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  • बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर सरकार सख्त, निजी संस्थानों की होगी भौतिक जांच

    बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर सरकार सख्त, निजी संस्थानों की होगी भौतिक जांच

    पटना
    बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से जुड़ी संस्थाओं को लेकर राज्य सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने सभी संबंधित शैक्षणिक संस्थानों की जांच का फैसला किया है। योजना के तहत सूचीबद्ध निजी शिक्षण संस्थानों की भौतिक जांच करायी जायेगी। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की जांच के लिए जिला स्तर पर समिति गठित करने को कहा है। यह प्रक्रिया शैक्षणिक सत्र 2026-27 के मद्देनजर की जा रही है। निजी संस्थानों में आधारभूत संरचना और शैक्षणिक वातावरण की स्थिति का सत्यापन होगा। संस्थानों को नैक से न्यूनतम ग्रेड सी, राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क-एनआईआरएफ की वार्षिक रैंकिंग में स्थान अथवा राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड से मान्य पाठ्यक्रम संचालित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने को भी कहा गया है।

    विभाग ने संबंधित संस्थानों को निर्धारित पोर्टल पर अपनी आवश्यक जानकारी और अभिलेख 1 सितंबर 2026 से 30 नवंबर तक उपलब्ध कराने को कहा है। संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराये गये दस्तावेजों के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति जांच करेगी। समिति में भूमि-भवन से संबंधित जानकारी रखने वाले पदाधिकारियों को भी शामिल किया जा सकेगा। विभाग ने सभी जिलों में स्थित संबंधित संस्थानों की स्थलीय जांच की प्रक्रिया 30 दिसंबर तक पूरी करने का निर्देश दिया है।

    पंचायती राज विभाग की अंकेक्षक परीक्षा में 1248 सफल
    बिहार लोक सेवा आयोग ने शनिवार को पंचायती राज विभाग अंतर्गत अंकेक्षक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। रिजल्ट आयोग के वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। परीक्षा में कुल 1248 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किया गया है। परीक्षा में सामान्य वर्ग का कटऑफ सबसे अधिक 92 अंक गया है।

    श्रेणीवार सफल अभ्यर्थियों में अनारक्षित कोटि में 702, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में 138, अनुसूचित जाति में 148, अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 105, पिछड़ा वर्ग में 105 और पिछड़े वर्ग की महिला कोटि में 39 अभ्यर्थी शामिल हैं। दिव्यांगता के आधार पर देय क्षैतिज आरक्षण के तहत कुल 35 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। भूतपूर्व स्वतंत्रता सेनानियों के नाती/नतिनी/पोता/पोती कोटि में 20 अभ्यर्थी सफल हुए गए हैं।

  • हरियाणा रोडवेज यूनियनों का बड़ा ऐलान, 5-6 सितंबर को रहेगा दो दिवसीय चक्का जाम

    हरियाणा रोडवेज यूनियनों का बड़ा ऐलान, 5-6 सितंबर को रहेगा दो दिवसीय चक्का जाम

     नाथसूरी चोपटा
     हरियाणा रोडवेज यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सिरसा डिपो के नाथूसरी चौपटा बस स्टैंड पर हरियाणा की समस्त रोडवेज यूनियनों के साझा मोर्चा की बैठक हुई जिसमें दो अहम फैसलों पर मुहर लगी है।

    जिसमें मुख्य रूप से 5 और 6 सितंबर को रोजवेज बसों का दो दिवसीय चक्का जाम का करने का फैसला है। इसमें 13 यूनियन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा रोडवेज यूनियनों की तरफ से नाथूसरी चौपटा में सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि आगामी 26 अगस्त को सभी रोडवेज डिपो पर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा और रोडवेज महाप्रबंधकों को मांग पत्र सौंपा जाएगा।

    उन्होंने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों की मांगे लंबे समय से हैं, जिनको सरकार और परिवहन विभाग बार बार टाल रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी परिचालक के पद का पे ग्रेड बढ़ाया जाए एवं लिपिकों की तरह तीन वेतन वृद्धि प्रदान की जाए।

