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  • राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारी तेज, बीजेपी-कांग्रेस ने शुरू किया सियासी अभियान

    राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारी तेज, बीजेपी-कांग्रेस ने शुरू किया सियासी अभियान

    जयपुर
    राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भले ही तारीखों का औपचारिकता ऐलान नहीं हुआ हो, लेकिन राजनीतिक दलों की सियासी तैयारियां तेज हो गई हैं. ओबीसी आरक्षण की तस्वीर 5 अगस्त के बाद साफ होने की उम्मीद है. वहीं, बीजेपी ने सभी संभागों में चुनाव संचालन समितियां बनाकर संगठन को चुनावी मोड में ला दिया है. कांग्रेस भी करीब 500 संभावित दावेदारों को चुनावी प्रशिक्षण देने की तैयारी में है. दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर निशाना साधते हुए चुनावी तैयारियों का आगाज कर दिया है. बीजेपी ने सभी संभागों में चुनाव संचालन समितियां बनाकर वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंप दी है, जबकि कांग्रेस संभावित दावेदारों और कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रबंधन का प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रही है.

    ओबीसी आरक्षण होगा बड़ा फैक्टर
    इस पूरे चुनावी माहौल में सबसे बड़ा सियासी फैक्टर ओबीसी आरक्षण को माना जा रहा है. प्रदेश में ओबीसी परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका है और करीब 76 लाख परिवारों का डाटा जुटाया गया है. अब 5 अगस्त तक सर्वे रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने की उम्मीद है. इसके बाद निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण की तस्वीर साफ हो सकेगी. आबादी के आधार पर निकाय चुनाव में अधिकतम 21 प्रतिशत तक सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित हो सकती हैं. हालांकि, अंतिम आरक्षण संबंधित निकाय की आबादी और तय नियमों के आधार पर होगा. आरक्षण की तस्वीर सामने आने के बाद वार्डवार चुनावी समीकरण बदलेंगे और कई संभावित दावेदारों की उम्मीदवारी भी प्रभावित हो सकती है.

    नेताओं की दावेदारी के लिए भी आरक्षण फॉर्मूला होगा खास
    मामला सिर्फ पार्टी की रणनीति का नहीं है, बल्कि प्रत्याशियों के चयन के लिए भी आरक्षण का फॉर्मूला काफी निर्णायक होगा. जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महीनों से चुनाव की तैयारी की है, उनकी दावेदारी भी आरक्षण के नए प्रारूप पर ही निर्भर हो गई है. आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किए बिना बीजेपी ने चुनावी तैयारियों को संगठनात्मक रूप देना शुरू कर दिया है. बीजेपी ने राजस्थान के सभी संभागों में चुनाव संचालन समितियों का गठन किया है. इन समितियों में वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है. समितियों की जिम्मेदारी चुनावी रणनीति तैयार करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने, जमीनी फीडबैक जुटाने, बूथ प्रबंधन को मजबूत करने और संभावित उम्मीदवारों को लेकर रिपोर्ट तैयार करने की होगी.

    जयपुर संभाग में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी और लालचंद कटारिया को जिम्मेदारी दी गई है. उदयपुर संभाग में वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़, पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया और पूर्व सांसद जसकौर मीणा को कमान सौंपी गई है. जोधपुर संभाग में ओंकार सिंह, सीआर चौधरी और हेमराज मीणा चुनावी तैयारियों को संभालेंगे. कोटा संभाग में सांसद सीपी जोशी, अर्जुन लाल मीणा और अजीत मेहता को जिम्मेदारी दी गई है. अजमेर संभाग में अशोक परनामी, ज्योति मिर्धा और देवजी भाई पटेल को चुनाव संचालन की जिम्मेदारी मिली है. वहीं, भरतपुर संभाग में अरुण चतुर्वेदी, हरि राम और शंकर सिंह को समिति में शामिल किया गया है.

