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  • मंत्री के सामने मांगी 50 हजार रिश्वत, भ्रष्ट कर्मचारी तत्काल बर्खास्त हुआ

    मंत्री के सामने मांगी 50 हजार रिश्वत, भ्रष्ट कर्मचारी तत्काल बर्खास्त हुआ

    पटना
    बिहार में भ्रष्टाचार पर प्रहार जारी है। अब एक भ्रष्ट कर्मचारी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक कैबिनेट मंत्री के सामने ही घूस मांग ली। इसपर अब मंत्री ने तगड़ा ऐक्शन लिया है। दरअसल अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान के निर्देश पर सीतामढ़ी स्थित जिला कल्याण कार्यालय में तैनात डाटा इंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया। शनिवार को मंत्री के आवास पर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में सोनवर्षा थाना क्षेत्र से आए शिकायतकर्ता ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की अनुदान राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।

    इस पर मंत्री पासवान ने तुरंत वहीं से मोबाइल का स्पीकर ऑन कर फोन लगाने को कहा। जब शिकायतकर्ता ने फोन लगाया तो डाटा इंट्री ऑपरेटर ने अनुदान राशि के भुगतान के एवज में 50 हजार रुपए की मांग की। मंत्री ने इसे अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी को संबंधित कर्मी चंदन कुमार को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया। उधर सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी ने बेल्ट्रोन को पत्र लिखकर उक्त संविदा कर्मी को बर्खास्त करने को कहा है।

    रिश्वत मांगने वाली कर्मी बख्शे नहीं जाएंगे : मंत्री
    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभार्थियों को मिलने वाली अनुदान राशि पारदर्शी, समयबद्ध और बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाए, ताकि जरूरतमंदों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मौके पर मंत्री लखेंद्र पासवान ने स्पष्ट कहा कि सरकार गरीब, वंचित और पीड़ित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले किसी भी अधिकारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है।

    पेपर लीक में बायोमेट्रिक सुपरवाइजर समेत तीन को जेल
    हार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से बिहार होमगार्ड में हवलदार अनुदेशक के 122 पदों को लेकर हुई लिखित परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक कांड में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें परीक्षार्थी राज समदर्शी, उसका सहयोगी अभिषेक कुमार और एक बायोमेट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार शामिल है। इनकी गिरफ्तारी 29 जुलाई को हाजीपुर सदर थाने में दर्ज कांड (368/2026) में हुई, जिसकी जांच ईओयू कर रही है। ईओयू से मिली जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई को राज्यभर में 13 जिलों के 227 केंद्रों पर हवलदार अनुदेशक की लिखित परीक्षा हुई थी। यह परीक्षा एक पाली में सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक ली गयी। परीक्षा से पहले एक कांड की जांच में ईओयू को पता चला कि पेपर लीक में शामिल पटना के बिक्रम थाना का करसा गांव निवासी राज समदर्शी उर्फ राजा हाजीपुर के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी बन कर बैठने वाला है।

    इसके बाद युवक को उक्त परीक्षा केंद्र के पास से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग की बात स्वीकार की तथा अपने सहयोगी का नाम अभिषेक कुमार बताया। साथ ही अप्रैल 2026 में आयोजित एईडीओ (सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी) परीक्षा में भी अनुचित साधनों के उपयोग की बात स्वीकार की। साथ ही यह भी बताया कि हवलदार अनुदेशक परीक्षा में बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश के माध्यम से प्रश्न पत्रों के उत्तर राज समदर्शी उर्फ राजा तक पहुंचाने थे। राज समदर्शी एवं अभिषेक कुमार के मोबाइल की गैलरी में परीक्षा से संबंधित कई एडमिट कार्ड, उत्तर पत्रक (आंसर की) आदि पाये गये। ईओयू ने बताया कि आर्थिक अपराध इकाई द्वारा कांड के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है। इसमें संलिप्त अन्य व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • नौगामा खाप का बड़ा फैसला, प्रेम विवाह करने वालों पर गांव में रोक

    नौगामा खाप का बड़ा फैसला, प्रेम विवाह करने वालों पर गांव में रोक

    जींद
    रामराय गांव स्थित नौगामा खाप के चबूतरे पर शनिवार को नौगामा खाप की पंचायत हुई। इसमें फैसला लिया गया कि एक ही गांव में प्रेमविवाह करने वाले जोड़े को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। नशे की सूचना देने वाले को पांच हजार रुपये इनाम दिया जाएगा।

    इसके अलावा अश्लील गाने बजाने पर जुर्माना लगाया जाएगा, जो गांव की कमेटी तय करेगी। इन सभी निर्णयों के लिए सभी 21 गांवों से एक-एक व्यक्ति लेकर कमेटी बनाई गई है। इसके अलावा हर गांव में अपनी-अपनी कमेटी होगी, जो जुर्माने के बारे में फैसला लेगी।

