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  • JPSC नियुक्ति गड़बड़ी मामले में धर्मेंद्र कुमार की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने केस डायरी मांगी

    JPSC नियुक्ति गड़बड़ी मामले में धर्मेंद्र कुमार की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने केस डायरी मांगी

    रांची
    सीआईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में जेपीएससी नियुक्ति गड़बड़ी मामले के आरोपित धर्मेंद्र कुमार की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले के जांच अधिकारी से केस डायरी की मांग की।

    मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सितंबर की तिथि निर्धारित की गई। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रितांशु कुमार सिंह ने पक्ष रखा। धर्मेंद्र कुमार जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष के कार्यालय में कार्यरत था।

    आरोपित ने जमानत की गुहार लगाते हुए 27 अगस्त को याचिका दाखिल की है। मामले में जेल में बंद जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते सहित छह आरोपित अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज तिवारी, अरविंद कुमार, श्वेता कुमारी गुप्ता, सुमन सौरव और उमेश कुमार की जमानत पर भी दो सितंबर को सुनवाई होगी।

    जमीन के कागजात में फर्जीवाड़ा करने वाले पांच को नहीं मिली राहत
    अपर न्यायायुक्त तृतीय अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत में जमीन के कागजात में कथित फर्जीवाड़ा कर जमीन हस्तांतरित करने के पांच आरोपितों को राहत नहीं मिली। अदालत ने आरोपित जोहन कच्छप, जय मसीह कच्छप, वोआस कच्छप, टेलिस्फर एक्का और पत्रास एक्का की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

    मामले को लेकर धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज है। आरोपितों की ओर से कहा गया कि उन्हें भूमि विवाद के कारण झूठे मामले में फंसाया गया है। अभियोजन और सूचक के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने केस डायरी का अवलोकन करते हुए कहा कि आरोपितों पर फर्जी और जाली दस्तावेज तथा गलत वंशावली के आधार पर जमीन हस्तांतरित करने का आरोप है।

    अदालत ने यह भी पाया कि आरोपित अपने घर से फरार हैं और पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। जांच अभी प्रारंभिक अवस्था में है। अपराध की प्रकृति और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को देखते हुए अदालत ने पांचों की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।

  • राजस्थान में मानसून पर ब्रेक, 15 शहरों में पारा 35° पार; 40 के करीब पहुंचा श्रीगंगानगर

    राजस्थान में मानसून पर ब्रेक, 15 शहरों में पारा 35° पार; 40 के करीब पहुंचा श्रीगंगानगर

    जयपुर 
    राजस्थान में मानसून फिलहाल ब्रेक पर है। मानसून सीजन शुरू होने के बाद शुक्रवार पहला ऐसा दिन रहा, जब प्रदेश में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। बारिश थमने और दिनभर तेज धूप रहने से कई शहरों में गर्मी और उमस बढ़ गई। जयपुर, टोंक, अलवर समेत 15 शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं, श्रीगंगानगर में पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच गया।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में मानसून का यह कमजोर दौर सितंबर के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में नया वेदर सिस्टम बनने की संभावना है। इसके असर से 4-5 सितंबर से राजस्थान में मानसून के दोबारा एक्टिव होने की उम्मीद है।
    प्रदेश में अब तक सामान्य से 21% कम बारिश

    कम बारिश के कारण राजस्थान के 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। मानसून सीजन में सबसे कम बारिश पाली जिले में हुई है। इसके अलावा जालोर, बांसवाड़ा, जैसलमेर और उदयपुर भी कम बारिश वाले प्रमुख जिलों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सामान्य के मुकाबले बारिश की कमी बनी हुई है।

    बारिश की कमी का असर खेतों से लेकर जलस्रोतों तक दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने से किसानों को बारिश का इंतजार है। प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 21 फीसदी कम दर्ज की गई है।

    4 सितंबर से बदल सकता है मौसम
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर के पहले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र विकसित होने की संभावना है। इसके राजस्थान की ओर बढ़ने पर 4-5 सितंबर से प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। इससे कई जिलों में बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।

    फिलहाल मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर शिफ्ट है। यह अमृतसर, देहरादून और लखीमपुर खीरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। आने वाले दिनों में ट्रफ के अपनी सामान्य स्थिति में लौटने की संभावना है। इसके बाद राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    जयपुर में तेज धूप, 35.4 डिग्री पहुंचा तापमान
    जयपुर में शुक्रवार को दिनभर तेज धूप रही। बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। शहर में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिन जयपुर में मौसम इसी तरह रहने की संभावना है। हालांकि इस दौरान स्थानीय स्तर पर बादल बनने की स्थिति से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है।

