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  • अमृतसर में नकली पनीर बनाने और बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा, होगी सख्त कार्रवाई

    अमृतसर में नकली पनीर बनाने और बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा, होगी सख्त कार्रवाई

    अमृतसर.

    लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कृत्रिम एवं गैर-दुग्ध पनीर की तैयारी, भंडारण, ढुलाई, वितरण और बिक्री पर रोक एडवाइजरी जारी की है।

    विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के आधार पर जिला अमृतसर में भी पनीर की गुणवत्ता को लेकर जांच अभियान तेज किया जाएगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने स्पष्ट किया है कि पनीर के नाम पर गैर-मानक या गैर-दुग्ध उत्पाद बेचकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि दूध से तैयार होने वाले पनीर के निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। जो कारोबारी दूध के अलावा अन्य पदार्थों का इस्तेमाल कर पनीर जैसा उत्पाद तैयार करते हैं और उसे सामान्य पनीर के नाम पर बेचते हैं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रटौल ने बताया कि विभाग की टीमें पनीर बनाने वाली इकाइयों, डेयरियों, थोक विक्रेताओं, वितरकों, खुदरा दुकानदारों, कोल्ड स्टोरेज और गोदामों की जांच करेंगी। इसके साथ ही पनीर की ढुलाई करने वाले वाहनों की भी जांच की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पनीर के नमूने लिए जाएंगे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    होटलों और रैस्टोरैंटों में भी होगी जांच
    डॉ. रटौल के अनुसार विभाग की ओर से जारी निर्देशों के तहत केवल पनीर बनाने वाली इकाइयों की ही जांच नहीं होगी, बल्कि होटल, रैस्टोरैंट, ढाबे, खान-पान की सेवाएं देने वाले संस्थान, संस्थागत रसोई और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किए जा रहे पनीर की भी जांच की जाएगी। अधिकारी यह भी पता लगाएंगे कि संबंधित प्रतिष्ठान पनीर कहां से खरीद रहा है और उसकी खरीद से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गैर-मानक पनीर की बिक्री रोकने के लिए केवल उत्पाद बनाने वालों की जांच पर्याप्त नहीं है। इसलिए पनीर की पूरी सप्लाई चेन से जुड़े हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पनीर के नाम पर गैर-दुग्ध उत्पाद तैयार करने, उसका भंडारण करने, ढुलाई, वितरण या बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं 
    फूड सेफ्टी अधिकारी मैडम रजनी ने बताया कि पनीर के नाम पर गैर-दुग्ध या गैर-मानक उत्पाद बेचने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के आधार पर जिले में जांच अभियान को और तेज किया जा रहा है। पनीर बनाने वाली इकाइयों से लेकर दुकानों, होटलों और रैस्टोरैंटों तक जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नमूने लेकर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

    लोग रहें जागरूक, संदिग्ध गुणवत्ता वाला पनीर न खरीदें 
    सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने कहा कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाना स्वास्थ्य विभाग की मुख्य जिम्मेदारी है। पनीर जैसे खाद्य पदार्थ में किसी भी प्रकार की मिलावट या गैर-मानक उत्पाद की बिक्री को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी जागरूक रहें और संदिग्ध गुणवत्ता वाला पनीर न खरीदें। यदि किसी व्यक्ति को गैर-मानक या संदिग्ध पनीर की बिक्री के संबंध में जानकारी मिलती है तो वह इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें। लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी स्थिति में समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई 
    डॉ. मनजीत सिंह रटोल के अनुसार एडवाइजरी में खाद्य सुरक्षा और मानकों से संबंधित कानून एवं नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई खाद्य कारोबारी पाबंदी के बावजूद गैर-दुग्ध पनीर को पनीर के नाम पर तैयार, भंडारित, ढुलाई, वितरित या बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने कारोबारियों को भी चेतावनी दी है कि वे पनीर की खरीद और बिक्री से संबंधित सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखें तथा केवल निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार पनीर ही उपभोक्ताओं को बेचें।

    विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाया जाएगा। लोगों से भी अपील की गई है कि पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकिंग और स्रोत के बारे में पूरी जानकारी लें। यदि किसी दुकान, होटल या अन्य खाद्य प्रतिष्ठान में संदिग्ध पनीर की बिक्री होती दिखाई दे तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। जिला स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को कानून के दायरे से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा।

