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  • बिहार में रक्षाबंधन पर हादसों का कहर, सात लोगों की मौत से मचा कोहराम

    बिहार में रक्षाबंधन पर हादसों का कहर, सात लोगों की मौत से मचा कोहराम

    पटना 
    बिहार में रक्षा बंधन पर मौत का तांडव देखने को मिला। हादसों में कम से कम सात लोगों की जान चली गई। किशनगंज में राखी बंधवाने जा रहे भाई समेत दो की सड़क हादसे में मौत हो गई तो सुपौल में भाई को राखी बांधने जा रही बहन की जान चली गई। भागलपुर में रक्षा बंधन के दिन तीन बहनें डूबकर मर गईं। आरा में बहन के घर जा रहा भाई ट्रेन से गिर गया जिसे बचाया नहीं जा सका। नवादा में भी दो युवकों की मौत हो गई जो बहन के घर राखी बंधवाने जा रहे थे। लखीसराय में किऊल नदी में युवक की डूबकर मौत हो गई।

    किशनगंज जिले के सुखानी थाना क्षेत्र के साबोडांगी में एनएच 327ई पर शुक्रवार को तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही कार की जोरदार टक्कर मार दी। इससे कार में बैठे एक डॉक्टर समेत दो की मौत हो गई. जबकि दो अन्य घायल हो गए। कार में चार लोग सवार थे। हादसा सुबह करीब सात बजे हुआ। मृतकों की पहचान दरभंगा जिले के बहेड़ी निवासी डॉ. अनिल कुमार (65 वर्ष) और मधुबनी जिले के अमरामथ के रहने वाले पवन यादव (50 वर्ष) के रूप में हुई। डॉ. अनिल कुमार दरभंगा में प्रैक्टिस करते थे। घायलों में समस्तीपुर जिले के सिंहिया थाना क्षेत्र निवासी तेज नारायण मुखिया (52 वर्ष) और मधुबनी निवासी राधेश्याम शर्मा (50 वर्ष) शामिल हैं। हादसे में घायल राधेश्याम शर्मा सीएम साइंस कॉलेज में प्रोफेसर हैं। राधेश्याम शर्मा व अन्य सभी मधुबनी से राखी बंधवाने सिलीगुड़ी जा रहे थे।

    यातायात थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि चार लोग कार से मधुबनी से सिलीगुड़ी जा रहे थे। कार जैसे ही सुखानी में गलत दिशा से आ रहे ट्रक ने कार में सामने से टक्कर मार दी। हादसे में घायल प्रो. राधेश्याम शर्मा ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में मृत डॉ. अनिल सिंह के इलाज में देरी की गई। वहीं, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवार हुसैन ने लापरवाही के आरोपों को खारिज कर दिया।

    भागलपुर में डूबने से तीन बहनों की गई जान
    पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र की दखलीटोला बिहुला धार में डूबने से शुक्रवार को तीन बहनों की मौत हो गई। तीनों ओनलीटोला की रहने वाली थीं। इनमें से एक युवती और दो किशोरी हैं। तीनों दिन में करीब 11.30 बजे घर से डेढ़ से दो किलोमीटर दूर धार में स्नान करने गई थीं। उस वक्त घाट पर अधिक लोग नहीं थे। स्नान करने के दौरान पहले युवती और छोटी बच्ची तेज धार में डूबने लगी। उसे बचाने के प्रयास में साथ में स्नान कर रही तीसरी बच्ची भी डूब गई।

    युवती करिश्मा (18 वर्ष) अपनी मौसेरी बहन आठ वर्षीय अभिलाषा को गोद में लेकर धार में स्नान करने गई। वहीं चंदा नाम की एक किशोरी भी साथ में स्नान करने उतरी। अचानक करिश्मा और अभिलाषा पानी की तेज धार में बहने लगी तो तीसरी बच्ची चंदा (करीब 13 वर्ष) जो करिश्मा की अपनी बहन थी, उसने दोनों को बचाने का प्रयास किया। लेकिन वह भी असंतुलित होकर धार में बह गई। तीनों की डूबकर मौत हो गई।

    एक ही घर की तीन बच्चियों की मौत से कोहराम
    करिश्मा और चंदा के पिता मुन्ना पासवान हैं तथा अभिलाषा के पिता अरविंद पासवान हैं। एक साथ एक ही घर की तीन बच्चियों की मौत हो जाने के बाद परिवार में कोहराम की स्थिति है। गांववाले परिजनों को ढांढ़स बंधाने की कोशिश कर रहे थे। इधर, पीरपैंती थानाध्यक्ष पंकज रावत एवं महिला दारोगा संगम कुमारी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    किऊल में नहाने के दौरान युवक डूबा
    लखीसराय में कवैया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 25 स्थित मुसहरी टोला घाट के समीप शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे किऊल नदी में नहाने के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी शंकर दास के पुत्र चंदन दास (37 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चंदन दास अपने दो दोस्तों नीतीश और बोथा के साथ नदी में नहाने के लिए उतरा था। इसी दौरान तीनों दोस्तों के बीच नदी पार कर मंडप छूने को लेकर शर्त लगाई गई। शर्त जीतने के लिए तीनों नदी पार करने के लिए आगे बढ़े। इसी क्रम में चंदन दास का अचानक दम फूलने लगा। वह संभलने के लिए नदी में गोता लगाया, लेकिन इसके बाद पानी से बाहर नहीं निकल सका।

