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  • 5000 करोड़ का कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल तैयार, पटना से उत्तर बिहार का सफर होगा आसान

    5000 करोड़ का कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल तैयार, पटना से उत्तर बिहार का सफर होगा आसान

    पटना 
    कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल बनकर तैयार हो गया है। गंगा नदी पर करीब 5000 करोड़ की लागत से निर्मित कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल राज्य के सड़क नेटवर्क दक्षिण और उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सेतु होगा। अधिकारियों के अनुसार यह एक्स्ट्राडोज्ड केबल ब्रिज अपनी आधुनिक तकनीक और शानदार इंजीनियरिंग के लिए जाना जाएगा।

    पथ निर्माण विभाग की देखरेख में बीएसआरडीसीएल की ओर से निर्मित कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल की लंबाई करीब 9.76 किमी है, जो 67 मजबूत पिलरों पर टिका हुआ है। पहुंच पथों को शामिल करने पर इस पूरी मेगा परियोजना की लंबाई 19.30 किमी हो जाती है। इसके निर्माण से पटना का समस्तीपुर समेत संपूर्ण उत्तर बिहार से सीधा और सुगम संपर्क स्थापित हो जाएगा।

    पथ निर्माण सचिव पंकज पाल ने बताया कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल के चालू होने से वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही आसान होगी। यह पुल पटना में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पंकज पाल के अनुसार इस महासेतु के माध्यम से पटना रिंग रोड और आमस-दरभंगा मार्ग का भी जुड़ाव होगा।

    मीठापुर सब्जी मंडी फ्लाईओवर नवंबर में चालू होगा
    राजधानी पटना के मीठापुर सब्जी मंडी 5000 करोड़ का कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल तैयार, पटना से उत्तर बिहार का सफर होगा आसानइलाके में क्षतिग्रस्त फ्लाईओवर के हिस्से का पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने नवंबर तक इस फ्लाईओवर पर वाहनों का आवागमन फिर से शुरू करने का लक्ष्य रखा है। पुल के चार पिलर और गार्डर का काम बचा हुआ जो पूरा किया जा रहा है। पिछले साल मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण मीठापुर सब्जी मंडी के समीप सर्विस रोड के धसने से फ्लाईओवर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से फ्लाईओवर पर यातायात रोक दिया गया है।

    पुल के क्षतिग्रस्त भाग को ठीक करने के लिए चार पिलरों का काम अंतिम चरण में है। एजेंसी का प्रयास है कि काम को तय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए। सब्जी मंडी के पास फ्लाईओवर का हिस्सा बंद रहने की वजह से पिछले एक साल से नीचे की सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव बना रहता है। मीठापुर सब्जी मंडी इलाके में सुबह और शाम के पीक समय के दौरान घंटों जाम लगा रहता है। इस मार्ग के प्रभावित होने से कंकड़बाग, चितकोहरा, मीठापुर बस स्टैंड (पुराना) और न्यू बाइपास की ओर जाने-आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    मीठापुर-करबिगहिया और महुली फ्लाईओवर से मिली राहत
    शहरवासियों के लिए एक राहत है कि मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर और मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड चालू हो गया। इससे पटना जंक्शन के करबिगहिया साइड, जीपीओ, आर-ब्लॉक और गया-जहानाबाद मार्ग पर जाने वाले लोगों को काफी सहूलियत मिल रही है। पुल निर्माण निगम के अधिकारियों का कहना है कि सब्जी मंडी वाले हिस्से का बचा हुआ चार पिलर और गर्डर का काम नवंबर तक पूरा होगा। इसके बाद इसपर आवागमन शुरू हो जाएगा। लोगों को जाम से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

  • टांगरी नदी के तेज बहाव से तबाही, कई गांवों में कृषि भूमि नदी में समाई

    टांगरी नदी के तेज बहाव से तबाही, कई गांवों में कृषि भूमि नदी में समाई

    रायपुररानी (पंचकूला)
     टांगरी नदी के तेज बहाव ने रायपुररानी क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नदी के लगातार बदलते रुख और तेज कटाव के कारण खेड़ी, ढंडारडू, बटवाल, हरीपुर, मौली, नटवाल और टोडा सहित कई गांवों में कृषि भूमि प्रभावित हुई है।

