Category: news

  • सीयूजे के छात्र कौशिक ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, विश्वविद्यालय का नाम किया रोशन

    सीयूजे के छात्र कौशिक ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, विश्वविद्यालय का नाम किया रोशन

     रांची
     सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ झारखंड (सीयूजे) के शिक्षा विभाग के इंटीग्रेटेड बीए बीएड के छात्र कौशिक कुमार होता ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से सीयूजे का नाम रोशन किया है

    कौशिक को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से एक राष्ट्रीय स्तर की विशेष उपलब्धि के लिए आधिकारिक मान्यता मिली है। उनकी इस सफलता से यूनिवर्सिटी परिवार में खुशी का माहौल है।

    कौशिक ने माय भारत पोर्टल के माध्यम से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ऑनलाइन क्विज में भाग लिया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के युवाओं को जोड़ना और उन्हें ज्ञानवर्धक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना था।

    इस ऑनलाइन क्विज में देशभर से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में 390812 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह उपलब्धि एक सप्ताह में ऑनलाइन क्विज में भाग लेने वाले सर्वाधिक उपयोगकर्ता के रूप में दर्ज की गई।

    बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उपलब्धि की जांच और सत्यापन के बाद इसे आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया। कौशिक के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले भी उनका नाम कई प्रतिष्ठित रिकॉर्ड पुस्तकों में दर्ज हो चुका है।

    इनमें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, अमेरिका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स शामिल हैं।

    कौशिक को पढ़ाई के साथ-साथ किताबें लिखने और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भी रुचि है। वह लगातार कुछ नया करने और अपनी प्रतिभा को अलग-अलग क्षेत्रों में साबित करने का प्रयास करते रहे हैं। उनकी उपलब्धियों की कई प्रतिष्ठित लोगों ने भी सराहना की है।

    राज्यपाल ने की सराहना
    ओडिशा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल ने कौशिक की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें आशीर्वाद और शुभकामनाएं दी हैं। वहीं, झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी राजभवन में मुलाकात के दौरान उनकी उपलब्धियों की सराहना की।

    इसके अलावा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी कौशिक की उपलब्धियों और रिकॉर्ड बनाने के प्रयासों की प्रशंसा की है। इस उपलब्धि पर सीयूजे के कुलपति प्रो. सारंग मेढ़ेकर ने कौशिक कुमार होता को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

    उन्होंने कहा कि कौशिक की यह उपलब्धि पूरे सीयूजे परिवार के लिए गर्व का विषय है। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां यूनिवर्सिटी की पहचान को और मजबूत करती हैं तथा अन्य विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य के लिए मेहनत और निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देती हैं।

    टीचर हैं मां
    कौशिक के परिवार का भी उनकी सफलता में महत्वपूर्ण योगदान है। उनके पिता हरीश चंद्र होता सेवानिवृत्त सहायक प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हैं, जबकि उनकी माता अनुपमा नंदा एक शिक्षिका हैं।

    माता-पिता ने हमेशा कौशिक को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उनकी मेहनत में पूरा सहयोग दिया।कौशिक की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और पूरे सीयूजे परिवार ने उन्हें बधाई दी है।

    सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वह आगे भी इसी तरह मेहनत और लगन से नई उपलब्धियां हासिल करते रहेंगे। कौशिक की सफलता यूनिवर्सिटी के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

    यह उपलब्धि बताती है कि पढ़ाई के साथ अपनी रुचि के क्षेत्र में मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास करने से विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

  • खान सर पर युवती ने लगाए गंभीर आरोप, पटना पुलिस ने शुरू की जांच

    खान सर पर युवती ने लगाए गंभीर आरोप, पटना पुलिस ने शुरू की जांच

    पटना
    फैजल खान उर्फ खान सर के नाम से मशहूर खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर के मालिक खान सर पर अब एक युवती ने संगीन आरोप लगाए हैं। युवती ने पटना के पीरबहोर थाने में अपनी शिकायत दर्ज करवाई है, जिसके बाद अब पुलिस इस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस ने बताया है कि पीरबहोर थाने को एक लड़की के नाम से आवेदन मिला था। इस आवेदन में उन्होंने कहा कि उनको आशंका है कि उनके साथ कुछ घटना हो सकती है। वो लड़की उस समय थाने में नहीं आई थीं। बाद में एक महिला अधिकारी ने उस लड़की से संपर्क किया और उनका बयान दर्ज किया। लड़की का कहना है कि साल 2017 में जब वो इस क्षेत्र में रहती थीं तब खान कोचिंग सेंटर में खान सर का कोई टारगेट क्लास चलता था। उस समय ये जहां पर रहती थीं, उस समय दो-तीन लड़कियों के साथ इनकी दोस्ती थी और उनका इनके घर पर भी आना-जाना था।

