Category: लाइफस्टाइल

  • नाश्ते में बनाएं मसालेदार सूजी के फरे, आलू की स्टफिंग और तड़के से बढ़ेगा स्वाद

    नाश्ते में बनाएं मसालेदार सूजी के फरे, आलू की स्टफिंग और तड़के से बढ़ेगा स्वाद

     रोज-रोज पोहा, उपमा या पराठा खाकर अगर मन ऊब गया है और आप नाश्ते में कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट भी भर दे, तो सूजी के मसालेदार फरे एक बार जरूर ट्राई करें. सूजी से तैयार होने वाले ये फरे बाहर से हल्के मसालेदार और अंदर से आलू की चटपटी स्टफिंग से भरपूर होते हैं. खास बात यह है कि इन्हें डीप फ्राई करने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि पहले भाप में पकाया जाता है और फिर हल्के से तड़का देकर तैयार किया जाता है.

    सूजी के मसालेदार फरे 4 लोगों के लिए महज 40 मिनट में बनकर तैयार हो जाएंगे और इसे बनाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी.तो चलिए जानते हैं दो कप सूजी से मसालेदार फरे बनाने की आसान रेसिपी.

    सूजी के मसालेदार फरे के लिए सामग्री

    फरे के लिए
        सूजी – 2 कप
        पानी – 2½ कप
        नमक – 1 छोटा चम्मच
        तेल – 1 बड़ा चम्मच
        स्टफिंग के लिए
        उबले आलू – 3
        हरी मिर्च – 2, बारीक कटी हुई
        अदरक – 1 छोटा चम्मच, कद्दूकस किया हुआ
        हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच
        लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
        अमचूर पाउडर – 1 छोटा चम्मच
        भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच
        नमक – स्वादानुसार

    तड़के के लिए
        तेल – 1 बड़ा चम्मच
        राई – ½ छोटा चम्मच
        जीरा – ½ छोटा चम्मच
        सफेद तिल – 1 छोटा चम्मच
        करी पत्ता – 8-10
        हरा धनिया – गार्निश करने के लिए

    सूजी के फरे बनाने की विधि
    सूजी का मिश्रण तैयार करें: एक पैन में पानी डालें. इसमें नमक और एक बड़ा चम्मच तेल डालकर पानी को अच्छी तरह उबाल लें. पानी में उबाल आने पर इसमें सूजी डालें और लगातार चलाते रहें, ताकि गुठलियां न बनें.

    इस ट्रिक से बनेगा सॉफ्ट आटा: जब सूजी पानी को अच्छी तरह सोखकर गाढ़ी होने लगे, तो गैस बंद कर दें. पैन को ढककर करीब 5 मिनट के लिए छोड़ दें. इससे सूजी अच्छी तरह फूल जाएगी और आटा नरम बनेगा. हल्का ठंडा होने पर हाथों की मदद से इसे अच्छी तरह गूंध लें.

    आलू की स्टफिंग बनाएं: एक बर्तन में उबले हुए आलू लें और उन्हें अच्छी तरह मैश कर लें. इसमें हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर, भुना जीरा पाउडर और नमक डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें.

    फरे तैयार करें: सूजी के आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें. एक लोई को हल्का बेलकर छोटी पूरी का आकार दें. इसके बीच में आलू की स्टफिंग रखें और इसे गुझिया की तरह मोड़कर किनारों को अच्छी तरह बंद कर दें. इसी तरह सारे फरे तैयार कर लें.

    भाप में पकाएं: तैयार फरों को स्टीमर में रखें और करीब 15 से 20 मिनट तक भाप में पकाएं. पकने के बाद इन्हें थोड़ा ठंडा होने दें और फिर मनचाहे शेप में काट लें.

    लगाएं स्वादिष्ट तड़का: एक पैन में तेल गर्म करें. इसमें राई, जीरा, सफेद तिल और करी पत्ता डालकर चटकने दें. अब कटे हुए फरे डालें और तीन से चार मिनट तक हल्का सुनहरा होने तक भून लें. ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें. गरमा-गरम मसालेदार सूजी के फरे तैयार हैं.

    स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
        फरे को सॉफ्ट बनाने के लिए सूजी डालने के बाद मिक्सर को लगातार चलाएं और गैस बंद करने के बाद 5 मिनट ढककर जरूर रखें.
        स्टफिंग में थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ पनीर मिलाने से स्वाद और बढ़ जाएगा.
        तड़के में सफेद तिल डालना न भूलें, इससे फरे में हल्का क्रंच और खास स्वाद आता है.
        आलू की जगह चाहें तो मूंग दाल की मसालेदार स्टफिंग भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
        फरे को बहुत ज्यादा देर तक तड़के में न भूनें, वरना वे सख्त हो सकते हैं.

    किसके साथ परोसें?
    मसालेदार सूजी के फरे को गरमा-गरम हरी चटनी, टमाटर की चटनी या ठंडे दही के साथ परोसें. शाम की चाय के साथ यह एक स्वादिष्ट और हल्का स्नैक बन सकता है.

    इस ट्रिक से बनेंगे एकदम सॉफ्ट
    इस रेसिपी की सबसे खास बात है इसका सॉफ्ट टेक्सचर. कई बार सूजी के आटे से बने फरे सख्त हो जाते हैं, लेकिन अगर सूजी को उबलते पानी में डालकर अच्छी तरह पकाया जाए और मिक्सर को कुछ मिनट ढककर रखा जाए, तो आटा नरम रहता है. इसी छोटी-सी ट्रिक से आपके फरे मुलायम और टेस्टी बनेंगे.

