए रवाना होगी। आयोजकों ने संगत से परिवार सहित इस ऐतिहासिक खालसा मार्च में शामिल होकर गुरु साहिब की शिक्षाओं और गुरमत संदेश का हिस्सा बनने की अपील की है।

  • सोनम वांगचुक और CJP में बढ़ी दूरियां? वीडियो साझा न करने और अलग मांगों से तेज हुई चर्चा

    सोनम वांगचुक और CJP में बढ़ी दूरियां? वीडियो साझा न करने और अलग मांगों से तेज हुई चर्चा

    नई दिल्ली

    नीट पेपर लीक विवाद को लेकर राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन में एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है। इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया है। लेकिन उनके इस कदम के बाद, आंदोलन की अगुवाई कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और वांगचुक के बीच दूरियां साफ नजर आने लगी हैं।

    क्या सोनम वांगचुक से CJP की अनबन हो गई?
    नीट परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में दरार के संकेत मिल रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से मिले लिखित आश्वासनों के बाद मेदांता अस्पताल में अपना अनशन तोड़ दिया है। लेकिन उनके इस फैसले से CJP पूरी तरह सहमत नहीं दिख रही है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की वांगचुक से मुलाकात के बाद यह गतिरोध टूटा। सरकार ने उन्हें मुख्य रूप से तीन आश्वासन दिए हैं:

        20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले युवाओं पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

        नीट पेपर लीक से निराश होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सकारात्मक विचार होगा।

        देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा की जाएगी।

    इन आश्वासनों के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना अनशन तोड़ने का वीडियो साझा करते हुए लिखा, "भूख का अंत, जवाबदेही की शुरुआत!"

    CJP और वांगचुक के बीच मतभेद के संकेत
    आंदोलन की शुरुआत में वांगचुक और CJP की सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी। लेकिन वांगचुक के समझौते में इस मांग को छोड़ दिया गया है, जिससे CJP और उनके बीच 'अनबन' की स्थिति पैदा हो गई है। वांगचुक ने अपने अनशन खत्म करने के जो अपडेट्स और वीडियो शेयर किए, उसे खबर लिखे जाने तक CJP या उसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने आधिकारिक हैंडल्स से शेयर नहीं किया।

    इसके अलावा, जहां वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से किनारा कर लिया है, वहीं CJP ने साफ कर दिया है कि उनका जंतर-मंतर पर धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।

    दिल्ली का मौजूदा हाल: जंतर-मंतर पर भारी भीड़
    वांगचुक के अनशन वापस लेने से सरकार को एक बड़ा 'एग्जिट रूट' जरूर मिला है, लेकिन दिल्ली की सड़कों पर हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। CJP के आह्वान पर आज भी जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारी मौजूद हैं और सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं।

    मध्य दिल्ली में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती है। एहतियात के तौर पर मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया है और कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को भी सीमित किया गया है। यह मुद्दा संसद के मानसून सत्र में भी लगातार गूंज रहा है। विपक्षी दल युवाओं की मांगों का समर्थन करते हुए लगातार कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं। सोनम वांगचुक के रुख में नरमी के बाद अब यह लड़ाई पूरी तरह से CJP के कंधों पर आ गई है। देखना यह होगा कि क्या CJP बिना वांगचुक के इस आंदोलन की धार को आगे भी बरकरार रख पाती है या नहीं।

    विपक्षा का मिल रहा पूरा साथ
    हालांकि इस बीच प्रदर्शनकारी छात्रों को विपक्ष का पूरा सपोर्ट मिल रहा है। प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला विधेयक संसद में पेश किए जाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की।

    कॉजपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की ओर से उठाया जाने वाला ''सबसे कड़ा कदम'' प्रधान को पद से हटाना होगा। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''मोदी जी, कल धर्मेंद्र प्रधान को हटा दीजिए। यह आपके द्वारा की जा सकने वाली सबसे सख्त कार्रवाई होगी।''

    कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी प्रधानमंत्री की घोषणा पर कटाक्ष किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक व्यक्ति बिना चारदीवारी वाले परिसर का प्रवेश द्वार बंद करता नजर आ रहा है। इस तस्वीर को प्रस्तावित कानून पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

  • राजस्थान के 49 नए शहरों के मास्टर प्लान अब ठेके पर बनेंगे

    राजस्थान के 49 नए शहरों के मास्टर प्लान अब ठेके पर बनेंगे

    जयपुर
     राजस्थान में नवगठित 49 शहरों में से ज्यादातर के मास्टर प्लान 'ठेके' पर देने की तैयारी है। नगर नियोजन विभाग और टाउन प्लानिंग शाखा में नगर नियोजकों की फौज होने के बावजूद इस काम को आउटसोर्स किया जा रहा है। इससे मास्टर प्लान (लागू होने से पहले) की गोपनीयता खत्म होने की भी आशंका बनी रहेगी। सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि इसकी गोपनीयता बनाए रखने के लिए कंपनी के लिए क्या-क्या राइडर लगाए जाएंगे, यह स्पष्ट नहीं है।

    इस बीच राजस्थान नगरीय विकास विभाग ने टाउन प्लानिंग शाखा को अत्याधुनिक तकनीक मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए है। हालांकि, अभी यह तय होना है कि किन शहरों के मास्टर प्लान कौन तैयार करेगा। जयपुर के नए मास्टर प्लान-2047 को तैयार करने का ज्यादातर काम निजी कंपनी ही करेगी।

    जानकारी के मुताबिक राजस्थान के नए शहरों में से ज्यादातर के मास्टर प्लान 'ठेके' पर देने की तैयारी है। पहले फेज में गोविंदगढ़, सिकरी, जायल, टिब्बी, बहादुरपुर, लक्ष्मणगढ़, बानसूर, उचैना, सुल्तानपुर, बसनी, सिवाना, सपोटरा, मंडावरी, बामनवास, हमीरगढ़, बरोदामेव, खाजूवाला, रामगढ़, सरमथुरा, बसेड़ी, पावटा-प्रागपुरा, भोपालगढ़, अटरू, मनोहरपुरा, नरैना (नारायणा), मंडावर, मारवाड़ जंक्शन, बोनली, बिजोलियां, मसूदा, लाम्बाहरिसिंह, नापासर, जमवारामगढ़, दांता, अजीतगढ़, धरियावद, पीपलू, डिग्गी, मेड़ता रोड, गढ़साना, लूणकरनसर, नारायणपुर, टांटोटी, पहाड़ी, जाखल, गुड़ामालानी, मंधान, सोजत रोड और सिंधरी का चयन किया गया है।

    लोगों को पहले यह भी चाहिए
    1. रहने योग्य शहर हो, यानि यहां जीवनयापन के लिए जरूरी सुविधाएं सुलभता से उपलब्ध हो। इसमें साफ पानी, कचरा मुक्त शहर, चौबीस घंटे पानी व बिजली सप्लाई, सुदृढ़ ड्रेनेज व सीवरेज सिस्टम, सार्वजनिक शौचालय।
    2. सड़क के साथ फुटपाथ एरिया भी बढ़े, राहगीरों की किसी को चिंता नहीं है।
    3. हर एरिया में सेन्ट्रल पार्क की तर्ज पर ऑक्सीजोन विकसित हो।

    एक्सपर्ट: जनता की जरूरत के आधार पर हो
    मास्टर प्लान किसी भी शहर के विकास का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और गोपनीयता दोनों जरूरी हैं। जरूरी हो तो ही आउटसोर्स किया जाए। इसे निजी एजेंसियों से तैयार कराया जाता है तो सख्त निगरानी रखनी होगी और स्पष्ट गोपनीयता शर्तें लागू करनी चाहिए। अंतिम जिम्मेदारी सरकार और टाउन प्लानिंग विभाग की ही होनी चाहिए। मास्टर प्लान केवल नक्शों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि लोगों की जरूरतों पर आधारित हो।
    -सी.एस. पाराशर, पूर्व अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक, राजस्थान

