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  • डूंगरगढ़ को 163 करोड़ की सौगात, सड़क-बिजली-स्वास्थ्य परियोजनाओं का शुभारंभ

    डूंगरगढ़ को 163 करोड़ की सौगात, सड़क-बिजली-स्वास्थ्य परियोजनाओं का शुभारंभ

    जयपुर
    बीकानेर के डूंगरगढ़ को विकास की नई सौगात देते हुए केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने शनिवार को करीब 163 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से डूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सड़क, विद्युत, स्वास्थ्य तथा पेयजल से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।

    कार्यक्रम के दौरान डूंगरगढ़–बिदासर राज्य राजमार्ग (एसएच-93) पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर नए ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस), पावर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि सहित विद्युत संबंधी परियोजनाओं तथा अन्य जनहित के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।

    स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में सोनियासर शिवदान, डेलवा, धोलिया एवं लाधड़िया में नव स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण किया गया। वहीं डेलवा में नए ट्यूबवेल का लोकार्पण भी हुआ, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को पेयजल उपलब्धता में राहत मिलेगी।

    ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उपनी, बेनीसर, डेलवा, गुसाईसर बड़ा एवं पुनरासर सहित विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं नवीनीकरण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। साथ ही पुनरासर–राजपुरा–सेरूणा–सांवतसर–राजेडू दोहरी लेन सड़क निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया, जिसे क्षेत्र की महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं में शामिल माना जा रहा है।

    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, जिससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

    विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि डूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र की आधारभूत संरचना मजबूत होगी, आवागमन सुगम बनेगा तथा आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

    इस अवसर पर राजस्थान राज्य कौशल विकास बोर्ड के चेयरमैन रामगोपाल सूथार, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा कदम, रेरा व्यवस्था को बनाया जाएगा और पारदर्शी

    सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा कदम, रेरा व्यवस्था को बनाया जाएगा और पारदर्शी

    पटना
     मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, जवाबदेह व तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब को समाप्त करते हुए प्रमोटर्स एवं डेवलपर्स को नियमानुसार कार्य करने में सहूलियत प्रदान की जाए।

    रेरा की कार्यप्रणाली को राज्य सरकार के डैशबोर्ड एवं डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि लंबित मामलों, उनके निष्पादन तथा अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की प्रभावी मानीटरिंग की जा सके।

    मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में रेरा की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने इस्टेट क्षेत्र में कारोबार को सुगम बनाने व बढ़ावा देने के साथ-साथ घर खरीदारों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

    खरीदारों का बढ़ेगा भरोसा
    उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र में सुधार का सबसे महत्वपूर्ण पहलू घर खरीदारों के हितों और अधिकारों की सुरक्षा है। घर खरीदारों से जुड़े मामलों एवं शिकायतों के निष्पादन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। पारदर्शी एवं जवाबदेह नियामक व्यवस्था से घर खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा।

    रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश एवं कारोबार के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा। बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रेरा के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने संस्थागत व्यवस्था एवं कार्य पद्धति की विस्तृत जानकारी दी।

    बैठक में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार के अतिरिक्त रेरा के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री भजनलाल ने किसानों को दी 9 हजार सम्मान निधि की सौगात

    मुख्यमंत्री भजनलाल ने किसानों को दी 9 हजार सम्मान निधि की सौगात

       उदयपुर
     मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को 6 हजार रुपये की सम्मान निधि दी है। वहीं, इसी कड़ी में राज्य सरकार ने भी 3 हजार रुपये की सम्मान निधि देने का काम किया है, जिससे अब प्रदेश में किसानों को 9 हजार रुपये की सम्मान निधि मिल रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए केन्द्र व राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री शनिवार को उदयपुर में झाड़ोल के ग्राम बीड़ा में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 76.18 लाख किसानों को अब तक 13 हजार 734 करोड़ रुपये की सम्मान निधि दी गई है। गेंहू की खरीद पर 150 रुपये का बोनस भी दिया हैं। वहीं, 1.8 लाख किसानों को 67 हजार करोड़ रुपये ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण दिए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम फसल बीमा योजना में     2.19 करोड़ पॉलिसी सृजित कर 9 हजार 534 करोड़ रुपये का क्लेम वितरित किया है। पीएम कुसुम योजना के घटक बी में 67 हजार 408 सोलर पंप स्थापित किए हैं। इसी प्रकार, 2 लाख 31 हजार से अधिक कृषि कनेक्शन भी दिए हैं। बिजली के बिलों में 59 हजार 571 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।  

    उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जाएगी। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य सरकार के ठोस निर्णयों से वर्तमान में 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। राज्य सरकार विभिन्न पेयजल परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमांत किसानों को बैलों से खेती करने पर 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के खेत-खलिहान से विकसित भारत 2047 का सपना पूरा होगा। केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर किसान प्राकृतिक एवं आधुनिक खेती करें, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।

    मुख्यमंत्री ने दी विभिन्न सौगातें
    तुरंत स्वीकृतियां जारी
    मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में संवाद के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न सौगातें दीं। किसान गोपीलाल के आग्रह पर उन्होंने कुएं के निर्माण की घोषणा की। जिस पर तुरंत ग्राम बीड़ा में जीएसएलआर, ओपन वेल, पाइपलाईन और एफएचटीसी के निर्माण के लिए लगभग 39 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति के आदेश जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने किसानों को स्वीकृति पत्र सौंपा। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री ने पशु सखी की मांग पर सरस डेयरी सेंटर खोलने एवं युवा भगवती लाल गायरी के आग्रह पर खेल मैदान बनाने की घोषणा की। इन घोषणाओं की भी तुरंत स्वीकृतियां जारी की गई। ग्रामीणों ने इन महत्वपूर्ण घोषणाओं और इनकी हाथों हाथ स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं से किए सभी वायदों को पूरा कर रही है। सबसे पहले पेपरलीक पर लगाम लगाने के लिए एसआईटी का गठन किया। एसओजी भी पेपरलीक माफिया के खिलाफ निरंतर ठोस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब तक 1 लाख 78 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं। चार लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा स्वरोजगार की ओर बढ़ें, इसके लिए हमारी सरकार मदद उपलब्ध करवा रही है।

    मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान किसान गोपीलाल, रतन सिंह, प्रेमचंद, भैरूलाल गरासिया एवं कांता देवी ने कृषक कल्याण की योजनाओं और प्राकृतिक खेती से जुड़े अनुभव साझा किए। सरकारी नौकरी में नवनियुक्त युवा परिधि कंवर, भगवती लाल गायरी, देवी लाल गायरी ने पेपरलीक पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं पारदर्शी प्रक्रिया के साथ भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया। इसी प्रकार, पशुपालकों ने भी राज्य सरकार की योजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक प्रताप लाल भील, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • निवेश योजना के नाम पर करोड़ों की ठगी, कई राज्यों के पीड़ितों की शिकायत पर मोहाली में FIR

    निवेश योजना के नाम पर करोड़ों की ठगी, कई राज्यों के पीड़ितों की शिकायत पर मोहाली में FIR

    जीरकपुर/मोहाली.

    निवेश योजना में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर कई राज्यों के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी में मोहाली के एसएसपी तक पहुंची शिकायतों के बाद जीरकपुर थाने में भरत भूषण के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।

    पुलिस की जांच में बड़े वित्तीय धोखाधड़ी रैकेट के संकेत मिले हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न शिकायतकर्ताओं से करीब 5 करोड़ 93 लाख रुपये निवेश के नाम पर लिए गए और बाद में राशि वापस नहीं की गई। शिकायतकर्ताओं में जीरकपुर के व्यवसायी हर्षील अरोड़ा, चंडीगढ़ के सेवानिवृत्त अधिकारी राजेंद्र कुमार नंदल, कुरुक्षेत्र निवासी संजीव गुप्ता, जीरकपुर के प्रॉपर्टी कारोबारी रमेश कुमार और पानीपत निवासी नीरज कुमार शामिल हैं। सभी ने आरोप लगाया कि भरत भूषण, उसके पिता प्रेम कुमार, भाई संजीव कुमार और अन्य सहयोगियों ने संगठित तरीके से निवेश योजना चलाई और लोगों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये निवेश करवाए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपितों ने खुद को रिकोटा एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, केसी कंसल्टेंसी और अन्य व्यावसायिक संस्थाओं से जुड़ा हुआ बताकर लोगों से संपर्क किया।

