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  • हरियाणा में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी रफ्तार, रेवाड़ी एम्स और आयुर्वेद संस्थान पर चर्चा

    हरियाणा में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी रफ्तार, रेवाड़ी एम्स और आयुर्वेद संस्थान पर चर्चा

    चंडीगढ़
    केंद्रीय आयुष तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ स्थित लोक भवन में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से शिष्टाचार भेंट की।

    इस दौरान दोनों नेताओं ने हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष क्षेत्र के विस्तार और प्रमुख स्वास्थ्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में रेवाड़ी में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और पंचकूला स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान प्रमुख रूप से चर्चा के केंद्र में रहे।

    राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने रेवाड़ी एम्स के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना के समय पर पूरा होने से दक्षिण हरियाणा समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आधुनिक और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ शीघ्र मिल सकेगा।

    बैठक में पंचकूला स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि संस्थान में प्रतिदिन ओपीडी के माध्यम से मरीजों को परामर्श और उपचार सेवाएं दी जा रही हैं। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संस्थान का विधिवत उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

    केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा में भी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर तेजी से काम हो रहा है। राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य अवसंरचना और चिकित्सा सेवा वितरण प्रणाली का लगातार सुदृढ़ीकरण आवश्यक है।

  • फर्जी नियुक्ति पत्र और मोहरों से परिवार से ठगे 9 करोड़, केस दर्ज

    फर्जी नियुक्ति पत्र और मोहरों से परिवार से ठगे 9 करोड़, केस दर्ज

     बराड़ा
     बराड़ा थाना में फर्जी नियुक्ति पत्र, नकली सरकारी मोहरें और गैस एजेंसी में हेराफेरी के जरिए उगाला गांव के परिवार से करीब 9 करोड़ ऐंठने का मामला सामने आया है।

    शिकायतकर्ता के परिवार की कई एकड़ जमीन बिकवाकर जहां करोड़ों रुपये ऐंठ लिए गए, वहीं फर्जी साइन कर खातों से लाखों रुपये भी निकाले गए। यह सारा खेल महिला व उसके प्रेमी ने मिलकर खेला। आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने इसकी जांच की तो सारी परतें खुलकर सामने आ गईं।

    अब बराड़ा थाना पुलिस ने तरणप्रीत सिंह निवासी उगाला की शिकायत पर अनुप्रीत कौर व साहित व अन्य के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू की है।

    ऐसे फंसाया जाल में
    गांव उगाला निवासी तरणप्रीत सिंह ने बताया कि कि मार्च 2018 में उसका विवाह अनुप्रीत कौर के साथ सिख रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह से पहले उसे बताया गया था कि उसकी पत्नी संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी कर रही है और भविष्य में उच्च सरकारी अधिकारी बनेगी।

    यह दावा पूरी तरह झूठा निकला और इसी विश्वास का फायदा उठाकर उसके परिवार को करोड़ों रुपये की आर्थिक हानि पहुंचाई गई। विवाह के समय शिकायतकर्ता का परिवार आर्थिक रूप से संपन्न था।

    परिवार के पास लगभग 13 एकड़ कृषि भूमि और गांव उगाला में गैस एजेंसी थी। आरोप है कि विवाह के बाद पत्नी और उसके परिजनों ने जमीन खरीदने, व्यापार में निवेश कराने, रिश्तेदारों की कंपनियों में पैसा लगाने तथा बड़े मुनाफे का लालच देकर परिवार का विश्वास जीता।

    इन प्रलोभनों में आकर शिकायतकर्ता के परिवार ने लगभग 10 एकड़ भूमि बेच दी और समय-समय पर करीब 5 करोड़ रुपये आरोपितों को दे दिए, लेकिन न तो कोई निवेश हुआ और न ही कोई धनराशि वापस मिली।

    नियुक्ति के फर्जी लेटर जारी किए
    शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 2022 से मई 2026 तक आरोपियों ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उसे ई-मेल के माध्यम से फर्जी सरकारी नियुक्ति पत्र, सिक्योरिटी क्लीयरेंस, मंत्रालयों के लेटरहेड, सरकारी मोहरों वाले नकली दस्तावेज और अन्य जाली कागजात भेजे।

    इन दस्तावेजों के जरिए शिकायतकर्ता को विश्वास दिलाया गया कि उसकी पत्नी आयकर विभाग में उच्च अधिकारी नियुक्त हो चुकी है तथा सरकारी प्रक्रिया और सुरक्षा मंजूरी के नाम पर करोड़ों रुपये जमा करवाने होंगे।

