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  • रांची विश्वविद्यालय की शोध में बड़ी उपलब्धि, चार परियोजनाओं को 25.45 लाख की मंजूरी

    रांची विश्वविद्यालय की शोध में बड़ी उपलब्धि, चार परियोजनाओं को 25.45 लाख की मंजूरी

     रांची
     झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद (जेसीएसटीआई) व उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग झारखंड सरकार की ओर से 19 अगस्त को जारी स्वीकृति आदेश के अंतर्गत राज्य के विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों को कुल 45 शोध परियोजनाओं के लिए स्वीकृति दी गयी है।

    इसमें रांची विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय स्थान हासिल किया है। विवि से संबद्ध शोधकर्ताओं की चार शोध परियोजनाओं को कुल 25 लाख 45 हजार रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। तकनीकी एवं इंजीनियरिंग संस्थानों को छोड़कर राज्य के सामान्य विश्वविद्यालयों में स्वीकृत परियोजनाओं की तुलना में यह सर्वाधिक स्वीकृत राशि है।

    यह उपलब्धि रांची विश्वविद्यालय में शोध, नवाचार और अंतर्विषयी अनुसंधान की बढ़ती संस्कृति का प्रमाण है। रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने सभी परियोजना-अन्वेषकों एवं शोध टीमों को बधाई दी।

    उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा प्रतिस्पर्धी शोध परियोजनाओं के लिए सफलतापूर्वक प्रस्ताव प्रस्तुत करना विश्वविद्यालय में विकसित हो रही शोध एवं नवाचार की सशक्त संस्कृति का परिचायक है।

    इनकी शोध परियोजनाओं को मिली है स्वीकृति
    -डॉ. स्मृति सिंह- रांची विश्वविद्यालय रसायन शास्त्र विभाग सह अन्वेषक
    मुख्य अन्वेषक- शिवनंदन राम, रसायन शास्त्र, मारवाड़ी कालेज, रांची
    विषय- झारखंड में खनन प्रभावित जल से भारी धातु निष्कासन हेतु इंजीनियर्ड

    नैनोकंपोजिट/सामग्री का विकास
    -डॉ. नीरज, रांची विश्वविद्यालय रसायन शास्त्र विभाग सह अन्वेषक
    मुख्य अन्वेषक- डॉ. तितास कुमार मुखोपाध्याय, रसायन शास्त्र, एनआईटी जमशेदपुर
    विषय- मुख कैंसर के प्रोटीन लक्ष्यों का इन-सिलिको अध्ययन एवं झारखंड में सुरक्षित लक्षित कीमोथेरेपी हेतु न्यून-आयामी नैनोकैरियर की डिजाइन रणनीति

    -डॉ. आनंद कुमार ठाकुर, जंतु विज्ञान विभाग, रांची विश्वविद्यालय- मुख्य अन्वेषक
    विषय: झारखंड के रांची पठार के कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र में मकरंद-भक्षी निशाचर परागणकर्ता कीटों की विविधता, पारिस्थितिक नेटवर्क, कार्यात्मक भूमिका एवं आंत्र

    माइक्रोबायोटा पर अध्ययन
    डॉ. रोहित श्रीवास्तव, जंतु विज्ञान विभाग रांची विश्वविद्यालय- सह-अन्वेषक
    मुख्य अन्वेषक- डॉ. रविंदर पाल सिंह, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग, एनआइएएमटी, रांची
    विषय: ऑर्थोपेडिक अनुप्रयोगों हेतु एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग द्वारा ग्राफीन आधारित बायोरिसॉर्बेबल कंपोजिट स्कैफोल्ड का निर्माण एवं प्रायोगिक अध्ययन

     

  • पंजाब कांग्रेस का 2027 मिशन, विधानसभा चुनाव में Gen-Z वोटर्स पर रहेगा खास फोकस

    पंजाब कांग्रेस का 2027 मिशन, विधानसभा चुनाव में Gen-Z वोटर्स पर रहेगा खास फोकस

    चंडीगढ़.

    पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी इस बार चुनावी घोषणापत्र को केवल वादों का दस्तावेज बनाने के बजाय जनता की राय और विभिन्न वर्गों की जरूरतों के आधार पर तैयार करने की योजना बना रही है। इसके लिए पार्टी की घोषणापत्र समिति पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों से सुझाव लेगी।

    खास तौर पर नई पीढ़ी और पहली बार मतदान करने वाले Gen-Z की चिंताओं को घोषणापत्र में प्रमुख स्थान देने की तैयारी है। घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष एवं सांसद अमर सिंह ने बताया कि शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और रोजगार आज के समय में युवाओं के सबसे बड़े मुद्दों में शामिल हैं। पार्टी विश्वविद्यालयों और स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों और युवाओं से बातचीत करेगी। उनका कहना है कि आज के विद्यार्थी अपनी शिक्षा और भविष्य को लेकर काफी महत्वाकांक्षी हैं। इसलिए उनके विचारों को समझना और उन्हें घोषणापत्र में शामिल करना जरूरी है।

    Gen-Z की मांगों पर रहेगा विशेष जोर
    कांग्रेस के अनुसार पंजाब के शिक्षित युवाओं के सामने रोजगार की समस्या बड़ी चुनौती बनी हुई है। बेहतर अवसरों की तलाश में बड़ी संख्या में युवा दूसरे राज्यों या विदेशों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी यह समझने का प्रयास करेगी कि युवाओं को पंजाब में ही बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए किस तरह की नीतियों की जरूरत है। समिति केवल बड़े संगठनों और प्रभावशाली लोगों तक सीमित नहीं रहेगी। इसके सदस्य किसानों, उद्योग प्रतिनिधियों, व्यापारियों, कर्मचारी संगठनों, शिक्षकों, प्रोफेसरों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और अन्य वर्गों से भी बातचीत करेंगे।

    किसानों से भी मांगे जाएंगे सुझाव
    अमर सिंह ने कहा कि समिति जिला स्तर पर सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। पंजाब की खेती और उद्योग से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को भी घोषणापत्र में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा। इसके अलावा रिक्शा चलाने वालों और रेहड़ी-पटरी पर काम वाले लोगों जैसे छोटे कामगारों की समस्याओं को भी सुना जाएगा। पार्टी का उद्देश्य ऐसा घोषणा पत्र तैयार करना है, जिस पर लोग भरोसा कर सकें और जिसे जमीन पर लागू किया जा सके। कांग्रेस का कहना है कि घोषणापत्र केवल चुनाव के दौरान किए जाने वाले वादों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों से मिले सुझावों के आधार पर व्यावहारिक नीतियों का दस्तावेज होना चाहिए।

    गुटबाजी के बीच घोषणापत्र समिति की चुनौती
    पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच घोषणापत्र समिति की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो गई है। पार्टी ने चुनाव से जुड़े अलग-अलग दायित्वों के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसके बावजूद समिति का काम राजनीतिक मतभेदों से अलग रखते हुए आगे बढ़ाने की बात कही गई है। अमर सिंह ने कहा कि पार्टी के भीतर चाहे जो राजनीतिक समीकरण हों, घोषणापत्र जरूरी दस्तावेज है और इसे तैयार करने का काम जारी रहेगा। उनका कहना है कि जनता से मिलने वाले सुझावों के आधार पर सकारात्मक और व्यावहारिक दस्तावेज तैयार किया जाएगा। कांग्रेस की योजना है कि व्यापक जनसंपर्क के जरिए अलग-अलग वर्गों की प्राथमिकताओं को समझा जाए। इससे पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपने मुद्दे तय करने में मदद मिलेगी। खासकर युवाओं, रोजगार, शिक्षा, किसानों और उद्योग से जुड़े विषयों को घोषणापत्र में किस तरह शामिल किया जाता है, इस पर अब राजनीतिक नजरें रहेंगी।