  • बिहार के सभी पंचायतों में बनेंगे हाट, जिलों और प्रखंडों में खुलेंगे मार्ट

    बिहार के सभी पंचायतों में बनेंगे हाट, जिलों और प्रखंडों में खुलेंगे मार्ट

    पटना
    बिहार के सभी पंचायतों में हाट बनेंगी। जिलों के मुख्यालय और प्रखंडों में भी हाट और मार्ट खोले जाएंगे। सम्राट चौधरी सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने गुरुवार को विधानसभा में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके जरिये ग्रामीण और स्थानीय बाजार को सशक्त बनाया जाएगा। इसके माध्यम से राज्य के लोगों को अपने राज्य में रोजगार देने के सरकार के संकल्प को पूरा किया जाएगा।

    मंत्री ने बताया कि हाट और मार्ट में जीविका दीदी के उत्पाद बिकेंगे। इससे जीविका दीदी के उत्पाद को बड़ा बाजार मिलेगा। लोगों को स्थानीय बाजार में ही बेहतर सामग्री मिलेगी। श्रवण कुमार विधानसभा में ग्रामीण विकास विभाग के प्रथम अनुपूरक व्यय के तहत अनुदान मांग पर सरकार का पक्ष रख रहे थे। मंत्री ने बताया कि राज्य के पर्यटक स्थलों पर भी जीविका के उत्पाद बेचे जाएंगे। बोधगया, नालंदा, वैशाली, राजगीर, पावापुरी, रोहतास, बक्सर, सीतामढ़ी, केसरिया जैसे पर्यटक स्थलों पर बिक्री का प्रस्ताव है। मंत्री ने कहा कि बकरीपालन एवं पशुपालन से जुड़कर जीविका दीदी आत्मनिर्भरता की तरफ तेजी से बढ़ रही है। इसमें 9.78 लाख परिवार से ज्यादा सशक्त हो रही हैं। खेती में 46.89 लाख किसान दीदी काम कर रही हैं। राज्य में जीविका दीदियों ने 61 उत्पादक कंपनियां बनाई हैं

    फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी
    श्रवण ने कहा कि वीबी जी रामजी के तहत तकनीकि हस्तक्षेप अनिवार्य कर पारदर्शी निगरानी और फर्जीवाड़े की रोकथाम सुनिश्चित होगी। यह प्रावधान डिजिटल इको-सिस्टम पर आधारित है, जिसमें श्रमिकों की उपस्थिति का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जीपीएस टैªकिंग और एआई का उपयोग शामिल किया गया है।

    किसानों की रोपनी, बुआई, कटनी के समय 60 दिन तक वीबी जी रामजी का काम बंद रखा गया है, क्योंकि किसान की खेती के समय श्रमिक की कमी नहीं हो तथा किसानों का कृषि कार्य बाधित नहीं हो। इसके पहले राजद के राहुल कुमार ने कटौती प्रस्ताव पेश किया। कुमार सर्वजीत, जिवेश कुमार, शालिनी मिश्रा, मनोहर प्रसाद सिंह, संगीता कुमारी, शुभानंद मुकेश, अख्तरूल ईमान, प्रकाश चन्द्र, माधव आनंद, अरुण सिंह, अजय कुमार, राजीव रंजन सिंह, इन्द्रजीत प्रसाद गुप्ता, सुजीत कुमार, प्रफुल्ल कुमार मांझी, कुमार पुष्पंजय ने भी बहस में हिस्सा लिया।

    सरकार का खजाना खाली नहीं, यह आरोप घोर निंदनीय : बिजेन्द्र
    उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने विपक्ष के खजाना खाली होने के आरोप को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह का आरोप लगाना घोर निंदनीय है। तकनीकी कारणों से कुछ विभागों में भुगतान नहीं हो सका। लेकिन सभी का भुगतान होगा। कहीं कोई दिक्कत नहीं है।

  • Punjab बना AI शिक्षा में नंबर-1! कक्षा 1 से 12 तक AI को मुख्य विषय बनाने वाला देश का पहला राज्य

