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  • हरियाणा में पर्ल ग्रुप जमीन घोटाले में बड़ा एक्शन, पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला फिर गिरफ्तार

    हरियाणा में पर्ल ग्रुप जमीन घोटाले में बड़ा एक्शन, पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला फिर गिरफ्तार

    पंचकूला.

    रायपुररानी स्थित पर्ल ग्रुप की करीब 50 एकड़ जमीन की कथित अनियमित बिक्री मामले में हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला को एक बार फिर गिरफ्तार किया है। मंगलवार देर रात की गई कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने उनका सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। बुधवार को उन्हें अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांगी।

    यह इस मामले में विक्रम सिंगला की दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले 31 जनवरी को विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी और वह बाहर थे। अब जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विजिलेंस ने दोबारा उन्हें हिरासत में लिया है। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार पर्ल ग्रुप की रायपुररानी स्थित करीब 50 एकड़ जमीन की बिक्री और उससे जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं की जांच लंबे समय से चल रही है। इस मामले में दर्ज तीन अलग-अलग एफआईआर की जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पूर्व तहसीलदार के खिलाफ दोबारा गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।

    जांच एजेंसी का मानना है कि मामले में पूछताछ के दौरान जमीन के लेन-देन, राजस्व अभिलेखों में बदलाव और अन्य संबंधित पहलुओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इसी उद्देश्य से अदालत से पुलिस रिमांड लेने की तैयारी की गई है। विजिलेंस ब्यूरो का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। इस हाई-प्रोफाइल जमीन मामले में पहले से दर्ज तीन एफआईआर की कड़ियों को जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

  • अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग तेज, मोहाली के गुरुद्वारे में जुटे बड़ी संख्या में समर्थक

    अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग तेज, मोहाली के गुरुद्वारे में जुटे बड़ी संख्या में समर्थक

    चंडीगढ़.

    अमृतपाल की रिहाई के लिए वारिस पंजाब दे के समर्थक मोहाली अम्मसाहिब गुरुद्वारे में एकत्रित हुए हैं। वे थोड़ी देर में चंडीगढ़ की तरफ कूच करेंगे। वारिस पंजाब दे के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने मंगलवार को अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर प्रस्तावित चंडीगढ़ कूच से पहले युवाओं और आम लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की थी।

    उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी। अयाली ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र दाखा और आसपास के इलाकों से करीब 500 वाहन चंडीगढ़ कूच में शामिल होंगे। उन्होंने बताया था कि प्रदर्शनकारी पहले मोहाली स्थित गुरुद्वारा अंब साहिब में एकत्र होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अनुशासन बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील की।

    शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
    इंटरनेट मीडिया पर जारी अपने संदेश में अयाली ने कहा कि लोगों को अपनी जायज मांगों के समर्थन में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने समर्थकों से ऐसी किसी भी कोशिश में न उलझने और केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर ध्यान देने की अपील की। अयाली ने दावा किया कि अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों के खिलाफ दर्ज मामले झूठे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यदि एजेंसी की जांच में अमृतपाल सिंह के खिलाफ कुछ नहीं मिला, तो उन्हें अब भी डिब्रूगढ़ जेल में क्यों रखा गया है। हालांकि, एनआईए की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अयाली ने यह भी सवाल उठाया कि हिरासत में बंद अन्य नेताओं को पैरोल पर रिहा क्यों नहीं किया गया।

    सरकार तक पहुंचाएंगे अपनी मांग
    उन्होंने कहा कि संबंधित नेताओं ने हमेशा पंजाब और पंजाबियों के मुद्दों को उठाया है। उनका कहना था कि अब समय आ गया है कि सरकार तक इन मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचाया जाए। अयाली ने बताया कि वारिस पंजाब दे के विभिन्न जिलों के नेता इस मार्च का नेतृत्व करेंगे और उनके साथ बड़ी संख्या में युवा भी शामिल होंगे। उन्होंने दोहराया कि आंदोलन का उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है और सभी प्रतिभागियों को कानून का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहिए।

  • Punjab University छात्रा मौत मामला: भाई को नौकरी, परिवार को ₹21 लाख मुआवजा देने का ऐलान

    Punjab University छात्रा मौत मामला: भाई को नौकरी, परिवार को ₹21 लाख मुआवजा देने का ऐलान

    चंडीगढ़.

    पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने से पीएचडी स्कॉलर ज्योति की मौत के मामले में बुधवार को विश्वविद्यालय प्रशासन और मृतका के परिजनों के बीच सहमति बन गई।

    प्रशासन ने परिजनों को 21 लाख रुपये का मुआवजा देने और मृतका के छोटे भाई को नौकरी देने की घोषणा की, जिसके बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गए। समझौते के बाद ज्योति के शव का डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक गांव लेकर जाएंगे। इससे पहले परिजन और छात्र संगठन विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई, आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर अड़े हुए थे। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी।

    ज्योति की करंट लगने से मौत हुई
    उल्लेखनीय है कि मंगलवार सुबह पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 और 10 के बीच स्थित क्षेत्र में ज्योति की करंट लगने से मौत हो गई थी। घटना के बाद कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत ढांचे को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

  • क्या पंजाब पेपर लीक पर घिरी मान सरकार, CJP की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल

    क्या पंजाब पेपर लीक पर घिरी मान सरकार, CJP की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल

    चंडीगढ़ 
    पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के बाद आखिरकार शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा देना पड़ा. NEET के पेपर लीक का मामला 12 मई को जब सामने आया तो मोदी सरकार से लेकर NTA तक डिनायल करता रहा, लेकिन जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले आक्रामक छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार को झुकना पड़ा. इसके साथ ही पंजाब में पेपर लीक का मुद्दा गर्मा गया है, लेकिन भगवंत मान के नेतृ्त्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी तरह डिनायल मोड में नजर आ रही है।  

    पंजाब के फरीदकोट में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी से जुड़े 'फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा' पेपर लीक और नकल का मामला सामने आने के बाद सूबे की राजनीति गरमा गई है. पंजाब पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस से लेकर बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल तक ने मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 

    विपक्षी दलों ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर आक्रामक तेवर अख्तियार कर रखा है. कांग्रेस के नेता सड़क से संसद तक विरोध कर रहे हैं तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर 'डिनायल मोड' में है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जंतर-मंतर से सुर्खियों में आई सीजेपी पंजाब पेपर लीक के मुद्दे पर खामोश क्यों हैं और छात्रों के हक में क्यों आवाज बुलंद नहीं कर रही है? 

    पंजाब में पेपर लीक के 6 मामले सामने आए
    पंजाब पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल समेत बीजेपी ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है. इस्तीफे की मांग इसलिए तेज हो गई है, क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से विपक्षी दलों को पंजाब सरकार को घेरने का एक बड़ा राजनीतिक और नैतिक आधार मिल गया है। 

    विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि साढ़े चार साल के मान सरकार में 6 पेपर लीक के मामले हुए हैं.धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने विपक्षी दलों को एक मौका दे दिया है कि जब केंद्र सरकार अपने मंत्री को हटा सकती है तो पंजाब सरकार क्यों नहीं? 

    कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने संसद परिसर में पंजाब पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि फार्मेसी भर्ती परीक्षा, कक्षा 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा और ग्रुप-बी पेपर सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। 

    नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से आयोजित फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं. कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने मान सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। 

    डिनायल मोड में भगवंत मान सरकार.
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है, सरकार का तर्क है कि जो मामला सामने आया, वह असल में एक हाई-टेक नकल गिरोह का था, जिसमें पेन कैमरे और ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल किया गया था, पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की और आरोपियों को दबोच लिया. इस तरह सरकार पूरी तरह से पेपर लीक से इनकार रही है। 

    हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि मान सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिए इसे सिर्फ 'नकल' का नाम दे रही है, जबकि परीक्षा की पवित्रता का भंग होना सीधे तौर पर व्यवस्था की चूक है.  केंद्र सरकार पर पेपर लीक के खिलाफ 'आम आदमी पार्टी' हमलावर रहती है, तो अपने शासित राज्य में ऐसे मामलों पर आम आदमी पार्टी का डिमेंसिव रवैया राजनीतिक विरोधाभास पैदा कर रहा है। 

    पंजाब में बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. भले ही भगवंत मान सरकार अभी इस मामले में सख्ती से इनकार के मूड में हो, लेकिन जिस तरह से छात्र संगठन और विपक्षी दल लामबंद हो रहे हैं, उसमें कॉकरोच जनता पार्टी की खामोशी पर भी सवाल उठने लगे हैं। 

    पंजाब पेपर लीक पर सीजेपी की चुप्पी पर सवाल
    पंजाब पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने आक्रामक रुख अख्तियार कर रखा है. सड़क से संसद तक मोर्चा खोल रखा है. जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन से सुर्खियों में आई सीजेपी पंजाब मामले पर पूरी तरह से चुप्प है, जिसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। 