    नौगामा खाप के प्रवक्ता उमेद सिंह जागलान ने बताया कि नौगामा खाप की बैठक प्रधान जयबीर लोहान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में अनेक सामाजिक बुराइयों को लेकर चर्चा की गई। इसमें लीव इन रिलेशनशिप के कानून को खत्म करने की मांग की गई।

    इसके अलावा गंदे गाने, लड़कियों व लड़कों को संस्कारों के बारे में जानकारी, नशे पर प्रतिबंधक लगाने, लड़कियों द्वारा पहने जाने वाले भड़काऊ कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले लिए गए। पंचायत में फैसला लिया गया कि एक ही गांव के युवा यदि प्रेमविवाह करते हैं तो उनको गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।

    इसी प्रकार यदि वह लीव इन में रहते हैं तो भी यही नियम लागू होगा। कोई भी गांव का व्यक्ति डीजे पर अश्लील गाने बजाएगा, उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। नशे से युवाओं को दूर रखने के लिए भी पंचायत ने फैसला लिया। पंचायत में कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति नशे का कारोबार करता है, उसकी कोई सूचना पंचायत को देगा तो पंचायत उसे पांच हजार रुपये इनाम देगी और उसका नाम गुप्त रखा जाएगा।

    पंचायत में चंद्रभान नंबरदार, धर्मपाल घिमाना, सतपाल पहल, पूर्व सरपंच सुलतान सिंह, रामचंद्र सरपंच, हरपाल सिंह ढुल, विरेन्द्र सिंह मुंद्रा, जयबीर ढुल, अनिल सरपंच ढाणी, बिंदर नंबरदार, राजेंद्र बीबीपुर, सुभाष घिमाना, सज्जन रेढु ईगराह, रमेश रेढु ईगराह, गंगा प्रसाद शर्मा सरपंच रामराय, हरदेवा सिंह जागलान, अजमेर ढुल, राममेहर रामराय, भरत सिंह ढुल ने भी अपने विचार रखे।

    21 सदस्यीय कमेटी के अलावा हर गांव की होगी अपनी कमेटी
    पंचायत में फैसला लिया गया कि इन सभी नियमों को लागू करने के लिए सभी 21 गांवों से एक-एक सदस्य लेकर 21 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसके अलावा हर गांव में अपनी-अपनी कमेटी बनेगी, जो इन नियमों को मुख्य रूप से लागू करेगी। जुर्माने को भी गांव की कमेटी ही तय करेगी। 21 सदस्यीय कमेटी गांव की कमेटी द्वारा लिए गए निर्णयों को लागू करेगी। सभी प्रकार की शक्तियां 21 सदस्यीय कमेटी के पास होंगी।

     

  • रक्षाबंधन से पहले डाक विभाग का बड़ा तोहफा, राखी भेजना हुआ आसान

    रक्षाबंधन से पहले डाक विभाग का बड़ा तोहफा, राखी भेजना हुआ आसान

     नई दिल्ली
     रक्षाबंधन से पहले भाई-बहन के लिए अच्छी खबर है। अब स्पीड पोस्ट से राखी भेजना पहले से ज्यादा आसान और तेज होगा।

    दिल्ली समेत छह महानगरों में 24 और 48 घंटे की एक्सप्रेस स्पीड पोस्ट सेवा भी शुरू की गई है, जिससे त्योहार के दौरान राखी और जरूरी दस्तावेज पहले से कम समय में पहुंच सकेंगे।

    इसके साथ ही भारतीय डाक विभाग ने 1 अगस्त 2026 से लागू नए नियमों के तहत 500 ग्राम तक की गैर-व्यावसायिक राखी वाले लिफाफे और छोटे पैकेट को 'डॉक्यूमेंट' श्रेणी में शामिल कर दिया है।

    500 ग्राम तक की राखी अब होगी 'डॉक्यूमेंट'
    डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट में डॉक्यूमेंट और पार्सल की श्रेणियां अलग कर दी हैं। नए नियमों के मुताबिक 500 ग्राम तक के नॉन-कमर्शियल राखी वाले लिफाफे, छोटे पैकेट और ग्रीटिंग कार्ड को डॉक्यूमेंट माना जाएगा। इससे ग्राहकों को यह तय करने में आसानी होगी कि उनकी डाक किस श्रेणी में आएगी।
    किन चीजों को मिला डॉक्यूमेंट का दर्जा?