    युवती का कहना है कि साल 2018 के बाद से इनकी भेंट उन लोगों से नहीं हुई हैं। लेकिन हाल के दिनों में जो घटनाएं हुई हैं उनको लेकर उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि उस समय खान सर को जो आना-जाना था तो हो सकता है कि वो हमारे साथ कोई घटना करें। हालांकि, उन्होंने (लड़की ने) ऐसा कोई खुलासा नहीं किया है कि आखिर इनके पास ऐसी क्या जानकारी है जिसके कारण इनके साथ कोई घटना कर सकता है। लेकिन इन्होंने आशंका व्यक्त की है कि हो सकता है कि इनके साथ कोई घटना घटे। इस संबंध में जांच की जा रही है और जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया है कि लड़की ने फैजल खान का नाम दिया है और आशंका जताई है कि उनके साथ कुछ हो सकता है।

    बता दें कि इससे पहले यह खबर आई थी कि पटना के ही एक कोचिंग संचालक से जान की सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश की एक लड़की थाने पहुंची थी। हालांकि, उस वक्त कोचिंग संचालक के बारे में जानकारी सामने नहीं आई थी। अब पुलिस ने खुद इस पूरे मामले में खान सर का नाम लिया है। युवत ने पीरबहोर थाने में लिखित शिकायत दी थी। इसमें पटना के एक कोचिंग संचालक पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। युवती ने लिखा है कि वह कोचिंग संचालक के कई राज जानती है। इस कारण उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है। अब उसने सुरक्षा की गुहार पुलिस से लगाई है।

    बताया जा रहा है कि पुलिस इस लड़की की तलाश कर रही थी लेकिन इसी बीच युवती रविवार की देर रात थाने पहुंच गई थी और वहां उसने पुलिस को आपबीती बताई थी। पीरबहोर थानाध्यक्ष राज कुमार सिंह ने बताया था कि युवती का बयान लिया जा रहा है। धमकी मिलने की बात दो वर्ष पुरानी बताई जा रही है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

  • रक्षाबंधन से पहले झुंझुनूं के बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सजे, खरीदारी बढ़ी

    रक्षाबंधन से पहले झुंझुनूं के बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सजे, खरीदारी बढ़ी

    झुंझुनूं
    रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही झुंझुनूं शहर सहित जिले के प्रमुख बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सज गए हैं। दुकानों पर तरह-तरह की राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए बाजार में पारंपरिक से लेकर आधुनिक डिजाइन की राखियां उपलब्ध हैं। पर्व को लेकर बहनों में राखी खरीदने को लेकर उत्साह नजर आने लगा है, वहीं दुकानदारों ने भी ग्राहकों की पसंद और बजट के अनुसार अलग-अलग रेंज में राखियां मंगवाई हैं।

    बाजार में इस बार कार्टून कैरेक्टर, रुद्राक्ष, मोती, चंदन, स्टोन व आकर्षक डिजाइन वाली राखियों की मांग अधिक है। छोटे बच्चों के लिए पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां उपलब्ध हैं तो युवाओं के लिए स्टाइलिश और डिजाइनर राखियां दुकानों पर सजी हुई हैं। वहीं पारंपरिक राखियों में रुद्राक्ष, चंदन और मोती वाली राखियां भी ग्राहकों को पसंद आ रही हैं।

    राखियों के साथ बाजार में भाई-बहन के रिश्ते को खास बनाने के लिए गिफ्ट पैक, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स पैक और छोटे उपहार भी उपलब्ध हैं। कई दुकानदारों ने राखी के साथ गिफ्ट कॉम्बो तैयार किए हैं, ताकि ग्राहक एक ही जगह से राखी और भाई के लिए उपहार खरीद सकें। इससे राखी के साथ गिफ्ट की बिक्री भी बढऩे लगी है।

