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  • जीविका दीदियों को अब मिलेगी 20 हजार रुपये की दूसरी किस्त सहायता

    जीविका दीदियों को अब मिलेगी 20 हजार रुपये की दूसरी किस्त सहायता

    बांका
    मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये प्राप्त कर स्वरोजगार शुरू करने वाली जीविका दीदियों को अब दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए जिले में ग्राम संगठन स्तर पर ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    अब तक करीब तीन हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनकी जांच की जा रही है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभुकों के बैंक खातों में दूसरी किस्त की राशि भेजी जाएगी।

    जीविका के अधिकारियों के अनुसार दूसरी किस्त का लाभ केवल उन्हीं दीदियों को मिलेगा, जिन्होंने पहली किस्त की राशि से स्वरोजगार शुरू किया है।

    आवेदन मिलने के बाद संबंधित कागजातों की जांच की जाएगी। इसके बाद फील्ड स्तर के अधिकारी लाभुकों के रोजगार का भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकन करेंगे। जांच में रोजगार संचालित पाए जाने पर आवेदन स्वीकृत कर दूसरी किस्त की राशि जारी की जाएगी।

    मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके रोजगार का विस्तार करना है।

    पहली किस्त से शुरू किए गए व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। इससे जीविका दीदियों को अपने छोटे व्यवसाय को मजबूत करने के साथ आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

    पांचवी किस्त तक दी जाएगी सहायता
    जिले में अब तक तीन लाख 50 हजार से अधिक जीविका दीदियों को योजना की पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। विभाग के अनुसार, रोजगार के सफल संचालन और निर्धारित मानकों के अनुरूप मूल्यांकन के बाद लाभुकों को दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।

    इसके बाद तीसरी किस्त में 40 हजार, चौथी किस्त में 80 हजार तथा पांचवीं और अंतिम किस्त में 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक पात्र लाभुक को कुल दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    जीविका के अधिकारियों ने सभी ग्राम संगठनों को अधिक से अधिक पात्र दीदियों से आवेदन लेने तथा आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन समय पर कराने का निर्देश दिया है, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया में विलंब न हो।

    मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये प्राप्त करने वाली जीविका दीदियों को रोजगार विस्तार के लिए दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए ग्राम संगठन स्तर पर आवेदन लिए जा रहे हैं। – राकेश कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका, बांका

     

  • हरियाणा में भारतमाला परियोजना से 50 हजार करोड़ के हाईवे निर्माण को मिली रफ्तार

    हरियाणा में भारतमाला परियोजना से 50 हजार करोड़ के हाईवे निर्माण को मिली रफ्तार

    चंडीगढ़
     हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार पर केंद्र सरकार का निवेश लगातार जारी है। भारतमाला परियोजना के तहत प्रदेश में करीब 1,114 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 50,187 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 804 किलोमीटर लंबाई के 27 प्रोजेक्ट पूरे होकर लोगों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध करा चुके हैं, जबकि शेष 310 किलोमीटर लंबाई वाले नौ प्रोजेक्टों पर विभिन्न चरणों में निर्माण कार्य जारी है।

    लोकसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन नौ परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत 12,793 करोड़ रुपये से अधिक है। इन परियोजनाओं में तकनीकी, प्रशासनिक और स्थानीय स्तर की चुनौतियों के कारण समय-सीमा बढ़ानी पड़ी है, ताकि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सके। भिवानी-महेंद्रगढ़ के भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह ने लोकसभा में इस मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछा था।

    केंद्र सरकार के अनुसार, परियोजनाओं में देरी के प्रमुख कारणों में भूमि अधिग्रहण संबंधी बाधाएं, वैधानिक मंजूरियों में विलंब, यूटिलिटी शिफ्टिंग, किसानों की आपत्तियां, ग्रेप के तहत निर्माण संबंधी प्रतिबंध, निर्माण सामग्री एवं खनिजों की उपलब्धता में दिक्कतें, कुछ ठेकेदारों का कमजोर प्रदर्शन तथा कोविड-19, अत्यधिक वर्षा और अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियां शामिल हैं।

    निर्माणाधीन प्रमुख परियोजनाओं में डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाइपास, केएमपी लिंक और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी परियोजना शामिल है। लगभग 2,414 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की समय-सीमा राज्य सरकार की ओर से एलिवेटेड हिस्से का दायरा बढ़ाने के प्रस्ताव के बाद आगे बढ़ाई गई है। इसके अलावा गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी, शामली-अंबाला (भाग-2 एवं भाग-3), करनाल रिंग रोड तथा इस्माइलाबाद-अंबाला सेक्शन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी निर्माणाधीन हैं।

    केंद्र सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरियाणा में दिल्ली-एनसीआर, औद्योगिक क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों के बीच कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी। इससे माल परिवहन तेज होगा, यात्रा समय घटेगा और प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

     

  • बिहार के खिलाड़ियों का स्वर्णिम सफर: क्रिकेट से एथलेटिक्स तक, दुनिया में बजा प्रदेश का डंका

