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  • पंजाब में कर्मचारियों की हड़ताल कल से, चार दिन सरकारी कामकाज रहेगा प्रभावित

    पंजाब में कर्मचारियों की हड़ताल कल से, चार दिन सरकारी कामकाज रहेगा प्रभावित

    चंडीगढ़.

    लंबित महंगाई भत्ते (डीए), पुरानी पेंशन योजना समेत विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारी 27 अगस्त को प्रदेशव्यापी हड़ताल करेंगे। कर्मचारी संगठनों के अनुसार करीब तीन लाख कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन में शामिल होंगे, जबकि बड़ी संख्या में पेंशनर भी आंदोलन का समर्थन करेंगे।

    पंजाब सांझा मुलाजिम मंच के नेता सुखचैन सिंह खैहरा के अनुसार 27 अगस्त को सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक सरकारी कार्यालयों में कामकाज बंद रहेगा। उपायुक्त, एसडीएम, तहसील और राजस्व कार्यालयों के अलावा परिवहन, स्वास्थ्य, स्कूल और कॉलेजों के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होंगे। स्वास्थ्य संस्थानों में आपात सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।

    कर्मचारियों की क्या हैं मांगें?
    कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित 18 प्रतिशत डीए की किस्तें व बकाया जारी करना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, ठेका कर्मचारियों को नियमित करना और अन्य सेवा संबंधी मांगें शामिल हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी लंबित डीए के भुगतान को लेकर राज्य सरकार को निर्देश दिए थे। 27 अगस्त के बाद 28 अगस्त को रक्षाबंधन का सरकारी अवकाश है और इसके बाद शनिवार-रविवार होने के कारण लगातार कई दिनों तक नियमित सरकारी कामकाज प्रभावित रहने की आशंका है।

    हड़ताल के कारण बाधित रहेंगे सभी काम
    28 अगस्त को रक्षा बंधन अवकाश और शनिवार ओर रविवार छुट्टी रहेगी। कल हड़ताल के कारण रजिस्ट्रियों, प्रमाणपत्रों, राजस्व मामलों और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों में पहुंचने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।

  • हरियाणा में पानी बिल का नया फॉर्मूला, खपत के साथ प्लॉट का साइज भी होगा अहम

    हरियाणा में पानी बिल का नया फॉर्मूला, खपत के साथ प्लॉट का साइज भी होगा अहम

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में पानी की नई दरों की व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब उपभोक्ता का पानी का खर्च सिर्फ उसकी खपत से तय नहीं होगा। घर में पानी का मीटर लगा है या नहीं और प्लॉट कितना बड़ा है, ये दोनों बातें पानी के मासिक बिल पर सीधा असर डालेंगी।

    हरियाणा सरकार की नई व्यवस्था में हर साल पानी की दरों में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित हैं और शहरी निकाय विभाग द्वारा निर्धारित पानी की यह दरें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा निर्धारित दरों के बराबर होंगी। मीटर लगे घरेलू कनेक्शन में पानी की खपत के आधार पर स्लैब तय किए गए हैं। 10 किलोलीटर तक पानी की दर तीन रुपये प्रति किलोलीटर होगी। 10 से 20 किलोलीटर तक छह रुपये, 20 से 30 किलोलीटर तक 9.50 रुपये और 30 किलोलीटर से अधिक पानी की खपत पर 12 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से शुल्क लिया जाएगा। यानी पानी की खपत बढ़ने के साथ प्रति किलोलीटर दर भी बढ़ती जाएगी। खास बात यह है कि 500 वर्ग गज तक के प्लॉट वाले परिवारों को मीटरयुक्त कनेक्शन पर छूट मिलेगी। इससे छोटे प्लॉट वाले परिवारों को नई व्यवस्था में राहत मिल सकती है। हरियाणा के शहर निकाय विभाग की ओर से 18 अगस्त को बढ़ी हुई दरों की अधिसूचना जारी की गई है, जो कि 18 फरवरी 2027 से लागू मानी जाएगी।

