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  • हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: दिव्यांग कर्मचारी को मेडिकल बिल, पूरा वेतन और सुपरन्यूमैरेरी पद दें

    हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: दिव्यांग कर्मचारी को मेडिकल बिल, पूरा वेतन और सुपरन्यूमैरेरी पद दें

    चंडीगढ़.

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 100 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता से जूझ रहे हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के एक कर्मचारी को बड़ी राहत देते हुए उसके इलाज पर खर्च हुए 3.95 लाख रुपये का मेडिकल प्रतिपूर्ति भुगतान करने, उसके लिए सुपरन्यूमैरेरी (अतिरिक्त) पद सृजित करने तथा 13 अगस्त 2025 के बाद लिए गए बिना वेतन अवकाश को मेडिकल लीव मानकर पूरा वेतन और सभी सेवा लाभ देने के आदेश दिए हैं।

    जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि एएलएस (एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस) जैसी तेजी से बढ़ने वाली अपक्षयी बीमारी के मामलों में ''इमरजेंसी'' की अवधारणा को व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। याचिकाकर्ता सुनील कुमार वर्ष 2018 में क्लर्क नियुक्त हुए थे और वर्ष 2022 में सहायक बने। बाद में उन्हें मोटर न्यूरान डिजीज (एएलएस) का पता चला, जिससे उनके दोनों हाथ-पैरों ने काम करना बंद कर दिया और उनकी 100 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता प्रमाणित हुई। उपचार के लिए उन्होंने बेंगलुरु स्थित एक विशेषीकृत केंद्र में स्टेम सेल थेरेपी सहित इलाज कराया, जिस पर 3.95 लाख रुपये खर्च हुए। बोर्ड ने यह कहते हुए प्रतिपूर्ति देने से इन्कार कर दिया कि उपचार आपातकालीन परिस्थितियों में नहीं कराया गया था।

    हाई कोर्ट ने इस आधार को अस्वीकार करते हुए कहा कि परंपरागत रूप से ''इमरजेंसी'' को केवल आसन्न मृत्यु या गंभीर चिकित्सीय संकट तक सीमित समझा जाता है, लेकिन एएलएस जैसी लगातार बढ़ने वाली बीमारियों से पीड़ित दिव्यांग व्यक्तियों के लिए तेजी से और अपरिवर्तनीय रूप से शारीरिक क्षमता का खत्म होना भी उतना ही गंभीर है। अदालत ने कहा, समावेशी दृष्टिकोण से ''इमरजेंसी'' की व्याख्या ही संविधान में निहित समानता, गरिमा तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के उद्देश्यों के अनुरूप है।अदालत ने कहा कि जीवन की रक्षा संविधान के अनुच्छेद 21 का हिस्सा है और केवल इसलिए किसी व्यक्ति को समय पर उपचार से वंचित नहीं किया जा सकता कि अस्पताल सरकार के पैनल में शामिल नहीं है। ऐसे मामलों में राज्य का रवैया निष्पक्ष और तर्कसंगत होना चाहिए।

    हाई कोर्ट ने यह भी पाया कि दिव्यांग कर्मचारी के लिए उपयुक्त पद उपलब्ध कराने संबंधी उसके आवेदन पर लंबे समय तक कोई निर्णय नहीं लिया गया, जबकि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 20 स्पष्ट रूप से सेवा के दौरान दिव्यांग हुए कर्मचारी को समान वेतन और सेवा लाभ के साथ उपयुक्त पद या आवश्यकता पड़ने पर सुपरन्यूमेरेरी पद देने का प्रावधान करती है। अदालत ने आदेश दिया कि कर्मचारी के लिए उपयुक्त सुपरन्यूमेरेरी पद बनाया जाए तथा 13 अगस्त 2025 के बाद का बिना वेतन अवकाश मेडिकल लीव मानते हुए पूरा वेतन, सेवा की निरंतरता और सभी परिणामी लाभ छह सप्ताह के भीतर दिए जाएं। वहीं 3.95 लाख रुपये की चिकित्सा प्रतिपूर्ति चार सप्ताह में जारी करने का भी निर्देश दिया गया।

  • Punjab में जिम ट्रेनर की शर्मनाक हरकत, चेले को पसीना पिलाया; विवाद बढ़ने पर मांगी माफी

    Punjab में जिम ट्रेनर की शर्मनाक हरकत, चेले को पसीना पिलाया; विवाद बढ़ने पर मांगी माफी

    अमृतसर.

