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  • ‘मैं राम का वंशज हूं’, CM सम्राट ने किया 1 करोड़ लोगों को नौकरी देने का बड़ा दावा

    ‘मैं राम का वंशज हूं’, CM सम्राट ने किया 1 करोड़ लोगों को नौकरी देने का बड़ा दावा

    पटना.

    मुख्यमंत्री ने पटना में आयोजित 'तुलसी के राम' कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम, सनातन संस्कृति, नदी जोड़ो परियोजना और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर कई बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में अब सालभर पानी रहेगा।

    सोन नदी से फल्गु को जोड़ा जाएगा और नदियों को जोड़ने का काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं लवकुश हूं। लवकुश समाज से आता हूं। भगवान श्रीराम का वंशज हूं। आश्‍वस्‍त करता हूं क‍ि  फल्गु नदी को सोन नदी से जोड़कर गया में पानी की कमी दूर की जाएगी। सोन कोइलवर से भागलपुर तक पीपीपी मोड में मरीन ड्राइव बनाने की बात भी कही। उन्‍होंने नद‍ियों को जोड़ने की योजना की चर्चा की। कहा क‍ि आचार्य चाणक्य के नाम पर पटना में शोध संस्थान खुलेगा। 

    भगवान राम ने समाज को मर्यादा का संदेश दिया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम के प्रतीक हैं। 14 वर्ष के वनवास के दौरान उन्होंने भारत भ्रमण किया और समाज में मर्यादा एवं संस्कृति की स्थापना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीराम ने समाज पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और मर्यादा को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।  

    राम मंदिर आंदोलन और कामेश्वर चौपाल का किया जिक्र
    मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। बिहार के बेटे कामेश्वर चौपाल से शिलापूजन कराया गया था। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को वर्षों तक टेंट में रखा गया और भक्तों ने संघर्ष कर उन्हें भव्य मंदिर में स्थापित कराया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि देश में 'दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' की व्यवस्था को समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार और कई गठबंधन के बाद 2014 में भाजपा की सरकार बनी और अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वीपी सिंह की सरकार के समय भाजपा ने समर्थन देकर ओबीसी आरक्षण लागू कराने में भूमिका निभाई। बाद में पहली बार अति पिछड़ा समाज के बेटे के प्रधानमंत्री बनने के बाद सवर्ण समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया।

    2030 से पहले एक करोड़ लोगों को नौकरी का दावा
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान रोजगार को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर जेल में रखी भगवान वामन की प्रतिमा को वहां से मुक्त कराकर बक्सर में वामन मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर कई योजनाओं का भी उल्लेख किया। गया के विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए 680 करोड़ रुपये की योजना का जिक्र किया गया। सीता मंदिर के निर्माण पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई।

    फल्गु में पानी लाने के लिए नदियों को जोड़ने की योजना
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मां सीता ने फल्गु नदी को शाप दिया था। अब सोन नदी का पानी फल्गु में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फल्गु को सोन से जोड़ने के साथ अन्य नदियों को भी आपस में जोड़ने का काम किया जाएगा! ताकि बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की समस्या दूर हो सके। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में सालभर पानी उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि घर की दीवार का रंग भगवा हो जाने पर कुछ लोग चिढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवा सनातन संस्कृति का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

    धार्मिक पर्यटन और विकास को मिलेगी गति
    मुख्यमंत्री की घोषणाओं में धार्मिक स्थलों के विकास के साथ जल संसाधन और आधारभूत संरचना पर भी जोर दिया गया। विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर, बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर और सीता मंदिर के निर्माण से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं फल्गु और सोन नदी को जोड़ने की योजना से गया में जल संकट दूर करने और नदी आधारित विकास को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सनातन संस्कृति, धार्मिक स्थलों के विकास और बिहार की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।

  • पंजाब CM मान को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप, खुफिया एजेंसियां अलर्ट

    पंजाब CM मान को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप, खुफिया एजेंसियां अलर्ट

    बठिंडा.