    घरेलू कनेक्शन के व्यावसायिक इस्तेमाल पर 500 रुपये जुर्माना
    नई व्यवस्था में पानी की दरें हर साल पांच प्रतिशत बढ़ेंगी। इससे मौजूदा बिल के साथ आने वाले वर्षों में पानी पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ता जाएगा। घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर 500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जिन कनेक्शनों में मीटर लगा है, लेकिन नोटिस के बाद भी दो महीने से अधिक समय तक मीटर काम नहीं करता, उस कनेक्शन को बिना निकाय क्षेत्रों में शामिल गांवों में भी समान दरें लागू हरियाणा के नगर निकाय क्षेत्रों में आने वाले गांवों पर भी पानी और सीवरेज की यही दरें लागू होंगी। वहीं, संस्थाओं, औद्योगिक और वाणिज्यिक मीटरयुक्त जलापूर्ति के लिए 25 किलोलीटर तक 20 रुपये प्रति किलोलीटर, 25 से 50 किलोलीटर तक 25 रुपये, 50 से 100 किलोलीटर तक 30 रुपये और 100 किलोलीटर से अधिक आपूर्ति पर 35 रुपये प्रति किलोलीटर की दर तय की गई है।

    पानी की खपत बढ़ी तो बिल भी तेजी से बढ़ेगा
    बिना मीटर कनेक्शन वाले मकानों में प्रति 10 किलोलीटर तक की आपूर्ति पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके बाद पानी की खपत बढ़ने पर प्रति किलोलीटर तीन रुपये शुल्क लगेगा। 30 किलोलीटर से अधिक पानी की आपूर्ति पर 12 रुपये प्रति किलोलीटर की दर लागू होगी। पानी के बिल के साथ सीवरेज चार्ज भी जुड़ेगा। पानी के कुल बिल का 25 प्रतिशत सीवरेज चार्ज के रूप में लिया जाएगा। यानी उपभोक्ता पर पानी की कीमत के साथ सीवरेज का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा।

    बिना मीटर वाले मकानों को भी देना होगा शुल्क
    बिना मीटर वाले मकानों के लिए यह शुल्क किया गया है निर्धारित बिना मीटर वाले मकानों के लिए पानी की खपत के बजाय प्लॉट के आकार को बिल का आधार बनाया गया है। 50 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 175 रुपये प्रतिमाह, 50 से 100 वर्ग मीटर तक 350 रुपये और 100 से 200 वर्ग मीटर तक 870 रुपये प्रतिमाह शुल्क निर्धारित किया गया है। 200 वर्ग मीटर से अधिक बड़े प्लॉट पर प्रत्येक अतिरिक्त 100 वर्ग मीटर की वृद्धि के लिए 700 रुपये तक अतिरिक्त प्रभार लिया जाएगा। यानी जिन घरों में मीटर नहीं है, वहां पानी का बिल इस बात से प्रभावित होगा कि मकान किस आकार के प्लॉट पर बना है।

  • पंजाब के मंत्री गुरमीत खुड्डियां ने चार युवाओं को सौंपे सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र

    पंजाब के मंत्री गुरमीत खुड्डियां ने चार युवाओं को सौंपे सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र

    चंडीगढ़.

    पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मंगलवार को पंजाब सिविल सचिवालय में विभाग के चार नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें तीन क्लर्क और एक ग्रुप-डी कर्मचारी शामिल हैं।

    मंत्री खुड्डियां ने नवनियुक्त कर्मचारियों को लगन, ईमानदारी और सेवा भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए प्रेरित किया। खुड्डियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सत्ता संभालने के बाद से विभिन्न सरकारी विभागों में 69,000 से अधिक नौकरियां प्रदान की हैं। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक परमदीप सिंह वालिया सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    दिवंगत कबड्डी खिलाड़ी की पत्नी को सरकारी नौकरी
    वहीं, इससे पहले पंजाब के होनहार कबड्डी खिलाड़ी गुरजीत सिंह तूत के निधन से परिवार को हुए दुख में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उनके परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की थी। मुख्यमंत्री ने गुरजीत सिंह तूत के परिवार के साथ दुख साझा करते हुए कहा कि उनके असमय निधन से पैदा हुई कमी को शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल है।

    मुख्यमंत्री ने गुरजीत सिंह तूत की पत्नी को सरकारी नौकरी देने का भी एलान किया था। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गुरजीत तूत की खेल प्रतिभा और पंजाब के लिए उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका नाम और योगदान लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा।

  • अमृतसर में नशे ने उजाड़े 356 परिवार, महिलाओं ने BJP नेता को बांधी राखी

    अमृतसर में नशे ने उजाड़े 356 परिवार, महिलाओं ने BJP नेता को बांधी राखी

    अमृतसर.

    रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में विधानसभा हलका उत्तरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अक्षय शर्मा की ओर से 'राखी महासम्मेलन' का आयोजन किया गया। भव्य कार्यक्रम में भारी संख्या में मातृशक्ति ने हिस्सा लिया।

    सम्मेलन का सबसे भावुक पहलू वह रहा जब नशे के दंश के कारण अपने पिता, पुत्र या भाई को खो चुकीं करीब 356 पीड़ित महिलाओं ने अक्षय शर्मा को राखी बांधकर अपना भाई स्वीकार किया।
    कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय अत्यंत भावुक हो गया जब इन पीड़ित परिवारों की महिलाओं ने अक्षय शर्मा की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। बता दें कि अक्षय शर्मा लंबे समय से नशे से प्रभावित इन परिवारों के निरंतर संपर्क में हैं और उनकी हरसंभव सहायता करते आ रहे हैं। भावुक बहनों को ढांढस बंधाते हुए भाजपा नेता अक्षय शर्मा ने कहा कि ये महिलाएं उनके लिए केवल हलका उत्तरी की निवासी नहीं, बल्कि उनके अपने परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं।

    कई इलाकों में परिवार गरीबी रेखा से नीचे
    उन्होंने इन परिवारों के दर्द को बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। कार्यक्रम के जरिए जहां उन्होंने विरोधियों के समक्ष अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ और जनसमर्थन का प्रदर्शन किया, वहीं यह संदेश भी दिया कि जनता के साथ सच्चा जुड़ाव ही वास्तविक ताकत है। शर्मा ने कहा कि हलका उत्तरी के कई इलाकों में परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने को विवश हैं। गरीबी कोई स्थायी मजबूरी नहीं बल्कि परिस्थितियों की देन है, जिसे इच्छाशक्ति और सही नीतियों से बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए युवाओं को आगे आकर नेतृत्व और जिम्मेदारी संभालनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि माताओं और बहनों का आशीर्वाद ही युवा शक्ति को नई ऊर्जा देता है। उनका मुख्य लक्ष्य हलका उत्तरी की तस्वीर को बदलना है, ताकि यहां का हर नागरिक मजबूर नहीं बल्कि आत्मनिर्भर और मजबूत बने।

  • राजस्थान में 76 हजार शिक्षकों की भर्ती! जानें कितनी मिलेगी सैलरी

    राजस्थान में 76 हजार शिक्षकों की भर्ती! जानें कितनी मिलेगी सैलरी

    जयपुर
    राजस्थान के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की किल्लत को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में शिक्षकों की कमी को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों के बीच सरकार ने 'विद्या संबल योजना' के तहत बड़े पैमाने पर भर्ती का फैसला लिया है. इस योजना के जरिए प्रदेश के सभी स्कूलों में कुल 76,000 गेस्ट फैकल्टी (शिक्षकों) की तैनाती की जाएगी। 

    शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए गाइडलाइन तय की है. योजना के मुताबिक, विभाग हर एक खाली पद के लिए तीन आवेदनों को शॉर्टलिस्ट करेगा. इसके बाद आवेदकों की योग्यता और मेरिट के आधार पर सबसे योग्य उम्मीदवार को शिक्षक के रूप में स्कूल में नियुक्त किया जाएगा। 

    कक्षा के हिसाब से तय हुआ मानदेय 
    विद्या संबल योजना के तहत नियुक्त होने वाले शिक्षकों को प्रति घंटे (Hourly Basis) के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम मासिक सीमा भी तय की गई है:

    कक्षा 1 से 8वीं (प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक): ₹300 प्रति घंटा (अधिकतम ₹21,000 प्रति माह)

    कक्षा 9वीं और 10वीं (माध्यमिक): ₹350 प्रति घंटा (अधिकतम ₹25,000 प्रति माह)
    कक्षा 11वीं और 12वीं (उच्च माध्यमिक): ₹400 प्रति घंटा (अधिकतम ₹30,000 प्रति माह)

    आंदोलनों के बीच सरकार का बड़ा फैसला
    गौरतलब है कि राजस्थान के कई इलाकों में सरकारी स्कूलों में विषय अध्यापकों के पद खाली होने के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी. इसे लेकर स्थानीय स्तर पर अभिभावक और छात्र लगातार विरोध-प्रदर्शन और तालाबंदी कर रहे थे. सरकार के इस फैसले से जहां एक तरफ स्कूलों में शिक्षकों की कमी तुरंत पूरी होगी, वहीं दूसरी तरफ युवाओं को रोजगार का मौका भी मिलेगा। 

  • बिहार के छात्रों के लिए बड़ी सौगात, ‘विद्या साथी’ ऐप लॉन्च; घर बैठे फ्री में JEE-NEET की तैयारी

    बिहार के छात्रों के लिए बड़ी सौगात, ‘विद्या साथी’ ऐप लॉन्च; घर बैठे फ्री में JEE-NEET की तैयारी

