Category: news

  • लाल किला रामलीला में इस बार दिखेगा मीनाक्षी मंदिर थीम का भव्य मंच

    लाल किला रामलीला में इस बार दिखेगा मीनाक्षी मंदिर थीम का भव्य मंच

    नई दिल्ली
    लाल किला मैदान में 11 अक्टूबर से होने वाली लव कुश रामलीला में इस बार दर्शकों को काफी कुछ नया देखने को मिलेगा। इस साल रामलीला का पंडाल मीनाक्षी मंदिर की थीम पर सजाया जाएगा। यहां आने वाले लोगों को ऐसा महसूस होगा कि वह मीनाक्षी मंदिर में घूम रहे हैं। यही नहीं, इस साल रामलीला के लिए तैयार मंच चार मंजिला और भव्य होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अलग-अलग कार्यक्रमों में आने की सहमति भी दी है।

    लव कुश रामलीला कमेटी ने बताया, बॉलीवुड के कई कलाकार होंगे शामिल

    • रविवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि रामलीला का मंचन 21 अक्टूबर तक होगा।
    • रामलीला के पंडाल में एलईडी भी बड़ी लगाई जाएंगी। सीता हरण के दृश्य को हवा में होते हुए दिखाया जाएगा।
    • युद्ध के दृश्यों में भी विजुअल इफेक्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।
    • उन्होंने कहा, इस वर्ष की रामलीला में नई तकनीकें एआई और कंप्यूटर ग्राफिक्स, एनीमेशन, डिजिटल, हाइटेक, थ्री-डी मैपिंग, विजुअल इफेक्ट, 8ट्रैक डिजिटल साउंड सिस्टम के माध्यम फिल्म इंडस्ट्री के नामचीन टेक्निशियन की टीम की देख-रेख में मंचन होगा।
    • इस साल बॉलीवुड के 20 नामी फिल्म स्टार्स के अलावा टीवी और रंगमंच के 160 से ज्यादा कलाकार मंचन में विभिन्न किरदारों में नजर आएंगे।
    • पिछले साल की तरह इस साल भी सांसद मनोज तिवारी, सिंगर शंकर साहनी समेत कई महत्वपूर्ण किरदार निभाएंगे।
    • कमेटी का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा के लिए सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और पार्किंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
    • हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है, इसलिए आयोजन को पहले से ज्यादा भव्य और तकनीक से लैस बनाया जा रहा है।
  • एचईसी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फिर खुलेगा, झारखंड के युवाओं को मिलेगी नई तकनीकी शिक्षा

    एचईसी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फिर खुलेगा, झारखंड के युवाओं को मिलेगी नई तकनीकी शिक्षा

    रांची
     झारखंड के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र रहे एचईसी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एचटीआई) को फिर से शुरू करने की कवायद तेज हो गई है।

    नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) से डिफिलिएट हो चुके एचटीआई की संबद्धता बहाल कराने का प्रस्ताव अब एचईसी के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की बैठक में रखा जाएगा।

    बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद प्रबंधन एनसीवीटी को पत्र लिखकर संस्थान की संबद्धता दोबारा बहाल करने का अनुरोध करेगा। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो लंबे समय से बंद पड़े इस संस्थान में एक बार फिर तकनीकी प्रशिक्षण शुरू होने की उम्मीद जगेगी, जिससे राज्य के सैकड़ों युवाओं को बड़ा लाभ मिल सकता है।

    एचईसी के सूत्रों के अनुसार, प्रबंधन बोर्ड के समक्ष यह भी रखेगा कि एचटीआई केवल प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि कंपनी के लिए भविष्य में कुशल मानव संसाधन तैयार करने और आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बन सकता है।

    संस्थान को दोबारा संचालित करने के लिए बाहरी एजेंसी की सेवाएं लेने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल इस पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि अंतिम निर्णय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में होगा।

    एचईसी के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पिछले कुछ वर्षों में संस्थान का संचालन प्रभावित हुआ।

    लेकिन यदि बोर्ड आफ डायरेक्टर्स से मंजूरी मिलती है, तो एनसीवीटी से संबद्धता बहाल कराने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद संस्थान को नए स्वरूप में शुरू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