    बिहार के खिलाड़ियों का स्वर्णिम सफर: क्रिकेट से एथलेटिक्स तक, दुनिया में बजा प्रदेश का डंका

    पटना
     खेल के मैदान पर बिहार अब किसी पहचान का मोहताज नहीं है। खिलाड़ी जज्बे से हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखा देश की झोली पदकों से भर रहे हैं। वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन, मुकेश कुमार, आकाशदीप विश्व क्रिकेट में प्रदेश का डंका बजा रहे हैं।

    फटे जूते पहनकर दौड़ने वाले एथलीट पीयूष से लेकर बीएमपी के मैदान पर हॉकी स्टिक थामने वाले अजितेश राय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराया है।

    एथलेटिक्स, रग्बी, हॉकी, शतरंज और सेपक टाकरा जैसे खेलों में राज्य की खेल प्रतिभाओं ने न सिर्फ देश का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि एशियाई और राष्ट्रमंडल प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर इतिहास रचा है। वर्ष 2000 से 2026 तक के सफर पर नजर डालें, तो परिश्रमी चुनौतियों की पिच पर कामयाबी की दौड़ लगा रहे हैं।

    पटना के अजितेश ने हॉकी में की भारत की कप्तानी
    राष्ट्रीय खेल हॉकी में पटना के अजितेश राय राज्य के सबसे सफल खिलाड़ी रहे। वर्ष 2001 में एयरपोर्ट स्थित बीएमपी (अब बीएसएपी) परिसर से शुरुआत करने वाले अजितेश ने 2005 में भारत के लिए पदार्पण किया। सीनियर स्तर पर 100 से अधिक मैच खेलने वाले इस मिडफील्डर ने भारतीय टीम की कप्तानी भी की।

    उनकी राह पर चलते हुए बीएमपी में ही अभ्यास कर रौशन कुमार और मो. रियाजुद्दीन ने जूनियर इंडिया खेला। वहीं, दानापुर के डुंगडुंग स्टेडियम और आरके राय हॉकी अकादमी में पसीना बहाने वाले राजधानी के सावन कुमार अंडर-18 एशिया कप की स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे। सावन इसी महीने जुलाई में अंडर-18 यूथ हॉकी एशिया कप के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर तथा फाइनल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी रहे।

    नए खेल सेपकटाकरा में भी बिहार का जलवा
    बिहार में 1994 में सेपक टाकरा की नींव महाराष्ट्र से शारीरिक शिक्षा की डिग्री लेकर लौटे विजय कुमार शर्मा ने रखी थी। उन्होंने गंगा देवी महिला कालेज में इसके गुर सिखाने शुरू किए।

    ऑल बिहार सेपक टाकरा संघ के सचिव डॉ. करुणेश कुमार ने बताया कि यहीं से अभ्यास कर 2002 में रमाकांत सिंह व कुमारी संजू सिन्हा और 2003 में स्वयं डॉ. करुणेश कुमार व नमिता सिन्हा ने देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद ऋतिक और बाबी (2022), जयवीर सिंह (2024) तथा स्नेहा वर्मा ने 2025 में भारत के लिए खेला।

    रग्बी व शतरंज में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया मान (63)
    प्रदेश के खिलाड़ियों ने रग्बी में भी देश का प्रतिनिधित्व किया। श्वेता शाही, स्वीटी कुमारी, सौरभ कुमार, राज कुमार, अरमान आलम, आरती कुमारी, सलोनी कुमारी, गौरव कुमार और रोहित कुमार ने भारत की टीम के लिए मैदान पर उतरे।

    शतरंज में एशियन स्कूल चैंपियन पटना के रेयान मोहम्मद, राष्ट्रमंडल में कांस्य पदक विजेता मुजफ्फरपुर की मरियम फातिमा और राष्ट्रीय अंडर-7 स्कूल चैंपियन पटना की अंकिता राज ने अपनी चमक बिखेरी। सरकार ने इन उपलब्धियों पर रेयान और मरियम को नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया।

    तैराकी माही ने चमकाया बिहार का नाम (89)
    पटना की तैराक माही श्वेतराज ने 2023 में थाईलैंड स्विमिंग चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक और दुबई फ्रीस्टाइल तैराकी प्रतियोगिता में दो रजत पदक जीते। बाल बैडमिंटन में राजधानी के चार खिलाड़ी भारतीय टीम तक पहुंचे।

    शशिकांत ने 2023 (भारत-श्रीलंका टूर्नामेंट) और दीपक प्रकाश रंजन ने साउथ एशियन बाल बैडमिंटन में स्वर्ण जीता। सोनाली घोष (2019 भारत-नेपाल सीरीज) तथा आरती कुमारी (बैंकॉक, भारत-थाईलैंड टूर्नामेंट) ने स्वर्ण पदक जीतकर देश व राज्य का मान बढ़ाया।

