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  • राजस्थान में गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत, ब्लड के लिए अब नहीं लाना होगा डोनर

    राजस्थान में गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत, ब्लड के लिए अब नहीं लाना होगा डोनर

    जयपुर
    प्रदेश में प्रसव के बाद 19 महिलाओं की मौत के मामलों के बाद आखिरकार राजस्थान सरकार ने ब्लड बैंक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकारी अस्पतालों में भर्ती गर्भवती महिलाओं को रक्त चढ़ाने के लिए रिप्लेसमेंट डोनर (बदले में रक्तदाता) लाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।

    23 जुलाई को जारी हुआ आदेश
    राजस्थान स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल ने 23 जुलाई को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी सरकारी और निजी ब्लड सेंटरों को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह सुविधा सरकारी अस्पतालों में एएनसी (Antenatal Care) ले रही गर्भवती महिलाओं, गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं और प्रसव के लिए भर्ती मरीजों पर लागू होगी।

    19 मौतों के बाद बदली व्यवस्था
    स्था करने में हुई देरी ने मरीजों की स्थिति को और गंभीर बना दिया।
    पहले डोनर, फिर खून… अब खत्म होगी देरी

    अब तक कई ब्लड बैंकों में मरीज के परिजनों से पहले रिप्लेसमेंट डोनर लाने को कहा जाता था। प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, गंभीर एनीमिया या सीजेरियन जैसी आपात स्थितियों में यह प्रक्रिया इलाज में देरी का कारण बनती थी। नई व्यवस्था के बाद डॉक्टर जरूरत पड़ते ही तुरंत रक्त उपलब्ध करा सकेंगे।

    पहले सिर्फ इन मरीजों को मिलती थी छूट
    अब तक बिना रिप्लेसमेंट डोनर रक्त देने की सुविधा केवल थैलेसीमिया, सिकल सेल रोगियों, सड़क दुर्घटना के गंभीर घायलों और 14 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं तक सीमित थी। अब सरकार ने सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रही सभी गर्भवती महिलाओं को भी इस श्रेणी में शामिल कर लिया है।

    हर साल एक लाख यूनिट रक्त की जरूरत
    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में गर्भवती महिलाओं के इलाज और सुरक्षित प्रसव के लिए हर साल करीब एक लाख यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ब्लड बैंकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ने की संभावना है।

    ब्लड बैंकों को दिए गए नए निर्देश
    सरकार ने सभी सरकारी और निजी ब्लड बैंकों को स्वैच्छिक रक्तदान अभियान तेज करने, डोनर नेटवर्क मजबूत करने और अधिक से अधिक रक्त संग्रह करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को भी रक्तदान बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया है।

    मातृ मृत्यु दर घटाने की उम्मीद
    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि प्रसव के दौरान होने वाले अत्यधिक रक्तस्राव में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। रिप्लेसमेंट डोनर की बाध्यता हटने से इलाज में देरी नहीं होगी, समय पर रक्त उपलब्ध होगा और मातृ मृत्यु दर कम करने में भी मदद मिलेगी।

     

  • झारखंड में 16 कुख्यात माओवादियों का आत्मसमर्पण, 11 हथियार और 1562 कारतूस सौंपेंगे

    झारखंड में 16 कुख्यात माओवादियों का आत्मसमर्पण, 11 हथियार और 1562 कारतूस सौंपेंगे

    रांची
     झारखंड पुलिस मुख्यालय में डीजीपी के सामने मंगलवार को राज्य के 16 कुख्यात पुरुष व महिला माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे। मौके पर ये इंसास, एके-47 सहित 11 उम्दा हथियार भी पुलिस के सामने डालेंगे, 38 मैगजीन व 1562 कारतूस भी सौंपेंगे। ये माओवादी पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, रांची, गिरिडीह, बोकारो, लातेहार, खूंटी व ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के रहने वाले हैं।