    अजमेर में दो दिन से बारिश नहीं
    अजमेर में पिछले दो दिन से बारिश नहीं हुई है। शुक्रवार सुबह बादलों की आवाजाही रही और हवा भी चली, लेकिन बारिश नहीं हुई। बीच-बीच में धूप निकलने से लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। शहर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    अलवर में बढ़ी गर्मी और उमस
    अलवर में शुक्रवार सुबह से ही तेज धूप रही। आसमान साफ रहने के कारण दिन में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। यहां अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बादल छाने और बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन दिनभर मौसम मुख्य रूप से साफ रहा।

    कोटा में पारा 2 डिग्री चढ़ा
    कोटा में बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस बढ़ गई। सुबह बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर में धूप निकलने के बाद तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    वहीं, नवनेरा बांध से पानी की निकासी कम कर दी गई है। फिलहाल चार गेट 12 मीटर तक खोलकर करीब 52 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

    उदयपुर में मौसम सुहावना, बारिश नहीं
    उदयपुर में शुक्रवार को मौसम सुहावना बना रहा। कुछ समय हल्के बादल छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। यहां अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री और न्यूनतम 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह बने रहने का अनुमान है।

    जोधपुर में सामान्य से अधिक रहा तापमान
    जोधपुर में शुक्रवार सुबह हल्के बादल छाए रहे। दोपहर बाद धूप निकलने से उमस बढ़ गई। अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।

    सीकर में 38 डिग्री पहुंचा पारा
    सीकर में शुक्रवार को ज्यादातर समय मौसम साफ रहा। तेज धूप के कारण गर्मी का असर बढ़ा। यहां न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    फिलहाल राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर हैं, लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह में बनने वाला संभावित सिस्टम प्रदेश के लिए राहत लेकर आ सकता है। यदि सिस्टम मजबूत रहा तो 4-5 सितंबर के बाद बारिश का दौर फिर शुरू होने और बारिश की कमी वाले जिलों को राहत मिलने की उम्मीद है।

  • लुधियाना के ATM में BJP नेता से लूट का प्रयास, पिस्तौलधारी आरोपी से भिड़े

    लुधियाना के ATM में BJP नेता से लूट का प्रयास, पिस्तौलधारी आरोपी से भिड़े

    लुधियाना.

    साहनेवाल मेन रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एटीएम में नकदी जमा करवाने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक स्थानीय नेता से गन प्वाइंट पर लूटपाट करने की सनसनीखेज कोशिश का मामला सामने आया है।

    हालांकि, नेता ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए न केवल लुटेरे के मंसूबे नाकाम किए, बल्कि उसकी पिस्तौल छीनकर उसे खींचते हुए बाहर निकाल दिया। इस पूरी वारदात का 1 मिनट 30 सेकंड का लाइव सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वहीं, आरोपी को मौके पर पकड़कर सौंपने के बावजूद पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने पर भाजपा नेताओं ने कड़ा रोष जताया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित भाजपा साहनेवाल मंडल के महासचिव हैं, जो प्रॉपर्टी और ईंट-भट्ठे का कारोबार करते हैं। बीती 25 अगस्त की शाम करीब 6:40 बजे वह साहनेवाल मेन रोड पर स्थित PNB बैंक के एटीएम में 1.50 लाख रुपये जमा करवाने पहुंचे थे। मशीन में अकाउंट नंबर दर्ज करने के बाद जैसे ही वह 50 हजार रुपये की पहली किश्त मशीन में डालने लगे, तभी पीछे से एक नकाबपोश हथियारबंद बदमाश अंदर दाखिल हो गया। सामने आए 1 मिनट 30 सेकंड के सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि नेता अपने साइड बैग से कैश निकालकर मशीन में डाल रहे हैं। तभी मुंह पर कपड़ा बांधे एक युवक अंदर आता है, अपने बैग से पिस्तौल निकालता है और सीधे नेता पर तानकर पैसे छीनने की कोशिश करता है। अचानक हुए हमले से घबराने के बजाय भाजपा नेता ने अदम्य साहस दिखाया। उन्होंने तुरंत लुटेरे का हाथ और पिस्तौल पकड़ ली। दोनों के बीच एटीएम के अंदर ही जोरदार हाथापाई हुई, जिसके बाद नेता लुटेरे को काबू करते हुए घसीटकर एटीएम से बाहर ले आए।

    घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों की मदद से आरोपी को दबोचकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया था। लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा मामले में ठोस कानूनी कार्रवाई न किए जाने से रोष फैल गया है।भाजपा नेता सन्नी कैंथ ने लूट के प्रयास का लाइव सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करते हुए पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन की लचर कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। भाजपा नेता सन्नी कैंथ ने आरोप लगाया कि जब जनता और नेता खुद जान जोखिम में डालकर लुटेरों को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर रहे हैं, तब भी पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है और ढीली कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आला पुलिस अधिकारियों से आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

  • JSSC CGL पेपर लीक केस में बड़ा एक्शन, रिश्वत देकर परीक्षा पास करने वाले 4 अभ्यर्थी गिरफ्तार

    JSSC CGL पेपर लीक केस में बड़ा एक्शन, रिश्वत देकर परीक्षा पास करने वाले 4 अभ्यर्थी गिरफ्तार

     रांची
    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के अधीन झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल) 2023 में रिश्वत के बल पर सफल हुए चार अभ्यर्थियों को सीआईडी ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभ्यर्थियों में दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी व आनंद कुमार सिंह शामिल हैं।

    दीपक कुमार धनबाद के श्यामली होटल नावाडीह के डुप्लेक्स सनशाइन अपार्टमेंट का निवासी है। वहीं, उमेश कुमार राय मूल रूप से बिहार के भेजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के काकिला डयूल का निवासी है और वर्तमान में बोकारो के दुग्दा थाना क्षेत्र के न्यू बीसीसीएल कॉलोनी स्थित क्वार्टर नंबर एम-25/3 रहता था।

    तीसरा अभ्यर्थी विजय कुमार तिवारी धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र के रोआम धड़कीड़ो का तथा चौथा आरोपित आनंद कुमार सिंह बिहार के छपरा जिले के कोपा थाना क्षेत्र के चतरा गांव का रहने वाला है। आनंद कुमार सिंह वर्तमान में धनबाद के सुदामडीह थाना क्षेत्र में सुदामडीह रिवरसाइड मार्केट में रहता था।

    जेएसएससी सीजीएल में कथित पेपर लीक मामले में एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में दर्ज कांड की जांच की जांच के दौरान सभी चारों आरोपित अभ्यर्थियों के विरुद्ध सीआईडी को पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।

    चारों ने रिश्वत देकर दलालों, एजेंटों के माध्यम से लीक प्रश्न पाया और उसके उत्तर रटकर परीक्षा में सफलता हासिल की। अब जल्द ही सीआईडी चारों अभ्यर्थियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ करेगी।
    आयोग से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका भी जांच रही 

    सीआईडी
    सीआईडी अब जेएसएससी से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पूर्व में जेएसएससी ने आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से लंबी पूछताछ कर ली है। अब भी कई जिम्मेदार पदाधिकारी सीआईडी की रडार पर हैं।

    वर्तमान में सीआईडी ने परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी, पेपर लीक के नाम पर वसूली वालों के विरुद्ध जांच की है और इनसे जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

    जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स वेबेल टेक्नोलोजी से जुड़े मिथिलेश सिंह के सामने आने के बाद कई अहम राज खुलने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, मिथिलेश सिंह फरार हैं।

     

  • हरियाणा में छात्रों के लिए बड़ी राहत, अब AC ई-बसों में भी फ्री सफर की सुविधा

    हरियाणा में छात्रों के लिए बड़ी राहत, अब AC ई-बसों में भी फ्री सफर की सुविधा

    करनाल
    हरियाणा रोडवेज में मुफ्त सफर करने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अब वे हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड की एसी ई-बसों में भी निश्शुल्क सफर कर सकेंगे। अभी तक यह सुविधा केवल हरियाणा रोडवेज की सामान्य बसों में ही मिलती थी, लेकिन अब ई-बसों में भी इसे लागू कर दिया गया है।