  • नर्सिंग कॉलेज के 90% छात्र फेल, 12 हजार रुपये लेकर रिजल्ट ‘मैनेज’ करने का आरोप

    नर्सिंग कॉलेज के 90% छात्र फेल, 12 हजार रुपये लेकर रिजल्ट ‘मैनेज’ करने का आरोप

     दुल्हिन बाजार (पटना)
     दुल्हिन बाजार के रकसिया स्थित चाणक्या नर्सिंग कॉलेज में बीएससी नर्सिंग के हालिया परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है।

    जारी परिणाम में करीब 90 प्रतिशत छात्रों के फेल होने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर के साथ सड़क पर भी विरोध प्रदर्शन किया।

    दर्जनों छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा फार्म भरने के दौरान प्रत्येक छात्र से परीक्षा परिणाम 'मैनेज' करने के नाम पर 12 हजार रुपये लिए गए थे।

    सबकुछ मैनेज करने का म‍िला था आश्‍वासन
    छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ने दाखिले के समय कथित तौर पर भरोसा दिलाया था कि परीक्षा और परीक्षा केंद्र को लेकर सब कुछ 'मैनेज' रहेगा। लेकिन परीक्षा केंद्र पर सख्ती के कारण बड़ी संख्या में छात्र फेल हो गए।

    छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा पास कराने की गारंटी के नाम पर उनसे पहले ही राशि ली गई थी। उनका कहना है कि कुछ ऐसे विद्यार्थी भी पास हो गए, जो नियमित रूप से कॉलेज नहीं आते थे, जबकि नियमित कक्षा करने वाले कई छात्रों के बेहद कम अंक आए हैं। छात्रों ने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है

    कॉलेज की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
    प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज की आधारभूत और शैक्षणिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि एक ही भवन में छात्र और छात्राओं के हॉस्टल संचालित किए जा रहे हैं।

    इसी भवन में प्राचार्य और निदेशक के कार्यालय के साथ-साथ पठन-पाठन की व्यवस्था भी संचालित होती है। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर अधिक राशि लेने, रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं होने और पढ़ाई के नाम पर छात्रों को कथित रूप से गुमराह करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए।

    तीन घंटे तक बिहटा-पालीगंज मुख्य मार्ग जाम
    आक्रोशित नर्सिंग छात्रों ने बिहटा-पालीगंज एसएच-2 मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक सड़क पर आवागमन बाधित रहा। इस दौरान कुछ वाहन चालकों के साथ मारपीट किए जाने की भी बात सामने आई है।

    हंगामे की सूचना मिलने पर अपर थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार और बीडीओ श्रीनिवास पांडेय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के सामने छात्रों ने अपनी शिकायतें रखीं और कॉलेज प्रबंधन पर कई आरोप लगाए।

    अधिकारियों ने छात्रों की शिकायतों को सुना और मामले की जानकारी ली। छात्रों ने परीक्षा परिणाम, कथित रूप से लिए गए 12 हजार रुपये और कॉलेज की व्यवस्थाओं की जांच कराने की मांग की है।

     

  • Chandigarh में बदला मौसम का मिजाज, बारिश ने उमस से दिलाई राहत

    Chandigarh में बदला मौसम का मिजाज, बारिश ने उमस से दिलाई राहत

    चंडीगढ़.

    सिटी ब्यूटीफुल में पिछले एक हफ्ते से रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार रात से बादलों की आवाजाही रही। इसके बाद शनिवार सुबह उमस का अहसास हुआ।

    साढ़े 10 बजे मौसम ने करवट ली और वर्षा ने उमस से राहत दिलाई। इस दौरान दफ्तरों और दुकानों पर जाने वाले लोगों को कुछ देर के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। करीब आधे घंटे की बारिश से सड़कों पर पानी जमा हो गया। ट्रैफिक लाइट्स पर जाम की स्थिति रही। बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने शाम के समय भी बारिश की संभावना जताई है।

    इससे पहले 18 अगस्त को शहर में मूसलाधार वर्षा हुई थी, जोकि इस मानसून सीजन की सर्वाधिक थी। एक दिन में 72 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी। इस दौरान सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया था। जलभराव के कारण दो पहिया और गाड़ियां खराब हो गई थी। 