    इनमें सबसे बड़ा नाम 15 लाख का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य संतोष उर्फ बासुदेव उर्फ गांधी है, जिसके विरुद्ध राज्य के विभिन्न थानों में माओवादी गतिविधियों से जुड़े 128 मामले दर्ज हैं। इनमें छह माओवादी ही इनामी हैं, जिनपर राज्य सरकार ने कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।

    ये 16 माओवादी आज करेंगे आत्मसमर्पण
        एक रीजनल कमेटी सदस्य : – संतोष उर्फ बासुदेव उर्फ गांधी उर्फ दिलीप उर्फ संजय महतो उर्फ बासूकू उर्फ श्याम (यह 15 लाख रुपये का इनामी, 128 माओवादी कांडों का आरोपित है। यह गिरिडीह के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के गम्हर का रहने वाला है।)।
        तीन जोनल कमेटी सदस्य : – संतोष मांझी उर्फ जगबंधु (यह 32 कांडों का आरोपित है, यह मूल रूप से हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के तिलैया का रहने वाला है।), चंदन लोहरा (यह दस लाख रुपये का इनामी है और 78 कांडों का वांछित है। यह मूल रूप से खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र के बारीगढ़ा का रहने वाला है।) व जयकांत मुंडा उर्फ गूंगा उर्फ बंगाली (यह 38 कांडों में वांछित है और कूल रूप से ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के कोइडा थाना क्षेत्र के झीरपानी का रहने वाला है।)।
        तीन सब जोनल कमेटी सदस्य : – राजनाथ हांसदा उर्फ गुना हांसदा (यह छह कांडों का आरोपित है। यह मूल रूप से पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र हतनाबुरू का रहने वाला है।), अनिल तुरी उर्फ उज्जवल (यह पांच लाख का इनामी है और 22 कांडों का वांछित है। यह मूल रूप से लोहरदगा जिले के पेशरार थाना बगड़ू स्थित चैनपुर का रहने वाला है) व सुखलाल बिरजिया उर्फ अकेला (यह पांच लाख रुपये का इनामी है और 12 कांडों का आरोपित है। यह मूल रूप से लातेहार जिले के गारू थाना क्षेत्र के बिरजिया टोला कबरी कोटाम, बारीबांध का रहने वाला है।)।

        छह एरिया कमेटी सदस्य :- सुदेश होनहागा उर्फ सोनाराम होनहागा उर्फ सोना (दो लाख रुपये का इनामी, 33 कांडों का वांछित है। यह मूल रूप से पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र के दुमांगदिरी, थलकोबाद का निवासी है।), एतवारी मांझी उर्फ सोनोत उर्फ संत उर्फ शनिचरवा (नौ कांडों की वांछित है, मूल रूप से गिरिडीह जिले के मधुबन थाना खेत्र के मोहनपुर, जरदाहा की निवासी है।), देवान मुर्मू उर्फ शनिचर (छह कांडों का आरोपित है, गिरिडीह के निमियाघाट थाना क्षेत्र के मोहनपुर का रहने वाला है।), सुमित्रा सुरीन (15 कांडों की आरोपित है, पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोईलकेरा थाना खेत्र के छोटाकुईडा, तिरिलबुरू की रहने वाली है।), रिसिव (दो लाख का इनामी व 18 कांडों का वांछित है। यह मूल रूप से पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ थाना खेत्र के सोयसाई माइलपी का निवासी है।) व सालमी मुंडा उर्फ पारूल (यह छह कांडों की आरोपित व कुख्यात चंदन लोहरा की पत्नी है। यह मूल रूप से रांची के बुंडू थाना क्षेत्र के बारूहातू की रहने वाली है।)।
        तीन कैडर सदस्य :- चंपा मंझियाईन उर्फ गुड़िया (पांच कांडों की आरोपित है, बोकारो के नावाडीह थाना क्षेत्र के गोरगोरवा की रहने वाली है।), मुन्नी सुरीन उर्फ मुरीन सुरीन (यह 14 कांडों की आरोपित है और पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ थाना क्षेत्र के लोवाबेड़ा की रहने वाली है।) व सीता मुंडा (तीन कांडों की आरोपित है और सरायकेला-खरसांवा जिले के कुचाई थाना क्षेत्र के रोलाहातू की रहने वाली है।)।