    सालाना 24 प्रतिशत रिटर्न का भरोसा दिया
    निवेशकों को भरोसा दिलाया गया कि उनका पैसा कीटनाशक उद्योग, कृषि परियोजनाओं, ट्रेडिंग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में लगाया जाएगा तथा उन्हें सालाना 24 प्रतिशत तक रिटर्न मिलेगा। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, शुरुआत में कुछ लोगों को ब्याज और रिटर्न के नाम पर रकम लौटाई गई, जिससे उनका भरोसा मजबूत हुआ। इसके बाद उनसे और अधिक निवेश करवाया गया। जब निवेशकों ने अपनी मूल राशि वापस मांगनी शुरू की, तो उन्हें टालमटोल जवाब दिए जाने लगे। पुलिस जांच में सामने आया कि हर्षील अरोड़ा ने लगभग 83 लाख रुपये, राजेंद्र कुमार नंदल ने 40 लाख रुपये, संजीव गुप्ता ने 2 करोड़ 75 लाख रुपये, रमेश कुमार ने करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये और नीरज कुमार ने 45 लाख रुपये निवेश किए थे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें कुछ भुगतान वापस मिला, लेकिन अधिकांश राशि वापस नहीं की गई। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सभी शिकायतों का पैटर्न लगभग समान है।

    बैंक स्टेटमेंट और दस्तावेजों की जांच
    पुलिस जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं ने बैंक स्टेटमेंट, चेक, आरटीजीएस रिकाॅर्ड, भुगतान रसीदें और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए। रिपोर्ट में उल्लेख है कि करोड़ों रुपये की राशि विभिन्न खातों और संस्थाओं के माध्यम से ट्रांसफर हुई। पुलिस अब इस पूरे धन प्रवाह की जांच करेगी ताकि पता लगाया जा सके कि निवेशकों की राशि कहां गई और किन-किन लोगों तक पहुंची। जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी भरत भूषण नवंबर 2025 में अचानक फरार हो गया।

    आरोपित के लापता होने पर उठे सवाल
    आरोपित पक्ष ने दावा किया कि भरत भूषण लापता है और सिरसा में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। हालांकि, शिकायतकर्ताओं ने इस गुमशुदगी रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। जीरकपुर पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, उपलब्ध दस्तावेजों और गवाहों के बयानों से यह सामने आया कि निवेशकों को व्यापार और भारी मुनाफे का झांसा देकर बड़ी रकम ली गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं और मामला धोखाधड़ी और विश्वासघात की श्रेणी में आता है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि आरोपी भरत भूषण के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज किया जाए।

  • जयपुर में कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस में न्याय सुधारों पर हुआ मंथन

    जयपुर में कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस में न्याय सुधारों पर हुआ मंथन

    जयपुर
     राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA), कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन (CLA), सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) तथा निवारण-मेडिएटर्स ऑफ सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में होटल द ललित, जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय "कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस-2026 : पीस मेडिएशन एंड द रूल ऑफ लॉ" के दूसरे दिन मध्यस्थता को न्याय प्रणाली का अभिन्न अंग बनाने, विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान तथा न्याय तक सरल और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में भारत तथा कॉमनवेल्थ देशों के न्यायाधीशों, विधि विशेषज्ञों एवं मध्यस्थता विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मध्यस्थता को भविष्य की न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।
     
    महाधिवक्ता ने बताया मध्यस्थता को परिवर्तनकारी यात्रा की शुरुआत
    दूसरे दिन के सत्र का शुभारंभ गणमान्य अतिथियों के स्वागत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। राजस्थान के महाधिवक्ता श्री राजेन्द्र प्रसाद ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि कानून और न्याय स्थिर अवधारणाएं नहीं हैं, बल्कि समय के साथ विकसित होने वाली व्यवस्थाएं हैं। उन्होंने सामान्य मध्यस्थता और शांति मध्यस्थता के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि जहां सामान्य मध्यस्थता विशिष्ट विवादों का समाधान करती है, वहीं शांति मध्यस्थता समाजों और देशों के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग को निरंतर सुदृढ़ करने की प्रक्रिया है। उन्होंने इस सम्मेलन को वैश्विक स्तर पर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने वाली परिवर्तनकारी यात्रा की शुरुआत बताया।

    न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी ने मध्यस्थता के मानवीय पक्ष को रेखांकित किया
    राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय डॉ. न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्र सिंह भाटी ने मध्यस्थता के भावनात्मक और मानवीय प्रभाव को रेखांकित करते हुए एक बालक की मार्मिक कहानी साझा की, जिसका अपने माता-पिता के मध्यस्थता के माध्यम से पुनर्मिलन होने के बाद परिवार पुनः एकजुट हो सका। उन्होंने कहा कि असफल मध्यस्थता का परिणाम कभी-कभी दीवानी मुकदमे में हार-जीत से भी अधिक गंभीर हो सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि विश्वास, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों पर आधारित व्यवस्था है तथा शांति और मध्यस्थता एक-दूसरे के पूरक हैं।

     कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने मध्यस्थता को संस्थागत मजबूती देने पर दिया बल
    राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा ने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जून 2026 में पूर्व उच्च न्यायालय न्यायाधीशों के लिए 40 घंटे का ऐतिहासिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 38 पूर्व न्यायाधीशों ने भाग लिया। उन्होंने मीडिएशन फॉर द नेशन 10 एवं 20 कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए प्री-आर्बिट्रेशन मीडिएशन को अनिवार्य बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

    उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रही डिजिटल अर्थव्यवस्था में, जहां देशों के बीच व्यापार और कानूनी प्रक्रियाएं अधिक जटिल होती जा रही हैं, वहां मध्यस्थता विवाद समाधान का सबसे त्वरित, व्यावहारिक एवं भविष्य उन्मुख माध्यम बनकर उभर रही है।

     उपमुख्यमंत्री ने लोक अदालतों एवं विधिक सहायता कार्यक्रमों की सराहना की
    राजस्थान के उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा ने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित लोक अदालतों एवं निःशुल्क विधिक सहायता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि न्याय केवल न्यायालयों के निर्णयों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संवाद, करुणा, सहमति और सामाजिक समावेशन पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता समाज में विश्वास कायम करने और न्याय को अधिक जनोन्मुखी बनाने का प्रभावी माध्यम है।
     
    न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई ने मध्यस्थता को पहला विकल्प बनाने की आवश्यकता बताई
    भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई ने कहा कि मध्यस्थता को विवाद समाधान का अंतिम विकल्प नहीं, बल्कि पहला स्वाभाविक विकल्प बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुकदमेबाजी जहां प्रायः जीत और हार तय करती है, वहीं मध्यस्थता दोनों पक्षों के हितों की रक्षा करते हुए संतुलित और स्वीकार्य समाधान प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न्याय को अधिक मानवीय, सहभागी एवं प्रभावी बनाती है।

    मुख्य न्यायाधीश ने मध्यस्थता को न्याय व्यवस्था का केंद्रीय आधार बताया
    भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने मुख्य उद्बोधन में कहा कि मध्यस्थता आज केवल वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली नहीं रह गई है, बल्कि न्याय व्यवस्था का ऐसा महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है जिसकी उपयोगिता निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समाज, व्यापार, प्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच न्याय प्रणाली को भी अधिक संवेदनशील, सहभागी और व्यवहारिक बनाने की आवश्यकता है, जिसमें मध्यस्थता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
     
    उन्होंने कहा कि मुकदमेबाजी का उद्देश्य प्रायः विवाद का निर्णय करना होता है, जबकि मध्यस्थता का उद्देश्य विवाद के मूल कारणों को समझना और सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान विकसित करना है। यही कारण है कि आज विश्वभर में मध्यस्थता को न्याय तक सरल, त्वरित एवं कम खर्चीली पहुंच उपलब्ध कराने वाले प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।

    सहयोगात्मक न्याय व्यवस्था को बढ़ावा देने पर दिया बल
    मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि स्थायी लोक अदालतें, सुलह (Conciliation), पारंपरिक पंचायत व्यवस्था तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं बार एसोसिएशनों के सहयोग से विकसित विभिन्न वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि न्याय केवल निर्णय देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज में विश्वास, संवाद और सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम भी होना चाहिए।
     
    तकनीकी सत्रों में मध्यस्थता के विविध आयामों पर हुआ मंथन
    अध्यक्षीय सत्र के समापन के बाद निवारण की महासचिव सुश्री नंदिनी गोरे ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके पश्चात कॉमनवेल्थ देशों के न्यायाधीशों एवं विधि विशेषज्ञों की सहभागिता से मध्यस्थता के विभिन्न आयामों पर विषयगत तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
     

  • केंद्र से बिहार को 10,845 करोड़ की मदद, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

    केंद्र से बिहार को 10,845 करोड़ की मदद, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