    इस संबंध में एचसीबीएसएल मुख्यालय से 26 अगस्त 2026 को सभी जिलों के महाप्रबंधकों को आदेश जारी कर दिया गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 28 मई 2026 को पानीपत में मुख्यमंत्री हरियाणा द्वारा की गई घोषणा और एचसीबीएसएल के निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदन के बाद यह फैसला लिया है कि जिन विद्यार्थियों के पास वैध हरियाणा रोडवेज स्टूडेंट बस पास हैं, उन्हें एचसीबीएसएल की ई-बसों में भी मुफ्त यात्रा की अनुमति दी जाए।

    वहीं, सामान्य बसों के मुकाबले एसी ई-बसों में किराया भी अधिक होता था। यह आदेश पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, सोनीपत, हिसार, रेवाड़ी, करनाल, पंचकूला, रोहतक, कुरुक्षेत्र सहित प्रदेश के 11 जिलों के जीएम को भेजा गया है।

    11 जिलों में दौड़ रही 145 ई-बसें, पानीपत में सबसे ज्यादा 45
    जानकारी के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के 11 शहरों में कुल 145 ई-बसें संचालित हो रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा 45 बसें पानीपत में चल रही हैं। ये सभी बसें वातानुकूलित हैं और शहर के अंदर लोकल रूट पर हर स्टॉप पर रुक-रुक कर चलती हैं।

    इससे पहले इन बसों में पास मान्य नहीं था, जिससे विद्यार्थियों को टिकट लेना पड़ता था। जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि अब पास मान्य होने से विद्यार्थियों को गर्मी से राहत मिलेगी और वे एसी बसों में आरामदायक सफर कर सकेंगे।

    करनाल में 5 ई-बसें, 140 सामान्य बसों का संचालन
    यदि करनाल की बात करें तो यहां डिपो में 140 सामान्य रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं, जबकि शहर के अंदर 5 ई-बसें चल रही हैं। वहीं पानीपत में 120 सामान्य बसों के साथ 45 ई-बसें चल रही हैं।

    नए आदेश के बाद स्कूल, कालेज, आईटीआई, पालिटेक्निक सहित सभी मान्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी जिनके पास हरियाणा रोडवेज का वैध पास है, वे अब इन ई-बसों में बिना कोई किराया दिए सफर कर सकेंगे।

    इन डिपो पर चल रही इतनी ई- बसें
    सरकार के निर्देशानुसार रोडवेज की ओर से 145 के करीब ई-बसें अपनी सेवाएं दे रही हैं। इनमें से पानीपत में 45, कुरुक्षेत्र में 20, यमुनानगर में 20, करनाल में 5, अंबाला में 25, रोहतक में 5, रेवाड़ी में 5, हिसार में 5, पंचकूला में 5, सोनीपत में 10 बसें चल रही हैं। आगे भी जल्द इनकी संख्या बढ़ने वाली हैं।

     

  • बिहार माओवादमुक्त, फिर भी अलर्ट; पूर्व माओवादियों और उनके परिवारों पर पुलिस की नजर

    बिहार माओवादमुक्त, फिर भी अलर्ट; पूर्व माओवादियों और उनके परिवारों पर पुलिस की नजर

    पटना
     बिहार को भले ही माओवादमुक्त घोषित कर दिया गया हो, लेकिन माओवादी दोबारा संगठित न हो सकें, इसके लिए पुलिस मुख्यालय सतर्क है। जेल से रिहा होने वाले पूर्व माओवादियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    पुलिस की टीम सिर्फ पूर्व माओवादियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों से भी संपर्क कर रही है।

    इस दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों की जानकारी ली जा रही है।

    पूर्व माओवादियों की वर्तमान सोच और मुख्यधारा में उनके समायोजन को लेकर भी फीडबैक जुटाया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति दोबारा उग्रवादी गतिविधियों से न जुड़े।

    परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चों की पढ़ाई पर भी नजर
    पुलिस और प्रशासन की ओर से पूर्व माओवादियों के परिवारों से संवाद कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है।

    परिवार की आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा और रोजगार से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि पूर्व माओवादी मुख्यधारा के जीवन में किस हद तक समायोजित हो चुके हैं।

    पुलिस का मानना है कि संवाद और पुनर्वास के जरिए दोबारा उग्रवादी गतिविधियों की आशंका को कम किया जा सकता है। इस कवायद के तहत पुलिस की स्थानीय इकाइयों और खुफिया तंत्र को भी सतर्क रखा गया है।
    पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में विशेष निगरानी जारी है।

    झारखंड से सटे इलाकों में सक्रिय संगठनों पर भी नजर
    माओवादियों से अलग होकर बने संगठनों की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। बिहार से सटे झारखंड के जिलों में सक्रिय पीएलएफआइ और जेजेएमपी जैसे संगठनों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    सीमावर्ती क्षेत्रों में इनके संभावित प्रभाव और आवाजाही को लेकर खुफिया तंत्र सतर्क है। पुलिस मुख्यालय के स्तर से इन संगठनों से जुड़े इनपुट का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है।

    किसी भी नए नेटवर्क या संगठनात्मक गतिविधि की जानकारी मिलते ही संबंधित जिलों को अलर्ट किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि बिहार में उग्रवादी संगठनों को फिर से पैर पसारने का मौका न मिले।

    ईंट-भट्ठा से खनन तक, आर्थिक स्रोतों की हो रही पड़ताल
    बिहार एसटीएफ के अनुसार, उग्रवादी संगठनों के संभावित आर्थिक स्रोतों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसमें ईंट-भट्ठा, अफीम की खेती, ठेकेदारी और खनन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

    खुफिया तंत्र यह पता लगाने में जुटा है कि इन क्षेत्रों से किसी प्रकार की लेवी या अवैध वसूली तो नहीं की जा रही है। इसके लिए विभिन्न स्तरों से सूचनाएं एकत्र कर खुफिया रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

    संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों और पुराने नेटवर्क से जुड़े लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस का फोकस उग्रवादी संगठनों की आर्थिक रीढ़ को मजबूत होने से रोकने पर है।

    63 पूर्व माओवादियों को मिलेगा पुनर्वास नीति का लाभ
    पुलिस-प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले 63 लोगों को राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ देने की मंजूरी मिल चुकी है।

    पुनर्वास के जरिए इन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे गांवों में विकास कार्यों पर भी जोर दिया जा रहा है।

    इन इलाकों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि विकास और पुनर्वास के जरिए उग्रवाद की जमीन को कमजोर किया जा सकता है। इसी रणनीति के तहत सुरक्षा के साथ सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर भी काम किया जा रहा है।

    22 से शून्य जिले, अब केंद्रीय बलों के कैंप हटाने की तैयारी
    राज्य में वर्ष 2013 में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या 22 थी, जो अब घटकर शून्य रह गई है। हालांकि, दोबारा माओवादी गतिविधियां शुरू न हों, इसके लिए केंद्र सरकार ने चार जिलों को लेगसी और थ्रस्ट जिलों के रूप में चिह्नित किया है।

    इनमें औरंगाबाद, गयाजी, जमुई और लखीसराय शामिल हैं।
    इन जिलों में केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में मौजूद 24 केंद्रीय बलों के कैंप को योजनाबद्ध तरीके से हटाने के लिए डी-इंडक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। साथ ही माओवादियों द्वारा पूर्व में लूटे गए हथियारों और अन्य सामग्री की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।

  • जालंधर के नेहा मर्डर केस में बड़ा खुलासा! अब करोड़ों का घर आया चर्चा में

    जालंधर के नेहा मर्डर केस में बड़ा खुलासा! अब करोड़ों का घर आया चर्चा में

    जालंधर.

    जालंधर में लेक्चरर नेहा की हत्या की जांच के बीच अब करोड़ों का घर चर्चा में आ गया है। दरअसल, सतपाल कौर के पति विशाल ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी ने धोखे से कोठी अपने नाम करवाई और बाद में अपने बॉयफ्रेंड उमंग के साथ मिलकर इस पर कब्जा कर लिया।

    विशाल का दावा है कि इस कोठी का निर्माण उन्होंने अपनी नौकरी की पूरी जमा पूंजी, मां के गहने और पिता के पटियाला स्थित प्लाट बेचकर किया है। विशाल ने ये भी दावा किया है कि, सतपाल कौर ससुराल के पटियाला स्थित घर में रहने के बजाय मेहर एन्क्लेव की इसी कोठी में रहती थी और यहीं पर वह अपने बॉयफ्रेंड उमंग से गुप्त रूप से मिलती थी। यही नहीं सतपाल ने बड़ी ही चालाकी से इस कोठी को अपने नाम पर करवा लिया था। पत्नी सतपाल ने प्रॉपर्टी के कागजात में कुछ गड़बड़ी होने का हवाला देते हुए कहा था कि इस मामले में उन्हें हैदराबाद से बार-बार आने-जाने की जरूरत नहीं है। इसी बात के बहाने कथित तौर पर सतपाल कौर ने उनसे पावर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम करवा ली।

    पति विशाल का कहना है कि वह अब अपनी कोठी और बेटी को सतपाल कौर से वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका दावा है कि सतपाल कौर के पास इसके अलावा भी 2 अन्य प्रॉपर्टियां हैं, जो उसे उसके माता-पिता की ओर से मिली हैं। विशाल ने आरोप लगाया कि पैसे और प्रॉपर्टी के लालच में उमंग ने सतपाल कौर को अपने जाल में फंसाया। उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि इसी कथित साजिश के तहत उमंग ने अपनी पत्नी नेहा की हत्या कर दी। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और इन आरोपों की जांच के बाद ही पूरा सच सामने आएगा।

    फेसबुक पर मुलाकात
    विशाल के मुताबिक, सतपाल कौर से उसकी दोस्ती फेसबुक पर हुई थी जोकि प्यार में बदल गई। 20 मई 2015 को दोनों ने शादी कर ली। विशाल का कहना है कि शादी से एक दिन पहले सतपाल कौर 3 कपड़ों में अकेली उसके घर आई थी, जिसके बाद परिवार ने सादगी से दोनों की शादी करवा दी। विशाल को अपनी पत्नी पर पूरा भरोसा था और इसी वजह से उसे उसके रिश्ते पर कभी कोई शक नहीं हुआ। नौकरी की वजह से वह ज्यादातर बाहर रहता था, जबकि सतपाल कौर जालंधर में रहना चाहती थी। पत्नी की इच्छा पर उसने मेहर एन्क्लेव के कुक्की ढाब में कोठी नंबर-62 तैयार करवाई। पत्नी को खुश रखने के लिए उसकी सारी मांगें पूरी की।

    विशाल के मुताबिक, सतपाल कौर ने पावर ऑफ अटॉर्नी का फायदा उठाया और सतपाल कौर की ट्रांसफर डीड अपने नाम करवा ली। उसे इस बारे में 3 फरवरी, 2026 को पता चला, जब पुलिस ने थाने में उसके पिता से साइन करवाए। इसके बाद वह छोटी-छोटी बातों पर उससे लड़ने लगी। कभी मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देती थी और दादा-दादी और बेटी के बीच बातचीत भी बंद कर देती थी। इसके बाद उसने गाली-गलौज और धमकी देना शुरू कर दिया। जालंधर में अकेले रहने के लिए अपने माता-पिता से भी झगड़ा करती थी। लेक्चरर नेहा की हत्या की पुलिस जांच में सनसनीखेज खुलासे के बाद  उमंग बस्सी और सतपाल कौर के बीच 206 पेज की WhatsApp चैट मिली है।

  • पटना में गंगा का जलस्तर घटा, फिर भी खतरे के निशान से ऊपर; दियारा इलाकों में पानी जमा

    पटना में गंगा का जलस्तर घटा, फिर भी खतरे के निशान से ऊपर; दियारा इलाकों में पानी जमा

    पटना
     गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे आने लगा है, लेकिन दियारा व निचले तटीय इलाकों में अब भी पानी जमा है। शुक्रवार सुबह छह बजे बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मनेर में गंगा का जलस्तर 24 घंटे में 16 सेंटीमीटर कम होकर 52.12 मीटर रहा। यह खतरे के निशान 52 मीटर से 12 सेंटीमीटर अधिक है। 

    दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ दो सेंटीमीटर अधिक 50.47 मीटर दर्ज किया गया। गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर तीन दिन में करीब 30 सेंटीमीटर कम हो चुका है। हालांकि, अब भी यहां जलस्तर खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर ऊपर 49.28 मीटर है। इन तीनों जगहों पर गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आने की बात कही जा रही है। 

    निचले इलाकों में पानी घुस गया
    इस बीच, दियारा व जिन निचले इलाकों में पानी घुस गया था, वह अब भी जमा है। खुसरूपुर के दियारा क्षेत्र में गंगा का पानी घाट से एक किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर बैकुंठ धाम मंदिर के पास तक पहुंच गया है। 

    पानी फैलने से कई एकड़ में लगी फसल बर्बाद होने की सूचना है। खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जलस्तर घटने के बावजूद खेतों से पानी निकलने में समय लगने की संभावना है।
    दानापुर में पानी उतर रहा, मोकामा में स्थिति नियंत्रण में

    दानापुर के तटवर्ती इलाकों में अभी पानी जमा है, लेकिन जलस्तर नीचे आने के साथ धीरे-धीरे पानी निकल रहा है। इससे लोगों को राहत मिल रही है। वहीं बख्तियारपुर में स्थिति सामान्य बताई गई है। मोकामा में गंगा के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्र में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    सोन-पुनपुन में भी स्थिति पर नजर
    सोन नदी के कोइलवर में जलस्तर 52.80 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 55.52 मीटर है और जलस्तर घट रहा है। पुनपुन के श्रीपालपुर में जलस्तर 49.10 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 50.60 मीटर से 1.50 मीटर नीचे है। यहां जलस्तर स्थिर है। 

    हालांकि अरवल के किंजर में पुनपुन का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे दक्षिणी पटना के निचले इलाकों में निगरानी जरूरी बनी हुई है। गंगा के जलस्तर में कमी के बावजूद विभाग की ओर से तटबंधों और प्रभावित इलाकों पर निगरानी जारी है।

  • हरियाणा में MBBS-BDS छोड़ना पड़ेगा महंगा, 3 साल का बैन और 10 लाख रुपये की बॉन्ड मनी

    हरियाणा में MBBS-BDS छोड़ना पड़ेगा महंगा, 3 साल का बैन और 10 लाख रुपये की बॉन्ड मनी

    चंडीगढ़
    हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस के छात्र अगर दाखिले के बाद सीट छोड़ते हैं तो उन्हें अगले तीन साल तक प्रवेश के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

    इसके साथ ही 10 लाख रुपये की बांड मनी भी चुकानी होगी। निजी संस्थानों में बीच में कोर्स छोड़ने पर संबंधित शैक्षणिक सत्र की फीस सहित अगले शैक्षणिक सत्र की 50 प्रतिशत फीस भी देनी होगी।

    मैनेजमेंट कैटेगरी में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों पर भी नियम लागू होगा। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिले की प्रक्रिया अधिसूचित कर दी है।

    85 फीसदी सीटें हरियाणा स्टेट मेरिट कैटगरी में भरी जाएंगी
    सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल सीटों में से 15% सीटें नीट-यूजी की अखिल भारतीय मेरिट व 85% सीटें हरियाणा स्टेट मेरिट कैटेगरी से भरी जाएंगी।

    पंडित बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज रोहतक को ऑनलाइन संयुक्त केंद्रीयकृत काउंसलिंग कराने की जिम्मेदारी दी है। निजी मेडिकल व डेंटल संस्थानों में 50% सीटें स्टेट कोटा व 50% मैनेजमेंट कैटेगरी में रहेंगी।

    एनआरआइ कोटा मैनेजमेंट कैटेगरी में से 15% होगा। स्टेट कोटा की पांच प्रतिशत सीटें दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। ओपन मेरिट-स्टेट कोटा सीटों के लिए अभ्यर्थी का हरियाणा का मूल निवासी होना जरूरी है। मैनेजमेंट कैटेगरी के लिए पूरे भारत से अभ्यर्थी पात्र होंगे।

    निजी कॉलेज में एकमुश्त एडवांस राशि नहीं होगी जमा
    निजी मेडिकल कॉलेज पूरे कोर्स की ट्यूशन फीस एकमुश्त एडवांस जमा नहीं करा सकेंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पांच वर्षों की वार्षिक फीस चार लाख 22 हजार 910 रुपये व सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेज में आठ लाख 10 हजार रुपये होगी। रजिस्ट्रेशन-कम-काउंसलिंग फीस सामान्य श्रेणी के लिए 2500 रुपये, हरियाणा के आरक्षित श्रेणी के लिए 1250 रुपये और एनआरआइ के लिए 10,000 रुपये निर्धारित की है।

    तीन साल का प्रतिबंध भी लगेगा, निजी संस्थानों में बीच में कोर्स छोड़ने वाले छात्र को अगले सत्र की 50% फीस भी देनी होगी
    अभ्यर्थी को भरना पड़ेगा बांड सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए पुरुष अभ्यर्थियों को 25 लाख 77 हजार 90 रुपये व महिला अभ्यर्थियों को 23 लाख 19 हजार 381 रुपये का बांड भरना होगा।

    सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कालेज में यह राशि पुरुषों के लिए 21 लाख 90 हजार और महिलाओं के लिए 19 लाख 71 हजार रुपये रखी है।

     

  • लंदन में गूंजी झारखंड की लोकधुन, बिरसा मुंडा को समर्पित प्रस्तुति ने जीता प्रवासियों का दिल

    लंदन में गूंजी झारखंड की लोकधुन, बिरसा मुंडा को समर्पित प्रस्तुति ने जीता प्रवासियों का दिल

    रांची
     भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लंदन में आयोजित इंडिया @ 80 सामुदायिक समारोह में झारखंड की समृद्ध लोक एवं जनजातीय संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली। भारतीय उच्चायोग और विभिन्न भारतीय संगठनों के सहयोग से हेज स्थित नवनात सेंटर में आयोजित समारोह में करीब तीन हजार भारतीय शामिल हुए।

    इस दौरान टीम स्वरांगी ने वीर बिरसा मुंडा को समर्पित झारखंड के विविध लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति देकर प्रवासी भारतीयों का दिल जीत लिया। समारोह की शुरुआत भारतीय तिरंगे के ध्वजारोहण से हुई। 

    वंदे मातरम् और राष्ट्रगान जन गण मन का गायन 
    यूके में भारत के उच्चायुक्त पेरियासामी कुमारन ने तिरंगा फहराया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् और राष्ट्रगान जन गण मन का गायन किया। पूरा परिसर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से ओतप्रोत हो गया।

    अपने संबोधन में उच्चायुक्त पी. कुमारन ने यूके में रह रहे प्रवासी भारतीयों से विदेश की धरती पर भारतीय तिरंगे का सम्मान बनाए रखने और नई पीढ़ी को भारत की सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत से जोड़े रखने का आह्वान किया। 

    कार्यक्रम में लार्ड रामी रेंजर, लार्ड उदय नागराजू, यूके के सांसद जान मैकडानेल, डीड्रे कास्टिगन, बाब ब्लैकमैन, डैनी बील्स, काउंसिलर रीता चामदल, पूर्व सांसद वीरेंद्र शर्मा और कुलदीप शेखावत समेत कई राजनीतिक एवं सामुदायिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

    बिरसा मुंडा को समर्पित रही झारखंड की प्रस्तुति
    समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों की कला और संस्कृति को मंच मिला। इसी क्रम में टीम स्वरांगी ने झारखंड की जनजातीय परंपरा, लोककला और सांस्कृतिक विविधता को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति वीर बिरसा मुंडा को समर्पित रही। 

    टीम की कलाकार सम्राग्गी सरकार, श्राबोनी डे, श्रवणी चेनाबोइना, रिमी राय सरकार, निवाशनी मूडली और हिमा देवराजू ने झारखंड के लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। पारंपरिक भाव-भंगिमा और नृत्य की विविध शैलियों के माध्यम से कलाकारों ने झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को प्रभावी ढंग से सामने रखा। प्रस्तुति को दर्शकों और अतिथियों ने खूब सराहा। 

    समारोह के आयोजन में भारतीय उच्चायोग, नेहरू सेंटर, झारखंड-यूके नेटवर्क, उज्ज्वल बंगा, एसईईईएफआई, धुन और टीम स्वरांगी समेत विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 

    झारखंड-यूके नेटवर्क के उज्ज्वल बंगा ने भारतीय उच्चायोग, नेहरू सेंटर और नवनात सेंटर के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से विदेश में रह रहे भारतीयों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का अवसर मिलता है। उन्होंने झारखंड की संस्कृति और विविधता को प्रदर्शित करने वाले आगामी आयोजनों में प्रवासी समुदाय से भागीदारी की अपील की।

    मिथिला की लोक संस्कृति भी रही आकर्षण का केंद्र
    समारोह में बिहार-कनेक्ट यूके की मिथिला टीम की महिला सदस्यों ने भगवान राम को समर्पित मिथिला के लोकगीत और लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को भारत की विविधता और अनेकता में एकता का जीवंत मंच बना दिया।

    समारोह में शामिल भारतीयों ने इसे यादगार अनुभव बताया। उनका कहना था कि विदेश की धरती पर भारतीय लोक संगीत, नृत्य, कला, संस्कृति और विरासत को एक साथ देखने का अवसर देश से भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करता है। यह जानकारी यूके से रांची निवासी जूही प्रिया ने दी।