    ऑनलाइन दौर में बाजार में जाकर राखी खरीदने का उत्साह बरकरार
    राखी विक्रेता पीयूष पंसारी ने बताया कि बाजार में हर वर्ग के ग्राहकों को ध्यान में रखकर राखियां मंगाई गई हैं। सामान्य राखियों से लेकर आकर्षक और डिजाइनर राखियों की अलग-अलग कीमतें हैं। उन्होंने बताया कि पांच रुपए से लेकर नौ सो रुपए तक की राखी उपलब्ध है।

    बदलते समय के साथ रक्षाबंधन मनाने का तरीका भी बदल रहा है। दूसरे शहरों और राज्यों में रहने वाले भाइयों तक राखी पहुंचाने के लिए ऑनलाइन राखी भेजने का चलन लगातार बढ़ रहा है। बहनें घर बैठे राखी, चॉकलेट और गिफ्ट पैक पसंद कर ऑनलाइन ऑर्डर कर रही हैं। इसके बाद डिलीवरी के माध्यम से राखी सीधे भाई के पते तक पहुंचाई जा रही है। इसके बावजूद शहर के बाजारों में जाकर अपनी पसंद की राखी खरीदने का उत्साह आज भी बरकरार है।

    बच्चों की पसंद में कार्टून राखियां
    छोटे बच्चों के लिए बाजार में कार्टून कैरेक्टर वाली राखियों की बड़ी रेंज उपलब्ध है। इनमें बच्चों के स्पीनर, घड़ी, लाइटिंग सहित पसंदीदा किरदारों के अलावा रंग-बिरंगे डिजाइन और आकर्षक सजावट वाली राखियां शामिल हैं। दुकानदारों के अनुसार बच्चों के लिए राखी खरीदने वाले अभिभावक डिजाइन और रंग को विशेष महत्व दे रहे हैं।

    राखी के साथ भाई को उपहार देने का चलन भी बढ़ा है। बाजार में राखी के साथ चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स और अन्य छोटे गिफ्ट पैक उपलब्ध हैं। कई बहनें राखी के साथ भाई की पसंद की चॉकलेट या उपहार भी खरीद रही हैं। इससे राखी के साथ गिफ्ट आइटम की बिक्री में भी तेजी आई है।

  • दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 2,308 मामले, स्वास्थ्य मंत्री बोले- घबराने की जरूरत नहीं

    दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 2,308 मामले, स्वास्थ्य मंत्री बोले- घबराने की जरूरत नहीं

    नई दिल्ली
     देश की राजधानी में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस साल राष्ट्रीय राजधानी में इन्फ्लूएंजा के लगभग 3,000 मामले सामने आए हैं। इनमें 2308 मामले एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के हैं। उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

    शहर में मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि के बीच पंकज सिंह ने स्वास्थ्य विभाग, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली छावनी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसी के बाद उन्होंने स्वाइन फ्लू पर जरूरी अपडेट दिए हैं।

    दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री ने दिया अहम अपडेट
    पंकज सिंह ने कहा कि डॉक्टरों, कर्मचारियों या दवाओं की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई है। मैं आपको आश्वासन देता हूं कि कोई समस्या नहीं है, सब कुछ नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि नगर निकायों के साथ यह बैठक दिल्ली में एच1एन1 या मौसमी इन्फ्लूएंजा के साथ-साथ वेक्टर जनित बीमारियों को लेकर व्यवस्था और तैयारियों की समीक्षा के लिए की गई थी।

    पंकज सिंह बोले- घबराने की जरूरत नहीं
    स्वास्थ्य मंत्री ने आगे ये भी कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर अस्पताल में अलग वार्ड बनाए गए हैं। अगर कोई मरीज बिस्तर नहीं मिलने की शिकायत करता है, तो अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में लगभग 3,000 इन्फ्लूएंजा मामलों में से 2,308 मामले एच1एन1 के हैं, जबकि शेष मामले इन्फ्लूएंजा के अन्य प्रकार के हैं।

    स्वाइन फ्लू को लेकर सरकार की एडवाइजरी

    • डॉक्टरों के अनुसार, एच1एन1 संक्रमण को स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाता है। इसमें आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान के लक्षण होते हैं।
    • स्वाइन फ्लू के मामलों के चलते हाल ही में दिल्ली सरकार ने पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की और लोगों से सांस से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए बुनियादी सावधानियां बरतने को कहा।
    • अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी कि वे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं, सांस की बीमारी वाले लोगों के अधिक करीब जाने से बचें और अगर फ्लू जैसे लक्षण गंभीर हो जाएं या लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर को दिखाएं।
    • इससे पहले, दिल्ली में शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली की स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की गई।
    • बैठक में इन्फ्लूएंजा एच1एन1, डेंगू और मलेरिया की स्थिति के साथ-साथ अस्पतालों की तैयारियों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा हुई
    • दिल्ली के स्वास्थ्य परिवार कल्याण पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी मेडिकल सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है