    पटना
    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बिहार के लिए अपना खजाना खोल दिया है। बिहार समेत कुछ अन्य राज्यों को नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ी और अहम वित्तीय मदद प्रदान की है। केंद्र सरकार ने राज्यों के विकास कार्यों और पूंजीगत खर्च को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत केंद्र ने शनिवार को राज्यों को करों में उनकी हिस्सेदारी के रूप में 1,09,019 करोड़ रुपये की अग्रिम किस्त जारी कर दी है। यह राशि आगामी 10 अगस्त को जारी होने वाली नियमित मासिक कर हस्तांतरण से अलग है। कर वितरण में उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक 19,208 करोड़ रुपये मिले हैं।

    इसके बाद बिहार को 10,845 करोड़, मध्य प्रदेश को 8010 करोड़, पश्चिम बंगाल को 7866 करोड़, महाराष्ट्र को 7022 करोड़ और राजस्थान को 6460 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस अग्रिम भुगतान का उद्देश्य राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है, जिससे कि राज्य सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और अन्य विकास परियोजनाओं पर तेजी से खर्च कर सकें।

    केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और पूंजीगत व्यय और विकास कार्यों की गति को बढ़ावा देने के लिए 1,09,019 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। केंद्र सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 1 अगस्त को यह राशि जारी करना राज्यों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने और उन्हें विकास परियोजनाओं तथा पूंजीगत निवेश में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। बता दें कि इससे पहले भी केंद्र सरकार ने अक्तूबर, 2025 में राज्यों को 1,01,603 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी थी। विकास और कल्याणकारी कार्यों के लिए ही यह राशि भी दी गई थी।

    वाणिज्यिक सिलेंडर के दाम₹209 घटे
    बिहार में 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम में 209 रुपये की कमी आई है। अब यह सिलेंडर 3032.50 रुपये में मिलेगा। पहले इसकी कीमत 3241.50 रुपये था। यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय मानक दरों के रुख को देखते हुए किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों से मिली सूचना के अनुसार घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसकी कीमत 1040 रुपये बनी हुई है।

  • चंडीगढ़ की जूडो स्टार ईशरूप नारंग आज कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरेंगी, पदक पर रहेगी नजर

    चंडीगढ़ की जूडो स्टार ईशरूप नारंग आज कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरेंगी, पदक पर रहेगी नजर

    चंडीगढ़.

    कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रविवार को चंडीगढ़ की युवा जूडो स्टार ईशरूप नारंग मैट पर उतरेंगी। 78 किलोग्राम भार वर्ग में उनका मुकाबला स्कॉटलैंड की निकोल वुड से होगा। पूरे शहर की निगाहें टिकी हैं। शानदार फॉर्म में चल रही ईशरूप से भारत को पदक की उम्मीद है।

    यदि वह पदक जीतने में सफल रहती हैं तो यह चंडीगढ़ के जूडो इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी। ईशरूप नारंग ने पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर खुद को भारत की शीर्ष युवा जूडो खिलाड़ियों में स्थापित किया है। अब पूरे चंडीगढ़ और देश की निगाहें ईशरूप नारंग के मुकाबले पर हैं। उम्मीद है कि वह अपने दमदार प्रदर्शन कर तिरंगा का मान बढ़ाएंगी और चंडीगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेंगी। उनकी इसी निरंतर सफलता के दम पर उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय टीम में जगह मिली।

    ईशरूप की सफलता के पीछे उनके कोच विवेक ठाकुर की अहम भूमिका रही है। वह भी ग्लासगो पहुंचे हैं और प्रतियोगिता के दौरान ईशरूप का मनोबल बढ़ाने के लिए उनके साथ रहेंगे। चंडीगढ़ एमेच्योर जूडो एसोसिएशन के महासचिव एनएस ठाकुर, खेल निदेशक सौरभ कुमार अरोड़ा और संयुक्त खेल निदेशक डॉ. महेंद्र सिंह ने ईशरूप को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया है कि वह अपने शानदार प्रदर्शन से भारत को पदक दिलाएंगी।

    ईशरूप की उपलब्धियों पर

    • कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के लिए भारतीय टीम में चयन।
    • जूनियर एशियन जूडो चैंपियनशिप-2026 में कांस्य पदक।
    • जूनियर एशियन जूडो चैंपियनशिप-2025 में रजत पदक।
    • जूनियर एशियन कप-2026 (ताशकंद) में कांस्य पदक।
  • भाजपा की नई कार्यकारिणी में दक्षिण हरियाणा को मिला बड़ा प्रतिनिधित्व

