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  • अग्निवीरों को सरकारी नौकरी देगी हरियाणा सरकार, विभागों से मांगा खाली पदों का ब्योरा

    अग्निवीरों को सरकारी नौकरी देगी हरियाणा सरकार, विभागों से मांगा खाली पदों का ब्योरा

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सैन्य सेवा पूरी होने के साथ ही राज्य सरकार ने उनके लिए सरकारी रोजगार की तैयारी तेज कर दी है। सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित सीधी भर्ती के पदों का वास्तविक ब्यौरा मांग लिया है।

    सामान्य प्रशासन विभाग की मानव संसाधन-2 शाखा ने 25 अगस्त को आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों से 26 अगस्त दोपहर तीन बजे तक निर्धारित प्रोफार्मा में जानकारी देने को कहा है।
    सरकार इस कवायद के जरिए यह पता लगाएगी कि पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित कितने पद उपलब्ध हैं, कौन से विभागों में हैं और उन पर भर्ती कब हो सकती है। सरकारी विभागों को सिर्फ रिक्त पदों की संख्या नहीं, बल्कि पद का नाम, आरक्षण प्रतिशत, संभावित रिक्तियों की संख्या, श्रेणीवार विवरण और भर्ती का प्रस्तावित महीना भी बताना होगा। यूआर, ओएससी, डीएससी, बीसी-ए, बीसी-बी और ईडब्ल्यूएस के अनुसार भी रिक्तियों का ब्योरा मांगा गया है।

    पहले बैच में हरियाणा के 1,373 युवा
    अग्निपथ योजना के तहत हरियाणा से अब तक 7,228 युवा अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए हैं। इनमें 2022-23 में 2,227, 2023-24 में 2,893 और 2024-25 में 2,108 युवा शामिल हैं। योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में बनाए रखने का प्रविधान है, जबकि बाकी अग्निवीर सेवा से बाहर होते हैं। देश में पहला बैच जुलाई 2026 से चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होना शुरू हुआ है। हरियाणा से इस पहले बैच में करीब 1,373 युवा हैं। ऐसे में सरकार की यह कवायद सीधे तौर पर इन युवाओं के सैन्य सेवा के बाद रोजगार की तैयारी से जुड़ी है।

    एचपीएससी-एचएसएससी की भर्तियों में जुड़ेगा कोटा
    सरकारी आदेश में खासतौर पर उन पदों की उपलब्धता मांगी गई है, जिन पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के माध्यम से की जानी है। विभागों से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर आगामी सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के आरक्षण को लागू करने की तस्वीर साफ होगी।

    संभावित भर्ती कैलेंडर भी तैयार करने की तैयारी
    हरियाणा में पुलिस कांस्टेबल, इंडियन रिजर्व बटालियन, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, फारेस्ट गार्ड, जेल वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड और फायर आपरेटर जैसे पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान है। सामान्य ग्रुप-सी पदों पर पांच प्रतिशत और सैन्य सेवा से जुड़े विशेष कौशल वाले ग्रुप-बी पदों पर एक प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। सरकार की इस कवायद में सबसे अहम बात यह है कि विभागों को संभावित रिक्तियों के साथ भर्ती का प्रस्तावित महीना भी बताना होगा। इससे सरकार के पास केवल आरक्षित पदों का आंकड़ा ही नहीं, बल्कि आने वाले महीनों में किन विभागों में और कब भर्ती हो सकती है, इसका संभावित कैलेंडर भी तैयार होगा।

  • रक्षाबंधन से पहले झारखंड सरकार का तोहफा, रांची की 3.95 लाख महिलाओं के खाते में पहुंचे ₹2500

    रक्षाबंधन से पहले झारखंड सरकार का तोहफा, रांची की 3.95 लाख महिलाओं के खाते में पहुंचे ₹2500

    रांची
    रक्षाबंधन से पहले झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत रांची जिले की महिलाओं को सम्मान राशि का भुगतान किया है। अगस्त 2026 की राशि जिले की 3 लाख 95 हजार 692 लाभुकों के बैंक खातों में आधार बेस्ड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेज दी गई है।

    योजना के तहत प्रत्येक लाभुक को 2500 रुपये की सम्मान राशि दी गई है। रांची जिले के लाभुकों के खातों में कुल 98 करोड़ 92 लाख 30 हजार रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।