     पटना
    सम्राट सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए 'बिहार विद्या साथी' ऐप लॉन्च (Bihar Vidya Sathi App) किया है। 24 अगस्त को सीएम सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) ने पटना से इस ऐप का शुभारंभ किया और छात्रों ने ऐप का ट्रायल भी लिया।

    इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि छात्र अब फ्री में जेईई-नीट तक की तैयारी घर बैठे कर सकेंगे।

    चलिए अब इस ऐप के फीचर्स के बारे में आपको बताते हैं। इसी के साथ हम 'बिहार विद्या साथी' ऐप (Bihar Student Education App) को लेकर पूछे जा रहे तमाम सवालों के जवाब भी देंगे।

    1. इस ऐप से किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
    बिहार के 9वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए यह ऐप (Vidya Sathi App) लॉन्च किया गया है। कक्षा 9वीं-10वीं के विद्यार्थियों के लिए सभी विषयों में तथा कक्षा 11वीं-12वीं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए लाइव ट्यूटर सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा।

    2- कितने छात्रों को मिलेगा लाभ?
    सरकार की इस योजना से राज्य के सभी 38 जिलों के लगभग 3 लाख छात्रों को सीधा फायदा होगा।

    3- कैसे मिलेगा लाभ?
        इस इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म (ऐप) पर छात्रों को डिजिटल स्टडी मटेरियल और AI-पावर्ड टूल्स मिलेंगे।
        छात्र अपनी सुविधानुसार शिक्षकों का चुनाव कर सकेंगे और उनसे 'वन-ऑन-वन' (डायरेक्ट) सवाल पूछ सकेंगे।

    4- क्या ऐप के लिए कोई शुल्क लगेगा?
    यह बिहार सरकार की एक पहल है, इसलिए छात्रों के लिए यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क (फ्री) होगी। इसका कोई भी चार्ज नहीं लगेगा।

    5- क्या सभी सरकारी स्कूलों के छात्रों को ऐप का एक्सेस मिलेगा?
        शुरुआत में नहीं। अभी इसे राज्य के 700 'सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों' के लिए लॉन्च किया गया है।
        मुख्यमंत्री के अनुसार, भविष्य में इसका विस्तार राज्य के अन्य स्कूलों में भी किया जाएगा।

    6- छात्र JEE-NEET की तैयारी भी कर सकेंगे
    इस ऐप पर सिर्फ बिहार बोर्ड का सिलेबस ही नहीं, बल्कि JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exam) की तैयारी के लिए भी डिजिटल मटेरियल और अनलिमिटेड प्रैक्टिस सेट उपलब्ध होंगे।

    7. शिक्षक 24×7 ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे
        छात्रों के डाउट सॉल्व करने के लिए लगभग 75,000 शिक्षक 24×7 (चौबीसों घंटे) उपलब्ध रहेंगे।
        छात्र कहीं से भी और कभी भी ऑनलाइन आकर अपने सवालों के जवाब पा सकेंगे।

    ऐप को लॉन्च करने का उद्देश्य
    बिहार सरकार के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों की कमी के कारण किसी भी बच्चे की पढ़ाई न रुके और उन्हें घर बैठे ही बेहतरीन शिक्षकों का मार्गदर्शन मिल सके।

    'बिहार विद्या साथी' ऐप का मूल मकसद है कि मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विद्यालय की पढ़ाई के अतिरिक्त 24 घंटे सातों दिन ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिले। इसके माध्यम से छात्र/छात्राएं मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की आसानी से तैयारी कर सकते हैं। – सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

     

  • JPSC घोटाले में बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता निलंबित; जांच का दायरा बढ़ा

    JPSC घोटाले में बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता निलंबित; जांच का दायरा बढ़ा

    रांची.

    झारखंड लोक सेवा आयोग की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के निलंबन का आदेश कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने जारी कर दिया है। उन्हें विगत 22 जुलाई को अपराध अनुसंधान विभाग की ओर से गिरफ्तार किया गया था।

    कांड संख्या-16/2026 की प्राथमिक अभियुक्त श्वेता कुमारी गुप्ता, उप परीक्षा नियंत्रक, झारखंड लोक सेवा आयोग गिरफ्तारी के बाद से ही हिरासत में हैं। उन्हें झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत हिरासत में लिए जाने की तिथि यानि की 22 जुलाई के प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। श्वेता कुमारी गुप्ता को निलंबन अवधि के दौरान जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान उसी स्थापना द्वारा किया जाएगा, जहां वह कारावास में जाते समय पदस्थापित थीं। जारी आदेश के अनुसार हिरासत से मुक्त होने के बाद श्वेता गुप्ता कार्मिक, प्रसासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में योगदान देंगी। श्वेता गुप्ता की ओर से जमानत याचिका भी सीआईडी कोर्ट में दाखिल की गई है।