    ये हथियार, मैगजीन व कारतूस पुलिस के सामने डालेंगे
    कुल 11 हथियार, जिनमें छह इंसास रायफल, दो एके-47 रायफल, एक एचके-33 रायफल, एक यूएस कार्बाइन रायफल, एक एम-16 रायफल शामिल हैं।

    वहीं, 38 मैगजीन में तीन एलएमजी मैगजीन, 28 इंसास रायफल मैगजीन, चार एके-48 मैगजीन, दो यूएस कार्बाइन रायफल मैगजीन व एक एम-16 मैगजीन शामिल हैं। इसी तरह 1562 कारतूस भी सौंपेंगे, जिनमें इंसास के 786, एके-47 के 229, एचके-33 के 208, यूएस कार्बाइन के 95 व एम-16 के 244 कारतूस शामिल हैं।

    झारखंड में सक्रिय रहे आठ माओवादी छत्तीसगढ़ में कर चुके हैं आत्मसमर्पण
    झारखंड में सक्रिय रहे आठ माओवादी छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इन माओवादियों में जोनल कमेटी सदस्य छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के सवनार निवासी अश्विन उर्फ लच्छू कोरसा के अलावा चार एरिया कमांडर बीजापुर जिले का ही सोहन पुनेम, रीता उर्फ मंगली कुंजाम, सुकमा जिले की अनुशा कुंजाम, बीजापुर की रजनी मुडकम शामिल हैं।

    इनके अलावा तीन सदस्यों ने भी आत्मसमर्पण किया था। इनमें छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले का राहत मांडवी, बीजापुर की सुबनी व जेलानी शामिल थीं।

  • हरियाणा में जमीन के दस्तावेज होंगे ऑनलाइन, घर बैठे मिलेगी प्रमाणित कॉपी

    हरियाणा में जमीन के दस्तावेज होंगे ऑनलाइन, घर बैठे मिलेगी प्रमाणित कॉपी

    चंडीगढ़
    हरियाणा सरकार ने जमीन से जुड़ी सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के लोगों को जमाबंदी, म्यूटेशन, फर्द बदर और रजिस्टर्ड सेल डीड की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने के लिए बार-बार तहसील या राजस्व कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

    सरकार ने 'रेवेन्यू हरियाणा पोर्टल' पर नया ऑनलाइन मॉड्यूल शुरू किया है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और डिजिटल रूप से प्रमाणित दस्तावेज डाउनलोड भी कर सकेंगे।

    हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल के अनुसार इस नई व्यवस्था को पूरे प्रदेश में एक समान लागू करने के लिए सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को विभाग की ओर से आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

    इसके साथ ही राजस्व अधिकारियों के लिए स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तथा नागरिकों की सुविधा के लिए चरणबद्ध मार्गदर्शिका वाला विस्तृत यूजर मैनुअल भी तैयार किया गया है।

    राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत आवेदक अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी सत्यापन के माध्यम से पोर्टल पर लागिन करेंगे। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज का चयन कर जिला, तहसील और गांव सहित जरूरी जानकारी भरकर आवेदन जमा किया जा सकेगा।

    प्रत्येक आवेदन के लिए एक यूनिक ट्रैकिंग आईडी जारी होगी, जिससे उसकी ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी। आवेदन स्वतः संबंधित पटवारी या राजस्व अधिकारी के पास सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। सत्यापन और स्वीकृति के बाद निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करते ही डिजिटल रूप से प्रमाणित दस्तावेज आवेदक के डैशबोर्ड पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा।

    हरियाणा सरकार ने शुल्क व्यवस्था भी सरल और एकरूप रखी है। म्यूटेशन, रजिस्टर्ड सेल डीड और फर्द बदर की प्रमाणित प्रति के लिए दस्तावेज के आकार की परवाह किए बिना 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, जमाबंदी की प्रमाणित प्रति के लिए पहले 10 पृष्ठों तक 100 रुपये तथा इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त पृष्ठ के लिए पांच रुपये शुल्क देना होगा। पूरा भुगतान ऑनलाइन किया जा सकेगा।

    राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि इस पहल से तहसील कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ कम होगी, लोगों का समय बचेगा और जमीन संबंधी रिकार्ड प्राप्त करने में होने वाली देरी भी घटेगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रत्येक आवेदन व उसकी स्वीकृति का इलेक्ट्रानिक रिकार्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे जवाबदेही भी मजबूत होगी।

    डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार पोर्टल पर अपलोड किए गए रिकॉर्ड की शुद्धता की जिम्मेदारी संबंधित पटवारी या राजस्व अधिकारी की होगी। किसी रिकार्ड में संशोधन केवल निर्धारित आधिकारिक प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकेगा।

  • झारखंड में 10 हजार किमी सड़कें होंगी दुरुस्त, ₹1,153 करोड़ की योजना मंजूर

    झारखंड में 10 हजार किमी सड़कें होंगी दुरुस्त, ₹1,153 करोड़ की योजना मंजूर

    रांची
     राज्य सरकार ने राज्य की लगभग 10 हजार किमी सड़कों को दुरुस्त करने का निर्णय किया है। यह राज्य की कुल सड़कों की दो तिहाई है। इन सड़कों की मरम्मति, पुनर्निर्माण और रखरखाव पर 1,153 करेाड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें 3,218 किमी सड़कों का पुनर्निर्माण होगा, जबकि 6,736 किमी सड़कों की राइडिंग क्वालिटी में सुधार होगा।

    पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने इस योजना को लेकर हुई बैठक में अधिकारियों को कई निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया एवं अन्य माध्यमों से सड़कों की मरम्मति में लापरवाही की खबरें आ रही हैं, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है।

    उन्होंने कहा कि गड्ढों की मरम्मति के नाम पर सिर्फ बिटुमिनस सामग्री भरकर काम चलाना गलत है। बिना उचित कटिंग, स्क्वायरिंग और कंपैक्शन के किया गया यह पैच वर्क अस्थायी होता है और जल्दी ही टूट जाता है। प्रधान सचिव ने सख्त निर्देश दिए कि गड्ढों की मरम्मति आइआरसी (भारतीय सड़क कांग्रेस) के मानकों के अनुसार ही हो।

    यदि किसी सड़क पर गड्ढे अधिक हैं तो अलग-अलग पैच वर्क की बजाय पूरी प्रभावित लंबाई (जैसे 100 मीटर या 200 मीटर) पर बिटुमिनस ओवरले (डामर की नई परत) चढ़ाया जाए, ताकि सड़क की मजबूती बनी रहे। इसके साथ ही मरम्मति के बाद रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाना भी अनिवार्य होगा।

    सड़कों को खराब करने वाली अन्य एजेंसियों पर भी सख्ती
    प्रधान सचिव ने बिजली, पानी, सीवरेज जैसी भूमिगत उपयोगिताओं को बिछाने वाली एजेंसियों, खासकर जुडको (जुडको) पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ये एजेंसियां सड़कें खोदकर पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की सतह को निर्धारित मानकों के अनुसार ठीक नहीं करती हैं, जिससे सड़क पर उतार-चढ़ाव और जलजमाव होता है

    विशेष रूप से रांची के एलपीएन शाहदेव चौक-बूटी मोड़, नामकुम-डोरंडा और करमटोली-ओरमांडी सड़कों की स्थिति पर चिंता जताई गई। उन्होंने बरसात के मौसम में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर गंभीर नाराजगी जताई है।

    उन्होंने अफसरों और ठेकेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और सड़कों की मरम्मत के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में विभागीय अधिकारियों को पांच साल में सड़कों की मरम्मत और मजबूती के लिए 1153 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिलने की भी जानकारी दी गई।

    कहा कि अखबारों और अन्य माध्यमों से सड़कों की खस्ताहाली और मरम्मत में लापरवाही की खबरें आ रही हैं, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। इसके साथ ही मरम्मत के बाद रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाना भी अनिवार्य होगा।

