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  • हरियाणा में एंटी नारकोटिक्स टीम पर फायरिंग करने वाला तस्कर संदीप मुठभेड़ में घायल, 5 आरोपी गिरफ्तार

    हरियाणा में एंटी नारकोटिक्स टीम पर फायरिंग करने वाला तस्कर संदीप मुठभेड़ में घायल, 5 आरोपी गिरफ्तार

    कैथल.

    वीरवार को शाम के समय गांव फरल के पास गाड़ी में सवार पांच नशा तस्करों और एंटी नारकोटिक्स सेल टीम आमने-सामने हो गई थी। टीम को सूचना मिली थी कि गाड़ी में नशीला पदार्थ है। गांव फरल के पास तस्करों ने पुलिस को गाड़ी को टक्कर मार दी थी।

    इसके बाद चार नशा तस्करों अमित, दीपक, विशाल और गुरदीप को पुलिस ने मौके पर ही काबू कर लिया था। तस्करों से 48.35 ग्राम हेरोइन भी मिली है। एक नशा तस्कर गांव मटौर निवासी संदीप खेतों में फरार हो गया था। पुलिस ने रातभर आरोपित को पकड़ने के लिए छापेमारी की। रात करीब 11 बजे पूंडरी से फरल नहर के पास बदमाश के साथ एंटी नारकोटिक्स सेल टीम की मुठभेड़ हो गई। आरोपित संदीप ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। एक गोली एएनसी इंचार्ज प्रदीप कुमार की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी।

    जवाबी कार्रवाई के दौरान बदमाश संदीप को पैर में गोली लगी और उसे काबू कर लिया गया। घायल संदीप को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारने के मामले में भी आरोपितों के विरुद्ध पूंडरी थाना में हत्या का प्रयास और एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस टीम पर फायरिंग करने के दूसरे मामले में आरोपित संदीप पर भी हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि देर रात पूंडरी एरिया में मुठभेड़ के बाद आरोपित संदीप को काबू किया गया है। चार अन्य नशा तस्करों को भी पकड़ लिया गया है।

  • पुलिसकर्मी के थप्पड़ से 17% सुनने की क्षमता गई, 20 हजार जुर्माने के फैसले से पीड़ित नाखुश

    पुलिसकर्मी के थप्पड़ से 17% सुनने की क्षमता गई, 20 हजार जुर्माने के फैसले से पीड़ित नाखुश

    चंडीगढ़.

    पुलिस के सामने जड़े थप्पड़ की गूंज अदालत तक पहुंची। शख्स की सुनने की क्षमता 17 प्रतिशत चले जाने पर कोर्ट ने 20 हजार रुपये हर्जाने का फैसला सुनाया, जिस पर पीड़ित ने असंतुष्टि जताते हुए ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही।

    तीन मार्च 2025 को 49 साल के इफ्तेकार और मोहम्मद हसन कुरैशी के बीच कहासुनी हो गई थी। मामला दड़वा चौकी तक पहुंच गया था। चौकी में अभी बातचीत चल ही रही थी कि इफ्तेकार एकदम उठा और उसने कुरैशी पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। थप्पड़ लगते ही कुरैशी के कान में जोरदार दर्द उठा। उस वक्त तो उसने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी। उसे मनीमाजरा के अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया गया। वहां ईएनटी डिपार्टमेंट में उसका इलाज चला, जिसमें पता चला कि उसके एक कान की सुनने की क्षमता 17 प्रतिशत कम हो गई।

