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  • पंजाब BJP का बड़ा एक्शन, संगरूर के तीन बागी नेताओं को नोटिस; 3 दिन में मांगा जवाब

    पंजाब BJP का बड़ा एक्शन, संगरूर के तीन बागी नेताओं को नोटिस; 3 दिन में मांगा जवाब

    चंडीगढ़ 
    पंजाब भाजपा की अनुशासन समिति ने बागी हुए तीन नेताओं को नोटिस जारी कर तीन दिन में उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। तीनों नेता संगरूर के हैं। तीनों ने भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की थी। इन नेताओं में दो पूर्व जिलाध्यक्ष रंदीप सिंह देओल, मनिंदर सिंह कपियल और पूर्व प्रदेश समन्वयक जतिंदर कालड़ा शामिल हैं।

    संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रंदीप सिंह देओल, मनिंदर सिंह कपियल, जतिंदर कालड़ा समेत बागी नेताओं ने पार्टी के राज्य नेतृत्व के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। नेताओं ने आरोप लगाया था कि पंजाब भाजपा के संगठन महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु ने पार्टी संविधान का उल्लंघन कर छह जिलाध्यक्षों को पद से हटाया है। इसके विरोध में उन्होंने 29 अगस्त से पंजाब भाजपा

    बचाओ यात्रा निकालने और प्रदर्शन करने का एलान किया।
    नेताओं ने पटियाला में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष की मौजूदगी वाली क्षेत्रीय बैठक में संगरूर जोन के असंतुष्ट नेताओं को नहीं बुलाने पर भी सवाल उठाए थे। उनके रुख को पार्टी लाइन के खिलाफ बगावत माना जा रहा है। 

    भाजपा की अनुशासन समिति ने कहा है कि इस आचरण से प्रथम दृष्टया पार्टी की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और संगठनात्मक छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। पार्टी संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित नेताओं को नोटिस प्राप्त होने के सात दिन में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि पार्टी अनुशासन के कथित उल्लंघन और पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। यह नोटिस अनुशासन समिति के अध्यक्ष सोम प्रकाश की ओर से जारी किया गया है।

  • पंजाब सरकार कर्मचारियों को घर बनाने के लिए देगी 75 लाख तक लोन, प्रोसेसिंग फीस भी माफ

    पंजाब सरकार कर्मचारियों को घर बनाने के लिए देगी 75 लाख तक लोन, प्रोसेसिंग फीस भी माफ

    चंडीगढ़ 

    पंजाब सरकार के रेगुलर मुलाजिमों को अब अपना घर बनाने में दिक्कत नहीं आएगी। पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, चंडीगढ़ ने पंजाब सरकार के नियमित कर्मचारियों के साथ बोर्ड, निगम, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और शीर्ष सहकारी संस्थाओं के नियमित कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। 

    योजना के तहत कर्मचारियों को उनकी सैलरी के आधार पर अधिकतम 75 लाख रुपए तक का होम लोन मिल सकेगा। इस पर 7.25% सालाना तक ब्याज लगेगा। सहकारिता विभाग के प्रशासनिक सचिव अजित बालाजी जोशी ने इस संबंधी पत्र भी जारी किया। साथ ही मुलाजिमों से कहा है कि इस मौके का फायदा उठाएं।

    प्रोसेसिंग फीस भी नहीं लगेगी विभाग का दावा है कि मुलाजिमों को लोन लेना यहां से काफी फायदेमंद है। ऐसे में मुलाजिमों से प्रोसेसिंग फीस, समय से पहले लोने चुकाने और लोन बंद करने का शुल्क नहीं लिया जाएगा। जानकारों की मानें तो प्रोसेसिंग फीस ही बैंक के हिसाब से दस से 25 हजार तक बन जाती है।

    लोन लेने के लिए आवेदक को संपत्ति के मूल कागजात बैंक में जमा कर उसे गिरवी रखना होगा। आवेदक का सिबिल स्कोर कम से कम 650 होना जरूरी है। इसके अलावा KYC, आय प्रमाण, संपत्ति दस्तावेज, कानूनी राय, मूल्यांकन रिपोर्ट समेत अन्य जरूरी दस्तावेज देने होंगे।