    राखी के अलावा अब इन वस्तुओं को भी डॉक्यूमेंट माना जाएगा
        पैन कार्ड
        आधार/यूआईडीएआई से जारी पहचान पत्र
        वोटर आईडी
        ड्राइविंग लाइसेंस
        पासपोर्ट
        बैंक पासबुक
        चेकबुक
        बैंक स्टेटमेंट
        क्रेडिट और डेबिट कार्ड
        बीमा से जुड़े दस्तावेज

    क्या रहेगा पार्सल में?
    यदि आप राखी के साथ कपड़े, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, गिफ्ट आइटम या अन्य वस्तुएं भेजते हैं, तो उन्हें पार्सल की श्रेणी में रखा जाएगा।

    6 बड़े शहरों में शुरू हुई सुपरफास्ट डिलीवरी
    रक्षाबंधन जैसे त्योहार को देखते हुए डाक विभाग ने 24 Speed Post और 48 Speed Post सेवाएं भी शुरू की हैं।

        24 Speed Post: 24 घंटे के भीतर डिलीवरी का लक्ष्य
        48 Speed Post: 48 घंटे के भीतर डिलीवरी

    फिलहाल यह सुविधा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में शुरू की गई है।

    डाकघर जाने से पहले ये जरूर करें
    यदि आप इस रक्षाबंधन पर राखी स्पीड पोस्ट से भेजने जा रहे हैं, तो पहले:-

        राखी का वजन जांच लें।

        केवल राखी, ग्रीटिंग कार्ड या जरूरी दस्तावेज हैं तो वह डॉक्यूमेंट श्रेणी में आएगा।

        राखी के साथ कोई गिफ्ट या अन्य सामान है तो वह पार्सल माना जाएगा।

        नई दरों के अनुसार शुल्क की जानकारी डाकघर से लेकर ही बुकिंग कराएं।

    रक्षाबंधन के दौरान बड़ी संख्या में लोग स्पीड पोस्ट से राखी भेजते हैं। ऐसे में नए नियमों की जानकारी पहले से होने पर सही श्रेणी में बुकिंग होगी और डिलीवरी में भी अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।

    अगस्त से स्पीड पोस्ट की नई रेट लिस्ट (रिटेल ग्राहकों के लिए)
    सेवा/वजन                                                शुल्क
    लोकल स्पीड पोस्ट (50 ग्राम तक)         ₹38 प्रति आर्टिकल
    पैन इंडिया स्पीड पोस्ट (50 ग्राम तक)     ₹94 प्रति आर्टिकल
    51 ग्राम से 250 ग्राम                              ₹118 से ₹154 प्रति आर्टिकल
    251 ग्राम से 500 ग्राम                               ₹140 से ₹186 प्रति आर्टिकल
    48 Speed Post                                          ₹61 से ₹121 प्रति आर्टिकल

    नोट: नीचे दी गई दरों पर लागू नियमों के अनुसार अलग से जीएसटी (GST) भी देना होगा। 51 ग्राम से अधिक वजन वाले आर्टिकल और 48 Speed Post का शुल्क दूरी (Distance) और चुनी गई सेवा के आधार पर अलग-अलग होगा। सभी शुल्कों पर अलग से जीएसटी लागू होगा।

  • शराब घोटाला मामले में एसीबी ने तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया

    शराब घोटाला मामले में एसीबी ने तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया

    रांची
    राज्य में शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने तीन और संदिग्धों को पूछताछ के लिए समन किया है और छह अगस्त को एसीबी के रांची स्थित मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा है।

    जिन्हें समन किया गया है, उनमें छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक सह छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के विशेष सचिव अरुण पति त्रिपाठी, नेक्सजेन साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ अरुण कुमार सिंह तथा मैनपावर आपूर्ति एजेंसी मेसर्स विजन हॉस्पिटालिटी प्राइवेट लिमिटेड के स्थानीय प्रतिनिधि श्यामजी शरण शामिल हैं।

    तीनों ही संदिग्धों से 6 अगस्त को होनी है पूछताछ
    एसीबी सभी आरोपितों का न सिर्फ बयान लेगी, बल्कि दस्तावेजी साक्ष्य, वित्तीय लेन-देन, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल सामग्री तथा पूर्व में दर्ज बयानों का आपसी मिलान कर घटनाक्रम की वास्तविक कड़ी को स्थापित करेगी।

    एसीबी इस प्रकरण की जांच में उपलब्ध प्रत्येक तथ्य व साक्ष्य का अत्यंत सावधानीपूर्वक परीक्षण कर रही है। जांच की प्रत्येक कड़ी का सत्यापन किया जा रहा है और संबंधित व्यक्तियों के बयान का दस्तावेज व इलेक्ट्रानिक साक्ष्य से मिलान किया जा रहा है।

    पूरा मामला पूर्व की उत्पाद नीति के दौरान तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे व उनके सहयोगी अधिकारियों तथा छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपितों की मिलीभगत से पद का दुरुपयोग कर चहेती एजेंसियों को मैनपावर आपूर्ति का ठेका देने से जुड़ा है।

    इस मामले में एसीबी ने गत वर्ष 20 मई 2025 को एसीबी रांची थाना कांड संख्या 09/2025 में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से ही एसीबी मिले साक्ष्यों, दस्तावेजों व विभिन्न व्यक्तियों के पारस्परिक बयानों का सत्यापन कर रही है।