    रांची जिले में प्रखंड और शहरी क्षेत्रवार लाभुकों को योजना का लाभ दिया गया है। इनमें कांके में 31,620, टाउन अर्बन क्षेत्र में 26,042, मांडर में 23,008, सिल्ली में 21,335, बेड़ो में 20,620 और रातू में 20,427 लाभुक शामिल हैं।

    जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। रांची जिले में पात्र लाभुकों तक योजना का लाभ पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। लाभुकों के भुगतान की प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जा रही है और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यह योजना आर्थिक सहायता के साथ-साथ महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मजबूत कदम है। 

  • पंजाब में महाहड़ताल का असर, स्कूलों में शिक्षक नहीं आए; अस्पतालों की OPD बंद, दफ्तरों में काम ठप

    पंजाब में महाहड़ताल का असर, स्कूलों में शिक्षक नहीं आए; अस्पतालों की OPD बंद, दफ्तरों में काम ठप

    अमृतसर.

    डीए जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारी संगठनों की ओर से 27 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिल। अमृतसर जिले के करीब सात हजार सरकारी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर हैं। इसके चलते सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित है।

    वहीं, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी, हालांकि मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी जाएंगी। सामूहिक अवकाश के कारण डीसी कार्यालय, खजाना कार्यालय, फूड सप्लाई विभाग, पटवारखाने, आरटीओ कार्यालय समेत कई सरकारी विभागों में नियमित कामकाज प्रभावित होगा विभिन्न विभागों के कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल में शामिल होंगे। इससे सरकारी कामकाज के सिलसिले में कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    अस्पतालों में मरीजों को होगी परेशानी
    हड़ताल का असर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ेगा। सरकारी अस्पतालों में नियमित ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि गंभीर मरीजों और आपात स्थिति में आने वाले लोगों के लिए इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। ओपीडी बंद रहने से सामान्य इलाज और जांच के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी हो सकती है। रोडवेज की बसें भी नहीं चलेंगी सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल का असर रोडवेज सेवा पर भी पड़ने की संभावना है। अमृतसर-1 और अमृतसर-2 डिपो का नियमित स्टाफ बसों का संचालन नहीं करेगा। इससे सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि रेल यातायात सामान्य रहेगा।

    बाजार और निजी शिक्षण संस्थान रहेंगे सामान्य
    हड़ताल का असर सरकारी विभागों और सेवाओं तक सीमित रहेगा। बाजार, निजी स्कूल-कालेज और अन्य निजी शिक्षण संस्थान सामान्य रूप से खुले रहेंगे। रेल यातायात पर भी हड़ताल का कोई असर नहीं होगा। ऐसे में निजी परिवहन और अन्य सामान्य गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

  • पंजाब में बिजली बिलों की शिकायत के लिए 2 हेल्पलाइन नंबर जारी, 15 दिन में होगा समाधान

    पंजाब में बिजली बिलों की शिकायत के लिए 2 हेल्पलाइन नंबर जारी, 15 दिन में होगा समाधान

    मोहाली 
    पंजाब में गलत या ज्यादा बिजली बिल आने से परेशान उपभोक्ताओं की शिकायतों का अब जल्द समाधान होगा। सरकार ने बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के लिए दो स्पेशल हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराने के बाद 15 दिनों के भीतर उसका निपटारा किया जायेगा। 

    सरकार का मकसद लोगों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को दूर करना और उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है। बिजली संबंधी शिकायत के लिए उपभोक्ता 1613105055 या 1616650355 पर कॉल कर सकते हैं।

    हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है। कर्मचारी उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज करेंगे और उनके समाधान की प्रक्रिया पर काम करेंगे। इसके अलावा उपभोक्ता PSPCL कंज्यूमर सर्विसेज ऐप के जरिए भी बिजली से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

    63 हजार से अधिक दोबारा बिल आएंगे
    पंजाब सरकार के मुताबिक, अधिक बिल आने और 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सब्सिडी का लाभ नहीं मिलने वाले 63,702 उपभोक्ताओं की पहचान की गई है। बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने बताया कि मीटर रीडर्स की हड़ताल के दौरान इन उपभोक्ताओं को औसत खपत के आधार पर बिल जारी किए गए थे। इसके चलते मई और जून की 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सब्सिडी बिल में शामिल नहीं हो सकी।