    टीडीपीएल की कार्यप्रणाली और जांच के दायरे में आई अन्य नियुक्तियां
    झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) नियुक्ति घोटाले में सामने आ रहे नए तथ्य यह बताते हैं कि गड़बड़ी का यह दायरा सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार गहरी प्रशासनिक और संस्थागत व्यवस्थाओं से जुड़े हुए हैं। सीआईडी की अब तक की तफ्तीश में यह बात प्रमुखता से उभरी है कि परीक्षा आयोजन से जुड़े निजी और गोपनीय अनुबंधों में किस तरह से सेंध लगाई गई थी। इस पूरे प्रकरण में टीडीपीएल ्नामक एजेंसी की भूमिका सबसे ज्यादा संदेह के घेरे में है। एजेंसी द्वारा जितनी भी परीक्षाओं के संचालन का जिम्मा लिया गया था, उनमें प्रश्न पत्र लीक होने से लेकर ओएमआर शीट में हेरफेर करने तक के गंभीर संकेत मिले हैं। बिचौलियों और परीक्षा से जुड़े जिम्मेदारों की मिलीभगत से एक संगठित गिरोह संचालित हो रहा था, जो हर पद के लिए एक निश्चित सौदा तय करता था। इस हाई-प्रोफाइल जांच के अब उन अन्य कड़ियों तक भी पहुंचने की उम्मीद है, जो इस पूरे सिस्टम में पर्दे के पीछे रहकर फायदा उठा रहे थे। सीआईडी द्वारा अदालत में 6 बैगों में पेश किए गए दस्तावेज इस बात का प्रमाण हैं कि जांच का दायरा अब डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और कॉल डिटेल्स के आधार पर आगे बढ़ चुका है, जिससे आनेवाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

    कार्मिक ने तत्कालीन बीडीओ को आरोप मुक्त किया
    कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने मांडू के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी जागो महतो को निलंबन मुक्त करने का आदेश देते हुए इससे संबंधित संकल्प जारी कर दिया है। संकल्प के अनुसार लोकायुक्त के पास की गई शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी लेकिन विभागीय जांच में उनपर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद विभाग ने आरोप वापस लेते हुए उन्हें निलंबन मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है।

  • राजस्थान में कर चोरी पर बड़ा एक्शन, 2.83 करोड़ की कर देयता चिन्हित

    राजस्थान में कर चोरी पर बड़ा एक्शन, 2.83 करोड़ की कर देयता चिन्हित

    जयपुर
     वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा कर चोरी एवं अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 14 से 19 अगस्त 2026 के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में सर्वे एवं तलाशी की कार्रवाई की गई। खैरथल, अलवर, धौलपुर, चित्तौड़गढ़, सांगड़िया, श्रीगंगानगर, सवाई माधोपुर, नीमराना/कोटपूतली-बहरोड़ तथा भिवाड़ी सहित विभिन्न स्थानों पर की गई इन कार्रवाइयों में खाद्य तेल, विनिर्माण, परिवहन, होटल एवं आतिथ्य, प्रिंटिंग तथा औद्योगिक सेवाओं सहित अनेक क्षेत्रों में कर अनियमितताएं सामने आईं।

    इन मामलों में कुल मिलाकर लगभग 2.83 करोड़ रुपए की प्रारंभिक कर देयता/राजस्व प्रभाव चिन्हित हुआ है। कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं द्वारा लगभग 2.06 करोड़ रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा अथवा रिवर्स की गई है। इनमें नियमानुसार कर, ब्याज एवं दंड से संबंधित भुगतान भी शामिल हैं।

    फर्जी एवं गैर-मौजूद फर्मों से आईटीसी लेने के मामले सामने आए –
    खैरथल स्थित रामचंद्र राम निवास ऑयल मिल्स, जो सरसों एवं सरसों तेल के कारोबार से जुड़ी है, के मामले में लगभग 20 लाख रुपए की आईटीसी ऐसी फर्म से प्राप्त करने का मामला सामने आया जो अस्तित्व में नहीं पाई गई। कार्रवाई के दौरान फर्म द्वारा लगभग 19.05 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की गई। भौतिक स्टॉक सत्यापन में भी अंतर पाया गया और मामले की आगे जांच जारी है।