    डाॅक्टर की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इफ्तेकार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 117(2) के तहत केस दर्ज कर लिया। जिला अदालत में करीब डेढ़ साल तक मुकदमा चला और अदालत ने इफ्तेकार अहमद को दोषी करार दे दिया। अदालत में 17 प्रतिशत सुनने की क्षमता कम होने वाला तथ्य भी डाॅक्टर की गवाही से साबित हो गया। ऐसे में अदालत ने इफ्तेकार को पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया। उसे यह रकम कुरैशी को बतौर मुआवजा अदा करनी होगी। वहीं, अदालत ने 49 साल के इफ्तेकार को जेल भेजने की बजाय उसे अच्छे आचरण की शर्त पर छोड़ दिया। अदालत ने कहा कि वह आदतन अपराधी नहीं है और उसने केवल एक थप्पड़ ही मारा है। इसलिए अदालत ने सजा में नरमी दिखाई। हालांकि पीड़ित कुरैशी इस फैसले से संतुष्ट नहीं है।

    फैसले को चुनौती दूंगा : कुरैशी
    मो. हसन कुरैशी का कहना है कि वह अदालत के फैसले से खुश नहीं हैं। दोषी ने उसे इतनी तेज थप्पड़ मारा था कि उसकी सुनने की क्षमता 17 प्रतिशत चली गई। अदालत ने उस पर जो 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया कि वह उसके लिए कोई सबक नहीं है। इसलिए मैं इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दूंगा।

  • कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का काम तेज, 2027 में शुरू होंगी उड़ानें

    कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का काम तेज, 2027 में शुरू होंगी उड़ानें

     कोटा
    कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा के लिए संसद भवन, नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) के चेयरमैन, मंत्रालय एवं एएआइ के वरिष्ठ अधिकारियों तथा राज्य प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया।

    बैठक में एयरपोर्ट निर्माण की वर्तमान प्रगति, पर्यावरणीय एवं तकनीकी स्वीकृतियों तथा परियोजना के विभिन्न चरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य मई 2025 में शुरू हो चुका है। परियोजना का डिज़ाइन डवलपमेंट चरण लगभग 80% पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य के तहत फाउंडेशन का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। साथ ही रनवे, टर्मिनल भवन और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के निर्माण की तैयारियां भी तय समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही हैं।

    निर्माण कार्य को गति दें अधिकारी
    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोटा के नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट से दिसंबर 2027 तक नियमित हवाई सेवाएं शुरू हो जानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए अक्टूबर 2027 तक एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना का प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। यदि निर्माण के दौरान प्रशासनिक, तकनीकी अथवा अन्य स्वीकृतियों से जुड़ी कोई बाधा आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि परियोजना की गति प्रभावित न हो।

    हर तीन माह में प्रस्तुत करें प्रगति रिपोर्ट
    बिरला ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक तीन माह में परियोजना की प्रगति रिपोर्ट उन्हें प्रस्तुत करें, ताकि निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उल्लेखनीय है कि करीब 1507 करोड़ रुपए की लागत से शंभूपुरा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद कोटा-बूंदी सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी की ऐतिहासिक सौगात मिलेगी। इससे क्षेत्र के औद्योगिक, शैक्षणिक, व्यापारिक तथा पर्यटन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। बैठक में लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता भी उपस्थित रहे।

  • जेएलएनएमसीएच में एचआईवी किट खरीद घोटाले की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की सुनवाई

    जेएलएनएमसीएच में एचआईवी किट खरीद घोटाले की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की सुनवाई

     भागलपुर
     मिरजानहाट निवासी प्रकाश कुमार की प्रथम अपील पर स्वास्थ्य विभाग ने जेएलएनएमसीएच में एचआईवी किट खरीद और स्टाफ नर्स को कथित अधिक भुगतान के आरोपों की सुनवाई शुरू कर दी है।

    विशेष सचिव सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार ने अस्पताल अधीक्षक को 12 अगस्त को दोपहर दो बजे पटना स्थित कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख, साक्ष्य और बिंदुवार जवाब के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

    आवश्यकता पड़ने पर क्रय लिपिक को भी सुनवाई में उपस्थित कराने को कहा गया है।
    190 रुपये की किट 45 लाख रुपये में खरीदी
    शिकायतकर्ता का आरोप है कि दिसंबर 2024 में जेएलएनएमसीएच के क्रय लिपिक नीरज झा ने जय शिव कंपनी, समस्तीपुर से बाजार में 190 रुपये प्रति पैकेट कीमत वाली एचआईवी किट प्रति पैकेट 45 लाख रुपये में खरीदी। अधीक्षक कार्यालय की तत्कालीन भंडारपाल नीलिमा सिन्हा, रोकड़पाल नूतन कुमारी और प्रधान लिपिक प्रेमलता की सहमति से एजेंसी को भुगतान किया गया। यह एक बड़ा घोटाला है।

    शिकायत के बाद जेएलएनएमसीएच के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार ने मामले की जांच कराई। क्रय लिपिक पर आरोप सही साबित हुए। कार्रवाई के नाम पर तत्कालीन अधीक्षक ने क्रय लिपिक नीरज को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया। लेकिन उनके जाने के बाद वर्तमान अधीक्षक ने नीरज को वापस जेएलएनएमसीएच में पदस्थापित कर दिया।

    वर्तमान अधीक्षक को दी घोटाले की जानकारी
    प्रकाश का आरोप है कि उनकी ओर से वर्तमान अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे को नीरज के घोटाले की बार-बार जानकारी दी गई लेकिन उन्होंने कार्रवाई की जगह प्रधान लिपिक प्रेमलता के साथ मिलकर नीरज को वापस बुला लिया और फिर से क्रय के कार्यों में लगा दिया है। इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक डा. दुबे का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

    प्रवीण कुमार पर 25 लाख अधिक भुगतान का आरोप
    प्रकाश का आरोप है कि तत्कालीन लिपिक एवं मई 2026 में सेवानिवृत्त प्रवीण कुमार ने रोकड़पाल नूतन कुमारी और प्रधान लिपिक प्रेमलता के साथ मिलकर स्टाफ नर्स प्रतीमा वी को 25 लाख रुपये का अधिक भुगतान कराया।

    शिकायतकर्ता का दावा है कि कथित अतिरिक्त राशि की अब तक न वसूली हुई और न किसी पर कार्रवाई। इस मामले को भी विशेष सचिव ने सुनवाई के दायरे में रखा है।

  • हरियाणा के फतेहाबाद कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने खाली कराया पूरा परिसर

    हरियाणा के फतेहाबाद कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने खाली कराया पूरा परिसर

    फतेहाबाद.

    फतेहाबाद के न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। सेशन कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल पर धमकी भरा संदेश मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया।

    एहतियात के तौर पर पूरे कोर्ट परिसर को दोपहर एक बजे तक खाली करा दिया गया तथा मुख्य प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। धमकी की सूचना मिलते ही हिसार से डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। टीम ने कोर्ट परिसर के सभी भवनों, कोर्ट रूम, कार्यालयों और आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी शुरू की। पुलिस किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रही है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

    एसपी ने किया निरीक्षण
    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर मौके पर पहुंचीं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ जांच करने के निर्देश दिए। सिटी थाना प्रभारी सुरेंद्रा अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे।

    छह माह पहले भी मिली थी धमकी
    करीब छह माह पहले भी फतेहाबाद के लघु सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी ई-मेल के माध्यम से मिली थी। उस समय डीसी की ई-मेल पर सुबह धमकी भरा संदेश आने के बाद प्रशासन ने पूरे परिसर को खाली कराकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। बाद में जांच में वह धमकी फर्जी साबित हुई थी। इस बार भी पुलिस ई-मेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है। फिलहाल जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

  • पंजाब के VIP थे आतंकियों के निशाने पर, पाकिस्तान से पहुंचे हथियार, सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा खुलासा

    पंजाब के VIP थे आतंकियों के निशाने पर, पाकिस्तान से पहुंचे हथियार, सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा खुलासा

    जालंधर.

    भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर ग्रेनेड हमले की साजिश रचने वाले बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआइ) के आतंकी नेटवर्क के पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि उनके पास से बरामद पिस्टल पाकिस्तानी तस्कर ने अपने किसी साथी को भेजकर उपलब्ध करवाई थी, जो जालंधर में ही मिले थे।

    सीआइए स्टाफ ने आतंकी कुलबीर सिंह सिद्ध के जिन दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया था, उनको तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि जालंधर सहित पटियाला व अमृतसर में वीआइपी निशाने पर थे। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपितों से बरामद दोनों पिस्टल पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराए गए थे। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि हथियार सीमा पार से किस चैनल के जरिए पंजाब तक पहुंचे।

    एक महीने से रख रहे थे VIP व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर
    गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नकोदर के गांव मुज्जफरपुर निवासी विशाल कुमार और मानवजीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों करीब एक महीने से जालंधर के दो प्रमुख वीआइपी व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। उनकी दिनचर्या, आवागमन के रास्ते और सुरक्षा व्यवस्था की रेकी पूरी की जा चुकी थी। यदि समय रहते दोनों गिरफ्तार नहीं होते तो किसी बड़ी टारगेट किलिंग की वारदात से प्रदेश का माहौल बिगड़ सकता था।

    अमृतसर और पटियाला में वारदात की सौंपी गई थी जिम्मेदारी
    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जालंधर के अलावा आरोपितों को अमृतसर और पटियाला में भी दो अलग-अलग वारदात को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन घटनाओं के पीछे आतंकी संगठन का मकसद पंजाब में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा करना था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन शहरों में संभावित निशाने कौन थे और साजिश किस स्तर तक पहुंच चुकी थी।

    पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर डीसीपी इन्वेस्टिगेशन मनप्रीत सिंह ढिल्लों की निगरानी में एसीपी अमरबीर सिंह और सीआइए स्टाफ प्रभारी सुरिंदर सिंह की टीम ने भगत सिंह कालोनी के पास दोनों आरोपितों को काबू लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। थाना डिवीजन नंबर 1 में संगठित अपराध और आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • दिल्ली में हर संपत्ति को मिलेगा ‘प्रॉपर्टी आधार कार्ड’, बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

    दिल्ली में हर संपत्ति को मिलेगा ‘प्रॉपर्टी आधार कार्ड’, बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

    नई दिल्ली
    दिल्ली सरकार भूमि रिकॉर्ड विधेयक, 2026 तैयार कर रही है और शहर में प्रत्येक संपत्ति के लिए ‘संपत्ति आधार कार्ड’ पेश करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

    हर एक प्रॉपर्टी का होगा सर्वे
    बयान में कहा गया है कि इस विधेयक के कानून बनने के बाद पूरी दिल्ली की प्रत्येक संपत्ति का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर उसका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और इसके बाद प्रत्येक संपत्ति के लिए एक विशिष्ट ‘प्रॉपर्टी आधार कार्ड’ बनाया जाएगा।

    हर संपत्ति को मिलेगी डिजिटल पहचान
    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जिस प्रकार आधार कार्ड ने प्रत्येक नागरिक की पहचान को एक विश्वसनीय स्वरूप प्रदान किया है, उसी प्रकार अब दिल्ली की प्रत्येक संपत्ति की भी एक प्रमाणिक और सुरक्षित डिजिटल पहचान सुनिश्चित की जाएगी।

    सरकार बुलाएगी विशेष सत्र
    उन्होंने कहा कि इससे राजधानी में संपत्तियों के रिकॉर्ड पारदर्शी, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनेंगे। सीएम गुप्ता ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार अलग से विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाएगी।

    स्वामित्व के तहत पहले चरण का काम पूरा
    मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार पहले चरण में केंद्र सरकार की ‘स्वामित्व’ योजना के तहत 30 ग्रामीण गांवों में आधुनिक तकनीक और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से ड्रोन सर्वेक्षण कर स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड तैयार कर चुकी है l

    हर प्रॉपर्टी का तैयार होगा डिजिटल रिकॉर्ड
    सीएम गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित ‘दिल्ली भूमि रिकॉर्ड विधेयक, 2026’ के तहत केवल गांव ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों की प्रत्येक आवासीय, व्यावसायिक एवं अन्य प्रकार की संपत्तियों का भी विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा और प्रत्येक भवन के प्रत्येक तल तक का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा ताकि राजधानी की कोई भी संपत्ति इस प्रक्रिया से बाहर न रहे।

    नई व्यवस्था से होंगे कई काम
    उन्होंने कहा, “नई व्यवस्था लागू होने के बाद संपत्तियों का प्रमाणिक डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जिससे रिकॉर्ड संबंधी अस्पष्टता दूर होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और भूमि विवादों में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। यह पहल केवल रिकॉर्ड तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य की डिजिटल शासन व्यवस्था की मजबूत नींव भी बनेगी।”

  • हरियाणा में नकली दवाओं के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 16 आरोपी गिरफ्तार

    हरियाणा में नकली दवाओं के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 16 आरोपी गिरफ्तार

    चंडीगढ़
    हरियाणा में नकली दवाओं के कारोबार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने बड़ा शिकंजा कसते हुए राज्य को इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सबसे सक्रिय राज्यों में शामिल कर दिया है।

    औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 12 गिरफ्तारियां गुरुग्राम में हुई हैं, जहां अंतरराज्यीय नकली दवा सिंडिकेट का पर्दाफाश कर करीब 70 लाख रुपये की नकली दवाएं और 323 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं बरामद की गई हैं।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा के निर्देश पर राज्यभर में खुफिया सूचनाओं के आधार पर निगरानी, छापेमारी और सैंपलिंग अभियान तेज किए गए हैं। राज्य औषधि नियंत्रक रिपन मेहता ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    अप्रैल 2026 में एफडीए गुरुग्राम ने नकली मौनजारो इंजेक्शन रैकेट का भंडाफोड़ कर डीएलएफ फेज-4 और सेक्टर-69 से करीब 70 लाख रुपये के नकली इंजेक्शन जब्त किए। जुलाई में नकली टेल्मा-एएम गोलियों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसकी जांच के दौरान तोफाजैक 5 एमजी जैसे अन्य संदिग्ध उत्पाद भी सामने आए।

    एफडीए हरियाणा और दिल्ली की संयुक्त कार्रवाई में दिल्ली के एक अवैध परिसर से बड़ी मात्रा में नकली एनाबालिक स्टेरायड सहित 323 प्रकार की दवाएं बरामद की गईं। विभाग ने 23 हजार आर-जारा डीएसआर कैप्सूल भी जब्त किए हैं।

  • जनवरी 2027 तक तैयार होगा रांची का सिरमटोली-कांटाटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर

    जनवरी 2027 तक तैयार होगा रांची का सिरमटोली-कांटाटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर

    रांची
    राजधानीवासियों को नए साल में बड़ी सौगात मिलने वाली है। 224.94 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सिरमटोली-कांटाटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    इसके शुरू होते ही कोकर, कांटाटोली और बहूबाजार की ओर से आने वाले वाहन बिना शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्से में उतरे सीधे मेकान, डोरंडा और एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। करीब एक वर्ष तक भूमि अधिग्रहण और अन्य बाधाओं के कारण प्रभावित रहा यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।

    पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता बिनोद कच्छप ने बताया कि परियोजना में सबसे बड़ी बाधा बने आर्मी के कुछ क्वार्टर और सिरमटोली सरना स्थल से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो गया है।

    अब निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और विभाग ने दिसंबर तक तक इसे पूरा करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।उम्मीद है कि नए साल में कनेक्टिंग फ्लाईओवर शहरवासियों के खोल दिया जाएगा।

    यह 132.50 मीटर लंबा कनेक्टिंग फ्लाईओवर कांटाटोली और सिरमटोली फ्लाईओवर को आपस में जोड़ेगा। इसके चालू होने के बाद कोकर, लालपुर और कांटाटोली से आने वाले वाहन सीधे मेकान, डोरंडा और एयरपोर्ट की ओर जा सकेंगे। इससे बहूबाजार, सुजाता चौक और सिरमटोली चौक पर जाम का दबाव काफी कम होगा।

    डिजाइन में बदलाव, सिरमटोली सरना स्थल के पास नहीं बनेगा पिलर
    सिरमटोली सरना स्थल की धार्मिक आस्था को देखते हुए फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव किया गया है। पहले यहां पिलर प्रस्तावित था, लेकिन अब उसकी जगह 55 मीटर लंबा कंपोजिट स्टील गार्डर लगाया जाएगा। यह गार्डर दोनों ओर बने पिलरों पर टिकेगा, जिससे सरना स्थल पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और निर्माण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा

    डिजाइन में बदलाव से पहले आइआइटी मुंबई के विशेषज्ञों ने स्थल का निरीक्षण किया। उनकी अनुशंसा पर कंपोजिट स्टील गार्डर लगाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद संशोधित डिजाइन को मंजूरी मिली और अब उसी के अनुसार निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है।

    परियोजना एक नजर में
        कुल लागत : 224.94 करोड़ रुपये
        कनेक्टिंग फ्लाईओवर की लंबाई : 132.50 मीटर
        सरना स्थल के ऊपर : 55 मीटर लंबा कंपोजिट स्टील गार्डर
        लक्ष्य : जनवरी 2027 तक निर्माण पूरा

     

  • ‘पापा घर आए तो खून से लाल थी वर्दी’, जंतर-मंतर झड़प में घायल पुलिसकर्मियों के परिवार का छलका दर्द

    ‘पापा घर आए तो खून से लाल थी वर्दी’, जंतर-मंतर झड़प में घायल पुलिसकर्मियों के परिवार का छलका दर्द

    नई दिल्ली.

    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर किए विरोध-प्रदर्शन के बीच अचानक पथराव हो गया। पथराव में दिल्ली पुलिस के एसीपी समेत कई पुलिकर्मी घायल हो गए थे। वहीं, घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों ने आज शुक्रवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में प्रेस वार्ता की।

    वहीं, प्रेस वार्ता के दौरान घायल एसीपी की पत्नी और अन्य घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन में कुछ गुंडे थे, जिन्होंने पुलिसकर्मियों पर पत्थरों से हमला किया। दिल्ली में पुलिस और CJP प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में घायल हुए दिल्ली पुलिस के एसीपी की पत्नी ने कहा कि 20 जुलाई की देर रात में जब मेरे पति घायल होकर घर लौटे, तो वह पल मेरे और मेरी दो साल की बेटी दोनों के लिए बहुत दर्दनाक और आघातकारी था। उन्होंने बताया कि मेरे पति की वर्दी भी खून से लाल हुई थी, जिसे देखकर मेरी बेटी भी डर गई। कहा, 'हमारे साथ यहां दिल्ली पुलिस के दूसरे परिवार के सदस्य भी हैं।' उन्होंने भी उस खौफनाक पल को बयां किया है।

    संसद की गरिमा तोड़ने की कोशिश
    दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में घायल हुए दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के परिवार के सदस्य का कहना है, 'यह कोई छात्रों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि, कुछ शरारती तत्व थे, जिन्होंने छात्रों के प्रोटेस्ट को खराब करने और बदनाम करने की कोशिश की। इतना ही नहीं संसद की गरिमा को तोड़ने की कोशिश की।

    इन बदमाशों को सजा मिलनी चाहिए
    पीड़ित परिवार का कहना है कि इन बदमाशों को उनके किए की सजा मिलनी चाहिए और उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। कहा कि जिन छात्रों का हिंसा से कोई संबंध नहीं है, उनके रिकॉर्ड और भूमिका की निष्पक्ष जांच के बाद उन्हें रिहा किया जाना चाहिए।