    अब इन सभी उपभोक्ताओं के बिल दोबारा तैयार किए जाएंगे। सरकार अगले तीन कार्यदिवस में संशोधित बिल जारी कर मई-जून की सब्सिडी का लाभ देगी। जिन उपभोक्ताओं ने अपना बिल पहले ही जमा कर दिया है, उनकी अतिरिक्त राशि अगले बिल में समायोजित की जाएगी। अधिक बिल से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए सरकार की ओर से विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। इसके संचालन के लिए 20 कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है।

    पहले इस फॉर्मूले पर भेजे गए थे बिल
    पिछले साल की औसत खपत के आधार पर तीन महीने का बिजली बिल तैयार किया गया। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी उपभोक्ता ने मई में 250 यूनिट बिजली खर्च की, तो यह 300 यूनिट की मुफ्त बिजली सीमा से कम है। ऐसे में उसे कोई बिल नहीं आना चाहिए था। जून में भी खपत 250 यूनिट रही, इसलिए इस महीने भी उपभोक्ता को सब्सिडी का लाभ मिलना चाहिए था।

    जुलाई में गर्मी के कारण खपत बढ़कर 450 यूनिट हो गई। इस तरह तीनों महीनों की कुल खपत 950 यूनिट रही। ऐसी स्थिति में मई और जून की 300-300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिलना चाहिए था और जुलाई का बिल उसकी वास्तविक खपत के आधार पर बनना चाहिए था। हालांकि, तीनों महीनों की कुल खपत को जोड़कर उसे तीन से विभाजित किया गया और औसत खपत के आधार पर बिल तैयार किया गया।

  • बिहटा में दिसंबर से घर-घर पहुंचेगी PNG, NHAI की मंजूरी के बाद पाइपलाइन विस्तार तेज

    बिहटा में दिसंबर से घर-घर पहुंचेगी PNG, NHAI की मंजूरी के बाद पाइपलाइन विस्तार तेज

    पटना
     बिहटा इलाके के लोगों को जल्द ही पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा मिलने वाली है। दिसंबर से बिहटा क्षेत्र में घर-घर पीएनजी कनेक्शन देने की तैयारी है। पीएनजी पाइपलाइन विस्तार के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से एनओसी मिलने के बाद काम तेजी से चल रहा है। अब बिहटा चौक तक पीएनजी की पाइपलाइन पहुंच चुकी है। अब यहां से आगे पाइपलाइन का विस्तार किया जाएगा। 

    गेल के महाप्रबंधक एके सिन्हा ने बताया कि बिहटा चौक से आगे सिकंदरपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र तक पाइपलाइन पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है। सिकंदरपुर में गेल की ओर से गैस डिस्पैच सेंटर बनाया जाएगा। इसके बाद आसपास के आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी की आपूर्ति शुरू की जाएगी। 

    उन्होंने बताया कि पूरे क्षेत्र को पीएनजी के साथ-साथ सीएनजी से भी जोड़ने की तैयारी है। पाइपलाइन विस्तार और आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार करने में करीब पांच से छह महीने का समय लग सकता है। इसके बाद घरों के साथ औद्योगिक इकाइयों को भी पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

    सुरक्षित और सुविधाजनक होगा ईंधन
    बिहटा क्षेत्र में पीएनजी की सुविधा मिलने से घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर की बुकिंग और आपूर्ति की परेशानी से राहत मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक सीधे गैस की आपूर्ति होगी। 

    वहीं औद्योगिक इकाइयों को भी लगातार गैस आपूर्ति का विकल्प मिलेगा। गेल की योजना बिहटा के बढ़ते औद्योगिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पीएनजी और सीएनजी नेटवर्क को विस्तार देने की है।

    फतुहा औद्योगिक क्षेत्र में अगले महीने से मिलेंगे कनेक्शन
    फतुहा औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों को अगले महीने से पीएनजी कनेक्शन मिलने की शुरुआत होगी। पाइपलाइन नेटवर्क तैयार होने के बाद औद्योगिक इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे क्षेत्र की फैक्ट्रियों और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों को पाइप्ड गैस की सुविधा मिल सकेगी।

    पाइपलाइन पहुंची तो एलपीजी कनेक्शन करना होगा सरेंडर
    केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर पीएनजी कनेक्शन लेना होगा। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। निर्देश का पालन नहीं करने पर संबंधित एलपीजी कनेक्शन को निलंबित किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद अपना एलपीजी कनेक्शन निर्धारित प्रक्रिया के तहत सरेंडर करना होगा।

     

  • पंजाब में महाहड़ताल के बीच सरकार का बड़ा कदम, आज कर्मचारियों से मिलेंगे CM मान

    पंजाब में महाहड़ताल के बीच सरकार का बड़ा कदम, आज कर्मचारियों से मिलेंगे CM मान

    चंडीगढ़.

    पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 18 प्रतिशत डीए से जुड़े फैसले को पंजाब सरकार से लागू कराने की मांग को लेकर साझा कर्मचारी मंच के आह्वान पर पंजाब के सरकारी कर्मचारी आज 27 अगस्त को महाहड़ताल पर हैं।

    पंजाब सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ के कार्यालयों के अलावा प्रदेशभर के सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। महाहड़ताल के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। इसी बीच कर्मचारियों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज दोपहर एक बजे जालंधर स्थित पीएपी मुख्यालय में साझा कर्मचारी मंच के नेताओं के साथ बैठक बुलाई है। बैठक में शामिल होने के लिए साझा कर्मचारी मंच के कोआर्डिनेटर सुखचैन सिंह खैहरा, पंजाब सिविल सचिवालय कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान सुशील कुमार फौजी सहित कई कर्मचारी नेता चंडीगढ़ से जालंधर के लिए रवाना हो गए हैं।

    10 कर्मचारी नेता होंगे बैठक में शामिल
    मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में साझा कर्मचारी मंच के अलावा पुरानी पेंशन बहाली को लेकर गठित एसोसिएशन और पेंशनर एसोसिएशन के नेता भी शामिल होंगे। बैठक में कुल 10 कर्मचारी नेताओं के शामिल होने की जानकारी है। कर्मचारी नेता 18 प्रतिशत डीए लागू करने के साथ-साथ अपनी अन्य मांगों को भी सरकार के सामने रखेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, मुख्य सचिव, वित्त सचिव और पर्सनल विभाग के सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

    महाहड़ताल के बीच सरकार से समाधान की उम्मीद
    कर्मचारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के 18 प्रतिशत डीए से जुड़े फैसले को लागू करने में सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। इसी मांग को लेकर साझा कर्मचारी मंच ने महाहड़ताल का आह्वान किया है। अब सभी की निगाहें दोपहर एक बजे होने वाली बैठक पर टिकी हैं। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक में उनकी मांगों पर ठोस फैसला लिया जा सकता है। बैठक के नतीजे के आधार पर महाहड़ताल को लेकर कर्मचारी संगठनों की अगली रणनीति तय होगी।

  • दिल्ली में जलभराव को आपदा मानकर युद्धस्तर पर काम, LG ने दिए 24 घंटे ग्राउंड पर रहने के निर्देश

    दिल्ली में जलभराव को आपदा मानकर युद्धस्तर पर काम, LG ने दिए 24 घंटे ग्राउंड पर रहने के निर्देश

    नई दिल्ली
     दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि बारिश के बाद जलभराव की स्थिति को आपदा मानकर युद्ध स्तर पर काम किया जाए। अधिकारी सड़कों पर मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने यह बातें जलभराव को लेकर मंगलवार शाम को अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहीं। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर पंप लगाने का काम तेजी से पूरा करने को कहा है, ताकि जलभराव से बचा जा सके। बैठक में जल बोर्ड के सीईओ, पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी चेयरमैन, ट्रैफिक पुलिस के अलावा सभी संबंधित विभागों के इंजीनियर भी मौजूद रहे।

    इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है, लेकिन पिछले तीन मॉनसून की तुलना में इस बार हालात बेहतर रहे हैं। अधिकारियों ने जलभराव से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बताया गया कि पिछले एक दशक में ड्रेनेज और बुनियादी ढांचे की अनदेखी के कारण कई पुरानी समस्याएं बनी हुई हैं, उन्हें दूर करने में समय लग रहा है।

    जलभराव से निपटने के लिए पूरी सरकार एकजुट होकर करे काम
    वहीं एलजी ने अधिकारियों से कहा कि जलभराव से निपटने के लिए 'होल ऑफ गवर्नमेंट' यानी पूरी सरकार को एकजुट होकर काम करना होगा। विभाग और एजेंसियां अलग-अलग काम करने के बजाय आपसी तालमेल से तत्काल कार्रवाई करें। सीनियर अधिकारी, इंजीनियरों की ग्राउंड पर 24 घंटे मौजूदगी होनी चाहिए। संवेदनशील स्थानों पर जलभराव होने का इंतजार करने के बजाए पहले से ऐसे स्थानों की पहचान कर जरूरी इंतजाम किए जाए। अतिरिक्त पंप की तैनाती भी की जाए।

    शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई
    एलजी ने नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से मिली जलभराव की शिकायतों पर कार्रवाई की जाए।

  • पंजाब में महाहड़ताल! तीन लाख कर्मचारी सड़क पर, ओपीडी बंद; जालंधर में CM की अहम बैठक

    पंजाब में महाहड़ताल! तीन लाख कर्मचारी सड़क पर, ओपीडी बंद; जालंधर में CM की अहम बैठक

    जालंधर

    सवा तीन लाख पेंशनर्स भी हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप है जबकि अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी हैं। हड़ताल के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारी संगठनों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को जालंधर में बातचीत के लिए बुलाया है।

    फिरोजपुर में विभिन्न सरकारी विभागों की मुलाजिम जत्थेबंदियों ने अपनी मांगों के समर्थन में वीरवार को डीसी दफ्तर के सामने धरना दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।

    जबकि कई जगह सरकारी स्कूल खुले हुए हैं। इसके साथ ही बसें चल रही हैं। इसके साथ ही अफसरों की कारों को चलाने वाले ड्राइवर्स ने भी हड़ताल पर हैं। ऐसे में अफसरों को दफ्तर आने में भी दिक्कत हुई, लुधियाना के डीसी साढ़े 9 बजे तक अपने दफ्तर नहीं पहुंचे।

    सरकारी कर्मचारियों ने अपने-अपने डिपार्टमेंट हेड्स से सामूहिक छुट्‌टी ले ली है। कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि वो आज पूरे दिन हड़ताल पर रहेंगे। सांझा मुलाजिम मंच पंजाब ने घोषणा की थी कि सरकारी बसों के ड्राइवर कंडक्टर भी हड़ताल पर रहेंगे, लेकिन बुधवार को उनकी वित्त मंत्री के साथ बैठक हुई। इसके बाद उन्होंने रक्षाबंधन का हवाला देकर हड़ताल में शामिल होने से मना कर दिया।

    महाहड़ताल के बीच सीएम भगवंत मान के साथ कर्मचारी संगठनों की आज दिन में 1 बजे जालंधर में मीटिंग होगी। इसके बाद ही आगे का फैसला होगा।

    मुलाजिम नेताओं ने कहा कि वे पिछले लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के साथ किए कई वादे अभी तक पूरे नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को मुलाजिमों की समस्याओं का समाधान करते हुए लंबित मांगों को जल्द लागू करना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

    कर्मचारियों की हड़ताल का नहीं दिखा असर 
    पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कर्मचारियों की ओर से 27 अगस्त को बसों की हड़ताल नहीं करने का फैसला लिया गया है। ऐसे में अमृतसर बस अड्डे से विभिन्न रूटों पर बसें चलती रहीं और यात्रियों को राहत मिली।

    वहीं, राज्य के अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर हैं। इससे सरकारी कार्यालयों और कई सरकारी सेवाओं का कामकाज प्रभावित हो रहा है। कर्मचारी लंबित डीए, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कच्चे व कांट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित करने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

    सुधार में गुरु हरगोबिंद खालसा कॉलेज के सामने प्रदर्शन
    लोकतांत्रिक शिक्षक मोर्चा (डीटीएफ) की ओर से लुधियाना-बठिंडा राजमार्ग पर कस्बा गुरुसर सुधार बाजार स्थित गुरु हरगोबिंद खालसा कॉलेज के सामने सुबह करीब साढ़े नौ बजे धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। धरने के दौरान शिक्षक नेताओं और कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

    डीटीएफ के जिला लुधियाना सचिव हरजीत सिंह सुधार ने कहा कि पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते को लंबे समय से दबाकर रखा हुआ है। सरकार की ओर से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का वादा किया गया था, लेकिन साढ़े चार साल बीतने के बावजूद कर्मचारी अपने हक का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग के बकाये का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्रामीण भत्ते समेत 37 प्रकार के भत्ते बंद कर दिए हैं, जबकि कच्चे कर्मचारियों को भी लंबे समय से नियमित नहीं किया जा रहा। स्कूलों में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों, चौकीदारों और मिड-डे मील कर्मचारियों को बेहद कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 

    ओपीडी और ऐच्छिक सर्जरी बंद
    पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने हड़ताल के समर्थन में एक दिन के लिए ओपीडी सेवाएं बंद रखने का फैसला किया है। तय ऐच्छिक सर्जरी भी स्थगित रहेंगी। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं, जच्चा-बच्चा देखभाल, आपातकालीन सर्जरी, भर्ती मरीजों का इलाज, पोस्टमार्टम और न्यायिक मेडिकल जांच जारी रहेगी।

    साझा मोर्चा के नेता सुखचैन सिंह खैहरा और सुशील कुमार फौजी ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग हैं। चौथा दर्जा कर्मचारी एसोसिएशन पंजाब सचिवालय के अध्यक्ष बलराज सिंह दऊं ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है।

    हजारों कर्मचारी करेंगे पंजाब सचिवालय कूच
    सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबित मांगों को लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से 27 अगस्त को पंजाब महाबंद का आह्वान किया गया है। इस दौरान हजारों सरकारी कर्मचारियों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ये कर्मचारी सेक्टर-17 स्थित मिनी सचिवालय में जुट सकते हैं और वहां से पंजाब सचिवालय की ओर कूच करने की संभावना है। इसे देखते हुए शहर में करीब 1200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। 

    कानून-व्यवस्था की कमान चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर संभालेंगी। कर्मचारी संगठन लंबित डीए, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। राज्यव्यापी हड़ताल और चंडीगढ़ में बड़े प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी, पेंशनर और विभिन्न संगठनों के शामिल होने की संभावना है। 

    पुलिस ने सेक्टर-17, पंजाब सचिवालय और आसपास के संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है। प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और रिजर्व फोर्स की व्यवस्था की गई है। भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन से निगरानी की जाएगी। पुलिस की नजर विधानसभा, राजभवन और अन्य संवेदनशील सरकारी परिसरों पर भी रहेगी। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही से ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका के चलते ट्रैफिक पुलिस भी अलर्ट रहेगी। पुलिस का कहना है कि प्राथमिकता प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखना है। 

  • रक्षाबंधन पर बिहार की बहनों को CM सम्राट चौधरी के 3 बड़े तोहफे, 2 लाख रुपये तक मिलेगी सहायता

    रक्षाबंधन पर बिहार की बहनों को CM सम्राट चौधरी के 3 बड़े तोहफे, 2 लाख रुपये तक मिलेगी सहायता

     पटना

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के लिए तीन बड़ी योजनाओं की सौगात दी है। उन्होंने ज्ञान भवन में  आयोजित कार्यक्रम में स्टार्टअप चैलेंज, बालिका पीएचडी फेलोशिप और स्कूल-कॉलेज के पास पुलिस दीदी की तैनाती का शुभारंभ किया।

    स्कूल-कॉलेज के पास तैनात रहेंगी पुलिस दीदी
    मुख्यमंत्री ने पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) के लिए 4,700 दोपहिया वाहनों का लोकार्पण एवं फ्लैग ऑफ किया। अब स्कूल-कॉलेजों के पास पुलिस दीदी तैनात रहेंगी। सीएम ने कहा, इन वाहनों से महिला पुलिसकर्मी छात्राओं को सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान करेगी।

    स्टार्टअप चैलेंज योजना में 50 हजार से दो लाख तक
    बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना के अंतर्गत महिला उद्यमियों को अपने नवाचार एवं उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 50 हजार से दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2100 महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। इससे बेटियों में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की उन्नति ही बिहार की प्रगति है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सरकार महिलाओं को सुरक्षित एवं सक्षम वातावरण उपलब्ध कराने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    बालिका पीएचडी फेलोशिप में हर महीने मिलेंगे ₹10 हजार
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर देना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। सरकार की इन पहलों से बेटियों को सुरक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर मिलेगा। बिहार की महिलाएं अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर राज्य की तकदीर बदलेंगी।

    एक हजार छात्राओं को चार वर्षों तक रााशि दी जाएगी
    मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना के तहत एक हजार छात्राओं को चार वर्षों तक दस हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

  • पहली बार भारत आएंगे जापान के F-2A लड़ाकू विमान, जोधपुर में होगा ‘वीर गार्जियन 26’

    पहली बार भारत आएंगे जापान के F-2A लड़ाकू विमान, जोधपुर में होगा ‘वीर गार्जियन 26’

