Category: news

  • स्कूल की लड़कियों संग पिकनिक पर गया प्रिंसिपल, डैम में बिना कपड़ों के नहाते VIDEO वायरल; मचा हड़कंप

    स्कूल की लड़कियों संग पिकनिक पर गया प्रिंसिपल, डैम में बिना कपड़ों के नहाते VIDEO वायरल; मचा हड़कंप

     जयपुर/अलवर

    राजस्थान के अलवर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्कूल, शिक्षक और बच्चों की सुरक्षा- तीनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कहानी एक सरकारी स्कूल की है. तारीख 15 अगस्त की है. स्कूल में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम हुआ. इसके बाद बच्चों को घुमाने और तैराकी सिखाने के नाम पर करीब दो किलोमीटर दूर एक बांध तक जाया गया, लेकिन वहां जो हुआ, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 

    वीडियो में स्कूल का प्रिंसिपल छात्राओं के साथ बांध के पानी में बिना कपड़ों के नहाता दिखाई दे रहा है. वीडियो सामने आने के बाद बवाल मच गया. ग्रामीण स्कूल पहुंचे, पुलिस को सूचना दी गई और शिक्षा विभाग ने मामले में जांच शुरू कर दी. अब विभाग ने प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 

    यह सरकारी स्कूल अलवर के थानागाजी इलाके में है. 15 अगस्त को यहां स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम हुआ. कार्यक्रम खत्म हुआ तो आरोप है कि स्कूल का प्रिंसिपल छात्र-छात्राओं को लेकर जंगल के रास्ते करीब दो किलोमीटर दूर भड़ाज बांध की तरफ निकल गए. कहा गया कि बच्चों को भ्रमण कराया जाएगा और तैराकी सिखाई जाएगी. यहां करीब 20 से 25 बड़ी छात्राओं के भी मौजूद होने की बात सामने आई है। 

    अब सवाल यही है कि बच्चों को जिस जगह ले जाया गया, क्या वह उनके लिए सुरक्षित थी? स्थानीय लोगों के मुताबिक, बांध की पाल करीब 5 से 6 फीट चौड़ी है. यहां पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं. ग्रामीणों और प्रशासन के मुताबिक, करीब चार साल से इस जगह पर जाने को लेकर पाबंदी भी बताई जा रही है. इसके बावजूद बच्चों को वहां ले जाने का आरोप है। 

    न लाइफ जैकेट, न सुरक्षा का इंतजाम?
    ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को बिना लाइफ जैकेट और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के पानी में उतारा गया. कई बच्चों को तैरना आता भी नहीं था. यानी एक तरफ बच्चों की सुरक्षा का सवाल था और दूसरी तरफ बांध का पानी. लेकिन इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा, जब वहां का एक वीडियो सामने आया. वीडियो में प्रिंसिपल छात्राओं के साथ पानी में नजर आ रहे हैं. वीडियो बनाने वाले लोगों ने इसे रिकॉर्ड किया और फिर यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 

    इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मामले को शिक्षा विभाग तक पहुंचा दिया. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा. गांव में इसकी चर्चा होने लगी. लोग स्कूल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. इस मामले को लेकर कई सवाल थे. बच्चों को बांध तक क्यों ले जाया गया? क्या स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी थी? क्या बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम किया गया था? और सबसे बड़ा सवाल- एक शिक्षक और प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ इस तरह पानी में जाना क्या उचित था?

    शिक्षा विभाग द्वारा जारी लेटर में क्या कहा गया?
    शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि रा
    जकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय थानागाजी के प्रधानाचार्य का छात्राओं के साथ बांध में नहाने का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. विभाग ने प्रथम दृष्टया इसे प्रधानाचार्य के नैतिक आचरण के लिए निर्धारित नियमों के विपरीत माना है. इसी आधार पर प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. निलंबन अवधि में मुख्यालय बीकानेर रहेगा। 

    पुलिस और शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी. थानागाजी थाना प्रभारी राजकुमार मीणा के मुताबिक, मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने प्रिंसिपल के बयान दर्ज किए. अभी तक किसी छात्र, छात्रा या अभिभावक की तरफ से लिखित शिकायत नहीं मिली. लेकिन पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है. वीडियो में जो दिखाई दे रहा है, उसकी परिस्थितियां क्या थीं, बच्चों को वहां किस मकसद से ले जाया गया. इसके जवाब तलाशे जा रहे हैं। 

    मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने भी इसे गंभीरता से लिया. मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शकुंतला यादव ने बताया कि छात्राओं, प्रिंसिपल और अभिभावकों से जानकारी ली गई. अब विभागीय टीम पूरे मामले की जांच करेगी. जिला शिक्षा अधिकारी मनोज शर्मा ने भी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी. उन्होंने साफ कहा था कि जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी. और अब कार्रवाई हो भी चुकी है. प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 

  • मिड-डे-मील में फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, स्कूलों में डिजिटल होगी बच्चों की हाजिरी

    मिड-डे-मील में फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, स्कूलों में डिजिटल होगी बच्चों की हाजिरी

    चंडीगढ
     सरकारी स्कूलों में अब मिड-डे-मील में कोई फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। बच्चों की हाजिरी की डिजिटल निगरानी की जाएगी। एमआइएस पोर्टल और रजिस्टर के साथ एप का मिलान किया जाएगा। हाजिरी में गड़बड़ी मिलने पर स्कूल मुखिया की जवाबदेही तय होगी

    शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। बच्चों की दैनिक हाजिरी का सत्यापन किया जाएगा। कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों की हाजिरी अब स्कूल के साथ पीएम पोषण एप, एमआइएस पोर्टल और रजिस्टर में दर्ज करानी होगी।

    तीनों रिकार्ड में गड़बड़ी मिलने पर विद्यालय मुखिया को जवाब देना होगा। कक्षा अध्यापक से लेकर मिड-डे मील इंचार्ज और स्कूल मुखिया को जिम्मेदारी तय की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और डिप्टी डीईओ के हर रोज स्कूलों के रिकार्ड की जांच करेंगे।

    निदेशालय की ओर से हिदायत जारी की गई है कि प्रत्येक कक्षा के अध्यापक प्रतिदिन विद्यार्थियों की हाजिरी लेंगे और उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या मिड-डे मील इंचार्ज को बताएंगे। संबंधित अध्यापकों के हस्ताक्षर करवाने के बाद मिड-डे मील इंचार्ज रजिस्टर में अटेंडेंस का कुल योग दर्ज करेगा और विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर करवाएगा।

    इसी रिकार्ड के आधार पर पीएम पोषण एप पर विद्यार्थियों की उपस्थिति अपडेट की जाएगी। एमआइएस में लागिन कर प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत उपस्थिति मार्क की जाएगी। विद्यालय मुखिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि एमआइएस पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति, पीएम पोषण एप और रजिस्टर में दर्ज उपस्थिति में किसी तरह की त्रुटि या गड़बड़ी न हो।

    निदेशालय की ओर से रिकार्ड को अपडेट करने के साथ निगरानी की भी योजना तैयार की है। स्कूल मुखिया के साथ विभागीय अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की है। निदेशालय की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि खंड शिक्षा अधिकारी अपने ब्लाक में प्रतिदिन रैंडम आधार पर कम से कम पांच स्कूलों के मिड-डे-मील हाजिरी रजिस्टर की प्रति मंगवाकर जांच करेंगे।

    इस प्रति पर संबंधित विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर होना अनिवार्य होगा। इसी तरह सभी डिप्टी डीईओ भी प्रतिदिन रैंडम आधार पर पांच स्कूलों का चयन कर उनके मिड-डे-मील हाजिरी रजिस्टर की प्रति मंगवाकर जांच करेंगे।

    रजिस्टर हाजिरी के साथ विद्यालयों द्वारा पीएम पोषण एप पर प्रतिदिन अपडेट की जाने वाली हाजिरी का भी नियमित रिव्यू किया जाएगा। विभागीय स्तर पर इस डिजिटल रिकार्ड के माध्यम से विद्यार्थियों की उपस्थिति की निगरानी की जाएगी। विद्यालय मुखिया की हाजिरी और उनके कार्य की निगरानी भी पीएम पोषण एप पर अपडेट की गई विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर की जाएगी।

  • झारखंड में JSSC CGL कर्मियों को बड़ी राहत, नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

    झारखंड में JSSC CGL कर्मियों को बड़ी राहत, नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

    रांची
     जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के माध्यम से नियुक्त हुए कर्मियों के लिए झारखंड हाईकोर्ट का हालिया निर्णय राहत भरा साबित हुआ है। राज्य सरकार की ओर से नियुक्ति रद किए जाने संबंधी नोटिफिकेशन पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद नवनियुक्त कर्मियों में खुशी का माहौल है।

    कर्मियों ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और अदालत ने उनकी उम्मीदों के अनुरूप राहत दी है।