    श्रावणी मेले की तैयारियाें को लेकर योजनाओं को मंजूरी
    आगामी श्रावणी मेले को देखते हुए सड़कों की मरम्मत के लिए 27.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त योजनाओं को मंजूरी दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्य मेला शुरू होने से एक सप्ताह पहले पूरे कर लिए जाएं और सुरक्षा के लिहाज से रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड, कैटआई और डिलिनिएटर जरूर लगाए जाएं।

    प्रधान सचिव ने डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के दौरान सड़कों में आई खामियों को ठीक न करने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और उनकी जमानत राशि से मरम्मत का खर्च वसूला जाए।

    पिछले पांच वर्षों में पुल-पुलियों के रखरखाव के लिए स्वीकृ़त राशि
    2022-23: 250.00 करोड़ रु.
    2023-24: 195.38 करोड़ रु.
    2024-25: 202.40 करोड़ रु.
    2025-26: 245.77 करोड़ रु
    2026-27: 259.51 करोड़ रु.

     

  • 18 साल बाद बीकानेर में होगा राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह, सीएम करेंगे ध्वजारोहण

    18 साल बाद बीकानेर में होगा राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह, सीएम करेंगे ध्वजारोहण

    बीकानेर
    बीकानेर के लिए इस बार का स्वतंत्रता दिवस बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रहा है. 18 साल के लंबे इंतजार के बाद बीकानेर को एक बार फिर राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की मेजबानी करने का गौरव मिल रहा है. आगामी 15 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बीकानेर के ऐतिहासिक डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में ध्वजारोहण करेंगे. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने अपने आवास पर जनसुनवाई के दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए यह जानकारी दी. मंत्री गोदारा ने बताया कि इससे पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बीकानेर में राज्य स्तरीय समारोह के दौरान ध्वजारोहण किया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में बीकानेर में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था.

    अब 18 साल बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में बीकानेर में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन होगा. पिछले वर्ष 2025 में  79वें स्वतंत्रता दिवस पर सीएम भजनलाल शर्मा ने जोधपुर के बरकतुल्लाह खान स्टेडियम में राज्य स्तरीय समारोह पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था.

    शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उपस्थिति आवश्यक
    वही छात्र संघ चुनाव के सवाल पर खाद्य आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि छात्रों को राजनीति में उतरने से पहले महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की कक्षाओं में अपनी नियमित उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक छात्र कक्षाओं में नहीं बैठेंगे और अपनी उपस्थिति पूरी नहीं करेंगे, तब तक शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है.

    वहीं बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में मरीजों को हो रही परेशानियों और अव्यवस्थाओं के सवाल पर  मंत्री ने डॉक्टरों को संवेदनशीलता बरतने की सलाह देते हुए कहा कि चिकित्सकों का पहला कर्तव्य मरीज की तकलीफ दूर करना है. लेकिन इसके साथ ही उन्हें अस्पताल की आंतरिक समस्याओं और व्यवस्थाओं पर भी पैनी नजर रखनी चाहिए ताकि आमजन को इलाज के दौरान कोई दिक्कत न हो. जनसुनवाई के दौरान मंत्री सुमित गोदारा ने बीकानेर क्षेत्र के आम लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए

  • रेगिस्तान के जहाज ऊंटों को बचाने की पहल, कृषि यूनिवर्सिटी ने बनाया मास्टर प्लान

    रेगिस्तान के जहाज ऊंटों को बचाने की पहल, कृषि यूनिवर्सिटी ने बनाया मास्टर प्लान

    जयपुर
    रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंटों को बचाने के लिए अब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने तैयार अनूठा मास्टर प्लान तैयार किया है. 'रेगिस्तान के जहाज' को संरक्षित करने के साथ ही मरुस्थलीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. वहीं, इसके साथ ही ऊंटों के दूध से तैयार होने वाले विभिन्न प्रोडक्ट को भी महत्व मिलेगा. पश्चिम राजस्थान में किसी सरकारी संस्थान की ओर से संभवतः यह अब तक का पहला बड़ा प्रयास है.