    इसी प्रकार अलवर के एग्रो फूड पार्क, मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र स्थित आर.आर. ऑयल एंड फैट्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में लगभग  15 लाख रुपए की आईटीसी ऐसी गैर-मौजूद फर्म से प्राप्त करने का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान करदाता ने लगभग 14.85 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की। स्टॉक के भौतिक सत्यापन में भी अंतर पाया गया।

    अपात्र आईटीसी के विरुद्ध कार्रवाई
    चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ इन्फ्रा डेवलपर्स एलएलपी, जो होटल व्यवसाय से जुड़ी है, के मामले में लगभग 32 लाख रुपए की अपात्र आईटीसी का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान करदाता ने लगभग 31.90 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से रिवर्स की।

    नीमराना के रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित कमल सीईडी सॉल्यूशंस एलएलपी के मामले में निर्माण एवं वर्क कॉन्ट्रैक्ट से संबंधित खर्चों पर अपात्र आईटीसी लिए जाने का मामला सामने आया। इसमें लगभग 20.51 लाख रुपए की राशि शामिल थी, जिसे करदाता द्वारा कार्रवाई के दौरान स्वेच्छा से जमा किया गया। मामले की आगे जांच जारी है।

    भिवाड़ी स्थित विरगो ग्राफिक्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में भी अपात्र आईटीसी से संबंधित अनियमितता सामने आई। प्रारंभिक रूप से लगभग 50 लाख रुपए की आईटीसी की जांच की गई, जबकि कार्रवाई के दौरान करदाता द्वारा कुल लगभग 74.15 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की गई। मामले में आगे की जांच जारी है।

    स्टॉक और उत्पादन में अंतर से कर चोरी के संकेत
    श्रीगंगानगर स्थित श्री टायल इंडस्ट्रीज, जो सीमेंट टाइल्स के निर्माण से जुड़ी है, में भौतिक स्टॉक एवं खरीद अभिलेखों की जांच के दौरान खरीदे गए सीमेंट की मात्रा और उससे तैयार होने वाली टाइल्स के घोषित उत्पादन में महत्वपूर्ण अंतर पाया गया। प्रारंभिक जांच में उत्पादन कम दिखाकर बिक्री एवं कर देयता कम दर्शाए जाने की आशंका सामने आई। मामले में लगभग 22 लाख रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित हुई और करदाता द्वारा 15 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की गई।

    धौलपुर में यादव इलेक्ट्रिकल्स के मामले में विभिन्न वित्तीय वर्षों में दावा की गई आईटीसी में लगभग 82.79 लाख रुपए का अंतर पाया गया। प्रारंभिक रूप से लगभग 19.73 लाख रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित हुई है। फर्म अपने घोषित व्यावसायिक परिसर पर संचालित पाई गई और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    सांगड़िया, हनुमानगढ़ स्थित वीर चंद एंड संस, जो फावड़े एवं अन्य कृषि उपकरणों के कारोबार से जुड़ी है, के मामले में 100 प्रतिशत आईटीसी के दावे से संबंधित अनियमितता सामने आई। कार्रवाई के दौरान करदाता ने लगभग 10.08 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की।

    परिवहन क्षेत्र में भी कार्रवाई
    सवाई माधोपुर में अंबिका बल्क कैरियर के मामले में लगभग 78.59 लाख रुपए की आईटीसी की पुष्टि एवं पात्रता की जांच का मामला सामने आया। प्रारंभिक रूप से लगभग 78.58 लाख रुपए का संभावित कर प्रभाव चिन्हित किया गया। कार्रवाई के दौरान करदाता द्वारा 10 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की गई। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निगरानी
    हाल की इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि विभाग का प्रवर्तन अभियान किसी एक वस्तु या व्यापारिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। खाद्य तेल, विनिर्माण, परिवहन, होटल एवं आतिथ्य, प्रिंटिंग, औद्योगिक सेवाओं तथा अन्य व्यापारिक क्षेत्रों में कर अनियमितताओं की जांच की जा रही है। जहां आवश्यक पाया जा रहा है, वहां लेखा अभिलेखों, खरीद-बिक्री विवरण, स्टॉक एवं आईटीसी दावों का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है।

    वाणिज्यिक कर विभाग ने कहा है कि कर चोरी एवं अपात्र आईटीसी के मामलों में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साथ ही, कार्रवाई के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं को स्वेच्छा से दूर करने और नियमानुसार कर, ब्याज एवं दंड जमा करने वाले करदाताओं को कानून के अनुसार आवश्यक अवसर दिया जा रहा है।