    ऐसे में अब झारखंड के युवाओं की नजर एचईसी बोर्ड की बैठक पर टिकी है, जहां लिया गया फैसला राज्य में तकनीकी प्रशिक्षण के भविष्य की दिशा तय कर सकता है।

    आर्थिक संकट की वजह से बंद हो गया संस्थान
    दरअसल, एचईसी के आर्थिक संकट का सबसे बड़ा असर उसके प्रशिक्षण संस्थान पर पड़ा। लगातार वित्तीय समस्याओं के कारण एचटीआई का संचालन प्रभावित होता गया और वर्ष 2022-23 से यहां नया नामांकन पूरी तरह बंद हो गया।

    इसके बाद एनसीवीटी ने पहले कोपा और वेल्डर ट्रेड की संबद्धता समाप्त की। अब इलेक्ट्रिशियन, फीटर और मशीनिस्ट ट्रेड भी डिफिलिएट कर दिए गए हैं। परिणामस्वरूप संस्थान में संचालित सभी पांच ट्रेड बंद हो गए और एचटीआई पर ताला लटक गया।

    एचईसी प्रबंधन यहां आईटीआई के तहत इलेक्ट्रिशियन, फीटर, मशीनिस्ट (दो वर्षीय) तथा कोपा और वेल्डर (एक वर्षीय) ट्रेड का संचालन करता था। वर्तमान में संस्थान में केवल दो कर्मचारियों की तैनाती है, जो कार्यालय और अभिलेखों की देखरेख कर रहे हैं। संस्थान में अब किसी भी ट्रेड में नामांकन नहीं हो रहा है।

    एचटीआई में दो शिफ्ट में होती थी पढाई
    एक समय एचटीआई झारखंड में औद्योगिक प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र माना जाता था। यहां दो शिफ्टों में प्रशिक्षण संचालित होता था। प्रत्येक ट्रेड में दोनों शिफ्ट मिलाकर 40 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाता था।

    पांचों ट्रेडों में हर वर्ष करीब 200 छात्र नामांकन लेते थे। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को एचईसी के अलावा देश की कई बड़ी औद्योगिक कंपनियों में रोजगार मिलता था।

    कई प्रशिक्षु विदेशों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे संस्थान का बंद होना केवल एचईसी का नुकसान नहीं, बल्कि राज्य के तकनीकी शिक्षा तंत्र के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, बोर्ड की बैठक में यह भी बताया जाएगा कि एचटीआई को पुनर्जीवित कर एचईसी न केवल युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध करा सकता है, बल्कि भविष्य में विभिन्न उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कुशल तकनीशियन तैयार कर अपनी आय भी बढ़ा सकता है। इसी कारण प्रबंधन संबद्धता बहाली को प्राथमिकता दे रहा है।

    संस्थान से चोरी हो रहे हैं उपकरण
    इस बीच, बंद पड़े संस्थान की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन गई है। कर्मचारियों के अनुसार, एचटीआई परिसर से कई महत्वपूर्ण उपकरण चोरी हो चुके हैं। संस्थान के लिए लगाया गया ट्रांसफार्मर तक गायब हो गया है।

    मशीनों में लगे मोटर और अन्य उपकरण भी लगातार चोरी हो रहे हैं। अब लेथ मशीनों के पुर्जे तक गायब होने लगे हैं। यदि समय रहते संस्थान को दोबारा चालू करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो परिसर में लगी 150 से अधिक छोटी-बड़ी मशीनों के भी चोरी होने का खतरा है।

  • हरियाणा में 996 अटल लाइब्रेरी शुरू, दूसरे चरण में 1107 और बनेंगी जल्द

    हरियाणा में 996 अटल लाइब्रेरी शुरू, दूसरे चरण में 1107 और बनेंगी जल्द

     सिरसा
    हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, पठन-पाठन और डिजिटल ज्ञान संसाधनों को मजबूत करने के उद्देश्य से अटल लाइब्रेरी परियोजना का तेजी से विस्तार कर रही है। प्रथम चरण के तहत प्रदेश के 22 जिलों में 996 अटल लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं।