    फटे जूते से सफर शुरू कर पीयूष पहुंचे चीन, सेतु ने रचा इतिहास
    एथलेटिक्स में बिहार के खिलाड़ियों ने नई इबारत लिखी है। पाटलिपुत्र खेल परिसर की मेस में कभी खाना परोसने वाले और 2023 निडजैम में फटे जूते पहनकर स्वर्ण जीतने वाले पीयूष कुमार ने 31 मई 2026 को चीन में आयोजित 22वीं जूनियर एशियन एथलेटिक्स (अंडर-20) चैंपियनशिप की 43400 मीटर रिले में कांस्य पदक जीता।

    पूर्वी चंपारण के सेतु मिश्रा एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण एवं रजत पदक जीतकर राज्य के पहले ऐसे खिलाड़ी बने, इन्होंने अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में स्वर्ण जीता।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार सरकार ने उन्हें 37.50 लाख रुपये की सम्मान राशि दी। इसी चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले विभास्कर कुमार को भी दो लाख रुपये से पुरस्कृत किया गया।

    साइकिल के सफर से विश्व में पहचान
    प्रदेश के प्रतिभावान साइकिल चालकों ने वैश्विक मंच पर देश और राज्य का गौरव बढ़ाया है। गयाजी के प्रहलाद कुमार ने मलेशिया में आयोजित एशियन ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप 2023 और इंडोनेशिया ट्रैक कप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इंडोनेशिया में टीम परस्यूट में एक रजत, एक कांस्य और टीम स्प्रिंट में एक कांस्य पदक अपने नाम किया। 

    दरभंगा के पारा-साइकिलिस्ट जलालुद्दीन अंसारी ने तजाकिस्तान और नई दिल्ली की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। जलालुद्दीन ने 11वीं पैरा ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप 2023 में एलिमिनेशन दौड़ में रजत और तीन अन्य स्पर्धाओं (स्प्रिंट, 1 किमी आइटीटी, इंडिविजुअल परस्यूट) में कांस्य पदक जीते।

    नई दिल्ली में आयोजित 12वीं पैरा ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप 2024 की स्क्रैच रेस में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता। वे चीन पारा गेम्स और पेरिस वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

    महिला वर्ग में सुहानी कुमारी ने साल 2024 की एशियन ट्रैक चैंपियनशिप में टीम परस्यूट में कांस्य पदक हासिल किया। अमृता कुमारी ने एशियन ट्रैक चैंपियनशिप 2025 में टीम परस्यूट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया।

    श्रेयसी सिंह ने लगाए अचूक निशाने (81)
    भारतीय स्टार निशानेबाज और अर्जुन पुरस्कार विजेता श्रेयसी सिंह ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी सबसे बड़ी सफलता 2018 के गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में आई, जहां उन्होंने महिलाओं की डबल ट्रैप स्पर्धा में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता।

    इससे पहले उन्होंने 2014 ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और 2014 इंचियोन एशियाई खेलों की टीम स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया था। राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बार चैंपियन रह चुकीं श्रेयसी ने अपनी अचूक निशानेबाजी से खेल जगत में बिहार व भारत का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराया है।

    पारा खिलाड़ियों ने बढ़ाया भारत का मान (77)
    बिहार के पैरा खिलाड़ियों ने वैश्विक पटल पर राज्य का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रमंडल खेलों में इसी महीने नालंदा के झंडू कुमार ने हैवीवेट पैरा पावर लिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता।

    झंडू 130.9 अंकों के शानदार परिणाम के साथ ग्रुप बी में शीर्ष पर रहे। उन्होंने 190 किग्रा वजन उठाया। सहरसा के मो. अरबाज अंसारी ने पारा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।

    मुजफ्फरपुर के शरद कुमार ने 2024 पेरिस पारालिंपिक में 1.88 मीटर की कूद से रजत और टोक्यो पारालिंपिक 2020 में 1.83 मीटर की छलांग से कांस्य पदक जीता।

    जमुई के शैलेश कुमार ने 2022 हांगझोऊ एशियन गेम्स में स्वर्ण जीता और वर्ल्ड एथलेटिक व पेरिस पारालिंपिक में भाग लिया। गयाजी के सोमन राणा ने 2022 हांगझोऊ एशियाई पैरा खेल की गोला फेंक स्पर्धा में रजत जीता तथा पेरिस पारालिंपिक व राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया। प्रमोद भगत ने टोक्यो पारालिंपिक 2020 पुरुष एकल और एशियन पारागेम्स 2022 में स्वर्ण पदक जीता।

    आट्या-पाट्या में देश को दिलाया स्वर्ण
    राजधानी के वैष्णवी कुमारी और अरवल के दिवाकर कुमार के शानदार खेल की बदौलत बांग्लादेश में संपन्न 10वीं दक्षिण एशियन आट्या-पाट्या चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीता।

    जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक 20वें एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला कबड्डी टीम के द्वितीय राष्ट्रीय कोचिंग शिविर में बेगूसराय की रिया कुमारी का चयन किया गया है।