    Punjab बना AI शिक्षा में नंबर-1! कक्षा 1 से 12 तक AI को मुख्य विषय बनाने वाला देश का पहला राज्य

    चंडीगढ़:

    स्कूली शिक्षा में अहम बदलाव लाने के मकसद से पंजाब पहली से 12वीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को मुख्य विषय के रूप में शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) 'सरबत.एआई' परियोजना के तहत चरणबद्ध तरीके से इस पाठ्यक्रम को लागू करेगा। जो देश में सबसे बड़े राज्य-स्तरीय एआई शिक्षा मिशनों में से एक है और पंजाब को भविष्य की शिक्षा में देश के अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करता है। पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के साथ मिलकर शिक्षा विशेषज्ञों, प्रौद्योगिकी भागीदारों और स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस परियोजना की शुरुआत की।

    एक्स (ट्विटर) पर बात करते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि आज से, पंजाब भर के हर पीएसईबी स्कूल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक मुख्य विषय है। हर बच्चा, चाहे वह शहर का हो या गाँव का, वही कौशल सीखेगा जो विश्व के अग्रणी देश अपने छात्रों को सिखाने के लिए दौड़ रहे हैं। एक बार फिर पंजाब पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक एआई को मुख्य विषय के रूप में शामिल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। यह वही पंजाब है जिसकी कल्पना अरविंद केजरीवाल ने की थी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान इसे रोजाना ज़मीनी हकीकत में बदल रहे हैं।

    सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि आज पंजाब की शिक्षा प्रणाली में एक नए युग की शुरुआत हुई है। पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में शामिल किया है। हम हरित क्रांति का नेतृत्व करने से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति का नेतृत्व करने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह विद्यार्थियों को भविष्य के कौशलों से सुसज्जित करेगा और साथ ही नवाचार, नैतिक एआई, उद्यमिता और जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता को बढ़ावा देगा। हम चाहते हैं कि पंजाब का हर बच्चा न केवल कल की नौकरियों के लिए तैयार हो, बल्कि प्रौद्योगिकी-आधारित दुनिया में सृजनकर्ता और नवप्रवर्तक भी बने।

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    शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा पाठ्यक्रम सिंगापुर, फिनलैंड, यूएई और संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अध्ययन के बाद विकसित किया गया है। इसे यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) के नैतिक एआई ढांचे के साथ जोड़ा गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे विद्यार्थी विश्व स्तरीय मानकों पर आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदार, सुरक्षित और नैतिक उपयोग सीखें। इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के बारे में श्री बैंस ने बताया कि पहले चरण में आठवीं से बारहवीं कक्षा तक किया जाएगा, जिसमें सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कंप्यूटर साइंस विषय के साथ एआई को जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों को लाइव ऑनलाइन कक्षाओं, रिकॉर्डेड व्याख्यानों, परियोजना-आधारित शिक्षण, निरंतर मूल्यांकन और एक समर्पित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में पहली से सातवीं कक्षा तक एआई शिक्षा को शामिल किया जाएगा।

    उन्होंने आगे कहा कि यह कार्यक्रम 'एफए-एआई' के सहयोग से चलाए गए पीएसईबी के एआई पायलट कार्यक्रम की सफलता पर आधारित है, जिसे राज्य-स्तरीय एआई हैकाथॉन के साथ अंतिम रूप दिया गया। इस लॉन्च कार्यक्रम के दौरान पायलट परियोजना से विद्यार्थियों के नवाचारों की प्रदर्शनी भी की गई। शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि तकनीकी रूप से, यह कार्यक्रम 'नीव एआई' द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा और इसे एआई साक्षरता, शिक्षकों के क्षमता निर्माण, नवाचार और कार्यबल की तैयारी को मजबूत करने के लिए गूगल, इंटेल, कैनवा और 'एफए-एआई' के साथ रणनीतिक सहयोग द्वारा सुदृढ़ किया जाएगा।