    प्लॉट, मकान और फ्लैट के लिए मिलेगा लोन कर्मचारी प्लॉट खरीदकर मकान बनाने, तैयार मकान खरीदने या बनाने और स्वीकृत योजना के तहत फ्लैट खरीदने के लिए लोन ले सकेंगे। दूसरे बैंक या वित्तीय संस्थान से लिए गए पात्र आवास लोन को भी इस योजना में ट्रांसफर कराया जा सकेगा। बैंक परियोजना लागत का 85 प्रतिशत तक वित्त उपलब्ध कराएगा। प्लॉट खरीदने के मामले में उसकी कीमत कुल लोन राशि के 75 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकेगी।

    30 साल तक चुकाने का विकल्प कर्मचारियों को लोन चुकाने के लिए अधिकतम 30 वर्ष तक की अवधि मिलेगी। हालांकि लोन की अवधि उधारकर्ता के 70 वर्ष की आयु तक ही रहेगी। इनमें से जो अवधि पहले पूरी होगी, वही लागू होगी। योजना में मूल परिवर्तनीय ब्याज दर 8 प्रतिशत सालाना है। आईएचआरएमएस के जरिए किस्त की वसूली होने पर सेवानिवृत्ति की उम्र तक 0.50 प्रतिशत की ब्याज रियायत मिलेगी।

    वहीं जिन कर्मचारियों का वेतन खाता इसी बैंक में है, उन्हें 0.25 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी। यानी पात्र कर्मचारी अधिकतम रियायत के साथ 7.25 प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं। योजना की शर्तों का उल्लंघन होने पर ब्याज में मिली रियायत वापस ली जा सकती है और सामान्य ब्याज दर लागू हो जाएगी। इच्छुक कर्मचारी अपनी लागत पर वैकल्पिक जीवन बीमा की सुविधा भी ले सकेंगे।

  • ‘बैन बेतुका, अधिकार सर्वोपरि’, HC ने हरियाणा कर्मचारियों के विदेश दौरे पर लगी रोक हटाई

    ‘बैन बेतुका, अधिकार सर्वोपरि’, HC ने हरियाणा कर्मचारियों के विदेश दौरे पर लगी रोक हटाई

    चंडीगढ़.

    पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के विदेश जाने पर लगाई गई पूर्ण पाबंदी को खारिज कर दिया है। अदालत ने इस फैसले को मनमाना और संवैधानिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार के तर्कों पर कड़ा ऐतराज जताया।

    मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने कहा कि सरकार की यह पाबंदी उसके द्वारा बताए गए उद्देश्यों के मुकाबले बेहद असंतुलित थी। अदालत ने टिप्पणी की कि सरकार का यह कदम "अखरोट तोड़ने के लिए भारी हथौड़े का इस्तेमाल करने जैसा है।" हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि किसी कर्मचारी को अपने पेशेवर कौशल को बढ़ाने के लिए विदेश जाने से रोकने से सरकार के ईंधन बचाने के लक्ष्य में भला कैसे मदद मिल सकती है?

    क्या है पूरा मामला?
    यह विवाद रोहतक स्थित PGIMS की नर्सिंग ऑफिसर शीतल रानी की याचिका से जुड़ा है। शीतल ने ऑस्ट्रेलिया में एक पेशेवर कोर्स और रजिस्ट्रेशन परीक्षा में शामिल होने के लिए छुट्टी की अर्जी दी थी। फरवरी 2021 में शीतल रानी PGIMS रोहतक में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हुईं। जनवरी 2024 में उन्हें ऑस्ट्रेलियाई वीजा आवेदन की मंजूरी मिली और बाद में विजिटर वीजा जारी हो गया। 29 सितंबर में ऑस्ट्रेलिया में उनकी परीक्षा निर्धारित थी, जिसके लिए उन्होंने 'अर्न्ड लीव' के लिए आवेदन किया।

    क्यों खारिज हुई थी छुट्टी?
    हरियाणा सरकार ने 10 जून को एक दिशा-निर्देश जारी किया था। इसके तहत सितंबर तक सरकारी कर्मचारियों के विदेश जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस नीति में केवल गंभीर मेडिकल इलाज के मामलों को ही छूट दी गई थी, जिसके चलते शीतल रानी की छुट्टी की अर्जी निरस्त कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने सरकार के इस आदेश को पूरी तरह खारिज करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता नर्सिंग ऑफिसर को परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने की तुरंत अनुमति दी जाए।

  • सरकारी कर्मचारियों के विदेश जाने पर पूर्ण पाबंदी खारिज, हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट की फटकार

    सरकारी कर्मचारियों के विदेश जाने पर पूर्ण पाबंदी खारिज, हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट की फटकार