    कई स्थानों पर किसानों की जमीन कटकर नदी में समा चुकी है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। तेज बहाव के कारण खटौली से खेड़ी को जोड़ने वाली सड़क का भी काफी हिस्सा नदी में बह गया है। सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी बढ़ गई है।

    वहीं नदी के किनारे लगातार हो रहे कटाव के चलते आसपास की और कृषि भूमि पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि नदी का बहाव लगातार अपना रुख बदल रहा है।

    यदि समय रहते कटाव रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और अधिक कृषि भूमि तथा संपर्क मार्ग नदी की चपेट में आ सकते हैं। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

    प्रशासनिक इंतजामों पर उठाए सवाल
    किसानों ने प्रशासनिक प्रबंधों पर सवाल उठाते हुए रोष जताया है। उनका आरोप है कि टांगरी नदी के कटाव को रोकने के लिए समय रहते पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।

    किसानों का कहना है कि बरसात और नदी के तेज बहाव से पहले यदि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कार्य कराए जाते तो कृषि भूमि और सड़क को होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।

    ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों और नदी किनारे के क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। कटाव प्रभावित स्थानों पर पत्थरों, क्रेट वायर और अन्य आवश्यक उपायों के माध्यम से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सके।

    नुकसान का सर्वे कर मुआवजे की मांग
    किसानों ने नदी में समाई कृषि भूमि और फसलों के नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही खटौली-खेड़ी सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कराकर ग्रामीणों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

     

  • बिहार में ‘पुलिस दीदी’ का एक्शन, 7 माह में 790 मनचलों पर कार्रवाई

    बिहार में ‘पुलिस दीदी’ का एक्शन, 7 माह में 790 मनचलों पर कार्रवाई

    पटना
    महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई अभया ब्रिगेड (पुलिस दीदी) ने पिछले सात माह में 790 मनचलों के विरुद्ध कार्रवाई की है।

    इनमें सबसे अधिक 284 मनचलों के विरुद्ध पटना में निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसके बाद मधेपुरा में 137, गया में 87, सुपौल में 70 और बक्सर में 64 मनचलों पर कार्रवाई की गई है। इस लिहाज से मधेपुरा दूसरे, गया तीसरे, सुपौल चौथे और बक्सर पांचवें स्थान पर है।

    दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृहमंत्री बनने के कुछ दिनों बाद ही महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की विशेष टीम अभया ब्रिगेड गठित करने का निर्देश दिया गया था।

    अभया ब्र‍िगेड बनी पुल‍िस दीदी
    थानास्तर पर इस ब्रिगेड की निगरानी की व्यवस्था की गई थी। अब अभया ब्रिगेड को 'पुलिस दीदी' के रूप में विकसित करते हुए टीमों को स्कूटी भी उपलब्ध कराई गई है।

    जनवरी में गठित अभया ब्रिगेड की राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में जुलाई तक कुल 1,024 टीमें कार्यरत थीं। इनमें सबसे अधिक 84 टीमें पटना में थीं।

    इसके अलावा गया में 55, मोतिहारी में 53, मुजफ्फरपुर और रोहतास में 42-42 तथा भागलपुर में 41 टीमें गठित की गई थीं।

    पुलिस दीदी की टीमों ने जिन 790 मनचलों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की, उनमें करीब 21 मामलों में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

    इनमें पटना में चार, नालंदा में तीन, जहानाबाद, बेगूसराय, बगहा और बेतिया में दो-दो तथा भोजपुर, बक्सर, रोहतास, नवादा, मुजफ्फरपुर और मधेपुरा में एक-एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।

    भागलपुर समेत 22 जिलों में शून्य कार्रवाई
    राज्य के कई ऐसे जिले भी हैं, जहां पिछले सात माह में मनचलों के विरुद्ध एक भी निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इनमें भागलपुर, औरंगाबाद, अरवल, सारण, सिवान, गोपालगंज, मोतिहारी, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई और खगड़िया शामिल हैं।