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सभी चयनित कर्मियों की नजरें कार्मिक विभाग की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक चिट्ठी और आगे की प्रक्रिया पर टिकी हैं। विभागीय आदेश जारी होते ही चयनित कर्मी सोमवार से दोबारा अपनी ड्यूटी पर योगदान दे सकते हैं। हालांकि, इसके लिए विभाग की ओर से औपचारिक आदेश जारी होना जरूरी होगा।

    कर्मियों के बीच यह उम्मीद जताई जा रही है कि कार्मिक विभाग जल्द ही नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना जारी कर सकता है। आदेश जारी होने के बाद योगदान को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।

    नियुक्ति रद होने के बाद चयनित कर्मियों के सामने अचानक रोजगार और आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई थी। कई कर्मियों ने बताया कि नियुक्ति रद होने के बाद वे काफी चिंतित थे। कुछ कर्मियों के अनुसार, नौकरी मिलने के बाद उन्होंने अपने भविष्य को लेकर कई योजनाएं बनाई थीं, लेकिन नियुक्ति रद होने से उनके सामने अचानक आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई।

    अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद कर्मियों को बड़ी राहत मिली है और उन्हें आगे भी न्याय मिलने की उम्मीद है। कर्मियों ने कहा कि अदालत के निर्णय से उन्हें दोबारा अपने भविष्य को लेकर उम्मीद जगी है।

    इस मामले में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। ऐसे में आगे की कानूनी प्रक्रिया और कार्मिक विभाग के आदेश पर सभी चयनित कर्मियों की नजर रहेगी।

  • Punjab Youth Run: नशे के खिलाफ जालंधर में उमड़ा जनसैलाब, मनीष सिसोदिया भी हुए शामिल

    Punjab Youth Run: नशे के खिलाफ जालंधर में उमड़ा जनसैलाब, मनीष सिसोदिया भी हुए शामिल

    जालंंधर
     पंजाब सरकार की ओर से युद्ध नशे के विरूद्ध मुहिम के तहत पंजाब यूथ रन 2026 का आयोजन किया गया। रन में शहर के विभिन्न वर्ग के लोगों ने हिस्सा लेते हुए नशे के खिलाफ आवाज उठाई।

    दौड़ शिवानी पार्क से शुरु होते हुए गुरु अमरदास चौंक, गुरु नानक मिशन चौक, स्काई लार्क चौक, संविधान चौंक से होती हुई वापिस शिवानी पार्क पहुंची। दौड़ में हिस्सा लेने के लिए प्रत्येक वर्ग के लोगों में उत्साह देखा जा सकता था।

    दौड़ में हिस्सा लेने वाले लोगों को पदकों से नवाजा गया। विजेताओं को स्मृति चिन्ह, नगद राशि व पदकों से सम्मानित किया। पंजाब यूथ रन में मुख्यातिथि के रूप में आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसौदिया, सेंट्रल हल्के के इंचार्ज नितिन कोहली, मेयर व नार्थ हल्का इंचार्ज वनीत धीर, जालंधर कैंट इंचार्ज राजविंदर कौर थियारा, काकू आहलुवालिया ने कहा कि पंजाब यूथ रन में बच्चों से लेकर बुढ़ों तक में उत्साह देखा गया।

    उन्होंने कहा कि नशे की दलदल में फंसकर युवा खत्म हो रहा है। घर परिवार तबाह हो रहे है। पंजाब से नशा खत्म करना समय की जरूरत है। नशे से दूर रहकर युवाओं को खेलों की तरफ जोड़ना है। खेड़ा वतव पंजाब दीया चार सीजन शुरु होने जा रहा है। इन खेलों में हर वर्ग के लोग हिस्सा लेते है।

  • Punjab Weather: पठानकोट में तेज बारिश से सड़कें जलमग्न, कई शहरों में आज भी बरसेंगे बादल

    Punjab Weather: पठानकोट में तेज बारिश से सड़कें जलमग्न, कई शहरों में आज भी बरसेंगे बादल

     पठानकोट 

    पंजाब के पठानकोट में रविवार को हुई बारिश से सड़कों में जलभराव हो गया। मौसम विभाग ने आज 23 अगस्त के लिए सभी जिलों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। चंडीगढ़ में आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती।

    इसी तरह की स्थिति पूरी हफ्ता रहने वाली है। जबकि बारिश कम होने से तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया। सबसे ज्यादा तापमान 37 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया है। जबकि पंजाब में मानसून सीजन में 28 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है।

    आज इन जिलों में बारिश की संभावना
    होशियारपुर और रूपनगर में कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, फिरोजपुर, संगरूर, गुरदासपुर, अमृतसर और नवांशहर में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में एक-दो स्थानों पर बारिश के आसार हैं।