    टिकट वितरण में बीजेपी की नई समितियों की भूमिका अहम
    बीजेपी की इन समितियों का फोकस केवल चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं रहेगा. स्थानीय स्तर पर संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संभावित उम्मीदवारों की पकड़ और बूथ स्तर की मजबूती को लेकर भी फीडबैक लिया जाएगा. आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद टिकट वितरण में इन समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

    बीजेपी के बाद कांग्रेस ने भी पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर अपनी रणनीति को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है. कांग्रेस करीब 500 संभावित जनप्रतिनिधियों और चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रबंधन का प्रशिक्षण देने की तैयारी में है.

    प्रशिक्षण में चुनावी संचार, अभियान संचालन, मतदाताओं तक पहुंच बनाने, स्थानीय मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने और चुनावी प्रबंधन से जुड़े विषयों पर फोकस किया जाएगा. कांग्रेस की कोशिश है कि प्रशिक्षण के बाद जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर तक चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाया जाए. पार्टी संभावित दावेदारों को केवल टिकट का दावेदार बनाने के बजाय चुनाव लड़ने की पूरी रणनीति और प्रबंधन की ट्रेनिंग देने की तैयारी में है.

    जानिए क्या है कांग्रेस की रणनीति
    कांग्रेस की रणनीति मजबूत संगठन, स्थानीय मुद्दों और सरकार की कथित नाकामियों को चुनावी मुद्दा बनाकर बीजेपी को घेरने की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपनी नीति और चुनावी रणनीति तैयार कर ली है. डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पंचायत और निकाय चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है. पार्टी ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है और स्थानीय मुद्दों, मजबूत संगठन और राज्य सरकार की ढाई साल की कथित नाकामियों को लेकर जनता के बीच जाएगी.

    कांग्रेस के दावों पर बीजेपी का पलटवार
    वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने युवाओं की भागीदारी को लेकर बड़ा दावा किया. जूली ने कहा कि कांग्रेस पंचायत और निकाय चुनाव में युवाओं को आगे लाएगी. 50 फीसदी टिकट युवाओं को देने पर विशेष जोर रहेगा. कांग्रेस के दावों पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा, "कांग्रेस सिर्फ सत्ता में आने के हसीन सपने देख रही है. बीजेपी पंचायत और निकाय दोनों चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है और दोनों चुनावों में जीत हासिल करेगी."

  • पोलियो और घरेलू हिंसा से लड़कर बनीं चैंपियन, हरियाणा की शर्मिला धनखड़ ने जीता कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड

    पोलियो और घरेलू हिंसा से लड़कर बनीं चैंपियन, हरियाणा की शर्मिला धनखड़ ने जीता कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड

    रेवाड़ी.

    महज दो साल की उम्र में पोलियो ने कदम रोक दिए। दाम्पत्य जीवन में आकर घरेलू हिंसा ने नई चुनौती खड़ी कर दीं, लेकिन कभी हार नहीं मानने का संकल्प लेकर आगे बढ़ी शर्मिला धनखड़ ने उस उम्र में आकर विश्व स्तर पर कीर्तिमान स्थापित किया, जिस उम्र की दहलीज पर आकर लोग खुद को थका हुआ महसूस करते हैं।

    रेवाड़ी की रहने वाली पैरा खिलाड़ी 39 वर्षीय शर्मिला ने कामनवेल्थ गेम्स में शॉटपुट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है।

    संघर्षपूर्ण रहा है जीवन
    दो बेटियों की मां शर्मिला धनखड़ की कहानी संघर्ष भरी रही है। मूलरूप से महेंद्रगढ़ जिले के छिछरोली की रहने वाली शर्मिला की शादी करीब 20 साल पहले रेवाड़ी में हुई थी, लेकिन पहले पति से घरेलू हिंसा के चलते वह अलग हो गईं और दूसरी शादी की। हालांकि, दूसरी शादी के बाद भी संघर्ष ने साथ नहीं छोड़ा। बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली शर्मिला के पति छोटी सी परचून की दुकान चलाते हैं। उन्होंने खेल की शुरुआत वर्ष 2020 में कोरोना काल के समय की। शर्मिला के मुताबिक, उस समय वह हरियाणा रोडवेज के रेवाड़ी डिपो में पहली महिला कंडेक्टर लगी थी। यह अस्थायी नौकरी थी।