    नवादा में राखी बंधवाने जा रहे दो युवकों की मौत
    वहीं दूसरी ओर नवादा में राखी बंधवाने जा रहे दो युवकों की मौत हो गयी। एक की कौआकोल में सड़क हादसे में मौत हो गयी तो दूसरे की वारसीलिगंज में मालगाड़ी की चपेट में आने से जान चली गयी।

    सुपौल में राखी बांधने जा रही महिला की सड़क हादसे में मौत
    सुपौल के राघोपुर थाना क्षेत्र के रामविशनपुर चकला चौक के समीप एनएच-27 पर शुक्रवार दोपहर हादसे में बाइक सवार महिला की मौत हो गई। हादसे में एक वर्षीय मासूम समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतका की पहचान पिपरा थाना क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी रवि धामी की पत्नी पूजा देवी (23 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक पर चार लोग सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे किसी चारपहिया वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

    आरा में बहन के घर जा रहा युवक ट्रेन से गिरा, मौत
    बनाही रेलवे स्टेशन के समीप शुक्रवार की दोपहर ट्रेन से गिरने से राखी बंधवाने बहन के घर जा रहे एक युवक की मौत हो गयी। मृत युवक करनामेपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी संतोष कुमार था। चचेरे भाई रमेश कुमार यादव ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर संतोष कुमार राखी बंधवाने अपनी चचेरी बहन के घर ट्रेन द्वारा बक्सर जिला के रघुनाथपुर गांव जा रहा था।

  • AAP सरकार और मुलाजिमों में आर-पार की लड़ाई! 2500 से ज्यादा कर्मचारियों पर एक्शन की तैयारी

    AAP सरकार और मुलाजिमों में आर-पार की लड़ाई! 2500 से ज्यादा कर्मचारियों पर एक्शन की तैयारी

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और 3 लाख सरकारी मुलाजिमों के बीच आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है। सरकार ने ढ़ाई हजार मुलाजिमों की लिस्ट तैयार कर ली है, जो बीती 27 अगस्त को दफ्तर से गैरहाजिर होकर हड़ताल में शामिल हुए थे। 

    अब सरकार इन पर सर्विस रूल्स के मुताबिक सस्पेंड करने, फोर्स लीव पर भेजने, सेलरी काटने से लेकर नियमों से जुड़ी कोई भी कार्रवाई कर सकती है। वहीं मुलाजिमों ने भी सरकार के सामने झुकने से इनकार कर दिया है। मुलाजिमों ने सीधे CM भगवंत मान के खिलाफ डिजिटल स्ट्राइक शुरू कर दी है। जिसमें CM को फेसबुक, X (पहले ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर अनफॉलो करने की अपील की गई है। कल मुलाजिमों की लुधियाना में मीटिंग भी रखी गई है।

    मुलाजिमों पर एक्शन क्यों हो रहा पंजाब सरकार के करीब 3 लाख मुलाजिम बकाया DA, ओल्ड पेंशन स्कीम के अलावा कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने समेत 8 मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। 27 अगस्त को मुलाजिमों ने सामूहिक छुट्‌टी लेकर महा हड़ताल की। इसके बाद सरकार ने उनसे मीटिंग तय कर ली। पहले चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन और फिर इसे जालंधर के PAP कॉम्प्लैक्स में तय किया गया।

    हालांकि मीटिंग से एक घंटे पहले CM भगवंत मान ने साफ किया कि पहले हड़ताल खत्म करो, फिर बातचीत होगी। इसके बाद मुलाजिम नेता PAP कॉम्पलैक्स में पहुंचे लेकिन CM मीटिंग करने नहीं आए। एक अफसर ने मुलाजिम नेताओं को कहा कि पहले वे हड़ताल खत्म करने का वीडियो जारी करें, उसके बाद सीएम आएंगे। मुलाजिम नहीं माने तो सीएम ने मीटिंग रद्द कर दी।

    इसके बाद सरकार ने सभी विभागों के सेक्रेटरीज को लेटर जारी कर कहा कि वह उन सब मुलाजिमों की लिस्ट भेजें, जो बिना वजह के ड्यूटी से गैरहाजिर रहे। इसके बाद सरकार ये एक्शन लेने की तैयारी में है।

    सरकार की सख्ती पर मुलाजिमों के 2 बड़े एक्शन
    1. लुधियाना मीटिंग में अगले संघर्ष का ऐलान सरकारी मुलाजिमों के सांझा मोर्चा की कल लुधियाना में मीटिंग बुलाई गई है। जिसमें सरकार की तरफ से किए जा रहे एक्शन के अलावा मांगें न माने जाने को लेकर आगे के संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। मुलाजिम नेताओं का कहना है कि सरकार चाहे एस्मा लगा दे लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे।

    2. सोशल मीडिया पर अनफॉलो मुहिम मुलाजिम यूनियनों ने CM को सोशल मीडिया पर अनफॉलो करने की मुहिम शुरू कर दी है। लुधियाना के मुलाजिम नेता तेजिंदर सिंह नंगल ने लिखा- हम CM भगवंत मान को फॉलो करते थे, लेकिन इन्होंने हमें बुलाकर भी मीटिंग नहीं की। इसलिए सारे मुलाजिम उन्हें अनफॉलो कर रहे हैं।

  • Punjab में मानसून सुस्त, आज बारिश को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट

    Punjab में मानसून सुस्त, आज बारिश को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट

    अमृतसर.