    जागरूकता के 15 हजार से अधिक आयोजन
    पुलिस दीदी की टीमों ने महिला सुरक्षा और किशोर अपराध को लेकर स्कूल-कॉलेजों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान भी चलाया।

    पिछले सात-आठ महीनों में राज्यभर में 15 हजार से अधिक जागरूकता एवं सुरक्षा जांच कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पटना, भभुआ और औरंगाबाद में सबसे अधिक कार्यक्रम हुए।

    सर्वाधिक मनचलों पर कार्रवाई वाले जिले
    जिला     कार्रवाई
    पटना     284
    मधेपुरा     137
    गया     87
    सुपौल     70
    बक्सर     64
    नालंदा     58
    नवादा     18
    भोजपुर     16
    मुजफ्फरपुर     15
    बेगूसराय     10
    बगहा     10

  • ‘अपनी फितरत के हिसाब से बयान देते हैं नेता’, दीपेंद्र हुड्डा पर मनोहर लाल खट्टर का तंज

    ‘अपनी फितरत के हिसाब से बयान देते हैं नेता’, दीपेंद्र हुड्डा पर मनोहर लाल खट्टर का तंज

    करनाल.

    कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से सज्जन सिंह को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का चरित्र किसी व्यक्ति का होता है, वह उसी प्रकार की बातें करता है।

    सज्जन सिंह पर किस प्रकार के आरोप लगे और किस तरह वह कटघरे में खड़े हुए, यह सभी जानते हैं। ऐसे व्यक्ति का इस प्रकार के शब्दों में व्याख्यान करना कहीं से भी उचित नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने इस मामले में बिना कोई नई बात जोड़े सज्जन सिंह के पुराने विवाद और उन पर लगे आरोपों का हवाला देते हुए हुड्डा की टिप्पणी को अनुचित बताया। उन्होंने मेजर ध्यानचंद की जयंती पर शनिवार की शाम राष्ट्रीय खेल दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत की।

    नेपाल की त्रासदी पर जताई चिंता
    नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर मनोहर लाल ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नेपाल में इस तरह की बड़ी प्राकृतिक त्रासदी पहले कभी हुई हो, ऐसा उन्होंने नहीं सुना। हिमालयी क्षेत्र में बनी कृत्रिम झीलों के टूटने, ग्लेशियरों के नीचे गिरने और नदियों में पानी एकत्र होने के बाद झीलों के टूटने से सैलाब की स्थिति पैदा हुई है। इससे बड़ी संख्या में लोग लापता हुए हैं और जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है। फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि कितने लोगों की मौत हुई है, लेकिन नुकसान बड़े स्तर पर होने की आशंका है। नेपाल छोटा देश है, इसलिए उसके लिए इस त्रासदी से उबरना चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि दुनिया के कई देश नेपाल की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। भारत भी वहां की आवश्यकता के अनुसार हरसंभव सहयोग करेगा।

    सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर बोले- जल्द होगा समाधान
    प्रदेश में कई सप्ताह से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर भी केंद्रीय मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार के संज्ञान में यह मामला है और उम्मीद है कि जल्द इसका समाधान हो जाएगा। सफाई कर्मचारियों की पहले भी कई मांगें पूरी की गई हैं और यदि अभी कोई छोटी-मोटी कमी रह गई है तो उसे भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।

  • लुधियाना में जूते की दुकान से सैन्य वाहनों पर नजर रखने वाले दो और जासूस गिरफ्तार

    लुधियाना में जूते की दुकान से सैन्य वाहनों पर नजर रखने वाले दो और जासूस गिरफ्तार

    लुधियाना.