    इनमें 983 पुस्तकालयों तक पुस्तकों की आपूर्ति पूरी हो गई है, जबकि सभी लाइब्रेरी में फर्नीचर उपलब्ध करा दिया गया है। परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और ग्रामीण नागरिकों को गांव स्तर पर गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री व बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना है।

    विभागीय रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की 6,227 ग्राम पंचायतों के मुकाबले प्रथम चरण में 996 अटल लाइब्रेरी स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था। अटल लाइब्रेरी स्थापित करने में करनाल जिला 121 पुस्तकालयों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है, जबकि सिरसा 97 लाइब्रेरी के साथ दूसरे स्थान पर है।

    इसके अलावा रेवाड़ी में 76, जींद में 73, चरखी दादरी में 67, हिसार में 64 और फतेहाबाद में 62 लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। वहीं पंचकूला, फरीदाबाद, झज्जर, नूंह और यमुनानगर जैसे जिलों में यह संख्या अपेक्षाकृत कम है।

    सिरसा के सभी 97 पुस्तकालयों में पुस्तकें व फर्नीचर उपलब्ध
    जिले में 339 ग्राम पंचायतों के लिए प्रथम चरण में 97 अटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार सभी पुस्तकालयों में पुस्तकें और फर्नीचर उपलब्ध हैं तथा उनका नियमित संचालन भी किया जा रहा है। इन लाइब्रेरी के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को गांव में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शांत वातावरण और अध्ययन सामग्री मिल रही है।

    दूसरे चरण में 1107 लाइब्रेरी की होगी स्थापना
    इस बीच पंचायती राज विभाग ने दूसरे चरण की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। प्रदेशभर में 1,107 नई अटल लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए 86.67 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। मुख्यालय ने जिलों से नए प्रस्ताव भी मांग लिए हैं। मंजूरी मिलने पर उन गांवों को प्राथमिकता मिलेगी, जहां अभी तक अटल लाइब्रेरी नहीं बन सकी है।

    प्रथम चरण में जिले के 97 गांवों में अटल लाइब्रेरी का निर्माण पूरा हो चुका है और उनका सफल संचालन किया जा रहा है। दूसरे चरण के लिए भी मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। -गौरव भारद्वाज, एक्सईएन, पंचायती राज विभाग, सिरसा

     

  • पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, NEET में जान गंवाने वाले छात्रों को दी गई श्रद्धांजलि

    पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, NEET में जान गंवाने वाले छात्रों को दी गई श्रद्धांजलि

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होते ही हंगामा भी शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन फार्मेसी पेपर लीक और नीट परीक्षा के मुद्दे को लेकर सदन में जबरदस्त संग्राम देखने को मिला। सदन की कार्यवाही की शुरुआत बेहद भावुक माहौल में हुई।

    मानसून सत्र के पहले दिन सबसे पहले उन दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। इस दौरान देश में हुए नीट परीक्षा पेपर लीक के तनाव के कारण अपनी जान गंवाने वाले मासूम विद्यार्थियों को भी पंजाब विधानसभा में विशेष तौर पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस भावुक क्षण पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अपना परीक्षा सिस्टम बेहद मजबूत करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि पेपर लीक की वजह से कई होनहार बच्चों की जान चली गई है, जो बेहद चिंताजनक है।

    कार्यवाही की शुरुआत में ही हंगामा
    जैसे ही औपचारिकताओं के बाद सदन की मुख्य कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने फार्मेसी पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस पर सीधा हमला बोला। इस तीखे हमले पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर विस्तार से चर्चा करने के लिए सदन के पास पूरे सात दिन का समय उपलब्ध है और पूरी कार्यवाही नियमों के दायरे में रहकर ही चलाई जाएगी।

    मंत्री बैंस बोले- तैयारी के साथ आया हूं
    दूसरी तरफ, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वह सदन में पूरी तैयारी के साथ आए हैं और विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मंत्री के इस बयान के बाद दोनों पक्षों के विधायक आमने-सामने आ गए और सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया। इसी बीच वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस पर बहुत बड़ा राजनीतिक हमला कर दिया। चीमा ने कहा, "आज पंजाब में पेपर नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस ही पूरी तरह लीक हो चुकी है।"