     

  • पंजाब के 5 लाख कर्मचारियों की हड़ताल से पहले सरकार एक्शन में, बुलाई अहम बैठक

    पंजाब के 5 लाख कर्मचारियों की हड़ताल से पहले सरकार एक्शन में, बुलाई अहम बैठक

    चंडीगढ़.

    पंजाब के लाखों सरकारी कर्मचारियों की ओर से 27 अगस्त को घोषित सामूहिक अवकाश के बीच पंजाब सरकार ने बातचीत की पहल की है। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को मंगलवार दोपहर 3:30 बजे बैठक के लिए बुलाया है।

    बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। कर्मचारी संगठनों ने विभिन्न मांगों को लेकर 27 अगस्त को सरकारी विभागों में सामूहिक अवकाश लेकर कामकाज पूरी तरह ठप करने का फैसला किया है।

    अवकाश के लिए कर दिया आवेदन
    बताया जा रहा है कि करीब दो लाख कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश के लिए आवेदन कर दिया है। संगठनों का दावा है कि राज्य में करीब पांच लाख कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर रहने की संभावना है। ऐसे में सरकारी कामकाज और आम लोगों से जुड़े सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित महंगाई भत्ता (डीए) जारी करना और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। कर्मचारी संगठन अन्य लंबित मांगों को लेकर भी सरकार पर दबाव बना रहे हैं।

    27 अगस्त को अवकाश पर रहेंगे कर्मचारी
    वहीं, पंजाब के विभिन्न जिलों में डीसी कार्यालयों में तैनात मिनिस्ट्रियल स्टाफ पिछले कई दिनों से हड़ताल पर है। कर्मचारियों के आंदोलन के कारण पहले से ही प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। यदि 27 अगस्त को बड़ी संख्या में कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहते हैं तो आम लोगों को सरकारी कार्यालयों में अपने काम करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में भी सामूहिक अवकाश का असर पड़ने की आशंका है। अब सभी की नजरें आज होने वाली बैठक पर हैं। कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच सहमति बनती है या 27 अगस्त का सामूहिक अवकाश जारी रहता है, इसका फैसला बैठक के बाद स्पष्ट होगा। पंजाब सरकार बातचीत कर 27 के सामूहिक अवकाश को वापस लेने के लिए पूरी तैयारी में है।

  • ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ पर बड़ा अपडेट, CM रेखा गुप्ता ने दी खुशखबरी!

    ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ पर बड़ा अपडेट, CM रेखा गुप्ता ने दी खुशखबरी!

    नई दिल्ली

     ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ में आवेदन करने वाली महिलाओं को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नया अपडेट दिया है। इस ताजा जानकारी के मुताबिक, माताओं-बहनों को अब इस योजना की पहली किस्त के लिए ज्यादा इंजतार नहीं करना पड़ेगा। कल से ही पात्र महिलाओं को इसके स्वीकृति पत्र मिलने लगेंगे। बता दें कि, दिल्ली में अब तक लाखों महिलाएं लक्ष्मी योजना में आवेदन कर चुकी हैं। दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 21-60 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को 2,500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, ''26 अगस्त का दिन दिल्ली की लाखों महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और अपने सपनों को आगे बढ़ाने की नई शक्ति लेकर आएगा। ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को स्वीकृति पत्र मिलेंगे और 1 सितंबर से हर महीने ₹2,500 सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेंगे, जो जरूरतों का संबल बनेंगे, सपनों को नई हिम्मत देंगे और दिल्ली की बहनों को अपने फैसले आत्मविश्वास के साथ लेने की शक्ति देंगे। ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को मिल रहा अभूतपूर्व उत्साह अपने आप में बहुत कुछ कहता है। लाखों महिलाएं पहले ही रजिस्ट्रेशन करा चुकी हैं और बड़ी संख्या में बहनें लगातार इस सशक्तिकरण की यात्रा से जुड़ रही हैं। रजिस्ट्रेशन खुले हैं। आप भी जुड़िए और आत्मनिर्भरता की इस नई शुरुआत का हिस्सा बनिए।''