    पाकिस्तान के इशारे पर चलाए जा रहे कथित जासूसी नेटवर्क की जांच में काउंटर इंटेलिजेंस इकाई को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े एक दुकानदार ने अवैध निगरानी कैमरे लगाकर सैन्य वाहनों की आवाजाही की लाइव तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे संचालकों तक पहुंचाई थीं।

    जानकारी के अनुसार, संदिग्ध रछपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद दुकान के बाहर लगाए गए कैमरों की लाइव फीड बंद हो गई थी। इसके बाद पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों ने रछपाल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह पहले ही पुलिस हिरासत में था। इसके बाद कैमरों की स्थिति जांचने के लिए दो युवकों को भेजा गया।

    दुकान की आड़ में चल रहा था कथित नेटवर्क
    पुलिस को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी। टीम ने सादे कपड़ों में इलाके में निगरानी बढ़ाकर जाल बिछाया। जैसे ही दोनों युवक कैमरों और उनकी व्यवस्था की जांच करने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अमृतसर निवासी रोहित और वरिंदर मसीह के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि रछपाल सिंह ने लुधियाना-फिरोजपुर मार्ग पर किराये की दुकान लेकर जूते का कारोबार शुरू किया था। पुलिस का आरोप है कि यह दुकान कथित जासूसी नेटवर्क के लिए सामने से सामान्य कारोबार और पीछे से निगरानी के काम आ रही थी।

    आरोपियों से पूछताछ शुरू
    पुलिस के मुताबिक, दुकान के बाहर ऐसे ऐप आधारित कैमरे लगाए गए थे, जिनका रुख सड़क की ओर था। इन कैमरों के जरिए सैन्य वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। सैन्य प्रतिष्ठानों और पुलों की तस्वीरें भी पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों तक भेजे जाने का आरोप है। गिरफ्तार दोनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों से इनके संपर्क किस माध्यम से होते थे।

  • आदिवासी जमीन के हस्तांतरण पर हाईकोर्ट सख्त, CNT एक्ट के उल्लंघन पर याचिका खारिज

    आदिवासी जमीन के हस्तांतरण पर हाईकोर्ट सख्त, CNT एक्ट के उल्लंघन पर याचिका खारिज

    रांची
    झारखंड हाई कोर्ट ने रामगढ़ जिले के पतरातू अंचल की आदिवासी जमीन से जुड़े मामले में दाखिल याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी एक्ट) के तहत आदिवासी जमीन के हस्तांतरण पर विशेष प्रतिबंध है और कानून का उल्लंघन कर किया गया हस्तांतरण वैध नहीं माना जा सकता।

    अदालत ने रिवीजन अथारिटी के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी। मामला रामगढ़ के घुटवा गांव स्थित खाता नंबर 42 के प्लाट नंबर 1273 की 0.92 एकड़ जमीन से जुड़ा है।

    खरीदने के बाद भी नहीं हुआ नामांतरण 
    प्रार्थियों के अनुसार, यह जमीन वर्ष 1970 में सादिक मियां ने रजिस्टर्ड सेल डीड के जरिए खरीदी थी और तब से वे जमीन पर कब्जे में थे। बाद में जमीन का नामांतरण कराने के लिए आवेदन भी दिया गया, लेकिन नामांतरण नहीं हो सका।

    दूसरे पक्ष की ओर से दावा किया गया कि उसने इसी प्लाट की 0.67 एकड़ जमीन वर्ष 2003 में खरीदी थी। इसके लिए तत्कालीन उपायुक्त से अनुमति भी ली गई थी और उसके नाम पर म्यूटेशन किया गया था।

    उसका कहना था कि जमीन खरीदने के छह महीने के भीतर उसे जमीन से बेदखल कर दिया गया। इसके बाद उसने सीएनटी एक्ट की धारा 46(4-ए) के तहत जमीन वापसी के लिए आवेदन दिया।

    याचिकाकर्ताओं ने इस दावे का विरोध करते हुए कहा था कि संबंधित जमीन आदिवासी जमीन है और दूसरे पक्ष की ओर से किया गया दावा समय-सीमा के बाहर है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि बेदिया समुदाय अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल नहीं है।

    हालांकि, अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने छह सितंबर 1950 की संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश की अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि बिहार के लिए जारी सूची में बेदिया को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया था।

    केवल निर्धारित शर्तों से ही होगी हस्तांतरित
    अदालत ने सीएनटी एक्ट की धारा 6 का उल्लेख करते हुए कहा कि रैयत की परिभाषा में उसके उत्तराधिकारी भी शामिल हैं। कोर्ट ने यह भी पाया कि वर्ष 2003 में जमीन खरीदने के लिए उपायुक्त से अनुमति ली गई थी और उसके बाद संबंधित पक्ष के नाम पर म्यूटेशन भी हुआ था।