  • घर पर जमाएं बाजार जैसा गाढ़ा दही, दूध में मिलाएं ये एक चीज

    घर पर जमाएं बाजार जैसा गाढ़ा दही, दूध में मिलाएं ये एक चीज

     गर्मियों में ठंडी-ठंडी दही खाने का मजा ही अलग होता है. ऐसे में दोपहर के खाने से लेकर डिनर के वक्त तक लोग बड़े चाव से दही खाते हैं. हालांकि, हर बार बाजार से दही खीरदना या ला पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में अक्सर लोग घर में दही जमाते हैं. घर में दही जम तो जाता है, लेकिन लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि उनकी दही उस तरह गाढ़ा नहीं जमता है, जैसा बाजार में मिलती है. लोग कहते हैं कि उनकी दही जम तो जाता है, मगर इतनी पतली होता है कि कटोरी पलटते ही फैल जाए या उसमें ऊपर से पानी नजर आने लगता है. ऐसे में अगर आप बाजार जैसा गाढ़ा और मलाईदार दही घर पर जमाना चाहते हैं, तो दूध में एक छोटी-सी चीज मिलाकर देख सकते हैं.

    इसके लिए आपको किसी खास मशीन या महंगे सामान की जरूरत नहीं है. आज हम आपको कुछ ट्रिक्स और टिप्स बताने वाले हैं, जिन्हें ध्यान रखकर आप गाढ़ा और मलाईदार जमा सकते हैं. इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो दही अच्छी तरह सेट हो सकता है और उसका टेक्सचर भी काफी क्रीमी रहेगा. इन टिप्स का ध्यान रखकर आप इतना गाढ़ा दही जमा पाएंगे कि कटोरी पलटने पर भी वो गिरेगा नहीं.

    गाढ़ा दही के लिए सबसे पहले दूध पर दें ध्यान
    दही का गाढ़ापन काफी हद तक दूध पर ही निर्भर करता है. इसलिए इसके लिए फुल-फैट दूध लेना अच्छा रहता है. दूध को अच्छी तरह उबालें और फिर कुछ मिनट धीमी आंच पर पकने दें. ऐसा करने से दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाता है और दही अच्छी जमती है.

    दूध को पकाते समय उसे बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि वो बर्तन के तले में चिपके नहीं. गैस बंद करने के बाद दूध को थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद तुरंत दूध में दही जमाने के लिए जामन नहीं डालना है. अगर आप यहां जरा भी जल्दबाजी दिखाएंगे, तो दही गाढ़ा और मलाईदार नहीं जमेगा. क्योंकि बहुत गर्म दूध में जामन डालने से दही सही तरह से नहीं जम सकता.

    जामन के साथ मिलाएं मिल्क पाउडर
    अब हम दही जमाने की वो खास ट्रिक बताएंगे, जिससे वो बिल्कुल बाजार जैसा गाढ़ा बनेगा. जब दूध हल्का गर्म रह जाए, तब इसमें मिल्क पाउडर मिलाएं. करीब 1 लीटर दूध के लिए 2 से 3 बड़े चम्मच मिल्क पाउडर लिया जा सकता है.

    मिल्क पाउडर को सीधे दूध में डालने के बजाय पहले थोड़े से दूध में उसे अच्छी तरह घोल लें. इसके बाद इसे बाकी दूध में मिलाएं और अच्छी तरह फेंट लें. मिलाते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि इसमें कोई गांठ न रह जाए. मिल्क पाउडर दूध में गाढ़ापन बढ़ाने में मदद करता है, जिससे दही का टेक्शचर ज्यादा गाढ़ा और क्रीमी हो सकता है. हालांकि बहुत ज्यादा मिल्क पाउडर डालने से स्वाद और टेक्सचर बिगड़ सकता है, इसलिए इसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है.

    जामन डालने का ये सही समय याद रखें
    दूध में मिल्क पाउडर मिलाने के बाद उसे इतना ठंडा होने दें कि वो हल्का गुनगुना रह जाए. अब इसमें 1 से 2 चम्मच ताजा दही जामन के तौर पर डालें.

    जामन को पूरे दूध में अच्छी तरह मिला दें. इसके बाद बर्तन को ढककर किसी ऐसी जगह रख दें जहां तापमान बहुत ठंडा न हो. दही जमने के दौरान बर्तन को बार-बार हिलाएं नहीं और न ही बीच-बीच में ढक्कन खोलकर देखते रहें.

    6 से 10 घंटे में हो सकती है दही सेट
    मौसम और कमरे के टेंपरेचर के हिसाब से दही जमने में करीब 6 से 10 घंटे लग सकते हैं. गर्म मौसम में ये जल्दी जम सकती है, जबकि ठंड के दिनों में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है. जब दही अच्छी तरह जम जाए तो उसे ज्यादा देर रूम टेंपरेचर पर न छोड़ें. तुरंत फ्रिज में रख दें. ठंडा होने के बाद दही और ज्यादा सेट महसूस होगा.

    दही जमाते वक्त बिल्कुल न करें ये गलतियां
    1. बहुत ठंडे दूध में जामन डालने से दही जमने में परेशानी हो सकती है, वहीं बहुत गर्म दूध जामन में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पर असर कर सकता है. इसलिए दूध का हल्का गुनगुना होना सबसे जरूरी है.

    2. दही जमाने के लिए हमेशा साफ बर्तन और ताजा जामन इस्तेमाल करें. बहुत खट्टा या पुराने दही को जामन बनाने से नई दही भी खट्टा हो सकता है. दही जमने के बाद उसे बार-बार हिलाने से भी उसका सेट टेक्सचर खराब हो सकता है.

    अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे, तो घर पर ही ऐसी दही जमा सकते हैं जो देखने में गाढ़ा, खाने में मलाईदार और रायता, कढ़ी या लस्सी बनाने के लिए बिल्कुल बढ़िया रहेगा.

  • सावन व्रत में बनाएं हेल्दी कुट्टू थेपला, कम तेल में झटपट तैयार होगी स्वादिष्ट रेसिपी

    सावन व्रत में बनाएं हेल्दी कुट्टू थेपला, कम तेल में झटपट तैयार होगी स्वादिष्ट रेसिपी

    सावन का पवित्र महीना चल रहा है और इस दौरान लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सावन सोमवार का व्रत रखते हैं. व्रत के दिनों में अक्सर लोग फलाहार के नाम पर कुट्टू की पूड़ी, पकौड़े या आलू फ्राई जैसी तली-भुनी चीजें खाते हैं, जिससे पेट भारी होने लगता है और एसिडिटी की समस्या हो सकती है. अगर आप इस सावन व्रत में कुछ हल्का, हेल्दी, कम तेल वाला और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं तो कुट्टू का थेपला आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन है.