    चंडीगढ़
    पंजाब एवं हरियाणा  हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के विदेश जाने पर लगाई गई पूर्ण पाबंदी को खारिज कर दिया है। अदालत ने इस फैसले को मनमाना और संवैधानिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार के तर्कों पर कड़ा ऐतराज जताया।

    मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने कहा कि सरकार की यह पाबंदी उसके द्वारा बताए गए उद्देश्यों के मुकाबले बेहद असंतुलित थी। अदालत ने टिप्पणी की कि सरकार का यह कदम "अखरोट तोड़ने के लिए भारी हथौड़े का इस्तेमाल करने जैसा है।

    हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि किसी कर्मचारी को अपने पेशेवर कौशल को बढ़ाने के लिए विदेश जाने से रोकने से सरकार के ईंधन बचाने के लक्ष्य में भला कैसे मदद मिल सकती है?

    क्या है पूरा मामला?
    यह विवाद रोहतक स्थित PGIMS की नर्सिंग ऑफिसर शीतल रानी की याचिका से जुड़ा है। शीतल ने ऑस्ट्रेलिया में एक पेशेवर कोर्स और रजिस्ट्रेशन परीक्षा में शामिल होने के लिए छुट्टी की अर्जी दी थी।

    फरवरी 2021 में शीतल रानी PGIMS रोहतक में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हुईं। जनवरी 2024 में उन्हें ऑस्ट्रेलियाई वीजा आवेदन की मंजूरी मिली और बाद में विजिटर वीजा जारी हो गया। 29 सितंबर में ऑस्ट्रेलिया में उनकी परीक्षा निर्धारित थी, जिसके लिए उन्होंने 'अर्न्ड लीव' के लिए आवेदन किया।

    क्यों खारिज हुई थी छुट्टी?
    हरियाणा सरकार ने 10 जून को एक दिशा-निर्देश जारी किया था। इसके तहत सितंबर तक सरकारी कर्मचारियों के विदेश जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस नीति में केवल गंभीर मेडिकल इलाज के मामलों को ही छूट दी गई थी, जिसके चलते शीतल रानी की छुट्टी की अर्जी निरस्त कर दी गई थी।

    हाईकोर्ट ने सरकार के इस आदेश को पूरी तरह खारिज करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता नर्सिंग ऑफिसर को परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने की तुरंत अनुमति दी जाए।

  • वड़िंग के बयान पर सुखजिंदर रंधावा का पलटवार, बोले- ‘वही घर है, वही रंधावा’

    वड़िंग के बयान पर सुखजिंदर रंधावा का पलटवार, बोले- ‘वही घर है, वही रंधावा’

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी के बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के बीच ‘स्लीपर सेल’ और ‘कंप्रोमाइज्ड लीडर’ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। रंधावा के बयान पर वड़िंग ने कहा था कि वह उनसे मिलकर पूछेंगे कि उन्होंने किन नेताओं के बारे में यह बात कही है।

    इसके बाद शनिवार देर शाम रंधावा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वड़िंग को जवाब दिया। रंधावा ने लिखा, “वही घर है, वही रंधावा, जदों भी तुसी आओगे तुहाडा… मोस्ट वेलकम।” रंधावा की इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा रही।

    वड़िंग ने रंधावा से मांगी थी स्पष्ट जानकारी
    इससे पहले वड़िंग ने कहा था कि सभी राजनीतिक दलों में स्लीपर सेल हो सकते हैं और उनकी पहचान कर उन्हें बेनकाब किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग राजनीतिक विरोधियों से ज्यादा नुकसान पार्टी को पहुंचाते हैं। हालांकि, उन्होंने रंधावा से इस संबंध में स्पष्ट जानकारी मांगी थी। बाबा बकाला के राखड़ पुन्नया सम्मेलन में वड़िंग की गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे थे। यहां चन्नी खेमे के नेताओं की प्रमुख मौजूदगी रही थी। सम्मेलन में रंधावा, राणा गुरजीत सिंह और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा समेत कई नेता शामिल हुए। ऐसे में ताजा बयानबाजी ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को और हवा दे दी है।