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक जिम ट्रेनर का घटिया हरकत सामने आया है। दरअसल, एक जिम ट्रेनर तेजबीर सिंह राणा उर्फ राणारॉक ने अपने चेले को टी-शर्ट निचोड़कर अपना पसीना पिला दिया।

    सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रहे इस 8 सेकेंड के वीडियो में जिम ट्रेनर अपने चेले राजन को टी-शर्ट निचोड़कर पसीना पिलाते हुए कहता है कि, ''अगर तूने इसे पी लिया, तो तू तगड़ा हो जाएगा।'' इसके बाद जिम ट्रेनर ने वीडियो जारी कर माफी भी मांगी। ये मामला शनिवार 25 जुलाई का है।
    गोरतलब है कि, जैसे ही चेले राजन ने इस वीडियो को सोलश मीडिया पर अपलोड किया उसके बाद से जिम ट्रेनर जमकर ट्रोल हुआ। जिसके बाद उसने 2 दिन बाद 27 जुलाई को एक नया वीडियो जारी कर माफी मांगी। इस दौरान जिम ट्रेनर ने कहा कि, उसने यह वीडियो अपलोड नहीं किया बल्कि उसके चेले राजन ने वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया।

    आपको बता दे कि जिम ट्रेनर तेजबीर सिंह राणा उर्फ राणारॉक अमृतसर में तरनतारन रोड पर द रॉक नाम से जिम चलाता है। माफी मांगने का वीडियो अपलोड कर ट्रेनर तेजबीर सिंह राणा ने कहा, ''इस वीडियो से जिनकी भी भावनाएं आहत हुई हैं, मैं उनसे माफी मांगता हूं। भविष्य में मैं इस तरह की कोई वीडियो अपलोड नहीं करूंगा और कंटेंट सोच समझकर ही बनाया जाएगा।''  ट्रेनर ने कहा कि उसने अपने चेले राजन से पहले ही कहा कि, पसीने वाला वीडियो इंस्टाग्राम अपलोड मत करना, लेकिन इंसान से कभी भी गलती हो सकती है।

    इंस्टाग्राम का पासवर्ट और रील अपलोड की जिम्मेदारी राजन की है। रविवार की छुट्टी होने के चलते मुझे इसके बारे में पता नहीं चले जब सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग देखी तो पूरे मामले की जानकारी मिली। ट्रेनर ने गुरबाणी का हवाला देते हुए कहा कि इंसान गलतियों का पुतला है और परमात्मा व साध संगत ही बख्शने वाली है। ट्रेनर ने कहा कि, उसने अपने पेज से इस वीडियो को हटा दिया है। जिन लोगों ने उन्हें गालियां दी उसका भी धन्यवाद करता हूं और अगर दूसरे इस वीडियो पेज पर रखें जा हटाए, ये उनका फैसला है। वहीं राजन का कहना है कि,  कहा कि उसे उस समय यह एक सामान्य वीडियो लगी थी।

  • BPSC TRE-4: बिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ, BPSC को भेजी गई रिक्तियों की सूची

    BPSC TRE-4: बिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ, BPSC को भेजी गई रिक्तियों की सूची

    पटना 

    बिहार में TRE-4 नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया है कि TRE-4 के अंतर्गत 32,388 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए शिक्षा विभाग द्वारा अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी गई है. इसके साथ ही सीएम सम्राट चौधरी ने भर्तियों का आंकड़ा भी जारी कर दिया है. इसमें बताया गया है कि कौन सी कक्षा के लिए कितने पदों पर भर्ती की जाएगी. इसके बाद अब कभी भी नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। 

    सीएम ने किया पोस्ट 
    लाखों अभ्यर्थियों को ये बड़ी जानकारी देते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने लिखा, TRE-4 के अंतर्गत 32,388 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए शिक्षा विभाग द्वारा अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी गई है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, युवाओं को रोजगार और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। 

    पदों का पूरा ब्योरा

        कक्षा 1–5: 3,847
        कक्षा 6–8: 8,563
        कक्षा 9–10: 3,877
        कक्षा 11–12: 16,101
        कुल पद : 32,388

    लंबे समय से बिहार के अभ्यर्थी लगातार टीआरई-4 को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, इसी बीच सीएम की तरफ से ये बड़ा ऐलान किया गया है. इस ऐलान के साथ ही सम्राट चौधरी ने लिखा कि हमारी सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। 

  • हरियाणा हाई कोर्ट रीडर भर्ती विवाद: मनमाने अंक देने के आरोप पर 22 सितंबर तक मांगा जवाब

    हरियाणा हाई कोर्ट रीडर भर्ती विवाद: मनमाने अंक देने के आरोप पर 22 सितंबर तक मांगा जवाब

    चंडीगढ़.

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में रीडर (लीगल) भर्ती-2025 की चयन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए दो अभ्यर्थियों ने याचिका दायर की है। पिंजोर निवासी नीलम व अन्य ने आरोप लगाया है कि विवा वाइस में मनमाने ढंग से अत्यंत कम अंक देकर उन्हें चयन से बाहर कर दिया गया, जबकि लिखित परीक्षा और अन्य निर्धारित चरणों में वे निर्धारित योग्यता पूरी कर चुकी थीं।

    उन्होंने अंतिम चयन परिणाम के साथ-साथ उनकी आपत्तियां खारिज करने वाले आदेशों को भी रद्द करने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं के वकील डी एस रावत ने बेंच को बताया कि हाई कोर्ट ने 14 जुलाई 2025 को रीडर (लीगल) के 60 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इनमें 48 पद प्रत्यक्ष भर्ती और 12 विभागीय कोटे के थे। सामान्य वर्ग में प्रत्यक्ष भर्ती के 41 पद विज्ञापित किए गए थे। चयन प्रक्रिया में 250 अंकों की लिखित परीक्षा और 30 अंकों का विवा-वाइस निर्धारित था। नियमों के अनुसार लिखित परीक्षा में अंग्रेजी में 50 प्रतिशत, अन्य दोनों प्रश्न पत्रों में 40 प्रतिशत तथा विवा में न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने लिखित परीक्षा में क्रमश 148 और 139.5 अंक प्राप्त किए तथा कंप्यूटर प्रवीणता परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली। इसके बाद उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, लेकिन अंतिम परिणाम में विवा-वाइस में क्रमश 9 और 8 अंक दिए गए, जिसके कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। उनका दावा है कि कुल 50 प्रतिशत से अधिक अंक होने के बावजूद केवल विवा में कम अंक देकर उन्हें चयन से वंचित किया गया।

    याचिका में आरोप लगाया गया है कि साक्षात्कार में शामिल 39 अभ्यर्थियों में से किसी को भी औसत स्तर का नहीं माना गया। चयनित उम्मीदवारों को 27, 28 या 29 अंक दिए गए, जबकि अयोग्य घोषित अभ्यर्थियों को 7, 8 या 9 अंक देकर बाहर कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने इसे चयन प्रक्रिया में पक्षपात और मनमानी का संकेत बताया है। उन्होंने आरटीआई से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि कई अभ्यर्थियों को विभिन्न मूल्यांकन मदों में समान अंक दिए गए, जिससे अंकांकन की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जहां तक संभव हो साक्षात्कार की वीडियो रिकार्डिंग का सुझाव दिया है, लेकिन इस भर्ती में ऐसा नहीं किया गया।

    याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट से अंतिम चयन परिणाम निरस्त करने, विवा-वाइस दोबारा वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ कराने अथवा विशेष परिस्थितियों में विवा के न्यूनतम अंकों की शर्त में राहत देकर उनके मामले पर सहानुभूतिपूर्वक पुनर्विचार करने का निर्देश देने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि सामान्य वर्ग के 41 में से 21 पद अब भी रिक्त हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट की जस्टिस सुदिप्ती शर्मा ने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, हाई कोर्ट की सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन व अन्य सभी प्रतिवादी को 22 सितम्बर के लिए नोटिस जारी कर जवाब दायर करने का आदेश दिया है।

  • बरनाला घटना पर भड़के सफाई कर्मचारी, हड़ताल से कूड़े के लगे ढेर और सीवरेज हुए ओवरफ्लो

    बरनाला घटना पर भड़के सफाई कर्मचारी, हड़ताल से कूड़े के लगे ढेर और सीवरेज हुए ओवरफ्लो

    बठिंडा.

    बरनाला में पंजाब पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारियों के साथ कथित अत्याचार के विरोध में शुरू हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल अब पंजाब के शहरों और कस्बों के लिए बड़ा संकट बन चुकी है।  लगातार जारी हड़ताल के कारण नगर निगमों और नगर परिषदों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।

    गलियों, मोहल्लों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, नालियां जाम हैं, सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और चारों ओर फैली दुर्गंध ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सबसे अधिक परेशानी आम लोगों को हो रही है। घरों से निकलने वाला कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों को समझ नहीं आ रहा कि घरेलू कचरा कहां फेंकें। कई स्थानों पर लोग मजबूरी में खाली प्लॉटों, सड़क किनारे और नालों के पास कूड़ा डाल रहे हैं, जिससे गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। हड़ताल के चलते प्रशासन द्वारा दिहाड़ी मजदूरों या अन्य कर्मचारियों के माध्यम से सफाई कराने के प्रयास भी सफल नहीं हो पा रहे हैं। आरोप हैं कि हड़ताली सफाई कर्मचारी ऐसे प्रयासों का विरोध कर रहे हैं और किसी अन्य को सफाई कार्य नहीं करने दे रहे। इसके कारण शहरों की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।

    गंदगी और दुर्गंध के बीच जीवन बिताने को मजबूर लोग
    गंदगी बढ़ने से बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक कूड़ा पड़े रहने और सीवरेज का गंदा पानी खुले में बहने से डेंगू, मलेरिया, डायरिया, टाइफाइड तथा अन्य संक्रामक रोग फैलने की आशंका काफी बढ़ जाती है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इस बीच पंजाब सरकार ने सफाई कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि सहित कुछ मांगें स्वीकार करने का दावा किया है, लेकिन विभिन्न गुटों में बंटी सफाई कर्मचारी यूनियनें अभी हड़ताल समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। यूनियनें अपनी शेष मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं, जबकि दूसरी ओर आम लोग रोजाना गंदगी और दुर्गंध के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं।

    पंजाब के कई शहरों में जनस्वास्थ्य का गंभीर संकट
    सबसे चिंताजनक बात यह है कि हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन न तो प्रशासन के पास कोई प्रभावी वैकल्पिक योजना नजर आ रही है और न ही सरकार तथा यूनियनों के बीच कोई ठोस समाधान सामने आ रहा है। इससे सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब आवश्यकता इस बात की है कि सरकार और सफाई कर्मचारी यूनियनें जल्द से जल्द बातचीत के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकालें। यदि हड़ताल लंबी चली तो पंजाब के कई शहरों में जनस्वास्थ्य का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है, जिसकी सबसे बड़ी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ेगी।

    प्रशासन, मेयर और राजनीतिक दलों की अपील, फिर भी हड़ताल जारी
    प्रदेश में लगातार बिगड़ रहे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन, नगर निगम के मेयर तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सफाई कर्मचारियों से अपील की है कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखें, लेकिन आम जनता के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कम से कम आवश्यक सफाई व्यवस्था बहाल करें। उनका कहना है कि लगातार जमा हो रहा कूड़ा और सीवरेज की समस्या जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर पंजाब सरकार स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं। इस मुद्दे पर कैबिनेट स्तर पर भी विचार-विमर्श जारी है और जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसे लागू किया जाएगा।

    अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकल आएगा, लेकिन तब तक लोगों को गंदगी और बीमारियों के खतरे से बचाने के लिए सफाई कर्मचारियों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है। इसके बावजूद हड़ताल जारी रहने से शहरों और कस्बों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। गलियों, सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के ढेर लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे लोगों में रोष के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों के फैलने की चिंता भी लगातार बढ़ रही है।

  • कांवड़ यात्रा के लिए गुरुग्राम पुलिस का ट्रैफिक प्लान जारी, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर रहेगा रूट डायवर्जन

    कांवड़ यात्रा के लिए गुरुग्राम पुलिस का ट्रैफिक प्लान जारी, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर रहेगा रूट डायवर्जन

    गुरुग्राम.

    गुरुग्राम यातायात पुलिस ने कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार हजारों कांवड़ियों के दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे से गुजरने की संभावना है। जाम और हादसों से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने रूट प्लान, बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजामों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

    श्रावण मास मंगलवार से शुरू हो रहा है। हर साल की तरह इस बार भी हरिद्वार से जल लेकर दिल्ली, गुरुग्राम से होते हुए हरियाणा के विभिन्न जिलों व राजस्थान की ओर जाने वाले कांवड़ियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। गुरुग्राम से गुजरने वाले मुख्य रूट दिल्ली-जयपुर हाईवे, द्वारका एक्सप्रेसवे और सोहना रोड रहेंगे। इन तीनों रूटों पर कांवड़ियों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है।

    यातायात पुलिस के अनुसार कांवड़ियों की सुरक्षा और आमजन को जाम से राहत देने के लिए व्यापक प्लान बनाया गया है। सभी मुख्य रूटों पर बैरिकेडिंग और कोन लगाए जा रहे हैं। संवेदनशील मोड़ों, फ्लाईओवर और भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। डायवर्जन प्लान भी तैयार किया गया है, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे। एसीपी ट्रैफिक हाईवे व हेडक्वार्टर सत्यपाल यादव ने बताया कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पूरा ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया गया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे, द्वारका एक्सप्रेसवे और सोहना रोड पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पीक आवर्स में भारी वाहनों की एंट्री को रूट के हिसाब से डायवर्ट किया जाएगा। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कांवड़ियों के साथ समन्वय बनाकर चलें।

    पुलिस ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए भी इंतजाम किए हैं। भीड़ वाले स्थानों, बस स्टैंड और प्रमुख चौक-चौराहों पर वाटर प्वाइंट, मेडिकल कैंप और टेंट लगाए जाएंगे। गर्मी को देखते हुए ओआरएस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी रहेगी। रात्रि में गश्त बढ़ाई जाएगी और पीसीआर व क्रेन को अलर्ट पर रखा जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान धैर्य रखें और पुलिस द्वारा बताए गए डायवर्जन का पालन करें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर लिया गया है।

  • Punjab के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने तुरंत खाली कराए परिसर; जांच तेज

    Punjab के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने तुरंत खाली कराए परिसर; जांच तेज

    फाजिल्का.

    पंजाब में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक बार फिर पंजाब में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल आई है। मिली जानकारी के अनुसार फाजिल्का के अबोहर के कई प्रमुख स्कूलों को आज सुबह ही  बम से उड़ाने के धमकी भरी ईमेल आई, जिसके बाद स्कूलों में हड़कंप मच गया।

    अबोहर के अजम्पसन कन्वेंट स्कूल, डीएवी स्कूल सहित अन्य स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है और स्कूलों की गहराई से जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि, स्कूलों में मिले ईमेल में आज दोपहर 1.30 बजे का समय दिया है और ये ईमेल सुबह स्कूल खुलते ही 8:51 पर मिले। धमकी भरे ईमेल मिलते ही स्कूलों में हड़कंप मच गया। बच्चों की सूरक्षा को देखते हुए तुरन्त अभिभावकों को इसकी जानकारी दी गई और स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया। आपको बता दें कि इससे पहले पंजाब के जालंधर, अमृतसर, मोगा, मोहाली और चंडीगढ़ आदि के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। 

  • हरियाणा में 3,056 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, CM नायब सैनी ने बांटे नियुक्ति पत्र

    हरियाणा में 3,056 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, CM नायब सैनी ने बांटे नियुक्ति पत्र

    पंचकूला.

    हरियाणा सरकार की ओर से हाल ही में नियुक्त ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए बुधवार को पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम में राज्य स्तरीय इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और नवचयनित कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नवनियुक्त युवाओं के बीच आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा के हजारों परिवारों की आंखों में खुशी और उम्मीद की नई रोशनी है। युवाओं के हाथ में पहुंचा नियुक्ति पत्र उनकी मेहनत, प्रतिभा और माता-पिता की तपस्या का परिणाम है। यह ईमानदार व्यवस्था पर लोगों के विश्वास की जीत भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवारों में आज उत्सव का माहौल है, लेकिन यह उत्सव केवल नौकरी मिलने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने नवचयनित कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे जनसेवा का संकल्प लेकर पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रुप-डी के 3,056 युवाओं का चयन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुआ है।

    उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिभा का परिणाम है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा, "हर ख्वाब को हकीकत मिली है, हर आंख में उजाला है। मेहनत करने वाले हर युवा का अब अपना बुलंद सितारा है। यहां खर्ची नहीं चली, पर्ची नहीं चली, ईमानदारी से नौकरी मिली है।" उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है, जिससे योग्य युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिल रही है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी नवचयनित कर्मचारी जनसेवा की भावना के साथ प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • FBI की वांटेड लिस्ट में शामिल हुआ पंजाबी सिंडिकेट का अमृतपाल सिंह, नॉर्थ अमेरिका में बढ़ी तलाश

    FBI की वांटेड लिस्ट में शामिल हुआ पंजाबी सिंडिकेट का अमृतपाल सिंह, नॉर्थ अमेरिका में बढ़ी तलाश

    चंडीगढ़.

    अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआइ ने एक और भारतीय नागरिक अमृतपाल सिंह को वांटेड घोषित किया है। एफबीआइ के अनुसार 30 वर्षीय अमृतपाल सिंह पर ढांडा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप से जुड़े होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क का हिस्सा होने के आरोप हैं।

    एजेंसी के अनुसार उसकी लंबाई 5 फुट 9 इंच और वजन करीब 61 किलोग्राम है। एफबीआइ के आरोपों के अनुसार ढांडा संगठित अपराध गिरोह का संचालन कनाडा के वैंकूवर से किया जाता था। यह गिरोह अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में सक्रिय ड्रग तस्करी नेटवर्क को कोकीन और मेथामफेटामाइन की बड़ी मात्रा में आपूर्ति करता था। एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क सीमापार मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहा है।

    लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क पर पहले से नजर
    पंजाब से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क पर पिछले कुछ वर्षों में भारत, कनाडा और अमेरिका की एजेंसियों ने कार्रवाई तेज की है। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कई मामलों में भी विदेशी जांच एजेंसियां और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान करती रही हैं। हाल के वर्षों में पंजाब से जुड़े गैंगस्टरों के विदेश में बैठकर जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और हिंसक वारदातों को संचालित करने के कई मामले सामने आए हैं।

    पंजाब पुलिस के अधिकारी की हत्या के बाद बढ़ी सख्ती
    उत्तर अमेरिका में सक्रिय गैंग्स्टर नेटवर्क पर कार्रवाई उस समय और तेज हुई, जब पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह की नंगल में हत्या कर दी गई थी। जांच एजेंसियों ने इस और अन्य मामलों में विदेश में बैठे गैंगस्टर्स और उनके सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की थी। इसके बाद भारत की एजेंसियों ने अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया। एफबीआइ की ताजा कार्रवाई को भी अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चल रहे इसी अभियान की कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं तथा अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई के बाद ही होगा।

  • गुरुग्राम को 171 करोड़ की विकास सौगात, 26 परियोजनाओं को मंजूरी; 235 CCTV कैमरे भी लगेंगे

    गुरुग्राम को 171 करोड़ की विकास सौगात, 26 परियोजनाओं को मंजूरी; 235 CCTV कैमरे भी लगेंगे

    गुरुग्राम.

    नगर निगम गुरुग्राम की वित्त एवं संविदा समिति (एफएंडसीसी) ने शहर में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 171 करोड़ रुपये की लागत वाली 26 विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के तहत विभिन्न वार्डों में सड़क, पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज और स्ट्रीट लाइट से जुड़े कार्य कराए जाएंगे।

    इसके अलावा सदर बाजार में 235 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक आधारित सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।

    सड़क, पानी और सीवर व्यवस्था पर होगा काम
    मेयर राजरानी मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई एफएंडसीसी की नौवीं बैठक में विभिन्न वार्डों में सड़क निर्माण एवं पुनर्निर्माण, पेयजल पाइपलाइन विस्तार, सीवर लाइन बिछाने, वर्षा जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से कई क्षेत्रों में लंबे समय से बनी आधारभूत सुविधाओं की समस्याओं का समाधान होगा।

    जलापूर्ति की निगरानी होगी हाईटेक
    बैठक में नगर निगम के बूस्टिंग स्टेशनों पर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्लो मीटर, स्काडा (SCADA) सिस्टम और आरटीयू (RTU) पैनल लगाने का भी निर्णय लिया गया। इन आधुनिक प्रणालियों के जरिए जलापूर्ति की रियल टाइम निगरानी संभव होगी और किसी भी तकनीकी गड़बड़ी का जल्द पता लगाया जा सकेगा।

    सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर
    समिति ने सदर बाजार में 235 सीसीटीवी कैमरे लगाने, विभिन्न क्षेत्रों में एलईडी स्ट्रीट लाइट स्थापित करने और आपातकालीन जरूरतों के लिए रिजर्व स्टोर विकसित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। अधिकारियों के अनुसार इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और नगर निगम की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में भी सुधार आएगा।

    इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
    स्वीकृत परियोजनाओं का लाभ खांडसा, सेक्टर-10, सरस्वती एंक्लेव, मालिबू टाउन, तिगरा, सेक्टर-50, मोहम्मदपुर झाड़सा, दरबारीपुर, अर्जुन नगर, सिकंदरपुर, डूंडाहेड़ा, सिरहौल, सेक्टर-22ए, पालम विहार, सेक्टर-17ए, सेक्टर-17सी और साउथ सिटी-1 सहित कई क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा। इन इलाकों में सड़क, पेयजल, सीवर और ड्रेनेज से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे।

    गुणवत्ता और समयसीमा का रखा जाएगा ध्यान
    मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि स्वीकृत सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि विकास कार्यों का लाभ जल्द से जल्द लोगों तक पहुंच सके।