    चालक व परिचालकों के खाली पड़े पदों पर नई भर्ती की जाए। तय सीमा में प्रमोशन देने की पालिसी बनाई जाए। चालकों को हैवी पे ग्रेड दिया जाए, स्टैंड इंचार्ज का अलग से पद सृजित करके चालकों की प्रमोशन की जाए।

    सभी प्रकार की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने वाले 2016 के भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए। चालक, परिचालक, उप निरीक्षक, निरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों को पूर्व की भांति दो अर्जित अवकाश दिए जाएं।

    कर्मशाला में 2018 में भर्ती हुए कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर प्रमोशन दी जाए, सभी कर्मचारियों को पूर्व की भांति कैडर होल्ड दिए जाएं। एचआरकेएन के तहत लगे परिचालक व हेल्पर एवं पार्ट-2 के तहत लगे दादरी डिपो के 52 हेल्परों को पक्का किया जाए।

     

  • हरियाणा को मिला नया एडवोकेट जनरल, पवन कुमार मुटनेजा ने प्रविंद्र सिंह चौहान की जगह संभाली

    हरियाणा को मिला नया एडवोकेट जनरल, पवन कुमार मुटनेजा ने प्रविंद्र सिंह चौहान की जगह संभाली

    चंडीगढ़ 
    हरियाणा सरकार की ओर से पवन कुमार मुटनेजा को नया एडवोकेट जनरल (एजी) बनाया गया है। वे पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं। उन्होंने प्रविंद्र सिंह चौहान की जगह ली है। प्रविंद्र सिंह चौहान को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में एडिशनल जज नियुक्त किया गया है। उनके जज बनने से यह कुर्सी रिक्त हुई थी। पवन कुमार मुटनेजा की एडवोकेट जनरल के तौर पर नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत राज्यपाल की ओर से तत्काल प्रभाव से की गई है। 

    अधिसूचना के अनुसार मुटनेजा की नियुक्ति की शर्तें बाद में जारी की जाएंगी। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने जारी की है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में मुटनेजा के पास लंबा अनुभव है। वे कानून क्षेत्र में लंबे वक्त से काम कर रहे हैं। उन्होंने कई मामलों में प्रतिनिधित्व किया है। मुटनेजा दीवानी, आपराधिक, श्रम और कंपनी कानून से जुड़े मामलों की पैरवी करते हैं। इससे पहले वे हरियाणा के महाधिवक्ता के तौर पर भी काम कर चुके हैं।

    बता दें कि 5 मई को सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से पंजाब, हरियाणा और आंध्र प्रदेश के उच्च न्यायालयों में अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी।

    बयान में कहा गया था कि सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की ओर से 4 मई को आयोजित अपनी बैठक में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में जिन अधिवक्ताओं की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, उनमें प्रविंद्र सिंह चौहान, राजेश गौड़, और मिंदरजीत यादव के नाम शामिल था।

  • बिहार में बाढ़ का खतरा! पटना में गंगा खतरे के निशान से ऊपर, बक्सर से भागलपुर तक उफान

    बिहार में बाढ़ का खतरा! पटना में गंगा खतरे के निशान से ऊपर, बक्सर से भागलपुर तक उफान

    पटना 

    बिहार में गंगा नदी उफान पर है। बक्सर से पटना होते हुए भागलपुर तक गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बक्सर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 104 सेंटीमीटर नीचे था। लेकिन, इसके जलस्तर में रविवार तक 32 सेंटीमीटर बढ़ने के आसार हैं। पटना के गांधी घाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर रहा। इसके जलस्तर में रविवार को भी 13 सेंटीमीटर बढ़ने की आशंका है। दीघा घाट में खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर गंगा का पानी रहा। इसमें 13 सेंटीमीटर और वृद्धि हो सकती है। हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 46 सेंटीमीटर ऊपर आ चुका है। रविवार को इसमें 20 सेमी और बढ़ोतरी हो सकती है।