    वहीं, अंशिका कुमारी ने तीरंदाजी विश्वकप के लिए भारतीय टीम में स्थान पक्का किया है। तलवारबाज आकाश भी अंतरराष्ट्रीयस्तर पर प्रतिभा दिखा चुके हैं।

    पटना में अभ्यास कर भारतीय टीम में इशान-वैभव
    भारतीय क्रिकेट टीम के ताबड़तोड़ बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ देश की टीम से खेलते हुए लगातार दो अर्धशतक लगाने वाले वैभव ने आइपीएल 2026 में देश-विदेश के गेंदबाजों के छक्के छुड़ाए। पटना के इशान किशन ने क्रिकेट के गुर सीखने की शुरुआत राजेंद्र नगर स्थित शाखा मैदान से की।

    भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई कीर्तिमान दर्ज किए हैं। मुकेश कुमार ने भारत के लिए तीनों प्रारूपों में में कुल 32 अंतरराष्ट्रीय विकेट (7 टेस्ट, 5 वनडे, 20 टी-20) चटकाए हैं।

    आकाशदीप ने टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मैचों में 28 विकेट लिए हैं। अनुकूल राय ने 2018 अंडर-19 विश्व कप में संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट लेकर भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    राजीव-स्मिता ने देश के लिए जीते स्वर्ण (58)
    दोहा एशियाड 2006 में राजीव कुमार ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के प्रमुख सदस्य थे। फाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण अपने नाम किया था।

    स्मिता कुमारी ने चीन में 2010 में एशियन गेम्स और दरियापुर में खेल के गुर सीख शमा परवीन ने ईरान में एशियन चैंपियनशिप में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। पाटलिपुत्र खेल परिसर में खेल के गुर सीख बख्तियारपुर के सागर कुमार ने 2024 में जूनियर विश्वकप में स्वर्ण पदक जीता।

    फुटबाल में बेटियों ने लहराया परचम
    फुटबाल में बिहार से बेटियां ही अग्रणी रहीं। बिहार महिला फुटबाल टीम के संयोजक असगर हुसैन ने बताया कि मधु कुमारी, अनु कुमारी और अंशा भारतीय सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व किया। सिवान की गोलकीपर खुशी कुमारी ने इंडिया अंडर-17 और 19 खेला।

    सिवान की ही अमृता कुमारी भारतीय अंडर-17 टीम की कप्तान रहीं। सिवान निशा कुमारी और बेतिया लकी कुमारी अंडर-14 खेलीं। मुजफ्फरपुर की कोमल कुमारी अंडर-14,17 और 19 में देश की टीम का प्रतिनिधित्व किया।

    मुजफ्फरपुर की प्रेरणा परवीन इंडिया 14 और 17 खेलीं। मुंगेर की खुशबू और इसी जिले की श्यामा रानी अंडर-14 और 17 खेलीं। बेतिया की सोनी कुमारी अंडर-17 में देश के लिए खेला। वर्ष 2026 में श्रुति भारतीय अंडर-21 टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

     

  • साहिबगंज में 39,972 मतदाता ‘लापता’, प्रारूप सूची से हटेंगे नाम; दावा-आपत्ति में मिलेगा मौका

    साहिबगंज में 39,972 मतदाता ‘लापता’, प्रारूप सूची से हटेंगे नाम; दावा-आपत्ति में मिलेगा मौका

    साहिबगंज
     जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों (राजमहल, बोरियो व बरहेट) के 39,972 मतदाता 'लापता' हैं। बीएलओ ने कथित तौर पर इन सभी से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इन मतदाताओं ने भी कभी बीएलओ से संपर्क नहीं किया। ऐसे में बीएलओ ने इनका नाम एएसडीडीएफ सूची में डाल दिया है।

    प्रारूप मतदाता सूची में इनका नाम शामिल नहीं होगा। दावा-आपत्ति के दौरान अगर ये मतदाता आते हैं तो उन्हें प्रपत्र छह भरकर अपने बीएलओ या संबंधित अधिकारियों के यहां जमा करना होगा वरना इनका नाम कट जाएगा।

    आंकड़ों के अनुसार, तीनों विधानसभा क्षेत्र के 28386 मतदाताओं की मौत हो चुकी है। इस श्रेणी के सभी नाम कट जाएंगे। 44759 मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं।

    जानकारों का कहना है कि इनमें अधिकतर महिलाएं होंगी जो शादी के बाद अपनी ससुराल चली गईं या वैसे लोग होंगे जो रोजगार की तलाश में दूसरी जगह गए होंगे और वहीं बस गए होंगे। इस श्रेणी के मतदाताओं के भी लौटने की उम्मीद न के बराबर है। 14204 मतदाता दूसरी जगह की मतदाता सूची में शामिल हैं।

    530 लोगों ने गणना प्रपत्र लेने से इनकार कर दिया। जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र में आठ लाख 72 हजार 148 मतदाता हैं। सभी को गणना प्रपत्र दिया गया था।