  • पटना में गंगा उफान पर, गांधी घाट पर खतरे के निशान से 57 सेमी ऊपर पहुंचा जलस्तर

    पटना में गंगा उफान पर, गांधी घाट पर खतरे के निशान से 57 सेमी ऊपर पहुंचा जलस्तर

     पटना
    गंगा का जलस्तर पिछले सात दिनों से लगातार बढ़ रहा है। इसका असर अब घाटों से आगे बस्तियों और सड़कों के किनारे तक दिखाई देने लगा है।

    कुर्जी के पीछे स्थित बिंद टोली में पानी प्रवेश कर गया है, जबकि एलसीटी घाट के पास पानी सड़क के किनारे तक पहुंच गया है।

    पर्यटन घाट समेत लगभग सभी प्रमुख घाटों पर गंगा का पानी चढ़ गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।

    शुक्रवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार, गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। यहां जलस्तर 49.17 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 48.60 मीटर है।

    एक दिन पहले, 20 अगस्त को जलस्तर 48.67 मीटर था। यानी 24 घंटे में जलस्तर 50 सेंटीमीटर बढ़ा है। 15 अगस्त को गांधी घाट पर जलस्तर 47.17 मीटर था। इस तरह छह दिनों में यहां करीब दो मीटर पानी बढ़ चुका है।

    दीघा घाट पर खतरे के निशान से महज 25 सेंटीमीटर दूर
    दीघा घाट पर भी स्थिति तेजी से गंभीर होती जा रही है। शुक्रवार सुबह यहां जलस्तर 50.20 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 50.45 मीटर है। यानी गंगा का पानी लाल निशान से महज 25 सेंटीमीटर नीचे है।

    20 अगस्त को यहां जलस्तर 49.56 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में 64 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। 15 अगस्त को जलस्तर 47.86 मीटर था। इसकी तुलना में छह दिनों में यहां 2.34 मीटर पानी बढ़ चुका है।

    मनेर में गंगा का जलस्तर 51.65 मीटर पहुंच गया है। यहां खतरे का निशान 52 मीटर है। यानी पानी लाल निशान से सिर्फ 35 सेंटीमीटर नीचे है।

    वहीं, हाथीदह में जलस्तर 41.88 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 41.76 मीटर है। यहां गंगा खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

    जलस्तर बढ़ा तो निचले शहरी इलाकों पर बढ़ेगा दबाव
    गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुकी है। यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो निचले शहरी इलाकों पर दबाव बढ़ सकता है

    जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंचने पर शहरी क्षेत्र में भी खतरा बढ़ने की आशंका है। प्रशासन की ओर से शहरी सुरक्षा दीवार, निरीक्षित तटबंधों और अन्य सुरक्षा संरचनाओं को फिलहाल सुरक्षित बताया गया है।

    बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। हालांकि, नदी का बढ़ता दबाव निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।

    छह दिन में गांधी घाट पर दो मीटर बढ़ा जलस्तर
           स्थान-15 अगस्त -20 अगस्त -21 अगस्त-खतरे का निशान
        गांधी घाट 47.17 मीटर- 48.67 मीटर- 49.17 मीटर- 48.60 मीटर
        दीघा घाट- 47.86 मीटर- 49.56 मीटर- 50.20 मीटर- 50.45 मीटर
        हाथीदह-40.44 मीटर- 41.51 मीटर- 41.88 मीटर- 41.76 मीटर
        मनेर- 49.06 मीटर- 50.81 मीटर- 51.65 मीटर- 52.00 मीटर

    उफनाई गंगा देखने घाटों पर उमड़ रही भीड़
    जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज से मुंगेर तक गंगा के अधिकांश प्रमुख गेज स्थलों पर जलस्तर बढ़ रहा है।

    प्रयागराज में 79.91 मीटर, वाराणसी में 68.70 मीटर और बक्सर में 58.88 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है। ऊपरी क्षेत्रों में बढ़ते पानी का दबाव पटना में भी गंगा के जलस्तर पर पड़ रहा है।