    इसी प्रकार शिकायतकर्ता को भी सरकारी नौकरी लगने का झांसा देकर सेक्टर-17 चंडीगढ़ में नियुक्ति का फर्जी पत्र भेजा गया और 15 जुलाई 2026 को ज्वाइनिंग की बात कही गई। इन जाली दस्तावेजों के आधार पर उससे लगभग 3 करोड़ रुपये और ले लिए गए।

    यही नहीं आरोपित महिला ने शिकायतकर्ता की बहन के बैंक खातों के चेकों और दस्तावेजों पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर लगभग 40 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली। इसके अलावा गैस एजेंसी से जुड़े दस्तावेजों में भी जालसाजी कर फर्जी लीज डीड तैयार की गई और एजेंसी के अधिकारों में हेराफेरी की गई।

    एजेंसी के नाम पर एक करोड़ की हेराफेरी
    शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि आरोपी महिला गैस एजेंसी का नकद लेन-देन अपने नियंत्रण में रखती थी और इसी दौरान एजेंसी के खातों से करीब एक करोड़ रुपये का गबन किया गया।

    आरोप है कि यह राशि कथित रूप से अन्य आरोपितों के माध्यम से इधर-उधर कर ऋण के रूप में दर्शाई गई और बाद में फर्जी चेकों के जरिए भुगतान दिखाया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि पत्नी लंबे समय तक सरकारी ड्यूटी और नाइट शिफ्ट का बहाना बनाकर घर से बाहर रहती थी।

    बाद में जानकारी मिली कि उसके कथित रूप से साहिल रोठान के साथ अवैध संबंध थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसे दोनों के विवाह का वीडियो भी मिला है, जबकि पत्नी ने उससे कानूनी रूप से तलाक नहीं लिया था।

    खातों की पुलिस कर रही जांच
    पुलिस अब बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल काल डिटेल रिकॉर्ड, ई-मेल, व्हाट्सएप चैट, गैस एजेंसी के दस्तावेज, संपत्ति के लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच करेगी।

    इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि धोखाधड़ी से अर्जित धनराशि किन खातों और संपत्तियों में लगाई गई तथा क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की ठगी की है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

  • हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब गूंजेगा राज्य गीत जय हरियाणा

    हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब गूंजेगा राज्य गीत जय हरियाणा

    चंडीगढ़
     हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों में अब राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत के साथ राज्य गीत जय जय जय हरियाणा भी गूंजेगा। 21 पंक्तियों के राज्य गीत में हरियाणा की सांस्कृतिक और भौगोलिक विरासत का गुणगान किया गया है। प्रार्थना सभा में सप्ताह में एक बार अनिवार्य रूप से राज्य गीत का गायन किया जाएगा।

    स्कूली विद्यार्थियों में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत, गौरव एवं राज्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने सुबह प्रार्थना सभा में राज्य गीत के गायन का निर्णय लिया है। माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक की ओर से जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक राजकीय विद्यालय में प्रार्थना सभा के उपरांत सप्ताह में एक दिन राज्य गीत का गायन सुनिश्चित किया जाए।

    राज्य गीत के बोल और एमपी 3 सभी विद्यालयों में भेजे जाएंगे। स्कूल प्राचार्य और मुख्याध्यापक राज्य गीत की प्रतियां विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएंगे। प्रतिदिन प्रार्थना, राष्ट्र गान जन गण मन और राष्ट्र गीत वंदे मातरम् का गायन करने वाले विद्यार्थियों को राज्य-गीत का समुचित अभ्यास कराया जाएगा।

    विद्यालयों में जिस सदन की प्रार्थना सभा संचालन की जिम्मेदारी होगी, वह राज्य गीत के नियमित एवं शुद्ध गायन का अभ्यास सुनिश्चित करेगा। स्कूल प्रबंधन सुनिश्चित करेगा कि राज्य गीत का नियमित एवं गरिमापूर्ण गायन प्रार्थना सभा का अभिन्न अंग बने।

    हरियाणा का आधिकारिक राज्य गीत जय जय जय हरियाणा को 28 मार्च 2025 को हरियाणा विधानसभा में सर्वसम्मति से अपनाया गया था। डा. बालकिशन शर्मा द्वारा लिखित राज्य गीत में गीता, महाभारत, शिवालिक, अरावली और यमुना का उल्लेख है। साथ ही यहां की संस्कृति, भाईचारा, त्योहारों, कृषि और खेल में उपलब्धियों को दर्शाते हुए बहादुर जवानों और मेहमान नवाजी का गुणगान किया गया है।