    ऊंटों की संख्या में बीते कुछ वर्षों में गिरावट
    पश्चिमी राजस्थान में लंबे समय तक आजीविका के मुख्य साधन रहे ऊंटों की संख्या में बीते कुछ वर्षों में काफी अधिक गिरावट देखी गई है. बदलते खेती और परिवहन में आधुनिक वाहनों के उपयोग और चारागाह की लगातार घटती संख्या से न सिर्फ ऊंटों पर यह संकट मंडराया, बल्कि मरुस्थलीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर भी इससे काफी प्रभावित हुई है. इसी को देखते हुए एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कुलगुरु वीरेंद्र सिंह जेतावत की पहल पर यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है.

    इसकी शुरुआत विश्वविद्यालय के ही कृषि विज्ञान केंद्र गुड़ामालानी से शुरू की गई है. इसके तहत न सिर्फ स्थानीय लोगों को जागरूक किया गया, बल्कि विभिन्न प्रयासों के तहत ऊंटों के बेहतर संरक्षण और पशुपालकों के साथ ही चारागाह के पुनरुत्थान को लेकर भी यह महत्वपूर्ण प्रयास बताया जा रहा है.

    ऊंटपालकों को सरकारी स्कीम से जोड़ने पर भी जोर
    एनडीटीवी से खास बातचीत करते हुए इस प्रोजेक्ट के डायरेक्टर और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. प्रदीप पगाड़िया ने बताया कि निश्चित रूप से इस दिशा में कृषि विज्ञान केंद्र गुड़ामालानी से इसकी शुरुआत हुई है. राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र बीकानेर के सहयोग से विभिन्न प्रोजेक्ट के तहत चारागाह जमीन को विकसित किया जाएगा. इसके साथ ही ऊंटपालकों में जागरूकता बढ़ाकर सरकार की ओर से विभिन्न सरकारी योजनाओं से भी इसको जोड़ा जाएगा.

    नए प्लेटफॉर्म से आय में भी होगी बढ़ोतरी
    कृषि विज्ञान केंद्र गुड़ामालानी की ओर से पौष्टिक तत्वों से परपूर सुपरफूड ऊंटनी के दूध का संग्रहण केंद्र बनाकर व उसका मूल्य संवर्धन कर विभिन्न उत्पादों को भी बनाया जाएगा. इससे न सिर्फ ऊंटपालकों को एक नया प्लेटफॉर्म मिलेगा, बल्कि केंद्र के सहयोग से मार्केटिंग होने से उनकी आय में भी काफी बढ़ोतरी होगी. इसके अतिरिक्त ऊंट के बालों से बने उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी पहचान दिलाने के लिए सहायता भी प्रदान की जाएगी, जहां अगर इसके मुख्य उद्देश्य की बात करें, तो बदलते जलवायु परिवर्तन के दौर में ग्रामीण आजीविका को सुरक्षित करने, मरुस्थलीय इकोसिस्टम को बचाने व ऊंटनी के दूध जैसे सुपरफूड के माध्यम से नई ग्रामीण अर्थव्यवस्था को खड़ा करने का यह मिशन है.

  • झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में 31 जुलाई तक तेज वर्षा की संभावना

    झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में 31 जुलाई तक तेज वर्षा की संभावना

     रांची
    उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के आसपास बना गहरा दबाव पिछले 6 घंटों में 7 किमी प्रति घंटे की धीमी गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है।

    पश्चिम बंगाल तट के पास केंद्रित सर्कुलेशन दीघा (पश्चिम बंगाल) से लगभग 20 किमी पूर्व, कोंटाई से 20 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) से 40 किमी पश्चिम, हल्दिया (पश्चिम बंगाल) से 60 किमी दक्षिण-पश्चिम, बालासोर (ओडिशा) से 80 किमी पूर्व और कैनिंग (पश्चिम बंगाल) से 120 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।

    इसके लगभग पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और 28 जुलाई की सुबह तक दीघा के पूर्व और हल्दिया के पश्चिम में पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा के तटों को पार करने की पूरी संभावना है। जिसके बाद तेज वर्षा होने की संभावना है। इसे लेकर एडवाइजरी जारी की गई है।