    एक दिन उन्हें शहर के ही राव तुलाराम स्टे़डियम में जाने का मौका मिला। उस समय पैरा खिलाड़ी टेकचंद को व्हील चेयर पर खेलते हुए उनके भी मन में आया कि जब वह व्हील चेयर पर खेल सकते हैं, मैं भी खेल सकती हूं और यहीं से शर्मिला के खेल करियर की शुरुआत हुई। उन्होंने टेकचंद को ही अपना गुरु बना लिया और उनके मार्ग दर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया। महज एक साल के भीतर ही उन्होंने वर्ष 2021 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। वर्ष 2022 में कॉमनवेल्थ तक तो पहुंच गई, लेकिन पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया। लेकिन हार नहीं मानी और लगातार संघर्ष और मेहनत को जारी रखा। चार साल बाद आज उसी मंच पर शर्मिला ने गोल्ड मेडल जीतकर साबित कर दिया कि चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, लेकिन संघर्ष के आगे ही जीत लिखी होती है।

    बेटी को मिली प्रेरणा
    शर्मिला की एक बेटी अनुज बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। जबकि छोटी बेटी लक्ष्मी 10वीं कक्षा की छात्रा है। बड़ी बेटी अनुज ने मां से प्रेरणा लेकर खेलों में कदम रखा और वह आज जेवलिन थ्रो की प्रदेश स्तरीय खिलाड़ी हैं। शर्मिला के मायके छिछरोली में उनकी मां और भाई हैं। देश के लिए गोल्ड जीतने के बाद रेवाड़ी स्थित घर ही नहीं, बल्कि मायके में भी जश्न का माहौल है।

  • पंजाब में सीवरेज सफाई के दौरान बड़ा हादसा, जहरीली गैस से युवक की मौत, दूसरा गंभीर

    पंजाब में सीवरेज सफाई के दौरान बड़ा हादसा, जहरीली गैस से युवक की मौत, दूसरा गंभीर

    पटियाला.

    पटियाला में सीवरेज की सफाई के दौरान दो युवकों की हालात गंभीर हो गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर हालात में अस्पताल में दाखिल बताया जा रहा है। दोनों एक ही परिवार संबंधित बताए जा रहे हैं जो विकास नगर में सीवरेज की सफाई के लिए मेनहाल में उतरे थे।

    दोनों प्राईवेट तौर पर काम करते थे और किसी प्राइवेट व्यक्ति द्वारा सीवरेज की सफाई के लिए बुलाया था। दीप नगर पटियाला के रहने वाले दोनों युवक घर में सीवरेज सफाई के लिए पाइप लाइन में उतरे तो गैस चढ़ने की वजह से एक की मौत हो गई।

  • खाटूश्याम मेले में रेलवे की रिकॉर्ड कमाई, 2 लाख भक्तों ने की यात्रा

    खाटूश्याम मेले में रेलवे की रिकॉर्ड कमाई, 2 लाख भक्तों ने की यात्रा

     सीकर
    खाटूश्यामजी में देवशयनी एकादशी पर शनिवार-रविवार को आयोजित दो दिवसीय मेला  रींगस रेलवे स्टेशन के लिए वरदान साबित हुआ है. रींगस रेलवे स्टेशन अधीक्षक बाबूलाल बाजिया ने बताया कि मेले के 2 दिनों में लगभग 2 लाख से अधिक श्याम भक्तों ने रेल यात्रा की. इस दौरान रेलवे को 1 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. लगातार बढ़ रहे राजस्व के कारण रींगस रेलवे जंक्शन अब राजस्व आय में प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा स्टेशन बन गया है.

    अतिरिक्त ट्रेनें चलाई
    श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाई और स्पेशल बोगियां जोड़ी. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को अंजाम दिया गया. जीआरपी चौकी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि एकादशी से रविवार तक रेल यात्रियों की भारी भीड़ रही, जिसे देखते हुए जीआरपी के सभी जवानों ने 24 घंटे अपनी सेवाएं दी. श्‍याम भक्‍तों को कोई परेशानी ना हो इसका ध्‍यान रखा गया.