    हरियाणा का यह राज्य गीत
        जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।
        पावन धरती वेदों की, जहां हुआ हरि का आणा ।।
        जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।
        गीता ज्ञान धरोहर इसकी, महाभारत इतिहास ।
        मुकुट शिवालिक आधार अरावली, यमुना बहती पास ।।
        मौज मनावैं, कातक न्हावैं, पूरी मन की आस ।
        सरस्वती के अमृत रस का, यहीं सदा है वास ।।
        सादा जीवन सादा बाणा, दूध दही का खाणा ।
        जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा।
        छैल छबीले मर्द निराले, सुंदर स्याणी नार ।
        होली, दिवाली, ईद, गुरपुरब, मनते तीज त्योहार ।।
        भाईचारा जग से न्यारा, बढ़े प्यार में प्यार ।
        दिन दूणा अर रात चौगुणा, शिक्षा और व्यापार ।।
        बजते डेरू, ढोल, नगाड़े, सांग, रागणी गाणा।
        जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा।
        उपजाते हैं फसल सुनहरी, खेतों बीच किसान ।
        खेल खिलाड़ी मेडल लाकर करें देश का मान ।।
        सीमाओं पर हरदम चौकस यहां के वीर जवान ।
        छोटा सा प्रदेश, देश की अजब निराली शान ।।
        अतिथि देवो भवः यहां सेवा धर्म निभाणा ।
        जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।
        जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।।

     

  • हरियाणा में खुलेंगे 10 नए हेपेटाइटिस उपचार केंद्र, मरीजों को राहत

    हरियाणा में खुलेंगे 10 नए हेपेटाइटिस उपचार केंद्र, मरीजों को राहत

    चंडीगढ़
     हरियाणा सरकार ने वायरल हेपेटाइटिस-बी और सी से पीड़ित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीएचसीपी) के तहत राज्य में 10 नए वायरल हेपेटाइटिस उपचार केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों के शुरू होने के बाद राज्य में उपचार केंद्रों की संख्या 26 से बढ़कर 36 हो जाएगी। मरीजों को अब अपने घर के नजदीक ही निःशुल्क जांच, रोग की पुष्टि, दवाइयां, परामर्श और नियमित फालोअप उपचार की सुविधा मिलेगी।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने बताया कि नए केंद्र फरीदाबाद के ईएसआइसी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल, फतेहाबाद के रतिया और टोहाना, जींद के नरवाना, कैथल के गुहला, करनाल के असंध और नीलोखेड़ी, सिरसा के डबवाली और ऐलनाबाद तथा पानीपत के समालखा उपमंडल नागरिक अस्पताल में स्थापित किए जाएंगे। इससे विशेष रूप से उन जिलों के मरीजों को राहत मिलेगी जहां हेपेटाइटिस के मामले अधिक हैं।

    उन्होंने बताया कि वर्तमान में पीजीआइएमएस रोहतक में एक माडल उपचार केंद्र, जिला नागरिक अस्पतालों में 22 तथा सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कालेजों में चार उपचार केंद्र संचालित हैं। भारत सरकार ने सभी 36 केंद्रों को मंजूरी दे दी है।

    डा. मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की हेपेटाइटिस-बी जांच कराना जरूरी है, ताकि संक्रमण मां से नवजात तक न पहुंचे। यदि गर्भवती महिला संक्रमित पाई जाती है तो नवजात को जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस-बी इम्यूनोग्लोब्युलिन (एचबीआइजी) और हेपेटाइटिस-बी का टीका लगाया जाना चाहिए। यह सुविधा हरियाणा के सभी जिला नागरिक अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है।

  • मुजफ्फरपुर में 26 जुलाई तक इंटरनेट बंद, सोशल मीडिया पर प्रशासन की सख्ती

    मुजफ्फरपुर में 26 जुलाई तक इंटरनेट बंद, सोशल मीडिया पर प्रशासन की सख्ती

    पटना
    राज्य में हाल के दिनों में विभिन्न स्थानों पर हुई अशांति और उपद्रव की घटनाओं के मद्देनजर बिहार पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है।

    इसी क्रम में मुजफ्फरपुर में अफवाहों और भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए गृह विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।

    जिला प्रशासन की अनुशंसा पर शहर के दो पुलिस अनुमंडल क्षेत्रों में सीमित अवधि के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है।

    गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से जारी आदेश के अनुसार 24 जुलाई दोपहर 12:30 बजे से 26 जुलाई सुबह 10:00 बजे तक मुजफ्फरपुर के टाउन-1 और टाउन-2 पुलिस सब-डिवीजन क्षेत्रों में सोशल मीडिया और मैसेजिंग सेवाएं बंद रहेंगी।

    डीएम और एसएसपी की अनुशंसा पर फैसला
    गृह विभाग ने यह निर्णय मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की अनुशंसा के आधार पर लिया है। प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई थी कि कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक, भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।

    इसी आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।

    24 तरह की इंटरनेट सेवाएं रहेंगी प्रभावित
    आदेश के तहत फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम सहित करीब 24 प्रकार की सोशल नेटवर्किंग और मैसेजिंग सेवाओं पर रोक रहेगी।

    इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसी भी प्रकार के संदेश, फोटो, वीडियो या अन्य डिजिटल सामग्री के प्रसारण पर प्रतिबंध रहेगा।

    हालांकि, सरकारी कार्यों के लिए उपयोग होने वाली अधिकृत इंटरनेट सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है, ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।

    अफवाहों पर रोक लगाने की कोशिश
    गृह विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या समूह से संबंधित भ्रामक, उत्तेजक अथवा सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली सामग्री के प्रसार को रोकना है।

    प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहें कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं।

    पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा न करें और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

     

  • JNU ने छात्रों को दी चेतावनी, ‘जंतर-मंतर मत जाना’, DU के बाद नई एडवाइजरी जारी

    JNU ने छात्रों को दी चेतावनी, ‘जंतर-मंतर मत जाना’, DU के बाद नई एडवाइजरी जारी

    नई दिल्ली

    दिल्ली विश्वविद्यालय के बाद अब जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) ने अपने छात्रों को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह दी है.  जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि कृपया सोशल मीडिया पर ज़िम्मेदारी से काम लें. अपनी एडवाइजरी में जेएनयू ने लिखा, JNU की एपिस्टेमिक कम्युनिटी के सभी स्टेकहोल्डर्स को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम करें और अपनी पर्सनल सेफ्टी को प्रायोरिटी दें. पब्लिक डेमोंस्ट्रेशन पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्देशों के अनुसार, आपसे रिक्वेस्ट है कि आप जंतर-मंतर, नई दिल्ली में या उसके आसपास होने वाली सभाओं में हिस्सा लेने या जाने से बचें। 

    पोस्ट में आगे लिखा, कृपया सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से काम करें. उल्लंघन करने पर लागू कानूनों के तहत कानूनी नतीजे और यूनिवर्सिटी के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है. आपको अकादमिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। 

    दिल्ली यूनिवर्सिटी ने क्या एडवाइजरी जारी की थी
    इससे पहले गुरुवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी ने भी इसी तरह की सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है. जिसमें छात्रों और फैकल्टी से अपील की गई है कि वे जंतर-मंतर पर होने वाली सभाओं और प्रदर्शनों में शामिल न हों. साथ ही कहा था कि गैर-कानूनी सभाओं में शामिल होने वालों को अधिकारियों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की ओर से सीधी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। 

  • छात्रों के प्रदर्शन पर NIA जांच की मांग खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट बोला- यह केंद्र सरकार का काम है

    छात्रों के प्रदर्शन पर NIA जांच की मांग खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट बोला- यह केंद्र सरकार का काम है

    नई दिल्ली

    दिल्ली उच्च न्यायालय ने जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में हुए 'संसद चलो' आंदोलन की राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए से जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत ने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी मामले की जांच एनआईए को सौंपनी है या नहीं, यह तय करना पूरी तरह से केंद्र सरकार का काम है और इसमें न्यायपालिका दखल नहीं दे सकती। 

    यह फैसला मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने सुनाया. याचिकाकर्ता सतीश कुमार अग्रवाल ने अदालत में गुहार लगाई थी कि इस विरोध प्रदर्शन के पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र हो सकता है, इसलिए इसकी जांच किसी विशेष एजेंसी से कराई जाए. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि कानूनन इस तरह के मामलों में सीधे अदालत आदेश नहीं दे सकती। 