    कोर्ट ने कहा कि सीएनटी एक्ट की धारा 46(1) के तहत अनुसूचित जनजाति के रैयत की जमीन दूसरे अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को भी केवल निर्धारित शर्तों और उपायुक्त की पूर्व अनुमति से ही हस्तांतरित की जा सकती है।

    वहीं, धारा 46(3) के तहत कानून का उल्लंघन कर किया गया हस्तांतरण किसी भी अदालत में वैध नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी माना कि वर्ष 2003 में जमीन खरीदने वाले पक्ष को छह महीने के भीतर बेदखल कर दिया गया था। इसलिए सीएनटी एक्ट की धारा 46(4-ए)(a) में निर्धारित 12 साल की समय-सीमा उसके मामले में बाधा नहीं बनती।

  • NEET-PG परीक्षा रद्द: राजस्थान में बवाल के बाद बड़ा फैसला, नई तारीख का ऐलान

    NEET-PG परीक्षा रद्द: राजस्थान में बवाल के बाद बड़ा फैसला, नई तारीख का ऐलान

    जयपुर
    राजस्थान के जयपुर में नीट पीजी परीक्षा के दौरान बड़ी अव्यवस्था सामने आई है. सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन (iDZ) परीक्षा केंद्र पर ऐन परीक्षा के वक्त बिजली गुल हो जाने से हड़कंप मच गया. जिसके चलते इस सेंटर की परीक्षा रद्द कर दी गई है. अब इस केंद्र के परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा पांच सितंबर को होगी। 

    परीक्षा देने पहुंचे डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि कंप्यूटर बार-बार बंद हुए. जिससे परीक्षा प्रभावित हुई. परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे निर्धारित था. उन्होंने आरोप लगाया कि दो घंटे की परीक्षा में करीब 10 बार बाधा पहुंची. इस दौरान सेंटर पर कोई अधिकारी नजर नहीं आया. छात्रों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पेपर लीक होने की आशंका भी जताई। 

    नौ बजे की परीक्षा 10 बजे शुरू होने का आरोप
    अभ्यर्थियों के अनुसार, परीक्षा सुबह नौ बजे की बजाए 10 बजे शुरू हो सकी. इसके बाद कंप्यूटर छह से सात बार बंद हुए. दैनिक भास्कर के अनुसार, छात्रों ने कहा कि कुछ कंप्यूटर्स पर दोबारा स्क्रीन शुरू होने के बाद तीन से चार सवाल दिखाई दिए. जबकि कुछ छात्रों के सिस्टम पर 5 से 6 सवाल आने के बाद फिर कंप्यूटर बंद हो गए। 

    पेपर लीक का जताया
    विरोध कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान बार-बार सिस्टम बंद होने और अलग-अलग कंप्यूटरों पर सवाल दिखाई देने के बाद उन्हें परीक्षा की गोपनीयता पर भी संदेह है। 

    AIAPGET के दौरान भी चली गई थी लाइट
    एनटीए की ओर से आयोजित किया जा रहा ‘ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट’ (AIAPGET) 2026 के दौरान भी जयपुर में लाइट गुल हो जाने का मामला हुआ था. जिसके चलते एनटीए ने इस केंद्र पर परीक्षा स्थगित कर दी थी. यह परीक्षा 1 सितंबर को आयोजित होगी। 

  • हरियाणा में अब 100 रुपये लीटर मिलेगा दूध! कम रेट में बेचने पर 5100 का जुर्माना

    हरियाणा में अब 100 रुपये लीटर मिलेगा दूध! कम रेट में बेचने पर 5100 का जुर्माना

    पानीपत/हिसार.