    उफनाई गंगा का चौड़ा पाट देखने के लिए जेपी गंगा पथ के दीघा घाट पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। शाम के समय अन्य घाटों पर भी लोगों की भीड़ जुट रही है।

    वहीं, बढ़ते जलस्तर के कारण जेपी गंगा पथ के नदी किनारे वाले हिस्से में विकास और सुंदरीकरण कार्य प्रभावित हुए हैं। बांसघाट के आसपास वेस्ट टू वंडर पार्क समेत अन्य परियोजनाओं के काम भी रोकने पड़े हैं।

    नाव से गंगा पार करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह
    एडीएम आपदा डीपी शाही ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए 219 नाव और नाविक तैयार हैं। गायघाट और बाढ़ के उमानाथ घाट पर एसडीआरएफ की टीमें मुस्तैद हैं। किसी दुर्घटना की सूचना मिलने पर टीमें तत्काल मौके पर पहुंचेंगी।

    उन्होंने नाव से गंगा पार करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजीकृत नावों पर लाइफ जैकेट पहनकर ही यात्रा करें और ओवरलोड नावों पर कतई सवार न हों।

    यथासंभव गंगा स्नान से बचें। यदि स्नान करना जरूरी हो तो चिह्नित घाटों पर सुरक्षित स्थल तक ही जाएं। तेज बहाव में तैरना भी सुरक्षित नहीं है।

    उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के डूबने की स्थिति में उसे बचाने के लिए खुद पानी में कूदने के बजाय तत्काल बचाव दल या आपात सेवा 112 को सूचना दें।

  • बिहार STF की बड़ी कार्रवाई, 350 से ज्यादा सुपारी किलरों की सूची तैयार

    बिहार STF की बड़ी कार्रवाई, 350 से ज्यादा सुपारी किलरों की सूची तैयार

    पटना
    बिहार एसटीएफ (विशेष कार्य बल) ने रुपये लेकर हत्याएं करने वाले 350 से अधिक सुपारी किलरों की सूची तैयार की है। इस साल जुलाई तक 30 से अधिक सुपारी किलर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य बदमाशों को दबोचने के लिए उनकी गतिविधियों पर भी इकाई की कड़ी नजर है। एसटीएफ के डीआईजी संजय कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।

    सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय सभागार में पत्रकारों से एसटीएफ डीआईजी ने बताया कि इस साल जनवरी से अब तक 1716 वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। यह सभी राज्य, क्षेत्र या जिला स्तर पर टॉप-10 या हार्डकोर अपराधियों की श्रेणी में शामिल थे। इनमें 63 पर 25 हजार से लेकर तीन लाख रुपये तक का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि एसटीएफ ने क्राइम कंट्रोल की दिशा में अच्छा काम किया।

    डीआईजी ने बताया कि मुठभेड़ों के माध्यम से कुख्यात अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करते हुए क्षेत्र में विधि-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत की गई है। संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाकर गिरफ्तारी की जा रही है। जिलावार एसटीएफ के तैनात पदाधिकारी डाटाबेस तैयार कर रहे हैं। अब तक भू-माफिया सहित कई संगठित अपराधियों की अपराध से अर्जित संपत्ति की पीएमएलए के तहत जब्ती को लेकर ईडी को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

    एनआईए स्तर से भी जांच
    अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एनआईए स्तर से भी जांच की जा रही है। इस साल करीब 10 किलो लूटे गए सोना, 50 किलो चांदी और 11.97 लाख कैश बरामद किए गए। इन मामलों में शामिल 113 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    साइबर अपराध पर चोट
    साइबर अपराध से जुड़े 19 मामलों का हल किया गया। पटना, नालंदा, जमुई, मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय, समस्तीपुर और किशनगंज से 10 अपहृत व्यक्तियों को बरामद किया गया है। प्रेस वार्ता में एसटीएफ एसपी अंजनी कुमार भी उपस्थित रहे।
    राज्य से बाहर भी गिरफ्तारी