    दिल्ली लक्ष्मी योजना में राजधानी की सभी गरीब और पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने 1 अगस्त को इस योजना की शुरुआत की थी। महिलाओं को 2500 रुपये महीना देने वाली यह योजना दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक थी।

    कौन-कौन कर सकता है आवेदन
    योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, 21 से 60 साल तक की वे महिलाएं आवेदन कर सकेंगी, जिनके परिवार की सालाना आय 2.50 लाख रुपये तक है। योजना के नियमों के अनुसार, किसी भी अन्य वित्तीय सहायता योजना या पेंशन का लाभ ले रही महिलाओं, करदाताओं, सरकारी कर्मचारियों और तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा जिन परिवारों की वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है, वे भी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। जिन महिलाओं के परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी करता है या किसी सदस्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है या फिर परिवार के पास चार पहिया वाहन है, उन्हें भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

    कब तक होंगे रजिस्ट्रेशन
    सीएम रेखा गुप्ता ने कहा था कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए रजिस्ट्रेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी पात्र महिलाएं योजना के तहत दायरे में नहीं आ जातीं। गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान कहा था कि यह दिल्ली सरकार की अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय सहायता योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से करीब 17 लाख महिलाओं के लाभान्वित होने की उम्मीद है तथा इसे तीन वर्षों के लिए लागू किया जाएगा। गुप्ता ने कहा कि परिवार की सबसे बड़ी योग्य महिला को ही आवेदन करने की अनुमति होगी। आवेदकों या उनके माता-पिता या पति को कम से कम 10 साल से दिल्ली का निवासी होना चाहिए, और लाभार्थी को राजधानी में रजिस्टर्ड वोटर होना चाहिए।

    किस तरह मिलेंगे किस्त के पैसे
    इस योजना के तहत लाभार्थियों को दो वित्तीय विकल्प मिलते हैं। पहले विकल्प में, रोजमर्रा के खर्चों के लिए हर महीने 1,000 रुपये 'सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी' वॉलेट में जमा किए जाएंगे, जबकि बाकी 1,500 रुपये आवर्ती जमा (आरडी) या सावधि जमा (एफडी) खाते में जमा किए जाएंगे। दूसरे विकल्प के तहत, 2,500 रुपये की पूरी मासिक सहायता राशि आरडी या एफडी खाते में जमा की जा सकती है, ताकि लाभार्थी ब्याज के साथ लंबी अवधि की बचत कर सकें।

    गौरतलब है कि, पहले इस योजना को दिल्ली कैबिनेट ने शुरू में इस योजना को 'महिला समृद्धि योजना' के तौर पर मंजूरी दी थी, लेकिन बाद में महिलाओं के सम्मान, समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण के व्यापक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए इसका नाम बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' कर दिया गया।

  • दिल्ली में चालान भरना होगा आसान, अब SDM ऑफिस में जमा हो सकेंगे पेंडिंग चालान

    दिल्ली में चालान भरना होगा आसान, अब SDM ऑफिस में जमा हो सकेंगे पेंडिंग चालान

    नई दिल्ली
     राजधानी की सड़कों पर गाड़ी चलाते हुए चालान कट गया, तो अब उसे जमा कराने के लिए ई-कोर्ट या लोक अदालत का चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार दो करोड़ से अधिक पेंडिंग चालान जमा करने की व्यवस्था को घर के करीब ले जाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 13 जिले के सभी 39 SDM को चालान जमा करने की शक्ति देने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।

    विशेष पोर्टल भी तैयार
    सूत्रों के मुताबिक, सभी 39 SDM के अलावा परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी चालान जमा करने की शक्ति मिल सकती है। प्रस्ताव के मुताबिक कोई भी गाड़ी मालिक सीधे SDM ऑफिस में जाकर अपना चालान जमा करा पाएंगे। इसके लिए एक विशेष पोर्टल भी तैयार किया जाएगा, जिसे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल से जोड़ा जाएगा। चालान जमा कराने के लिए SDM को अलग लॉगिन ID और पासवर्ड दिया जाएगा। बता दें कि दिल्ली में हर साल 80% चालान पेंडिंग रह जाते हैं।

    जमा होते ही पोर्टल से हटेगा
    चालान जमा होते ही ट्रैफिक पुलिस के सिस्टम में अपडेट हो जाएगा और पोर्टल से हटा दिया जाएगा। सरकार को SDM ऑफिस को चालान जमा करने की शक्ति देने के लिए मोटर वीइकल एक्ट में बदलाव करना होगा। प्रस्तावित संशोधन को दिल्ली विधानसभा से मंजूरी मिलने के बाद छह महीने की निर्धारित अवधि में लागू करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फिलहाल यह प्रस्ताव कैबिनेट के पास है

  • रक्षाबंधन पर हरियाणा में महिलाओं का फ्री सफर, 15 साल तक के बच्चों को भी मिलेगी सुविधा

    रक्षाबंधन पर हरियाणा में महिलाओं का फ्री सफर, 15 साल तक के बच्चों को भी मिलेगी सुविधा

     चंडीगढ़
    रक्षाबंधन के पर्व पर हरियाणा सरकार ने महिलाओं को रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा दी है। महिलाओं को हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में 27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त रात 12 बजे (मध्यरात्रि) तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। महिलाओं के साथ 15 वर्ष तक के बच्चों को भी इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और परिवहन मंत्री अनिल विज के निर्देश पर परिवहन निदेशालय की ओर से सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

    महिलाओं को मुफ्त सफर करने की सुविधा हरियाणा रोडवेज की आर्डिनरी बसों में राज्य के भीतर यात्रा के लिए लागू होगी। इसके अलावा हरियाणा रोडवेज की ऐसी साधारण बसें जो चंडीगढ़ और दिल्ली तक संचालित होती हैं, उनमें भी महिलाएं और उनके साथ 15 वर्ष तक के बच्चे मुफ्त यात्रा कर सकेंगे।

    रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाओं के अपने मायके जाने और भाइयों को राखी बांधने के लिए यात्रा करने की संभावना को देखते हुए परिवहन विभाग ने बसों के संचालन को लेकर विशेष तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं।

    सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध रखने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें संचालित करने को कहा गया है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

    बस अड्डों पर यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में वर्दीधारी स्टाफ की तैनाती भी की जाएगी। कर्मचारियों को विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की यात्रा से संबंधित जानकारी देने तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा है। बस अड्डों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए सभी महाप्रबंधकों को जिला प्रशासन के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    परिवहन विभाग ने इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के साथ-साथ मुफ्त यात्रा सुविधा का महिलाओं और बच्चों ने कितना लाभ उठाया, इसकी रिपोर्ट भी मांगी है। सभी महाप्रबंधकों को 31 अगस्त तक सुविधा का लाभ लेने वाले महिलाओं और बच्चों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • झारखंड में आज से घर-घर मतदाता सत्यापन, 4 सितंबर तक चलेगा SIR अभियान

    झारखंड में आज से घर-घर मतदाता सत्यापन, 4 सितंबर तक चलेगा SIR अभियान

     रांची
    राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मंगलवार से ‘होम टू रोल वेरीफिकेशन’ कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। चार सितंबर तक संचालित होनेवाले इस कार्यक्रम में बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक ही परिवार एवं एक ही घर में निवास करने वाले मतदाताओं के नाम यथासंभव एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज हों तथा कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पांच अगस्त को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची के बाद अब घर-घर सत्यापन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज है अथवा जिनका नाम दर्ज नहीं है, उनके द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म-6 एवं घोषणापत्र जमा किया गया है और उसका डिजिटाइजेशन किया जा चुका है।

    उन्होंने बताया कि सत्यापन के दौरान बीएलओ यह भी देखेंगे कि एक परिवार के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में तो दर्ज नहीं हैं।

    यदि किसी मतदाता का नाम उसके सामान्य निवास से संबंधित मतदान क्षेत्र के निर्धारित मतदान केंद्र के स्थान पर किसी अन्य मतदान केंद्र में दर्ज है, तो उसे संबंधित मतदान केंद्र पर स्थानांतरित करने के लिए फार्म-8 भरने हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य ‘एक परिवार–एक मतदान केंद्र’ की व्यवस्था को प्रभावी बनाना है।

    उन्होंने कहा कि झारखंड में सामान्य रूप से निवास करने वाले ऐसे मतदाता, जिनका नाम वर्तमान में बिहार, पश्चिम बंगाल अथवा किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है और जो अपना नाम झारखंड के वर्तमान सामान्य निवास वाले मतदान केंद्र की मतदाता सूची में स्थानांतरित कराना चाहते हैं, वे फार्म-8 के साथ निर्धारित घोषणापत्र जमा कर सकते हैं। बीएलओ ऐसे पात्र मतदाताओं को भी आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराएंगे।

    बीएलओ लगाएंगे फैमिली टूगेदर स्टीकर
    बीएलओ द्वारा सत्यापन के दौरान ‘फैमिली टूगेदर स्टीकर’ लगाने की भी पहल की जाएगी। इस स्टीकर के माध्यम से परिवार से यह सुनिश्चित करने की अपील की जाएगी कि परिवार के सभी वयस्क एवं पात्र सदस्यों के नाम एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज हैं।

    स्टीकर पर संबंधित घर/नजरी गृह संख्या अंकित करने की व्यवस्था के साथ मतदाताओं की सहायता के लिए बीएलओ से संपर्क का प्रविधान भी रहेगा।

  • चंडीगढ़ के पांच लाख लोगों की मांग तेज, मकानों में किए बदलावों को नियमित करने की उठी आवाज

    चंडीगढ़ के पांच लाख लोगों की मांग तेज, मकानों में किए बदलावों को नियमित करने की उठी आवाज

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के मकानों में परिवारों की जरूरत के अनुसार किए गए बदलावों को एकमुश्त नियमित करने की मांग उठी है। चंडीगढ़ रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन (CRAWFED) ने CHB से इसके लिए व्यापक और पारदर्शी नियमितीकरण नीति लागू करने की मांग की है।

    फेडरेशन का कहना है कि बोर्ड की करीब 62 हजार से 68 हजार आवासीय इकाइयों में से 80 से 90 प्रतिशत में किसी न किसी तरह के आवश्यकता-आधारित बदलाव किए गए हैं। इससे करीब पांच लाख निवासी प्रभावित होते हैं। CRAWFED के महासचिव डॉ. अनीश गर्ग ने कहा कि अधिकांश बदलाव परिवारों के बढ़ते आकार, बुजुर्गों की देखभाल, निजता, भंडारण और बेहतर रोशनी व वेंटिलेशन जैसी जरूरतों को देखते हुए समय के साथ किए गए। इनमें अतिरिक्त कमरे और शौचालय बनाना, बालकनी का उपयोग, आंगन को कवर करना और घर के भीतर किए गए अन्य बदलाव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय पर नियमों और नीतियों में बदलाव होने के कारण ऐसे निवासी भी कानूनी असमंजस में फंस गए हैं, जिन्होंने उस समय लागू नियमों के अनुसार अपने मकानों में बदलाव किए थे। ऐसे में अब एकमुश्त समाधान निकालने की जरूरत है।

    दिल्ली की 1999 की नीति की तर्ज पर हो नियमितीकरण

    CRAWFED ने दिल्ली की वर्ष 1999 की नियमितीकरण नीति की तर्ज पर चंडीगढ़ में भी एकमुश्त नियमितीकरण नीति लागू करने का सुझाव दिया है। फेडरेशन के मुताबिक आवंटित प्लॉट या भवन की निर्धारित सीमा के भीतर किए गए गैर-अतिक्रमणकारी बदलावों को उचित शुल्क और संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र के आधार पर नियमित किया जा सकता है।

    सरकारी जमीन पर कब्जा स्वीकार्य नहीं

    डॉ. गर्ग ने कहा कि सरकारी अथवा साझा भूमि पर अतिक्रमण को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, मकान की निर्धारित सीमा के भीतर परिवार की सामान्य जरूरतों के लिए किए गए बदलावों के प्रति व्यावहारिक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।

    मकान के हस्तांतरण और म्यूटेशन में न बने बाधा

    फेडरेशन ने यह भी मांग की कि भवन संबंधी पुराने उल्लंघनों को संपत्ति के हस्तांतरण और म्यूटेशन से अलग रखा जाए। इससे निवासियों को संपत्ति बेचने, उपहार देने या विरासत में हस्तांतरित करने के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    RWAs को शामिल करने की मांग

    CRAWFED ने नियमितीकरण नीति तैयार करने में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs) को शामिल करने की मांग की है। साथ ही स्पष्ट शुल्क, पर्याप्त नोटिस अवधि, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और पारदर्शी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तय करने का सुझाव दिया है।