    बैंस ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पंजाब भर के हर कक्षा, हर शिक्षक और हर विद्यार्थी के लिए एआई शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम से 25,172 स्कूलों और 31.5 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। पहले चरण में 12,424 कंप्यूटर साइंस शिक्षक इसके कार्यान्वयन का नेतृत्व करेंगे, जबकि सभी विषयों के 2 लाख से अधिक शिक्षकों को शिक्षण, सीखने और मूल्यांकन में एआई को शामिल करने के लिए धीरे-धीरे प्रशिक्षित किया जाएगा। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड और स्कूल शिक्षा विभाग की पूरी टीम की सराहना करते हुए श्री बैंस ने कहा कि यह परियोजना 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिन्होंने दिखाया है कि सही दृष्टिकोण से बच्चों के जीवन को कैसे बदला जा सकता है।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने प्राथमिक पाठ्यक्रम में एआई को शामिल किया है, इसलिए पंजाब ने भी नेतृत्व करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, "आज हमारा राज्य शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है। हम पुराने सॉफ्टवेयर अभ्यासों से हटकर वास्तव में भविष्य के लिए आवश्यक कौशल प्रदान कर रहे हैं। हम पहले ही अपने स्कूलों को कंप्यूटर, स्मार्ट पैनल और आवश्यक बुनियादी ढांचे से सुसज्जित कर चुके हैं। पंजाब, जो कभी देश के अन्नदाता के रूप में जाना जाता था, अब भविष्य के कौशल के केंद्र के रूप में उभरेगा। अगले पाँच से आठ वर्षों में, पंजाबी विश्व भर की संस्थाओं में नेतृत्व करेंगे।"

    सभा को संबोधित करते हुए, दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब ने इस परियोजना की शुरुआत के साथ इतिहास रच दिया है और अपने आप को एआई शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय मानदंड के रूप में स्थापित किया है। यह पहल विद्यार्थियों को केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने के लिए ही नहीं, बल्कि इसके साथ नवाचार करने, एआई से सृजन करने और प्रौद्योगिकी-आधारित भविष्य में नेतृत्व करने के लिए तैयार करने के राज्य के संकल्प को दोहराती है। एआई पर पैनल चर्चा की शुरुआत करते हुए श्री मनीष सिसोदिया ने देश में हाल ही में हुए पेपर लीक और राष्ट्रीय राजधानी में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों और मजबूत शिक्षा प्रणालियों के माध्यम से परीक्षा की अखंडता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    पीएसईबी के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि एआई को पंजाब के मौजूदा अनिवार्य कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम के मुख्य भाग के रूप में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर साइंस विषय के परिणाम अब विद्यार्थियों के बोर्ड प्रमाणपत्रों पर भी दर्ज होंगे। उन्होंने आगे कहा कि सवाल यह नहीं है कि क्या एआई शिक्षा को आकार देगा, बल्कि यह है कि हम इसे जिम्मेदारी और दूरदर्शिता के साथ कैसे आकार देते हैं। इस पैनल में नीव एआई से श्री अर्जुन बेदी, इंटेल से श्रीमती श्वेता खुराना, गूगल से श्री हेमंत भल्ला, अमेज़न वेब सर्विसेज से श्री प्रदीप झुंझुनवाला, कैनवा से श्रीमती सागरी चटर्जी और एफएएआई से श्रीमती आयुषी आनंद शामिल थीं, जिन्होंने एआई शिक्षा को मजबूत करने और परीक्षा में पक्षपात न होना सुनिश्चित करने के लिए उपाय सुझाए। इस अवसर पर निदेशक स्कूल शिक्षा (सीनियर सेक्ण्डरी) श्री एस. एस. बॉल, निदेशक एस.सी.ई.आर.टी. मैडम किरण शर्मा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • Punjab Weather Alert: पंजाब-चंडीगढ़ में 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, 27 जुलाई से मानसून फिर होगा एक्टिव

    Punjab Weather Alert: पंजाब-चंडीगढ़ में 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, 27 जुलाई से मानसून फिर होगा एक्टिव