    अदालत की कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या उन्हें पता भी है कि एनआईए अधिनियम की धारा 6 के तहत प्रक्रिया कैसे काम करती है? कोर्ट ने कहा कि एनआईए कोई सामान्य पूछताछ करने वाली एजेंसी नहीं है, बल्कि यह एक पेशेवर जांच एजेंसी है. इसके लिए सबसे पहले एक औपचारिक एफआईआर होनी चाहिए, जिसके बाद राज्य सरकार के जरिए रिपोर्ट केंद्र सरकार के पास जाती है. यदि केंद्र सरकार को लगता है कि मामला गंभीर है, तो वह खुद इस पर फैसला ले सकती है। 

    सॉलिसिटर जनरल का पक्ष और कोर्ट की दो टूक
    सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह मामला सार्वजनिक कानून से जुड़ा हुआ है. इस पर कोर्ट ने सरकार को पूरी छूट देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार को लगता है कि जांच एनआईए को सौंपी जानी चाहिए, तो कानून में पहले से ही पूरा तंत्र मौजूद है और सरकार अपने स्तर पर स्वतंत्र रूप से फैसला ले सकती है. कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि हम सरकार की शक्तियों में किसी भी तरह की दखलअंदाजी नहीं कर रहे हैं, लेकिन अदालत खुद अपनी तरफ से यह संतुष्टि दर्ज नहीं कर सकती कि यह मामला एनआईए को ही सौंपा जाए। 

    याचिका हुई वापस
    याचिकाकर्ता के वकील बारुण कुमार सिन्हा ने दलील दी कि इस आंदोलन के पीछे कई छुपे हुए कारण और विदेशी फंडिंग से जुड़ी बातें हो सकती हैं, इसलिए मामले की गहराई तक जाने के लिए विशेष जांच दल या एनआईए जैसी एजेंसी की जरूरत है. हालांकि, अदालत के तीखे सवालों और कानूनी प्रावधानों की स्पष्टता को देखते हुए अंत में याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली। 

  • पीएम सेतु योजना में राजस्थान बना उत्तर भारत का पहला राज्य

    पीएम सेतु योजना में राजस्थान बना उत्तर भारत का पहला राज्य

    जयपुर
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्किल इंडिया मिशन एवं विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक तकनीक, उद्योग सहभागिता एवं गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में केन्द्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पीएम सेतु (PM SETU) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तर भारत का पहला तथा देश का पाँचवाँ राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है।

    योजना के अंतर्गत राजस्थान में भिवाड़ी, जोधपुर, जयपुर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, बीकानेर एवं कोटा सहित आठ क्लस्टरों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। इनमें भिवाड़ी क्लस्टर के लिए एम/एस एच.जी. इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रस्ताव को शुक्रवार का मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित स्टेट स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में अनुमोदन किया गया।

    इस अनुमोदन के साथ ही प्रदेश में पीएम सेतु योजना के तहत आईटीआई उन्नयन की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूर्ण हो गया है। अब प्रस्ताव को नेशनल स्टीयरिंग कमेटी की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति प्राप्त होने के बाद चयनित कंपनी के साथ लाइसेंस एग्रीमेंट एवं शेयर होल्डर्स एग्रीमेंट निष्पादित किए जाएंगे। इसके उपरांत भिवाड़ी क्लस्टर के अंतर्गत चयनित राजकीय आईटीआई में उद्योग सहभागिता के माध्यम से अत्याधुनिक आधारभूत संरचना का विकास, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार, उद्योग-अनुरूप पाठ्यक्रमों का संचालन, प्रशिक्षकों का क्षमता संवर्धन तथा युवाओं के लिए बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा 4 अक्टूबर 2025 को प्रारम्भ की गई पीएम सेतु योजना का उद्देश्य देशभर के राजकीय आईटीआई का उन्नयन कर उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना तथा युवाओं की रोजगारपरकता बढ़ाना है। योजना के तहत 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल पर देश की एक हजार राजकीय आईटीआई का उन्नयन किया जाना प्रस्तावित है। योजना का कुल परिव्यय पांच वर्षों में 60 हजार करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की 33 प्रतिशत तथा उद्योगों की 17 प्रतिशत सहभागिता निर्धारित की गई है।

    पीएम सेतु योजना के माध्यम से राज्य सरकार उद्योगों की सक्रिय सहभागिता से आईटीआई को उत्कृष्ट बनाने तथा युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • बिहार स्कूलों में शनिवार हाफ डे पर सात दिनों में होगा फैसला

    बिहार स्कूलों में शनिवार हाफ डे पर सात दिनों में होगा फैसला

     पटना
    बिहार विधान परिषद में बिहार के सरकारी स्‍कूलों में शनिवार को हाफ डे का मामला उठाया गया। पक्ष-विपक्ष के कई विधान पार्षदों ने सरकार से प्रश्‍न पूछा।

    इसपर सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शनिवार को फिर से हाफ डे करने पर विचार किया जाएगा। एक सप्ताह में इसपर निर्णय जाएगा।

    पक्ष-विपक्ष के एमएलसी ने उठाए सवाल
    एमएलसी नवल किशोर यादव, संजीव सिंह और जीवन कुमार ने श‍िक्षा विभाग से पूछा कि सरकारी स्‍कूलों में पहले की तरह हाफ डे क्‍लास की व्‍यवस्‍था की जाएगी या नहीं?