    उबले आलू, हरी मिर्च, सेंधा नमक और हरे धनिए से तैयार यह थेपला खाने में बेहद नरम होता है और इसे बेलना भी बेहद आसान है. व्रत वाले रसेदार आलू की सब्जी और फेंटे हुए ठंडे दही के साथ यह थेपला इतना लाजवाब लगता है कि आपका पेट भी भर जाएगा और दिनभर एनर्जी भी बनी रहेगी. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी.

    कुट्टू का थेपला बनाने की सामग्री:
    कुट्टू का आटा: 1 कप

    सिंघाड़े का आटा: आधा कप (ऑप्शनल – बाइंडिंग के लिए)

    उबला और कद्दूकस किया आलू: 1/2 कप (बाइंडिंग और सॉफ्टनेस के लिए)

    हरी मिर्च: 2 (बारीक कटी हुई)

    अदरक: 1/2 छोटा चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)

    हरा धनिया: 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा हुआ)

    सेंधा नमक (व्रत वाला नमक): स्वादानुसार

    काली मिर्च पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच

    जीरा: 1/2 छोटा चम्मच

    घी/मूंगफली का तेल: सेकने के लिए

    गुनगुना पानी: आवश्यकतानुसार

    थेपला बनाने की विधि:
    एक परात में कुट्टू का आटा, कद्दूकस किया उबला आलू, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, सेंधा नमक, काली मिर्च और जीरा डालें. आप इस दौरान चाहें तो बाइंडिंग के लिए थोड़ा सा सिंधाड़े का आटा मिला सकते हैं और आलू स्किप कर सकते हैं.

    बिना पानी डाले पहले आलू और आटे को अच्छे से मिलाएं. इसके बाद जरूरत के अनुसार 1-2 चम्मच गुनगुना पानी छिड़कते हुए नरम आटा गूंध लें. (इसे रखकर नहीं छोड़ना है, तुरंत थेपला बनाना शुरू करें).

    आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं. सूखा कुट्टू का आटा (या बटर पेपर/प्लास्टिक शीट) लगाकर बेलन की मदद से हल्के हाथों से पतला थेपला बेल लें.

    तवे को मध्यम गरम करें और उस पर थेपला डालें. दोनों तरफ से हल्का सेकने के बाद थोड़ा-सा देसी घी या मूंगफली का तेल लगाकर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक सेक लें.

  • लंच-डिनर में लाएं स्वाद का ट्विस्ट, घर पर बनाएं लाजवाब अवधी तहरी

     रोज-रोज लंच या डिनर में वही दाल, सब्जी और चावल खाकर अगर आप भी बोर हो गए हैं, तो इस बार कुछ अलग ट्राई करें. उत्तर प्रदेश में चावलों की तहरी लोग बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन कुछ लोग पीले चावलों को तहरी समझ लेते हैं. ऐसे में आज हम आपको इस आर्टिकल में अवधी स्टाइल तहरी की रेसिपी बताएंगे, जो खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बनाने में भी बहुत आसान होती है. चावल, मौसमी सब्जियों और खुशबूदार मसालों से तैयार होने वाली यह तहरी पेट भी भरती है और खाने में बेहद मजेदार भी लगती है.

    अवधी अंदाज की तहरी का असली स्वाद इसमें पड़ने वाले साबुत मसालों से ही आता है और इसकी खुशबू तो आपकी भूख को ही बढ़ा देगी. इसमें आलू, मटर, गाजर जैसी सब्जियां डाली जा सकती हैं, इसे आप लंच बॉक्स में भी रख सकते हैं या फिर घर पर दही और अचार के साथ गरमा-गरम परोस सकते हैं. आइए जानते हैं अवधी तहरी बनाने की आसान रेसिपी.

    अवधी तहरी बनाने के लिए सामग्री
        1 कप बासमती चावल
        1 मध्यम आकार का आलू
        1 गाजर
        ½ कप हरी मटर
        1 प्याज
        1 टमाटर
        2 हरी मिर्च
        1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट
        ½ छोटा चम्मच जीरा
        1 तेजपत्ता
        2 लौंग
        1 छोटी दालचीनी
        2 इलायची
        ½ छोटा चम्मच हल्दी
        ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
        ½ छोटा चम्मच गरम मसाला
        स्वादानुसार नमक
        2 बड़े चम्मच तेल या घी
        करीब 2 कप पानी
        थोड़ा हरा धनिया

    कैसे बनाएं अवधी तहरी?

    • सबसे पहले बासमती चावल को दो से तीन बार पानी से अच्छी तरह धो लें. अब चावल को करीब 15 से 20 मिनट के लिए भिगोकर रख दें.
    • इस बीच आलू और गाजर को छोटे टुकड़ों में काट लें और बाकी सब्जियां भी तैयार कर लें.
    • अब कुकर या भारी तले की कड़ाही में तेल या घी गर्म करें. इसमें जीरा, तेजपत्ता, लौंग, दालचीनी और इलायची डालकर कुछ सेकंड भूनें.
    • जब साबुत मसालों से खुशबू आने लगे तो इसमें बारीक कटा प्याज डालें और हल्का सुनहरा होने तक भून लें.
    • इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर कुछ देर भूनें. अब कटे हुए आलू, गाजर और हरी मटर डालें.
    • सब्जी को हल्का भूनने के बाद ही हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक डालकर सब्जियों को मसाले के साथ 2 से 3 मिनट तक पकाएं.
    • अब भीगे हुए चावल का पानी निकालकर उन्हें कुकर में डालें. चावल को सब्जियों और मसालों के साथ हल्के हाथ से मिलाएं. करीब 2 कप पानी डालकर कुकर का ढक्कन बंद कर दें.
    • दो सीटी आने तक तहरी को पकाएं और फिर गैस बंद कर दें. कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने दें. अगर आप इसे कड़ाही में बना रहे हैं, तो ढककर धीमी आंच पर चावल के पूरी तरह पकने तक पकाएं.
    • कुकर खोलने के बाद तहरी में गरम मसाला और बारीक कटा हरा धनिया डालें. चावल को चम्मच से जोर से चलाने के बजाय हल्के हाथ से मिलाएं, ताकि चावल टूटें नहीं.