    ● आपराधिक वारदातों में शामिल 27 को राज्य के बाहर से गिरफ्तार कर लाया गया

    ● आपराधिक वारदात के 94 मामलों को घटना से पहले ही रोक लिया गया।

    ● इसमें हत्या के 40, डकैती-छिनैती के 48 और अन्य अपराध से जुड़े छह मामले।

    19 मुठभेड़ में तीन की मौत
    ● आठ माह में अपराधियों के साथ 19 मुठभेड़ हुई।

    ● इसमें तीन मारे गए, 18 घायल हुए।

    ● इस वर्ष 33 मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया गया।

    ● एके-47 रायफल, दो इंसास, 398 देशी हथियार जब्त।

  • पंजाब के नाबालिगों को आतंक की राह पर धकेल रही ISI? 3 साल में 149 गिरफ्तार, गुरुद्वारों से अलर्ट

    पंजाब के नाबालिगों को आतंक की राह पर धकेल रही ISI? 3 साल में 149 गिरफ्तार, गुरुद्वारों से अलर्ट

    अमृतसर.

    भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे गांवों के युवाओं को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के षड्यंत्र से बचाने के लिए अब पुलिस ने धार्मिक मंच का सहारा लिया है।

    गांवों के गुरुद्वारों से शाम को रहिरास साहिब के पाठ के पश्चात युवाओं को आइएसआइ के षड्यंत्रों के साथ-साथ नशे, अपराध और गैंगस्टरों से दूर रहने की अपील की जा रही है। गुरुद्वारों पर लगे लाउडस्पीकर से रोजाना शाम को ग्रंथी के साथ पुलिस कर्मी अपील कर रहे हैं कि युवा पड़ोसी देश के षड्यंत्रों से बचकर रहें। इस अपील का उद्देश्य युवाओं को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के षड्यंत्र से बचाना है।

    149 नाबालिगों को किया गया गिरफ्तार
    इसका कारण यह भी है कि पिछले तीन वर्ष में हथियार व नशा तस्करी के साथ ही ग्रेनेड हमलों व गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल होने पर प्रदेश में 149 नाबालिगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई नाबालिगों ने पूछताछ में बताया था कि वह आइएसआइ की ओर से दिए गए चंद पैसों के लालच में फंस गए थे। डीआइजी बार्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि अमृतसर के अलावा पठानकोट, गुरदासपुर और बटाला के सीमांत क्षेत्रों के गांवों में गुरुद्वारों से शाम के समय ये घोषणाएं करवाई जा रही हैं। युवाओं को बचाने के लिए पंचायतों से भी तालमेल किया जा रहा है और इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे।

    गुरुद्वारों से की गई यह अपील
    गुरुद्वारों से यह अपील की जाती है कि माता-पिता अपने बच्चों पर नजर रखें। यह भी देखें कि बच्चे कहां जाते हैं और किससे मिलते हैं। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर क्या गतिविधियां हैं। बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, संदिग्ध ऑनलाइन बातचीत या गैंगस्टर कल्चर के प्रति बढ़ते आकर्षण पर भी ध्यान दें। युवाओं को भी संदेश दिया जाता है कि ऐसी गतिविधियों से दूर रहें। आने वाले दिनों में मंदिर व चर्च से भी ऐसी अपील करवाई जाएंगी। रमदास ब्लाक समिति के चेयरमैन पृथ्वीपाल सिंह ने कहा कि युवाओं को बचाने के लिए सरकार व पुलिस की यह अच्छी पहल है।

  • दिल्ली में स्वाइन फ्लू का कहर, 24 घंटे में 114 नए मामले; संक्रमितों का आंकड़ा 1777 पहुंचा

    दिल्ली में स्वाइन फ्लू का कहर, 24 घंटे में 114 नए मामले; संक्रमितों का आंकड़ा 1777 पहुंचा

    नई दिल्ली
    राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 114 नए मामले की पुष्टि हुई है। अब तक कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1777 तक पहुंच चुकी है, जो पिछले साल आए 229 मामलों की तुलना में सात से आठ गुना ज्यादा है। डॉक्टरों का कहना है कि स्वाइन फ्लू का स्ट्रेन हर कुछ सालों में बदलता रहता है, जिससे इम्यूनिटी कम हो जाती है। जिस तेजी से एसी का इस्तेमाल बढ़ा है, उससे संक्रमण को फैलने में भी मदद मिल रही है। पहले यह संक्रमण सर्दी में ज्यादा फैलता था।

