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  • Punjab Education Revolution: 20 हजार छात्रों ने पहले ही साल स्टार्टअप्स से कमाए 90 करोड़ रुपये

    Punjab Education Revolution: 20 हजार छात्रों ने पहले ही साल स्टार्टअप्स से कमाए 90 करोड़ रुपये

    चंडीगढ़
     पंजाब सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के अंतर्गत राज्यभर के उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुरू किए गए ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम के अत्यंत उत्साहजनक और सार्थक परिणाम सामने आए हैं। बीकॉम, बीबीए, बीटेक, बी वोकेशनल और आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य विषय के रूप में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के पहले वर्ष में लगभग 95000 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। इनमें से 25,693 विद्यार्थियों ने अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू किए। वहीं 20,241 छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में लगभग 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

    शिक्षा मंत्री ने क्या कहा
    इस उपलब्धि पर उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब का बिजनेस क्लास कार्यक्रम शिक्षा के उद्देश्य को नई परिभाषा दे रहा है। हमारा लक्ष्य केवल डिग्रियां देना नहीं, बल्कि नवाचार करने वाले, उद्यमी और रोजगार सृजित करने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है। लगभग 95,000 विद्यार्थियों ने अपने व्यावसायिक विचारों पर काम किया। इनमें से 25,000 से अधिक ने अपने स्टार्टअप शुरू किए। पहले ही वर्ष में इन उद्यमों ने सामूहिक रूप से लगभग 90 करोड़ रुपये की कमाई की। इससे स्पष्ट है कि यदि युवाओं को सही अवसर मिलें तो वे सफल व्यवसाय खड़े कर सकते हैं, रोजगार पैदा कर सकते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब की शिक्षा क्रांति हमारे युवाओं को केवल नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार और अवसर सृजित करने के लिए तैयार कर रही है।

    शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस

    क्या है कार्यक्रम का उद्देश्य
    इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के युवा केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं रोजगार सृजित करें और आर्थिक विकास में भागीदार बनें। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य की 20 विश्वविद्यालयों, 494 कॉलेजों, 320 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक सहित कुल 925 उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. तथा बी.वोकेशनल के विद्यार्थियों के लिए अकादमिक सत्र 2025-26 के दौरान दो-क्रेडिट का अनिवार्य पाठ्यक्रम शुरू किया गया।

    पढ़ाई के दौरान वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियां
    पारंपरिक शिक्षा, जो केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित रहती है, उससे अलग यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावसायिक अवसरों की पहचान, ग्राहक अनुसंधान, बाजार सत्यापन, व्यवसाय स्थापित करना, डिजिटल उपस्थिति, मूल्य निर्धारण रणनीति, ग्राहक प्राप्ति, वित्तीय योजना, संचार कौशल तथा समस्या समाधान जैसे व्यावहारिक उद्यमिता कौशल सिखाता है। परिणामस्वरूप लगभग 57,000 विद्यार्थी (करीब 60 प्रतिशत प्रतिभागी) पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल हुए।

    छात्रों को किया गया प्रेरित
    इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कॉमर्स, बेकरी एवं फूड सर्विस, डिजिटल कंटेंट निर्माण, कोडिंग एवं प्रोफेशनल सेवाएं, ग्राफिक डिजाइनिंग, फिटनेस एवं वेलनेस, रिटेल, ब्यूटी एवं पर्सनल केयर, कृषि आधारित उद्यम, हस्तशिल्प तथा अन्य स्थानीय सेवा व्यवसायों में अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया। इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे पंजाब में देखने को मिल रहा है।

     

  • पटना में तेजी से फैल रहा पीएनजी नेटवर्क, 39 हजार घरों तक पहुंची गैस

    पटना में तेजी से फैल रहा पीएनजी नेटवर्क, 39 हजार घरों तक पहुंची गैस

    पटना
    राजधानी में घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाने के लिए गेल इंडिया की ओर से पाइपलाइन नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में पाइपलाइन पहुंच चुकी है और नए घरेलू कनेक्शन देने का काम जारी है।