    प्रदेश के कई जिलों में दुग्ध उत्पादकों ने दूध के दाम 100 रुपये प्रति किलो करने का निर्णय ले लिया है। शनिवार को कुरुक्षेत्र के बारना गांव में कई नियम तय किए गए। इसी तरह कैथल और जींद के कुछ गांवों में भी ऐसी मांग उठी। हालांकि, दुग्ध एजेंसियों ने दाम नहीं बढ़ाए हैं।

    दुग्ध उत्पादकों का तर्क है कि खल-बिनौले, गुड़, तूड़ा और हरे चारे के दामों के अलावा भैंसों के रेट भी बहुत अधिक हो गए है। उनका तर्क है कि दूध के दाम 60 से 80 रुपये तक ही मिल रहे हैं। बैठक में दूध के दाम बढ़ाने और गांव के सभी दूध विक्रेताओं द्वारा इन्हीं दामों पर दूध-घी बेचने पर सहमति जताई। मखन सिंह ने बताया कि बैठक में भैंस का दूध 100 रुपये और गाय का दूध 80 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचे जाने का निर्णय लिया। भैंस का घी 1500 रुपये प्रति किलोग्राम, जबकि गाय का घी 2200 रुपये प्रति किलोग्राम ही बेचा जाएगा। इससे कम दामों पर बेचेगा तो 5100 रुपये का जुर्माना लगेगा।

    इस वजह से लिया रेट बढ़ाने का फैसला
    कैथल के धनौरी में भी पशुपालकों ने दूध के दाम बढ़ाने पर चर्चा की। भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर करने का सामूहिक निर्णय लिया गया है। जींद के सिरसा खेड़ी गांव में कुछ पशुपालकों ने अपने स्तर पर दूध के रेट बढ़ाने का फैसला लिया था। हालांकि गांव में ये फैसला लागू नहीं हुआ। कुछ पशुपालकों के साथ मिलकर भैंसके दूध के रेट 100 रुपया प्रति लीटर करने का फैसला किया था, लेकिन बाकी पशु पालक पहले वाले रेट पर ही दूध बेचते रहे। जिससे उनका फैसला लागू नहीं हो पाया। गांव की सरपंच कविता देवी ने कहा कि गांव में दूध के रेट बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया है। जो रेट चल रहे हैं, उसी के हिसाब से दूध बिक रहा है।

    पशु पालकों ने गांव स्तर पर यूनियन बना कर दी घोषणा
    हांसी में ग्रामीण पशुपालकों ने गांव स्तर पर अपनी यूनियन बनाकर दूध और घी के दामों में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। 5 सितंबर से गाय का दूध 80 रुपये और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर बेचने का निर्णय लिया गया है। वहीं, गांव में फ्री मिलने वाली लस्सी का रेट भी 20 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है। यह मुहिम हांसी क्षेत्र के गांव भैणी अमीरपुर से शुरू हुई है। इसके बाद राजथल और थुराना के पशुपालकों ने भी एकजुट होकर यह निर्णय लिया है। तय रेट से कम पर दूध बेचने वाले पशुपालक पर जुर्माना लगाने की बात भी कही गई है।

  • लाल किला कार ब्लास्ट केस में NIA की चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान, 13 आरोपी नामजद

    लाल किला कार ब्लास्ट केस में NIA की चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान, 13 आरोपी नामजद

    नई दिल्ली
    राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गई है। स्पेशल एनआईए कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। कोर्ट के इस कदम के बाद मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।

    एनआईए ने अपनी जांच के आधार पर कुल 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में उमर उन नबी (मृतक), आमिर राशिद अली, जासिर बिलाल वानी, मुजम्मिल, आदिल अहमद राथर, मुफ्ती इरफान अहमद, शाहीन, सोयाब, बिलाल और यासिर अहमद डार समेत 13 आरोपी शामिल हैं। एजेंसी ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और जुटाए गए सबूतों के आधार पर आरोपियों की कथित भूमिका का विवरण चार्जशीट में दर्ज किया है।

    उमर-उन-नबी की ब्लास्ट में मौत हो चुकी है
    जांच के मुताबिक, उमर-उन-नबी की ब्लास्ट में मौत हो चुकी है, जबकि मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। एनआईए ने इस पूरे मामले की जांच दिल्ली तक सीमित नहीं रखी। एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों और इलाकों में जांच की। इस दौरान आरोपियों के संभावित संपर्कों और कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की गई।