    केवल 4 जिलों में बारिश रिकॉर्ड
    22 तारीख को मौसम विभाग ने पूर्वानुमान सभी जिलों के लिए जारी किया था। लेकिन बारिश चंडीगढ़ में 0.8 एमएम, लुधियाना में 0.5 एमएम, पठानकोट में 0.5 एमएम, पटियाला में 2.0 एमएम दर्ज हुई। इसके अलावा मोहाली, खरड़ में भी बारिश हुई। मोहाली के जयंती माजरी में तो पशुओं से भरा ट्राला भर गया, खरड़ बाजार में जलभराव हुआ। लेकिन मौसम विभाग के रिकॉर्ड में यहां हुई बारिश दर्ज नहीं है।

    बारिश के लिए अनुकूल है मौसम
    मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसका असर पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम पर भी पड़ सकता है। वहीं, मानसून की ट्रफ अमृतसर से होकर गुजर रही है, जिससे पंजाब में बारिश के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है।

    दोनों डैम खतरे के निशान से नीचे भाखड़ा बांध में जलस्तर 1,630.37 फीट है। इसमें 41,877 क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि 25,162 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं पोंग बांध का जलस्तर 1,362.36 फीट है। इसमें 23,300 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और 15,006 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। भाखड़ा बांध का अधिकतम जलस्तर 1,680 फीट और पोंग बांध का 1,390 फीट है।

  • Jalandhar में देश की पहली बाज ड्रोन बटालियन तैनात, 500 KM से ज्यादा बॉर्डर पर रखेगी नजर

    Jalandhar में देश की पहली बाज ड्रोन बटालियन तैनात, 500 KM से ज्यादा बॉर्डर पर रखेगी नजर

    जालंधर

    जालंधर केंटोनमेंट में आर्मी की 11वीं वज्र कोर ने देश की पहली बाज ड्रोन बटालियन की तैनाती की है। पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में तैनात ये पहली ड्रोन यूनिट है। पंजाब के पाकिस्तान के साथ लगते 500 किलोमीटर से ज्यादा बॉर्डर पर ड्रोन यूनिट दूर के निगरानी रखेंगे। 

    इसके अलावा सामान की सप्लाई और जरूरत पड़ने पर दुश्मन की एयर स्ट्राइक को रोकने की कैपेसिटी रखती है।नई बटालियन की तैनाती को लेकर आर्मी ने एक्स पोस्ट कर जानकारी दी और इसकी तस्वीरें भी साझा की। बताया गया कि स्वदेशी भारत में ही बने घातक ड्रोन के साथ-साथ अमेरिकी और इजरायली तकनीक वाले हेरॉन और हर्मीस जैसे अत्याधुनिक ड्रोन्स को इसमें शामिल किया गया है।

    यूनिट में टेक्नीकल सैन्य विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है, जो रियल-टाइम में हाई-डेंसिटी डेटा प्रोसेसिंग, सॉफ्टवेयर अपडेट्स और आधुनिक ड्रोन वारफेयर को संभालने में सक्षम है। रणनीतिक दृष्टि से जालंधर को इस बटालियन के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है।

    यहां से फिरोजपुर, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे सीमावर्ती इलाकों की दूरी बेहद संतुलित है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रिस्पॉन्स दिया जा सकेगा। इसके अलावा, पास में आदमपुर वायुसेना स्टेशन और अन्य सैन्य हवाई अड्डे मौजूद होने के कारण एमक्यू-9बी प्रेडेटर और हेरॉन जैसे बड़े ड्रोन्स के संचालन, रनवे, हैंगर और तकनीकी रखरखाव की सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।

    जालंधर है बॉर्डर का सेंट्रल और स्ट्रैटेजिक पॉइंट जालंधर से फिरोजपुर, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती इलाकों की दूरी संतुलित है। किसी भी सेक्टर में आपात स्थिति होने पर जालंधर से रिस्पॉन्स दिया जा सकता है। जालंधर के पास आदमपुर वायुसेना स्टेशन और पंजाब के अन्य सैन्य हवाई अड्डे मौजूद हैं। एमक्यू-9बी प्रेडेटर और हेरॉन जैसे बड़े व लंबी दूरी के ड्रोन चलाने के लिए रनवे, हैंगर और तकनीकी रखरखाव के लिए जालंधर सबसे मुफीद लोकेशन है।

    ड्रोन से घुसपैठ पर रहेगी नजर पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के लिए छोटे ड्रोन्स का इस्तेमाल बढ़ा है। जालंधर में तैनात यह सेंट्रलाइज्ड 'ड्रोन हब' तकनीकी सर्विलांस के जरिए वास्तविक समय में सीमा पार की गतिविधियों पर नजर रखने का काम करेगा।