  • राहुल गांधी सितंबर में पंजाब दौरे पर! श्री हरिमंदिर साहिब से बस यात्रा की तैयारी तेज

    राहुल गांधी सितंबर में पंजाब दौरे पर! श्री हरिमंदिर साहिब से बस यात्रा की तैयारी तेज

     चंडीगढ़
    पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर पार्टी में गतिविधियां तेज हो गई हैं। राहुल गांधी के सितंबर के दूसरे सप्ताह तक पंजाब आने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार उनके दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अगले दो-तीन दिनों में कांग्रेस हाईकमान से मंजूरी मिलने के बाद जारी हो सकता है।

    दौरे को लेकर पंजाब कांग्रेस के स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राहुल गांधी के पंजाब दौरे को विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें पंजाब आने का प्रस्ताव दिया था।

    इस दौरान प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा स्थिति और संगठन में चल रही खींचतान को लेकर भी चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी के दौरे के दौरान कांग्रेस की प्रस्तावित बस यात्रा अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब से शुरू होगी।

    135 किमी की होगी यात्रा
    यात्रा के पहले चरण में करीब 135 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 15 से अधिक जिलों को कवर करने की योजना है। पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ दिल्ली से पार्टी के कुछ बड़े नेता भी इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं। दौरे से पहले राहुल गांधी की टीम पंजाब में अपनी काम कर लौट चुकी है।

    राहुल गांधी प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद कर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एकजुट होकर मैदान में उतरने का संदेश दे सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी अलग-अलग मुलाकात की संभावना भी है।

    पार्टी को एकजुट करना है यात्रा का मकसद
    राहुल गांधी की इस बस यात्रा का मकसद पंजाब में बुरी तरह बंटी हुई कांग्रेस को एकजुट करना है. कांग्रेस की पंजाब में सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी एक दूसरे को पसंद नहीं करते हैं और एक दूसरे को देखना तक नहीं चाहते हैं. कांग्रेस आलाकमान ने अभी तक यह साफ कर दिया है कि प्रदेश अध्यक्ष नहीं बदला जाएगा और किसी भी नेता को मुख्यमंत्री का चेहरा के तौर पर पेश नहीं किया जाएगा. लेकिन पंजाब में कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. कांग्रेस की दिक्कत ये है कि चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मिलकर एक गुट बना लिया है और प्रदेश अध्यक्ष राजा वाडिंग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। 

    कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कई बार इन नेताओं को अकेले में और एक साथ बैठा करके भी मुलाकात कर चुके हैं. लेकिन नतीजा कुछ निकला नहीं. यहां तक जब पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' जैसा कार्यक्रम पूरे पंजाब में कर रहे थे तो वहां पोस्टर में बघेल की तुलना जनरल डायर से की गई, तो राजा वाडिंग के सर्मथकों ने चन्नी को बीजेपी-आरएसएस का एजेंट बताया. पंजाब में कांग्रेस ने एक परिवार एक टिकट का भी नियम बनाया है उसको लेकर भी नेताओं में नाराजगी बताई जा रही है। 

    राहुल की बस यात्रा के तीन मकसद
        पहला पंजाब के नेताओं की एकजुट तस्वीर पेश करना. कहा जा रहा है कि राहुल गांधी के साथ बस में चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष वाडिंग तो होंगे ही साथ में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा भी रहेंगे. यानी राहुल गांधी एक बाजू में चन्नी और दूसरे बाजू में राजा वाडिंग को लेकर 'ऑल इज़ वेल' का संदेश देंगे। 

        दूसरा इस यात्रा का मकसद संगठन को सक्रिय करना है जिससे कि कार्यकर्ताओं में संदेश जाए कि उपर के लेवल पर सब ठीक हो गया है। 

        इस यात्रा का तीसरा मकसद है पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार की विधिवत शुरुआत करना। 

    कांग्रेस के सूत्र यह भी बता रहे हैं कि राहुल गांधी की यह यात्रा जो अमृतसर से हुसैनीवाला तक जाएगी पहली यात्रा होगी और अगली यात्रा इस यात्रा की सफलता पर निर्भर होगी. इसके अलावा कांग्रेस आलाकमान पंजाब के नेताओं को टिकट बांटने में भी अहम भूमिका देने पर विचार कर रही है। 