    आप ने विपक्ष को घेरा
    चीमा ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस का पंजाब में वजूद खत्म हो चुका है और हर जगह से कांग्रेस में सिर्फ लीकेज ही दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार प्रदेश में बेहतरीन काम कर रही है। वित्त मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेसी विधायक भड़क गए और वेल में आकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया।

    पंजाब में दिखेंगी नई बसें
    दोबारा जब सत्र की कार्यवाही शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने एक नया मोर्चा खोल दिया। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के हालिया आदेशों का हवाला देते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इसके ठीक बाद कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने दोबारा फार्मेसी पेपर लीक का मुद्दा उठाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन हंगामे के चलते इस पर औपचारिक चर्चा संभव नहीं हो सकी।

    इस भारी शोर-शराबे और गहमा-गहमी के बीच ही वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब की जनता के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा भी की। उन्होंने सदन को सूचित किया कि पीआरटीसी के सरकारी बस बेड़े में बहुत जल्द 900 नई बसें शामिल होने जा रही हैं, जिससे आम जनता का सफर आसान होगा।

  • अमृतसर बॉर्डर पर 10 किलो हेरोइन बरामद, ड्रोन से गिराई गई खेप; तस्करों की बाइक भी जब्त

    अमृतसर बॉर्डर पर 10 किलो हेरोइन बरामद, ड्रोन से गिराई गई खेप; तस्करों की बाइक भी जब्त

    अमृतसर 

    भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास खाजूवाला इलाके में तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने ड्रोन से गिराई गई भारी मात्रा में हेरोइन, हथियार और गोला-बारूद जब्त किया है. इस ऑपरेशन के दौरान तस्करी का सामान लेने आए एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया. गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए खाजूवाला पुलिस ने 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्तौल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और तस्करों द्वारा गिराया गया एक ड्रोन बरामद किया. जोधपुर के रहने वाले वीरेंद्र सिंह को मौके से गिरफ्तार किया गया. वह कथित तौर पर यह खेप लेने आया था। 

    मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर जांच शुरू
    पुलिस ने बरामद मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि मोटरसाइकिल के पंजीकरण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस मोटरसाइकिल के मालिक और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।

    क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच
    घटना के संबंध में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों की जांच कर रही है, ताकि फरार तस्करों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

    फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशे की खेप भेजने की कोशिशों को लगातार नाकाम किया जा रहा है। मामले की हर पहलू से जांच जारी है और जल्द ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।

    शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, जब्त की गई 10 किलो हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ है. पुलिस ने पूरी खेप ज़ब्त कर ली है और गहन जांच शुरू कर दी है. घटना की खबर मिलते ही ज़िला पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवाहा मौके पर पहुंचे. पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि यह मामला सीमा-पार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है. जांच एजेंसियां ​​अब इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान करने और पाकिस्तान-स्थित मॉड्यूल की भारतीय राज्यों में पहुंच का पता लगाने के लिए काम कर रही हैं. इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. इससे पहले पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने सीमा-पार ड्रग तस्करी और संगठित अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था और 20 किलो हेरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया था. आरोपी की पहचान तरनतारन के रहने वाले ओम शर्मा के रूप में हुई थी। 

    डीजीपी ने क्या कहा?
    डीजीपी ने बताया कि अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को विदेश में बैठे एक हैंडलर के सहयोगियों के बारे में खास जानकारी मिली थी, जो अवैध ड्रग तस्करी में शामिल थे. वे अजनाला सीमा क्षेत्र में अपने पाकिस्तानी सहयोगियों से ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप गिराने की व्यवस्था करते थे. निर्देशों के बाद यह प्रतिबंधित सामान सह-आरोपी शर्मा को पहुंचाया जाता था, जो फिर ड्रग्स को अन्य लोगों तक पहुंचाता था। 

  • पाकिस्तान से ड्रोन तस्करी बढ़ी, राजस्थान सीमा पर 304 करोड़ की हेरोइन बरामद

    पाकिस्तान से ड्रोन तस्करी बढ़ी, राजस्थान सीमा पर 304 करोड़ की हेरोइन बरामद

    बीकानेर
     पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए नशे और हथियारों की तस्करी अब सीमावर्ती इलाकों के लिए गंभीर सुरक्षा चुनौती बन चुकी है। वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से 69 किलो 808 ग्राम हेरोइन ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में पहुंचाई गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 304 करोड़ रुपए आंकी गई है। ताजा कार्रवाई में खाजूवाला क्षेत्र से 10 किलो हेरोइन, 11 विदेशी पिस्टल और 100 कारतूस बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।