    आपरेशन सिंदूर में भी जालंधर के कई इलाकों में ड्रोन गिराए थे ऑपरेशन सिंदूर में जालंधर के कई इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन हवा में नष्ट किए गए थे। रूस-यूक्रेन युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन की सफलता को देखते हुए सेना ने रणनीति बदली है। जालंधर में वज्र कोर का मुख्यालय होने की वजह से कमांड, कंट्रोल और टॉप-लेवल सैन्य लीडरशिप के साथ तालमेल बिठाना आसान रहता है।

  • LPG e-KYC की आज आखिरी तारीख, जयपुर में 2 लाख कनेक्शन अभी भी पेंडिंग

    LPG e-KYC की आज आखिरी तारीख, जयपुर में 2 लाख कनेक्शन अभी भी पेंडिंग

    जयपुर
    राजस्थान में इंडेन, भारत और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के गैस कनेक्शनधारकों के लिए ई-केवाईसी कराने की अंतिम तारीख 23 अगस्त तय की गई है। लेकिन इस समय सीमा के खत्म होने से पहले ही पेट्रोलियम कंपनियों ने गैस एजेंसियों पर सख्ती शुरू कर दी है। जयपुर सहित प्रदेशभर की आधी से अधिक एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि बिना ई-केवाईसी उपभोक्ताओं को सिलेंडर की बुकिंग कैसे की जा रही है और आपूर्ति कैसे संभव हो रही है।

    एजेंसी संचालकों का कहना है कि कंपनियों का रवैया पूरी तरह गलत है। जब केवाईसी कराने की डेडलाइन 23 अगस्त तक है, तो उससे पहले नोटिस थमाना समझ से परे है। शनिवार को जब स्थिति का जायजा लिया गया तो सामने आया कि कंपनियों का सर्वर लगातार ठप रहने के कारण केवाईसी का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है।

    केंद्रों पर आने वाले कई उपभोक्ताओं को बिना काम कराए अगले दिन आने के लिए बोलना पड़ रहा है। संचालकों का तर्क है कि सर्वर डाउन होने की स्थिति में भी यदि कोई उपभोक्ता रिफिल बुक करता है, तो उसे सिलेंडर देने से इनकार नहीं किया जा सकता।

    बिगड़ सकती है स्थिति
    जयपुर शहर की बात करें तो तीनों कंपनियों के लगभग दो लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पेंडिंग है। रविवार को ई-केवाईसी कराने का आखिरी दिन है। एजेंसियों पर पहले से ही तकनीकी बाधाओं के कारण काम अटका हुआ है। ऐसे में अंतिम दिन सेंटर्स पर उपभोक्ताओं का भारी रैला उमड़ने की पूरी संभावना है, जिससे स्थितियां और बिगड़ सकती हैं

    घर बैठे ऐसे करें गैस कनेक्शन का वेरिफिकेशन
    घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए Aadhaar आधारित e-KYC पूरा करने की आज यानी 23 अगस्त 2026 अंतिम तारीख है। पहले e-KYC की समयसीमा 16 अगस्त तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 23 अगस्त किया गया। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने LPG कनेक्शन का Aadhaar authentication नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

    e-KYC का उद्देश्य LPG कनेक्शन की पहचान और Aadhaar authentication को अपडेट करना है। खासतौर पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह प्रक्रिया सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर सब्सिडी या LPG सेवाओं में परेशानी हो सकती है। हालांकि, e-KYC नहीं कराने पर कनेक्शन तत्काल खत्म हो जाएगा, ऐसा मानना सही नहीं है।

    LPG उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन से फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए e-KYC कर सकते हैं। इसके लिए अपने LPG वितरक की कंपनी के आधिकारिक ऐप और Aadhaar FaceRD एप की जरूरत पड़ती है। पेट्रोलियम मंत्रालय के PMUY पोर्टल पर भी self face-based biometric Aadhaar authentication की यही प्रक्रिया बताई गई है।

    Indane Gas उपभोक्ता

    • मोबाइल में IndianOil ONE एप डाउनलोड करें।
    • LPG से जुड़े मोबाइल नंबर से लॉग-इन या रजिस्ट्रेशन करें।
    • जरूरत पड़ने पर अपना LPG कनेक्शन/16 अंकों की LPG ID लिंक करें।
    • ऐप में e-KYC/Aadhaar Authentication का विकल्प चुनें।
    • Aadhaar authentication के लिए सहमति दें।
    • मोबाइल में Aadhaar FaceRD एप खोलें या मांगे जाने पर इसे इंस्टॉल करें।
    • स्क्रीन पर दिए निर्देश के अनुसार चेहरे का स्कैन पूरा करें।
    • authentication पूरा होने के बाद e-KYC की स्थिति चेक करें।