    अमृतसर
    पंजाब में बीते दिनों हुई बारिश के बाद मानसून की रफ्तार धीमी होने वाली है। तीन दिन तक छुटपुट बारिश के बाद एक बार फिर मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं, वीरवार तक चले बारिश के दौर के बाद मौसम सामान्य बना हुआ है और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है।

    मौसम केंद्र चंडीगढ़ के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 24 और 26 जुलाई को पूरे प्रदेश में किसी भी जिले के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि 25 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होगा और 27 जुलाई को राज्य के उत्तरी व मध्य हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को अलर्ट के अनुसार सतर्क रहने की सलाह दी है।

    डेरा बाबा नानक में रावी का जलस्तर बढ़ा

    भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे डेरा बाबा नानक इलाके में रावी दरिया का जलस्तर बढ़ गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी उफान पर है, जिससे स्थानीय लोगों में पिछले साल की बाढ़ जैसे हालात का डर सता रहा है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप रावी दरिया का जलस्तर काफी बढ़ गया है। दरिया के आसपास रहने वाले लोगों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।

    विधायक ने रावी दरिया का दौरा किया
    स्थिति का जायजा लेने के लिए हल्का डेरा बाबा नानक के विधायक गुरदीप सिंह रंधावा ने संबंधित अधिकारियों के साथ भारत-पाक सीमा पर बहने वाले रावी दरिया का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों से भी मुलाकात की और बाढ़ से होने वाले संभावित नुकसान तथा किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए किए जाने वाले प्रबंधों पर चर्चा की।

    जलस्तर की लगातार निगरानी करें
    विधायक रंधावा ने सिविल प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जलस्तर की लगातार निगरानी करें। उन्होंने आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने और सबसे पहले लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध करने पर जोर दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के साथ मिलकर बाढ़ से निपटने की तैयारियों और उपायों पर विस्तृत चर्चा की।

    आज हल्की फुल्की बारिश देखने को मिलेगी
    24 जुलाई
    : शुक्रवार को अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और मोहाली सहित पूरे राज्य में कोई मौसम चेतावनी नहीं है। अधिकांश स्थानों पर बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी।

    25 जुलाई : शनिवार को पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। राज्य के बाकी सभी जिलों में कोई विशेष चेतावनी नहीं है।

    26 जुलाई : रविवार को पूरे पंजाब में किसी भी जिले के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी और मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा।

    27 जुलाई : सोमवार को मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    वहीं अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर और रूपनगर में भारी बारिश की संभावना के चलते येलो अलर्ट रहेगा। इसके अलावा फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, मोगा, लुधियाना, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और मोहाली में फिलहाल कोई मौसम चेतावनी नहीं है।

    वीरवार का मौसम पर एक नजर
    वीरवार को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में एक दिन पहले की तुलना में 0.2 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई और तापमान सामान्य के आसपास बना रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा हवाई अड्डे पर 36.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। चंडीगढ़ में 34.7, पटियाला में 34.3, लुधियाना में 33.4, मोहाली में 32.9, बरनाला में 32.4, फरीदकोट में 31.5 और अमृतसर में 30.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

    बारिश की बात करें तो कपूरथला में सबसे अधिक 38.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा भाखड़ा क्षेत्र में 26.5 मिलीमीटर, पठानकोट में 25.0 मिलीमीटर, कपूरथला हवाई अड्डा क्षेत्र में 22.0 मिलीमीटर, अमृतसर में 20.6 मिलीमीटर, फरीदकोट में 16.0 मिलीमीटर, होशियारपुर में 11.0 मिलीमीटर, गुरदासपुर में 10.5 मिलीमीटर, बठिंडा में 7.5 मिलीमीटर, बरनाला में 3.0 मिलीमीटर तथा फाजिल्का, लुधियाना और अन्य कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

     

  • Punjab High Court का बड़ा फैसला! ‘मावां-धीयां सत्कार’ योजना के फंड ट्रांसफर पर लगी रोक, सरकार को झटका

    Punjab High Court का बड़ा फैसला! ‘मावां-धीयां सत्कार’ योजना के फंड ट्रांसफर पर लगी रोक, सरकार को झटका