    तेज हवा बहने का येलो अलर्ट जारी
    मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि 28 जुलाई को राज्य में कहीं कहीं मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा के बहने की संभावना है, इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    साथ ही, उत्तर पश्चिमी क्षेत्र यानी पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के अलावा दक्षिणी हिस्से यानी पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला खरसावां के साथ साथ निकटवर्ती मध्य भाग यानी रांची, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, गुमला, बोकारो, लोहरदगा में कहीं कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। इन जिलों में यह स्थिति 31 जुलाई तक बनी रहेगी।

    डाल्टनगंज रहा सबसे ज्यादा गर्म
    वहीं, पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो राज्य में कुछेक स्थानों पर हल्की व माध्यम दर्जे की वर्षा हुई है। सबसे अधिक वर्षा 61.4 मिमी पश्चिम सिंहभूम के झींकपानी में रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज का जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस लातेहार का रिकार्ड किया गया।

     

  • ‘काम नहीं करना तो अफसर की क्या जरूरत?’ हरियाणा में पार्षद का फूटा गुस्सा, दफ्तर पर जड़ा ताला

    ‘काम नहीं करना तो अफसर की क्या जरूरत?’ हरियाणा में पार्षद का फूटा गुस्सा, दफ्तर पर जड़ा ताला

    फरीदाबाद.

    वार्ड नंबर-43 के पार्षद दीपक यादव ने सीवर लाइन डालने और सड़क बनाने का काम शुरू न करने से नाराज होकर नगर निगम के कार्यकारी अभियंता के कार्यालय पर ताला जड़ दिया।

    पार्षद यादव का कहना है कि वह अपने वार्ड में तिगांव रोड से लेकर सेक्टर-दो सुषमा स्वराज राजकीय महिला कालेज तक सीवर लाइन डलवा रहे हैं और सड़क को सीमेंटेड बना रहे हैं। ताकि कॉलेज में पढ़ने आने वाली छात्राओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। ठेकेदार ने मौके पर सीवर लाइन डालने के लिए पाइप पहुंचा दिए, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं किया। पार्षद का कहना है कि जब उन्होंने ठेकेदार से पूछा कि काम को क्यों रोका हुआ है तो उसने बताया कि कार्यकारी अभियंता डाल चंद शर्मा ने काम को रोकने के लिए कहा है।

    '…इसलिए लगाया दफ्तर पर ताला'
    पार्षद का कहना है कि जब काम ही नहीं करना है तो फिर कार्यकारी अभियंता की निगम कार्यालय में क्या जरूरत है। इसलिए उन्होंने उनके कार्यालय पर ताला लगा दिया। इस दौरान के उनके साथ वार्ड नंबर-40 के पार्षद पवन यादव भी मौजूद थे। इस मामले में निगम के कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा का कहना है कि वह किसी का भी काम को नहीं रोकना चाहते। वर्षा का मौसम चल रहा है। अब सीवर लाइन की खोदाई की गई है। यहां पर पाइप लाइन डालने के दौरान कोई हादसा हो गया तो तब पार्षद या ठेकेदार को कोई नहीं पूछेगा। तक उनके कनिष्ठ अभियंता के ऊपर बात आएगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसलिए इस कार्य को वर्षा के दौरान रोकने के लिए कहा है। कार्यालय पर कोई ताला नहीं लगाया गया है। कार्यालय पूरी तरह से खुला हुआ है।

  • पंजाब में LADC नीति के खिलाफ वकीलों का आंदोलन तेज, 21वें दिन भी जारी रही भूख हड़ताल

    पंजाब में LADC नीति के खिलाफ वकीलों का आंदोलन तेज, 21वें दिन भी जारी रही भूख हड़ताल

    जालंधर.

    जालंधर जिला बार एसोसिएशन का एलएडीसी (लीगल एड डिफेंस काउंसिल) नीति के विरोध में चल रहा आंदोलन मंगलवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन के तहत मंगलवार 34 वकील भूख हड़ताल पर बैठे।

    इसके साथ ही बार एसोसिएशन ने एक बार फिर 'नो वर्क डे' का ऐलान किया है, जिसके चलते अधिवक्ता अदालतों और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में पेश नहीं होंगे। बार एसोसिएशन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, वकीलों किसी प्रकार का पेशेवर कार्य करने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई सदस्य अदालती काम करते नजर आते हैं तो संबंधित सदस्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों से 'नो वर्क डे' का पूर्ण रूप से पालन करने और भूख हड़ताल पर बैठे वकीलों के प्रति नैतिक समर्थन एवं एकजुटता बनाए रखने की अपील की है।

    इसके अलावा बार एसोसिएशन ने कमिश्नर कार्यालय, डिविजनल कमिश्नर कार्यालय, डिप्टी कमिश्नर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर, जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, राजस्व विभाग, एसडीएम-1, एसडीएम-2, डीडीपीओ, डीआरओ, तहसीलदार कार्यालय, निदेशक भूमि अभिलेख, स्थायी लोक अदालत, श्रम न्यायालय, औद्योगिक न्यायाधिकरण, श्रम आयुक्त कार्यालय, करतारपुर, भोगपुर और आदमपुर के नायब तहसीलदार व तहसीलदार कार्यालयों सहित सहकारी समितियों के संयुक्त एवं उप-पंजीयक कार्यालयों के अधिकारियों से भी आंदोलन के दौरान सहयोग करने का अनुरोध किया है। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता।

  • हरियाणा में खुलेंगे 700 नए वीटा बूथ, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

    हरियाणा में खुलेंगे 700 नए वीटा बूथ, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

    चंडीगढ़
     हरियाणा में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 700 नए वीटा बूथ खोले जाएंगे। अब तक 674 वीटा बूथ खोले जा चुके हैं, जबकि जल्द ही 318 बूथ खोले जाएंगे। इसके अलावा 240 बूथों के लिए प्रक्रिया जारी है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। साझा डेयरी योजना के तहत पंचायती जमीन पर इन समूहों के लिए शेड तथा पशुओं की खरीद के लिए ऋण की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

    तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी
    उन्होंने सहकारिता विभाग द्वारा सर्दियों में तीन रुपये और गर्मियों में दी जाने वाली पांच रुपये की प्रोत्साहन राशि दो रुपये के हिसाब से बढ़ाने की घोषणा की। अब यह राशि पांच रुपये तथा सात रुपये प्रति लीटर होगी। दुग्ध मार्केटिंग के लिए तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा रही है, ताकि वीटा दूध को अन्य दूध की तर्ज पर मुनाफे में लाया जा सके।

    पैक्स में महिलाओं के समूहों को दूध की डेयरी शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश के 143 स्वयं सहायता समूहों ने दूध की बिक्री के लिए सहमति जताई है। वीटा बूथ सेंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन पांच लाख लीटर दूध की खरीद की जा रही है। जल्द ही आइसक्रीम बनानी शुरू की जाएगी।

    21 मिल्क चिलिंग सेंटर बनेंगे
    मुख्यमंत्री ने बताया कि रेवाड़ी के बावल में 1.50 लाख लीटर क्षमता का दुग्ध प्लांट लगाया जा रहा है। ठसकी क्षमता बढ़ाकर पांच लाख लीटर की जाएगी। अंबाला में भी 1.50 लाख लीटर क्षमता का प्लांट लगाया जा रहा है। हर जिले में पांच से 10 हजार लीटर क्षमता के 21 मिल्क चिलिंग सेंटर खोले जाएंगे।

    राज्य परिवहन के बस अड्डों पर 75 बूथ खोले गए हैं। रेलवे स्टेशनों, टूरिज्म क्षेत्रों तथा ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों तथा सिविल अस्पतालों में भी जन औषधि स्टोर की तरह वीटा बूथ खोले जाएगें।

    इसी प्रकार प्रदेश में 1400 हरहित स्टोर खोले जाएंगे तथा पंचायतों में आइओसीएल के लिए 300 स्थलों की पहचान की गई है।