    जांच के क्रम में ही एसीबी ने मैनपावर आपूर्ति एजेंसी मेसर्स विजन हॉस्पिटालिटी प्राइवेट लिमिटेड के स्थानीय प्रतिनिधि श्यामजी शरण को समन किया है। उन्हें एसीबी ने पूर्व में भी समन किया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हो सके थे। इसलिए उन्हें दोबारा समन किया गया है।

    पूर्व की उत्पाद नीति में अरुण पति त्रिपाठी की भूमिका है संदिग्ध
    एसीबी ने जांच पाया है कि छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक सह छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के विशेष सचिव रहे अरुण पति त्रिपाठी की भूमिका संदिग्ध है।

    उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल में पूर्व की उत्पाद नीति को लागू कराने में अरुण पति त्रिपाठी ने भी बड़ी भूमिका निभाई थी।

    अनुसंधान के दौरान सामने आए दस्तावेज, बयान व अन्य साक्ष्यों के आलोक में एसीबी उनसे पुन: विस्तृत पूछताछ करेगी और उनका बयान लेगी।

    एसीबी ने नेक्सजेन सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को पूर्व की जांच में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के कथित काले धन का निवेशक बताया था।

    इसी क्रम में नेक्सजेन सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ अरुण कुमार सिंह को एसीबी ने समन किया है। एसीबी नेक्सजेन की भूमिका व उससे संबंधित कार्य व अनुबंध, वित्तीय लेन-देन तथा संबंधित व्यक्तियों व संस्थाओं के साथ उनके करीबी संपर्क के संबंध में उपलब्ध दस्तावेजों व अनुसंधान में सामने आए अन्य तथ्यों का भी सत्यापन करेगी।

    चार अगस्त को बुलाए गए हैं उत्पाद विभाग के तीन अधिकारी
    एसीबी ने समन कर चार अगस्त को भी उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तीन अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है। इन अधिकारियों ने पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए और वर्तमान में जमानत पर बाहर तत्कालीन आयुक्त उत्पाद सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित प्रकाश, तत्कालीन संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह व तत्कालीन महाप्रबंधक वित्त सुधीर कुमार दास शामिल हैं।

    तीनों को चार अगस्त को एसीबी के रांची स्थित मुख्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। एसीबी ने गत वर्ष अन्य आरोपितों के साथ-साथ इन तीनों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। निर्धारित अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं होने के चलते सभी आरोपितों को डिफाल्ट बेल मिल गया था और सभी जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे।

  • पटना सिटी की 54 फीट कांवड़ यात्रा बनेगी आकर्षण, 500 शिवभक्त जाएंगे बाबाधाम

    पटना सिटी की 54 फीट कांवड़ यात्रा बनेगी आकर्षण, 500 शिवभक्त जाएंगे बाबाधाम

     पटना
     ऐतिहासिक व पौराणिक शहर पटना सिटी में प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा के तरह-तरह के रंग देखने को मिलते हैं। सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा में सुल्तानगंज से कलश में जल भरकर शिवभक्त देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में जलाभिषेक करते हैं।

    भक्ति गीतों के धुनों पर थिरकते कांवड़ ये मार्ग में आकर्षण के केंद्र बनते हैं। यात्रा के दौरान भगवान शिव की भक्ति में पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। सूरज ढलने के साथ रंग-बिरंगी झांकियों वाली कांवड़ जहां से गुजरता है, वहां देखनेवाले लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। कांवड़ की झांकियों को श्रद्धालु अपने अपने मोबाइल में कैद करते दिखते हैं।

    एक सपने से हुई कांवड़ यात्रा की शुरुआत
    श्री श्री विशाल शिवधारी कांवड़ संघ 54 फीट मारूफगंज के संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार बताते हैं कि वर्ष 1994 से 31 डाकबम 24 घंटे में सुल्तानगंज से बाबाधाम जाते थे। वर्ष 2007 के सावन माह में रात में एक सपना देखा कि उन्होंने 54 फीट के कांवड़ के साथ पटना सिटी के दर्जनों शिवभक्तों को लेकर बाबाधाम में जलाभिषेक किए हैं।

    उन्होंने जब यह बात मोहल्ले के मित्रों से बताई। सुनकर दर्जनों मित्रों ने साथ जाने की जिद किए। तब 2008 व 2009 में डाकबम के तौर पर 100 लोग गए। धीरे-धीरे शिवभक्तों की टोली जुटती गई और अबतक 500 से अधिक शिवभक्त 54 फीट के कांवड़ के साथ बाबाधाम जा रहे हैं।

    3 अगस्त को परंपरा के अनुसार होगी यात्रा
    विनोद बताते हैं कि इस वर्ष भी तीन अगस्त को किला रोड देवी स्थान से 54 फीट कांवड़ के साथ 500 से अधिक शिवभक्त बाबाधाम के लिए निकलेंगे। 54 फीट के कांवड़ निर्माण में लगभग पांच से सात लाख खर्च आता है।