    चंडीगढ़ 

    निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए जमा राशि को दूसरी सरकारी योजना में इस्तेमाल करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को बड़ा झटका दिया है। डॉ. अंबेडकर वर्कर्स यूनियन (पंजाब) की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना में निर्माण श्रमिक कल्याण कोष की राशि स्थानांतरित करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया है।

    याचिका में पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के पुनर्गठन, बोर्ड के विभिन्न फैसलों और पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की मासिक पेंशन में कथित कटौती को भी चुनौती दी गई है।

    याचिकाकर्ता संगठन का कहना है कि पंजाब सरकार ने 16 मार्च 2026 को अधिसूचना जारी कर बोर्ड का पुनर्गठन किया, जबकि निर्माण श्रमिकों से संबंधित वर्ष 1996 का कानून सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 में समाहित हो चुका है। ऐसे में पुराने कानून के तहत बोर्ड का पुनर्गठन कानूनी रूप से वैध नहीं है। संगठन का आरोप है कि सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर यह निर्णय लिया। 

    याचिका के अनुसार, पुनर्गठित बोर्ड ने दो जुलाई 2026 को मावां धीयां सत्कार योजना के तहत वित्तीय सहायता देने के लिए निर्माण श्रमिक कल्याण कोष से राशि स्थानांतरित करने का फैसला किया। संगठन का कहना है कि यह कोष केवल निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी अन्य सरकारी योजना में इसका उपयोग कानून के विपरीत है।

    पेंशन कटौती पर भी उठे सवाल
    याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बोर्ड ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की मासिक पेंशन में भी कटौती का फैसला लिया है जिससे श्रमिकों के हित प्रभावित होंगे। संगठन ने हाईकोर्ट से 16 मार्च 2026 की बोर्ड पुनर्गठन अधिसूचना, दो जुलाई 2026 के फंड हस्तांतरण के निर्णय और पेंशन कटौती के आदेश रद्द करने की मांग की है। साथ ही योजना में भेजी गई राशि वापस बोर्ड के खाते में जमा कराने और भविष्य में निर्माण श्रमिक कल्याण कोष का उपयोग केवल कानून में निर्धारित उद्देश्यों के लिए करने का निर्देश देने का भी आग्रह किया है।

    महिलाओं से जुड़ी योजना जारी रहेगी
    मावां-धीयां सम्मान योजना के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है। योजना के संचालन में धन की कोई कमी नहीं है। यदि इस संबंध में मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है तो राज्य सरकार अदालत में अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखेगी। महिलाओं के हितों से जुड़ी यह योजना आगे भी जारी रहेगी। -नील गर्ग, प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी

  • LADC नीति के विरोध में वकीलों का बड़ा प्रदर्शन, पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में आज न्यायिक कामकाज रहेगा ठप

    LADC नीति के विरोध में वकीलों का बड़ा प्रदर्शन, पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में आज न्यायिक कामकाज रहेगा ठप

    चंडीगढ़
     कानूनी सहायता
    बचाव वकील (एलएडीसी) नीति के विरोध में चल रहे वकीलों के आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने आंदोलनरत वकीलों के समर्थन में शुक्रवार को हाई कोर्ट में कामकाज पूरी तरह स्थगित रखने का फैसला किया है।

    इससे आज नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित रहने की संभावना है। बार एसोसिएशन के मानद सचिव परमप्रीत सिंह बाजवा हैरी की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि एलएडीसी नीति के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे वकीलों के साथ एसोसिएशन पूरी मजबूती से खड़ी है। इसे वकीलों का वैध संघर्ष बताते हुए सभी सदस्यों से कामकाज से दूर रहकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई है।

    एलएडीसी नीति को लेकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के वकीलों में लगातार विरोध बढ़ रहा है। विभिन्न बार एसोसिएशन प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार और क्रमिक भूख हड़ताल के माध्यम से सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही हैं।