    नौबतपुर से राजधानी के गांधी मैदान तक पीएनजी आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। वहीं दूसरी ओर अनिसाबाद, गर्दनीबाग और मीठापुर होते हुए पाइपलाइन को कंकड़बाग तक पहुंचाया जा चुका है। इसके अलावा शहर के पश्चिमी और मध्य हिस्से के कई इलाकों में भी पाइपलाइन का विस्तार हो चुका है।

    गेल के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में अब तक 39 हजार 680 घरों में पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। मार्च के पहले सप्ताह में यह संख्या करीब 29 हजार थी। इस तरह कुछ महीनों में 10 हजार से अधिक नए घर पीएनजी नेटवर्क से जुड़े हैं।

    हालांकि, पाइपलाइन पहुंचने के बाद भी कनेक्शन देने की गति अपेक्षाकृत धीमी रहने से कई इलाकों के लोगों को कनेक्शन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है।

    राजधानी में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के बावजूद अब चुनौती उन इलाकों में तेजी से कनेक्शन देने की है, जहां पाइपलाइन पहुंच चुकी है। अगस्त से अतिरिक्त 50 टीमें लगाए जाने के बाद कनेक्शन की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। इससे अधिक से अधिक परिवारों को पाइप्ड गैस सुविधा से जोड़ने का रास्ता आसान होगा।

    इन इलाकों में पहुंच चुकी है पाइपलाइन
    जगदेवपथ, आइजीआइएमएस, गोला रोड, दानापुर, पटेलनगर, सीडीए कालोनी, एजी कालोनी, केसरीनगर, इंद्रपुरी, पाटलिपुत्र कालोनी, पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र, बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड और किदवईपुरी के विभिन्न हिस्सों में पीएनजी पाइपलाइन पहुंच चुकी है। इन क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से घरों को कनेक्शन देने की प्रक्रिया चल रही है।

    अगस्त से बढ़ेंगी 50 टीमें
    गेल के महाप्रबंधक एके सिन्हा ने बताया कि घरेलू पीएनजी कनेक्शन देने की रफ्तार बढ़ाने के लिए टीमों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अभी करीब 100 टीमें प्रतिदिन कनेक्शन और उससे जुड़े कार्यों में लगी हैं। अगस्त से 150 टीमें हर दिन काम करेंगी। इससे कनेक्शन देने की प्रक्रिया में तेजी आने और लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा होने की उम्मीद है।

    सिलेंडर से अलग होगी रसोई गैस की व्यवस्था
    पीएनजी कनेक्शन मिलने के बाद उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और घर में सिलेंडर रखने की परेशानी से राहत मिलेगी। पाइपलाइन के जरिये घर तक सीधे गैस की आपूर्ति होगी और उपभोक्ताओं को उपयोग के अनुसार बिल का भुगतान करना होगा। इससे रसोई गैस की आपूर्ति अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

     

  • राजस्थान में नशे पर सख्त राज्यपाल, बोले- नशे में मिले कर्मचारी तुरंत हों सस्पेंड

    राजस्थान में नशे पर सख्त राज्यपाल, बोले- नशे में मिले कर्मचारी तुरंत हों सस्पेंड

    जयपुर
     राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने नशामुक्ति के लिए सभी स्तरों पर जवाबदेही तय किए जाने पर जोर दिया है। उन्होंने मुख्य सचिव स्तर पर इसके लिए त्वरित परिपत्र जारी किए जाने और नशामुक्ति के लिए प्रदेश में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नशामुक्त राजस्थान के अंतर्गत महीने भर के लिए विशेष अभियान चलाए जाने का भी आह्वान किया।

    राज्यपाल बागडे शुक्रवार को  मादक पदार्थों के नियंत्रण, नशामुक्त भारत के प्रभावी क्रियान्वयन तथा भावी कार्ययोजना के लिए लोकभवन में  हुई समीक्षा बैठक में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि सरकारी विभागों में कहीं कोई नशे में लिप्त मिले तो तुरंत संस्पेंड किया जाए। विश्वविद्यालयों में भी यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मादक पदार्थों के सेवन करने वालों पर सख़्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने सीमा क्षेत्र से ड्रोन द्वारा नशीले पदार्थों को भेजे जाने पर चिंता जताते हुए इस सम्बन्ध में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की बात कही।