    दही और अचार के साथ करें सर्व
    गरमा-गरम अवधी तहरी को एक प्लेट में निकालें और उसके साथ में ठंडे दही, बूंदी के रायते, हरी चटनी या आम के अचार के साथ परोस सकते हैं. सब्जियों और मसालों से तैयार यह तहरी अकेले भी एक पूरी और स्वादिष्ट मील का काम करती है. इसके साथ में भरवां लाल मिर्च भी खा सकते हैं, उससे तहरी का स्वाद दोगुना हो जाता है.

  • मैदे को भूल घर पर बनाएं गेहूं के आटे के टेस्टी नूडल्स, आसान है रेसिपी

    मैदे को भूल घर पर बनाएं गेहूं के आटे के टेस्टी नूडल्स, आसान है रेसिपी

    अगर आपको नूडल्स खाना पसंद है लेकिन बाहर के नूडल्स से बचना चाहते हैं तो घर पर गेहूं के आटे के आसानी से नूडल्स बना सकते हैं. आमतौर पर नूडल्स मैदे से बनाए जाते हैं लेकिन आप चाहें तो गेहूं के आटे से भी टेस्टी नूडल्स तैयार कर सकते हैं. इसमें अपनी पसंद की सब्जियां डालकर इसे और भी टेस्टी बनाया जा सकता है.

    खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही किचन में ज्यादा समय बिताना होगा. इसका स्वाद इतना लाजवाब होगा कि बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आएगा. तो आइए जानते हैं घर पर गेहूं के आटे से टेस्टी नूडल्स कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होगी.

    इंग्रेडिएंट्स (ingredients)
    1 कप गेहूं का आटा
    1/2 छोटा चम्मच नमक
    1 प्याज, पतला कटा हुआ
    1 शिमला मिर्च, पतली कटी हुई
    1 गाजर, पतली कटी हुई
    4-5 लहसुन की कलियां, बारीक कटी हुई
    1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
    1 छोटा चम्मच सोया सॉस
    1 बड़ा चम्मच टोमैटो सॉस
    1/2 छोटा चम्मच सिरका
    काली मिर्च स्वादानुसार
    जरूरत के अनुसार तेल
    जरूरत के अनुसार पानी

    आटा नूडल्स बनाएं  कैसे ?

    • सबसे पहले एक बड़े बाउल में गेहूं का आटा, नमक और थोड़ा तेल डालकर मिला लें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें. आटे को ढककर लगभग 15-20 मिनट के लिए रख दें.
    • इसके बाद आटे की एक लोई लेकर इसे बेलन की मदद से पतली रोटी की तरह बेल लें. अब चाकू या कटर की मदद से इसे पतली-पतली पट्टियों में काट लें. इसी तरह बाकी आटे से भी नूडल्स तैयार कर लें.
    • अब एक बर्तन में पानी उबालें. इसमें थोड़ा नमक और तेल डालें और तैयार नूडल्स डालकर लगभग 4-5 मिनट तक उबालें. नूडल्स पक जाएं तो इन्हें छानकर ठंडे पानी से धो लें और अलग रख दें.
    • अब कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें. इसमें कटा हुआ लहसुन और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकेंड भूनें. इसके बाद प्याज डालकर हल्का भूनें. अब इसमें गाजर और शिमला मिर्च डालकर तेज आंच पर 3-4 मिनट तक पकाएं. सब्जियों को ज्यादा न पकाएं, ताकि उनका हल्का क्रंच बना रहे.
    • अब इसमें उबले हुए नूडल्स डालें. साथ ही सोया सॉस, टोमैटो सॉस, सिरका, नमक और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिला लें. तेज आंच पर 2-3 मिनट तक चलाते हुए पकाएं.
    • जब नूडल्स अच्छी तरह मसाले और सब्जियों के साथ मिक्स हो जाएं तो गैस बंद कर दें. तैयार आटा नूडल्स को गरमा-गरम सर्व करें. चाहें तो ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालकर इसका स्वाद और बढ़ा सकते हैं.
  • मध्यप्रदेश पुलिस की मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश पुलिस की मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

    भोपाल

    मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 5 दिनों में पुलिस ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्रवाई के दौरान डोडाचूरा, अफीम, एमडी ड्रग्स, ब्राउन शुगर एवं अवैध नशीली कफ सिरप सहित लगभग 83 लाख 97 हजार रूपये से अधिक कीमत के अवैध मादक पदार्थ एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त किए हैं।

    मंदसौर – पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अलग-अलग थाना क्षेत्रों में प्रभावी कार्रवाई की गई। थाना अफजलपुर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 62 किलो 840 ग्राम डोडाचूरा, कीमत लगभग 1 लाख 25 हजार रूपये का जब्त किया।

    थाना भावगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय अफीम तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 3 किलो अफीम, एक मोटरसाइकिल तथा एक एंड्रॉयड मोबाइल सहित लगभग 6 लाख 60 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है।

    वहीं थाना सीतामऊ पुलिस ने डोडाचूरा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 529 किलो 690 ग्राम डोडाचूरा तथा तस्करी में प्रयुक्त महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन सहित लगभग 15 लाख 59 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की। तीनों कार्रवाईयों में लगभग 23 लाख 44 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है।