    अब इसलिए, कोविड की तरह यह भी वायरल इन्फेक्शन है और इसमें भी हैंड हाइजीन और मास्क बचाव के बेहतर उपाय हैं। एम्स के इंटरनल मेडिसिन विभाग के डॉ. नीरज निश्चल ने बताया कि मॉनसून के दौरान मौसम में लगातार बदलाव, घरों और बंद जगहों पर लोगों की अधिक भीड़, एसी का ज्यादा इस्तेमाल और हवा का ठीक से बाहर न निकलना इन्फ्लुएन्जा के संक्रमण को बढ़ावा दे सकता है।

    हर उम्र के लोग हो रहे संक्रमित
    इस साल स्वाइन फ्लू का संक्रमण छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी को संक्रमित कर रहा है। आम लोगों के साथ सफदरजंग और एम्स के अलावा दूसरे हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ भी संक्रमित हो रहे हैं।

    ज्यादातर मामले स्वाइन फ्लू के
    मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. रोमेल टिक्कू ने ने कहा कि अभी फीवर के ज्यादा मरीजों में स्वाइन फ्लू ही मिल रहा है। जिन लोगों में तीन से चार दिनों तक फीवर रह जाता है, उन्हें जांच करानी चाहिए। अभी मामले में तेजी तो बहुत है, लेकिन रिकवरी बेहतर हो रही है।

    पहले से बीमार लोगों में ऑक्सिजन की कमीः बीएलके सुपर
    स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी विभाग के एक्सपर्ट डॉक्टर संदीप नय्यर ने कहा कि लगातार ओपीडी में मरीज आ रहे हैं, वॉर्ड में हैं, आईसीयू में हैं, वेंटिलेटर पर कुछ मरीज है। जिनकी इम्यूनिटी कम है, उनमें बीमारी सीवियर हो रही है।

    किनके लिए खतरनाकः आरएमएल के सीनियर एक्सपर्ट डॉ.
    सुभाष गिरी ने बताया कि यह वायरस कई बार निमोनिया कर देता है। जो लंग्स के मरीज हैं, हार्ट की बीमारी है, लिवर खराब है, किडनी या अन्य अंग का ट्रांसप्लांट हुआ है, इम्यूनिटी कमजोर है, स्टेरॉयड पर है, डायबिटीज, कैंसर है, उनमें संक्रमण खतरनाक हो जाता है।

  • हरियाणा में सड़क हादसों पर बड़ा डिजिटल कदम, ई-डीएआर पोर्टल से जांच और मुआवजा होगा आसान

    हरियाणा में सड़क हादसों पर बड़ा डिजिटल कदम, ई-डीएआर पोर्टल से जांच और मुआवजा होगा आसान

     फतेहाबाद
    सड़क हादसों में हर दिन औसतन 13 से 14 लोगों की जान जा रही है। हादसे के बाद पीड़ित परिवार के सामने जांच, मेडिकल रिपोर्ट, बीमा और मुआवजे की प्रक्रिया की अलग-अलग औपचारिकताएं चुनौती बनती हैं। अब इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल मंच पर लाने की तैयारी है। ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (ई-डीएआर) पोर्टल के माध्यम से हादसे की सूचना से लेकर जांच और मुआवजे तक की प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

    फतेहाबाद में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) की ओर से पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। व्यवस्था लागू होते ही हादसे का रिकार्ड एक जगह उपलब्ध होगा और हादसे रोकने के लिए भी इसी आंकड़े का उपयोग हो सकेगा। पुलिस हादसे के स्थान से ही दुर्घटना की जानकारी, फोटो व वीडियो ई-डीएआर पर दर्ज करेगी।