    आकर्षक ढंग से मंदिर सजाया
    देवशयनी एकादशी पर लाखों श्‍याम भक्‍त खाटूश्‍यामजी पहुंचे. एकादशी पर मंद‍िर को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था. दर्शन के ल‍िए लंबी लाइन लगी थी. सुरक्षा में मंद‍िर सम‍ित‍ि ने अपने गार्ड्स तैनात क‍िए हुए थे. भक्‍तों को परेशानी न हो इसका पूरा ध्‍यान रखा गया था. भक्‍त लाइन में खड़े होकर बाबा श्‍याम के जयकारे लगा रहे थे. गर्मी और उमस के बीच कई घंटे दर्शन के ल‍िए लाइन में लगे रहे.  

    रींगस टेशन पर भक्तों की भीड़
    ट्रेन से आने वाले श्‍याम भक्‍तों रींगल रेलवे स्‍टेशन पर उतरे. यहां से 17 क‍िलोमीटर दूर कुछ भक्‍त पैदल और कुछ जीप और ऑटो का सहारा ल‍िया. रींगस रेलवे स्‍टेशन पर चारो तरफ श्‍याम भक्‍त ही द‍िखाई दे रहे थे. बाबा श्‍याम के जयकारों से रेलवे स्टेशन गूंज रहा था.

  • दिल्ली में 1.79 लाख राशन कार्ड रद्द, 7.45 लाख लाभार्थी योजना से बाहर

    दिल्ली में 1.79 लाख राशन कार्ड रद्द, 7.45 लाख लाभार्थी योजना से बाहर

    नई दिल्ली
     दिल्ली सरकार ने पात्रता मानकों का उल्लंघन करने वाले 1.79 लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद करीब 7.45 लाख लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से बाहर कर दिया गया है। खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच अभियान में आय सीमा से अधिक होने, लंबे समय तक राशन नहीं लेने, मृत व्यक्तियों के नाम पर कार्ड चलने और डुप्लीकेट कार्ड जैसे मामले सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

    खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सबसे अधिक 1.44 लाख राशन कार्ड ऐसे परिवारों के पाए गए जिनकी वार्षिक आय निर्धारित सीमा से अधिक थी।
    ऐसे कार्ड से जुडे 6.47 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को हटा दिया गया। इसके अलावा 35 हजार से अधिक राशन कार्ड इसलिए रद्द किए गए क्योंकि संबंधित कार्ड धारकों ने लगातार 12 महीने तक सरकारी राशन नहीं लिया था।

    इससे जुड़े 97,634 लाभार्थी भी योजना से बाहर हो गए। वहीं, मृत व्यक्तियों के नाम पर जारी राशन कार्डों से राशन लेने वाले 4,987 लाभार्थियों और डुप्लीकेट राशन कार्ड के जरिए लाभ लेने वाले 29,391 को भी सूची से हटाया गया है। विभाग द्वारा पहले किए गए सत्यापन में कुल 1,79,825 राशन कार्ड अमान्य पाए गए थे।

    पात्र लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
    खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल अपात्र लोगों को सूची से हटाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशन का लाभ वास्तव में जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचे। विभाग आगे भी समय-समय पर राशन कार्डों का सत्यापन करता रहेगा, ताकि फर्जी, डुप्लीकेट या नियमों के विपरीत जारी कार्डों की पहचान कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

     

  • हरियाणा के मुक्केबाज सुमित कुंडू का पदक सपना टूटा, आयरलैंड के जॉन मैकानेल से हारकर हुए बाहर

    हरियाणा के मुक्केबाज सुमित कुंडू का पदक सपना टूटा, आयरलैंड के जॉन मैकानेल से हारकर हुए बाहर

    जींद.