    राज्यपाल ने कहा कि राज्य में कहीं भी किसी तहसील, गांव और कस्बे में नशीले पदार्थ पकड़े जाते हैं तो वहां के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की जाए और उनकी भी इस सम्बन्ध में जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा बड़े बड़े होटलों और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी रखते हुए नशामुक्ति अभियान  में गंभीर होकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्वयं भी सजग रहने, नशे से दूर रहने और मादक पदार्थों के उपयोग को रोके जाने के लिए निरंतर कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने  एक तरफ नशामुक्ति अभियान चलाने और दूसरी तरफ शराब की बिक्री से बढ़ती नशे की प्रवृति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्कूलों में नैतिक मूल्यों के प्रसार को बढ़ावा देने से ही समाज में मादक पदार्थों के सेवन की प्रवृति को रोका जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशा आग है। यह तेजी से फैलती है। इसलिए इसे रोका जाना चाहिए।

    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि केंद्र सरकार की पहल पर नशामुक्ति अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान और मादक पदार्थ नियंत्रण के लिए राजस्थान में तय प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव शर्मा ने पुलिस विभाग द्वारा नशामुक्ति के लिए किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। पूर्व में पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने नशे की बढ़ती प्रवृति और राजस्थान में नशीले पदार्थों की तस्करी और रोकथाम पर चले अभियानों के बारे में विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    पूर्व में राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी।

  • सिम-आईएमईआई ब्लॉक के बावजूद राजस्थान में बढ़ा साइबर अपराध का जाल

    सिम-आईएमईआई ब्लॉक के बावजूद राजस्थान में बढ़ा साइबर अपराध का जाल

    जयपुर
    राजस्थान पुलिस साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। बड़ी संख्या में फर्जी सिम और मोबाइल आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए जा रहे हैं, लेकिन इन कार्रवाई का अपेक्षित असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा। पुलिस के ही आंकड़े बताते हैं कि पिछले साढ़े तीन वर्ष में 3.01 लाख से अधिक सिम और 1.46 लाख से अधिक आईएमईआई ब्लॉक किए गए। इसके बावजूद साइबर अपराध की शिकायतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

    गौर करने वाली बात है कि इस अवधि में ठगी की राशि 2307.26 करोड़ पहुंच गई। स्थिति यह है कि गत वर्ष जिस अवधि में करीब 58 हजार साइबर शिकायतें दर्ज हुई थीं, उसी अवधि में इस वर्ष यह आंकड़ा 96 हजार से अधिक पहुंच गया। यानी कार्रवाई का दायरा बढ़ा, लेकिन अपराधियों के नेटवर्क और ठगी की घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी।

    गौरतलब है कि डीजीपी और एडीजीपी साइबर स्तर से नियमित मॉनिटरिंग, निर्देश और कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसका असर थाना और जिला स्तर पर अपेक्षित रूप से नजर नहीं आ रहा। यही कारण है कि साइबर अपराधियों के नए-नए तरीके लगातार सामने आ रहे हैं और शिकायतों का ग्राफ हर वर्ष बढ़ता जा रहा है। कई बार साइबर अपराधियों से पुलिस की मिलीभगत सामने आ चुकी।

    टीम पर भी हो टीम की निगरानी
    साइबर ठगी के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें कई बार पुख्ता सूचना के बावजूद खाली हाथ लौट आती हैं। इससे कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सुझाव दिया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भेजी जाने वाली टीम के साथ-साथ उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दूसरी गोपनीय और विश्वसनीय टीम भी तैनात की जानी चाहिए। यदि जांच के दौरान मिलीभगत या जानबूझकर बरती गई लापरवाही सामने आए तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई हो। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और यह संदेश जाएगा कि कार्रवाई करने वाली टीम पर भी निगरानी रखी जा रही है।