    पोर्टल के वाहन और आइ-रैड डेटाबेस से जुड़े होने से वाहन नंबर दर्ज करते ही पंजीकरण, बीमा, चालक के लाइसेंस की जानकारी सामने आ जाएगी। सड़क परिवहन मंत्रालय की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार सड़क हादसों में हरियाणा देश में 14वें स्थान पर है। प्रदेश में रोज औसतन 13 से 14 लोगों की मौत होती है। इनमें करीब 66 प्रतिशत 18 से 34 वर्ष के युवा हैं।

    ई-डीएआर पोर्टल पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में गेम-चेंजर साबित होगा। पहले अलग-अलग विभागों से कागजी रिकार्ड जुटाने में समय लगता था, लेकिन वाहन और आइ-रैड डेटाबेस के एकीकरण से पूरी जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी। इससे फर्जी बीमा दावों पर अंकुश लगेगा और ई-फाइलिंग से मुआवजे की राह आसान होगी। – डॉ. सिकंदर, जिला सूचना अधिकारी, एनआइसी, फतेहाबाद

     

  • FBI की मोस्ट वांटेड लिस्ट में बिश्नोई गैंग का कमल, अमेरिका में चला रहा था रंगदारी नेटवर्क

    FBI की मोस्ट वांटेड लिस्ट में बिश्नोई गैंग का कमल, अमेरिका में चला रहा था रंगदारी नेटवर्क

    चंडीगढ़.

    अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआइ ने पंजाब से जुड़े बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य कमल को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया है। एजेंसी के अनुसार कमल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा होने और रंगदारी व मादक पदार्थों की तस्करी समेत कई गंभीर अपराधों में संलिप्त होने के आरोप हैं।

    एफबीआइ ने उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है। एफबीआइ की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक कमल को जुलाई में अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया था। उस पर कानस्पिरेसी टू इंटरफेयर विद कामर्स बाय एक्सटॉर्शन यानी रंगदारी के जरिये कमर्शियल गतिविधियों में हस्तक्षेप की साजिश का आरोप लगाया गया है। एजेंसी के अनुसार मामले की जांच संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।

    पंजाब से शुरू हुआ नेटवर्क, अमेरिका तक फैला
    एफबीआइ के अनुसार बिश्नोई आपराधिक संगठन की शुरुआत पंजाब में हुई और बाद में इसके कथित नेटवर्क का विस्तार दक्षिणी कैलिफोर्निया समेत अमेरिका के अन्य हिस्सों तक हुआ। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोगों ने भारत में रंगदारी से जुटाई गई रकम को अमेरिका तक पहुंचाने और अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल करने की कोशिश की। अमेरिकी एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कमल और उसके सहयोगियों ने रंगदारी वसूली तथा मादक पदार्थों की तस्करी से जुटाई गई रकम को एकत्र किया। एफबीआइ के दस्तावेजों में एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कमल ने कथित तौर पर नेटवर्क की ओर से 15 हजार डालर की रंगदारी वसूली थी।

    आपरेशन हार्ड बाल’ के तहत कार्रवाई
    एफबीआइ ने बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ आपरेशन हार्ड बाल शुरू किया है। एजेंसी के मुताबिक इस अभियान के तहत अब तक बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढिल्लों से जुड़े सात लोगों को मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया है। इन आरोपितों पर हत्या, रंगदारी और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के आरोप हैं। एफबीआइ ने लोगों से कमल या मामले से संबंधित कोई जानकारी मिलने पर स्थानीय एफबीआइ कार्यालय, निकटतम अमेरिकी दूतावास अथवा वाणिज्य दूतावास को सूचना देने की अपील की है।

    पंजाब कनेक्शन पर भी नजर
    बिश्नोई गैंग के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का असर पंजाब से जुड़े आपराधिक नेटवर्क पर भी पड़ रहा है। पिछले कुछ समय में इस गैंग से जुड़े कई संदिग्धों के खिलाफ भारत और विदेशों में कार्रवाई हुई है। अमेरिकी एजेंसियां गैंग के कथित आर्थिक नेटवर्क, रंगदारी वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े संपर्कों की जांच कर रही हैं। एफबीआइ ने इस मामले में अब तक 37 आरोपितों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में अभियोग दर्ज किए जाने की जानकारी दी है।