    ढाकल गांव के बाक्सर सुमित कुंडू राष्ट्रमंडल खेलों के अपने पहले ही मुकाबले में आयरलैंड के खिलाड़ी से हार गए। जिससे उनकी पदक जीतने की उम्मीद भी टूट गई। उत्तरी आयरलैंड के खिलाड़ी जोन मैकानेल ने 70 किलोग्राम भार वर्ग में सुमित कुंडू को हराया।

    पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भी सुमित अपने पहले ही मुकाबले में हारकर बाहर हो गए थे। सुमित कुंडू का गंभीर चोट के कारण ओलिंपिक में खेलने का उनका सपना अधूरा रह गया था। पेरिस ओलिंपिक क्वालिफायर से पहले सुमित को चोट लग गई थी। जिसके कारण वे लगभग दो साल तक खेल से बाहर रहे। इस दौरान वे संन्यास लेने तक की सोचने लगे थे।

    कई महीनों के रिहैबिलिटेशन के बाद, सुमित ने पिछले साल वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय बाक्सिंग में वापसी की थी। 23 वर्षीय खिलाड़ी सुमित से इस बार पदक की उम्मीद थी। उनके कोच वेदप्रकाश ने कहा, सुमित की तैयारी अच्छी थी। उनसे इस बार मेडल की पूरी उम्मीद थी। हार से निराश हैं।

  • हरियाणा ओलिंपिक संघ का बड़ा फैसला, खिलाड़ियों के चयन में बढ़ेगी पारदर्शिता

    हरियाणा ओलिंपिक संघ का बड़ा फैसला, खिलाड़ियों के चयन में बढ़ेगी पारदर्शिता

    चंडीगढ़
     हरियाणा ओलिंपिक संघ ने खिलाड़ियों के चयन से लेकर खेल प्रशासन तक पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं। पंचकूला स्थित ओलिंपिक भवन में अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर मीनू बेनीवाल की अध्यक्षता में हुई वार्षिक आम सभा में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय खेलों में भागीदारी के लिए चयन ट्रायल निर्धारित मानकों के तहत कराए जाएंगे।

    खिलाड़ियों के दस्तावेज पंजीकरण के समय ही सत्यापित होंगे और ट्रायल यथासंभव विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही इन्हें प्रतियोगिताओं से करीब 20 से 25 दिन पहले पूरा कराया जाएगा।

    बैठक में 28वें हरियाणा राज्य खेलों की तैयारियां शुरू करने को मंजूरी देते हुए प्रस्तावित खेल विधाओं, संभावित स्थलों, आयोजन कैलेंडर, संचालन व्यवस्था और बजट पर चर्चा की गई। इन तैयारियों को आगे बढ़ाने के लिए कार्यकारिणी को अधिकृत किया गया।

    खेल प्रशासन को अधिक जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के लिए एथलीट आयोग, एथिक्स आयोग, महिला खेल आयोग, मेडिकल एवं स्पोर्ट्स साइंस आयोग, विधिक मामलों की समिति, वित्त समिति और विपणन समिति के गठन का भी फैसला लिया गया।

    इसके अलावा संबद्ध राज्य खेल संघों की सदस्यता, नए खेल संघों की मान्यता, अनुपालन की समीक्षा और आवश्यक कार्यवाही के अधिकार कार्यकारिणी को सौंपे गए। सभी संबद्ध संघों को अपने अद्यतन पदाधिकारियों की सूची नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

    बैठक में 27वें हरियाणा राज्य खेलों (प्रथम चरण) के सफल आयोजन की समीक्षा करते हुए खिलाड़ियों की भागीदारी, मेरिट प्रमाण-पत्रों के वितरण और राज्य खेलों को हरियाणा खेल ग्रेडेशन नीति में शामिल किए जाने का स्वागत किया गया।

    आयोजन पर हुए व्यय, वार्षिक लेखे और आडिट रिपोर्ट को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। साथ ही 27वें राज्य खेलों की काफी टेबल बुक और पोस्ट गेम्स रिपोर्ट प्रकाशित कर उसकी पहली प्रति मुख्यमंत्री को भेंट करने का निर्णय लिया गया।