    भागलपुर के कहलगांव में खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर नीचे पानी रहा, लेकिन इसमें एक दिन में ही 41 सेंटीमीटर बढ़ोतरी के आसार हैं। वहीं भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन एक दिन में ही यहां भी 37 सेंटीमीटर बढ़ने की आशंका है। इसी तरह मुंगेर में भी खतरे के निशान से नीचे रहने वाली गंगा के जलस्तर में एक दिन में 50 सेंटीमीटर वृद्धि होने के आसार हैं।

    सोन नदी खतरे के निशान से ऊपर
    पटना के मनेर में सोन नदी के जलस्तर में वृद्धि हो गई है। शनिवार को सोन नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर रहा। रविवार को इसमें 17 सेंटीमीटर बढ़ोतरी होने की आशंका है। खगड़िया जिले के बलतारा में कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 54 सेंटीमीटर ऊपर आ गया है।

    गंडक और घाघरा का हाल
    गंडक नदी की बात करें तो गोपालगंज के डुमरियाघाट में यह खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर चल रही है। सीवान के दरौली में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर ऊपर आ गया है।

  • रांची में कोचिंग संस्थानों पर नगर निगम की सख्ती, 40 संस्थानों को नोटिस

    रांची में कोचिंग संस्थानों पर नगर निगम की सख्ती, 40 संस्थानों को नोटिस

     रांची
     शहर में बिना ट्रेड लाइसेंस और फायर एनओसीके संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों पर रांची नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। शनिवार को निगम की ट्रेड लाइसेंस टीम ने विभिन्न वार्डों में संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच की।

    इस दौरान 20 संस्थान बिना आवश्यक नगर निगम अनुमति और ट्रेड लाइसेंस के संचालित मिले। वहीं लालपुर स्थित हरिओम टावर में बिना फायर एनओसी के 20 कोचिंग संस्थानों संचालित मिले। निगम ने सभी संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर आवश्यक अनुमति लेने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को सील किया जाएगा।

    निगम की टीम ने संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि नोटिस प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर आवश्यक नगर निगम अनुमति और ट्रेड लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करें। इसके साथ ही परिसर में रखी ऐसी सामग्री और प्रचार-प्रसार सामग्री को हटाने को कहा गया है, जिसे लेकर निगम ने आपत्ति जताई है।

    तीन दिन बाद फिर होगी जांच
    नगर निगम ने चेतावनी दी है कि तीन दिनों की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद संबंधित संस्थानों की दोबारा जांच की जाएगी। यदि इस दौरान कोई संस्थान बिना वैध अनुमति के संचालित पाया गया तो उसके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई के लिए संबंधित संस्थान स्वयं जिम्मेदार होगा।

    अन्य संस्थानों की भी होगी जांच
    नगर निगम की इस कार्रवाई से शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों में भी हड़कंप है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में संचालित सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों को आवश्यक वैधानिक अनुमति लेना अनिवार्य है। आने वाले दिनों में अन्य संस्थानों की भी जांच की जा सकती है।

    इनके कोचिंग संस्थानाअें के पास नहीं मिला ट्रेड लाइसेंस
    अमान्स मोशन एकेडमी, क्लैट प्रेप, न्यूटन ट्यूटोरियल्स, पाठशाला, करियर फाउंडेशन, एमएस लर्निंग रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड, डेजाइन क्वेस्ट, एमबीए अचीवर्स, ग्रैविटी एजुकेशन, नेशनल क्लैट एकेडमी, मास्टर माइंड्स, पेजेज लाइब्रेरी, द ब्लैक बोर्ड, एके एकेडमी और डी-क्यूब क्लासेज।

    इन कोचिंग संस्थानों के पास नहीं था फायर एनओसी:
    हरिओम टावर में संचालित संस्थान: क्लैट प्रीपरेशन, एआईएम एंट्रेंस इंस्टीट्यूट, विनय आईएएस एकेडमी, अल्पाइन इन्फोटेक, ई-वर्ल्ड कंप्यूटर क्लासेज, चैतन्य आइएएस एकेडमी, पोद्दार कामर्स एकेडमी, जीएस नेक्सस, सक्सेस हब, सैंटेक कंप्यूटर एडु सेंटर, द साइंस एरा, माधवी रिजल्ट्स नॉलेज कैंपस, एम्फेसिस, अप-टू-डेट कोचिंग सेंटर, बीएससी एकेडमी, द पाठशाला, पतंजलि आईएएस एकेडमी, करियर प्वाइंट और मोशन एकेडमी।