    ऐसे हैं हालात
    वर्ष        शिकायतें    केस    ठगी रकम (करोड़ रुपए)
    2023    77,680    237    354.71
    2024    1,00,042    466    796.56
    2025    1,27,782    492    768.46
    2026*    96,886    335    387.53

    नोट:वर्ष 2026 के आंकड़े 12 जुलाई तक के हैं।
    एक लाख से अधिक की ठगी, होगी ई-जीरो एफआईआर दर्ज
    साइबर अपराध पर लगाम कसने की दिशा में राजस्थान पुलिस अब एक लाख रुपए या इससे अधिक की ठगी की राशि पर ई-जीरो एफआईआर दर्ज करेगी। इससे पहले ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के लिए ठगी की रकम 5 लाख या इससे अधिक थी। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने आदेश जारी किए हैं। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने पत्रिका रक्षा कवच अभियान चला रखा है। नई व्यवस्था के तहत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते ही एफआईआर की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी।

    एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और सीसीटीएनएस के एकीकरण से लागू की गई है। इससे शिकायत सीधे पुलिस तंत्र तक पहुंचेगी और तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू हो सकेगी।

    अब तक साइबर ठगी के मामलों में शिकायत दर्ज कराने के बाद एफआईआर होने में समय लगता था, जिससे ठगी की राशि रोकने और अपराधियों तक पहुंचने में देरी होती थी। नई व्यवस्था लागू होने से शिकायत मिलते ही मामला संबंधित पुलिस थाने तक पहुंच जाएगा और ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की जा सकेगी और शुरुआती गोल्डन ऑवर का बेहतर उपयोग होगा।

  • बिहार में रेयर अर्थ और क्रिटिकल खनिजों पर फोकस, खनन को मिलेगी नई रफ्तार

    बिहार में रेयर अर्थ और क्रिटिकल खनिजों पर फोकस, खनन को मिलेगी नई रफ्तार

     पटना
    खनिज संपदा के बेहतर उपयोग और भविष्य की संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को सचिव खान एवं भूतत्व सह खान आयुक्त अवनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य भू-विज्ञान प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक हुई।

    बैठक में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), केंद्रीय भूजल बोर्ड सहित कई संस्थानों के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

    बैठक में राज्य की आगामी संसाधन अर्थव्यवस्था को गति देने की रणनीति पर चर्चा हुई। समीक्षा में बताया गया कि अब तक बालू, पत्थर और चूना पत्थर राज्य के राजस्व का प्रमुख स्रोत रहे हैं, लेकिन अब रेयर अर्थ एलिमेंट और क्रिटिकल खनिजों को भी भविष्य के महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत के रूप में चिह्नित किया गया है।

    विभाग के अनुसार जीएसआई ने पिछले 10 वर्षों में 38 खनिज परियोजनाओं की पहचान की है। इनमें से 13 परियोजनाएं समग्र लाइसेंस और खनन पट्टा के चरण में पहुंच चुकी हैं।

    जल्द टेंडर प्रक्रिया होगी शुरू
    विभाग ने बांका जिले में कापर, लेड और जिंक तथा जमुई जिले में मैग्नेटाइट के खनन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी भी तेज कर दी है।

    वन विभाग को इको-सेंसिटिव जोन और वन्यजीव अभयारण्यों की अद्यतन सीमांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि खनिज परियोजनाओं की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।

    साथ ही राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण विकास ट्रस्ट के सहयोग से आधुनिक तकनीक और नवाचार अपनाकर अन्वेषण व खनन कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया

    बैठक के अंत में सचिव ने सभी संबंधित विभागों को दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने को कहा।

  • राजस्थान को WHO का बड़ा सम्मान, तंबाकू नियंत्रण में मिला विश्व अवार्ड

    राजस्थान को WHO का बड़ा सम्मान, तंबाकू नियंत्रण में मिला विश्व अवार्ड

    जयपुर
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने और तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में किए गए प्रभावी प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान सरकार को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित समारोह में राजस्थान सरकार की ओर से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक डॉ. एस.एन. धोलपुरिया ने डब्ल्यूएचओ कंट्री हेड से यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया।

    प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, गायत्री राठौड़ ने बताया कि राजस्थान को यह सम्मान वर्ष 2025-26 के दौरान राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचारों और जनसहभागिता आधारित गतिविधियों के लिए प्रदान किया गया है। राज्य ने तंबाकू नियंत्रण के विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

    राठौड़ ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने तंबाकू नियंत्रण को केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित न रखकर उपचार, परामर्श, जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और तकनीक आधारित नवाचारों के माध्यम से व्यापक अभियान के रूप में संचालित किया है।

    उन्होंने बताया कि राज्य में ब्लॉक स्तर तक 500 से अधिक तंबाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। दंत चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण देकर इन केंद्रों के माध्यम से तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी केंद्रों की जियो टैगिंग कर उन्हें गूगल मैप से जोड़ा गया है, जिससे क्यूआर कोड के माध्यम से आमजन निकटतम केंद्र, चिकित्सक की संपर्क जानकारी और अन्य विवरण आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

    प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी) को आवश्यक दवा सूची (ईडीएल) में शामिल कर आरएमएससीएल के माध्यम से खरीदकर सीएचसी स्तर तक उपलब्ध कराया है। दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच 31,669 तंबाकू उपभोक्ताओं की काउंसलिंग, 9,584 रोगियों का उपचार तथा 1,541 लोगों द्वारा तंबाकू छोड़ने की पुष्टि दर्ज की गई।

    उन्होंने बताया कि कार्रवाई के क्षेत्र में भी राजस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA)-2003 के तहत 1,36,666 चालान किए गए। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिषेध अधिनियम-2019 तथा हुक्का बार प्रतिबंध के तहत भी प्रभावी कार्रवाई की गई।

    राठौड़ ने बताया कि जनजागरूकता अभियान के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 95 हजार से अधिक जागरूकता संदेश प्रसारित किए गए। राज्य के 83,185 विद्यालयों में तंबाकू मुक्त विद्यालय मानकों का पालन सुनिश्चित कराया गया तथा 2.55 लाख नुक्कड़ नाटक, रैलियां, प्रतियोगिताएं एवं अन्य गतिविधियां आयोजित की गईं।

    उन्होंने बताया कि आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के माध्यम से तंबाकू मुक्त ग्राम अभियान को भी मजबूत किया गया। वर्ष 2025-26 में 13,744 ग्रामों में तंबाकू नियंत्रण संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए तथा 32,380 तंबाकू मॉनिटर एवं एम्बेसडर तैयार कर जनजागरूकता अभियान चलाए गए।

    राठौड़ ने बताया कि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के साथ टीबी-तंबाकू कन्वर्जेंस को प्रभावी रूप से लागू करते हुए टीबी रोगियों को नियमित परामर्श और उपचार सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों द्वारा 6,553 नुक्कड़ नाटक और 5,707 रैलियां, जबकि महिला आरोग्य समितियों द्वारा 3,177 नुक्कड़ नाटक तथा 2,127 रैलियों का आयोजन कर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया।

    प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि यह सम्मान राजस्थान सरकार की जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता, प्रभावी नीति निर्माण, स्वास्थ्यकर्मियों की समर्पित सेवाओं तथा जनभागीदारी आधारित प्रयासों का वैश्विक स्तर पर मिला महत्वपूर्ण प्रमाण है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तंबाकू मुक्त राजस्थान के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भविष्य में भी उपचार सेवाओं, जनजागरूकता और सख्त प्रवर्तन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।

  • श्रीगंगानगर में बारिश से खरीफ फसलों को मिली नई जिंदगी, किसान खुश

    श्रीगंगानगर में बारिश से खरीफ फसलों को मिली नई जिंदगी, किसान खुश

    श्रीगंगानगर
    दो दिन पहले तक सूखी मिट्टी, पत्तियों पर पड़ी गर्मी की मार और सिंचाई पानी की कमी से जूझ रहे जिले के खेत अब राहत की सांस ले रहे हैं। जिले में कहीं हल्की तो कहीं अच्छी बारिश ने खरीफ फसलों में नई जान फूंक दी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हुई यह वर्षा उत्पादन और गुणवत्ता, दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। कृषि प्रधान श्रीगंगानगर जिले में इस बार खरीफ सीजन में 5 लाख 27 हजार 291 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। इसमें सबसे अधिक मूंग 2 लाख 3 हजार 253 हेक्टेयर, नरमा-कपास 1 लाख 56 हजार 60 हेक्टेयर तथा ग्वार 1 लाख 25 हजार 544 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई है। पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने और सिंचाई पानी की कमी के कारण फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही थी। ऐसे में अब हुई बारिश किसानों के लिए किसी राहत पैकेज से कम नहीं मानी जा रही।

    खरीफ फसलों को नया जीवन मिलेग
    मौसम विभाग के अनुसार जिले में पिछले दो दिनों में श्रीगंगानगर,अनूपगढ़, केसरीसिंहपुर,रायसिंहनगर, जैतसर और सहित कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हुई,जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश दर्ज की गई। हुणतपुरा के किसान पप्पू भाटी का कहना है कि बारिश से खेतों में नमी लौटी है और खरीफ फसलों को नया जीवन मिला है। अब किसानों की उम्मीदें भी फिर से हरी हो गई हैं। वहीं सेवानिवृत्त उप निदेशक मिलिंद सिंह के अनुसार नरमा, कपास, मूंग, ग्वार, मोठ, गन्ना और बागवानी फसलों की ग्रोथ तेज होगी तथा उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार की संभावना है।

    खरीफ फसलों को और मजबूती मिलेगी
    हालांकि,जिले में इस वर्ष अब तक 95 मिमी वर्षा ही दर्ज हुई है, जबकि सामान्य वार्षिक वर्षा 327 मिमी है। मई में 9.60 मिमी, जून में 71.90 मिमी और जुलाई में अब तक केवल 13.50 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई थी। जुलाई की सुस्ती से खेतों की नमी लगातार घट रही थी, लेकिन अब मौसम ने राहत दी है। कृषि अनुसंधान केंद्र (एआरएस) श्रीगंगानगर के सहायक आचार्य डॉ.रघुवीर सिंह मीणा के अनुसार भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत 30 जुलाई तक मानसून के दोबारा सक्रिय होने और अच्छी बारिश की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों को और मजबूती मिल सकती है।

    खरीफ की तस्वीर
        कुल खरीफ बुवाई : 5,27,291 हेक्टेयर
        श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर बुधवार को वर्षा: 18 मिमी
        इस वर्ष अब तक कुल वर्षा : 95 मिमी
        सामान्य वार्षिक वर्षा : 327 मिमी

    वर्जन
        "दो दिन में हुई बारिश खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए काफी लाभदायक है। यदि आगामी दिनों में भी अच्छी वर्षा होती है तो उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।"
        -डॉ.सतीश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक (कृषि) विस्तार,श्रीगंगानगर।

  • रेलवे ब्लॉक के कारण रांची से जुड़ी कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी

    रेलवे ब्लॉक के कारण रांची से जुड़ी कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी

    रांची
     दक्षिण पूर्व रेलवे एवं रांची रेल मंडल में विभिन्न विकास कार्यों के कारण शुक्रवार 24 जुलाई को कई ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ेगा। किता-सिल्ली रेलखंड पर ब्लाक तथा हावड़ा लिंक केबिन पर नान-इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से कुछ ट्रेनों का आंशिक समापन एवं प्रारंभ होगा, जबकि कई पैसेंजर ट्रेनें पूरी तरह रद रहेंगी।

    वहीं, श्रावणी मेला के दौरान यात्रियों और कांवड़ियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने रांची होकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-मधुपुर साप्ताहिक श्रावणी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।

    रेलवे का कहना है कि इस विशेष ट्रेन से सावन के दौरान कांवड़ियों और अन्य यात्रियों को काफी राहत मिलेगी रेल अधिकारियों ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेकर ही स्टेशन पहुंचने की अपील की है।

    इन ट्रेनों का परिचालन रहेगा प्रभावित
    बर्द्धमान-हटिया-बर्द्धमान मेमू एक्सप्रेस शुक्रवार को गोमो तक ही चलेगी। गोमो-हटिया-गोमो के बीच परिचालन रद रहेगा। खड़गपुर-हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस शुक्रवार को आद्रा तक ही चलेगी। आद्रा-हटिया-आद्रा के बीच सेवा रद रहेगी। आसनसोल-रांची-आसनसोल मेमू पैसेंजर 24 जुलाई को मुरी तक ही संचालित होगी। मुरी-रांची-मुरी खंड में परिचालन नहीं होगा।

    आज ये ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद
        हटिया-सांकी-हटिया पैसेंजर
        हटिया-सांकी-हटिया पैसेंजर

    क्रिया योगा एक्सप्रेस का बदला प्रारंभिक स्टेशन
    हावड़ा लिंक केबिन पर नान-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 18615 हावड़ा-हटिया क्रिया योगा एक्सप्रेस 24 एवं 25 जुलाई को हावड़ा के बजाय सांतरागाछी से खुलेगी।

    सितंबर में यह ट्रेन भी रहेगी रद
    दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल के बालीचक यार्ड में रेल उपरि पुल (आरओबी) लांचिंग कार्य के लिए लिए जाने वाले ट्रैफिक एवं पावर ब्लाक के कारण हावड़ा-हटिया-हावड़ा एक्सप्रेस 19 सितंबर 2026 को रद रहेगी।

    सावन में चलेगी विशेष ट्रेन
    श्रावणी मेले में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-मधुपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी साप्ताहिक श्रावणी फेस्टिवल स्पेशल (वाया रांची) का परिचालन करेगा। इतवारी-मधुपुर स्पेशल 1 अगस्त से 29 अगस्त तक प्रत्येक शनिवार चलेगी।

    मधुपुर-इतवारी स्पेशल 2 अगस्त से 30 अगस्त तक प्रत्येक रविवार चलेगी। यह विशेष ट्रेन राउरकेला, बानो, पोकला, हटिया, रांची, मुरी, कोटशिला, बोकारो स्टील सिटी, धनबाद, चित्तरंजन सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी।

  • बिहार में तेज होगा NH निर्माण, बाधाओं के समाधान के लिए बनेगा ऑनलाइन पोर्टल

    बिहार में तेज होगा NH निर्माण, बाधाओं के समाधान के लिए बनेगा ऑनलाइन पोर्टल

    पटना
     राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) के निर्माण आ रही बाधा और सूचना के समन्वय के लिए पोर्टल विकसित होगा। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने गुरुवार को एनएच परियोजना के क्रियान्वयन में आ रहे अवरोधों की समीक्षा की।

    उन्होंने विभाग के अधिकारियों को बेहतर समन्वय स्थापित करने हेतु ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हो।

    इस बाबत आयोजित बैठक में राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग प्रमंडलों में संचालित परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिता स्थानांतरण तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

    पथ निर्माण विभाग के सचिव ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाने और शेष अवरोधों के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

    इन परियोजनाओं की समीक्षा
    बैठक में कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष रूप से समीक्षा हुई। एनएच-122बी (हाजीपुर-महनार-मोहिउद्दीननगर-बछवाड़ा) – 29.730 किमी लंबी परियोजना। एनएच-122बी (पैकेज-2) 42.618 किमी लंबी परियोजना अंतिम चरण में है।

    जंदाहा बाईपास (एनएच-322) – 4.80 किमी लंबी परियोजना। एकंगरसराय आरओबी (एनएच-110) – 3.66 किमी लंबी परियोजना (एप्रोच मार्ग सहित)। गया बाईपास (एनएच-120) – 6.75 किमी लंबी फोरलेन परियोजना।

    औरंगाबाद में एनएच-319ए – 45.00 किमी लंबी परियोजना भी लगभग पूर्णता की ओर है। भभुआ एवं चांद बाईपास (एनएच-219) – 16.15 किमी लंबी परियोजना। चौसा-बक्सर बाईपास (एनएच-319ए) – 20.915 किमी लंबी परियोजना, जिसका निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।

    भागलपुर-कहलगांव-मिर्जाचौकी (एनएच-80) – 47.815 किमी लंबी परियोजना भी लगभग पूर्णता की ओर है। एनएच-333ए (कटोरिया, लखपुरा, बांका एवं पंजवारा बाईपास) – 14.359 किमी लंबी परियोजना। सुखनिया नदी पर चार लेन आरसीसी पुल (एनएच-133ई, बांका) – 370 मीटर लंबा पुल निर्माणाधीन है।

    छपरा-मांझी फोरलेन बाईपास – 7.155 किमी लंबी परियोजना का आधे से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। एनएच-727ए (यूपी सीमा-मैरवा) – 4.322 किमी लंबी परियोजना, जिसका निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।

    एनएच-28बी आरओबी (मोतिहारी) – 1.75 किमी लंबी परियोजना, जिस पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। जयनगर बाईपास आरओबी (एनएच-104) – 1.50 किमी लंबी परियोजना, जो लगभग पूर्णता की ओर है। बूढ़ी गंडक पुल एवं एनएच-322 फोरलेन चौड़ीकरण (समस्तीपुर) – 2.056 किमी लंबी परियोजना, जो प्रारंभिक चरण में है।

    समीक्षा के दौरान सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, वन स्वीकृति अथवा उपयोगिता स्थानांतरण से संबंधित कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए। सचिव ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • नवादा में आकाशीय बिजली गिरने से चार की मौत, दो महिलाएं गंभीर घायल

    नवादा में आकाशीय बिजली गिरने से चार की मौत, दो महिलाएं गंभीर घायल

    नवादा
     सांगोवर गांव में शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। अचानक हुए इस हादसे से गांव में चीख-पुकार मच गई।

    घटना की खबर मिलते ही मृतकों के स्वजन और शुभचिंतक मौके पर पहुंचे। अपनों को खोने के गम में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    एक हादसे में चार परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
    मृतकों की पहचान शंभु कुमार, पिता चंद्रिका यादव (44 वर्ष), सोनू कुमार, पिता मिथिलेश कुमार (करीब 10 वर्ष), मदन राजवंशी, पिता मुडल राजवंशी (55 वर्ष) और मुनेश्वर राजवंशी, पिता दुखन राजवंशी (55 वर्ष) के रूप में हुई है।

    वहीं, हादसे में शोभा देवी, पति लालजीत यादव (40 वर्ष) और सुनीता देवी, पति कवींद्र प्रसाद (40 वर्ष) जख्मी हुई हैं। हादसे के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
    किसी ने खोया अपना, तो किसी के सिर से उठा पिता का साया

    आकाशीय बिजली की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों के घरों में चीख-पुकार मची है।

    स्वजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अचानक हुई मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल हैं।

    सूचना मिलते ही गांव पहुंचे अधिकारी, शुरू हुई मदद की प्रक्रिया
    घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राजेश कुमार और सीओ रईस आलम समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

    मृतकों के परिवार को चार-चार लाख की मदद का भरोसा
    सीओ रईस आलम ने बताया कि आपदा प्रबंधन कोष से सभी मृतक पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

    वहीं, बीडीओ सोनिया ढनढननिया ने कहा कि आवेदन प्राप्त होने के बाद पीड़ित परिवारों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

    चार मौतों के बाद अब सरकारी मदद से बंधी उम्मीद
    एक ही हादसे में चार लोगों की मौत के बाद सांगोवर गांव में मातम पसरा है। इस घटना ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है।

    प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता का भरोसा मिलने के बाद अब पीड़ित परिवारों को सरकारी मदद मिलने की उम्मीद है।