    पंजाब में मानसून कमजोर हो रहा है। शनिवार को मौसम विभाग ने किसी भी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया है। वहीं, हिमाचल से सटे कुछ जिलों को छोड़ अन्य में बारिश के आसार भी नहीं हैं। ऐसे में तापमन के बढ़ने के आसार हैं, जिससे लोग परेशान हो सकते हैं।

    इसके अलावा शुक्रवार तापमान में 0.9 डिग्री की हल्की गिरावट के साथ राहत देखने को मिली। मौसम विभाग की तरफ से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 31 अगस्त तक मौसम ऐसा ही रह सकता है। इस दौरान तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। वहीं, सितंबर की शुरुआत में हल्की बारिश के आसार बन रहे हैं। हालांकि कि इसे लेकर भी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    हिमाचल से सटे जिलों में बारिश की संभावना
    29 अगस्त: शनिवार को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में छिटपुट बारिश की संभावना है। राज्य के बाकी अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
    30 अगस्त: रविवार को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। मैदानी और दक्षिणी पंजाब में मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क रहने के आसार हैं।
    31 अगस्त: सोमवार को गुरदासपुर, नवांशहर और रूपनगर में छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना कम है।
    1 सितंबर: मंगलवार को मौसम में कुछ और बदलाव देखने को मिल सकता है। पठानकोट और होशियारपुर में कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, संगरूर और पटियाला समेत कई जिलों में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश के आसार हैं। वहीं फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, बरनाला आदि में मौसम शुष्क रह सकता है।

    शुक्रवार को बठिंडा रहा सबसे गर्म
    शुक्रवार को पंजाब में अधिकतम तापमान में औसतन 0.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह सामान्य से करीब दो डिग्री अधिक रहा। बठिंडा में सबसे अधिक 36.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। भाखड़ा बांध क्षेत्र में भी 36.4 डिग्री तापमान रहा। चंडीगढ़ में 36.3, फिरोजपुर में 36.2, पटियाला में 35.8, लुधियाना में 35.8, अमृतसर और फरीदकोट में 35.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। शुक्रवार को दर्ज स्टेशनों पर बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी कोई चेतावनी नहीं है।

  • पंजाब में ‘मिशन क्लीन’ शुरू! 10 दिन तक चलेगा विशेष सफाई अभियान, कचरा स्थलों पर रहेगा फोकस

    पंजाब में ‘मिशन क्लीन’ शुरू! 10 दिन तक चलेगा विशेष सफाई अभियान, कचरा स्थलों पर रहेगा फोकस

    चंडीगढ़ /जालंधर 

    पंजाब को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए राज्य सरकार ने आज से मिशन क्लीन पंजाब नाम से विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया है। अभियान का आगाज स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के थापर चौक पर खुद सफाई कर किया।
    अभियान के तहत राज्यभर में उन स्थानों की पहचान कर विशेष सफाई कराई जाएगी, जहां बार-बार कूड़ा जमा होता है। सरकार का मुख्य फोकस गारबेज वल्नरेबल पॉइंट (GVP) को खत्म करने पर रहेगा। इन स्थानों की सफाई के साथ दोबारा वहां कूड़ा न जमा हो, इसके लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

    मंत्री और विधायक भी मैदान में उतरेंगे
    मिशन क्लीन पंजाब को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए कैबिनेट मंत्री और विधायक भी अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में सफाई अभियान का नेतृत्व और निगरानी करेंगे। स्थानीय लोगों को भी सफाई गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

    जालंधर में AAP ने चलाया मिशन क्लीन

    पंजाब सरकार के क्लीन पंजाब अभियान की शुरुआत जालंधर के नकोदर चौक से हुई। यहां कैबिनेट मंत्री मोहिंद्र भगत सहित अन्य ने झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। डीसी वरजीत वालिया ने लोगों को अपने घरों के गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग कर मुहिम का हिस्सा। 

    सफाई अभियाना में जालंधर के मेयर वीनित धीर और हल्का इंचार्ज नितिन कोहली सहित नगर निगम के कर्मचारियों ने सड़कों की सफाई की। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने झाड़ू लगाकर अपना योगदान दिया।

    कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि वे क्लीन पंजाब मुहिम के तहत सड़कों पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों या किसी भी इलाके में गंदगी नहीं रहने दी जाएगी। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि यह अभियान 10 दिनों तक चलेगा और सभी मिलकर हर इलाके में इसे चलाएंगे, ताकि आने वाले समय में पूरा पंजाब स्वच्छ हो सके।