    विभाग ने ईमानदार एवं नियमित करदाताओं से अपील की है कि वे अपने अभिलेख व्यवस्थित रखें, अपने आपूर्तिकर्ताओं की वैधता की जांच करें तथा केवल वही इनपुट टैक्स क्रेडिट लें जो कानून के तहत पात्र है। विभाग का उद्देश्य राजस्व की सुरक्षा के साथ-साथ ईमानदारी से कारोबार करने वाले करदाताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।

  • राजस्थान में सड़क हादसों पर लगेगी लगाम, Google Maps पर दिखेंगे 93 ब्लैक स्पॉट; ड्राइवरों को मिलेगा अलर्ट

    राजस्थान में सड़क हादसों पर लगेगी लगाम, Google Maps पर दिखेंगे 93 ब्लैक स्पॉट; ड्राइवरों को मिलेगा अलर्ट

    जयपुर
    जयपुर रेंज में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और हादसों में होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लिए पुलिस ने एक बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। जयपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक (IG) राहुल प्रकाश के निर्देशन में Operation Safer Roads” नाम का एक अभिनव सड़क सुरक्षा पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत जयपुर रेंज के प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के उन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है, जहां बीते 3 वर्षों में सबसे ज्यादा हादसे और मौतें दर्ज की गई हैं। सबसे खास बात यह है कि पुलिस डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण कर इन 93 ब्लैक स्पॉट्स को सीधे Google Maps प्लेटफॉर्म से इंटीग्रेट कर दिया गया है, ताकि वाहन चालक जैसे ही इन इलाकों के करीब पहुंचेंगे, उनके मोबाइल में अलर्ट बज जाएगा।

    यह आधुनिक तकनीक न केवल ड्राइवरों को पहले से सचेत करेगी, बल्कि उन्हें वाहन की गति धीमी करने और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए भी जागरूक करेगी। इससे जयपुर, सीकर, अलवर और दौसा जैसे जिलों से गुजरने वाले लाखों यात्रियों का सफर बेहद सुरक्षित हो जाएगा।

    3 साल का विश्लेषण- 7 जिलों में 93 ब्लैक स्पॉट
    जयपुर रेंज पुलिस द्वारा वर्ष 2023 से 2025 तक के एक्सीडेंट डेटा, पुलिस रिकॉर्ड और ट्रैफिक रिपोर्ट्स का गहन अध्ययन किया गया। इस डेटा एनालिसिस में दुर्घटनाओं की संख्या से ज्यादा वहां हुई मानव क्षति की गंभीरता को प्राथमिकता दी गई।
    रेंज के 7 जिलों में कुल 93 दुर्घटना संभावित स्थान चिह्नित किए गए हैं:

    कोटपूतली-बहरोड़: 17 स्थान

    A, B और C श्रेणी में बांटे गए रिस्क जोन
    सड़क सुरक्षा संसाधनों का सटीक उपयोग करने और वाहन चालकों को आसानी से समझने योग्य चेतावनी देने के लिए पुलिस ने इन 93 स्थलों को तीन श्रेणियों में विभाजित कर Google Maps और QR Code के साथ जोड़ा है:

    Red (लाल) — A Type (High Risk Zone): कुल 06 स्थान चिह्नित। ये वे स्थान हैं जहां पिछले 3 वर्षों में हादसों के कारण 20 से अधिक लोगों की जान गई है।

    Orange (नारंगी) — B Type (Medium Risk Zone): कुल 30 स्थान चिह्नित। इन स्थानों पर पिछले 3 वर्षों में 10 से 20 जनहानि दर्ज की गई हैं।

    Yellow (पीला) — C Type (Low Risk Zone): कुल 57 स्थान चिह्नित। ये वे डेंजर स्पॉट हैं जहां पिछले 3 वर्षों में 5 से 10 के बीच मौतें हुई हैं।

    QR Code स्कैन करते ही दिखेगा पूरा मैप
    आम जनता, ट्रांसपोर्टर्स और दैनिक यात्रियों के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने एक विशेष QR Code व्यवस्था विकसित की है। इस QR कोड को किसी भी स्मार्ट फोन या Google द्वारा स्कैन करते ही स्क्रीन पर गूगल मैप खुल जाएगा, जहां रेड, ऑरेंज और येलो कलर के स्पॉट दिखाई देंगे।

    इस व्यवस्था के जरिए चालक यात्रा शुरू करने से पहले ही अपने पूरे रूट के रिस्क स्पॉट्स को देख सकते हैं और उसी अनुसार अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।