     

  • नागौर में देश के पहले हाईस्पीड ट्रायल ट्रैक का निरीक्षण, 230 KM की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

    नागौर में देश के पहले हाईस्पीड ट्रायल ट्रैक का निरीक्षण, 230 KM की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

    नागौर
     राजस्थान के नागौर जिले सांभर झील किनारे बन रहे देश के पहले हाइस्पीड ट्रायल ट्रैक का उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने जायजा लिया। उन्होंने निरीक्षण वाहन में बैठकर गुढ़ासाल्ट से ठठाना मीठड़ी तक ट्रायल ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी तैयारियों और परीक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। करीब 820 करोड़ रुपए की लागत से 63.56 किमी लंबे ट्रैक का निर्माण हो रहा है। यहां ट्रेनों को 230 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ाकर क्षमता, स्थिरता और सुरक्षा का परीक्षण किया जाएगा। सिग्नलिंग, ट्रैक संरचना व आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की भी जांच होगी। रेलवे के अनुसार दिसंबर तक ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है।

    इस दौरान जोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी सहित रेलवे अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति से महाप्रबंधक को अवगत कराया। उन्होंने ट्रैक निर्माण, बिछाई जा चुकी पटरियों, तकनीकी संरचनाओं और परीक्षण सुविधाएं देखी। महाप्रबंधक ने शेष कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार समय पर पूरा करने और गुणवत्ता व सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    230 किमी प्रति घंटे होगी रफ्तार
    करीब 820 करोड़ रुपए की लागत से 63.56 किलोमीटर लंबे ट्रायल ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। यहां हाइस्पीड रोलिंग स्टॉक और आधुनिक रेलवे तकनीकों का परीक्षण होगा। ट्रेनों को 230 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ाकर उनकी क्षमता, स्थिरता और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को परखा जा सकेगा। ट्रैक में अलग-अलग परीक्षण क्षेत्रों के साथ कर्व और क्विक टेस्टिंग के लिए भी विशेष हिस्से विकसित किए जा रहे हैं।

    दिसंबर तक शुरू हो सकते हैं परीक्षण
    रेलवे अधिकारियों के अनुसार परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और शेष तकनीकी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। ऐसे में दिसंबर तक ट्रायल गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है। ट्रैक पर नई ट्रेनों के साथ सिग्नलिंग, ट्रैक संरचना, सुरक्षा और अन्य आधुनिक रेल तकनीकों का भी परीक्षण किया जा सकेगा। इससे यह परियोजना भविष्य की भारतीय रेल के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी परीक्षण केंद्र के रूप में विकसित होगी।

    63.56 किलोमीटर लंबे एक ही ट्रैक पर होंगे दर्जनों परीक्षण
    मुख्य लाइन: 23 किलोमीटर की मेन टेस्टिंग लाइन।
    हाई-स्पीड लूप: 13 किलोमीटर का हाई-स्पीड लूप।
    कर्व टेस्टिंग लूप: मोड़ पर ट्रेन की स्थिरता जांचने के लिए 20 किलोमीटर का कर्व लूप।
    एक्सीलेरेटेड टेस्टिंग लूप: त्वरित गति परीक्षण के लिए 3 किलोमीटर का विशेष लूप।
    पुल और स्टेशन: इस पूरी परियोजना में 7 बड़े पुल, 129 छोटे पुल और 4 नए स्टेशन शामिल किए गए हैं।
    तकनीकी परीक्षण: यहां ट्रेन डायनेमिक्स, व्हील ऑफलोडिंग, ट्रैक्शन, बोगी रोटेशन, सिग्नलिंग सिस्टम और एक्सीडेंट प्रिवेंशन क्षमता जैसे दर्जनों परीक्षण किए जाएंगे।