    वकीलों का कहना है कि प्रस्तावित व्यवस्था से कानूनी सहायता के क्षेत्र में निजी वकीलों की भूमिका और उनके पेशेवर अधिकार प्रभावित होंगे। इसी कारण वे नीति को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं।

    बार एसोसिएशन ने कहा कि जब तक एलएडीसी नीति वापस नहीं ली जाती, विरोध जारी रहेगा। शुक्रवार को कामकाज स्थगित रखने के फैसले को आंदोलनरत वकीलों के प्रति एकजुटता का प्रतीक बताया गया है।

     

  • Delhi Metro Update: आज भी 17 मेट्रो स्टेशन बंद, राजीव चौक और मंडी हाउस पर इंटरचेंज की सुविधा जारी

    Delhi Metro Update: आज भी 17 मेट्रो स्टेशन बंद, राजीव चौक और मंडी हाउस पर इंटरचेंज की सुविधा जारी

     नई दिल्ली
    जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के चलते दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा है. इस बीच, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बताया है कि आज भी कई मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे. ये स्टेशन शुक्रवार सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगे. हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। 

    ये 17 मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद
    DMRC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, ITO, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान मेट्रो स्टेशन शुक्रवार सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगे. वहीं, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। 

    बता दें, गुरुवार को भी सेंट्रल दिल्ली यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा. पुलिस की ओर से कई प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग किए जाने के बाद और 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। 

    यात्रियों ने बताया कि मेट्रो बंद होने के चलते उनके सफर में कम से कम 40 से 45 मिनट अधिक लग गए. शाम के समय दफ्तरों की छुट्टी के बाद स्थिति और बिगड़ गई थी. बसों में भारी भीड़ देखने को मिली, सार्वजनिक परिवहन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा और कई लोगों को घर पहुंचने के लिए वैकल्पिक और लंबे रास्तों का प्रयोग करना पड़ा। 

  • अमृतसर में हथियार-नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, सीमा पार से जुड़े रैकेट के 2 आरोपी गिरफ्तार

    अमृतसर में हथियार-नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, सीमा पार से जुड़े रैकेट के 2 आरोपी गिरफ्तार

    अमृतसर

    पंजाब पुलिस को सीमा पार से संचालित अवैध हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है. अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक संगठित क्रॉस-बॉर्डर स्मगलिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते हथियार और ड्रग्स की खेप भारत में पहुंचाकर अपराधियों तक सप्लाई करता था. इस कार्रवाई को पंजाब में संगठित अपराध और ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ अहम उपलब्धि माना जा रहा है। 

    पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से छह अत्याधुनिक पिस्टल बरामद की हैं. इसके अलावा उनके पास से एक किलो हेरोइन और एक किलो अफीम भी जब्त की गई है. छापेमारी के दौरान 10 हजार रुपये की ड्रग्स से जुड़ी नकदी भी बरामद हुई है. शुरुआती जांच के मुताबिक, बरामद हथियार और नशीले पदार्थ आगे अलग-अलग आपराधिक गिरोहों और तस्करों तक पहुंचाए जाने थे। 

    पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी सीधे विदेश में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में थे. यही विदेशी हैंडलर अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए अवैध हथियार और नशीले पदार्थ भारत भेजने की व्यवस्था करता था. इसके बाद आरोपी इन हथियारों और ड्रग्स को राज्य के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय आपराधिक तत्वों तक पहुंचाने का काम करते थे. पुलिस इस विदेशी नेटवर्क की पूरी कार्यप्रणाली की गहराई से जांच कर रही है। 

    इस मामले में अमृतसर के छेहरटा और कैंटोनमेंट पुलिस थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उनसे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क के जरिए पहले कितनी खेप भारत पहुंचाई गई और किन-किन लोगों तक हथियार और ड्रग्स की सप्लाई की गई। 

    पंजाब पुलिस अब इस तस्करी मॉड्यूल के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक तलाशने में जुटी है. जांच का फोकस उन सभी सहयोगियों की पहचान करना है, जो विदेशी हैंडलर के इशारे पर इस नेटवर्क का हिस्सा बने हुए थे. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से होने वाली हथियार और ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।