    “स्लीपर सेल” और “समझौता करने वाले नेताओं” के संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगा
    पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कांग्रेस के भीतर “स्लीपर सेल” और “समझौता करने वाले नेताओं” के संदर्भ में वरिष्ठ पार्टी नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा से स्पष्टीकरण मांगा है। वड़िंग ने कहा कि वह रंधावा से मिलकर उनसे पूछेंगे कि वह किन लोगों की ओर इशारा कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने रंधावा की इस बात से सहमति जताई कि सभी राजनीतिक दलों में “स्लीपर सेल” होते हैं और उनकी पहचान कर उन्हें बेनकाब किया जाना चाहिए, क्योंकि वे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और विरोधियों की तुलना में पार्टी को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। रंधावा का जिक्र करते हुए वड़िंग ने कहा कि रंधावा हमारे बहुत वरिष्ठ नेता हैं। वह पंजाब के गृह मंत्री भी रह चुके हैं। जब भी हम मंच साझा करते थे, उन्होंने कई बार समझौते और ‘स्लीपर सेल’ की बात की थी। आपने उन्हें कई रैलियों में ऐसा कहते सुना होगा।” उन्होंने कहा कि बिट्टू देश के गृह मंत्री अमित शाह से मिलते थे। वह उनसे मिलते थे और फिर चले गए। बाबा बकाला में पार्टी के राखड़ पुन्नया सम्मेलन में अपनी अनुपस्थिति को लेकर वड़िंग ने कहा कि हर कार्यक्रम में सभी वरिष्ठ नेताओं का मौजूद रहना जरूरी नहीं है।

  • बेंगलुरु में श्री श्री रवि शंकर से मिले CM भगवंत मान, केजरीवाल और सिसोदिया भी रहे मौजूद

    बेंगलुरु में श्री श्री रवि शंकर से मिले CM भगवंत मान, केजरीवाल और सिसोदिया भी रहे मौजूद

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के सीएम भगवंत मान ने बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर से मुलाकात की। इस दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। 

    उन्होंने पंजाब समेत पूरे देश की तरक्की, खुशहाली और शांति की कामना की। इस संबंधी उन्होंने खुद ही फोटो शेयर की की। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर का पंजाब से भी गहरा जुड़ाव रहा है। उन्हें पंजाब सरकार के विशेष निमंत्रण पर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी शताब्दी समारोह के तहत आयोजित सर्व धर्म सम्मेलन में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। ऐसे में वह नवंबर 2025 में पंजाब दौरे पर आए थे।

    इस दौरान उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब में संत सम्मेलन में शिरकत की थी। इसके बाद लुधियाना, बठिंडा और जालंधर में सत्संग और ध्यान सत्रों का नेतृत्व किया। इन कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रखने, किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करने और समाज में भाईचारे व मानसिक शांति को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

    45 से अधिक शहरों में आश्रम
    आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर का पंजाब से 1980 के दशक से गहरा जुड़ाव रहा है। आज पंजाब में उनके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। राज्य के अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला समेत 45 से अधिक प्रमुख शहरों में आर्ट ऑफ लिविंग के केंद्र सक्रिय रूप से चल रहे हैं। वहीं मोहाली में संगठन का एक बड़ा परिसर द वेलनेस सिटी मौजूद है, जो करीब 20 एकड़ में फैला है। यहां आयुर्वेदिक अस्पताल और ध्यान केंद्र जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

  • उदयपुर में अगस्त की बारिश ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, सिर्फ 46 MM बरसा पानी

    उदयपुर में अगस्त की बारिश ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, सिर्फ 46 MM बरसा पानी

    जयपुर 
    मानसून सीजन में जून तक सामान्य शुरुआत के बाद अगस्त में उदयपुर में बारिश का सिलसिला थम गया। इस साल जून तक 258 मिमी बारिश दर्ज होने के बाद अगस्त तक कुल बारिश का आंकड़ा 304 मिमी पहुंचा है। यानी अगस्त में अब तक सिर्फ 46 मिमी बारिश हुई। पिछले 10 साल के अगस्त के आंकड़ों से तुलना करें तो यह बारिश सामान्य से करीब 80.6 फीसदी कम है।

    मौसम केंद्र की ओर से जारी 2016 से 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में कुल बारिश का औसत 237.7 मिमी रहा है। इसके मुकाबले इस साल अगस्त में 46 मिमी बारिश ही हुई, यानी औसत से 191.7 मिमी कम। इतना ही नहीं, पिछले दस वर्षों में अगस्त में दर्ज बारिश की तुलना में इस साल का आंकड़ा सबसे कम है। अमूमन उदयपुर में अगस्त के दरमियान लगातार बरसात होती है। ऐसे में झीलों सहित सारे जलस्रोत लबालब हो जाते हैं। लेकिन, इस बार की स्थिति पिछले कई साल से अलग है।