  • बिहार में गंगा उफान पर, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

    बिहार में गंगा उफान पर, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

    पटना
    बिहार में गंगा नदी उफान पर है। बक्सर से पटना होते हुए भागलपुर तक गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बक्सर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 104 सेंटीमीटर नीचे था। लेकिन, इसके जलस्तर में रविवार तक 32 सेंटीमीटर बढ़ने के आसार हैं। पटना के गांधी घाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर रहा। इसके जलस्तर में रविवार को भी 13 सेंटीमीटर बढ़ने की आशंका है। दीघा घाट में खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर गंगा का पानी रहा। इसमें 13 सेंटीमीटर और वृद्धि हो सकती है। हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 46 सेंटीमीटर ऊपर आ चुका है। रविवार को इसमें 20 सेमी और बढ़ोतरी हो सकती है।

    भागलपुर के कहलगांव में खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर नीचे पानी रहा, लेकिन इसमें एक दिन में ही 41 सेंटीमीटर बढ़ोतरी के आसार हैं। वहीं भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन एक दिन में ही यहां भी 37 सेंटीमीटर बढ़ने की आशंका है। इसी तरह मुंगेर में भी खतरे के निशान से नीचे रहने वाली गंगा के जलस्तर में एक दिन में 50 सेंटीमीटर वृद्धि होने के आसार हैं।

    सोन नदी खतरे के निशान से ऊपर
    पटना के मनेर में सोन नदी के जलस्तर में वृद्धि हो गई है। शनिवार को सोन नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर रहा। रविवार को इसमें 17 सेंटीमीटर बढ़ोतरी होने की आशंका है। खगड़िया जिले के बलतारा में कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 54 सेंटीमीटर ऊपर आ गया है।

    गंडक और घाघरा का हाल
    गंडक नदी की बात करें तो गोपालगंज के डुमरियाघाट में यह खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर चल रही है। सीवान के दरौली में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर ऊपर आ गया है।

  • रेप केस दबाने के लिए 5 करोड़ की रिश्वत का आरोप, भगवंत मान की पत्नी को NHRC का नोटिस

    रेप केस दबाने के लिए 5 करोड़ की रिश्वत का आरोप, भगवंत मान की पत्नी को NHRC का नोटिस

    चंडीगढ़ 
    राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों पर संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। NHRC ने मामले की जांच कर 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। आपको बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रंजीत सिंह ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने 5 करोड़ रुपये की रिश्वत के बदले रेप के एक मामले को दबाने या उसे रफा-दफा करने का प्रयास किया। आयोग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग को भी इसके बारे में सूचित कर दिया है।

    राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "जब राज्य में शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़े किसी व्यक्ति पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले में इस तरह के आरोप लगते हैं तो यह बेहद चिंता का विषय है। हमने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा।"

    उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "अधिकारियों को संविधान द्वारा दी गई शक्तियों का उपयोग केवल जनता के कल्याण के लिए करना चाहिए। यदि वे किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव में काम करते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हमने उन्हें जांच और रिपोर्ट जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया है।"

    NHRC ने स्पष्ट किया है कि पंजाब पुलिस और प्रशासन से विस्तृत रिपोर्टप्राप्त होने के बाद ही निष्पक्ष जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • दिल्ली में पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला, आंखों में मिर्च पाउडर डालकर लाठी-डंडों से की पिटाई

    दिल्ली में पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला, आंखों में मिर्च पाउडर डालकर लाठी-डंडों से की पिटाई

    दिल्ली
     बाहरी दिल्ली में भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर स्थित जनता विहार में पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी के दौरान हमला करने का मामला सामने आया है। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से 17 वर्षीय किशोर को पकड़ लिया, जबकि मुख्य आरोपी समेत अन्य लोग फरार हो गए।

    पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को करीब 3 बजे बीट स्टाफ के हेड कॉन्स्टेबल दिनेश और हेड कॉन्स्टेबल राजेश जनता विहार में गश्त कर रहे थे। जांच के दौरान उन्हें एक मोटरसाइकिल मिली, जिसके वैध दस्तावेज नहीं थे। नियमानुसार बाइक को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 66 के तहत थाने में जमा कराया गया।