    नीमच -पुलिस द्वारा मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना रतनगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 किलो 100 ग्राम अवैध अफीम सहित लगभग 20 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    इंदौर – इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त एवं तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने दो अलग-अलग कार्रवाईयों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में क्राइम ब्रांच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 103.55 ग्राम एमडी ड्रग्स, तथा बिना नंबर की होंडा हॉर्नेट मोटरसाइकिल सहित लगभग 11 लाख 80 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है।

    वहीं भंडारी ब्रिज के नीचे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 54.70 ग्राम एमडी ड्रग्स सहित लगभग 5 लाख 40 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार दोनों कार्रवाईयों में 17 लाख 20 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है।

    रीवा -पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत कार्रवाई करते हुए लग्जरी कार से परिवहन की जा रही 1,410 शीशी अवैध नशीली ऑनरेक्स कफ सिरप सहित लगभग 13 लाख 83 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है।

    उज्जैन -जिले के थाना घट्टिया पुलिस ने यात्री बैग एवं ट्रॉली बैग में छिपाकर ले जाए जा रहे 33 किलो 550 ग्राम अवैध डोडाचूरा, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रूपए है, जब्त किया।

    विदिशा -थाना देहात गंजबासौदा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 25 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक पूर्व तस्कर एवं एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में लगभग 4 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला को ध्वस्त करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में लगातार सघन एवं समन्वित कार्रवाई की जा रही है। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण अथवा बिक्री में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें, ताकि नशामुक्त, सुरक्षित एवं स्वस्थ मध्यप्रदेश के निर्माण में जनसहभागिता सुनिश्चित हो सके।

     

  • बेसन-हल्दी से बनाएं नेचुरल फेस वॉश, चेहरे की गंदगी और ऑयल होगा कम

    बेसन-हल्दी से बनाएं नेचुरल फेस वॉश, चेहरे की गंदगी और ऑयल होगा कम

    फेस वॉश स्किन केयर रूटीन का एक जरूरी हिस्सा है. चेहरे को साफ रखने के लिए ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाले फेस वॉश का इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप बेहद आसानी से शुद्ध और नेचुरल फेस वॉश घर पर भी तैयार कर सकते हैं. इसे बनाने के लिए बेसन, कस्तूरी हल्दी, चंदन पाउडर, मुल्तानी मिट्टी और चावल के आटे जैसी चीजों की जरूरत होगी जो आसानी से मिल जाती हैं. तो आइए जानते हैं कि घर पर नेचुरल फेश वॉश कैसे बना सकते हैं और यह स्किन के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है.

    इंग्रेडिएंट्स (ingredients)
    2 चम्मच बेसन
    2 चम्मच चंदन पाउडर
    1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी
    1 चम्मच कस्तूरी हल्दी
    1 चम्मच चावल का आटा
    एक एयरटाइट कंटेनर

    घर पर फेस वॉश कैसे बनाएं?

    • नेचुरल फेस वॉश बनाने के लिए सबसे पहले एक साफ और सूखे बाउल में बेसन, कस्तूरी हल्दी, चंदन पाउडर, मुल्तानी मिट्टी और चावल का आटा डालकर अच्छी तरह मिला लें.
    • अब तैयार मिश्रण को एक एयरटाइट कंटेनर में रख लें.
    • जब भी इसका इस्तेमाल करना हो लगभग 2 चम्मच मिश्रण लें और इसमें जरूरत के अनुसार गुलाब जल डालकर पेस्ट बना लें. अगर आपकी स्किन ड्राई है तो गुलाब जल की जगह दूध या थोड़ा शहद मिला सकते हैं.
    • अब तैयार पेस्ट को चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं और लगभग 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा अच्छी तरह धो लें.

    इस फेस वॉश के क्या फायदे हैं?
    बेसन चेहरे से गंदगी, पसीना और एक्स्ट्रा ऑयल हटाकर स्किन को गहराई से साफ करता है. वहीं, कस्तूरी हल्दी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पिंपल्स और मुंहासों को कम करने के साथ स्किन को साफ और ग्लोइंग बनाते हैं. चंदन पाउडर त्वचा को ठंडक देने के साथ जलन और रेडनेस को कम करने में मदद कर सकता है.

    मुल्तानी मिट्टी पोर्स को साफ कर एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करती है, जिससे ऑयली और पिंपल-प्रोन स्किन को फायदा मिलता है. वहीं, चावल का आटा स्किन को नेचुरली एक्सफोलिएट करता है, टैनिंग कम करता है और चेहरे की रंगत निखारने में मदद करता है.

    इन बातों का ध्यान

    • पहली बार चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. अगर जलन, खुजली या लालिमा जैसी समस्या हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें.
    • फेस वॉश को हमेशा हल्के हाथों से चेहरे पर लगाएं और ज्यादा रगड़ने से बचें.
    • इसे रोजाना दो बार इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है. अपनी स्किन के हिसाब से इसका इस्तेमाल करें.
    • फेस वॉश लगाने से पहले चेहरे को पानी से हल्का गीला कर लें, ताकि इसे आसानी से लगाया जा सके.

    डिस्क्लेमर: यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है. किसी भी घरेलू नुस्खे को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से पहले अपनी त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखें. अगर आपको स्किन से जुड़ी कोई समस्या है, तो एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

  • इंटरनेट पर इंसानों से आगे निकली मशीनें, 50 फीसदी से ज्यादा ट्रैफिक अब बॉट्स का

    इंटरनेट पर इंसानों से आगे निकली मशीनें, 50 फीसदी से ज्यादा ट्रैफिक अब बॉट्स का

    इंटरनेट को अब तक हम इंसानों की दुनिया मानते आए हैं. लोग वेबसाइट खोलते हैं, खबरें पढ़ते हैं, चीजें सर्च करते हैं और ऑनलाइन खरीदारी करते हैं. लेकिन अब इंटरनेट पर एक बड़ा बदलाव हो रहा है. वेबसाइट्स पर आने वाले ट्रैफिक में इंसानों की हिस्सेदारी पीछे छूट रही है और मशीनों का ट्रैफिक तेजी से बढ़ रहा है.