    क्लीन पंजाब मिशन से बदलेगा शहर का स्वरूप: मेयर मेयर वीनित धीर ने कहा कि भगवंत सिंह मान और लोकल बॉडी मंत्री के नेतृत्व में 10 दिन का 'क्लीन पंजाब' मिशन शुरू किया गया है। निगम की टीम, मेयर, डीसी साहब और सभी कर्मचारी मिलकर इसे कामयाब बनाएंगे। 10 दिनों के भीतर जालंधर का एक नया और साफ-सुथरा स्वरूप सामने आएगा। बीमारियों से बचने के लिए अपने आसपास की सफाई बेहद जरूरी है। लोगों से अपील है कि वे चलते-फिरते सड़कों पर कचरा न फेंकें, क्योंकि शहर खूबसूरत तभी बनेगा जब नागरिक भी जिम्मेदार बनेंगे।

    जनता के सहयोग बिना अभियान अधूरा कैबिनेट मंत्री भगत, मेयर धीर और डीसी वालिया ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम के प्रयास तभी रंग लाएंगे जब जनता का पूरा सहयोग मिलेगा। अक्सर देखा जाता है कि लोग चलते-फिरते या दुकानों के बाहर कचरे से भरे लिफाफे फेंक देते हैं।

    पुलिस और प्रशासन मिलकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और कुछ जगहों पर डस्टबिन भी मुहैया कराए गए हैं। सफाई कर्मचारियों की मेहनत को सफल बनाने के लिए नागरिकों को अपनी जवाबदेही समझनी होगी और सड़कों पर कचरा फेंकने से परहेज करना होगा।

    सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारने पर जोर
    सरकार का मानना है कि कचरे के ढेर और गंदगी से न केवल शहरों की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में अभियान के जरिए साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार पर भी जोर दिया जाएगा।

    गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करना पहला कदम स्वच्छता ही ईश्वर की भक्ति है। जिस तरह हम अपने घर को साफ रखते हैं, उसी तरह पूरे शहर को अपना घर मानकर साफ रखना चाहिए। नगर निगम ने रात के समय कचरा फेंकने वालों को रोकने के लिए स्पेशल मार्शल भी तैनात किए हैं। नागरिकों से अपील है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके ही निगम की टीमों को सौंपें। अगर सभी वर्ग मिलकर टीमवर्क की तरह काम करें, तो इन 10 दिनों में जालंधर को पूरे पंजाब के लिए एक मिसाल बनाया जा सकता है।

    लोगों से सहयोग की अपील
    सरकार ने प्रदेश के लोगों से मिशन क्लीन पंजाब में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकने और अपने आसपास सफाई बनाए रखने में सहयोग करने को कहा गया है। सरकार का लक्ष्य अभियान के दौरान अधिक से अधिक कचरा संवेदनशील स्थानों को साफ कर पंजाब को स्वच्छ बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।

  • कनाडा में युवाओं को बड़ी राहत! वर्क परमिट के लिए अब मिलेगा 90 दिन का अतिरिक्त वक्त

    कनाडा में युवाओं को बड़ी राहत! वर्क परमिट के लिए अब मिलेगा 90 दिन का अतिरिक्त वक्त

    ओटावा
    कनाडा में रोजगार कर रहे पंजाबी युवाओं के लिए राहत की बड़ी खबर है। जिन युवाओं का वर्क परमिट समाप्त होने वाला है और उनके नियोक्ता ने उनके लिए श्रम बाजार प्रभाव आकलन का आवेदन पहले ही जमा कर दिया है, उन्हें अब वर्क परमिट विस्तार की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले से 30 दिन अतिरिक्त मिलेंगे। 

    कनाडा के आव्रजन विभाग ने इन-कनाडा वर्क परमिट विस्तार की समवर्ती प्रक्रिया के तहत मिलने वाली अवधि 60 दिन से बढ़ाकर 90 दिन कर दी है। इस फैसले का पंजाब के युवाओं पर खास असर पड़ेगा। कनाडा में बड़ी संख्या में पंजाबी युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद अस्थायी वर्क परमिट पर नौकरी कर रहे हैं। 

    इनमें कई ऐसे हैं जो मौजूदा नियोक्ता के साथ नौकरी जारी रखना चाहते हैं और भविष्य में स्थायी निवास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। एलएमआईए प्रक्रिया में देरी के कारण इनके सामने कई बार वर्क परमिट खत्म होने और रोजगार प्रभावित होने का खतरा रहता था।

    नई व्यवस्था पंजाबी युवाओं के लिए यह समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी नौकरी के साथ किराये का घर, परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां और कनाडा में आगे की आव्रजन योजना भी मौजूदा वर्क परमिट से जुड़ी होती है। हालांकि, 90 दिन की अवधि को नया वर्क परमिट नहीं समझना चाहिए।

    आखिरी समय तक इंतजार जोखिम भरा
    केवल एलएमआईए आवेदन लंबित होने के भरोसे आखिरी समय तक इंतजार करना जोखिम भरा हो सकता है। नियोक्ता द्वारा एलएमआईए आवेदन समय रहते दाखिल किया गया होना जरूरी है। सिर्फ वर्क परमिट खत्म होने के करीब होने के कारण आखिरी समय में एलएमआईए आवेदन करने से हर मामले में 90 दिन की सुविधा मिलना तय नहीं है।