    जोधपुर
     देश के आसमान में अगले महीने जापान के लड़ाकू विमानों की पहली दस्तक होगी। जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) के तीन एफ-2-ए लड़ाकू विमान पहली बार भारत आएंगे और जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन और आसपास के हवाई क्षेत्र में भारतीय वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास करेंगे। ‘वीर गार्जियन 26‘ युद्धाभ्यास में जापान के करीब 110 सैन्यकर्मी भी हिस्सा लेंगे। 9 से 21 सितंबर तक होने वाले इस अभ्यास के लिए जापानी विमान करीब 5600 किलोमीटर की दूरी तय कर जोधपुर पहुंचेंगे।

    खास बात यह होगी कि ये विमान जापान के सुइकी एयरबेस से उड़ान भरने के बाद ओकिनावा के नाहा एयरबेस और थाइलैंड होते हुए जोधपुर पहुंचेंगे। लंबी दूरी की इस तैनाती में अमेरिकी वायुसेना भी हवा में ईंधन भरने सहित अन्य सहायता देगी। जापान के लिए यह सिर्फ भारत में पहला लड़ाकू विमान अभ्यास नहीं, बल्कि इतनी दूर अपनी फाइटर यूनिट को तैनात करने की परिचालन क्षमता को परखने का भी बड़ा मौका होगा। जोधपुर में होने वाला यह अभ्यास भारत-जापान के बढ़ते सामरिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों की वायु सेनाएं मुख्य रूप से लड़ाकू विमानों के खिलाफ हवाई युद्ध की रणनीति और ऑपरेशनल तालमेल का अभ्यास करेंगी।

    तीन एफ-2-ए, 110 जापानी सैन्यकर्मी
    जापान की 8वीं एयर विंग के तीन एफ-2-ए विमान और करीब 110 सैन्यकर्मी जोधपुर आएंगे। यह यूनिट फुकुओका प्रांत के सुइकी एयरबेस पर तैनात है। जापानी वायुसेना के अनुसार भारत आने-जाने सहित पूरी तैनाती एक से 30 सितंबर तक रहेगी, जबकि वास्तविक युद्धाभ्यास 9 से 21 सितंबर तक होगा।

    जोधपुर से जापान की दूरी 5600 किलोमीटर
    एफ-2-ए विमान सुइकी से ओकिनावा के नाहा एयरबेस और फिर थाइलैंड होते हुए जोधपुर पहुंचेंगे। जापान से जोधपुर की सीधी दूरी करीब 5600 किलोमीटर है। लंबी दूरी की तैनाती में विमान के साथ रखरखाव, लॉजिस्टिक्स और सैन्यकर्मियों की आवाजाही भी बड़ी चुनौती होगी। अमरीकी वायुसेना हवा में ईंधन भरने में मदद करेगी।

    2023 में जापान गया था भारत
    ‘वीर गार्जियन’ का पहला संस्करण जनवरी 2023 में जापान के हयाकुरी एयरबेस पर हुआ था। तब भारत ने चार सुखोई-30 एमकेआई, दो सी-17, एक आईएल-78 और करीब 150 सैन्यकर्मी भेजे थे। जापान की ओर से चार एफ-2 और चार एफ-15 शामिल हुए थे। अब तीन साल बाद अभ्यास की दिशा उलट गई है और जापानी लड़ाकू विमान भारत आ रहे हैं।

    जोधपुर बनेगा अंतरराष्ट्रीय एयर कॉम्बैट अभ्यास का केंद्र
    सितंबर में जोधपुर एयरबेस पर लगातार बड़े हवाई अभ्यास होंगे। ‘वीर गार्जियन 26’ के बाद बहुराष्ट्रीय ‘तरंग शक्ति 2.0’ का भी आयोजन प्रस्तावित है। ऐसे में जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर भारतीय और विदेशी लड़ाकू विमानों की गतिविधियां बढ़ेंगी।

    तीनों सेनाओं के अलग-अलग अभ्यास
    भारत और जापान के बीच वायुसेना का ‘वीर गार्जियन’, थलसेना का ‘धर्म गार्जियन’ और नौसेना का ‘जीमेक्स’ प्रमुख संयुक्त अभ्यास हैं। धर्म गार्जियन इस साल मार्च महीने में उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के चौबेटिया हिस्से में हुआ था। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने हाल में इन अभ्यासों को और जटिल बनाने, मानव रहित प्रणालियों को शामिल करने और जरूरत पड़ने पर कम समय की सूचना पर संयुक्त अभ्यास करने पर सहमति जताई है।