    क्या खत्म होगी कांग्रेस में गुटबाजी?
    लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि राहुल गांधी की बस यात्रा से क्या पंजाब कांग्रेस का संकट या गुटबाजी खत्म हो जाएगी. कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि अगर पंजाब में राहुल की यात्रा खत्म होने तक इन नेताओं ने अपना झगड़ा खत्म नहीं किया तो फिर कांग्रेस नेतृत्व कुछ कठोर फैसले पर मजबूर होगा. भले ही इससे पार्टी को नुकसान हो. वैसे भी कांग्रेस 2017 में 77 सीटें लेकर सत्ता में आई थी जो 2022 में घट कर 18 सीट रह गई है, तब चन्नी के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा गया था. वही मुख्यमंत्री थे. लेकिन लोकसभा चुनाव में लोगों ने कांग्रेस पर भरोसा जताया और 13 में से 7 सांसद कांग्रेस से जीते.अभी चरणजीत सिंह चन्नी,राजा वाडिंग और सुखजिंदर सिंह रंधावा तीनों सांसद हैं. मगर विधानसभा चुनाव से पहले इन तीनों नेताओं को एकजुट करना कांग्रेस नेतृत्व के लिए अभी तक चुनौती बना हुआ है। 

    चुनाव समितियों के विस्तार पर भी नजर
    एक जुलाई को विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से 21 सदस्यों वाली विभिन्न चुनाव समितियों की घोषणा के बाद प्रदेश कांग्रेस में मतभेद खुलकर सामने आए थे। चन्नी खेमे के कई नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग को बदलने की मांग उठाई थी।

    हालांकि पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश अध्यक्ष को बदलने का कोई फैसला नहीं है। वहीं चुनाव समितियों का विस्तार किए जाने की संभावना है और राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले ही नई समितियों की घोषणा हो सकती है।

    कार्यक्रमों में अलग-अलग नजर आए कांग्रेस नेता
    पार्टी में गुटबाजी का असर हाल के कार्यक्रमों में भी दिखाई दिया है। चंडीगढ़ में महंगाई के मुद्दे पर राजा वड़िंग के कार्यक्रम से चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की दूरी बनी रही। वहीं बाबा बकाला साहिब में राखड़ पुन्नियां मेले के दौरान चन्नी सहित कांग्रेस के कई नेता पहुंचे, जबकि राजा वड़िंग कार्यक्रम में नजर नहीं आए।

    ऐसे में राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले संगठन को एकजुट करना हाईकमान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। दौरे के बाद प्रदेश कांग्रेस में नई सियासी हलचल तेज होने की संभावना है।

  • बारिश में नहीं डूबेगा अपर बाजार सब स्टेशन, ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा

    बारिश में नहीं डूबेगा अपर बाजार सब स्टेशन, ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा

    रांची
     बारिश के मौसम में जलजमाव के कारण अपर बाजार सब स्टेशन से होने वाली बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होने की समस्या जल्द दूर हो सकती है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के न्यू कैपिटल डिविजन की ओर से अपर बाजार सब स्टेशन की ऊंचाई बढ़ाने समेत कई जरूरी कार्यों का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। 

    योजना पर काम होने के बाद बारिश के दौरान जलजमाव की स्थिति में भी सब स्टेशन को पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं सेवा सदन पथ स्थित अपर बाजार सब स्टेशन निचले इलाके में है। 

    पहाड़ी मंदिर और आसपास के क्षेत्रों से बारिश का पानी बहकर बड़ा तालाब होते हुए सेवा सदन रोड तक पहुंचता है। यहां जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी सब स्टेशन की दीवार और मुख्य प्रवेश द्वार से परिसर में प्रवेश कर जाता है। कई बार पानी तीन से चार फीट तक भर जाता है।

    जलजमाव के कारण पानी पैनल रूम, स्टाफ रूम, कनीय अभियंता के कमरे और सब स्टेशन के यार्ड तक पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घंटों पूरे सब स्टेशन की बिजली आपूर्ति ग्रिड से बंद करनी पड़ती है। पानी निकलने के बाद ही बिजली दोबारा बहाल की जाती है।

    15 से 16 मेगावाट बिजली का होता है वितरण
    अपर बाजार सब स्टेशन से वर्तमान में करीब 15 से 16 मेगावाट बिजली का वितरण किया जाता है। सब स्टेशन में दो 10 एमबीए के पावर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। समय के साथ इसकी क्षमता बढ़ाई गई है, लेकिन जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। 