    बैठक के दौरान ओलिंपिक संघ के राज्य महासचिव एवं विकास व पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने हरियाणा ओलिंपिक संघ की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया। अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर मीनू बेनीवाल ने कहा कि इससे खिलाड़ियों, खेल संघों और आमजन को प्रतियोगिताओं, अधिसूचनाओं और अन्य गतिविधियों की जानकारी एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध होगी।

    बैठक में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाड़ियों के प्रदर्शन, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, खेल अधोसंरचना के विस्तार तथा जिला विकास योजना (डी-प्लान) से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

  • ₹1.81 करोड़ गबन मामले में पंजाब हाई कोर्ट सख्त, विजिलेंस से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

    ₹1.81 करोड़ गबन मामले में पंजाब हाई कोर्ट सख्त, विजिलेंस से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

    चंडीगढ़.

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ दिसंबर 2024 में फिरोजपुर में दर्ज एफआईआर की जांच को लेकर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने पारित किया।

    खंडपीठ गांव मंडौली, जिला पटियाला के पूर्व सरपंच इकबाल सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में एफआईआर की आगे की जांच पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के निर्देश देने की मांग की गई है।याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया कि मामले के मुख्य आरोपित अरुण शर्मा का नाम एफआईआर दर्ज होने के लगभग 18 महीने तक शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद ही अब उन्हें आरोपित बनाया गया है। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उस समय फिरोजपुर में अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) के पद पर तैनात रहे अरुण शर्मा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।

    अदालत में गलत बयान देने का आरोप
    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अरुण शर्मा ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फिरोजपुर की अदालत से अंतरिम राहत प्राप्त करने के लिए यह गलत बयान दिया कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत कोई स्वीकृति नहीं दी गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि जब तक एफआईआर की आगे की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, तब तक वास्तविक दोषियों को कानून के कठघरे तक नहीं लाया जा सकेगा।

    वर्तमान स्थिति जानने के लिए मांगी रिपोर्ट
    याचिका के अनुसार इस मामले में अरुण शर्मा ने अपनी अधीनस्थ डाटा एंट्री ऑपरेटर जसप्रीत कौर के साथ कथित मिलीभगत कर 1.81 करोड़ रुपये के सरकारी धन का गबन किया। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को मामले की जांच की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के लिए विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई पर अदालत इस रिपोर्ट और याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए आरोपों पर विचार करेगी।

  • श्रावणी मेले पर रेलवे का बड़ा तोहफा, 12 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

    श्रावणी मेले पर रेलवे का बड़ा तोहफा, 12 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

     पटना
    श्रावणी मेले का आगाज हो रहा है। इस मेले दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर और सुलतानगंज आने-जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। पूर्व मध्य रेल की ओर से श्रावणी मेले पर 12 जोड़ी विशेष ट्रेनों के परिचालन की घोषणा की गई है। ये स्पेशल ट्रेनें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के यात्रियों को सीधी सुविधा उपलब्ध कराएंगी। इनमें अधिकतर ट्रेनें जसीडीह, देवघर, सुलतानगंज और भागलपुर होकर चलेंगी, जिससे कांवरियों और श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से सुगम होगी।

    रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि परिचालन इस सप्ताह से अगस्त और कुछ ट्रेनों का सितंबर तक होगा। प्रमुख ट्रेनों में जयनगर-आसनसोल श्रावणी मेला स्पेशल 31 जुलाई से 30 अगस्त तक सप्ताह में तीन दिन चलेगी। यह मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी, किउल, झाझा और जसीडीह होकर चलेगी। रक्सौल-देवघर श्रावणी मेला स्पेशल भी 31 जुलाई से सप्ताह में तीन दिन सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बरौनी, जमालपुर और भागलपुर के रास्ते देवघर पहुंचेगी। कोसी क्षेत्र के लिए राघोपुर-देवघर श्रावणी मेला स्पेशल रोज चलेगी। यह न सुपौल, सहरसा, मानसी, खगड़िया, मुंगेर, सुलतानगंज और भागलपुर होते देवघर पहुंचेगी। दानापुर और साहिबगंज के बीच भी प्रत्येक रविवार को विशेष ट्रेन चलेगी।