     

  • तिब्बत-नेपाल सीमा पर एक और झील फटी, बिहार में वाल्मीकिनगर से कोसी तक हाई अलर्ट

    तिब्बत-नेपाल सीमा पर एक और झील फटी, बिहार में वाल्मीकिनगर से कोसी तक हाई अलर्ट

    पटना

    कुदरत के कहर से जूझ रहे नेपाल पर शुक्रवार को खतरा तब और बढ़ गया, जब तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनी एक और झील फट गई। संभावित खतरे से निबटने के लिए बिहार के सभी तटबंधों की चौकसी बढ़ा दी गई है। सरकार के आदेश पर वाल्मीकिनगर एवं कोसी बराज पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। विशेषकर गंडक नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव और भारी मात्रा में मलबा के आगमन को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने सारण तटबंध सहित सभी महत्वपूर्ण तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी का आदेश दिया गया है।

    पड़ोसी देश में जलप्रलय के बाद कोसी बराज पर बढ़ी सतर्कता
    नेपाल में आई बाढ़ से भारी तबाही के बाद वीरपुर बराज पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। कोसी बराज के 56 में से 17 फाटक खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। सभी स्पर, स्टड एवं अन्य संरचनाओं की स्थिति सामान्य है। कंट्रोल रूम के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे कोसी बराज से घटते क्रम में 1,42,360 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया। इसी समय बराह क्षेत्र में 90,800 क्यूसेक दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे कोसी बराज का डिस्चार्ज 1,34,225 क्यूसेक दर्ज हुआ, जबकि बराह में बढ़कर 99,500 क्यूसेक रहा। शाम छह बजे कोसी बराज का डिस्चार्ज बढ़कर 1,44,775 क्यूसेक पहुंच गया। बराह में डिस्चार्ज 99,500 क्यूसेक रहा। विभाग अलर्ट है। नेपाल के भोटे कोशी से 10 हजार क्यूसेक तक अतिरिक्त पानी आने की संभावना है, जिसका कोसी के प्रवाह पर असर पड़ने की संभावना नहीं है।

    दिन रात काम कर रही इंजीनियरों की टीम
    संभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दे दिया गया है, ताकि बाढ़ आने पर तुरंत आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी जाए। जल संसाधन विभाग ने संबंधित जिलों के पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को भी अलर्ट मोड में रहने को कहा है। संबंधित जिले के जिलाधिकारी अपने अधीन तटबंधों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग के मुख्यालय स्तर पर हर आधे घंटे पर गंडक नदी के डिस्चार्ज की जानकारी ली जा रही है। इंजीनियरों की टीम चौबीसो घंटे काम कर रही है।

    क्या बोले डिप्टी सीएम विजय चौधरी?
    उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि ग्लेशियर फटने से नेपाल में बाढ़ की तबाही हुई है। लेकिन बिहार के वाल्मिकीनगर अवस्थित गंडक बराज से नेपाल के उस केंद्रबिंदु की दूरी लगभग 250-300 किलोमीटर है। इस कारण नेपाल से आने वाले पानी का प्रवाह-प्रभाव नीचे आते-आते कम हो गया है। इसका लाभ बिहार को हुआ। इसके अलावा गंडक के पूरे प्रवाह में पहले से भी सामान्य से कम पानी था। खतरे के निशान से नदी बह रही थी। इसलिए जो भी पानी आया, उससे बहुत भयावह स्थिति नहीं बनी। शुक्रवार को गंडक में वाल्मीकिनगर बराज के समीप लगभग एक लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज होता रहा।

    नेपाल की दो दर्जन नदियों से उत्तर बिहार को खतरा
    नेपाल की पहाड़ियों से आने वाली गंडक समेत दो दर्जन से अधिक पहाड़ी नदियों से पश्चिम चंपारण जिले समेत उत्तर बिहार को खतरा है। नेपाल की त्रिशूली नदी जैसा हादसा सीमावर्ती क्षेत्रों में होने पर पश्चिम चंपारण समेत उत्तर बिहार में गंडक व सिकरहना तबाही मचा सकती हैं। नेपाल से आने वाली नारायणी नदी ही भारत में गंडक के नाम से जानी जाती है। इसमें काली गंडक, मर्स्यांगदी, माड़ी और सेती नदियां आकर मिलती हैं। नेपाल के देवघाट के पास नारायणी में त्रिशूली नदी मिलती है।

    नेपाल डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट के समन्वयक डॉ. विवास बहादुर बस्न्यात व नवलपरासी जिले के वरिष्ठ जल विज्ञानी बिनोद पराजुली बताते हैं कि त्रिशूली नदी तिब्बत के क्यिरोंग जिले की पेखु कांगरी पर्वतमाला से निकलती है। त्रिशूली नदी अपने साथ भोटेकोशी, ल्हेन्दे खोला, मैलमंग खोला, चिलीमे खोला, आंखू खोला और बूढ़ी गंडक नदी को लेकर नारायणी में मिलती है। ऊंची पहाड़ियों से निकलने के कारण यह नदी बेहद खतरनाक मानी जाती है। त्रिशूली नदी में ही बाढ़ के कारण नेपाल में भारी तबाही मची है। दोबारा झील टूटने से इसका असर भारतीय क्षेत्र पर भी पड़ सकता है।