    यह यात्रा मारूफगंज, अशोक राजपथ में हजीगंज, चौक, मच्छरहट्टा, पश्चिम दरवाजा, शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी होते शीतला माता मंदिर पहुंचेगा। उसके अगले दिन यानि चार अगस्त को सुल्तानगंज के लिए कांवड़ यात्रा रवाना होगी।

    पांच अगस्त को सुल्तानगंज में जल उठेगा और सात अगस्त को 9:30 बजे दिन में 54 फीट कांवड़ यात्रा में शामिल लोग बाबाधाम में जलाभिषेक करेंगे। इस बार कांवड़ यात्रा में जागरण मंडली, हाथी, घोड़ा, ऊंट, डीजे, आर्केस्ट्रा रहेगा। सुल्तानगंज से देवघर के बीच संस्था का भंडारा चलता है।

    बिहार की पहचान बना अनोखा कांवड़
    समिति में संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार, महासचिव संजय साव, अध्यक्ष निरंजन प्रियदर्शी, कोषाध्यक्ष संजय सरकार, अर्जुन यादव, मंटू जायसवाल, भूषण जायसवाल, मिथिलेश कुमार, मुकेश कुमार व अन्य हैं। रास्ते भर लोग रुककर हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हैं।

    स्थानीय लोग बताते हैं कि जब यह विशाल कांवड़ पटना सिटी की मोहल्लों से गुजरती हैं, तो पूरा शहर बोलबम से गूंज उठता है। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सब दर्शन के लिए सड़क पर आ जाते हैं।

    विनोद कुमार का कहना है कि 16 वर्ष में हजारों लोगों की मन्नत पूरी हुई है। पटना सिटी की 54 फीट की कांवड़ अब सिर्फ यात्रा नहीं रहीं, ये एक पहचान बन गई हैं।

  • 54 फीट लंबी पटना की प्रसिद्ध कांवड़ 3 अगस्त को होगी रवाना, ₹7 लाख खर्च; 500 से ज्यादा शिवभक्त होंगे शामिल

    54 फीट लंबी पटना की प्रसिद्ध कांवड़ 3 अगस्त को होगी रवाना, ₹7 लाख खर्च; 500 से ज्यादा शिवभक्त होंगे शामिल

    पटना 
    ऐतिहासिक व पौराणिक शहर पटना सिटी में प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा के तरह-तरह के रंग देखने को मिलते हैं। सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा में सुल्तानगंज से कलश में जल भरकर शिवभक्त देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में जलाभिषेक करते हैं।

    भक्ति गीतों के धुनों पर थिरकते कांवड़ ये मार्ग में आकर्षण के केंद्र बनते हैं। यात्रा के दौरान भगवान शिव की भक्ति में पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। सूरज ढलने के साथ रंग-बिरंगी झांकियों वाली कांवड़ जहां से गुजरता है, वहां देखनेवाले लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। कांवड़ की झांकियों को श्रद्धालु अपने अपने मोबाइल में कैद करते दिखते हैं।

    एक सपने से हुई कांवड़ यात्रा की शुरुआत
    श्री श्री विशाल शिवधारी कांवड़ संघ 54 फीट मारूफगंज के संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार बताते हैं कि वर्ष 1994 से 31 डाकबम 24 घंटे में सुल्तानगंज से बाबाधाम जाते थे। वर्ष 2007 के सावन माह में रात में एक सपना देखा कि उन्होंने 54 फीट के कांवड़ के साथ पटना सिटी के दर्जनों शिवभक्तों को लेकर बाबाधाम में जलाभिषेक किए हैं।

    उन्होंने जब यह बात मोहल्ले के मित्रों से बताई। सुनकर दर्जनों मित्रों ने साथ जाने की जिद किए। तब 2008 व 2009 में डाकबम के तौर पर 100 लोग गए। धीरे-धीरे शिवभक्तों की टोली जुटती गई और अबतक 500 से अधिक शिवभक्त 54 फीट के कांवड़ के साथ बाबाधाम जा रहे हैं।

    3 अगस्त को परंपरा के अनुसार होगी यात्रा
    विनोद बताते हैं कि इस वर्ष भी तीन अगस्त को किला रोड देवी स्थान से 54 फीट कांवड़ के साथ 500 से अधिक शिवभक्त बाबाधाम के लिए निकलेंगे। 54 फीट के कांवड़ निर्माण में लगभग पांच से सात लाख खर्च आता है।

    यह यात्रा मारूफगंज, अशोक राजपथ में हजीगंज, चौक, मच्छरहट्टा, पश्चिम दरवाजा, शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी होते शीतला माता मंदिर पहुंचेगा। उसके अगले दिन यानि चार अगस्त को सुल्तानगंज के लिए कांवड़ यात्रा रवाना होगी।