    इनमें से सात लाख 44 हजार 297 गणना प्रपत्र जमा हुआ। अब इनकी जांच-पड़ताल होगी तथा किसी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित मतदाता को नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद मतदाता को संबंधित दस्तावेज दिखाना होगा।

    पांच अगस्त को प्रकाशित की जाएगी ड्राफ्ट मतदाता सूची:
    पांच अगस्त को सभी मतदान केंद्रों पर ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद लोग दावा आपत्ति कर सकेंगे। जिन लोगों का नाम एएसडीडीएफ सूची में चला गया है उन्हें अब अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए फॉर्म छह भरना होगा। फॉर्म छह ऑनलाइन भी भरा जा सकता है या इसे ऑफलाइन भरकर अपने बीएलओ, एईआरओ व ईआरओ के यहां जमा करना होगा।

    ऐसे में एक जुलाई 1987 से पहले जन्म लेने वाले को केवल अपना जन्म प्रमाणपत्र या चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेज में कोई एक देना होगा। एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वालों को माता या पिता का भी दस्तावेज देना होगा।

    तीन दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वालों को निर्धारित दस्तावेज के साथ-साथ अपने माता-पिता दोनों का दस्तावेज देना होगा। अगर किसी को ड्राफ्ट मतदाता सूची पर किसी प्रकार की आपत्ति है तो उन्हें ईआरओ व एईआरओ के यहां आवेदन देना होगा।

    किस विधानसभा क्षेत्र में किस श्रेणी में कितने वोटर?
    विस क्षेत्र     कुल वोटर     मृत     अनट्रेसेबल/अबसेंट     परमानेंटली शिफ्ट     आलरेडी इनराल्ड     अन्य
    राजमहल     361894     8659          12768                           14240                       3877             265
    बोरियो       287298     10859           20155                         16537                        4943             71
    बरहेट       222956      8868         7049                               13982                      4384              194
    कुल          872148     28386        39972                              44759                      14205        530

    पांच अगस्त को सभी मतदान केंद्रों के साथ-साथ पंचायत भवनों व नगर निकाय कार्यालयों में ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रदर्शित की जाएगी। जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तथा एक अक्टूबर 2026 तक जो भी व्यक्ति 18 वर्ष पूर्ण कर रहे हैं वह दावा आपत्ति अवधि में फॉर्म छह के साथ घोषणा पत्र व आवश्यक दस्तावेज के साथ बीएलओ, एईआरओ व ईआरओ के पास या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सुनवाई के बाद उनका नाम फाइनल मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा। फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन सात अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। – सदानंद महतो, ईआरओ, राजमहल विधानसभा क्षेत्र

     

  • बिहार में गैर-मजरूआ जमीन की खरीद-बिक्री पर लगेगी रोक, सॉफ्टवेयर करेगा ब्लॉक

    बिहार में गैर-मजरूआ जमीन की खरीद-बिक्री पर लगेगी रोक, सॉफ्टवेयर करेगा ब्लॉक

    पटना
     बिहार में खतियान के आधार पर चिह्नित गैर-मजरूआ जमीन की बिक्री पर रोक लगेगी। इस श्रेणी की जमीन की खरीद बिक्री की सूचना मिलने के बाद सरकार यह कदम उठाने जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के विशेष सचिव नवाजिश अख्तर ने गुरुवार को पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग को दी है।

    किस मौजे में कितनी जमीन गैर-मजरूआ आम है, निबंधन विभाग को इसकी सूची राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग देगा। निबंधन विभाग इस श्रेणी के जमीन का पूरा विवरण अपने कंप्यूटर में दर्ज करेगा। ऐसा करने पर जैसे ही इस जमीन की खरीद बिक्री का प्रयास होगा, सॉफ्टवेयर इसकी अनुमति ही नहीं देगा।

    नमूना के रूप में पत्र के साथ सारण जिले की गैर-मजरूआ आम जमीन की सूची भी निबंधन विभाग को सौंपी गई है।

    पत्र में कहा गया है कि विभिन्न भूमि सर्वेक्षणों के माध्यम से अंचल स्तर पर इस श्रेणी का विवरण तैयार किया गया है। निबंधन विभाग के पास हरेक जिले की जमीन के लिए एक रोक सूची है। इस सूची में शामिल जमीन की खरीद बिक्री नहीं होती है। गैर-मजरूआ जमीन को भी इसी रोक सूची में शामिल किया जाएगा।

    गैर-मजरूआ आम जमीन
    यह जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए होती है। सड़क, स्कूल, श्मशान, कब्रिस्तान, तालाब आदि की जमीन इस श्रेणी में आती है। एक समय में इस जमीन पर जमींदारों का स्वामित्व होता था।

    आजादी के बाद यह सरकार के अधीन आ गई, लेकिन जमींदारों के समय के कागजात और कब्जे के आधार पर आज भी इस जमीन के बड़े हिस्से का उपयोग आम लोग करते हैं।