    पुलिस ने जब्त कर ली थी मोटरसाइकिल
    दरअसल, इलाके के बीट स्टाफ हेड कॉन्स्टेबल दिनेश और हेड कॉन्स्टेबल राजेश पेट्रोलिंग और चेकिंग कर रहे थे। पुलिस ने बिना वैध दस्तावेज वाली एक मोटरसाइकिल को जब्त कर थाने में जमा कर लिया। दोपहर करीब 3:30 बजे बाइक मालिक और उसके परिवार के कुछ लोग पुलिसकर्मियों की कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे। 

    आखों में मिर्च का पाउडर डालकर ईंट-डंडों से पीटा
    आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और ईंट-डंडों से हमला किया। मदद के लिए पहुंचे हेड कॉन्स्टेबल टीनू पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया। हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। सभी घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। 

    पुलिस ने नाबालिग को पकड़ा, अन्य मौके से फरार
    पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से मौके से 17 वर्षीय एक नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा है। घटना के बाद अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। मुख्य फरार आरोपी सुनील उर्फ पंकज इलाके का BC (Bad Character) है।

    आरोपियों में पहले से 5 अपराधिक मामले दर्ज
    पुलिस के मुताबिक, सुनील के खिलाफ पहले से 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें NDPS के 2 मामले भी शामिल हैं। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

    खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज
    दिल्ली पुलिस की टीम अब आरोपियों को पकड़ने में जुटी हुई है। इसके लिए अलग से टीम बनाई गई है। पुलिस की टीम आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है। साथ ही नाबालिग लड़के को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 

    आखिर किसकी है जब्त की गई बाइक?
    पुलिस की टीम ये भी पता लगा रही है कि आरोपियों के पास से जब्त की गई बाइक किसकी है। आखिर इस बाइक लेकर ये आरोपी इतने उग्र क्यों हो गए।

    पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला
    बताया कि करीब साढ़े तीन बजे दोनों पुलिसकर्मी बीट पर लौटे तो बाइक मालिक और उसके परिवार के कुछ सदस्य वहां पहुंच गए। पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोपियों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और ईंट व डंडों से हमला कर दिया।

    हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए
    वहीं, सहायता के लिए पहुंचे हेड कॉन्स्टेबल टीनू पर भी हमला किया गया। तीनों पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि दिनेश के सिर में चोट लगी है।

    इस मामले में एफआईआर संख्या 537/26 दर्ज की गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। मुख्य आरोपी सुनील उर्फ पंकज इलाके का बीसी है और उसके खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें दो एनडीपीएस और गंभीर अपराधों से जुड़े हैं।

     

  • सोहराय कला से सजेगी पीठौरिया-पतरातू घाटी, बारिश के बाद शुरू होगा सौंदर्यीकरण

    सोहराय कला से सजेगी पीठौरिया-पतरातू घाटी, बारिश के बाद शुरू होगा सौंदर्यीकरण

    रामगढ़
    रांची से पतरातू-रामगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध पीठौरिया-पतरातू घाटी को प्रकृति की गोद में बैठे इस मनमोहक स्थल को और आकर्षक बनाने की कवायद एक बार फिर शुरू होने जा रही है।

    झारखंड सरकार से जुड़ी कंपनियों और संबंधित विभागों द्वारा बरसात के बाद घाटी की सुंदरता बढ़ाने के लिए विशेष पहल की जाएगी।

    इसमें सबसे खास होगा सोहराय पेंटिंग का प्रयोग, जिससे घाटी रंग-बिरंगी हो जाएगी और पर्यटक झारखंडी कला-संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे।

    बताते चलें कि घाटी अपनी घुमावदार सड़कों, ऊंची पहाड़ियों, घने हरे-भरे जंगलों, पतरातू डैम, झरनों और बंदरों की टोलियों के लिए जानी जाती है।

    यहां बड़े-बड़े होटल और रिसॉर्ट पर्यटकों को सुविधा देने के साथ खूबसूरती का हिस्सा हैं। पर्व-त्योहारों के दौरान यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और राज्य सरकार को राजस्व का लाभ होता है।

    पर्यटक यहां सुकून तलाशने और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने आते हैं। हाल के वर्षों में स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर भी यहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी, जो इसकी लोकप्रियता का प्रमाण है।