    पांच अगस्त को सुल्तानगंज में जल उठेगा और सात अगस्त को 9:30 बजे दिन में 54 फीट कांवड़ यात्रा में शामिल लोग बाबाधाम में जलाभिषेक करेंगे। इस बार कांवड़ यात्रा में जागरण मंडली, हाथी, घोड़ा, ऊंट, डीजे, आर्केस्ट्रा रहेगा। सुल्तानगंज से देवघर के बीच संस्था का भंडारा चलता है।

    बिहार की पहचान बना अनोखा कांवड़
    समिति में संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार, महासचिव संजय साव, अध्यक्ष निरंजन प्रियदर्शी, कोषाध्यक्ष संजय सरकार, अर्जुन यादव, मंटू जायसवाल, भूषण जायसवाल, मिथिलेश कुमार, मुकेश कुमार व अन्य हैं। रास्ते भर लोग रुककर हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हैं।

    स्थानीय लोग बताते हैं कि जब यह विशाल कांवड़ पटना सिटी की मोहल्लों से गुजरती हैं, तो पूरा शहर बोलबम से गूंज उठता है। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सब दर्शन के लिए सड़क पर आ जाते हैं।

    विनोद कुमार का कहना है कि 16 वर्ष में हजारों लोगों की मन्नत पूरी हुई है। पटना सिटी की 54 फीट की कांवड़ अब सिर्फ यात्रा नहीं रहीं, ये एक पहचान बन गई हैं।

  • मंत्री के सामने ऑपरेटर ने मांगी ₹50 हजार की रिश्वत, भड़कते ही बोले- 1 घंटे में करो सस्पेंड

    मंत्री के सामने ऑपरेटर ने मांगी ₹50 हजार की रिश्वत, भड़कते ही बोले- 1 घंटे में करो सस्पेंड

     पटना

    'फोन की घंटी बजी… उधर से कॉल रिसीव हुई… और फिर 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी गई. लेकिन फोन के दूसरी तरफ सिर्फ फरियादी नहीं थे, बिहार सरकार के एक मंत्री भी पूरी बातचीत सुन रहे थे. यह मामला बिहार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग से जुड़ा है. दरअसल, सीतामढ़ी में विभाग का एक डेटा एंट्री ऑपरेटर अनुदान राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। 

    शिकायत जब विभागीय मंत्री लखेंद्र पासवान तक पहुंची, तो उन्होंने मौके पर ही इसकी सच्चाई परखने का फैसला किया. सीतामढ़ी से आए कुछ फरियादी मंत्री के पास पहुंचे थे. उनका आरोप था कि सरकारी सहायता राशि जारी कराने के लिए उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं. मंत्री ने उनकी पूरी बात सुनी और फिर कहा कि अभी उसी कर्मचारी को फोन लगाइए। 

    फोन मिलाया गया. कॉल स्पीकर पर थी. कमरे में मौजूद सभी लोग बातचीत सुन रहे थे. डाटा एंट्री ऑपरेटर ने बिना किसी झिझक के अनुदान राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी. उसे शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसकी आवाज सीधे मंत्री तक पहुंच रही है. बातचीत खत्म होते ही कमरे का माहौल बदल गया। 

    मंत्री लखेंद्र पासवान ने तुरंत सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी को फोन लगाया. उन्होंने रिश्वत मांगने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया. साथ ही यह भी कहा कि जिस ऑफिस में यह कर्मचारी तैनात था, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए. अगर उनकी लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाए. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया है. मामला अब सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। 

    इस पूरे मामले को लेकर मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के पीड़ितों को सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनका कानूनी अधिकार है. अगर कोई कर्मचारी उस अधिकार के बदले रिश्वत मांगता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

    उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए. यहां मंत्री ने शिकायत करने वालों के सामने ही आरोपी कर्मचारी से बात कराई और उसी बातचीत के आधार पर तत्काल विभागीय कार्रवाई के निर्देश दे दिए. फिलहाल मंत्री के निर्देश के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है. मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी. फिलहाल मंत्री के निर्देश के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 

  • झारखंड में कैंपों की पहल से 19,756 युवाओं को मिला लर्निंग लाइसेंस

    झारखंड में कैंपों की पहल से 19,756 युवाओं को मिला लर्निंग लाइसेंस

    रांची
     झारखंड के ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में जहां लोगों के लिए जिला मुख्यालय पहुंचना मुसीबतों से भरा होता है और इसके बावजूद इस बात की कोई गारंटी नहीं होती कि उनका काम हो ही जाएगा वहां कैंप लगने से बहुत फायदा होता दिख रहा है

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश पर झारखंड के ग्रामीण इलाकों में लगे कैंपों में 19756 लर्निंग लाइसेंस बन चुके हैं। यह अपने आप में झारखंड के लिए अनोखा अनुभव है। अलग राज्य बनने के बाद अब तक इस तरह के कैंप कहीं नहीं लगे थे।