    जांच एजेंसियों के अनुसार तस्करी का नेटवर्क अब श्रीगंगानगर जिले के करणपुर, रायसिंहनगर, रावला, हिन्दूमलकोट, केसरीसिंहपुर, जैतसर और बीकानेर के खाजूवाला तक सक्रिय हो चुका है। तस्कर रात के अंधेरे में ड्रोन के जरिए खेतों में हेरोइन और हथियार गिराते हैं, जिन्हें स्थानीय संपर्कों की मदद से आगे सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जाता है। पुलिस, बीएसएफ, एनसीबी और सीआईडी की संयुक्त जांच में सामने आया है कि कुछ ग्रामीण युवाओं को पैसों का लालच देकर ड्रोन से गिराई गई खेप उठाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बाद यह खेप विभिन्न राज्यों में सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचाई जाती थी।

    नशे के साथ हथियारों की भी घुसपैठ
    सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ड्रोन के जरिए हेरोइन के साथ विदेशी हथियार भेजने का उद्देश्य केवल तस्करी नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठित अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करना भी है। इस कारण ड्रोन आधारित तस्करी को अब 'नार्को-टेरर' के नए स्वरूप के रूप में देखा जा रहा है।

    एंटी-ड्रोन सिस्टम पर बढ़ा फोकस
    लगातार बढ़ रही ड्रोन गतिविधियों को देखते हुए सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम, ड्रोन रडार, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि सीमा पार से होने वाली ड्रोन ड्रॉपिंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

    दो मामलों ने बढ़ाई एजेंसियों की चिंता
    अप्रैल में पूगल क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद एक स्कूटी की डिग्गी से 14 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। अब खाजूवाला में 10 किलो हेरोइन और विदेशी हथियारों की बरामदगी ने इस नेटवर्क की गंभीरता उजागर कर दी है। दोनों मामलों में खेप ले जाने वाले आरोपियों का संबंध पाली और जैतारण से सामने आने के बाद पुलिस इन क्षेत्रों पर भी विशेष निगरानी रख रही है।

    इस साल ड्रोन ड्रॉपिंग: प्रमुख घटनाक्रम
    9 जनवरी: खाजूवाला से 500 ग्राम हेरोइन
    10 जनवरी: अनूपगढ़ से 4.008 किलो हेरोइन, 3 गिरफ्तार
    11 फरवरी: खाजूवाला से 2.25 किलो हेरोइन
    26 फरवरी: खाजूवाला में 5 विदेशी पिस्टल, 325 कारतूस
    1 मार्च: रावला से 1 किलो हेरोइन
    9 मार्च: रायसिंहनगर से 6.4 किलो हेरोइन
    26 मार्च: रावला से 10 किलो हेरोइन, 5 गिरफ्तार
    5 अप्रैल: करणपुर से 12.167 किलो हेरोइन
    6 अप्रैल: करणपुर से 2.340 किलो हेरोइन
    7 अप्रैल: करणपुर से 1.5 किलो हेरोइन
    18 अप्रैल: रायसिंहनगर से 759 ग्राम हेरोइन
    26 अप्रैल: केसरीसिंहपुर से 1 किलो हेरोइन
    27 जून: जैतसर से 10.5 किलो हेरोइन
    20 जुलाई: हिन्दूमलकोट से 1 किलो हेरोइन
    2 अगस्त: खाजूवाला से 10 किलो हेरोइन, 11 विदेशी पिस्टल

    नशे और हथियारों की तस्करी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती
    सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशे और हथियारों की तस्करी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। सभी एजेंसियां समन्वय से कार्रवाई कर रही हैं और ड्रोन ड्रॉपिंग नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
    -ओमप्रकाश, पुलिस महानिरीक्षक, बीकानेर रेंज

  • पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने DA पर दिए सख्त निर्देश

    पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने DA पर दिए सख्त निर्देश

    चंडीगढ़ 
     पंजाब के लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त आदेश जारी कर पंजाब सरकार को 15 दिन में 8 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों का DA जारी करने के लिए कहा हैं। इसके साथ ही कहा गया है कि अगर इस महीने के अंत कर कर्मचारियों-पेंशनरों का DA जारी नहीं होता तो 6 प्रतिशत ब्याज देना होगा।     

    बता दें कि पंजाब सरकार की महंगाई भत्ते को लेकर दायर याचिका को खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने पिछले फैसले को बरकरार रखा है। इसके साथ ही साफ आदेश दिए हैं कि 15 दिन के अंदर कर्मचारियों का बकाया DA दिया जाए। सरकारी कर्मचारियों के वकील के मुताबिक हाईकोर्ट ने सरकार की अपील को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब पंजाब सरकार के पास 15 दिन का समय है, इस दौरान उसे कर्मचारियों को DA की बकाया रकम जारी करनी होगी। 

    कर्मचारी वर्ष 2023 से महंगाई भत्ते के भुगतान में देरी से परेशान हैं। कोर्ट की ओर से विस्तृत लिखित आदेश का अभी इंतजार है। सरकार पूरे मामले में लगातार DA भुगतान का विरोध करती रही। ऐसे में अब संभावना है कि वह हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है।

    सरकार की दलीलें कोर्ट ने खारिज कीं सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अदालत में कहा कि उसने 18 जून 2021 की रिपोर्ट स्वीकार नहीं की है। सरकार ने यह भी बताया कि 18 फरवरी 2025 के तहत एक नई योजना (प्लान) पेश की गई है। राज्य सरकार का यह भी तर्क था कि पंजाब अपने कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तुलना में अधिक वेतनमान (हाई पे मास्टर) देता है, इसलिए अलग से DA देने की आवश्यकता नहीं है।

    कर्मचारी संगठनों की ओर से पेश एडवोकेट सन्नी सिंगला ने दलील दी कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुसार महंगाई भत्ता देने के लिए बाध्य है। उन्होंने कहा कि IAS, IPS, IFS और न्यायिक अधिकारियों को केंद्र के अनुरूप DA दिया जा रहा है, जबकि अन्य कर्मचारियों और पेंशनरों को इससे वंचित रखा गया है।

    इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि हरियाणा के कर्मचारी और पेंशनर भी अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन हमारे सामने विवाद वेतन का नहीं, बल्कि महंगाई भत्ते के भुगतान का है।

    2016 से रुका DA भी जारी करने के निर्देश एडवोकेट सन्नी सिंगला के मुताबिक अदालत ने 1 जनवरी 2016 से लंबित DA जारी करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्य सचिव को आदेश दिया गया है कि वे निर्धारित समय में आदेश को लागू करने (कॉम्प्लायंस) की रिपोर्ट हाईकोर्ट रजिस्ट्री में दाखिल करें। अदालत ने सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह अनावश्यक अतिरिक्त वित्तीय खर्च न करे।

    सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराया डिवीजन बेंच ने 8 अप्रैल 2026 को आए सिंगल बेंच के फैसले को सही माना। कर्मचारी पक्ष के वकील सन्नी सिंगला के अनुसार इस फैसले का लाभ चपरासी से लेकर IPS अधिकारियों तक सभी कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा। इससे कई कर्मचारियों के वेतन में हर महीने 10 से 15 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं लंबित DA और एरियर का कुल बकाया करीब 14 हजार करोड़ रुपए आंका गया है।

    केंद्र से 18% पीछे पंजाब के कर्मचारी फिलहाल पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में 18 प्रतिशत DA अभी भी लंबित है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस अंतर को समाप्त करने और बकाया राशि जारी करने की मांग कर रहे थे।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला कर्मचारी संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया था कि महंगाई भत्ता कोई बोनस या अनुग्रह राशि नहीं, बल्कि कर्मचारियों के वेतन का अभिन्न हिस्सा है। इसी आधार पर कर्मचारियों ने लंबित DA और एरियर जारी करने की मांग की।

    ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि केंद्र सरकार के समान DA बढ़ोतरी का लाभ IAS, IPS, IFS और न्यायिक अधिकारियों को दिया जा रहा है, लेकिन अन्य कर्मचारियों और पेंशनरों को नहीं। उनकी मांग थी कि 18 प्रतिशत लंबित DA और उसका एरियर जारी किया जाए।

  • वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहे 6 बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में

    वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहे 6 बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में

    नई दिल्ली
    दिल्ली में छह बंगलादेशी नागरिकों को भारत में तय अवधि से अधिक समय तक रहने और वीज़ा के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।पुलिस ने  बताया कि यह कार्रवाई मध्य जिला पुलिस द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' के तहत की गई। इस अभियान का उद्देश्य वीज़ा की शर्तों का उल्लंघन करने वाले और वीज़ा की अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना है।

    पुलिस के अनुसार, पूरे मध्य जिला के अलग-अलग होटलों और गेस्ट हाउस में जांच और सत्यापन का काम चलाया जा रहा था। इसी दौरान नबी करीम इलाके में आराकशां रोड पर स्थित एक होटल में जांच के दौरान ये छहों बंगलादेशी नागरिक ठहरे हुए मिले।

    पुलिस ने बताया कि जब उनके पासपोर्ट, वीज़ा और यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई, तो पता चला कि ये छहों नागरिक 'डबल एंट्री वीज़ा' पर कानूनी तरीके से ही भारत आए थे। इस वीज़ा के तहत उन्हें हर यात्रा के दौरान ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों तक भारत में रहने की छूट थी। हालांकि, उन्होंने वीज़ा की अवधि बढ़ाने के लिए कोई आवेदन नहीं किया और बिना किसी आधिकारिक अनुमति के तय समय से ज्यादा दिनों तक भारत में रुक गए।

    अधिकारियों ने बताया कि छहों लोगों को पकड़कर विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के सामने पेश किया गया। वीज़ा नियमों के उल्लंघन के मामले में एफआरआरओ ने कानूनी कार्रवाई शुरू की और उनके खिलाफ प्रतिबंध आदेश जारी किए। इसके बाद सभी को वापस उनके देश भेजे जाने तक सराय रोहिल्ला स्थित 'सेवा धाम' निरुद्ध केंद्र (डिटेंशन सेंटर) भेज दिया गया है।

    पुलिस पूछताछ में छहों लोगों ने बताया कि वे वैध वीज़ा पर भारत आए थे और मध्य दिल्ली के एक होटल में ठहरे हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि यात्रा दस्तावेजों और आव्रजन रिकॉर्ड की जांच में यह पुष्टि हुई कि उन्होंने वीज़ा के नियमों का उल्लंघन किया है।

    पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उनके पासपोर्ट, वीज़ा, आव्रजन रिकॉर्ड और होटल के कागजात अपने कब्जे में ले लिए हैं। जांच में इन व्यक्तियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है और यह पूरी कार्रवाई केवल वीज़ा नियमों के उल्लंघन से जुड़ी हुई है।

  • समस्तीपुर में धू-धू कर जली पैसेंजर ट्रेन, यात्रियों में मची अफरा-तफरी; कई बोगियां आग की चपेट में

    समस्तीपुर में धू-धू कर जली पैसेंजर ट्रेन, यात्रियों में मची अफरा-तफरी; कई बोगियां आग की चपेट में

    समस्तीपुर 

    समस्तीपुर से सहरसा आ रही पैसेंजर मेमू ट्रेन के इंजन में देर रात अचानक आग लग गई. घटना सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन की है. जहां रात करीब 3:45 बजे प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन के इंजन से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. आग की लपटें इंजन से बढ़ते हुए ट्रेन की कई बोगियों तक पहुंच गईं, जिससे स्टेशन परिसर में अफरातफरी मच गई। 

    यह घटना सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन की है. जानकारी के मुताबिक, रात करीब 3:45 बजे प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन के इंजन से अचानक धुआं उठने लगा. कुछ ही देर में इंजन आग की लपटों में घिर गया. आग तेजी से फैलती हुई ट्रेन की कई बोगियों तक पहुंच गई. आग लगते ही यात्रियों में दहशत फैल गई. लोग सामान छोड़कर किसी तरह ट्रेन से बाहर निकले। 