    उन्‍होंने कहा कि पूर्व के शिक्षा मंत्री ने आश्‍वासन दिया था कि शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई की व्‍यवस्‍था सरकारी स्‍कूलों में लागू की जाएगी।  

    जब बिहार में नई शिक्षा नीत‍ि लागू है तो फिर उसके अनुरूप शनिवार की पढ़ाई क्‍यों नहीं कराई जा रही है। उन्‍होंने कहा कि गाइडलाइन के अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक 5 से साढ़े पांच घंटे कक्षा संचालित करना है।

    साढ़े छह घंटे तक चल रही क्‍लास
    लेकिन यहां करीब साढ़े छह घंटे तक कक्षाएं चल रही है। विभाग तय नियम कानून के तहत पढ़ाई की व्‍यवस्‍था करे। हाफ डे छात्र-श‍िक्षकों दोनों के लिए बेहतर होगा।

    प्रावधान के अनुसार महीने के दो शनिवार को दो से ढाई घंटे तक पढ़ाई की व्‍यवस्‍था और दो शनिवार स्‍कूल बंद रखने की व्‍यवस्‍था है।

    इसपर जवाब दिया गया कि फिलहाल सरकार ऐसे किसी फैसले की तैयारी में नहीं है। इस पर मुख्‍यमंत्री ने आश्‍वासन दिया क‍ि सात दिनों में इसपर निर्णय होगा। 

  • Punjab Social Security: 35.90 लाख लोगों को मिली राहत, सरकार ने 6 माह में जारी किए 2150 करोड़ रुपये

    Punjab Social Security: 35.90 लाख लोगों को मिली राहत, सरकार ने 6 माह में जारी किए 2150 करोड़ रुपये

    चंडीगढ़
    पंजाब सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का दावा करते हुए चालू वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों के आंकड़े जारी किए हैं। सरकार के अनुसार जून 2026 तक विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 2,150.73 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इन योजनाओं का लाभ वर्तमान में राज्य के 35.90 लाख लोगों को मिल रहा है।

    सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, बुजुर्ग, विधवा महिलाओं, आश्रित बच्चों और अन्य जरूरतमंद वर्गों को वित्तीय संबल उपलब्ध कराना है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी सहायता समय पर पहुंचे।

    उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी पात्र लाभार्थी को योजनाओं से वंचित न रहना पड़े, ताकि वह सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सके।

    साल के लिए 6131 करोड़ का बजट
    मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए सरकार ने 6,131.91 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इस राशि का उपयोग विभिन्न पेंशन और सहायता योजनाओं के संचालन तथा नए लाभार्थियों को जोड़ने के लिए किया जाएगा।

    उन्होंने जानकारी दी कि जून 2026 तक वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 1,423.33 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस योजना से राज्य के 23.77 लाख वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिला है। सरकार का कहना है कि नियमित पेंशन मिलने से बुजुर्गों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहायता मिल रही है।

    कमजोर परिवारों को मिला बड़ा सहारा
    इसके अलावा विधवाओं, आश्रित बच्चों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत जून 2026 तक 727.40 करोड़ रुपये जारी किए गए। इन योजनाओं का लाभ 12.13 लाख लोगों को मिला है। सरकार के अनुसार इन योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सम्मान और सुरक्षा का एहसास कराना भी है।

    आवेदनों की जांच प्रक्रिया तेज
    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए आवेदनों की जांच प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए, ताकि पात्र लोगों को बिना अनावश्यक देरी के योजनाओं का लाभ मिल सके।

    मंत्री ने यह भी कहा कि विभाग नियमित रूप से योजनाओं की समीक्षा कर रहा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सहायता राशि समय पर लाभार्थियों के खातों में पहुंचे। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई पात्र व्यक्ति अब तक योजनाओं से नहीं जुड़ पाया है तो उसे जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर लाभार्थियों की सूची में शामिल किया जाए।