    इसकी बिक्री की शिकायत भी मिलती रहती है, इसलिए सरकार इसे रोक सूची में डालने जा रही है। न बेचने की शर्त के साथ सरकार भूमिहीनों को आवास बनाने के लिए इस श्रेणी की जमीन देती है।

    पहले भी हुई है घोषणा
    राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने इस साल जून के पहले सप्ताह में गैर-मजरूआ आम जमीन की बिक्री पर रोक की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि इस जमीन की अगर बिक्री हुई है तो जमाबंदी रद की जाएगी। राजस्व विभाग की पहल उसी का अगला हिस्सा है।

     

  • राजस्थान में भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश, रोजगार उत्सव में हजारों युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र

    राजस्थान में भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश, रोजगार उत्सव में हजारों युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र

     जयपुर 
    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि युवाओं को समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाकर पात्र अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने गुरुवार को शासन सचिवालय में वर्ष 2026 के भर्ती परीक्षा कैलेंडर तथा आगामी रोजगार उत्सव में संभावित नियुक्तियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

    मुख्य सचिव ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करते हुए दस्तावेज सत्यापन, परिणाम घोषणा तथा नियुक्ति आदेश जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति में अनावश्यक विलंब नहीं हो। उन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) तथा संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, जिससे भर्ती प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो सकें और पात्र अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति मिल सके। उन्होंने सभी विभागों को आगामी रोजगार उत्सव में अधिकतम पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने की दिशा में कार्य करने के भी निर्देश दिए।  

    बैठक में राज्य द्वारा बड़े पैमाने पर संचालित भर्ती प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान 24,752 सफाई कर्मचारी, 10,644 कनिष्ठ सहायक एवं क्लर्क ग्रेड-II, 6,000 पुलिस कांस्टेबल, 3,500 शिक्षण सहयोगी, 3,430 ग्राम विकास अधिकारी, 1,100 कृषि पर्यवेक्षक, 3,000 जूनियर टेक्निकल सुपरवाइजर (जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग), 2,000 नर्सिंग एवं पैरामेडिकल, 1,548 आयुष विभाग, 1,100 पशु चिकित्सा अधिकारी, 1,059 सहायक अभियंता तथा 774 जूनियर अभियंता सहित विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं की प्रगति, परीक्षा कार्यक्रम, परिणाम, दस्तावेज सत्यापन एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई।    

    मुख्य सचिव ने विशेष रूप से आगामी रोजगार उत्सव में संभावित नियुक्तियों की तैयारियों के बारे में चर्चा की। इस दौरान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती, शिक्षक ग्रेड-III, संस्कृत शिक्षा विभाग की शिक्षक भर्ती, पुस्तकालयाध्यक्ष, जेल प्रहरी, एनएचएम तथा बस परिचालक सहित अन्य अंतिम चरण की भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि अंतिम चरण में पहुंच चुकी किसी भी भर्ती में अनावश्यक विलंब नहीं हो तथा दस्तावेज सत्यापन, परिणाम घोषणा एवं नियुक्ति आदेश जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाकर आगामी रोजगार उत्सव में अधिकतम पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएं।   

    बैठक में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय, गृह, स्कूल शिक्षा (प्रारंभिक एवं माध्यमिक), संस्कृत शिक्षा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन, स्वायत्त शासन, पंचायतीराज, कृषि, पशुपालन, आयुष तथा उच्च शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) एवं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।

  • धनबाद में मतदाता पुनरीक्षण का पहला चरण पूरा, 21.15 लाख वोटरों के फॉर्म की प्रक्रिया पूरी

    धनबाद में मतदाता पुनरीक्षण का पहला चरण पूरा, 21.15 लाख वोटरों के फॉर्म की प्रक्रिया पूरी

    धनबाद
    जिले में भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का निर्धारित चरण पूरा हो गया है। 30 जुलाई की रात 10:30 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार धनबाद की सभी छह विधानसभा सीटों में शत-प्रतिशत ईएफ फॉर्म का वितरण सुनिश्चित किया जा चुका है।

    जिले के कुल 21,15,997 मतदाताओं से फॉर्म प्राप्त किए गए हैं। इनमें 16,52,203 फॉर्म का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। शेष 4,63,794 फॉर्म को अनकलेक्टेबल श्रेणी में रखा गया है। इन दोनों को मिलाकर फॉर्म की प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूरी मानी गई है।

    निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार जिले में वास्तविक डिजिटलीकरण 78.08 प्रतिशत हुआ है। विधानसभा स्तर पर सबसे अधिक 86.24 प्रतिशत डिजिटलीकरण टुंडी विधानसभा क्षेत्र में हुआ है।

    इसके बाद सिंदरी में 85.44 प्रतिशत, निरसा में 83.52 प्रतिशत, बाघमारा में 79.80 प्रतिशत, झरिया में 68.30 प्रतिशत और धनबाद विधानसभा क्षेत्र में 68.12 प्रतिशत फॉर्म का डिजिटलीकरण किया गया है।