    चश्मदीद बोले- लेट पहुंची RPF
    मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत रेलवे अधिकारियों को सूचना दी. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि फायर ब्रिगेड की टीम करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची. तब तक आग कई बोगियों को अपनी चपेट में ले चुकी थी. दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 

    टल गया बड़ा हादसा
    राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है. समय रहते यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घटना के बाद कुछ समय के लिए रेल परिचालन भी प्रभावित रहा. फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि आग तकनीकी खराबी से लगी या इसके पीछे कोई और कारण था। 

  • Punjab Assembly: मानसून सत्र शुरू, NEET छात्रों को श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही हुई शुरू

    Punjab Assembly: मानसून सत्र शुरू, NEET छात्रों को श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही हुई शुरू

    चंडीगढ़

    पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। सीएम भगवंत मान सदन में पहुंच गए हैं। विधानसभा में नीट परीक्षा लीक के बाद जान गंवाने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। स्पीकर ने कहा कि केंद्र सरकार को अपना सिस्टम और मजबूत करना चाहिए ताकि बच्चों को इस तरह जान न गंवानी पड़े। इस पर भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि आप अपनी गलतियों को भी स्वीकार करें। केंद्र सरकार कार्रवाई कर रही है लेकिन पंजाब सरकार क्या कर रही है।

    पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र 10 अगस्त तक चलेगा और भगवंत मान सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी मानसून सत्र है। सत्र के शुरू में दिवगंत लोगों को श्रद्वाजंलि दी गई।

    इस मौके नीट परीक्षा के पेपर लीक और उससे उपजे तनाव के कारण जान गंवाने वाले विद्यार्थियों को भी पंजाब विधानसभा में भी श्रद्वाजंलि दी गई। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए अपने सिस्टम को मजबूत करे कि पेपर लीक न हो। स्पीकर ने कहा कि बच्चों की जानें गई है। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

    पहले दिन सरकार पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश कर सकती है। हालांकि इससे पहले कांग्रेस विधायकों के तीखे तेवर है।

    इससे पहले विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने कहा कि अकाल तख्त साहिब की ओर से 29 जून को जारी किए गए हुकमनामे का पालन किया जाएगा। वह पंजाब के मुख्यमंत्री को संबोधित नहीं करेंगे और न ही किसी मुद्दे पर उन्हें जवाब देंगे। अकाल तख्त के निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री को पंथ दोषी ही माना जाएगा।

    कोटली ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान वह शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में अब तक छह बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं।

    हंगामेदार रहने के आसार
    इस बार का विधानसभा सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा समेत विपक्षी दल कानून व्यवस्था, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़े कानून, पेपर लीक, नशे, किसानों के मुद्दों और बढ़ते कर्ज जैसे मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

    कांग्रेस ने बनाई रणनीति
    कांग्रेस विधायक चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की अध्यक्षता में बैठक कर विधानसभा सत्र की रणनीति तैयार की गई। बैठक में तय किया गया कि किन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा जाएगा और सदन में विपक्ष की भूमिका कैसी रहेगी।

    बेअदबी कानून पर संशोधन की संभावना कम
    इस बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान से जुड़े कानून में संशोधन की संभावना कम मानी जा रही है। पिछले सप्ताह अकाल तख्त ने इस मामले पर धार्मिक और कानूनी विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित की थी। यह कमेटी अगले दो महीनों में पंजाब सरकार के साथ बातचीत कर सहमति बनाने का प्रयास करेगी। ऐसे में सरकार फिलहाल इस मुद्दे पर जल्दबाजी करने के पक्ष में नजर नहीं आ रही है।

    अकाल तख्त के निर्देश भी रहेंगे चर्चा में
    इस सत्र के दौरान अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के निर्देश भी चर्चा का विषय बन सकते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'पंथ दोषी' घोषित किए जाने के बाद उन्होंने सभी सिख विधायकों से सदन में मुख्यमंत्री को संबोधित न करने और उनकी ओर न देखने के निर्देश दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सिख विधायक इन निर्देशों का किस तरह पालन करते हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी में है।