    Bharat Gas उपभोक्ता

    • Bharat Gas ग्राहक Hello BPCL एप के माध्यम से e-KYC कर सकते हैं।
    • Hello BPCL एप डाउनलोड करें।
    • LPG से जुड़े मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें।
    • OTP के जरिए मोबाइल नंबर सत्यापित करें।
    • अपना Bharat Gas LPG कनेक्शन चुनें।
    • e-KYC/Aadhaar Authentication विकल्प पर जाएं।
    • Aadhaar authentication के लिए consent दें।
    • निर्देश मिलने पर Aadhaar FaceRD के जरिए face authentication पूरा करें।
    • प्रक्रिया पूरी होने के बाद e-KYC confirmation चेक करें।

    HP Gas उपभोक्ता

    • HP Gas ग्राहक HP Pay एप के जरिए e-KYC कर सकते हैं।
    • HP Pay एप डाउनलोड करके लॉग-इन करें।
    • अपने HP Gas LPG खाते को चुनें।
    • e-KYC/Aadhaar Authentication विकल्प खोलें।
    • Aadhaar authentication के लिए सहमति दें।
    • Aadhaar FaceRD के जरिए face scan पूरा करें।
    • authentication submit करें।
    • एप में e-KYC पूरा होने की स्थिति जांच लें।

    e-KYC के लिए क्या-क्या चाहिए?

    • Aadhaar कार्ड/नंबर।
    • LPG कनेक्शन से जुड़ा मोबाइल नंबर।
    • LPG Consumer Number या LPG ID।
    • Android या iPhone स्मार्टफोन।
    • संबंधित LPG कंपनी का आधिकारिक मोबाइल एप।
    • Aadhaar FaceRD एप, यदि face authentication के दौरान मांगा जाए।

    मोबाइल से e-KYC नहीं हो रही तो क्या करें?
    अगर मोबाइल एप में सर्वर, OTP, face scan या किसी अन्य तकनीकी वजह से e-KYC पूरी नहीं हो पा रही है तो उपभोक्ता अपने LPG वितरक/गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं। वितरक के स्तर पर भी Aadhaar आधारित authentication की सुविधा उपलब्ध है। HPCL के मुताबिक, LPG खाते में Aadhaar linking और authentication की सुविधा उपभोक्ता पोर्टल और वितरक स्तर पर उपलब्ध कराई गई है।

    e-KYC नहीं कराने पर क्या होगा?
    e-KYC नहीं कराने पर सबसे बड़ा असर सब्सिडी और LPG सेवाओं की पात्रता पर पड़ सकता है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए Aadhaar authentication विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, समयसीमा के बाद ऐसे उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलने में परेशानी हो सकती है और LPG सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती हैं।

     

  • बिहार में शिक्षकों की नौकरी पर संकट, 18 महीने का NIOS D.El.Ed अमान्य घोषित

    बिहार में शिक्षकों की नौकरी पर संकट, 18 महीने का NIOS D.El.Ed अमान्य घोषित

    पटना
    बिहार में शिक्षक नियुक्ति परीक्षा-तीन के तहत नियुक्त उन शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है, जिन्होंने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से 18 महीने का डीएलएड प्रशिक्षण किया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 18 महीने का डीएलएड प्रशिक्षण विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए मान्य नहीं है। इस आधार पर नियुक्त शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने 20 अगस्त को सभी बीईओ, विद्यालय अवर निरीक्षकों और चिह्नित मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से 22 जून को जारी पत्र के निर्देश का हवाला दिया गया है।

    निदेशालय के पत्र के अनुसार एनआईओएस से प्राप्त 18 महीने का डीएलएड प्रमाणपत्र विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए मान्य नहीं है। इसी निर्देश के आधार पर पटना डीईओ द्वारा जारी पत्र में ऐसे सभी शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है। डीईओ ने संबंधित अधिकारियों से शिक्षकों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में उपलब्ध कराने को कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इन शिक्षकों की सूची और विवरण मिलने के बाद सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