    पटना-इस्लामपुर श्रावणी मेला सप्ताह में तीन दिन चलेगी
    पटना और नालंदा जिले के यात्रियों को भी राहत देते हुए पटना-इस्लामपुर श्रावणी मेला स्पेशल का संचालन सप्ताह में तीन दिन किया जा रहा है। हावड़ा से नटेसर के बीच भी सप्ताह में तीन दिन विशेष ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन जसीडीह, किउल, शेखपुरा, बिहारशरीफ, नालंदा और राजगीर होकर नटेसर पहुंचेगी। इससे पश्चिम बंगाल के श्रद्धालुओं को राजगीर और नालंदा क्षेत्र तक सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी। झारखंड के यात्रियों के लिए रेलवे ने रांची-भागलपुर के बीच दो अलग-अलग मार्गों से दो जोड़ी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है। पहली ट्रेन बोकारो, गोमो, कोडरमा, नवादा, किउल और जमालपुर होकर चलेगी। जबकि दूसरी ट्रेन बरकाकाना, हजारीबाग टाउन, कोडरमा, नवादा और किउल के रास्ते भागलपुर पहुंचेगी। दोनों ट्रेनों का परिचालन सप्ताह में दो-दो दिन किया जाएगा।

    सावन में रुद्राभिषेक के लिए मंदिरों में ऑनलाइन बुकिंग
    सावन 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसमें भगवान शिव की पूजा व रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। रुद्राभिषेक के लिए अब बिहार के मंदिरों में ऑनलाइन बुकिंग भी होने लगी है। पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर, पूर्वी चंपारण स्थित कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर, सोनपुर में बाबा हरिहर नाथ मंदिर स्थित शिवलिंग पर रुद्राभिषेक की बुकिंग करायी जा रही है। पूजा सामग्री की व्यवस्था मंदिर में ही :महावीर मंदिर पटना और विराट रामायण मंदिर में रुद्राभिषेक की बुकिंग के साथ ही पूजा सामग्री मंदिर प्रबंधन की तरफ से उपलब्ध करायी जाती हैं।

    महावीर मंदिर पटना जंक्शन की बुकिंग मंदिर के पोर्टल पर जाकर लोग कर रहे हैं। मंदिर के द्वारा पूजन सामग्री के साथ-साथ पूजा कराने वाले आचार्य की भी व्यवस्था की जाती है। मंदिर में रोज चार अलग-अलग शिवलिंगों पर कुल 56 रुद्राभिषेक कराए जाने की व्यवस्था है। पूर्वी चंपारण स्थित कैथवलिया विराट रामायण मंदिर के नवनिर्मित शिव मंडप में भी रुद्राभिषेक की शुरुआत की गई है।

    बड़े मंदिरों में भी ई -पूजा और ई-अभिषेक की व्यवस्था
    देश के बड़े मंदिरों काशी विश्वनाथ (वाराणसी), महाकालेश्वर मंदिर (उज्जैन) में ऑनलाइन पूजा बुकिंग होती है। आचार्य अशोक कुमार मिश्र बताते हैं कि सोमनाथ और केदारनाथ मंदिर की वेबसाइट पर ई- पूजा व ई-अभिषेक’ की व्यवस्था है। महात्मा गांधी नगर के पं.अखिलेश शुक्ला बताते हैं कि सभी सोमवारी के दिन सुबह से रात तक पूजा की बुकिंग है।

  • हरियाणा में ‘हेपेटाइटिस C फ्री’ अभियान को रफ्तार, अब अपने ही जिले में मिलेगा मुफ्त इलाज

    हरियाणा में ‘हेपेटाइटिस C फ्री’ अभियान को रफ्तार, अब अपने ही जिले में मिलेगा मुफ्त इलाज

    रोहतक.