    राज्य सरकार से जुड़ी कंपनियों के अनुसार जल्द ही घाटी में एक बार फिर सोहराय पेंटिंग के माध्यम से झारखंड की पारंपरिक कलाकृतियों को उकेरा जाएगा।

    सोहराय झारखंड की प्राचीन आदिवासी कला है, जो मुख्य रूप से हजारीबाग क्षेत्र की महिलाओं द्वारा धान कटाई के बाद मवेशियों के त्योहार के समय मिट्टी की दीवारों पर प्राकृतिक रंगों से बनाई जाती है। इसमें जानवरों, पौधों, ज्यामितीय आकृतियों और प्रकृति से जुड़े प्रतीकों को दर्शाया जाता है।

    2020 में मिल चुका है जीआई टैग
    इस कला को 2020 में जीआई टैग भी मिल चुका है। रांची एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों, सरकारी भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पहले से ही सोहराय पेंटिंग्स सजाई जा चुकी हैं, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हुई है।

    घाटी की साफ-सफाई के साथ-साथ सोहराय पेंटिंग लगाने का उद्देश्य पर्यटकों को सुंदर माहौल देना और झारखंडी पहचान से परिचित कराना है। बरसात के बाद जब हरियाली चरम पर होती है, तब यह पहल घाटी को और अधिक आकर्षक बनाएगी।

    स्थानीय कलाकारों और महिलाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। सोहराय पेंटिंग न केवल दीवारों को सजाएगी बल्कि पर्यटकों को झारखंड की समृद्ध आदिवासी विरासत की झलक भी देगी।

    पीठौरिया-पतरातू घाटी को अक्सर झारखंड का स्वर्ग कहा जाता है। यहां की जलेबी जैसी घुमावदार सड़कें ड्राइविंग का मजा देती हैं, जबकि पहाड़ियों से घिरा पतरातू डैम और आसपास के झरने प्रकृति प्रेमियों को लुभाते हैं।

    बंदरों की टोली सेल्फी पॉइंट पर अक्सर नजर आती है, जो पर्यटकों के लिए अतिरिक्त आकर्षण बन जाती है। सरकार की यह पहल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने का भी माध्यम बनेगी।

    बरसात के बाद घाटी का प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर होता है। ऐसे समय में सौंदर्यीकरण अभियान शुरू करना स्वागतयोग्य कदम है। सरकार को झरनों, व्यू प्वाइंट, सड़क किनारे सुरक्षा और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था कर पर्यटकों का अनुभव और यादगार बनाना चाहिए

    पतरातू घाटी देशभर के पर्यटकों को आकर्षित करती है। रंग-बिरंगी सोहराय पेंटिंग और बेहतर पर्यटन सुविधाओं से यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी। इससे होटल, रिसॉर्ट, दुकानदारों और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
    विनय सिंह ,चेंबर ऑफ कॉमर्स रामगढ़

    घाटी की सुंदरता बढ़ाने के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी समान ध्यान देना जरूरी है। सोहराय कला हमारी पहचान है, इसलिए इसे घाटी की दीवारों और सार्वजनिक स्थलों पर उकेरकर झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल सकती है।
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    मंजीत सिंह ,सीसीएल अधिकारी

    पीठौरिया–पतरातू घाटी झारखंड की प्राकृतिक धरोहर है। सोहराय पेंटिंग से घाटी को सजाने की पहल सराहनीय है। इससे स्थानीय कलाकारों को रोजगार मिलेगा और पर्यटकों को हमारी संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिलेगा। सरकार को नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित करना चाहिए
    प्रवीण राजगढ़िया,श्री अग्रसेन स्कूल

        इस तरह की सौंदर्यीकरण योजनाओं से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि राज्य की कला और प्रकृति दोनों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। घाटी पहले से ही लोकप्रिय है, लेकिन सोहराय कला के रंगों से सजी यह जगह पर्यटकों के लिए और भी यादगार अनुभव प्रदान करेगी। बरसात के बाद शुरू होने वाले इन कार्यों से पीठौरिया घाटी झारखंड पर्यटन का एक और चमकता सितारा बनने की ओर अग्रसर है