    2021 में भी कम थी बारिश, इस बार उससे भी नीचे
    एक दशक में अगस्त की सबसे कम बारिश वर्ष 2021 में 50.2 मिमी दर्ज हुई थी। इस साल का 46 मिमी आंकड़ा उससे भी 4.2 मिमी कम है। वहीं, वर्ष 2019 में अगस्त में सर्वाधिक 452.8 मिमी बारिश हुई थी। यानी पिछले वर्षों में अगस्त के दौरान बारिश में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन इस बार का आंकड़ा दशक के न्यूनतम स्तर पर है।

    हर ओर मानसूनी गतिविधियां कमजोर
    जून तक 258 मिमी बारिश होने के बाद जुलाई-अगस्त में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने से कुल बारिश भी सीमित रही। अगस्त में कम बारिश का असर जलस्रोतों, खेती और मानसून आधारित गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। हालांकि मानसून सीजन में आगे होने वाली बारिश से स्थिति बदल सकती है। ऐसे में सितम्बर से उम्मीदें बढ़ गई हैं।

    आंकड़े: एक नजर में
        237.7 MM अगस्त की औसत बारिश
        46 MM इस साल के अगस्त में बारिश
        191.7 MM लगभग कमी है औसत से
        80.6% कम है औसत से बरसात

    साल दर साल अगस्त की स्थिति
    वर्ष     कुल औसत बरसात
    2016    407.5 MM
    2017    118.5 MM
    2018    159.4 MM
    2019    452.8 MM
    2020    295.3 MM
    2021    50.2 MM
    2022    333.6 MM
    2023    144.8 MM
    2024    199.6 MM
    2025    215 MM
    2026    46 MM

  • पंजाब सरकार का अनाथ बच्चों को बड़ा सहारा, सपनों के लिए जारी किए 181 करोड़ रुपये

    पंजाब सरकार का अनाथ बच्चों को बड़ा सहारा, सपनों के लिए जारी किए 181 करोड़ रुपये

    चंडीगढ़.

    पंजाब में माता-पिता का साया खो चुके और परिवार की देखभाल से वंचित बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता का दायरा मजबूत किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में आश्रित एवं अनाथ बच्चों के लिए सरकार ने 432.38 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।

    इसमें से अब तक 181.23 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ प्रदेश के करीब 2.45 लाख बच्चों को मिल रहा है। सरकार का कहना है कि बच्चों को आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध करवाना प्राथमिकता है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनकी पढ़ाई और भविष्य की तैयारियों पर असर न पड़े।

    21 साल से कम उम्र के बच्चों को लाभ
    सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद से बच्चों की शिक्षा, रोजमर्रा की जरूरतों और भविष्य की तैयारियों में सहायता मिल रही है। सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पात्र बच्चों को समय पर सहायता मिलती रहे। योजना में 21 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को शामिल किया गया है, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा ऐसे बच्चे भी योजना के दायरे में आते हैं, जिनके माता-पिता दोनों घर से अनुपस्थित हैं अथवा शारीरिक या मानसिक रूप से असमर्थ होने के कारण उनकी देखभाल करने की स्थिति में नहीं हैं।

    पढ़ाई और सपनों पर नहीं पड़ेगा आर्थिक असर
    डॉ. बलजीत कौर के अनुसार, सरकार का उद्देश्य आर्थिक मजबूरी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई और उसके सपनों पर असर नहीं पड़ने देना है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना केवल तत्काल जरूरत पूरी करना नहीं, बल्कि उनके भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में निवेश है। सरकार के अनुसार, योजना के माध्यम से बच्चों को शिक्षा जारी रखने और आवश्यक जरूरतें पूरी करने में सहारा मिल रहा है। आने वाले समय में भी पात्र बच्चों तक सरकारी सहायता पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि परिवार की कमी के बावजूद उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।

  • झारखंड में कैदियों को दिन में जेल से बाहर काम करने की मिलेगी इजाजत, शाम को लौटना होगा

    झारखंड में कैदियों को दिन में जेल से बाहर काम करने की मिलेगी इजाजत, शाम को लौटना होगा