    क्लाउडफ्लेयर के मुताबिक, जून 2026 में इंटरनेट का 50 फीसदी से ज्यादा ट्रैफिक इंसानों की बजाय मशीनों से आया. इसमें एआई सिस्टम, क्रॉलर और दूसरे ऑटोमेटेड सिस्टम शामिल हैं. कंपनी का कहना है कि इंटरनेट अब तेजी से ऐसे दौर में जा रहा है, जहां एआई एजेंट इंसानों की जगह खुद वेबसाइट्स पर जाकर जानकारी जुटा रहे हैं.

    यह बदलाव इसलिए भी बड़ा है क्योंकि कुछ महीने पहले तक क्लाउडफ्लेयर का अनुमान था कि बॉट ट्रैफिक 2027 तक इंसानों से आगे निकलेगा. मार्च में कंपनी के सीईओ मैथ्यू प्रिंस ने कहा था कि एआई की तेजी से बढ़ती ग्रोथ के चलते बॉट ट्रैफिक 2027 तक इंसानों के ट्रैफिक से ज्यादा हो सकता है. लेकिन अब कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक यह बदलाव उससे पहले ही आ चुका है.

    AI एजेंट इंटरनेट पर क्या कर रहे हैं?
    इसे एक आसान उदाहरण से समझिए. अगर किसी इंसान को नया घड़ी खरीदना है तो वह शायद चार-पांच वेबसाइट खोलकर कीमत और फीचर्स देखेगा. लेकिन यही काम अगर कोई एआई एजेंट कर रहा है तो वह एक साथ हजारों वेबसाइट्स पर जा सकता है, वहां से जानकारी ले सकता है और फिर उसे मिलाकर यूजर को एक जवाब दे सकता है.

    क्लाउडफ्लेयर के सीईओ ने मार्च में बताया था कि इंसान किसी प्रोडक्ट की जानकारी के लिए करीब पांच वेबसाइट्स देख सकता है, जबकि AI एजेंट उसी काम के लिए हजारों वेबसाइट्स तक जा सकता है. इसका मतलब है कि एक इंसान के काम से जितना ट्रैफिक बनता है, एक एआई एजेंट उसी काम के दौरान उससे कई गुना ज्यादा रिक्वेस्ट भेज सकता है. यही वजह है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ वेबसाइट्स पर मशीनों की विजिट भी तेजी से बढ़ रही है.

    अब आधे से ज्यादा ट्रैफिक मशीनों से
    क्लाउडफ्लेयर ने जुलाई 2026 में बताया कि इंटरनेट पर पहली बार ऐसा हुआ है जब 50 फीसदी से ज्यादा ट्रैफिक इंसानों की बजाय नॉन-ह्यूमन ट्रैफिक बन गया. आसान भाषा में कहें तो वेबसाइट्स तक पहुंचने वाली हर 100 रिक्वेस्ट में 50 से ज्यादा रिक्वेस्ट इंसानों के अलावा दूसरे सिस्टम से आ रही हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले इंसान अचानक कम हो गए हैं. यह आंकड़ा वेबसाइट्स को भेजी जाने वाली रिक्वेस्ट से जुड़ा है. इसमें सर्च क्रॉलर, एआई सिस्टम, दूसरे ऑटोमेटेड सिस्टम और अलग-अलग तरह के बॉट शामिल हैं.

    क्लाउडफ्लेयर ने अप्रैल में बताया था कि उसके नेटवर्क पर करीब 32 फीसदी ट्रैफिक ऑटोमेटेड सिस्टम से आ रहा था. इसमें सर्च इंजन क्रॉलर, एड नेटवर्क और एआई सिस्टम भी शामिल थे.

    कुछ ही महीनों में तस्वीर काफी बदल गई. एआई के लिए इंटरनेट अब सबसे बड़ा डेटा सोर्स है. एआई सिस्टम को बेहतर जवाब देने के लिए बहुत ज्यादा डेटा चाहिए. इसके लिए एआई कंपनियां इंटरनेट पर मौजूद वेबसाइट्स को लगातार पढ़ रही हैं.

    इंसान से ज्यादा इंटरनेट पर मशीन
    क्लाउडफ्लेयर के जून के आंकड़ों के मुताबिक, क्रॉलर से आने वाली रिक्वेस्ट में 52 फीसदी का इस्तेमाल एआई ट्रेनिंग के लिए हो रहा था. 2025 के वसंत में यह आंकड़ा 22 फीसदी था. यानी सिर्फ एक साल के अंदर एआई ट्रेनिंग से जुड़ी क्रॉलर गतिविधि काफी बढ़ गई.

    इसके साथ ही ऐसे क्रॉलर भी बढ़ रहे हैं जो सर्च, एआई एजेंट और ट्रेनिंग जैसे कई कामों के लिए इस्तेमाल होते हैं. इंसान पांच वेबसाइट देखेगा, एआई हजारों. यही अंतर आने वाले समय में इंटरनेट को पूरी तरह बदल सकता है.

    मान लीजिए आप किसी शहर में घूमने के लिए होटल ढूंढ रहे हैं. आप कुछ होटल की वेबसाइट खोलेंगे, कीमत देखेंगे और फिर फैसला करेंगे. लेकिन अगर यही काम एआई एजेंट कर रहा है तो वह एक साथ दर्जनों या सैकड़ों होटल, ट्रैवल वेबसाइट्स, रिव्यू और दूसरी जानकारी देख सकता है. इसके बाद आपको सिर्फ एक जवाब मिल सकता है कि आपके लिए कौन सा होटल बेहतर रहेगा.

    यानी आगे चलकर इंसान खुद इंटरनेट पर जानकारी ढूंढने के बजाय एआई को काम देगा और एआई इंटरनेट पर जाकर जानकारी ढूंढेगा. क्लाउडफ्लेयर के मुताबिक यही बदलाव इंटरनेट के इस्तेमाल के तरीके को बदल रहा है. कंपनी का कहना है कि लोग अब कई वेबसाइट्स पर जाकर जानकारी जुटाने के बजाय एआई से एक ही सवाल पूछकर जवाब पाने लगे हैं.