    विधानसभावार स्थिति
    विधानसभा क्षेत्र     कुल मतदाता     डिजिटलीकरण हुए फॉर्म
    सिंदरी                        3,69,125          3,15,383
    निरसा                         3,36,957         2,81,443
    धनबाद                       4,76,297         3,24,430
    झरिया                         3,04,805         2,08,190
    टुंडी                              3,25,525        2,80,744
    बाघमारा                         3,03,288         2,42,013

    5 अगस्त को आएगी प्ररूप मतदाता सूची
    एसआईआर के अगले चरण में पांच अगस्त को प्ररूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं को अपने नाम, पते और अन्य विवरण की जांच करने का अवसर मिलेगा। किसी प्रकार की त्रुटि या आपत्ति होने पर निर्धारित अवधि में दावा और आपत्ति दाखिल की जा सकेगी।

    प्रशासन के अनुसार 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इन दावों और आपत्तियों की सूचना एवं उनके निपटारे की प्रक्रिया 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक चलेगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

    बीएलओ का घर-घर अभियान पूरा
    एसआईआर के तहत बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं से संबंधित फॉर्म उपलब्ध कराने और प्राप्त करने का अभियान 30 जून से 29 जुलाई तक चलाया गया।

    वहीं, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की प्रक्रिया भी 29 जुलाई तक पूरी कर ली गई। अब निर्वाचन विभाग की नजर पांच अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्ररूप मतदाता सूची पर है, जिसके बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी।

     

  • Punjab News: गुरदासपुर पुलिस ने बरामद किए 120 खोए मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए

    Punjab News: गुरदासपुर पुलिस ने बरामद किए 120 खोए मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए

    गुरदासपुर.

    गुरदासपुर पुलिस ने आज एस.एस.पी. कार्यालय गुरदासपुर में सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर हेल्पलाइन पोर्टल के तहत एक खास मोबाइल फोन बांटने का कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें 120 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन आरोपियों से बरामद करके उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए।

    यह ऑपरेशन एस.एस.पी. गुरदासपुर के दिशा निर्देश के तहत किया गया। गुरदासपुर पुलिस ने डिजिटल ट्रैकिंग टेक्नीक और पोर्टल की मदद से खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की पहचान की और उन्हें ट्रेस किया। इस मौके पर एस.एस.पी. गुरदासपुर आदित्य ने बताया कि असली मोबाइल मालिकों के वेरिफिकेशन के बाद, अलग-अलग ब्रांड के ये मोबाइल फोन उन्हें लौटा दिए गए है। मालिकों को वापिस किए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 26 लाख रुपए है। इस मौके पर, जिले के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों को उनके मोबाइल मिले और उन्होंने गुरदासपुर पुलिस की कोशिशों की तारीफ की। एस.एस.पी. आदित्य ने बताया कि सी.ई.आई.आर. पोर्टल, भारत सरकार के टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट की एक जरूरी पहल है, जो खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने, उनके गलत इस्तेमाल को रोकने और ट्रैकिंग के जरिए उन्हें वापस पाने में मदद करता है।

    उन्होने कहा कि गुरदासपुर पुलिस आम लोगों से अपील करती है कि अगर उनका मोबाइल फोन खो जाए या चोरी हो जाए, तो वे तुरंत पोर्टल पर या अपने सबसे पास के सांझ केंद्र/पुलिस स्टेशन पर इसकी रिपोर्ट करें, ताकि मोबाइल फोन वापस पाने के लिए समय पर कार्रवाई की जा सके। उन्होने कहा कि जिला पुलिस गुरदासपुर जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वचनबद्व है, पंरतु जन सहयोग से हमारा लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकता है। लोगों को चाहिए कि यदि उनके इलाके में कोई नशा तस्करी करता है या नशा बेचने का अवैध धन्धा करता है तो उसकी सूचना पुलिस को दी जाए। पुलिस जानकारी देने वाले का नाम पता गुप्त रखेगी। उन्होने स्पष्ट किया कि जिला पुलिस में किसी तरह का भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नही की जा सकती है। पुलिस का काम जनता की सेवा करना है तथा लोगों की जान माल की रक्षा करना है।

  • 25 लाख तक के स्कूल निर्माण पर भी सुरक्षा प्रमाणन जरूरी, हरियाणा सूचना आयोग ने जताई चिंता

    25 लाख तक के स्कूल निर्माण पर भी सुरक्षा प्रमाणन जरूरी, हरियाणा सूचना आयोग ने जताई चिंता

    चंडीगढ़
    हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से सबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए कहा है कि केवल निर्माण लागत के आधार पर स्कूल भवनों को सुरक्षा प्रमाणन से बाहर नहीं रखा जा सकता।