    पीएचडी शोधार्थी सड़क पर उतरे, पुलिस से झड़प
    सहायक प्राध्यापक बहाली में यूजीसी रेगुलेशन-2018 के टेबल थ्री-ए को लागू करने समेत छह सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को पीएचडी शोधार्थी और सहायक प्राध्यापक अभ्यर्थी पटना में सड़क पर उतर गए। वीर कुंवर सिंह पार्क से निकला अभ्यर्थियों का मार्च लोक भवन जाना था। पर इस मार्च को आगे बढ़ने ही नहीं दिया गया। उन्हें ब्लॉक के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच नोक-झोंक हुई। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अनुमति नहीं दी। प्रदर्शन को छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा का भी समर्थन मिला। प्रदर्शनकारी मार्च में गाड़ियों के साथ आए थे। मार्च को देखते हुए आर ब्लॉक के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

    आर ब्लॉक पर रोके जाने के बाद छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री सचिवालय ले जाया गया। प्रतिनिधिमंडल में राधेश्याम, आसिफ अली, कुंदन कुमार और मोनू कुमार आदि सदस्य शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम सचिवालय के संयुक्त सचिव को छह सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांगों को वरीय पदाधिकारियों तक पहुंचाने व आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। आंदोलन में कांग्रेस नेता सुशील कुमार, एसएसएआई के लारायब अकरम, एआईएसएफ के सुधीर कुमार, आइसा सचिव दीपांकर, डीवाईएफआई के आसिफ अली, एनएसयूआई भाग्य भारती, द ग्रेट भीम आर्मी के अमर आजाद, एआईवाईएफ के शम्भू देवा, युवा कांग्रेस के संस्कार राय, सोशल जस्टिस आर्मी के अम्बुज पटेल एवं दिशा के अजीत आलोक तिवारी रहे।

  • Bihar IAS Transfer: बिहार में 23 IAS अफसरों का तबादला, कई जिलों के DDC और SDO बदले

    Bihar IAS Transfer: बिहार में 23 IAS अफसरों का तबादला, कई जिलों के DDC और SDO बदले

    पटना
     बिहार सरकार ने प्रशासनिक महकमे में बड़ा बदलाव किया है. राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 23 अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार देर शाम इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। 

    इस नए आदेश से कई जिलों के उप विकास आयुक्त (DDC), उप प्रभागीय अधिकारी (SDO) और नगर आयुक्त बदल गए हैं. ट्रांसफर पाने वाले अफसरों में 2022 और 2023 बैच के युवा अधिकारी शामिल हैं. इसके साथ ही 2024 बैच के 12 ट्रेनी IAS अधिकारियों को भी पहली बार फील्ड में तैनाती दी गई है। 

    किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?
    तबादले की सूची के अनुसार कई अनुमंडल अधिकारियों को पदोन्नति देकर जिलों में DDC और नगर आयुक्त जैसी बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 

        गरिमा लोहिया: बाढ़ की SDO गरिमा लोहिया को अब दरभंगा नगर निगम का नया नगर आयुक्त बनाया गया है। 
        श्रेया श्री: आईएएस अधिकारी श्रेया श्री को खगड़िया का नया उप विकास आयुक्त (DDC) नियुक्त किया गया है। 
        अनिरुद्ध पांडेय: दानापुर के SDO अनिरुद्ध पांडेय को अब पूर्णिया का नगर आयुक्त बनाया गया है। 
        तुषार कुमार: पूर्णिया के SDO तुषार कुमार को मधुबनी के DDC पद पर तैनात किया गया है। 
        आकांक्षा आनंद: मुजफ्फरपुर पश्चिमी की SDO आकांक्षा आनंद को सासाराम का DDC बनाया गया है। 
        रोहित कर्दम: नवगछिया के SDO रोहित कर्दम को कैमूर का DDC बनाया गया है.
        शिप्रा विजय कुमार चौधरी: आरा सदर की SDO शिप्रा विजय को जमुई का DDC बनाया गया है। 
        नेहा कुमारी: सासाराम की SDO नेहा कुमारी को कटिहार के DDC की जिम्मेदारी मिली है। 

    विभागों में नई तैनाती 
    प्रशासनिक फेरबदल में कुछ अधिकारियों को राज्य स्तरीय विभागों में भी भेजा गया है. कटिहार के SDO प्रधुम्न यादल को खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय का निदेशक बनाया गया है. पूर्वी चंपारण के अरेराज की SDO अंजली शर्मा को समाज कल्याण विभाग में निदेशक का पद सौंपा गया है. भागलपुर के SDO कृष्णचंद्र गुप्ता को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में महानिरीक्षक बनाया गया है। 