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि ईमेल के जरिए भेजी गई धमकी में खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के नाम का इस्तेमाल किया गया है।

    ईमेल में मुख्यमंत्री भगवंत मान को निशाना बनाने की धमकी देते हुए दावा किया गया है कि पांच सितंबर को बठिंडा में उन्हें निशाना बनाया जाएगा। धमकी भरे ईमेल में मुख्यमंत्री भगवंत मान की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह से करते हुए उन पर सिख युवाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही ईमेल में आज अदालत परिसर सहित अन्य स्थानों को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। ईमेल में खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े कुछ लोगों के नामों का भी उल्लेख किया गया है।

    ईमेल में पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में मानव बम के रूप में शामिल रहे दिलावर सिंह का भी जिक्र किया गया है। इसमें लोगों से अपने बच्चों को दिलावर सिंह के बारे में बताने की बात कही गई है। गौरतलब है कि दिलावर सिंह का पैतृक गांव जै सिंह वाला बठिंडा जिले में स्थित है। कुछ सिख संगठनों की ओर से 31 अगस्त को उसका शहीदी दिवस भी मनाया जाता है। धमकी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। ईमेल की सत्यता, इसके स्रोत और धमकी देने वालों की पहचान का पता लगाने के लिए साइबर और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटी हैं। पुलिस की ओर से संभावित संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।

  • कमाई कम बताकर मेंटेनेंस से नहीं बच सकते, पत्नी को हर महीने देने होंगे 2 लाख रुपये

    कमाई कम बताकर मेंटेनेंस से नहीं बच सकते, पत्नी को हर महीने देने होंगे 2 लाख रुपये

    गुरुग्राम.

    गुड़गांव फैमिली कोर्ट ने कहा है कि कमाई का आंकड़ा कम दिखा देने भर से हाई-इनकम पति मेंटेनेंस की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। एडिशनल प्रिंसिपल जज पूनम कंवर की अदालत ने एक ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी के साउथ-वेस्ट एशिया जनरल काउंसिल को अपनी अलग रह रही पत्नी और दो नाबालिग बच्चों को हर महीने 2 लाख रुपये अंतरिम भत्ता देने का आदेश दिया है।

    अदालत ने पति को 50 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के तौर पर देने और बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्च पहले की तरह उठाते रहने का भी निर्देश दिया है। यह आदेश पति की तरफ से दायर तलाक की याचिका पर सुनवाई के दौरान पत्नी की मेंटेनेंस अर्जी पर आया है। पत्नी ने अपने और दोनों बच्चों के लिए 4 लाख रुपये महीना और मुकदमा लड़ने के लिए 7.5 लाख रुपये की मांग की थी। दोनों की शादी 12 जुलाई 2005 को लखनऊ में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। उनके जुड़वां बच्चे देविशा और समरंजय हैं। पत्नी की ओर से वकील मयंक राघव ने दलील दी कि पति की आर्थिक हैसियत उसके हाल के आयकर रिटर्न में दिखाई गई कमाई से कहीं ज्यादा है। राघव ने कहा, "पति का असेसमेंट ईयर 2023-24 में टैक्सेबल इनकम करीब 2.03 करोड़ रुपये और 2024-25 में 2.96 करोड़ रुपये था। लेकिन FY 2025-26 में अचानक यह घटकर 1.02 करोड़ रुपये दिखा दिया गया।" उन्होंने कहा कि पति उसी कंपनी में उसी बड़े पद पर बना हुआ है, फिर आय में इतनी बड़ी गिरावट का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। पत्नी के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि पति ने करीब 5.05 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश और अन्य निवेशों की जानकारी पूरी तरह नहीं दी है।

    पत्नी का कहना था कि उसे नियमित खर्च नहीं मिल रहा था, जिसके चलते उसे अपनी एफडी तुड़वानी पड़ी और घर खर्च चलाने के लिए गोल्ड लोन लेना पड़ा। वहीं पति के वकील आशुतोष भारद्वाज ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि पत्नी पढ़ी-लिखी है और खुद कमा सकती है। उन्होंने पत्नी पर पीपीएफ अकाउंट, एफडी जैसी संपत्तियों को छिपाने और जॉर्जिया समेत विदेश यात्राओं पर पैसा खर्च करने का आरोप लगाया। पति ने यह भी कहा कि वह पहले से ही बच्चों की बोर्डिंग स्कूल की फीस करीब 19.21 लाख रुपये सालाना दे रहा है। उसकी नेट सालाना सैलरी घटकर 36 लाख रुपये रह गई है और उस पर 1.65 करोड़ रुपये का होम लोन व माता-पिता की जिम्मेदारी भी है। हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को नहीं माना। अदालत ने कहा कि सिर्फ स्कूल फीस देना या पत्नी का पढ़ा-लिखा होना मेंटेनेंस से इनकार का आधार नहीं हो सकता।