    दिल्ली बीजेपी सरकार में शिक्षा मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब के पेपर लीक की घटनाओं को लेकर आम आदमी पार्टी व अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने केजरीवाल पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में विरोध करने वाले नेता पंजाब के छात्रों के भविष्य पर चुप क्यों हैं। 

    सिरसा ने पंजाब पेपर लीक के मुद्दे पर CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि पंजाब में पेपर लीक की घटना होगी तो वो वहां भी आवाज उठाएंगे. समय आ गया है कि ये लोग अपने वादे पर कायम रहें और पंजाब जाकर वहां के युवाओं के लिए भी लड़ाई लड़ें, लेकिन सीजेपी पंजाब मामले पर चुप्प क्यों है, क्या पंजाब के छात्र के हक में आवाज नहीं उठाना चाहिए। 

     पंजाब पेपर लीक पर वेट एंड वाच मोड में सीजेपी
    कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने पंजाब पेपर लीक के मुद्दे पर सिर्फ इतना ही नहीं कहा कि वो आगे की रणनीति का ऐलान जल्द करेंगे. उन्होंने कहा कि प्लीज हमें थोड़ा समय दें. पंजाब में पेपर लीक पर भी बात करेंगे, हमारी टीम अभी इसके लिए प्लानिंग कर रहे हैं. सीजेपी का यह भी कहना है कि दिल्ली का आंदोलन अभी हाल ही में खत्म हुआ है,इसलिए उन्हें और उनके संगठन को इस नए मुद्दे पर उतरने से पहले थोड़ा समय चाहिए ताकि वे पूरी तैयारी के साथ उतर सकें। 

    वहीं, बीजेपी नेता चाहते हैं कि सीजेपी तुरंत पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ भी सड़क पर उतरे, लेकिन सीजेपी अभी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. पंजाब पेपर लीक का मुद्दा काफी गर्मा गया है। 

    कांग्रेस से लेकर अकाली दल और बीजेपी तक आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में छह बड़े पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करीब पांच लाख युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। 

  • Punjab की किसान बेटी हरजिंदर ने CWG 2026 में लहराया परचम, वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर मेडल

    Punjab की किसान बेटी हरजिंदर ने CWG 2026 में लहराया परचम, वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर मेडल

    पटियाला.

    नाभा के गांव मैहस की 30 वर्षीय हरजिंदर कौर ने ग्लासगो कामनवेल्थ गेम्स में जब कल 227 किलो वजन उठाकर रजत पदक जीता तो उन्होंने देश की उम्मीद को पूरा किया। उन्होंने 69 किलो भार वर्ग में यह उपलब्धि हासिल की।

    हरजिंदर कौर को यह सफलता कुछ ही दिनों की नहीं बल्कि कई सालों के संघर्ष और कड़ी मेहनत के बाद मिली है। हरजिंदर कौर के पिता के परिवार की पृष्ठभूमि खेती बाड़ी से जुड़ी है उसके पिता साहब सिंह गांव मैहस में ही खेती करते और कुछ साल पहले तक हालात ऐसे थे कि उनके दो कमरों के मकान में 6 सदस्य रहते। हरजिंदर कौर ने स्वयं को वेट लिफ्टिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेकर जाने से पहले बचपन में घर में भैंसों के लिए चारा काटने वाली मशीनों पर घंटे पसीना बहाया।

    आज चारा काटने वाले हाथों से उन्होंने देश के लिए कामनवेल्थ गेम्स में दूसरी बार मेडल हासिल किया है। इससे पहले हरजिंदर कौर ने साल 2022 में बर्मिंघम कामनवेल्थ गेम्स में भी क्लीन एंड जर्क व स्नैच में कुल 212 किलो वजन उठाकर कांस्य पदक जीता था। हरजिंदर कौर के खेल जीवन की पृष्ठभूमि ऐसी है कि उनके अभ्यास, खेल उपकरणों और पढ़ाई जारी रखने के लिए उनके परिवार को जमीन तक बेचनी पड़ी। यहां उल्लेखनीय है कि हरजिंदर कौर कबड्डी और रस्साकसी की भी राज्य स्तरीय खिलाड़ी रही हैं।

    बहरहाल पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में वेटलिफ्टिंग के कोच परमजीत शर्मा ने रस्साकसी में उनकी प्रतिभा देखकर उन्हें वेटलिफ्टिंग के प्रति फोकस करने का सुझाव दिया। इसके बाद हरजिंदर कौर ने साल 2016 में पंजाबी यूनिवर्सिटी से वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की। अगस्त 2021 में पटियाला में आयोजित वेट लिफ्टिंग के राष्ट्रीय कैंप में हिस्सा लिया। साल 2021 में कामनवेल्थ वेट लिफ्टिंग सीनियर चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल जीता। हरजिंदर कौर के लिए वेटलिफ्टिंग का सफर आसान नहीं रहा। लड़की होने के चलते वेटलिफ्टिंग के कारण शरीर पर बुरा असर पड़ने की बात कही गई । इससे हतोत्साहित होकर उन्होंने वेटलिफ्टिंग छोड़ दी थी और घर लौट आईं।

    कुछ हफ्ते घर पर रहीं। उसके बाद कोच और घरवालों ने काफी समझाया। इसके बाद फिर से प्रैक्टिस शुरू की। हरजिंदर कौर परिवार में सबसे छोटी हैं। एक बड़ा भाई और बड़ी बहन है। जब उनका जन्म हुआ तो परिवार को काफी निराशा हुई लेकिन जब बीते बर्मिंघम कामनवेल्थ गेम्स में मेडल जीता तो पिता ने कहा, तुम मेरी बेटी नहीं, बेटा हो । इससे ज्यादा गर्व आज तक कभी महसूस नहीं हुआ। हरजिंदर कौर ने इस ऐतिहासिक मुकाबले में कुल 227 किलोग्राम का भार उठाकर न केवल पदक का रंग बदला, बल्कि अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज किया।

    हरजिंदर कौर ने प्रतियोगिता के दौरान स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों चरणों में अद्भुत खेल दिखाया और इस दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स के रिकॉर्ड भी तोड़े। स्नैच राउंड में बेहतरीन शुरुआत की। अपने प्रयासों के दौरान उन्होंने पहले 99 किलो वजन उठाकर गेम्स रिकार्ड बनाया और फिर अपने अंतिम प्रयास में 101 किलोग्राम भार उठाकर खुद का ही रिकार्ड तोड़ दिया। क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने अपनी ताकत का लोहा मनवाया। उन्होंने पहले 120 किलो, फिर 123 किलो और आखिरी प्रयास में सफलतापूर्वक 126 किलोग्राम वजन उठाया।

    कुल परिणाम:
    स्नैच (101 किलो) और क्लीन एंड जर्क (126 किलो) को मिलाकर उन्होंने कुल 227 किलोग्राम वजन उठाया और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस श्रेणी का गोल्ड मेडल कनाडा की शार्टलेट सिमोन्यू ने कुल 240 किलोग्राम वजन उठाकर जीता।

  • E20 पेट्रोल पर आर-पार की लड़ाई! 4 दिन में 3 बड़े प्रदर्शन का ऐलान, फिर आंदोलन की ओर बढ़ी दिल्ली

    E20 पेट्रोल पर आर-पार की लड़ाई! 4 दिन में 3 बड़े प्रदर्शन का ऐलान, फिर आंदोलन की ओर बढ़ी दिल्ली

    नई दिल्ली

    भारत में अनिवार्य E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ विरोध अब एक बड़े जनांदोलन का रूप लेता जा रहा है। आने वाले चार दिनों यानी 31 जुलाई से 4 अगस्त के भीतर दिल्ली में तीन बड़े विरोध प्रदर्शन होने जा रहे हैं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक दल और ट्रांसपोर्ट यूनियंस शामिल हैं।

    सरकार की इस नीति के खिलाफ वाहन मालिकों की मुख्य शिकायत यह है कि इससे पुरानी गाड़ियों का माइलेज घट रहा है और इंजन में खराबी आ रही है।

    31 जुलाई: तहसीन पूनावाला का 'गाड़ी मार्च, गांधी मार्च'
    राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला और नागरिक समूह 'टीम भारत' ने 31 जुलाई को दिल्ली में एक विशाल शांतिपूर्ण रैली का ऐलान किया है। यह 'गाड़ी मार्च' इंडिया गेट से शुरू होकर संसद मार्ग तक जाएगा और इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा हरदीप सिंह पुरी के आवासों व कार्यालयों के पास से गुजरेगा।

    'टीम भारत' की मांग है कि E0 (इथेनॉल-मुक्त) पेट्रोल की कीमत कम की जाए, E20 पेट्रोल पर उपभोक्ताओं को 20% की छूट दी जाए, और उन पुरानी गाड़ियों के लिए समाधान निकाला जाए जो E20 के अनुकूल नहीं हैं। साथ ही, वे इस नीति में हितों के टकराव के आरोपों पर जवाब भी मांग रहे हैं।

    1 अगस्त: अरविंद केजरीवाल का 'नेशनल टाउनहॉल'
    आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के खिलाफ 1 अगस्त को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक 'नेशनल टाउनहॉल' आयोजित करने की घोषणा की है।

    इस मंच पर विशेषज्ञ, आम जनता और वे वाहन मालिक जुटेंगे जिन्हें E20 ईंधन के कारण नुकसान उठाना पड़ा है। इसका मकसद केंद्र सरकार पर E20 पेट्रोल को वापस लेने या इसे वैकल्पिक बनाने का दबाव बनाना है।

    केजरीवाल ने बताया कि E20 पेट्रोल को वैकल्पिक बनाने की उनकी ऑनलाइन याचिका पर अब तक लगभग 2 लाख लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। इस बैठक के बाद वे यह याचिका लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 2023 से पहले बने वाहनों में E20 के इस्तेमाल से वित्तीय बोझ बढ़ा है और इंजन तेजी से खराब हो रहे हैं।

    4 अगस्त: दिल्ली ट्रांसपोर्ट सेक्टर का संसद मार्च
    दिल्ली के परिवहन क्षेत्र ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन सहित कई अन्य यूनियनों ने 4 अगस्त को संसद तक विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है।

    एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट के मुताबिक, देशभर से वाहन मालिकों की शिकायतें आ रही हैं कि E20 पेट्रोल से फ्यूल एफिशिएंसी घट गई है और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है। 2015 से पहले निर्मित कई गाड़ियां 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए डिजाइन ही नहीं की गई हैं।

    ट्रांसपोर्टर्स की मांग है कि E20 नीति की एक स्वतंत्र वैज्ञानिक समीक्षा की जाए, जिसमें वाहन मालिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से गैर-राजनीतिक प्रदर्शन है और उनकी एकमात्र मांग यह है कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए।

    पूरे देश में 90,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर अब केवल E20 पेट्रोल ही उपलब्ध है, जिसके कारण जनता के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। सोशल मीडिया पर 'E20 जनता पार्टी' जैसे अभियान भी जोर पकड़ रहे हैं, जो सरकार की इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर इसके प्रभाव पर सवाल उठा रहे हैं।

  • सेंट स्टीफंस कॉलेज में शॉर्ट्स पहनने पर रोक, छात्रों ने लगाया ‘मोरल पुलिसिंग’ का आरोप

    सेंट स्टीफंस कॉलेज में शॉर्ट्स पहनने पर रोक, छात्रों ने लगाया ‘मोरल पुलिसिंग’ का आरोप

    नई दिल्ली

    दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन का दौर खत्म हो चुका है और अब 12वीं के बाद पहली बार छात्र कॉलेज पहुंच रहे हैं. इसी बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के सेंट स्टीफंस कॉलेज ने एक ऐसा फरमान जारी कर दिया है, जिसे लेकर विवाद शुरू हो चुका है. कॉलेज ने कैंपस के कई हिस्सों में छात्रों के शॉट्स पहनने पर रोक लगा दी है. बताया गया कि कॉलेज के पहले ही दिन कई छात्र शॉट्स पहनकर पहुंच गए थे, जिसके बाद कॉलेज ने ये नोटिस जारी किया है. इसमें बताया गया है कि क्लासरूम, असेंबली हॉल, लाइब्रेरी, डाइनिंग हॉल और चैपल में शॉर्ट्स पहनकर नहीं आ सकते हैं। 

    फर्स्ट ईयर के छात्रों के लिए नोटिस
    दिल्ली के मशहूर सेंट स्टीफंस कॉलेज के कैंपस में कई जगह ये नोटिस चिपकाया गया है. इसमें फर्स्ट ईयर के छात्रों को ड्रेस कोड के नियम बताए गए हैं और कहा गया है कि इनका सख्ती से पालन करें. इस नोटिस पर कॉलेज की नई प्रिंसिपल सुसान एलियास के साइन हैं. हालांकि, छात्रों का दावा है कि यह नियम सीनियर सदस्यों पर भी लागू होता है। 

    छात्रों ने किया विरोध
    दिल्ली यूनिवर्सिटी में ड्रेस कोड को लेकर जारी इस नोटिस को लेकर अब विवाद भी शुरू हो चुका है. कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन उनके पसंद के कपड़ों में दखल दे रहा है. छात्र इसे मोरल पुलिसिंग बता रहे हैं. हालांकि कुछ छात्रों का ये भी कहना है कि ये सिर्फ एक पारंपरिक नियम है, इसका सख्ती से पालन नहीं किया जाता है और आमतौर पर ऐसा करने वाले छात्रों को कोई भी सजा नहीं दी जाती है। 

    इन छात्रों पर सबसे ज्यादा असर 
    कॉलेज के इस नियम का असर सबसे ज्यादा स्पोर्ट्स टीमों के खिलाड़ियों पर असर पड़ता है, जो जो सुबह की प्रैक्टिस के लिए आधिकारिक स्पोर्ट्स किट में आते हैं. आमतौर पर ये शॉर्ट्स ही होते हैं. कुछ छात्रों ने दावा किया है कि कई बार स्पोर्ट्स के छात्रों को डाइनिंग हॉल में इसके चलते एंट्री नहीं दी जाती है. फिलहाल यूनिवर्सिटी की तरफ से इस नए नोटिस या नियम को लेकर कोई भी सफाई नहीं दी गई है।  

  • 2 करोड़ का इनामी, 150 से ज्यादा केस… कौन है देश का आखिरी नक्सली पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा?

    2 करोड़ का इनामी, 150 से ज्यादा केस… कौन है देश का आखिरी नक्सली पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा?

    रांची

    नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में मंगलवार को सुरक्षा बलों को दो बड़ी कामयाबी मिली। दिन में जहां सारंडा में सक्रिय रहे 24 नक्सलियों ने जहां पुलिस के सामने सरेंडर किया, वहीं देर रात भाकपा माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य और 2.20 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार कर लिया।। बेसरा के साथ उसके दो सहयोगी मेहनत उर्फ मोछू और गौरव भी दबोचे गए है। यह गिरफ्तारी धनबाद और गिरिडीह की सीमा पर स्थित मनियाडीह इलाके से हुई। मिसिर समेत अन्य माओवादियों को धनबाद- गिरिडीह सीमा पर एक टाटा मैजिक गाड़ी से पकड़ा गया। इसके अलावा दो अन्य को हिरासत में भी लिया गया है।

    दरअसल, सुरक्षाबलों को मिसिर बेसरा के अपने दो सहयोगियों के साथ गिरिडीह जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद राज्य पुलिस मुख्यालय ने तीनों को दबोचने के लिए गुप्त योजना बनाई। योजना के तहत देर रात कामयाबी मिली। पीरटांड निवासी मिसिर तकरीबन 40 सालों से माओवादी संगठन में सक्रिय था। धनबाद में कॉलेज में पढ़ाई के दिनों में महाजनी आंदोलन के जरिए वह नक्सली संगठन से जुड़ गया था।

    एक मात्र पोलित ब्यूरो सदस्य बचा था मिसिर
    भाकपा माओवादियों का संगठन अब पूरी तरह खत्म हो गया है। देशभर में मिसिर बेसरा एक मात्र पोलित ब्यूरो सदस्य था। 22 फरवरी 2026 को पोलित ब्यूरो सदस्य और भाकपा माओवादियों के प्रमुख देव ने सरेंडर कर दिया था। वहीं इससे पूर्व नंबला केशव राजू उर्फ बसवा राजू को सुरक्षाबलों ने 21 मई 2025 को मार गिराया था। माओवादियों का सचिव रहा गणपति बीते आठ सालों से ट्रेसलेस है, खराब स्वास्थ्य के कारण कई बार उसकी मौत की अटकलें लगती रही हैं।

    आईबी लगातार रख रही थी नजर
    बताया जाता है कि केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी लगातार बेसरा पर नजर रख रही थी। आईबी की सूचना पर ही मंगलवार को राज्य पुलिस मुख्यालय, सीआरपीएफ व झारखंड जगुआर ने संयुक्त रणनीति बनाई।

    कई माह से दे रहा था चकमा
    मिसिर बेसरा कई माह से सुरक्षा बलों को चकमा दे रहा था। मई में झारखंड पुलिस के समक्ष बेसरा दस्ते के 27 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। मंगलवार को भी 24 नक्सलियों ने सरेंडर किया । सरेंडर करने वाले माओवादियों से भी सुरक्षाबलों को मिसिर बेसरा के गतिविधियों की जानकारी मिली थी।

    पहली बार 2007 में खूंटी से हुई थी गिरफ्तारी
    मिसिर बेसरा पहली बार सितंबर 2007 में खूंटी से गिरफ्तार हुआ था, पर 2009 में बिहार के लखीसराय कोर्ट में हमला कर माओवादियों ने छुड़ा लिया था। तब से बूढ़ापहाड़, कोल्हान व सारंडा में रहा।

    150 से अधिक केस हैं दर्ज
    बेसरा के खिलाफ झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में 150 से अधिक केस हैं। दो केस में एनआईए को भी तलाश थी। झारखंड में बेसरा पर एक करोड़, जबकि ओडिशा मे 1.20 करोड़ का इनाम घोषित है। गिरफ्तारी के बाद मिसिर बेसरा और सहयोगियों को लेकर पुलिस रांची के लिए निकल गई है। देर रात या बुधवार तड़के तीनों के रांची पहुंचने की संभावना है।

  • बिहार के सभी स्कूलों में अब हर शनिवार हाफ-डे, डिप्टी CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान

    बिहार के सभी स्कूलों में अब हर शनिवार हाफ-डे, डिप्टी CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान

    पटना
    बिहार के सभी स्कूलों में अब सेटरडे को हाफ-डे रहेगा। स्कूलों में शनिवार को पूरे दिन पढ़ाई नहीं होगी, बल्कि आधा दिन ही विद्यालय चलेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोगों के द्वारा यह मांग की जा रही थी। बिहार विधान मंडल के मॉनसून सत्र में भी यह मुद्दा उठा। उसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उन्होंने इस ओर कदम उठाने के निर्देश दे दिए हैं। सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के तहत यह फैसला लिया गया है।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुंगेर जिले के असरगंज में राजकीय डिग्री कॉलेज का उद्घाटन किया। इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बिहार के सभी स्कूलों में शनिवार को हाफ-डे करने की घोषणा की। अब राज्य के सभी स्कूल शनिवार को आधा दिन ही चलेंगे। टिफिन ब्रेक के बाद बच्चों की छुट्टी कर दी जाएगी। सीएम की इस घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खुशी में ताली बजाकर उनका स्वागत किया।

    बीएड कॉलेजों में भी खुलेंगे डिग्री कॉलेज
    सम्राट ने कहा कि उनकी सरकार ने बिहार के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का फैसला लिया है। राज्य में 211 डिग्री कॉलेज खोले जा चुके हैं। आज असरगंज में 212 वां डिग्री कॉलेज खोल गया। उन्होंने ऐलान किया कि अब बिहार के सभी बीएड कॉलेजों में भी डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे।

    मॉडल स्कूलों का दायरा बढ़ेगा
    सीएम ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार ने मॉडल स्कूल की कल्पना की है। सरस्वती विद्या निकेतन बन रहे हैं। 551 जगहों पर इसकी शुरुआत हुई। आज 10 और जगहों पर ऐसे स्कूल खुल गए। इनकी संख्या बढ़कर 561 हो गई है। यह आंकड़ा अभी और बढ़ेगा।

    पढ़ने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा- सीएम
    सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के बच्चों को पढ़ने के लिए उनके गांव में ही सारी सुविधा विकसित की जा रही है। बच्चों को खेल से जोड़ने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। जगह-जगह खेल मैदान और आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित करने पर काम हो रहा है।

    गृह जिले के दौरे पर सम्राट चौधरी
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को अपने गृह जिले मुंगेर के दौरे पर रहे। दोपहर 1:35 बजे वह हेलिकॉप्टर से तारापुर के लौना पहुंचे। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका स्वागत किया गया। यहां सीएम ने सरस्वती विद्या निकेतन लौना से 10 मॉडल विद्यालयों का रिमोट के जरिए उद्घाटन किया। उन्होंने क्लासरूम में जाकर शिक्षकों से अध्यापन के तरीकों की जानकारी ली और बच्चों से पढ़ाई पर बात की। छात्रों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का भी उन्होंने अवलोकन किया।

    सम्राट चौधरी दोपहर 2:20 बजे सड़क मार्ग से हरपुर थाना पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां थाने के नए भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने थानाध्यक्ष कक्ष, हाजत और भवन के अन्य कमरों का बारीकी से निरीक्षण किया। यहां से वे असरगंज के लिए रवाना हो गए।

    ​कार्यक्रम के अंतिम चरण में सीएम ने असरगंज में राजकीय डिग्री महाविद्यालय में पठन-पाठन का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ जनसंवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और विकास कार्यों पर चर्चा की।

  • श्रावणी मेले के लिए रेलवे का बड़ा तोहफा, 12 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी; बिहार, झारखंड, बंगाल और यूपी के श्रद्धालुओं को राहत

    श्रावणी मेले के लिए रेलवे का बड़ा तोहफा, 12 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी; बिहार, झारखंड, बंगाल और यूपी के श्रद्धालुओं को राहत

    पटना

    श्रावणी मेले का आगाज हो रहा है। इस मेले दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर और सुलतानगंज आने-जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। पूर्व मध्य रेल की ओर से श्रावणी मेले पर 12 जोड़ी विशेष ट्रेनों के परिचालन की घोषणा की गई है। ये स्पेशल ट्रेनें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के यात्रियों को सीधी सुविधा उपलब्ध कराएंगी। इनमें अधिकतर ट्रेनें जसीडीह, देवघर, सुलतानगंज और भागलपुर होकर चलेंगी, जिससे कांवरियों और श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से सुगम होगी।

    रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि परिचालन इस सप्ताह से अगस्त और कुछ ट्रेनों का सितंबर तक होगा। प्रमुख ट्रेनों में जयनगर-आसनसोल श्रावणी मेला स्पेशल 31 जुलाई से 30 अगस्त तक सप्ताह में तीन दिन चलेगी। यह मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी, किउल, झाझा और जसीडीह होकर चलेगी। रक्सौल-देवघर श्रावणी मेला स्पेशल भी 31 जुलाई से सप्ताह में तीन दिन सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बरौनी, जमालपुर और भागलपुर के रास्ते देवघर पहुंचेगी। कोसी क्षेत्र के लिए राघोपुर-देवघर श्रावणी मेला स्पेशल रोज चलेगी। यह न सुपौल, सहरसा, मानसी, खगड़िया, मुंगेर, सुलतानगंज और भागलपुर होते देवघर पहुंचेगी। दानापुर और साहिबगंज के बीच भी प्रत्येक रविवार को विशेष ट्रेन चलेगी।

    पटना-इस्लामपुर श्रावणी मेला सप्ताह में तीन दिन चलेगी
    पटना और नालंदा जिले के यात्रियों को भी राहत देते हुए पटना-इस्लामपुर श्रावणी मेला स्पेशल का संचालन सप्ताह में तीन दिन किया जा रहा है। हावड़ा से नटेसर के बीच भी सप्ताह में तीन दिन विशेष ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन जसीडीह, किउल, शेखपुरा, बिहारशरीफ, नालंदा और राजगीर होकर नटेसर पहुंचेगी। इससे पश्चिम बंगाल के श्रद्धालुओं को राजगीर और नालंदा क्षेत्र तक सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी। झारखंड के यात्रियों के लिए रेलवे ने रांची-भागलपुर के बीच दो अलग-अलग मार्गों से दो जोड़ी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है। पहली ट्रेन बोकारो, गोमो, कोडरमा, नवादा, किउल और जमालपुर होकर चलेगी। जबकि दूसरी ट्रेन बरकाकाना, हजारीबाग टाउन, कोडरमा, नवादा और किउल के रास्ते भागलपुर पहुंचेगी। दोनों ट्रेनों का परिचालन सप्ताह में दो-दो दिन किया जाएगा।

    सावन में रुद्राभिषेक के लिए मंदिरों में ऑनलाइन बुकिंग
    सावन 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसमें भगवान शिव की पूजा व रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। रुद्राभिषेक के लिए अब बिहार के मंदिरों में ऑनलाइन बुकिंग भी होने लगी है। पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर, पूर्वी चंपारण स्थित कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर, सोनपुर में बाबा हरिहर नाथ मंदिर स्थित शिवलिंग पर रुद्राभिषेक की बुकिंग करायी जा रही है। पूजा सामग्री की व्यवस्था मंदिर में ही :महावीर मंदिर पटना और विराट रामायण मंदिर में रुद्राभिषेक की बुकिंग के साथ ही पूजा सामग्री मंदिर प्रबंधन की तरफ से उपलब्ध करायी जाती हैं।

    महावीर मंदिर पटना जंक्शन की बुकिंग मंदिर के पोर्टल पर जाकर लोग कर रहे हैं। मंदिर के द्वारा पूजन सामग्री के साथ-साथ पूजा कराने वाले आचार्य की भी व्यवस्था की जाती है। मंदिर में रोज चार अलग-अलग शिवलिंगों पर कुल 56 रुद्राभिषेक कराए जाने की व्यवस्था है। पूर्वी चंपारण स्थित कैथवलिया विराट रामायण मंदिर के नवनिर्मित शिव मंडप में भी रुद्राभिषेक की शुरुआत की गई है।

    बड़े मंदिरों में भी ई -पूजा और ई-अभिषेक की व्यवस्था
    देश के बड़े मंदिरों काशी विश्वनाथ (वाराणसी), महाकालेश्वर मंदिर (उज्जैन) में ऑनलाइन पूजा बुकिंग होती है। आचार्य अशोक कुमार मिश्र बताते हैं कि सोमनाथ और केदारनाथ मंदिर की वेबसाइट पर ई- पूजा व ई-अभिषेक’ की व्यवस्था है। महात्मा गांधी नगर के पं.अखिलेश शुक्ला बताते हैं कि सभी सोमवारी के दिन सुबह से रात तक पूजा की बुकिंग है।