    इस सब स्टेशन से अपर बाजार, बकरी बाजार, भुईयां टोली, शहीद चौक, टेलीफोन एक्सचेंज, राजभवन, अरगोड़ा सहित कई महत्वपूर्ण और वीवीआईपी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति होती है। इसलिए बारिश के दौरान सब स्टेशन बंद होने से बड़ी आबादी प्रभावित होती है।

    कारोबार और उद्योग पर पड़ता है असर
    अपर बाजार रांची का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में थोक और खुदरा कारोबार के साथ औद्योगिक प्रतिष्ठान भी संचालित होते हैं। बारिश के दौरान बिजली बंद होने से व्यापारिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ता है। बिजली नहीं रहने से लेनदेन, उत्पादन और अन्य जरूरी काम प्रभावित होते हैं।

    ऊंचाई बढ़ाने के साथ कई काम प्रस्तावित
    समस्या को देखते हुए न्यू कैपिटल डिविजन ने मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है। इसमें सब स्टेशन के पूरे परिसर की ऊंचाई बढ़ाने, पावर ट्रांसफार्मरों को ऊंचा करने, घेराबंदी को बेहतर करने, 11 केवी तारों की ऊंचाई बढ़ाने और जरूरत के अनुसार नए कमरों के निर्माण का प्रस्ताव शामिल है। जल निकासी की व्यवस्था को भी बेहतर करने की जरूरत बताई गई है।

     अपर बाजार सब स्टेशन से रांची के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बिजली पहुंचाई जाती है। बारिश के दौरान जलजमाव होने पर सुरक्षा कारणों से पूरे सब स्टेशन की बिजली बंद करनी पड़ती है। जलजमाव समाप्त होने के बाद आपूर्ति बहाल होती है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए सब स्टेशन की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। योजना लागू होने के बाद बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था में काफी सुधार होने की उम्मीद है। – अजय कुमार, कार्यपालक अभियंता, न्यू कैपिटल डिविजन, जेबीवीएनएल

     

  • गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ी उपलब्धि, 160 टन का पहला यू-गर्डर स्थापित

    गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ी उपलब्धि, 160 टन का पहला यू-गर्डर स्थापित

    गुरुग्राम.

    पुराने गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार परियोजना के निर्माण कार्य ने शुक्रवार देर रात महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया। साइबर पार्क के नजदीक पिलर नंबर 26/27 पर 160 टन वजनी पहले यू-गर्डर को 400 और 600 टन क्षमता वाली हाइड्रोलिक क्रेनों की मदद से सफलतापूर्वक लिफ्ट कर स्थापित किया गया।

    प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने विधिवत पूजन कर यू-गर्डर लिफ्टिंग कार्य का शुभारंभ किया। इसके साथ ही मेट्रो कारिडोर के ऊपरी ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया भी धरातल पर शुरू हो गई।

    सुरक्षा प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा
    यू-गर्डर की लिफ्टिंग के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा गया। भारी-भरकम यू-गर्डर को क्रेनों की सहायता से धीरे-धीरे उठाकर निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया। इस दौरान निर्माण एजेंसी की तकनीकी टीम और विशेषज्ञ पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते रहे। मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पहले यू-गर्डर का सफलतापूर्वक स्थापित होना गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब निर्माण कार्य ने जमीनी स्तर पर नए चरण में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। परियोजना में निर्माण की गति के साथ गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

    सेक्टर-33 में तैयार हो रहे यू-गर्डर
    मेट्रो परियोजना के लिए यू-गर्डर का निर्माण सेक्टर-33 स्थित नाहरपुर रूपा के विशेष प्रीकास्ट कास्टिंग यार्ड में किया जा रहा है। प्रत्येक यू-गर्डर की लंबाई करीब 28 मीटर और चौड़ाई 5.05 मीटर है। एक गर्डर में करीब 16 टन रिइनफोर्समेंट स्टील और लगभग 60 घन मीटर एम-60 ग्रेड कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाता है। यही यू-गर्डर मेट्रो वायाडक्ट के ऊपरी ढांचे का हिस्सा बनेंगे और इनके ऊपर ट्रैक बिछाए जाएंगे। एक यू-गर्डर का वजन करीब 160 टन होने के कारण इसे निर्माण स्थल तक पहुंचाना और स्थापित करना चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है। इसके लिए कास्टिंग यार्ड से गर्डर को करीब 40 मीटर लंबे मल्टी-एक्सल ट्रेलर और पुलर असेंबली के माध्यम से निर्माण स्थल तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद भारी क्षमता वाली हाइड्रोलिक क्रेनों से इसकी लिफ्टिंग की जाती है। पूरी प्रक्रिया के लिए पहले से रूट प्लानिंग, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।

    पुराने गुरुग्राम को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
    मेट्रो विस्तार परियोजना को शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम परियोजना माना जा रहा है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से पुराने गुरुग्राम के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे रोजाना आवागमन करने वाले हजारों लोगों को तेज, सुविधाजनक और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के निदेशक (परियोजना एवं योजना) एसआर सांगवा, निदेशक (रोलिंग स्टाक एवं इलेक्ट्रिकल) राजेश चतुर्वेदी, निदेशक (वित्त) रजत वर्मा, चीफ आर्किटेक्ट नम्रता कलसी, डीजीएम मधुर गोयल, निगम पार्षद कुलदीप यादव समेत निर्माण एजेंसी के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और कर्मचारी मौजूद रहे। बता दें कि ओल्ड गुरुग्राम में दो चरण में मेट्रो का विस्तार होना है। पहले चरण का काम चल रहा है। पहले चरण के अंतर्गत मिलेनियम सिटी गुरुग्राम मेट्रो स्टेशन से लेकर सेक्टर-9 तक मेट्रो प्रोजेक्ट का विस्तार होना है। दूसरे चरण के टेंडर की प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। दूसरे चरण के दौरान सेक्टर-9 से लेकर साइबर हब तक मेट्रो कारिडोर का विस्तार किया जाएगा।

  • बिहार में 21 हजार आशा कार्यकर्ताओं की जल्द भर्ती, 10वीं पास महिलाओं के लिए बड़ा मौका

    बिहार में 21 हजार आशा कार्यकर्ताओं की जल्द भर्ती, 10वीं पास महिलाओं के लिए बड़ा मौका

    पटना 

    बिहार में 21000 आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती होगी। इनमें 14 हजार 409 आशा कार्यकर्ताओं की ग्रामीण और 7289 की शहरी क्षेत्रों के लिए भर्ती होगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को इसका निर्देश जारी किया है। साथ ही सभी जिलों को आशा कार्यकर्ताओं की रिक्तियां भी भेज दी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में जिलों को भेजे पत्र में कहा है कि आशा कार्यकर्ताओं की बहाली की प्रक्रिया काफी धीमी है। विभाग की समीक्षा में यह बात सामने आई है। विभाग ने दो महीने के अंदर सभी जिलों को आशा की बहाली करने का निर्देश दिया है। आमतौर पर आशा वर्कर्स की भर्ती के लिए 10वीं पास की पात्रता रखी जाती है।

    मुजफ्फरपुर में 264 ग्रामीण, 247 शहरी आशा की बहाली
    मुजफ्फरपुर जिले में 264 ग्रामीण और 247 शहरी आशा कार्यकर्ताओं की बहाली होगी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी 5314 आशा कार्यकर्ताओं की जरूरत है, जिनमें 4275 काम कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 1039 आशा कार्यकर्ताओं का चयन किया जा चुका है। शहरी क्षेत्र में 247 आशा कार्यकर्ताओं की बहाली होगी। अभी शहरी क्षेत्र में 303 आशा काम कर रही हैं और 56 का ही चयन किया गया है। गौरतलब है कि पूरे बिहार में अभी 98 हजार 598 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं।

    नगर निकाय की पर्यवेक्षक अब शहरी कही जाएंगी
    नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम में बदलने वाले क्षेत्रों में अब शहरी क्षेत्र के हिसाब से आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया कि जो ग्रामीण क्षेत्र नगर पंचायत, नगर निगम और नगर परिषद में बदल गए हैं, वहां पहले से काम करने वाली आशा फैसेलिटेटर अब शहरी आशा फैसेलिटेटर कही जाएंगी।

    आशा पर्यवेक्षक की भी होगी बहाली
    आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की भी बहाली होगी। इसके लिए रिक्तयां जारी कर दी गई हैं। राज्य में 1104 आशा फैसेलिटेटर की बहाली होनी है। आशा फैसेलिटेटर आशा कार्यकर्ताओं के कामकाज की मॉनिटरिंग कर उसकी रिपोर्ट तैयार करती हैं। मुजफ्फरपुर सहित सभी जिले में आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर की भी बहाली कई महीनों से नहीं हुई है।

  • मोहाली में चौराहा पार कर रही दो युवतियों को तेज रफ्तार गाड़ी ने मारी टक्कर

    मोहाली में चौराहा पार कर रही दो युवतियों को तेज रफ्तार गाड़ी ने मारी टक्कर

    मोहाली.

    सिंह शहीदा सोहाना चौक पर शनिवार सुबह हादसा हुआ। एक कार चालक ने चौक पार कर रही दो युवतियों को टक्कर मारी। दोनों युवतियां पैदल जा रही थी। कार चालक ने एक बाइक सवार को भी टक्कर मारी। दोनों युवतियां किरणदीप और संदीप लेडीज पार्क अस्पताल में काम करती हैं।

    राहगीरों की मदद से दोनों को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, बाइक सवार को भी घायल हो गया है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कार का नंबर लुधियाना का है। इसके पहले मोहाली के जीरकपुर में तेज रफ्तार कार ने सड़क पार करते वक्त महिला को टक्कर मार दी। घटना का 17 सेकेंड का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार की टक्कर के बाद महिला बोनट पर आकर करीब 5 फीट ऊपर हवा में उछलती दिखाई देती है। इसके बाद वह सड़क पर गिरकर कई पलटी खाते हुए करीब 20 मीटर तक घिसटती चली जाती है।

    हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद उसने अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान हादसा देविंदर कौर के नाम से हुई, वह हिमाचल की रहने वाली थीं। दविदर कौर अपनी बहन प्रीति के साथ ढकोली में 'पिंड पंजाबी ढाबा' चलाती थी, इसके सामने ही एन्क्लेव में उनका 'पाकीजा होटल' भी है। ढाबा बंद करने के बाद दविंदर पैदल होटल की तरफ जा रही थी। तभी यह हादसा हो गया।

  • सीकर में भीषण अग्निकांड, दो EV शोरूम में 40 वाहन जलकर खाक; 3.5 करोड़ का नुकसान

    सीकर में भीषण अग्निकांड, दो EV शोरूम में 40 वाहन जलकर खाक; 3.5 करोड़ का नुकसान

    सीकर 
    राजस्थान के सीकर शहर में शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। सर्किट हाउस के सामने स्थित दो इलेक्ट्रिक व्हीकल शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे दोनों शोरूम में रखे लगभग 40 इलेक्ट्रिक वाहन जल गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसने पास ही स्थित एक अन्य ऑटो पार्ट्स के शोरूम को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में कुल करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान जताया जा रहा है।

    सुबह 4 बजे हुआ हादसा
    मामले की जानकारी देते हुए थाना अधिकारी राजाराम लेघा ने बताया, घटना शनिवार सुबह करीब चार बजे की है। सर्किट हाउस के सामने भैरों सिंह शेखावत के दो इलेक्ट्रिक व्हीकल शोरूम 'बीएस ऑटोमोबाइल' और 'बच्चन मोटर्स' स्थित हैं। सबसे पहले आग बीएस ऑटोमोबाइल शोरूम में लगी थी। शोरूम के भीतर गाड़ियों में अत्यधिक प्लास्टिक, रबर और बैटरी मैटेरियल होने के कारण आग तेजी से भड़क गई। कुछ ही देर में लपटें पास में स्थित बच्चन मोटर्स तक फैल गईं।

    पास के ऑटो पार्ट्स शोरूम तक पहुंचीं लपटें
    दोनों ईवी शोरूम में आग की लपटें पास ही स्थित हुंडई के ऑटो पार्ट्स शोरूम तक जा पहुंची। वहां रखे स्पेयर पार्ट्स, एयर कंडीशनर और अन्य कीमती सामान भी जल गए।

    पांच दमकलों ने ढाई घंटे में पाया काबू
    आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने सबसे पहले इलाके की बिजली सप्लाई बंद करवाई और सड़क के एक तरफ वाहनों की आवाजाही को रोक दिया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद लगभग ढाई घंटे में आग पर पूरी तरह से काबू पाया।

    SHO राजाराम लेघा ने बताया, बीएस ऑटोमोबाइल में इलेक्ट्रिक स्कूटी और बाइक बेची जाती थीं, जबकि बच्चन मोटर्स में ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक ऑटो रखे थे। हादसे के वक्त दोनों शोरूम में मिलाकर करीब 40 वाहन मौजूद थे, जो पूरी तरह जल गए।

    शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आग के वास्तविक कारणों का सटीक पता जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी है।

  • जयपुर के सरकारी स्कूलों में 638 पदों पर होगी गेस्ट फैकल्टी भर्ती, 7 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन

    जयपुर के सरकारी स्कूलों में 638 पदों पर होगी गेस्ट फैकल्टी भर्ती, 7 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन

    जयपुर
     सरकारी विद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए शिक्षा विभाग ने विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के प्रथम चरण में माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।

    बता दें कि जयपुर जिले के सभी ब्लॉक में कुल 638 पद रिक्त है। इनमें गणित, अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत विषयों के पद शामिल हैं। सबसे अधिक 186 पद गणित, 138 अंग्रेजी, 126 हिंदी और 112 पद विज्ञान विषय के हैं।

    विराटनगर में सबसे कम पद
    जयपुर जिले में सबसे अधिक 57 पद फागी, 53 शाहपुरा, 49 सांभरलेक, 47 मौजमाबाद और 40 पद दूदू ब्लॉक में रिक्त है। वहीं, विराटनगर में सबसे कम 3 और गोविंदगढ़ में 8 पद रिक्त हैं। चयनित गेस्ट फैकल्टी को प्राध्यापक सहित विभिन्न शिक्षक पदों के लिए प्रति घंटा 400 रुपए मानदेय मिलेगा।

    सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्राथमिकता
    विद्या संबल योजना के तहत सेवानिवृत्त शिक्षक और निजी अभ्यर्थी दोनों आवेदन कर सकेंगे। सेवानिवृत्त शिक्षक की अधिकतम आयु 65 वर्ष और संबंधित पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता होना आवश्यक है। चयन में शैक्षणिक योग्यता को 75 प्रतिशत और प्रशैक्षणिक योग्यता को 25 प्रतिशत प्राथमिकता दी जाएगी। सेवानिवृत्त कार्मिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयन में किसी तरह का साक्षात्कार नहीं होगा।

    यह रहेगी भर्ती प्रक्रिया
    विभाग की जारी गाइडलाइन के अनुसार, पात्र अभ्यर्थी 1 से 7 सितंबर 2026 दोपहर 12 बजे तक रिक्त पदों वाले विद्यालय के प्राचार्य/पीईईओ को आवेदन कर सकेंगे। आवेदनों की सूची 8 सितंबर को जारी होगी। 9 से 10 सितंबर तक आवेदनों की जांच और अस्थायी वरीयता सूची जारी की जाएगी।

    आपत्तियों के निस्तारण के बाद 11 सितंबर को अंतिम वरीयता सूची एवं चयन सूची तैयार होगी। जिला स्तरीय समिति 15 सितंबर को चयन सूची का अनुमोदन कर नियुक्ति आदेश जारी करेगी। यह प्रक्रिया फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के लिए शुरू की गई है।

    जयपुर जिले में ब्लॉकवार कुल रिक्त पद
    क्रम    ब्लॉक    रिक्त पद     क्रम    ब्लॉक         रिक्त पद
    1    आमेर            25        11          रेनवाल        39
    2    आंधी              23       12        कोटखावदा      27
    3    बस्सी              37      13         माधोराजपुरा     23
    4    चाकसू            38         14        मौजमाबाद       47
    5    दूदू                40         15         फागी            57
    6    गोविंदगढ़         8          16        सांभर लेक       49
    7    जालसू              33       17          सांगानेर        29
    8    जमवारामगढ़     39        18        शाहपुरा          53
    9    जोबनेर             34       19         विराटनगर       3
    कुल        638        

  • CM नायब सिंह के दौरे से पहले यूथ कांग्रेस अध्यक्ष हाउस अरेस्ट, काले झंडों का था डर

    CM नायब सिंह के दौरे से पहले यूथ कांग्रेस अध्यक्ष हाउस अरेस्ट, काले झंडों का था डर

    नूंह.

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मेवात दौरे से पहले युवा कांग्रेस के नूंह जिला अध्यक्ष मुबीन खान तेडिया को पुलिस-प्रशासन ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। प्रशासन को जिला यूथ कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की भनक लगी थी।

    लोकतंत्र को कैद करने जैसा माहौल
    मुबीन खान तेडिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मेवात में लोकतंत्र को कैद करने जैसा माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार ने कोई गलत काम नहीं किया है तो फिर सवालों से डरने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

    जारी रहेगी न्याय की लड़ाई
    युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सिपाही हैं और जनहित के मुद्दों को उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि न डरेंगे और न झुकेंगे। न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से हाउस अरेस्ट किए जाने को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बता दें कि इससे पहले भी जिला कांग्रेस यूथ अध्यक्ष ने बसों पर मुख्यमंत्री के चित्रों पर कालिख पौती थी जिस कारण इस मामले में केसे भी दर्ज हुआ था।

  • चंडीगढ़ में नशा तस्कर ने पुलिस को दिया चकमा, आंखों में लाल मिर्च डालकर फरार

    चंडीगढ़ में नशा तस्कर ने पुलिस को दिया चकमा, आंखों में लाल मिर्च डालकर फरार

    चंडीगढ़.

    पंजाब के खन्ना में हेरोइन बरामदगी के मामले में गिरफ्तार चंडीगढ़ के सेक्टर-38 का रहने वाला दीपक थापा ने चंडीगढ़ में खन्ना सीआईए की टीम को चकमा देकर फरार हो गया। घर में तलाशी के दौरान बाथरूम जाने के बहाने हथकड़ी खुलवाने के बाद थापा ने अपने स्वजन के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों की आंखों में लाल मिर्च पाउडर डाल दिया और मौके से भाग निकला।

    घटना के बाद खन्ना सीआईए टीम ने मामले की शिकायत मलोया थाना पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दीपक थापा और उसकी मदद करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपित की तलाश तेज कर दी है। खन्ना सीआईए की टीम ने कुछ दिन पहले एक युवक को करीब आधा किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपित ने पुलिस को कुछ अन्य लोगों के बारे में जानकारी दी। इसी पूछताछ और डिस्क्लोजर के आधार पर खन्ना पुलिस ने 26 अगस्त को दीपक थापा को सेक्टर-38 से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में थापा ने बताया था कि हेरोइन उसके घर में छिपाकर रखी गई है। इसके बाद शुक्रवार शाम करीब छह बजे खन्ना सीआइए की टीम उसे हथकड़ी लगाकर सेक्टर-38 स्थित उसके घर लेकर पहुंची।

    बाथरूम जाने के बहाने खुलवाई हथकड़ी
    पुलिस की शिकायत के मुताबिक, घर में दाखिल होने के बाद दीपक थापा ने बाथरूम जाने की बात कही और हथकड़ी खोलने के लिए कहा। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने उसकी हथकड़ी खोली, उसने कथित तौर पर अपने परिजनों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों की आंखों में लाल मिर्च पाउडर डाल दिया। अचानक हुए इस हमले से पुलिसकर्मी कुछ देर के लिए असहाय हो गए और इसी का फायदा उठाकर दीपक थापा घर से निकलकर फरार हो गया।

    मलोया पुलिस को पहले नहीं दी थी सूचना
    घटना को लेकर चंडीगढ़ पुलिस और खन्ना पुलिस के बीच समन्वय का मुद्दा भी सामने आया है। मलोया थाना पुलिस के अनुसार, खन्ना सीआइए टीम ने आरोपित को चंडीगढ़ लाकर उसके घर में तलाशी और बरामदगी की कार्रवाई करने से पहले स्थानीय थाने को कोई सूचना नहीं दी थी। आरोपित के फरार होने के बाद खन्ना पुलिस ने मलोया थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद खन्ना पुलिस की शिकायत के आधार पर दीपक थापा और उसकी मदद करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

    चंडीगढ़ में पहले भी दर्ज हैं संगीन मामले
    दीपक थापा का आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस के लिए चिंता का विषय है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ चंडीगढ़ में पहले से एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या से संबंधित मामले दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ में हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए गए कुछ नाइजीरियाई आरोपितों से जुड़े मामले में भी थापा की गिरफ्तारी हो चुकी है। हथियारों से संबंधित मामलों में भी उसका नाम सामने आया है। इसके अलावा खुड्डा लाहौरा क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में भी उसका नाम जांच के दौरान सामने आने की बात कही जा रही है।

    फरार आरोपित की तलाश में जुटी पुलिस
    कई संगीन मामलों में नाम सामने आने के कारण दीपक थापा के फरार होने को चंडीगढ़ पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फरारी के बाद उसने किन लोगों की मदद ली।