    कोर्ट ने कहा कि पति ने 2.96 करोड़ से घटकर 1.02 करोड़ रुपये होने पर कोई संतोषजनक कारण नहीं दिया, जबकि वह उसी नौकरी में है। इसलिए अदालत ने उसकी पिछली कमाई की क्षमता को आधार माना। अदालत ने यह भी कहा कि पत्नी के खर्च, विदेश यात्रा या कथित संपत्ति छिपाने जैसे विवाद सबूत के विषय हैं और अंतरिम स्टेज पर मेंटेनेंस से इनकार का कारण नहीं बन सकते, जब पत्नी का दावा है कि उसकी कोई नियमित आय नहीं है। कोर्ट ने माना कि बच्चों की स्कूल फीस देना ही पूरी जिम्मेदारी खत्म होना नहीं है। बच्चों के रोजमर्रा के और भी खर्च हैं और पत्नी के भत्ते का आकलन अलग से दोनों की आर्थिक स्थिति के आधार पर होना चाहिए। इसी आधार पर अदालत ने पति को मेंटेनेंस अर्जी दाखिल करने की तारीख से हर महीने अंग्रेजी कैलेंडर के 10 तारीख तक 2 लाख रुपये महीना, 50 हजार रुपये मुकदमा खर्च और बच्चों की पूरी एजुकेशन फीस देते रहने का आदेश दिया है।

  • नांदेड़ हमले के बाद सक्रिय हुए सुखबीर बादल, मलोट में कार्यकर्ताओं से करेंगे संवाद

    नांदेड़ हमले के बाद सक्रिय हुए सुखबीर बादल, मलोट में कार्यकर्ताओं से करेंगे संवाद

    श्री मुक्तसर साहिब.

    महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले के बाद स्वस्थ होकर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल बुधवार को पहली बार पंजाब में बड़ी जनसभा करने जा रहे हैं। उनकी रैली उनके गृह जिले श्री मुक्तसर साहिब के मलोट में आयोजित की जा रही है।

    इस रैली को हमले के बाद उनकी पंजाब में राजनीतिक सक्रियता की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है। रैली से एक दिन पहले मंगलवार को सुखबीर सिंह बादल ने तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब में पहुंचकर अरदास की और गुरु घर में माथा टेका। इसके बाद बुधवार को मलोट में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच पहुंचेंगे। रैली के दौरान वह कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर सकते हैं। साथ ही पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी की आगे की रणनीति पर भी अपनी बात रख सकते हैं।

    8 से 10 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मी
    पूर्व विधायक हरप्रीत सिंह ने बताया कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध और पंजाब के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए दाना मंडी में "पंजाब बचाओ रैली" आयोजित की जा रही है। इसमें शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल वर्करों को संबोधित करेंगे। रैली में 8 से 10 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। भीषण गर्मी के मद्देनजर 5,000 कुर्सियां और पंखों की विशेष व्यवस्था की गई है।

    13 अगस्त को हुआ था हमला
    बता दें कि 13 अगस्त को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवाण जी मुगत में सुखबीर बादल पर हमला हुआ था। हमले में उनके दाहिने हाथ पर गंभीर चोट आई थी। उन्हें तत्काल नांदेड़ के यशोसाईं अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने करीब 90 मिनट तक सर्जरी कर कटे हुए टेंडन और अल्नर आर्टरी नर्व को ठीक किया था। चिकित्सकों ने बाद में उन्हें खतरे से बाहर बताया था। हमले के एक दिन बाद सुखबीर बादल पंजाब लौट आए थे, लेकिन चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें आराम करने को कहा गया था। अब स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्होंने दोबारा सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रियता बढ़ा दी है। हमले के मामले में हमलावर की पहचान पुणे निवासी करीब 60 से 62 वर्षीय जसपाल सिंह के रूप में हुई थी। बताया गया कि वह वाणिज्य और कानून का स्नातक है तथा पिछले दो वर्षों से गुरुद्वारे में सेवादार के रूप में काम कर रहा था।

  • हरियाणा में कोचिंग संस्थानों के लिए नई पॉलिसी लागू, ‘मान्यता प्राप्त’ और ‘अप्रूव्ड’ शब्द पर रोक

    हरियाणा में कोचिंग संस्थानों के लिए नई पॉलिसी लागू, ‘मान्यता प्राप्त’ और ‘अप्रूव्ड’ शब्द पर रोक

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर नियमों को अब स्पष्ट रूप से लागू करने की व्यवस्था कर दी है। विभाग ने 24 अगस्त 2026 को हरियाणा प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स, 2026 की अधिसूचना जारी की है।

    ये नियम राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी होंगे। नई व्यवस्था के तहत पहले से चल रहे और नए स्थापित होने वाले प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान को संबंधित जिला प्राधिकरण के निर्धारित पोर्टल पर फार्म-1 के पार्ट-1 और पार्ट-2 में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके साथ 10 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस इलेक्ट्रानिक माध्यम से जमा करनी होगी। जिला प्राधिकरण आवेदन की 30 दिन में जांच करेगा। कमी मिलने पर संस्थान को उसे दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाएगा। आवेदन पूरा पाए जाने पर रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी होगा, जिसकी वैधता तीन वर्ष होगी।