    इन कैंपों में दुमका और देवघर के सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहनेवाले युवाओं को तो फायदा हुआ ही, सरकार की छवि भी बेहतर हुई। राज्य में कैंपों की संख्या के हिसाब से देखें तो सबसे अधिक कैंप देवघर और दुमका (18-18 कैंप) लगे।दाेनों जगहों पर क्रमश: 1240 एवं 1528 युवाओं के लर्निंग लाइसेंस तैयार हुए।

    दूसरी ओर, महज आठ कैंपों के माध्यम से जमशेदपुर में पूरे राज्य में सर्वाधिक 1768 लर्निंग लाइसेंस तैयार हुए। परिवहन विभाग के अनुसार किसी एक महीने में लर्निंग लाइसेंस की रिकार्ड संख्या इस वर्ष हासिल की गई है। दीगर बात है कि कैंपों में 28813 आवदेन पड़े थे।

    अब इन्हीं कैंपों में बन जाएंगे परमानेंट लाइसेंस
    देश के साथ-साथ झारखंड में भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की जटिलता से सभी रूबरू हैं। नियम के अनुसार लर्निंग लाइसेंस बनने के एक माह बाद कोई परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है।और लाइसेंस जिला परिवहन कार्यालय से जारी होता है।

    ऐसे में लोगों को परिवहन कार्यालय का चक्कर काटने जैसी मुसीबत का सामना करना ही था। राज्य सरकार ने परमानेंट लाइसेंस के लिए ट्रायल जिला मुख्यालय की जगह प्रखंडों में लगे कैंपों में ही कराने का निर्णय लिया है।

    ऐसे में युवा इन कैंपों में ट्रायल देकर ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट पास कर सकते हैं। पास करने के बाद इन्हें इन्हीं कैंपों में जिला परिवहन पदाधिकारी के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस दिया जाएगा।

    जिलों में कैंपों की संख्या और निर्गत लर्निंग लाइसेंस
    क्रमांक     जिला     कैंप     लाइसेंस
    1             बोकारो      07     241
    2          चाईबासा     10           629
    3           चतरा         10          557
    4         देवघर            18        1240
    5        धनबाद        04         592
    6       दुमका              18     1528
    7       गढ़वा              11     997
    8     गिरिडीह          17     1627
    9     गोड्डा       1      6     457
    10     गुमला         14     1704
    11     हजारीबाग     05     309
    12     जमशेदपुर     08     1768
    13     जामताड़ा     14     1447
    14     खूंटी             11     188
    15     कोडरमा       06     276
    16     लातेहार       09     483
    17     लोहरदगा     11     309
    18     पाकुड़     11     542
    19     पलामू     09     1220
    20     रामगढ़     04     234
    21     रांची     08     731
    22     साहेबगंज     14     430
    23     सरायकेला     17     1615
    24     सिमडेगा     12     632

    मुख्यमंत्री के आदेश से राजधानी रांची समेत कई जिलों में कैंप लगाकर लोगों को लर्निंग और ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने की योजना बनी है। झारखंड के 242 पंचायतों में ऐसे कैंपों के माध्यम से 19,756 लर्निंग लाइसेंस बने हैं जो युवाओं को दे भी दिया गया है। एक महीना पूरा होने पर परमानेंट लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू होगी।
        -राजीव रंजन, सचिव, परिवहन विभाग।

     

     

  • देवनानी बोले, कैटरिंग उद्योग भारतीय संस्कृति और अतिथि सत्कार की पहचान बना

    देवनानी बोले, कैटरिंग उद्योग भारतीय संस्कृति और अतिथि सत्कार की पहचान बना

    जयपुर
     राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि भोजन केवल शरीर की आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा, आत्मीयता और सभ्यता का सबसे सशक्त माध्यम है। कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोग भारत की सदियों पुरानी अतिथि देवोभव की भावना को जीवंत रखने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं।

    स्मारिका का विमोचन
    देवनानी ने शनिवार को जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर, सीतापुरा में आयोजित फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया कैटरर्स के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने   देशभर से आए कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों को विधानसभा देखने के लिए निमंत्रित किया। इस अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का श्री देवनानी ने विमोचन किया। श्री देवनानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।

    राजस्थान में अतिथि सत्कार की गौरवशाली परंपराएं
    देवनानी ने कहा कि राजस्थान वीरता, संस्कृति और अतिथि सत्कार की गौरवशाली परंपरा वाली भूमि है। यहां की लोक संस्कृति, खान-पान और मेहमाननवाजी विश्वभर में प्रसिद्ध है। दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, घेवर जैसे पारंपरिक व्यंजन केवल स्वाद नहीं, बल्कि राजस्थान की पहचान और संस्कृति के प्रतीक हैं। कैटरिंग उद्योग इन परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।उन्होंने कहा कि  समारोहों, आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों और  सम्मेलनों में कैटरिंग सेवाएं समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। इस क्षेत्र से जुड़े रसोइये, कर्मचारी और उद्यमी अपने श्रम एवं समर्पण से लोगों के जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों को यादगार बनाते हैं।