    सबसे बड़ी चिंता वेबसाइट चलाने वालों की है. यह बदलाव एआई कंपनियों के लिए भले ही फायदेमंद हो, लेकिन वेबसाइट चलाने वालों के सामने नई परेशानी खड़ी हो रही है.. आज किसी वेबसाइट की कमाई काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि कितने इंसान उसकी वेबसाइट पर आते हैं. इंसान आकर खबर पढ़ता है, विज्ञापन देखता है और दूसरी चीजों पर क्लिक करता है.

    लेकिन अगर एआई एजेंट वेबसाइट से जानकारी लेकर वही जवाब सीधे यूजर को दे देता है और यूजर वेबसाइट पर आता ही नहीं, तो वेबसाइट को इंसानी ट्रैफिक नहीं मिलेगा. दूसरी तरफ एआई सिस्टम वेबसाइट की जानकारी लगातार पढ़ते रहेंगे. यानी वेबसाइट का डेटा इस्तेमाल होगा, लेकिन उसके बदले इंसानी पाठक और उससे होने वाली कमाई जरूरी नहीं कि मिले.

  • iQOO ला रहा 10,000mAh बैटरी वाला फोन, 18 अगस्त को हो सकता है बड़ा लॉन्च

    iQOO ला रहा 10,000mAh बैटरी वाला फोन, 18 अगस्त को हो सकता है बड़ा लॉन्च

    स्मार्टफोन की बैटरी खत्म होने की टेंशन से परेशान रहने वालों के लिए iQOO जल्द ही बड़ा फोन लॉन्च करने की तैयारी में है. कंपनी की Neo और Z सीरीज में दो नए फोन चर्चा में हैं. इनमें iQOO Neo 11 Ultra और iQOO Z11s शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों फोन 18 अगस्त को चीन में पेश किए जा सकते हैं. इनमें Z11s सबसे ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि इसमें 10,000mAh की बैटरी मिलने की बात सामने आई है जो एक पावरबैंक के बराबर है.

    iQOO Neo 11 Ultra को कंपनी ज्यादा पावर और परफॉर्मेंस वाले फोन के तौर पर पेश कर सकती है. सामने आई जानकारी के मुताबिक इसमें MediaTek का Dimensity 9500 चिपसेट, 2K डिस्प्ले और 100W फास्ट चार्जिंग दी जा सकती है. फोन में करीब 9,100mAh की बैटरी होने की बात भी सामने आई है. हालांकि इन स्पेसिफिकेशन में से कुछ जानकारी अभी रिपोर्ट्स और लीक पर आधारित है.

    वहीं iQOO Z11s का सबसे बड़ा अट्रैक्शन इसकी बैटरी हो सकती है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इसमें 10,000mAh बैटरी दी जाएगी. इसके साथ 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले मिलने की भी बात कही जा रही है. अगर यह जानकारी सही निकलती है तो यह फोन उन यूजर्स को खास तौर पर पसंद आ सकता है जो गेमिंग, वीडियो और लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करते हैं.

    Neo 11S भी आएगा?
    इन नए फोन की चर्चा अचानक शुरू नहीं हुई है. पिछले कुछ महीनों से iQOO Neo 11S को लेकर कई लीक सामने आते रहे हैं. जून में सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि फोन में 2K रेजॉल्यूशन वाला 144Hz OLED डिस्प्ले दिया जा सकता है. साथ ही MediaTek Dimensity 9500 सीरीज की चिप मिलने की बात कही गई थी. गीकबेंच पर कथित लिस्टिंग में 16GB RAM और Android 16 का भी जिक्र था.

    इसके बाद जुलाई में आई रिपोर्ट्स में फोन की बैटरी को 8,000mAh से ज्यादा बताया गया था. एक रिपोर्ट में 8,000mAh बैटरी, 100W चार्जिंग और 2K 144Hz डिस्प्ले की जानकारी सामने आई थी. कुछ रिपोर्ट्स में IP68/IP69 रेटिंग और अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर जैसी चीजों का भी दावा किया गया था.

    यानी iQOO इस बार सिर्फ तेज प्रोसेसर देने पर फोकस नहीं कर रही है. कंपनी बड़ी बैटरी, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और तेज चार्जिंग जैसे फीचर्स के साथ फोन को पावर यूजर्स के लिए तैयार कर सकती है.

    Dimensity 9500 क्यों है खास?
    Neo 11 Ultra और Neo 11S में MediaTek का Dimensity 9500 चिपसेट दिया जाएगा. Neo 11S की गीकबेंच लिस्टिंग में इसी चिपसेट का नाम सामने आया था. उस लिस्टिंग में फोन के 16GB RAM वेरिएंट और Android 16 पर चलने की जानकारी भी मिली थी.

    iQOO की Neo सीरीज पहले से ही परफॉर्मेंस और गेमिंग पर फोकस करती रही है. इसलिए नई सीरीज में इस चिप का इस्तेमाल कंपनी को हाई-परफॉर्मेंस फोन की कैटेगरी में मजबूत कर सकता है. हालांकि असली परफॉर्मेंस का पता फोन के लॉन्च और इस्तेमाल के बाद ही चलेगा.

    क्या भारत में भी आएंगे ये फोन?
    फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि सामने आई लॉन्च जानकारी चीन के बाजार से जुड़ी है. भारत में Neo 11 Ultra या Z11s की लॉन्च डेट को लेकर अभी पक्की जानकारी नहीं है. इसलिए चीन की लॉन्च खबर को भारत की लॉन्च डेट मानना सही नहीं होगा.

    iQOO के भारत पोर्टफोलियो को लेकर भी तस्वीर थोड़ी अलग है. हाल की रिपोर्ट्स में भारत में Neo सीरीज की नई डिवाइस को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं. इसलिए भारतीय यूजर्स को कंपनी के आधिकारिक ऐलान का इंतजार करना होगा.

    iQOO का फोकस अब सिर्फ स्पीड पर नहीं
    पिछले कुछ सालों में स्मार्टफोन कंपनियों के बीच सिर्फ प्रोसेसर और कैमरा की लड़ाई नहीं रह गई है. अब बैटरी भी बड़ा हथियार बन रही है. 7,000mAh और 8,000mAh से आगे बढ़कर कंपनियां 9,000mAh और 10,000mAh तक की बैटरी वाले फोन पर काम कर रही हैं.