    मान्यता प्राप्त शब्द नहीं कर सकते इस्तेमाल
    नए नियमों में कोचिंग संस्थानों के प्रचार को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रविधान किया गया है। संचालक को केवल "रजिस्टर्ड कोचिंग इंस्टीट्यूट" शब्द का इस्तेमाल करना होगा। साइन बोर्ड, प्रास्पेक्टस या किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार में "संबद्ध" या "मान्यता प्राप्त" शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा स्कूल या किसी शिक्षण संस्थान में पढ़ रहे विद्यार्थियों की कोचिंग कक्षाएं उनके स्कूल/संस्थान के अध्ययन या कार्य समय के दौरान नहीं चलाने की शर्त रखी गई है। कोचिंग संस्थान को शिक्षकों की योग्यता, कक्षा की समय-सारणी, फीस स्ट्रक्चर और सामान्य जानकारी वेबसाइट तथा संस्थान के प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करनी होगी।

    फीस, रिफंड और "ईजी एग्जिट" का ब्यौरा देना होगा
    रजिस्ट्रेशन आवेदन के साथ संस्थान को अपने पाठ्यक्रम की जानकारी, उसे पूरा करने की अवधि, ट्यूशन फीस समेत सभी प्रकार की फीस, फीस रिफंड पालिसी, ईजी एग्जिट, लेक्चर, ट्यूटोरियल, ग्रुप डिस्कशन और टेस्ट शेड्यूल की जानकारी देनी होगी। प्रत्येक बैच में अधिकतम विद्यार्थियों की संख्या तथा शिक्षकों और काउंसलर की शैक्षणिक योग्यता और बायोडाटा भी देना होगा।

    कोचिंग सेंटर में सुविधाओं की भी होगी जांच
    आवेदन में संस्थान को फर्नीचर, रोशनी, पीने का पानी, पुरुष और महिला के लिए अलग शौचालय, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा, पार्किंग, पुस्तकालय/रीडिंग रूम, वाई-फाई, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर लैब, हॉस्टल और कैंटीन जैसी सुविधाओं की स्थिति बतानी होगी। इसके साथ ही स्टाफ के चरित्र एवं पूर्ववृत्त के पुलिस सत्यापन, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भवन के बाधारहित होने की जानकारी भी देनी होगी।

    हर साल रिकॉर्ड रखना और वेबसाइट पर अपलोड करना जरूरी
    अधिनियम के तहत पंजीकृत प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान को फार्म-4 में निर्धारित रिकॉर्ड रखना और अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसकी जानकारी हर वर्ष संबंधित जिला प्राधिकरण को देनी होगी। रिकॉर्ड में भवन का मालिकाना/किराये का दस्तावेज, कुल क्षेत्रफल, बैचवार विद्यार्थियों की संख्या, छात्रों की उम्र-योग्यता-संपर्क विवरण, पाठ्यक्रम और फीस, फीस रिफंड नीति, शिक्षकों का पूरा विवरण, टाइम टेबल, कोचिंग लेने वाले और सफल विद्यार्थियों का विवरण, वेबसाइट अपडेट का अंतराल, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, हास्टल शुल्क, शिकायत निवारण व्यवस्था और चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट किए गए वार्षिक खाते शामिल होंगे।

  • लुधियाना में गैंगस्टर का कहर, थार से राहगीर को कुचला; CCTV में कैद वारदात

    लुधियाना में गैंगस्टर का कहर, थार से राहगीर को कुचला; CCTV में कैद वारदात

    लुधियाना.

    लुधियाना में फरीदकोट एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की कार्रवाई के दौरान गैंगस्टर की तेज रफ्तार थार की चपेट में आकर नारियल विक्रेता सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद परिजन उसे इलाज के लिए मुरादाबाद ले गए हैं और फिलहाल लुधियाना पुलिस से कोई कानूनी कार्रवाई करवाने से इन्कार कर दिया है।

    इसके चलते थाना दरेसी पुलिस ने घटना की रिपोर्ट केवल रोजनामचा (DDR) में दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में शिकायत मिलने पर परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    टक्कर के बाद युवक को घसीटा
    यह मामला बीते शनिवार का है। फरीदकोट एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की टीम एक संगीन मामले में वांछित गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह की तलाश में लुधियाना पहुंची थी। टीम की तीन गाड़ियां गुरप्रीत की थार का पीछा कर रही थीं। सुंदर नगर इलाके में पुलिस की घेराबंदी से बचने के लिए गैंगस्टर ने थार की रफ्तार बढ़ा दी थी। भागने के दौरान बुढ्ढा दरिया के पास तेज रफ्तार थार सड़क से नारियल पानी की रेहड़ी लगाने वाले सुनील से टकरा गई। सीसीटीवी में साफ दिखा कि पहले युवक को टक्कर मारी, फिर उसे साथ घसीट ले गया। हादसे में सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया। एजीटीएफ की टीम ने पीछा करते हुए थार को घेर लिया और गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह को काबू कर लिया। कार्रवाई के दौरान उसके कुछ साथियों को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।

    टांगों व कंधे पर आई चोटें
    हादसे के बाद घायल सुनील को उपचार के लिए लुधियाना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। थाना दरेसी के एसएचओ जसविंदर सिंह ने बताया कि अस्पताल से सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। घायल की दोनों टांगों और कंधे पर चोटें आई थीं। बाद में उसके परिजन उसे उपचार के लिए अपने साथ मुरादाबाद ले गए। एसएचओ के अनुसार घायल के परिजनों ने पुलिस को बयान देने और किसी तरह की कार्रवाई करवाने से इन्कार कर दिया। इसके चलते पुलिस ने फिलहाल रोजनामचा में रपट दर्ज की है। यदि घायल या उसके परिजन भविष्य में कार्रवाई की मांग करते हैं तो उनके बयान के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा।

  • दिल्ली की महिलाओं को रक्षाबंधन का तोहफा, CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च की लक्ष्मी योजना

    दिल्ली की महिलाओं को रक्षाबंधन का तोहफा, CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च की लक्ष्मी योजना

     नई दिल्ली

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी की महिलाओं को रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री ने बुधवार को महिलाओं के लिए लक्ष्मी योजना का अप्रूवल पत्र दिया है. लक्ष्मी योजना के तहत नौ लाख से ज्यादा महिलाओं ने अब तक रजिस्ट्रेशन किया है। 

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी शुरुआत करते हुए कहा कि PM मोदी की सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना, मातृ वंदन योजना, ड्रोन दीदी योजना समेत महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया। 

    उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार सिर्फ बातें करती थी, काम नहीं. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार जो कहती है वह करती है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार दिल्ली पर भारी कर्ज छोड़ गई थी, जिसे चुकाने में उनकी सरकार का पूरा एक साल लग गया. उन्होंने बताया कि इसी कारण वे पिछली साल इस योजना को शुरू नहीं कर पाई थी। 

    दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत दिल्ली सरकार महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक मदद देगी. ये सहायता आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को दी जाएगी और इसे दो तरीकों से उनके लिए जारी किया जाएगा. लाभार्थी महिलाओं को सरकार 1,500 रुपये RD या FD खाते में देगी, तो 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में दिए जाएंगे। 

    वहीं दूसरे तरीके में पात्र महिलाएं पूरी रकम अपने आरडी/एफडी खाते में ही ले सकेंगी. बता दें कि इन सेविंग खातों में 31 जुलाई 2029 तक पैसे लॉक-इन रहेंगे और तीन साल के बाद ब्याज समेत यह पूरा पैसा उन्हें दे दिया जाएगा। 

    खास बात तो ये है कि सरकार ने लक्ष्मी योजना के तहत पात्रता मानदंड तय करने के साथ ही ये भी साफ किया है कि किन महिलाओं को इस योजना से दूर रखा जाएगा यानी उन्हें 2500 रुपये मंथली आर्थिक मदद का लाभ नहीं मिलेगा। 

    जिन महिलाओं के तीन से अधिक बच्चे हैं उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. जिस परिवार के पास चार पहिया वाहन है, उसे भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. साथ ही, अगर किसी महिला के खिलाफ कोई आपराधिक केस दर्ज होगा तो उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिलेगा. जिनके परिवार में सालाना 2400 यूनिट से ज्यादा की बिजली खर्च हो रही होगी उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिलेगा. अगर महिला या परिवार GST या इनकम टैक्स भरता होगा तो उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिलेगा. अगर कोई सरकारी नौकरी में या है उससे सेवानिवृत्त हुआ है तो उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिलेगा। 

    क्‍या है द‍िल्‍ली लक्ष्‍मी योजना की पात्रता 

        महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए
        परिवार की कुल आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए
        एक परिवार से एक ही महिला को लाभ मिलेगा
        महिला कम से कम 10 साल से दिल्ली की स्थायी निवासी हों
        महिला के खिलाफ कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं होना चाहिए
        महिला के 3 से ज्यादा बच्चे नहीं होने चाहिए
        परिवार साल में 2400 यूनिट से ज्यादा बिजली न खर्च करता हो
        महिला या परिवार जीएसटी या इनकम टैक्स न भरता हो
        घर में कार नहीं होनी चाहिए, परिवार से कोई सरकारी नौकरी में न हो या रिटायर न हुआ हो

    पैसा चाहिए तो सीबीडीसी वॉलेट बनाना होगा
    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वीकृति पत्र बांटते हुए कहा कि महिलाओं को दिल्ली लक्ष्मी योजना का पैसा कैश नहीं मिलेगा। इन पैसों के लिए बैंक खाता और CBDC वॉलेट मोबाइल में खोलना होगा। 1000 रुपये इसी वॉलेट में आएंगे। इसी के जरिए आप यह पैसा खर्च कर सकती हैं। बाकी के 1500 रुपये FD के रूप में जमा होंगे, जो 3 साल के बाद एक साथ मिलेंगे।

    दिल्ली लक्ष्मी योजना: क्या आपको भी मिलेगा लेटर, यहां जानें
    दिल्ली लक्ष्मी योजना को लॉन्च कर दिया गया है और इसकी पहली किस्त से पहले पात्र महिलाओं को लेटर बांटने शुरू हो गए हैं। आज 2500 महिलाओ को यह लेटर दिया गया है। अगर आपने भी फॉर्म भरा है तो आप चेक कर सकते हैं कि क्या आपको लेटर मिलेगा या नहीं। इसके लिए आपको Portal पर Track Application पर क्लिक करना है। यहां अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से लॉगिन करके आप अपने आवेदन फॉर्म का स्टेटस जान सकते हैं।

    दिल्ली लक्ष्मी योजना लॉन्च, लाभार्थियों को बांटे गए लेटर
    दिल्ली लक्ष्मी योजना को लॉन्च कर दिया गया है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे। तालकटोरा स्टेडियम में 2500 महिलाओं को कार्यक्रम में शामिल किया गया और 65 महिलाओं को मंच पर बुलाकर लेटर दिया गया। बाकी महिलाओं को भी 1 सितंबर से पहले तक लेटर मिल जाएंगे। इसके बाद 1 सितंबर से पैसा मिलना शुरू हो जाएगा।

    द‍िल्‍ली लक्ष्‍मी योजना के 1 स‍ितंबर से खाते में आएंगे पैसे
    दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में दिल्ली लक्ष्मी योजना की पात्र महिलाओं को मिलेगा आधिकारिक पत्र। 1 स‍ितंबर से खाते में 2500 रुपये आएंगे। आज 4000 महिलाओं को स्‍वीकृत‍ि पत्र मिलेगा। अभी तक 9.14 लाख महिला कर योजना में रजिस्ट्रेशन चुकी हैं।

    द‍िल्‍ली लक्ष्‍मी योजना: क्‍या आपके खाते में आएगा पैसा, आपको म‍िलेगा लेटर?

        अगर आपकी उम्र 21 से 60 के बीच है
        अगर आप क‍िसी सरकारी नौकरी या पेंशनधारक नहीं हैं
        पर‍िवार की आय 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा नहीं है
        मह‍िला 10 साल या उससे ज्‍यादा से द‍िल्‍ली की न‍िवासी है
        अगर मह‍िला के ख‍िलाफ कोई आपराध‍िक केस दर्ज नहीं है
        अगर मह‍िला के 3 से ज्‍यादा बच्‍चे नहीं हैं
        पर‍िवार 2400 यून‍िट से ज्‍यादा साल में खर्च नहीं करता है
        मह‍िला या पर‍िवार इनकम टैक्‍स या जीएसटी नहीं भरता हो
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  • कुलदीप शर्मा की चिट्ठी से हरियाणा कांग्रेस में भूचाल, खरगे को बताया ‘पुत्र मोह में धृतराष्ट्र’

    कुलदीप शर्मा की चिट्ठी से हरियाणा कांग्रेस में भूचाल, खरगे को बताया ‘पुत्र मोह में धृतराष्ट्र’

    चंडीगढ़. कांग्रेस के भीतर राजनीतिक खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखी एक चिट्ठी ने हरियाणा कांग्रेस में नया मोर्चा खोल दिया है।

    चिट्ठी में कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य व रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा को सीडब्ल्यूसी से हटाने की मांग की गई थी। इसके बाद हुड्डा समर्थक सांसदों, विधायकों और पूर्व विधायकों ने कुलदीप शर्मा को घेर लिया है।आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस का विवाद की जड़ दीपेंद्र हुड्डा का वह बयान है, जो उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए दिया था। भाजपा ने दीपेंद्र हुड्डा के शब्दों को इस रूप में प्रचारित किया कि उन्होंने सज्जन कुमार को अपना ‘रोल मॉडल’ बताया है। राजनीतिक विवाद बढ़ा तो दीपेंद्र हुड्डा ने अपनी बात पर खेद जताया और माफी मांग ली।
    हुड्डा खेमे का कहना है कि जब सांसद ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए माफी मांग ली, तो मामले को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं थी। इसके बावजूद कुलदीप शर्मा द्वारा खरगे को चिट्ठी लिखे जाने से विवाद को फिर हवा दे दी गई।

    ‘पुत्र मोह में धृतराष्ट्र’ होते जा रहे कुलदीप
    फरीदाबाद एनआइटी के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने तो कुलदीप शर्मा के राजनीतिक अतीत और पारिवारिक रिश्तों तक को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति अपने परिवार का सगा नहीं, वह दूसरों का क्या सगा होगा।” नीरज शर्मा ने आरोप लगाया कि कुलदीप शर्मा ने अपने पिता के साथ भी धोखा किया। उन्होंने कहा कि कुलदीप शर्मा ‘पुत्र मोह में धृतराष्ट्र’ होते जा रहे हैं और परिवार के राजनीतिक हितों को लेकर इस तरह मुखर हैं। नीरज शर्मा ने दीपेंद्र हुड्डा के समर्थन में सवाल उठाया कि कांग्रेस हाईकमान के विरुद्ध (जी-20) यदि किसी पत्र पर कुलदीप शर्मा ने हस्ताक्षर किए थे तो क्या वे बंदूक की नोक पर करवाए गए थे। उनके निशाने पर कुलदीप शर्मा की ओर से उठाए जा रहे राजनीतिक सवाल थे।

    ‘जब हाशिये पर थे, हुड्डा घर से लेकर आए'
    सोनीपत के सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कुलदीप शर्मा को चेतावनी देते हुए कहा कि दीपेंद्र हुड्डा हरियाणा की छत्तीस बिरादरी के नेता हैं और वह विवादित बयान पर खेद प्रकट कर चुके हैं। उन्होंने हुड्डा परिवार के सिख समाज के साथ रिश्तों और सम्मान का भी उल्लेख किया। ब्रह्मचारी ने कहा कि कुलदीप शर्मा एक समय भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अपना भगवान मानते थे, लेकिन व्यक्तिगत स्वार्थ पूरा नहीं होने के बाद उनके परिवार के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि जब कुलदीप शर्मा राजनीति में हाशिये पर थे, तब हुड्डा उन्हें घर से लेकर आए, विधायक बनाया और विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि कुलदीप शर्मा को पार्टी और सरकार में नंबर दो तक का स्थान मिला।

    कांग्रेस प्रभारी ने की कुलदीप शर्मा से बात
    कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र यादव इस पूरे विवाद पर संभलकर बोलते नजर आए। उन्होंने कहा कि यह पार्टी के भीतर की बात है और इसका मंथन मीडिया के सामने नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने कुलदीप शर्मा से बातचीत की है और पार्टी को उम्मीद है कि मामला सुलझ जाएगा।

  • पूर्व CM बेअंत सिंह के हत्यारे जगतार की मां से मिले AAP विधायक, पैरोल की मांग उठाई

    पूर्व CM बेअंत सिंह के हत्यारे जगतार की मां से मिले AAP विधायक, पैरोल की मांग उठाई

    फतेहगढ़ साहिब.

    आम आदमी पार्टी श्री चमकौर साहिब से विधायक डॉ. चरणजीत सिंह ने फतेहगढ़ साहिब जिले के अधीन आती खमानों तहसील के गांव हवारा कलां पहुंचकर जगतार सिंह हवारा की बुजुर्ग व बीमार माता नरिंदर कौर से मुलाकात की।

    जगतार सिंह हवारा हत्या मामले में दिल्ली की मंडोली जेल में सजा काट रहा है। माता की नाजुक स्थिति को देखते हुए विधायक ने गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि एक मां की अपने बेटे से मिलने की तड़प और दर्द को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। डॉ. चरणजीत सिंह ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात कर और केंद्र सरकार को पत्र भेजकर जगतार सिंह हवारा को कम से कम 10 दिनों की पैरोल देने की पुरजोर मांग की है, ताकि अपनी बीमार मां की देखभाल कर सकें। उन्होंने कहा कि इंसानियत और मानवाधिकारों के नाते हवारा को तुरंत पैरोल मिलनी चाहिए। इस अवसर पर विधायक ने माता जी के स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की प्रार्थना भी की।

    विधानसभा सत्र में भी उठा पैरोल का मुद्दा
    पंजाब विधानसभा के वर्तमान सत्र के दौरान भी जगतार सिंह हवारा को पैरोल दिए जाने की मांग उठी थी। गौरतलब है कि हवारा को 1995 के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया था। निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) ने 2007 में उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में अक्टूबर 2010 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था।

    बेअंत सिंह हत्याकांड से संबंध
    जगतार सिंह हवारा पूर्व में वॉलीबॉल के कुशल खिलाड़ी रहे हैं। 31 अगस्त 1995 को पंजाब और हरियाणा सचिवालय के बाहर हुए एक भीषण बम धमाके में पंजाब के तत्कालीन 12वें मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की मृत्यु हो गई थी। इस घटना में पंजाब पुलिस के एक सिपाही सहित 17 लोगों की जान गई थी। इस वारदात को दिलावर सिंह ने मानव बम बनकर अंजाम दिया था, जिसमें हवारा और बलवंत सिंह राजोआणा को मुख्य साजिशकर्ता ठहराया गया था।

  • हर्ष एनकाउंटर मामले में बढ़ा तनाव, CM नायब सैनी की तरावड़ी रैली टली

    हर्ष एनकाउंटर मामले में बढ़ा तनाव, CM नायब सैनी की तरावड़ी रैली टली

    करनाल.

    हर्ष एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच का मामला गरमाता जा रहा है। इधर, सरकार ने विधानसभा सत्र का हवाला देते हुए 30 अगस्त को तरावड़ी में होने वाली मुख्यमंत्री नायब सैनी की रैली को स्थगित कर दिया है। खुद नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी ने इसकी जानकारी दी है।

    वहीं, सरकार के इस फैसले के बाद रोड़ समाज ने भी अपनी 101 सदस्यीय कमेटी की बैठक बुधवार को बुलाई है। इस बैठक में समाज अपनी अगली रणनीति तय करेगा। खास बात ये है कि इस बैठक में इसके साथ ही रोड़ महासभा के प्रधान बलकार ने भाजपा सरकार में शामिल समाज के लोगों को आने का आह्वान किया है। एक वीडियो जारी कर अखिल भारतीय रोड़ महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने कहा कि हर्ष एनकाउंटर मामले को लेकर 101 सदस्यों की कमेटी बनाई हुई है। उस कमेटी की बुधवार को बैठक होगी। इस बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि सरकार ने उनकी मांग 30 अगस्त तक नहीं मानी तो आगे की क्या रणनीति रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में रोड़ समाज के जितने भी पदाधिकारी हैं।

    रोड़ समाज के साथ गलत हुआ
    वह चाहे ब्लाक स्तर पर हो, जिला स्तर पर हो या प्रदेश स्तर पर हो। वे सभी इस बैठक में पहुंचे, वह भी समाज का हिस्सा हैं। उन्हें चाहिए कि वह सरकार से न्याय दिलाने में समाज की मदद करें। सरकार को बताएं कि रोड़ समाज के साथ गलत हुआ है। बता दें कि 24 अगस्त को रोड़ समाज के लोगों ने हजारों की संख्या में एकत्रित होकर रोड़ धर्मशाला से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में डीसी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा था। जिसमें तीन मुख्य मांगे रखी गई थी। इसके साथ ही समाज के लोगों ने सरकार को चेताया था कि 30 अगस्त को तरावड़ी में होने वाली भाजपा रैली का वह विरोध करेंगे। अब सरकार ने इससे आगे निकलकर रैली ही स्थगित कर दी है। देखना यह है कि अब रोड़ समाज का अगला फैसला क्या होगा।

    नीलोखेड़ी विधायक पर साधा निशाना
    प्रधान बलकार ने कहा कि हर्ष का गांव काला माजरा नीलोखेड़ी विधानसभा में आता है। पिछले कई दिनों से हर्ष का मामला चला हुआ है। इसके बावजूद भी नीलोखेड़ी के विधायक ने तरावड़ी में सरकार की रैली कराने की तैयारी कर ली। क्या विधायक के लिए यह उचित है। उसकी विधानसभा क्षेत्र में एक नौजवान का फर्जी एनकाउंटर कर दिया और उसका समाज सरकार से न्याय मांगने के लिए सड़क पर उतर रहा है।