    भारत का आतिथ्य विश्व की जीवन जीवन शैली का महत्वपूर्ण अंग 
    देवनानी ने कहा कि आज विश्व भारतीय खान-पान, मसालों और आतिथ्य परंपरा की ओर आकर्षित हो रहा है। ऐसे समय में कैटरिंग एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। अब आवश्यकता है कि स्वाद के साथ गुणवत्ता, स्वच्छता, आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और भोजन की बर्बादी रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। श्री देवनानी ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन अनुभवों के आदान-प्रदान, नई तकनीकों की जानकारी और भविष्य की योजनाओं के निर्माण का महत्वपूर्ण मंच होते हैं। यह आयोजन देश के कैटरिंग उद्योग को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फेडरेशन आने वाले समय में कैटरिंग व्यवसाय को और अधिक संगठित, आधुनिक एवं सशक्त बनाने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    स्पीकर देवनानी ने विधानसभा देखने का दिया आमंत्रण
    स्पीकर देवनानी ने कहा कि देश के विभिन्न भागों से आए पदाधिकारी राजस्थान विधानसभा के संग्रहालय को अवश्य देख कर जाएं। उन्होंने कहा की विधानसभा में अनेक नवाचार किए हैं। विधानसभा में कारगिल शौर्य वाटिका, हर्बल वाटिका और नक्षत्र वाटिका भी बनाई गई है।

     

  • राजस्थान के स्कूलों में हर माह होगी स्टाफ बैठक, शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर जोर

    राजस्थान के स्कूलों में हर माह होगी स्टाफ बैठक, शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर जोर

    जयपुर
    राजस्थान के सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, भौतिक सुविधाओं और विद्यालय संचालन को बेहतर बनाने के लिए अब हर माह स्टाफ की बैठक अनिवार्य कर दी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार संस्था प्रधान और स्टाफ के बीच निरंतर संवाद और बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया है।

    शिक्षा विभाग के आदेशानुसार बैठक प्रत्येक माह के अंतिम कार्य दिवस को अनिवार्य रूप से होगी। बैठक के लिए समय निकालने के लिए प्रत्येक शिक्षण कालांश में से पांच-पांच मिनट की कटौती होगी। इस प्रकार समायोजित किए गए 40 मिनट के समय में, आठवें कालांश के बाद यह बैठक होगी। आठवें कालांश की समाप्ति के बाद सभी विद्यार्थियों को विद्यालय से प्रस्थान के लिए मुक्त कर दिया जाएगा।

    प्रभारी की होगी नियुक्ति और बनेगा कार्यवाही रजिस्टर
    पारस्परिक विमर्श और योजना निर्माण को प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने निर्देश दिए हैं। संस्था प्रधान की ओर से राजस्थान के सरकारी विद्यालय स्टाफ में से किसी एक सदस्य को स्टाफ मीटिंग का प्रभारी नामित किया जाएगा। इस प्रभारी का कार्य संस्था प्रधान से विमर्श करके बैठक का समसामयिक एजेंडा तैयार करना होगा। बैठक का रिकॉर्ड रखने के लिए एक कार्यवाही रजिस्टर का संधारण अनिवार्य किया है। इससे उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर, विचार-विमर्श और पारित प्रस्तावों का विस्तृत उल्लेख होगा। बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा अगली बैठक में भी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तय कार्य समय पर पूरे हुए हैं या नहीं। साथ ही आवश्यक सुधारात्मक सुझावों पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता संस्था प्रधान करेंगे, जबकि उनके अवकाश पर होने की स्थिति में विद्यालय के वरिष्ठतम शिक्षक यह जिम्मेदारी निभाएंगे।

    महत्वपूर्ण बिंदुओं पर होगी चर्चा
    मासिक बैठक को परिणामोन्मुख बनाने के लिए कुछ स्थाई महत्व के एजेंडा बिंदु निर्धारित किए हैं। विद्यालय विकास योजना के निर्धारित मासिक लक्ष्यों की प्रगति और लक्ष्य प्राप्ति की कार्ययोजना। एसएमसी व एसडीएमसी की बैठकों में पारित प्रस्तावों और निर्णयों की पालना। आगामी माह में आयोजित होने वाले उत्सवों जैसे प्रवेशोत्सव, वार्षिकोत्सव, सखा संगम, खेलकूद आदि की पूर्व तैयारी। परख, परीक्षा और यूनिट टेस्ट के परिणामों की समीक्षा तथा परीक्षा परिणाम सुधारने की कार्ययोजना। साथ ही विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक उपलब्धियों और विद्यालय की आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।