  • सावन शिवरात्रि पर बनाएं स्पेशल व्रत थाली, 6 स्वादिष्ट डिश से होगी दावत

    सावन शिवरात्रि पर बनाएं स्पेशल व्रत थाली, 6 स्वादिष्ट डिश से होगी दावत

    आज यानी 11 अगस्त 2026 को पूरे देश में सावन शिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है. सावन के इस खास दिन भगवान शिव के भक्त पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर महादेव का आशीर्वाद लेते हैं. इस दिन कई लोग पूरे दिन फलाहार करते हैं, जबकि कुछ लोग शाम या पूजा के बाद व्रत का खाना खाते हैं.

    ऐसे में व्रत रखने वालों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर आज खाने में क्या बनाया जाए. अगर व्रत का नाम सुनते ही अगर आपके दिमाग में भी साबूदाना खिचड़ी, उबले आलू और फल जैसी गिनी-चुनी चीजें घूमने लगती हैं, तो इस बार थोड़ा स्वाद बदलने का वक्त है. सावन शिवरात्रि के व्रत में ऐसा खाना बनाया जा सकता है, जो फलाहारी भी हो और स्वाद में किसी दावत से कम भी न लगे. खास बात ये है कि इसके लिए घंटों रसोई में खड़े रहने की भी जरूरत नहीं है. आज हम आपको शेफ रणवीर बरार की बताई स्पेशल व्रत थाली बताएंगे, जिसमें 6 ऐसी डिश शामिल हैं, जो कम इंग्रेडिएंट्स में जल्दी तैयार हो जाती हैं और स्वाद में भरपूर हैं. यानी व्रत में भी खाना होगा चटपटा, क्रिस्पी, क्रीमी और मीठा. चलिए जानते हैं कि आप व्रत में क्या-क्या बना सकते हैं.

    व्रत की थाली में होंगे 6 अलग-अलग स्वाद
    शेफ रणवीर बरार की इस थाली की खासियत यही है कि इसमें व्रत के नाम पर सिर्फ एक ही तरह का खाना नहीं है. इसमें समक के चावल का पुलाव, मूंगफली की कढ़ी, कुट्टू के पकौड़े, मखाना खीर, फ्रूट रायता और शकरकंद की झटपट बनने वाली सब्जी है.

    1. झटपट बनाएं समक के चावल की खिचड़ी: व्रत में नॉर्मल चावल नहीं खाए जाते हैं, ऐसे में समक के चावल यानी व्रत वाली खिचड़ी बनाई जा सकती है. शेफ रणवीर बरार के मुताबिक, चावलों को धोकर थोड़ी देर भिगोने के बाद घी में जीरा, हींग और हरी मिर्च के साथ भूनें और फिर पानी डालकर पकाएं. समक के चावल कम समय में तैयार हो जा सकते हैं.  

    2. मूंगफली की कढ़ी से बढ़ाएं स्वाद: व्रत में अगर कुछ ऐसा चाहिए जो नॉर्मल फलाहारी खाने से अलग हो, तो मूंगफली की कढ़ी ट्राई कर सकते हैं. भुनी हुई मूंगफली से बनने वाली ये कढ़ी गाढ़ी और बहुत ही ज्यादा टेस्टी होती है. इसे समक के चावल की खिचड़ी के साथ खाया जा सकता है.

    3. चटपटा खाने का मन हो तो कुट्टू के पकौड़े: व्रत में भी अगर आपका मन कुछ क्रिस्पी और चटपटा खाने का कर रहा है, तो कुट्टू के पकौड़े बना सकते हैं. शेफ रणवीर बरार इसमें आलू का इस्तेमाल करते हैं. बैटर को थोड़ी देर सेट होने देने से पकौड़े ज्यादा फूले और क्रिस्पी बन सकते हैं.

    4. मीठे में बनाएं मखाना खीर: व्रत की थाली में मीठा न हो तो मजा ही नहीं आता है. इसके लिए दूध, मखाने और ड्राई फ्रूट्स से मखाना खीर तैयार कर सकते हैं. खीर को धीमी आंच पर पकाने से इसका स्वाद और टेक्शचर बेहतर आता है.

    5. फ्रूट रायता से थाली को दें फ्रेश ट्विस्ट: अगर थाली में तला-भुना खाना ज्यादा हो रहा है तो उसके साथ फ्रूट रायता जरूर रखें. दही में पसंद के फल मिलाकर तैयार किया गया ये रायता थाली में फ्रेशनेस और हल्का स्वाद जोड़ता है.

    6. शकरकंद की झटपट सब्जी: आखिर में बनाएं शकरकंद की ऐसी सब्जी जो मिनटों में तैयार हो जाती है. घी में जीरा, हरी मिर्च और करी पत्ते का तड़का लगाकर शकरकंद डालें और मसालों के साथ भून लें. शकरकंद की हल्की मिठास और घी की खुशबू इस डिश को खास बना देती है.

    व्रत में भी लगेगा दावत वाला खाना
    अगर आप भी सावन शिवरात्रि पर हर साल एक जैसा खाना खाकर बोर हो चुके हैं, तो शेफ रणवीर बरार की इस थाली से आइडिया ले सकते हैं. समक के चावल की खिचड़ी, मूंगफली की कढ़ी, क्रिस्पी कुट्टू पकौड़े, शकरकंद की सब्जी, फ्रूट रायता और मखाना खीर से सजी ये थाली व्रत के खाने को बोरिंग होने से बचा सकती है.