    जांच के दौरान 588 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 395 से ज्यादा दस्तावेज और 200 से अधिक जब्त किए गए सामान को भी केस का हिस्सा बनाया गया है। इन सबूतों के आधार पर एनआईए ने ब्लास्ट से जुड़े घटनाक्रम, आरोपियों की कथित भूमिका और उनके बीच संभावित संपर्क को अदालत के सामने रखा है।

    अदालत ने जारी किया था निर्देश
    इससे पहले अदालत ने अहलमद को मुख्य और सप्लीमेंट्री चार्जशीट की जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। मौजूदा अदालत ने उसी आदेश का पालन करने को कहा है। साथ ही विशेष लोक अभियोजक को निर्देश दिया है कि वह एक संक्षिप्त सारणी तैयार करें, जिसमें हर आरोपी की भूमिका और उसके खिलाफ जुटाए गए सबूतों का जिक्र हो, ताकि अदालत को चार्जशीट पर संज्ञान लेने में आसानी हो।

    अदालत ने यह भी नोट किया कि उकाशा, फैजल, आशिम और उस्मान के खिलाफ आगे की जांच लंबित है। एनआईए को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है कि इस लंबित जांच के बावजूद मामले में आगे की कार्यवाही की जा सकती है या नहीं।

  • जालंधर जिमखाना क्लब चुनाव में वोटिंग शुरू, शाम तक साफ होगी नई कमेटी की तस्वीर

    जालंधर जिमखाना क्लब चुनाव में वोटिंग शुरू, शाम तक साफ होगी नई कमेटी की तस्वीर

    जालंधर.

    जिमखाना क्लब चुनाव की वोटिंग सुबह आठ बजे शुरु हो चुकी है। सदस्य शाम बजे तक वोटिंग कर सकते है। अचीवर्स व प्रोग्रेसिव ग्रुप के उम्मीदवार मैदान में है। एक दूसरे को मात देने के लिए तैयार है।
    चुनावी समीकरण की बात करे तो क्लब में चर्चा है कि जो ग्रुप साइलेंट व नए सदस्यों के मतदान पड़ जाते है उस उम्मीदवार को चुनाव में बढ़त हासिल हो सकती है।

    फिलहाल रविवार (तीस अगस्त)को क्लब को नई टीम मिल जाएगी। कौन-कौन सा उम्मीदवार पद से जीत दर्ज करता है। वह आने वाला समय बताएगा। शाम को काउंटिंग शुरु कर नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन, कार्डलेस फोन और वायरलेस सेट का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव के दौरान उम्मीदवारों को निर्धारित क्षेत्रों में जाने की अनुमति दी जाएगी। मतदाता मतदान करने के लिए अपने साथ कोई भी पहचान पत्र जैसे क्लब पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सरकारी पहचान पत्र या फोटो मतदाता पहचान पत्र ला सकता है।

    अचीवर्स ग्रुप के मैदान में है यह उम्मीदवार
    अचीवर्स व प्रोग्रेसिव ग्रुप के उम्मीदवार चुनावी मैदान में आमने-सामने है। प्रोग्रेसिव ग्रुप से सचिव पद पर विजय सहदेव व अचीवर्स से अमित कुकरेजा, जूनियर वाइस प्रेसीडेंट पर प्रोग्रेसिव के दलजीत छाबड़ा व अचीवर्स के धीरज सेठ, कोषाध्यक्ष पर प्रोग्रेसिव के गुरदर्शन सिंह कोचर व अचीवर्स से सौरभ खुल्लर मैदान में है। अब इन उम्मीदवारों के बीच टक्कर देखने को मिलेगी। प्रोग्रेसिव ग्रुप के कार्यकारिणी उम्मीदवार विपिन झांजी, शालीन जोशी, एडवोकेट तरनजोत सिंह, कैप्टन रमन सिंह, जसमीत छाबड़ा, गगनदीप उप्पल, मनिंदर सिंह व अचीवर्स के कार्यकारिणी उम्मीदवार नितिन बहल, सीए राजीव बांसल, शालिनी कालड़ा, जुबिन शिंगारी, विनी शर्मा, एमबी बाली, अतुल तलवाड़, रिशु झांजी मैदान में है।