    आयोग ने स्पष्ट किया है कि 25 लाख रुपये तक की लागत से स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से बनने वाले स्कूल भवनों और कक्षाओं के लिए भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भवन निर्धारित संरचनात्मक और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं।

    राज्य सूचना आयुक्त डा अजय कुमार सूरा ने इस संदर्भ में हरियाणा के प्रधान सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग को मौजूदा नीति की समीक्षा करने और आवश्यक सुधार पर विचार करने की सिफारिश की है। यह मामला भिवानी जिले से संबंधित एक सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन की सुनवाई के दौरान सामने आया।

    सुनवाई में संबंधित राज्य लोक सूचना अधिकारी (एसपीआईओ) ने आयोग को बताया कि एसएमसी के माध्यम से 25 लाख रुपये तक की लागत वाले निर्माण कार्यों के लिए कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाता। ऐसे कार्यों में विभाग की स्वीकृत ड्राइंग के अनुसार निर्माण कराया जाता है और अंत में केवल यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।

    कम्प्लीशन सर्टिफिकेट केवल 25 लाख रुपये से अधिक लागत वाले और टेंडर प्रक्रिया या लोक निर्माण विभाग के माध्यम से कराए गए निर्माण कार्यों के लिए जारी होता है। इस पर अपीलकर्ता ने आयोग के समक्ष चिंता जताई कि बिना कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के नई कक्षाओं में बच्चों को बैठाना उनकी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

    आयोग ने इस चिंता को गंभीर मानते हुए कहा कि कम्प्लीशन सर्टिफिकेट और यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट दोनों अलग-अलग उद्देश्य वाले दस्तावेज हैं और इन्हें एक-दूसरे का विकल्प नहीं माना जा सकता।

    आयोग ने स्पष्ट किया कि कम्प्लीशन सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है कि निर्माण कार्य स्वीकृत नक्शे, निर्धारित मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुरूप पूरा हुआ है, जबकि यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट केवल यह दर्शाता है कि स्वीकृत धनराशि निर्धारित उद्देश्य पर खर्च की गई है।

    आयोग ने अपने आदेश में कहा कि स्कूल भवन और कक्षाएं, निर्माण लागत चाहे कितनी भी हो, छात्रों के उपयोग में लाने से पहले निर्धारित संरचनात्मक, पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। बड़ी संख्या में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

    आयोग ने यह भी कहा कि नए निर्मित स्कूल भवनों के लिए उपयुक्त प्रमाणन व्यवस्था का अभाव एक गंभीर विषय है, जिस पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

    सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 25(5) के तहत आयोग ने हरियाणा के प्रधान सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग को सिफारिश की है कि 25 लाख रुपये तक की लागत वाले एसएमसी निर्माण कार्यों के लिए कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी न करने की मौजूदा नीति और व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि वर्तमान प्रणाली भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और उपयोग-योग्यता का पर्याप्त प्रमाणन सुनिश्चित करती है या नहीं।

     

  • झारखंड में अल्पसंख्यक युवाओं को मुफ्त कोचिंग, JPSC-JSSC की तैयारी के लिए शुरू हुई योजना

    झारखंड में अल्पसंख्यक युवाओं को मुफ्त कोचिंग, JPSC-JSSC की तैयारी के लिए शुरू हुई योजना

    रांची
    झारखंड में प्रशासनिक सेवा का सपना देख रहे अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कोचिंग योजना के तहत जेपीएससी और जेएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग शुरू की जा रही है।

    इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे महंगी कोचिंग के अभाव में अपने सपनों से समझौता न करें।

    झारखंड राज्य हज समिति की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार इच्छुक अभ्यर्थी 12 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। 23 अगस्त को प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी, जबकि 4 सितंबर को परिणाम जारी किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों का नामांकन 15 सितंबर को होगा और 21 सितंबर से रांची स्थित हज हाउस में नियमित कक्षाएं शुरू होंगी।

    कौन कर सकता है आवेदन?
    योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी का झारखंड का स्थानीय निवासी होना जरूरी है। उम्मीदवार स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए और उसकी आयु 20 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

    अभिभावकों की वार्षिक आय आठ लाख रुपये तक होने पर ही आवेदन मान्य होगा। साथ ही स्थानीयता, आय और अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित आवश्यक प्रमाणपत्र ऑनलाइन जमा करने होंगे।

    इन्हें नहीं मिलेगा लाभ
    सरकारी या गैर-सरकारी सेवा में कार्यरत अभ्यर्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। प्रवेश पूरी तरह प्रवेश परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर दिया जाएगा।

    छात्रों को क्या होगा फायदा?
    विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कोचिंग का खर्च कई छात्रों के लिए सबसे बड़ी बाधा बनता है। ऐसे में यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

    अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन और व्यवस्थित तैयारी से अधिक से अधिक युवा जेपीएससी और जेएसएससी जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकेंगे। इससे राज्य में प्रतिभाशाली युवाओं को सरकारी सेवाओं तक पहुंचने का बेहतर अवसर मिलेगा।