    तिब्बत के नाले से निकली गंडक, नाम जुगूं खोला था
    नदियों के विशेषज्ञ देवी लाल यादव ने बताया कि गंडक तिब्बत के कागबेनी के नाले से निकलती है। यहां उसका नाम जुगूं खोला है। अन्नपूर्णा के पास यह काली गंडकी के नाम से जानी जाती है। इसमें ठाकुर जी मिलती हैं। आगे बढ़ने पर कृष्णा गंडकी और देवघाट में नारायणी के नाम से जानी जाती है। बराज से पूर्व यह गंडक हो जाती है। नेपाल में 123 लेक आउट हैं। इन झीलों पर अवरोधक बने हुए हैं। कभी भी इनमें बर्स्ट आउट हो सकता है। इससे भारी तबाही मच सकती है।

    सिकरहना लाई थी तबाही
    रामनगर और गौनाहा से आने वाली डेढ़ दर्जन पहाड़ी नदियां लौरिया, चनपटिया व सिकटा में आकर सिकरहना से मिलती हैं। 2017 में सिकरहना में बाढ़ आने पर चंपारण, मुजफ्फरपुर समेत बेगूसराय में तबाही मची थी।

    बताते चलें कि 26 अगस्त को नेपाल में प्रलयंकारी बाढ़ आ गई थी। पानी गंडक में प्रवाह होने से गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर जिले में बाढ़ आने की संभावना जताई गई थी। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने गंडक बराज पर मुख्यालय स्तर से अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में एक तकनीकी दल को तैनात कर दिया है। गंडक बराज के सभी 36 गेटों को खोल दिया है, ताकि नेपाल से आने वाला बाढ़ का पानी निकल सके।

  • पंजाब में खत्म होंगे भूमि विवाद! डोर-टू-डोर डिजिटल मैपिंग से असली मालिकों को मिलेगा संपत्ति का हक

    पंजाब में खत्म होंगे भूमि विवाद! डोर-टू-डोर डिजिटल मैपिंग से असली मालिकों को मिलेगा संपत्ति का हक

     चंडीगढ़
    पंजाब के शहरी क्षेत्रों में भूमि से जुड़े विवादों का निपटारा होगा और साथ ही असल मालिकों को संपत्ति हक मिलेगा जिसके लिए स्थानीय निकाय विभाग ने डोर-टू-डोर सर्वे शुरू कर दिया है।पायलट प्रोजेक्ट के तहत बनूड, राजपुरा, खन्ना और बरनाला में यह परियोजना शुरू की गई है जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इन चार शहरों में 2 लाख संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जा रहा है।

    यह परियोजना केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की तर्ज पर शहरी इलाकों में लागू की जा रही है। पंजाब सरकार परियोजना के लिए छह शहरों को चुना था जिसमें मोहाली और डेराबस्सी भी शामिल था लेकिन इन दो शहरों में मंजूरी न मिलने के कारण फिलहाल सिर्फ चार शहरों में ही परियोजना शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार ने इस पूरी परियोजना के लिए फंड उपलब्ध कराया है जबकि स्थानीय निकाय विभाग सर्वे का काम देख रहा है।

    रोवर मशीन का उपयोग सैटेलाइट संकेतों और आधुनिक तकनीक के जरिये इंच-इंच जमीन की सटीक माप और सीमांकन के लिए किया जा रहा है ताकि एक सही भूमि रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। सर्वेक्षण टीमों को एक विशेष टैबलेट दिया गया है जिसमें सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हैं और यह टैबलेट ब्लूटूथ के जरिये रोवर मशीन से जुड़ा होता है।

    सर्वेक्षण के लिए 71 टीमों को किया तैनात
    परियोजना के तहत संपत्तियों का ड्रोन से डिजिटल सर्वे पहले पूरा हो चुका है और अब सिर्फ डोर-टू-डोर रोवर सर्वे जारी है जिसके लिए 71 टीमों को तैनात किया गया है जो आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और अन्य संपत्तियों का दौरा कर कब्जाधारियों की सूची तैयार करेंगी।

    राजस्व विभाग पटवारियों की मदद लेगा और तैयार किए गए डेटा का सत्यापन उनके रिकॉर्ड से किया जाएगा, जिससे असल मालिकों की पहचान में मदद मिलेगी। इसके अलावा सर्वेक्षण पूरा होने के बाद रिकॉर्ड को फाइनल करने से पहले लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी जाएंगी ताकि अगर इनमें किसी भी तरह के बदलाव की जरूरत है तो संशोधन किया जा सके। इसके लिए जिला स्तर पर राजस्व विभाग की तरफ से समितियां भी बनाई जाएंगी।