    हेपेटाइटिस-सी जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए अब मरीजों को बार-बार पीजीआइएमएस के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। पीजीआइएमएस के गैस्ट्रोएंटरोलाजी विभाग ने पूरे प्रदेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों को जोड़कर हेपेटाइटिस सी फ्री हरियाणा नाम से एक व्हाट्सएप नेटवर्क तैयार किया है।

    इस नेटवर्क के जरिए मरीजों की जटिल चिकित्सा संबंधी समस्याओं का समाधान तत्काल किया जाता है और उन्हें अपने ही जिले के सरकारी अस्पताल में उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इस पहल से प्रदेश के चार मेडिकल कालेजों और 22 सरकारी सिविल अस्पतालों के कुल 27 गैस्ट्रो विशेषज्ञ चिकित्सक जुड़े हुए हैं। प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो मरीजों की स्क्रीनिंग, जांच, उपचार और विशेषज्ञ सलाह की व्यवस्था सुनिश्चित करता है। जरूरत पड़ने पर डाक्टर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से केस साझा करते हैं और तुरंत उपचार की रणनीति तय कर लेते हैं। पीजीआइएमएस के गैस्ट्रोएंटरोलाजी विभागाध्यक्ष एवं नेशनल और स्टेट स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य डा. प्रवीण मल्होत्रा के अनुसार वर्ष 2013 से हेपेटाइटिस-सी उन्मूलन अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

    पहले मरीज डर और जागरूकता की कमी के कारण अस्पताल नहीं पहुंचते थे, लेकिन अब स्क्रीनिंग बढ़ने और मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने से अधिक मरीज समय रहते सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नरवाना, फतेहाबाद, हिसार, सिरसा, जींद और कैथल जैसे जिलों में अपेक्षाकृत अधिक मरीज मिले हैं। हाल के वर्षों में पलवल और नूंह (मेवात) से भी मामलों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मरीज मिलने पर केवल उसका ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की स्क्रीनिंग भी की जाती है, ताकि संक्रमण की कड़ी को समय रहते रोका जा सके।

    एक ही छत के नीचे पूरा इलाज
    पीजीआइएमएस में हेपेटाइटिस-सी मरीजों के लिए ऐसा माडल विकसित किया गया है, जहां एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक, काउंसलर, डेटा आपरेटर, दवा वितरण, फाइब्रोस्कैन, एंडोस्कोपी, भर्ती सुविधा और नियमित फॉलोअप शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर परिवार के अन्य सदस्यों की जांच और टीकाकरण भी किया जाता है। यह पूरी व्यवस्था निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। डा. मल्होत्रा के अनुसार समय पर जांच और नियमित दवा से 95 प्रतिशत तक मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। बीमारी की शुरुआती पहचान होने पर लीवर सिरोसिस और लीवर कैंसर जैसी गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है, जिससे भविष्य में लीवर प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) की आवश्यकता भी काफी हद तक टाली जा सकती है।

    नशा और काला पीलिया बन रहे बड़ा खतरा
    काला पीलिया, मोटापा और नशे का गठजोड़ बिगाड़ रहा लीवरविशेषज्ञों के अनुसार काला पीलिया (हेपेटाइटिस), मोटापा और नशा मिलकर लीवर को तेजी से नुकसान पहुंचाते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में चिन्हित हेपेटाइटिस-सी मरीजों में लगभग 60 प्रतिशत पुरुष नशे से जुड़े पाए गए हैं। इसलिए इस अभियान को नशा मुक्ति कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है। रक्तदान शिविरों, गर्भवती महिलाओं की अनिवार्य जांच, एंजियोग्राफी से पहले की स्क्रीनिंग और अन्य नियमित स्वास्थ्य जांचों के दौरान भी हेपेटाइटिस-सी की पहचान की जा रही है। इससे पहले जहां मरीज बीमारी की अंतिम अवस्था में अस्पताल पहुंचते थे, वहीं अब शुरुआती स्तर पर ही संक्रमण पकड़ में आ रहा है।

    राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया प्रदेश के मॉडल
    डॉ. प्रवीण मल्होत्रा का कहना है कि पीजीआइएमएस का यह वन-स्टॉप हेपेटाइटिस केयर माडल राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाया गया है। वर्तमान में हरियाणा के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से भी मरीज उपचार के लिए यहां पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि समय पर जांच, नियमित दवा और जागरूकता ही हेपेटाइटिस-सी को खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका है।