    कैसे काम करेगा यह अलर्ट सिस्टम?
    तकनीकी एकीकरण के दूसरे चरण में जयपुर रेंज पुलिस ने अपना सत्यापित जियोस्पेशियल डेटा गूगल की टेक्निकल टीम के साथ साझा किया। आवश्यक टेस्टिंग के बाद इसे Google Maps के नेविगेशन सिस्टम में लाइव कर दिया गया है।

    अब जब भी कोई व्यक्ति गाड़ी चलाते समय Google Maps ऑन रखकर नेविगेट करेगा, तो चिह्नित A, B या C श्रेणी के ब्लैक स्पॉट के 500 मीटर से 1 किलोमीटर के दायरे में पहुंचते ही ऐप के माध्यम से वॉयस और स्क्रीन पर पॉप-अप रोड सेफ्टी अलर्ट मिलेगा। यह चेतावनी मिलते ही ड्राइवर तुरंत अपनी स्पीड नियंत्रित कर सकेगा।

    हर 3 महीने में होगा रिव्यू
    पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह पहल केवल लिस्ट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि डेटा बेस्ड एविडेंस पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण है। जयपुर रेंज पुलिस हर 3 महीने में एक्सीडेंट आंकड़ों का पुनः विश्लेषण करेगी। यदि किसी नए स्थान पर दुर्घटनाएं बढ़ती हैं, तो उसे लिस्ट में जोड़कर Google Maps पर अपडेट किया जाएगा।

    पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे अलर्ट मिलने पर ओवरस्पीडिंग से बचें, सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य उपयोग करें और थकान या मोबाइल उपयोग के दौरान ड्राइविंग करने से बचें।

     

  • बठिंडा में 27 अगस्त को बंद रहेंगी अस्पतालों की OPD सेवाएं, PCMS एसोसिएशन का बड़ा फैसला

    बठिंडा में 27 अगस्त को बंद रहेंगी अस्पतालों की OPD सेवाएं, PCMS एसोसिएशन का बड़ा फैसला

    बठिंडा.

    पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन (पीएसएमएसयू) और सांझा मुलाजिम मंच की ओर से सरकारी कर्मचारियों की मांगों को लेकर 27 अगस्त को दिए गए संघर्ष के आह्वान के समर्थन में पीसीएमएस एसोसिएशन ने भी एक दिन के लिए ओपीडी सेवाएं बंद रखने का फैसला किया है।

    पीसीएमएस एसोसिएशन बठिंडा के अध्यक्ष डॉ. जरूप सिंह ने डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पंजाब को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है। एसोसिएशन के अनुसार कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने, डीए की किस्तों व बकाया का भुगतान करने, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियां दूर करने तथा कांट्रैक्ट, एडहॉक और आउटसोर्स भर्ती समाप्त करने जैसी मांगों को लेकर कर्मचारियों के संघर्ष का वह समर्थन करती है। एसोसिएशन ने बताया कि पीएसएमएसयू के डीएचएस यूनिट ने 27 अगस्त के आंदोलन में पीसीएमएस कैडर से भी भागीदारी का आह्वान किया था। इसके बाद सभी जिलों में पीसीएमएसए पदाधिकारियों ने पोल के माध्यम से सदस्यों की राय ली। इसमें पीसीएमएस कैडर ने 27 अगस्त के कार्यक्रम में शामिल होने के पक्ष में एकजुट समर्थन दिया।

    बहुमत से लिया फैसला
    पीसीएमएसए की राज्य स्तरीय जनरल बॉडी की बैठक में विचार-विमर्श के बाद बहुमत से निर्णय लिया गया कि कर्मचारी संगठनों के प्रति समर्थन और एकजुटता के प्रतीक के तौर पर 27 अगस्त को एक दिन के लिए ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रखी जाएंगी। इस दौरान वैकल्पिक (इलेक्टिव) सर्जरी भी नहीं की जाएंगी। हालांकि, जनरल इमरजेंसी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) सेवाएं, आपातकालीन सर्जरी, इनडोर मरीजों का दाखिला, मेडिको-लीगल व पोस्टमार्टम संबंधी कार्य तथा न्यायिक मेडिकल जांच सामान्य रूप से जारी रहेंगी। पीसीएमएसए ने कहा कि सरकार पिछले कुछ वर्षों से कैडर से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाती रही है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि सरकार पंजाब के कर्मचारी संगठनों की मौजूदा जायज मांगों पर भी सकारात्मक कार्रवाई करेगी