    भू-माफिया और फर्जीवाड़े पर भी लाएगी अंकुश
    यह परियोजना भू-माफिया और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाएगी, भूमि की लूट बंद होगी और भूमि मालिक अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा ऑनलाइन देख सकेंगे। विभाग विवादित जमीनों के निपटारे के लिए डिजिटल व्यवस्था तैयार करेगा। साथ ही, अवैध कब्जों का पता लगाकर उन्हें हटाने में भी मदद मिलेगी। प्रत्येक संपत्ति का क्षेत्रफल दर्ज कर उसे एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे लाभार्थी का पूरा पता डिजिटल हो जाएगा और जमीन-जायदाद के झगड़ों में कमी आएगी। डिजिटल रूप से तैयार किए गए नक्शों और प्रॉपर्टी कार्डों को कानूनी मान्यता मिलेगी, जिससे संपत्ति की खरीद-बिक्री व पंजीकरण सरल होता है।

  • बिहार बोर्ड ने बढ़ाई डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में सुधार और परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख, 16 सितंबर तक मौका

    बिहार बोर्ड ने बढ़ाई डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में सुधार और परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख, 16 सितंबर तक मौका

    पटना
     बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के लिए विद्यार्थियों के डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में ऑनलाइन त्रुटि सुधार और परीक्षा फार्म भरने की तिथि गुरुवार को विस्तारित कर दी। 

    अब संबंधित शिक्षण संस्थानों के प्रधान 28 अगस्त से 16 सितंबर तक त्रुटियों का सुधार कर सकेंगे और विद्यार्थी अथवा उनके अभिभावक के हस्ताक्षरयुक्त घोषणा पत्र को पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।

    घोषणापत्र अपलोड करने के लिए अंतिम तिथि 22 अगस्त 
    बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डा. त्यागराजन एसएम ने बताया कि पूर्व में डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में सुधार करने और हस्ताक्षर उपरांत घोषणापत्र अपलोड करने के लिए अंतिम तिथि 22 अगस्त निर्धारित थी। इंटरमीडिएट के लिए डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड समिति की वेबसाइट intermediate.biharboardonline.com तथा मैट्रिक के लिए biharboardonline.org पर जारी किए गए हैं। 

    विद्यालय एवं महाविद्यालय के प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित तिथि तक हर हाल में विद्यार्थियों के हस्ताक्षरयुक्त डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड को समिति के पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करेंगे।

    घोषणापत्र अपलोड होने पर ही भरा जाएगा परीक्षा फार्म
    अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि 16 सितंबर तक जिन विद्यार्थियों का हस्ताक्षरित घोषणायुक्त डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड समिति के पोर्टल पर अपलोड होगा, केवल उन्हीं का आनलाइन परीक्षा फार्म स्वीकार किया जाएगा। परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया भी 28 अगस्त से 16 सितंबर तक चलेगी।

    पेंडिंग घोषणापत्र जमा करने की भी सुविधा
    समिति ने वैसे विद्यार्थियों को भी अवसर दिया है, जिनका पूर्व में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और शुल्क तो जमा हो चुका है, लेकिन प्रिफिल्ड घोषणा पत्र अपलोड नहीं किया गया था। ऐसे छात्रों का प्रीफिल्ड घोषणा पत्र भी 16 सितंबर तक पोर्टल पर जमा किया जा सकेगा। इसके बाद ही उनका डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड पोर्टल पर दिखेगा।

     

  • सलाखों के बीच रक्षाबंधन: राजस्थान की जेलों में भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें, छलके आंसू

    सलाखों के बीच रक्षाबंधन: राजस्थान की जेलों में भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें, छलके आंसू

    जयपुर 
     रक्षाबंधन के त्योहार पर शुक्रवार को राजस्थान की जेलों में भाई-बहन के रिश्ते की भावुक तस्वीर देखने को मिली। जयपुर, अजमेर, कोटा समेत राजस्थान की अलग-अलग जेलों में सुबह से ही बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। किसी ने भाई की कलाई पर राखी बांधी, किसी ने मिठाई खिलाई तो किसी ने कुछ देर बात कर अपना मन हल्का किया। लंबे समय बाद भाई से मिलने की खुशी के साथ कई बहनों की आंखों में आंसू भी छलक पड़े।

    जेल प्रशासन की ओर से रक्षाबंधन को देखते हुए बंदियों से मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के बीच बहनों को जेल परिसर में एंट्री दी गई और बंदी भाइयों से मुलाकात कराई। सुबह से ही कई जेलों के बाहर परिजनों की भीड़ नजर आई। बहनों के हाथों में राखियां और मिठाई थी तो दिल में भाई से मिलने की खुशी और उसके जल्द घर लौटने की उम्मीद थी।
    कोटा जेल में भाई को राखी बांधने के लिए पहुंचीं बहनें (फोटो: पत्रिका नीरज गौतम)

    जयपुर में बड़ी संख्या में पहुंचीं बहनें
    जयपुर सेंट्रल जेल में सुबह से ही बहनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जेल के मुख्य गेट के पास मुलाकात की विशेष व्यवस्था की गई थी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद बहनों को भाइयों से मिलने दिया गया। मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाई।

    भाई के सामने आते ही कई बहनें भावुक हो गईं। कुछ देर की मुलाकात में किसी ने भाई का हाल जाना तो किसी ने उसे जल्द घर लौटने की बात कही। भाइयों के चेहरे पर भी बहनों से मिलने की खुशी साफ दिखाई दी।

    अजमेर में भी सलाखों के बीच बंधी राखी
    अजमेर सेंट्रल जेल में भी रक्षाबंधन पर खास मुलाकात की व्यवस्था की गई। सुबह से बहनें भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। जेल के मुख्य गेट पर ही परिजनों के डॉक्यूमेंट ले लिए, जिसके बाद मुलाकात के लिए व्यवस्था करवाई। राखी बांधने के दौरान कई बहनों और भाइयों की आंखें नम हो गईं। भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर मिठाई खिलाई और उनकी सलामती की कामना की।

    कोटा में भी दिखा भाई-बहन का प्यार
    कोटा में भी रक्षाबंधन के मौके पर जेल में बंद भाइयों से मिलने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। जेल प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए। एंट्री से पहले परिजनों के नाम-पते दर्ज किए गए और पहचान पत्र की जांच के बाद अंदर जाने की अनुमति दी। मुलाकात के दौरान भाइयों और बहनों को सीमित समय दिया। कुछ पलों की इस मुलाकात में कई भाई-बहन भावुक हो गए। राजस्थान की जेलों में रक्षाबंधन को लेकर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। जेल प्रशासन की ओर से मुलाकात के लिए अलग व्यवस्था की गई।

  • डिजिटल क्राप सर्वे की जमीनी हकीकत जांचेगी सरकार, अधिकारी गांवों में जाकर देखेंगे डेमो

    डिजिटल क्राप सर्वे की जमीनी हकीकत जांचेगी सरकार, अधिकारी गांवों में जाकर देखेंगे डेमो

    रोहतक
     राजस्व विभाग के नए पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों और डिजिटल क्राप सर्वे (डीसीएस) की कथित खामियों को लेकर चल रहे पटवारियों और कानूनगो के आंदोलन के बीच सरकार ने मौके पर जाकर स्थिति की जांच कराने का निर्णय लिया है।

    गुरुवार को चंडीगढ़ में राजस्व अधिकारियों और रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में तय किया गया कि वरिष्ठ राजस्व अधिकारी स्वयं गांव में जाकर डिजिटल क्राप सर्वे का डेमो देखेंगे और इसकी व्यवहारिकता की जांच करेंगे।

    जांच के दौरान किसी तरह की तकनीकी या व्यावहारिक समस्या सामने आने पर मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जयवीर चहल ने बताया कि अधिकारियों को कम से कम एक गांव का दौरा कर संबंधित कर्मचारियों के साथ खेतों में डिजिटल क्राप सर्वे की प्रक्रिया देखने और अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।

    गुरुग्राम में डीएलआर यशपाल यादव स्वयं पटवारियों के साथ खेतों में जाकर डीसीएस की जांच करेंगे। अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डिजिटल क्राप सर्वे को मौजूदा व्यवस्था के तहत किस तरह लागू किया जा सकता है। चहल ने कहा कि अभी रक्षाबंधन सहित तीन दिन का अवकाश है।

    ऐसे में अधिकारियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा और उसके बाद एसोसिएशन अपनी आगामी रणनीति तय करेगी। इससे पहले एसोसिएशन ने डिजिटल क्राप सर्वे की प्रक्रिया को लेकर कई व्यावहारिक समस्याएं उठाई हैं।

    रोहतक तहसील में जारी रहा सांकेतिक धरना
    नए राजस्व पोर्टल में तकनीकी समस्याओं और डिजिटल क्राप सर्वे की खामियों के विरोध में रोहतक तहसील में पटवारियों और कानूनगो का सांकेतिक धरना गुरुवार को भी जारी रहा। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।

    आंदोलन के कारण डोमिसाइल, इंतकाल और गिरदावरी सहित कई राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित रहे। तहसील में अपने काम के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जयवीर चहल ने कहा कि नए पोर्टल पर जमाबंदी और इंतकाल से जुड़े रिकार्ड में लगातार तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं।

    इन समस्याओं के बारे में करीब चार माह से अधिकारियों और संबंधित तकनीकी टीम को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि तकनीकी खामियों का असर केवल कर्मचारियों के काम पर नहीं, बल्कि सीधे आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्यों पर पड़ रहा है।

    पोर्टल की खामियां दूर करने की मांग
    एसोसिएशन ने नए पोर्टल की सभी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है। इसके अलावा आटो म्यूटेशन में गलती होने की स्थिति में विभाग की जिम्मेदारी तय करने, ऑनलाइन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पटवारियों को कंप्यूटर और टैब उपलब्ध करवाने तथा नए पोर्टल को कानूनी मान्यता देने के लिए संशोधित लैंड रिकार्ड मैनुअल जारी करने की मांग भी उठाई गई है।

    चहल ने कहा कि अब अधिकारियों के मौके पर जाकर डिजिटल क्राप सर्वे की वास्तविक स्थिति देखने से तस्वीर स्पष्ट होगी। जांच में सामने आने वाली कमियों और अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही आंदोलन को आगे बढ़ाने या सरकार के साथ बातचीत की दिशा तय की जाएगी।