    भाजपा की नई कार्यकारिणी में दक्षिण हरियाणा को मिला बड़ा प्रतिनिधित्व

    नई दिल्ली
    दक्षिण हरियाणा के अपने राजनीतिक किले को विपक्षी दल भेद नहीं सकें, इसके लिए भाजपा ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी में एक-एक कड़ी को जोड़ा है। कार्यकारिणी के घोषणा से पहले विधायकों, संगठन पदाधिकारियों सांसदों तथा केंद्रीय मंत्रियों की राय ली गई।

    जातीय, क्षेत्रीय संतुलन और युवाओं को आगे करने का संदेश देने के लिए पार्टी ने नेताओं को पद दिए हैं। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि नई कार्यकारिणी युवा और अनुभव समावेश है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता की 36 सदस्यीय टीम की घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से शनिवार को की गई थी। पलवल के पूर्व विधायक दीपक मंगला तथा प्रदेश कार्यकारिणी में कई महत्वपूर्ण पद संभाल चुके वैश्य समाज से आने वाले दीपक का नाम प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी खूब उछला था।

    रेवाड़ी से भाजपा के विधायक लक्ष्मण यादव को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है। ओबीसी वर्ग से आने वाले लक्ष्मण को संंगठन से जोड़ कर अहीरवाल में पार्टी को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। वहीं तीन महामंत्री में एक चेहरा भी दक्षिण हरियाणा से है। पटौदी के पूर्व विधायक सत्यप्रकाश जरावता जो एससी वर्ग से आते हैं।

    उन्हें एससी वर्ग मजबूती से जोड़ने के लिए महामंत्री बनाया गया है। जबकि ब्राम्हण वर्ग से आने फरीदाबाद के रहने वाले गोपाल शर्मा को भी महामंत्री बनाया गया है। वे भाजपा से कई सालों से जुड़े हुए हैं। राजपूत बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले महेश चौहान को प्रदेश किसान मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है।

    महेश गुरुग्राम के रहने वाले है और छात्र जीवन से ही पार्टी से जुड़े हुए हैं। इस बार नौ प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं। इनमें से पंजाबी वर्ग के हरविंद्र कोहली का भी नाम है। कोहली गुरुग्राम के रहने वाले हैं।

    जाट बिरादरी से आने वाले सोनीपत के रहने वाले अक्षित दहिया को पार्टी ने युवा मोर्चे का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर जाट बेल्ट में यह संदेश दिया है कि पार्टी सभी को साथ लेकर चलने पर यकीन करती है। नई कार्यकारिणी में ओबीसी वर्ग के मनीष यादव को प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी तथा सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी है।

    फरीदाबाद के रहने वाले अपने पुराने कार्यकर्ता नरेंद्र गुप्ता को पार्टी ने प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि नई टीम नई उर्जा के साथ पार्टी को और भी मजबूत करने का काम तेजी के साथ करेगी।

  • सीएम भजनलाल ने उदयपुर को दी 421 करोड़ की सौगात, 456 विकास कार्यों का शुभारंभ

    सीएम भजनलाल ने उदयपुर को दी 421 करोड़ की सौगात, 456 विकास कार्यों का शुभारंभ

    उदयपुर
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को उदयपुर जिले को 421 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। नगर निगम के सुखाड़िया रंगमंच सभागार में सीएम भजनलाल शर्मा ने 21 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। साथ ही 435 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि बिजली उत्पादन के लिए कई परियोजना विकसित की गई है और बिजली उत्पादन में प्रदेश आत्मनिर्भर बन रहा है। पहले हम बिजली खरीदते थे। लेकिन, अब दूसरे राज्यों को बिजली दे रहे है।

    भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान का विकास एक निर्धारित रोडमैप के आधार पर कर रहे है। देश में सर्वाधिक जल परियोजना राजस्थान में संचालित हो रही है। हाल ही में 35 हजार करोड़ की यमुना जल परियोजना का शिलान्यास किया गया है। राम जल सेतु लिंक परियोजना का भी काम तेज से चल रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के हितों के लिए सरकार लगातार काम रही है। सरकार ने 4 लाख से ज्यादा युवाओं को नियुक्तियां देने का लक्ष्य रखा है और अब तक 178000 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके है। पिछली गहलोत सरकार पर तंज कसते हुए सीएम भजनलाल ने कहा कि पहले हर परीक्षा का पेपर लीक होता था। लेकिन, इस सरकार में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है।

    'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' यूथ आइकन पोस्टर का विमोचन
    उदयपुर दौरे के दौरान सीएम भजनलाल शर्मा नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उदयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम ने युवा साथियों को नशामुक्त जीवन अपनाने, अपने परिवार एवं समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा विकसित राजस्थान, विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ दिलाई। साथ ही, 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' यूथ आइकन पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ नशामुक्त समाज के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनजागरूकता, शिक्षा, परामर्श, पुनर्वास एवं जनभागीदारी आधारित अभियानों को निरंतर गति प्रदान कर रही है। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास एवं गृह रक्षा मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री हेमन्त मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    नारी शक्ति रैली को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
    इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिला सुरक्षा संकल्प आयोजन के तहत उदयपुर के राजस्थान कृषि महाविद्यालय परिसर से नारी शक्ति रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली आरसीए परिसर से शुरू होकर सूरजपोल, बापू बाजार और देहली गेट होते हुए टाउन हॉल पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, महिला कांस्टेबल, अश्वारोही पुलिस बल, महिला सशक्तीकरण से जुड़ी विभिन्न झांकियां, महिला खिलाड़ी, गाइड तथा एनएसएस की स्वयंसेविकाओं सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव वी श्रीनिवास, सांसद डॉ मन्नालाल रावत, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा भी मौजूद रहे।

    बीड़ा गांव में भ्रमण कर ग्रामीणों से की मुलाकात
    उदयपुर जिले के दूसरे दिन की शुरूआत सीएम भजनलाल शर्मा ने सुबह बीड़ा गांव में भ्रमण के साथ ही। बीड़ा ग्राम पंचायत में प्रातः भ्रमण के दौरान सीएम भजनलाल ग्रामीण परिवेश की सहजता, प्रकृति की मनोहारी छटा, गांव की जीवंत संस्कृति और लोकजीवन की सादगी अभिभूत हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से संवाद कर उनके सुझावों, अनुभवों और अपेक्षाओं को जाना। साथ ही आवरी माता के मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की।

  • CM मान का दावा- निजी स्कूल छोड़ सरकारी स्कूलों में आ रहे विद्यार्थी, पंजाब शिक्षा में बना नंबर-1

    CM मान का दावा- निजी स्कूल छोड़ सरकारी स्कूलों में आ रहे विद्यार्थी, पंजाब शिक्षा में बना नंबर-1

    लुधियाना.

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना के किदवई नगर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 में सरकार बनने के समय शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की रैंकिंग 27वें स्थान पर थी, जबकि अब राज्य पहले स्थान पर पहुंच चुका है।

    उन्होंने कहा कि हर बच्चे को बड़े सपने देखने का अधिकार है और सरकार उन्हें पूरा करने के लिए बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रही है।

    स्कूल ऑफ एमिनेंस ने बदली सोच
    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि स्कूल ऑफ एमिनेंस में पढ़ने वाले करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थी निजी स्कूल छोड़कर आए हैं, क्योंकि उनके परिवार निजी स्कूलों की फीस वहन करने में सक्षम नहीं थे। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से सरकार शिक्षा सुधार के लिए लगातार काम कर रही है और उसका परिणाम अब दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां केवल 82 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 882 तक पहुंच गई है। इसके लिए शिक्षा मंत्री के प्रयासों की भी सराहना की।

    PT मीटिंग में पहुंच रहे अभिभावक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अभिभावक-शिक्षक बैठक का चलन केवल निजी स्कूलों तक सीमित था, लेकिन अब सरकारी स्कूलों की बैठकों में 24 लाख लोग भाग ले रहे हैं। इससे स्कूलों और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल बना है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में फर्नीचर सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूलों में हुए बदलाव को देखकर अब उनका भी मन करता है कि दोबारा स्कूल में पढ़ाई करने का अवसर मिले।

    भूजल 5 मीटर तक चढ़ा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 में नहरी पानी केवल 22 प्रतिशत खेतों तक पहुंचता था, जबकि अब यह 88 प्रतिशत तक पहुंच रहा है। इससे प्रदेश में भूजल स्तर पांच मीटर तक बढ़ा है। कार्यक्रम के दौरान एक बुजुर्ग ने स्कूल के दोनों ओर शराब के ठेके होने का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमों के अनुसार किसी भी स्कूल के आसपास शराब का ठेका नहीं हो सकता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।