    इन्हें पहली बार मिली फील्ड में तैनाती
    मसूरी अकादमी से ट्रेनिंग पूरा करके लौटे विरुपाक्ष विक्रम सिंह को दानापुर का नया SDO बनाया गया है. इसके अलावा प्रिया रानी को सासाराम, कृष्णा जोशी को बाढ़, प्रेम कुमार को हवेली खड़गपुर और सैयद आदिल मोहसिन को मढ़ौरा का SDO बनाया गया है। 

    अजय यादव को बलिया (बेगूसराय), सूरज कुमार को कटिहार, विग्नेश टीए को पूर्णिया, जतिन कुमार को शेरघाटी (गया), के. परीक्षित को नवगछिया, महेश कुमार को तारापुर और कशिश बख्शी को पटना सिटी का SDO नियुक्त किया गया है. हालांकि, सिवान के पूर्व डीएम विवेक मैत्रेय को अभी नई पोस्टिंग नहीं दी गई है। 

  • दिल्ली में स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पताल अलर्ट, आइसोलेशन और डिजास्टर वार्ड तैयार

    दिल्ली में स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पताल अलर्ट, आइसोलेशन और डिजास्टर वार्ड तैयार

    नई दिल्ली
     स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी अस्पतालों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पतालों में डिजास्टर वॉर्ड से लेकर आइसोलेशन वॉर्ड तक जरूरत के मुताबिक बेड रिजर्व कर लिए गए हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की भीड़ नहीं बढ़ी है और घबराने की जरूरत नहीं। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि H1N1 में आयुर्वेदिक दवाएं भी कारगर होती हैं। नजफगढ़ स्थित चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान में फीवर क्लिनिक भी शुरू कर दिया गया है।

    डॉ हेडगेवार अस्पताल में मरीजों के लिए तैयार किए गए चार वार्ड
    पूर्वी दिल्ली स्थित डॉ हेडगेवार अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए चार बेड का आइसोलेशन वॉर्ड तैयार किया गया है। अस्पताल में डॉक्टर से लेकर कर्मचारियों की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। हालांकि, अभी अस्पताल में स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। वहीं, संजय गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में भी 56 बेड का डिजास्टर वॉर्ड तैयार किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दवा से लेकर टेमीफ्लू दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। फीवर के संदिग्ध मरीजों की जांच कर उनपर नजर रखी जा रही है।

    जीटीबी अस्पताल के डॉक्टर ने की अपील
    जीटीबी अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण ने बताया कि अस्पताल में तैयारी पूरी हैं, लेकिन अभी कोई स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं आया है। हालांकि, संदिग्ध मरीजों की जांच जरूर कराई जा रही है। उन्होंने अपील की है कि अभी पैनिक होने की जरूरत नहीं। भीड़भाड़ वाली जगह पर बेवजह जाने से बचें और मास्क जरूर लगाएं।

    CBPACS में फीवर क्लिनिक शुरू
    चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान (CBPACS) में H1N1 और वायरल बुखार के मरीजों के लिए विशेष फीवर क्लिनिक के जरिए आयुर्वेदिक इलाज और विशेषज्ञों की सलाह दी जा रही है। संस्थान के निदेशक डॉ एमबी गौर ने बताया कि HIN1 में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण होते है। कुछ मरीजों में बीमारी गंभीर होने पर सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। आयुर्वेद में मरीज के लक्षण और उसकी स्थिति को देखते हुए इलाज किया जाता है।

    वायरल फीवर में काढ़ा भी मददगार
    ऑल इंडिया डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ आईएसएम के अध्यक्ष डॉ. आरपी. पाराशर के मुताबिक, H1N1 में अचानक बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, ठंड लगना, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है। आमतौर पर स्वस्थ लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से हार्ट, लंग्स, डायबिटीज या किडनी की बीमारी वाले लोगों में जटिलता का खतरा अधिक रहता है।

    विशेषज्ञ की सलाह से करना बेहतर
    डॉ. पाराशर के मुताबिक, आयुर्वेद में तुलसी, अदरक, लौंग, हल्दी, पिप्पली, गिलोय, दालचीनी और काली मिर्च जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इनसे तैयार काढ़ा या अन्य घरेलू तैयारियां लक्षणों के दौरान राहत देने में मदद कर सकती है। हालाकि किसी भी आयुर्वेदिक दवा या काढ़े का इस्तेमाल व्यक्ति की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह से करना बेहतर है।

    रखें ध्यान…

    • दिल्ली के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों से लेकर कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है
    • अभी अस्पताल में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज भर्ती नहीं।
    • 21 अगस्त को 135 नए केस मिलने के बाद दिल्ली में HIN1 के कुल मरीजों का आंकड़ा 1912 पहुंचा।
    • अब तक दिल्ली से बाहर के 348 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।