    रांची
    झारखंड सरकार चुने हुए कैदियों को दिन में जेल से बाहर जाकर काम करने, रोजी-रोटी कमाने और शाम को जेल लौटने की इजाजत देगी।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह व्यवस्था चार सेंट्रल जेलों- रांची में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल, हजारीबाग में जय प्रकाश नारायण सेंट्रल जेल, पूर्वी सिंहभूम में घाघीडीह सेंट्रल जेल और दुमका सेंट्रल जेल में ओपन और सेमी-ओपन बैरक के जरिए शुरू की जाएगी। इन चारों जेलों में बैरक और सेल की पहचान भी कर ली गई है, जिन्हें बदला जाएगा।

    IG (जेल) सुदर्शन मंडल ने शनिवार को कहा, "ओपन या सेमी-ओपन बैरक सिस्टम के तहत, कैदियों को सुबह 6 या 7 बजे बाहर जाकर काम करने और अपने परिवार के लिए कमाने की इजाजत होगी और वे लगभग 12 घंटे बाद जेल लौटेंगे। चूंकि ये जेलें शहरी इलाकों में हैं, इसलिए कैदियों के पास रोज़ी-रोटी कमाने के अच्छे मौके होंगे।"

    यह पहल राज्य की जेल सुधारों को मज़बूत करने और कैदियों को समाज में फिर से घुलने-मिलने में मदद करने की कोशिशों का हिस्सा है। इसे हाल ही में राज्य कैबिनेट ने एक सरकारी प्रस्ताव के ज़रिए मंज़ूरी दी थी।

    प्रस्ताव में कहा गया है कि झारखंड जेल और सुधार सेवा अधिनियम, 2025 में ओपन सुधार संस्थान बनाने का प्रावधान है।

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फैसला
    यह कदम सुप्रीम कोर्ट के सुहास चकमा बनाम भारत संघ मामले में दिए गए निर्देश के बाद उठाया गया है। शीर्ष अदालत ने उन राज्यों से, जहां OCI (ओपन सुधार संस्थान) काम नहीं कर रहे हैं, ऐसे संस्थान बनाने की संभावना का आकलन करने को कहा था।

    जहां अलग OCI बनाना संभव नहीं है, वहां राज्यों को मौजूदा जेलों के अंदर ही ओपन या सेमी-ओपन बैरक बनाने की सलाह दी गई है।

    मंडल ने आगे कहा, "यह तय करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया जाएगा कि कौन से कैदी इस प्रोग्राम के लिए योग्य हैं। अच्छा व्यवहार और जेल के नियमों का पालन करना योग्यता के मुख्य आधार होंगे।"

     

  • मस्जिद के अंदर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, चार्जर लेने गई थी पीड़िता

    मस्जिद के अंदर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, चार्जर लेने गई थी पीड़िता

     पलवल 

    हरियाणा के पलवल में मस्जिद के अंदर रेप करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि पलवल के हसनपुर में एक मस्जिद के अंदर अपनी 11 साल की साली को बंधक बनाकर कथित तौर पर रेप करने के आरोप में 30 साल के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता के पिता मस्जिद के मौलवी हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी किसी निजी काम से हसनपुर आया था। पीड़िता के पिता ने उसके ठहरने का इंतजाम मस्जिद परिसर में ही किया था। यह घटना मंगलवार को हुई। हसनपुर के एक प्राइवेट स्कूल में छठी कक्षा की छात्रा अपने पिता के कमरे से मोबाइल फोन चार्जर लेने के लिए मस्जिद परिसर में गई थी।

    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जब छात्रा मस्जिद में दाखिल हुई तो संदिग्ध ने उसे अकेला पाकर कथित तौर पर एक कमरे के अंदर बुलाया और दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उसने उसके साथ रेप किया। जांच करने वाले अधिकारी ने बताया कि जब लड़की कुछ देर तक वापस नहीं लौटी तो उसकी मां को शक हुआ, क्योंकि उसे स्कूल जाना था। वह मस्जिद गई और लड़की के चिल्लाने की आवाज सुनकर शोर मचाया।

    जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के पिता और अन्य लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे बचाया, लेकिन आरोपी भागने में कामयाब रहा। हसनपुर थाने के एसएचओ सब इंस्पेक्टर विजय पाल ने बताया कि पीड़िता को पलवल के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां दो दिन तक उसका इलाज करने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। उन्होंने बताया कि मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि हुई है।

    पाल ने कहा कि मंगलवार को आरोपी के खिलाफ 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन अगेंस्ट सेक्सुअल ऑफेंसेज एक्ट' (पोक्सो एक्ट) की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। एसएचओ ने कहा कि आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया।