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  • धनबाद में अवैध कोयला खनन पर ED का बड़ा एक्शन, 25 ठिकानों पर छापेमारी

    धनबाद में अवैध कोयला खनन पर ED का बड़ा एक्शन, 25 ठिकानों पर छापेमारी

    रांची
    अवैध कोयला खनन के विरुद्ध मंगलवार की सुबह धनबाद में ईडी ने बड़े पैमाने पर छापामारी अभियान शुरू की है। बड़े कोयला माफिया एलबी सिंह, अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव सहित उनके सहयोगियों से जुड़े सभी 25 ठिकानों पर ईडी ने तलाशी अभियान शुरू की है।

    पूरा मामला अवैध कोयला खनन व परिवहन से जुड़ा हुआ है। छापामारी अभी शुरू ही हुई है।  ईडी के अधिकारियों की 25 अलग-अलग टीमें एक साथ सभी ठिकानों पर छापेमारी में जुटी है।

    भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की
    गौरतलब है कि कोयला घोटाले के इस मामले में ईडी ने चार अलग-अलग एनफोर्समेंट केस इनफॉरमेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज कर पूरे मामले में जांच शुरू की थी।

    जांच एजेंसी को सूचना है कि लव सिंह व उसके सहयोगियों ने अवैध तरीके से कोयला खनन, परिवहन व भंडारण से भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की है। ईडी की छानबीन जारी है।

    गत वर्ष छापेमारी में मिले थे दो करोड़ से अधिक नकदी
    गत वर्ष 21 नवंबर 2025 को ईडी ने एलबी सिंह व उनके सहयोगियों के धनबाद और दुमका स्थित करीब 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस छापेमारी में ईडी को डेढ़ सौ से अधिक जमीन के दस्तावेज और दो करोड़ 20 लाख रुपये नगदी मिले थे। ईडी को छानबीन में अवैध तरीके से कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से संबंधित साक्ष्य मिले थे।

     

  • पंजाब में ₹2200 के विवाद में BJP दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला, संगरूर से दो आरोपी गिरफ्तार

    पंजाब में ₹2200 के विवाद में BJP दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला, संगरूर से दो आरोपी गिरफ्तार

    संगरूर.

    भाजपा के जिला कार्यालय पर शनिवार रात्रि पेट्रोल बम फेंकने की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपितों को संगरूर पुलिस ने 12 घंटे के भीतर पहचान करके गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपित जिला संगरूर से ही संबंधित हैं। दोनों का सोशल मीडिया के जरिये विदेश में बैठे राणा भाई से संपर्क हुआ।

    राणा भाई ने दोनों को बड़ी रकम देने का भरोसा दिलाकर इस वारदात को अंजाम दिलाया। आरोपितों ने वारदात को अंजाम देने का बाद वीडियो बनाकर राणा भाई को सोशल मीडिया के जरिये भेजी, जिसके बाद दोनों आरोपितों को यूपीआई की मदद से 1200-1000 रुपये का भुगतान किया गया।

    इस कार्य के लिए बड़ी रकम देने का भरोसा दिलाया गया 
    पूछताछ दौरान सामने आया कि उन्हें इस कार्य के लिए बड़ी रकम देने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन मात्र 2200 रुपये ही उन्हें मिले। पुलिस ने उनके पास से एक मोटरसाइकिल व दो मोबाइल फोन बरामद किए। एसएसपी संगरूर डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि 26 जुलाई की रात करीब 2:35 बजे दो अज्ञात व्यक्ति उपली गांव की तरफ से पैदल सड़क पर आए थे। आरोपियों ने बोतल पर लगी सुतली में आग लगाकर भाजपा कार्यालय की चारदीवारी के ऊपर से कार्यालय की इमारत की दीवार की तरफ पेट्रोल बम फेंका व वापस पैदल उपली रोड की ओर चले गए। आरोपियों ने इमारत को नुकसान पहुंचाने व माहौल खराब करने के इरादे से वारदात को अंजाम दिया था। उन्होंने कहा कि इससे पहले चंडीगढ़ व अन्य जगहों पर इसी तरीके से पेट्रोल बम फेंककर माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी।

    मामले को ट्रेस करने के लिए बनी टीम
    मामले को ट्रेस करने के लिए एसपी इन्वेस्टिगेशन दविंदर अत्तरी की निगरानी में डीएसपी दलवीर सिंह सिद्धू, डीएसपी सतनाम सिंह, डीएसपी डिटेक्टिव सुखदेव सिंह, थाना सिटी-1 के प्रभारी इंस्पेक्टर सुखदीप सिंह और सीआईए स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप सिंह की अलग-अलग टीमें गठित की गईं थी। काउंटर इंटेलिजेंस की एआईजी डॉ. सिमरत कौर की टीम ने भी जांच में अहम योगदान दिया। सतर्कता से की गई पड़ताल के आधार पर आरोपियों की पहचान हैपी सिंह उर्फ हैपी निवासी भम्माबंदी थाना लोंगोवाल (संगरूर) व जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी निवासी वार्ड नंबर 12 शहीद ऊधम सिंह बस्ती, लहरा के रूप में हुई है। आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल व दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने थाना सिटी-1 संगरूर में दर्ज उक्त मामले में यूएपीए की धारा को शामिल किया गया है।

    सोशल मीडिया के जरिए ‘राणा भाई’ के संपर्क में थे आरोपी
    एसएसपी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से ‘राणा भाई’ नामक व्यक्ति के संपर्क में थे। आरोपियों के अनुसार उक्त व्यक्ति ने उन्हें भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने व मौके की वीडियो बनाकर भेजने के बदले भारी रकम देने का वादा किया था। पुलिस के मुताबिक राणा भाई द्वारा दोनों आरोपियों को दो ट्रांजेक्शन के जरिए 1200 व 1000 रुपये (कुल 2200 रुपये) भेजे। आरोपियों ने मौके की वीडियो भी बनाई, जिसे राणा भाई को भेजकर बाकी रकम हासिल करनी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं।

    राणा भाई के सोशल मीडिया अकाउंट व आरोपियों को की गई ट्रांजेक्शन की यूपीआई आईडी के संबंधी जांच की जा रही है। 22 वर्षीय हैपी सिंह फ्लीपकार्ट में काम करता है, जबकि 26 वर्षीय जसप्रीत सिंह जस्सी बढ़ई का काम करता है। दोनों का सोशल मीडिया के जरिये आपस में संपर्क हुआ, जिसके बाद दोनों ने मिलकर राणा भाई के कहने पर इस वारदात को अंजाम दिया।

  • बिहार सरकार ने मदरसा शिक्षकों का पूरा ब्योरा मांगा, ई-शिक्षा कोष पर होगा अपलोड

    बिहार सरकार ने मदरसा शिक्षकों का पूरा ब्योरा मांगा, ई-शिक्षा कोष पर होगा अपलोड

    पटना
    बिहार सरकार ने राज्य के मदरसा शिक्षकों का पूरा ब्योरा मांगा है। इसके बाद अब मदरसा शिक्षकों का पूरा ब्योरा ई-शिक्षा कोष पर अपलोड होगा। सरकार ने राज्य के गैर सरकारी स्वीकृत अनुदानित मदरसों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों का पूरा ब्योरा ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज करने को कहा है।इस संबंध में पहले दिए गए निर्देशों का अनुपालन नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी डीईओ और डीपीओ (स्थापना) को इस संबंध में निर्देश दिया है। इसमें कहा गया है कि तीन दिनों के भीतर संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराएं।

    विशेष माध्यमिक शिक्षा निदेशक सचिन्द्र कुमार ने पत्र जारी किया है। इसके अनुसार, मदरसों के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों का विवरण जुटाया जाएगा। इसे एक्सल शीट में मदरसा बोर्ड को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद मदरसा बोर्ड इन आंकड़ों को इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करेगा। इसके बाद शिक्षक व कर्मी के लिए पोर्टल पर एक विशिष्ट आइडी तैयार की जाएगी।

    बिहार की 574 वक्फ संपत्तियों से हटाया जा रहा कब्जा
    इधर बिहार में वक्फ की 500 से ज्यादा संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ भी ऐक्शन जारी है। इस बात की जानकारी राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री ने दी है। राज्यसभा में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया है कि बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड की 63 और बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड की 511 वक्फ संपत्तियों यानी कुल 574 वक्फ संपत्तियां वर्तमान में अवैध कब्जे में हैं। इन संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए यहां पर वक्फ बोर्ड द्वारा वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 54 के तहत कार्रवाई की जा रही है। राज्यसभा में भाजपा के सांसद डॉ. भीम सिंह ने अतारांकित प्रश्न का वो उत्तर दे रहे थे।

    अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि इस साल 21 जुलाई तक देशभर में बिहार सहित विभिन्न राज्यों की वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण यूएमईईडी केंद्रीय पोर्टल 2025 पर किया जा रहा है। जिन राज्यों में वक्फ बोर्डों ने उचित कारण बताते हुए अतिरिक्त समय का अनुरोध किया है, उन्हें कानून के प्रावधानों के अनुसार दस्तावेज अपलोड करने के लिए समय विस्तार भी दिया गया है।

  • नजफगढ़-बहादुरगढ़ रोड होगी 6 लेन, द्वारका समेत लाखों यात्रियों को जाम से राहत

    नजफगढ़-बहादुरगढ़ रोड होगी 6 लेन, द्वारका समेत लाखों यात्रियों को जाम से राहत

    नई दिल्ली
     साउथ-वेस्ट दिल्ली के द्वारका, मटियाला और वेस्ट दिल्ली के उत्तम नगर, विकासपुरी, तिलक नगर समेत आसपास के इलाकों से हरियाणा के बहादुरगढ़ आने-जाने वालों के लिए अच्छी खबर है। PWD ने नजफगढ़ फिरनी रोड पर रोजाना लगने वाले भयंकर जाम को खत्म करने के लिए सड़क की चौड़ाई 2 लेन से बढ़ाकर 6 लेन करने की योजना तैयार की गई है।जाम से राहत के लिए मार्केट एरिया, ढांसा बस स्टैंड, नजफगढ़ पुलिस स्टेशन, ढांसा-बहादुरगढ़ टी-जंक्शन और ढांसा-नजफगढ़ फिरनी रोड जंक्शन पर टू-व्हीलर गाड़ियों और कारों के लिए पार्किंग भी बनाई जाएगी।

        सड़क के बीच में मौजूद बिजली के खंभों को भी शिफ्ट किया जाएगा।

    • PWD अधिकारियों के अनुसार, द्वारका के अलग-अलग सेक्टरों, मटियाला, उत्तम नगर, तिलक नगर, विकासपुरी, जनकपुरी और आसपास के इलाकों से बहादुरगढ़ जाने के लिए नजफगढ़ फिरनी रोड ही मेन रोड है लेकिन सड़क के किनारे मार्केट और रिहायशी इलाकों के कारण यहां लगभग हर समय जाम के हालात बने रहते हैं।
    • सड़क की असल चौड़ाई 30 फीट है लेकिन अतिक्रमण से कई जगह यह सिर्फ 20 से 25 फीट रह गई है। भले फिरनी रोड पर फ्लाईओवर बनाने की योजना थी लेकिन फिजिबिलिटी स्टडी के बाद इसे रद्द कर दिया गया था।

    अतिक्रमण हटाकर बढ़ाई जाएगी सड़क
    PWD अधिकारियों के अनुसार, परियोजना शुरू होने से पहले सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को हटाया जाएगा और आवश्यक जगहों पर बिजली के खंभे तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को शिफ्ट किया जाएगा। इससे सड़क की पूरी चौड़ाई का उपयोग हो सकेगा और वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी।

    हजारों यात्रियों को मिलेगा फायदा
    अधिकारियों का कहना है कि सड़क को 6 लेन करने के बाद नजफगढ़ और बहादुरगढ़ के बीच यात्रा का समय कम होगा। इससे रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले हजारों लोगों को जाम से राहत मिलेगी और बाजार तथा आसपास की कॉलोनियों में भी ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।

     

  • हरियाणा में खेल चयन प्रक्रिया होगी और पारदर्शी, ट्रायल के सख्त मानक और स्पोर्ट्स साइंस आयोग का गठन

    हरियाणा में खेल चयन प्रक्रिया होगी और पारदर्शी, ट्रायल के सख्त मानक और स्पोर्ट्स साइंस आयोग का गठन

    चंडीगढ़.

    हरियाणा ओलिंपिक संघ ने खिलाड़ियों के चयन से लेकर खेल प्रशासन तक पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं। पंचकूला स्थित ओलिंपिक भवन में अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर मीनू बेनीवाल की अध्यक्षता में हुई वार्षिक आम सभा में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय खेलों में भागीदारी के लिए चयन ट्रायल निर्धारित मानकों के तहत कराए जाएंगे।

    खिलाड़ियों के दस्तावेज पंजीकरण के समय ही सत्यापित होंगे और ट्रायल यथासंभव विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही इन्हें प्रतियोगिताओं से करीब 20 से 25 दिन पहले पूरा कराया जाएगा। बैठक में 28वें हरियाणा राज्य खेलों की तैयारियां शुरू करने को मंजूरी देते हुए प्रस्तावित खेल विधाओं, संभावित स्थलों, आयोजन कैलेंडर, संचालन व्यवस्था और बजट पर चर्चा की गई। इन तैयारियों को आगे बढ़ाने के लिए कार्यकारिणी को अधिकृत किया गया। खेल प्रशासन को अधिक जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के लिए एथलीट आयोग, एथिक्स आयोग, महिला खेल आयोग, मेडिकल एवं स्पोर्ट्स साइंस आयोग, विधिक मामलों की समिति, वित्त समिति और विपणन समिति के गठन का भी फैसला लिया गया। इसके अलावा संबद्ध राज्य खेल संघों की सदस्यता, नए खेल संघों की मान्यता, अनुपालन की समीक्षा और आवश्यक कार्यवाही के अधिकार कार्यकारिणी को सौंपे गए। सभी संबद्ध संघों को अपने अद्यतन पदाधिकारियों की सूची नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

    बैठक में 27वें हरियाणा राज्य खेलों (प्रथम चरण) के सफल आयोजन की समीक्षा करते हुए खिलाड़ियों की भागीदारी, मेरिट प्रमाण-पत्रों के वितरण और राज्य खेलों को हरियाणा खेल ग्रेडेशन नीति में शामिल किए जाने का स्वागत किया गया। आयोजन पर हुए व्यय, वार्षिक लेखे और आडिट रिपोर्ट को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। साथ ही 27वें राज्य खेलों की काफी टेबल बुक और पोस्ट गेम्स रिपोर्ट प्रकाशित कर उसकी पहली प्रति मुख्यमंत्री को भेंट करने का निर्णय लिया गया।

    बैठक के दौरान ओलिंपिक संघ के राज्य महासचिव एवं विकास व पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने हरियाणा ओलिंपिक संघ की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया। अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर मीनू बेनीवाल ने कहा कि इससे खिलाड़ियों, खेल संघों और आमजन को प्रतियोगिताओं, अधिसूचनाओं और अन्य गतिविधियों की जानकारी एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध होगी। बैठक में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाड़ियों के प्रदर्शन, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, खेल अधोसंरचना के विस्तार तथा जिला विकास योजना (डी-प्लान) से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

  • ‘दबाव बनाकर न्याय व्यवस्था को झुकाया नहीं जा सकता’, पंजाब में वकीलों की हड़ताल पर हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी

    ‘दबाव बनाकर न्याय व्यवस्था को झुकाया नहीं जा सकता’, पंजाब में वकीलों की हड़ताल पर हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी

    चंडीगढ़.

    पंजाब में विधिक सहायता बचाव वकील योजना (एलडीसी) के विरोध में चल रही वकीलों की हड़ताल को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि किसी योजना के दुरुपयोग या वास्तविक शिकायतों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन अनुचित मांगों को अनुचित तरीके से मनवाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    हाई कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वकील बेशर्मी से अदालतों का काम रोक रहे हैं और न्यायिक व्यवस्था को दबाव में झुकाया नहीं जा सकता। मामला पंजाब के जिला न्यायालयों में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वकीलों के काम से विरत रहने के कारण पंजाब भर में न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है और आम लोगों को न्याय पाने में परेशानी हो रही है।

    27 दिनों से पंजाब में न्यायिक राहत की उपलब्धता लगभग ठप
    अदालत ने कहा कि पिछले 27 दिनों से पंजाब में न्यायिक राहत की उपलब्धता लगभग ठप है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अदालत किसी भी अनुचित मांग के आगे नहीं झुकेगी। पीठ ने कहा कि यदि किसी को एलडीसी योजना के क्रियान्वयन में वास्तविक शिकायत है तो उसका समाधान किया जा सकता है, लेकिन अदालतों को बंद कराकर मांगें मनवाने का तरीका स्वीकार्य नहीं है। हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह सोचकर दबाव बनाया गया कि पूरी व्यवस्था अंततः झुक जाएगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और जो भी उचित कार्रवाई होगी, वह की जाएगी। पीठ ने यह भी सवाल उठाया कि अदालतों का काम रोककर वकील समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं।

    27 दिन से पंजाब के जिला न्यायालयों में न्यायिक कामकाज प्रभावित
    याचिकाकर्ता अधिवक्ता अरविंद सेठ ने अपनी याचिका में कहा है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) ने एलडीसी योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर आरोपितों को संस्थागत तरीके से कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पूर्णकालिक विधिक सहायता बचाव वकीलों की व्यवस्था की गई है। पंजाब के कई बार संघों का आरोप है कि नई व्यवस्था से पहले लागू पैनल वकील प्रणाली के तहत काम करने वाले अधिवक्ताओं के अवसर प्रभावित हुए हैं। इसी विरोध में संघों ने प्रस्ताव पारित कर अनिश्चितकालीन काम बंद करने का फैसला लिया है।

  • हरियाणा में धान पर फिजी वायरस का कहर, 1500 एकड़ फसल प्रभावित, किसान चिंतित

    हरियाणा में धान पर फिजी वायरस का कहर, 1500 एकड़ फसल प्रभावित, किसान चिंतित

     कैथल
    जिले में धान मे आए फिजी वायरस ( बोना पन) के कहर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विभाग ने भी धान की फसल में आए वायरस की पुष्टि की है। अब तक जिले में 1500 से ज्यादा एकड़ में खड़ा धान इसकी चपेट में आ चुका है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की चिंता सता रही है।

    धान की फसल में आए वायरस से न केवल कैथल जिला बल्कि कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला में भी धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि बीमारी के चलते पौधा छोटा रह गया है, जिसका असर उत्पादन पर पड़ेगा, इसे लेकर विभाग को गंभीरता दिखाते हुए सैंपलिंग की जानी चाहिए, ताकि किसानों को नुकसान न हो।

    वायरस को रोकने के लिए बनाई दो टीमें
    कृषि विश्वविद्यालय हिसार के धान अनुसंधान केंद्र कौल की तरफ से दो टीमों का गठन धान में फैले फिजी वायरस को रोकने के लिए गया है। ये टीमें अब तक कैथल, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र के खेतों का दौरा कर धान की फसल की जांच कर चुकी है।

    अधिकारियों का मानना है कि धान की फसल में फिजी वायरस की एंट्री हो चुकी है, इसे रोकने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। वायरस से कैसे छुटकारा पाया जाए, इस बारे में किसानों को बताया जा रहा है। बता दें कि कैथल के गांव बाबा लदाना, हाबड़ी, पाड्ला, पट्टी अफगान, पाई, डुलियानी सहित कई गांव में धान बीमारी की चपेट में आ चुका है।

    धान की किस्म 7501-7301 सहित पीआर 114
    जिले में धान की किस्म 7501-7301 सहित पीआर 114, 126 व 131 में फिजी वायरस सबसे ज्यादा फैल रहा है। अब तक कई गांव में 1500 से ज्यादा एकड़ में धान चपेट में आ चुका है।

    धान अनुसंधान केंद्र की टीमों ने नर्सरी स्तर पर चीका ब्लाक के गांव मस्तगढ़, पूंडरी ब्लाक के गांव बरोट, सीवन ब्लाक के गांव रसुलपुर, पिहोवा ब्लाक के गांव थाना, कुरुक्षेत्र जिले के गांव पिंडारसी से करीब 30 सैंपल वायरस को लेकर धान से लिए जा चुके हैं। अब भी टीमें रोजाना किसी न किसी गांव का दौरा कर किसानों को फिजी वायरस से बचाव को लेकर जागरूक कर रही है।

    किसानों को फिजी वायरस से बचाव बारे किया जा रहा जागरूक: सैनी
    धान अनुसंधान केंद्र कौल के कृषि विज्ञानी सुमित सैनी ने बताया कि धान की फसल में फिजी वायरस की एंट्री से इंकार नहीं किया जा सकता। धान की पनीरी में तो यह वायरस नहीं था, लेकिन अब आ चुका है।

    इसे रोकने के लिए दो टीमों का गठन किया है, जो अलग-अलग क्षेत्र में जाकर किसानों को धान की फसल को वायरस से बचाव के लिए जागरूक कर रही हैं। किसानों से भी अपील है कि इस बारे में जानकारी दें, ताकि समय रहते वायरस को पता चल सके।

  • झारखंड में ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर बनेगा, टाटा मोटर्स और परिवहन विभाग के बीच होगा एमओयू

    झारखंड में ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर बनेगा, टाटा मोटर्स और परिवहन विभाग के बीच होगा एमओयू

    रांची
    झारखंड में भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर एक बात स्पष्ट तौर पर सामने आती रही है कि इन वाहनों के चालक प्रशिक्षित नहीं थे।

    कई बार ढलान वाली सड़कों पर दुर्घटनाएं हुई हैं। परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा संभाग के अधिकारियों ने इसके लिए प्रशिक्षण केंद्र की आवश्यकता पर बल दिया था और इसके आलोक में दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से अब राज्य में परिवहन विभाग एवं टाटा के बीच मंगलवार काे एमओयू पर हस्ताक्षर होने जा रहा है।

    इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। करार को लेकर पूर्व में ही टेल्को क्षेत्र के मनपीटा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च की स्थापना के लिए स्थल चयनित किया जा चुका है।

    अब मंगलवार को 11.88 एकड़ के इस भूखंड पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए प्रक्रिया शुरू होगी। इसके तहत परिवहन विभाग एवं टाटा मोटर्स के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे

    प्रोजेक्ट भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए परिवहन विभाग की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। इस परियोजना पर 22.03 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। सूत्रों के अनुसार यहां से हर वर्ष तीन हजार के करीब प्रशिक्षित ड्राइवर तैयार होंगे।

     

  • High Court takes a firm stand on ‘Blackbuck’ film controversy; issues directives to protect Salman Khan’s image

    High Court takes a firm stand on ‘Blackbuck’ film controversy; issues directives to protect Salman Khan’s image

    जोधपुर
    राजस्थान के जोधपुर में वर्ष 1998 में सामने आया बहुचर्चित काला हिरण शिकार मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। जोधपुर के जंगलों से शुरू हुआ यह वन्यजीव संरक्षण और आपराधिक मुकदमा अब दिल्ली उच्च न्यायालय में डिजिटल अधिकारों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुका है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को अभिनेता सलमान खान के जीवन और जोधपुर के उस ऐतिहासिक विवाद पर आधारित फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के विवादित टीज़र और उससे जुड़ी सामग्री को इंटरनेट से तुरंत हटाने का सख्त आदेश जारी किया है।

    'अभिनेता की छवि को नुकसान': हाईकोर्ट
    दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए माना कि जब तक यह सामग्री डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेगी, तब तक हर बीतता पल याचिकाकर्ता की साख को अपूरणीय क्षति पहुंचाएगा।

    अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि टीज़र सहित सभी संबंधित डिजिटल लिंक 24 घंटे के भीतर हटाए जाएं। यदि संबंधित पक्ष या प्लेटफॉर्म इसे नहीं हटाते हैं, तो डिजिटल इंटरमीडियरीज़ को सीधे आदेश जारी कर कंटेंट ब्लॉक कराया जाएगा।

    सलमान खान की ओर से पेश वकील रवि प्रकाश ने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल के नाम, पुरानी तस्वीरों, वीडियो और यहां तक कि एआई से मॉर्फ की गई सामग्री का उपयोग बिना उनकी पूर्व सहमति के व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा है।

    वीडियो की सत्यता की जांच के निर्देश
    सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता पक्ष से भी तीखे सवाल किए और फिल्म व वास्तविक घटना के बीच सीधे संबंध को लेकर दलीलें सुनीं। अदालत ने वकील से पूछा कि वे ऐसा कोई सीधा साक्ष्य प्रस्तुत करें, जो यह साबित करता हो कि फिल्म के निर्माता सीधे तौर पर सलमान खान की वास्तविक जीवन की कहानी को ही प्रदर्शित कर रहे हैं।

    अदालत ने फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया कि वे उस पूरे वीडियो सामग्री को याचिकाकर्ता के वकीलों को दिखाएं, जिस पर वे भरोसा कर रहे हैं, ताकि वीडियो की प्रामाणिकता और सत्यता का पूरी तरह से न्यायिक सत्यापन किया जा सके।

    जोधपुर का 1998 का वो मामला…
    यह पूरा विवाद राजस्थान की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है। वर्ष 1998 में जोधपुर में बॉलीवुड फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की आउटडोर शूटिंग के दौरान कांकाणी गांव के पास काले हिरणों के शिकार का मामला सामने आया था। प्रकृति और वन्यजीव प्रेमी पर्यावरण-रक्षक बिश्नोई समाज ने इस घटना के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ी थी।

    इस मामले में सलमान खान की गिरफ्तारी हुई और बाद में उन्हें जमानत मिली। करीब दो दशक तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अधीनस्थ अदालत ने उन्हें 5 साल की सजा सुनाई थी, जिस पर सत्र न्यायालय से राहत मिली।

    इसके बाद वर्ष 2022 में राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले से जुड़ी स्थानांतरण याचिकाओं को स्वीकार कर सुनवाई प्रक्रिया को आगे बढ़ाया था।

     

  • हरियाणा में ‘फिजी वायरस’ का कहर, कई जिलों में 1500 एकड़ धान की फसल बर्बाद

    हरियाणा में ‘फिजी वायरस’ का कहर, कई जिलों में 1500 एकड़ धान की फसल बर्बाद

    कैथल.

    जिले में धान मे आए फिजी वायरस ( बोना पन) के कहर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विभाग ने भी धान की फसल में आए वायरस की पुष्टि की है। अब तक जिले में 1500 से ज्यादा एकड़ में खड़ा धान इसकी चपेट में आ चुका है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की चिंता सता रही है।

    धान की फसल में आए वायरस से न केवल कैथल जिला बल्कि कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला में भी धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि बीमारी के चलते पौधा छोटा रह गया है, जिसका असर उत्पादन पर पड़ेगा, इसे लेकर विभाग को गंभीरता दिखाते हुए सैंपलिंग की जानी चाहिए, ताकि किसानों को नुकसान न हो।

    वायरस को रोकने के लिए बनाई दो टीमें
    कृषि विश्वविद्यालय हिसार के धान अनुसंधान केंद्र कौल की तरफ से दो टीमों का गठन धान में फैले फिजी वायरस को रोकने के लिए गया है। ये टीमें अब तक कैथल, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र के खेतों का दौरा कर धान की फसल की जांच कर चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि धान की फसल में फिजी वायरस की एंट्री हो चुकी है, इसे रोकने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। वायरस से कैसे छुटकारा पाया जाए, इस बारे में किसानों को बताया जा रहा है। बता दें कि कैथल के गांव बाबा लदाना, हाबड़ी, पाड्ला, पट्टी अफगान, पाई, डुलियानी सहित कई गांव में धान बीमारी की चपेट में आ चुका है।

    धान की किस्म 7501-7301 सहित पीआर 114
    जिले में धान की किस्म 7501-7301 सहित पीआर 114, 126 व 131 में फिजी वायरस सबसे ज्यादा फैल रहा है। अब तक कई गांव में 1500 से ज्यादा एकड़ में धान चपेट में आ चुका है। धान अनुसंधान केंद्र की टीमों ने नर्सरी स्तर पर चीका ब्लाक के गांव मस्तगढ़, पूंडरी ब्लाक के गांव बरोट, सीवन ब्लाक के गांव रसुलपुर, पिहोवा ब्लाक के गांव थाना, कुरुक्षेत्र जिले के गांव पिंडारसी से करीब 30 सैंपल वायरस को लेकर धान से लिए जा चुके हैं। अब भी टीमें रोजाना किसी न किसी गांव का दौरा कर किसानों को फिजी वायरस से बचाव को लेकर जागरूक कर रही है।

    किसानों को फिजी वायरस से बचाव बारे किया जा रहा जागरूक: सैनी
    धान अनुसंधान केंद्र कौल के कृषि विज्ञानी सुमित सैनी ने बताया कि धान की फसल में फिजी वायरस की एंट्री से इंकार नहीं किया जा सकता। धान की पनीरी में तो यह वायरस नहीं था, लेकिन अब आ चुका है।
    इसे रोकने के लिए दो टीमों का गठन किया है, जो अलग-अलग क्षेत्र में जाकर किसानों को धान की फसल को वायरस से बचाव के लिए जागरूक कर रही हैं। किसानों से भी अपील है कि इस बारे में जानकारी दें, ताकि समय रहते वायरस को पता चल सके।