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  • रक्षाबंधन पर बिहार की महिलाओं को बड़ी सौगात, 5 लाख जीविका दीदियों को मिले 600 करोड़ रुपये

    रक्षाबंधन पर बिहार की महिलाओं को बड़ी सौगात, 5 लाख जीविका दीदियों को मिले 600 करोड़ रुपये

    पटना 
    रक्षाबंधन के मौके पर सम्राट सरकार ने बिहार की महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं और योजनाओं की शुरुआत की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को रक्षाबंधन के मौके पर समृद्ध बिहार समृद्ध महिला अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीएम ने महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख जीविका दीदियों के बैंक खातों में कुल 600 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। 4 लाख महिलाओं को 10-10 हजार की पहली किस्त, तो 1 लाख महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की दूसरी किस्त भेजी गई। इसके अलावा सीएम ने महिलाओं पर केंद्रित कुछ अन्य घोषणाएं भी कीं।

    मुख्यमंत्री सम्राट ने गुरुवार को ऐलान किया कि बिहार की 10 लाख जीविका दीदियों के घरों को आगामी 31 मार्च तक सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा। पीएम सूर्य घर योजना के तहत इनके घरों पर रूफटॉप सोलर लगाया जाएगा। इससे परिवार का बिजली खर्च शून्य हो जाएगा।

    1 करोड़ महिलाओं को रोजगार देगी सरकार
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। महिलाओं को स्वावलंबी, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा। सीएम ने दावा किया कि बिहार की 50 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

    बिहार में महिला यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी
    सम्राट चौधरी ने बापू सभागार में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में कहा कि बिहार में महिला यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। इसमें स्टूडेंट्स से लेकर कुलपति तक सभी महिलाएं ही होंगी। सिर्फ छात्राओं को इसमें एडमिशन मिलेगा। टीचर और अन्य कर्मचारियों के पद पर भी महिलाओं की ही नियुक्ति की जाएगी।

    पीएचडी करने वाली महिलाओं को हर महीने 10 हजार
    सम्राट सरकार ने हाल ही में बालिका पीएचडी फेलोशिप की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए पीएचडी करने वालीं 1000 छात्राओं को सरकार हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देगी। यह राशि उन्हें 4 साल तक मिलेगी। सीएम ने कहा कि वर्तमान में बिहार में लगभग 4600 शोधार्थी पीएचडी कर रहे हैं, जिनमें करीब 600 महिलाएं हैं।

    स्टार्टअप के लिए महिलाओं को मिलेंगे 2 लाख
    इसके अलावा, बिहार सरकार ने बेटी स्टार्टअप चैलेंज की भी शुरुआत की है। इसके तहत महिला उद्यमियों को अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए 50000 से लेकर 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। 2100 महिलाओं को इस योजना का लाभ दिलाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2030 तक जीविका से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य सशक्तीकरण पर राज्य सरकार 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। बिहार की अर्थव्यवस्था में जीविका से जुड़ी महिलाओं का योगदान 1.46 लाख करोड़ का है।

  • आयुष्मान योजना में 480 अस्पतालों के 1200 करोड़ अटके, IMA ने दी हड़ताल की चेतावनी

    आयुष्मान योजना में 480 अस्पतालों के 1200 करोड़ अटके, IMA ने दी हड़ताल की चेतावनी

    यमुनानगर
     आयुष्मान योजना में प्रदेश के करीब 480 अस्पतालों के लगभग 1200 करोड़ रुपये फंस गए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के मुताबिक अस्पतालों द्वारा किए यह क्लेम भुगतान छह माह से अधिक समय से अटके हैं। इससे अस्पताल संचालकों में रोष है। इस पर आइएमए ने आयुष्मान हरियाणा के सीईओ को पत्र भेज लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की, वहीं एक सितंबर को 24 घंटे का सांकेतिक बंद और 16 सितंबर को सेवाएं पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी।

    आइएमए के अनुसार आयुष्मान के क्लेम का भुगतान 15 दिन में करने की समय-सीमा तय है, पर अस्पतालों के क्लेम छह माह से अधिक समय से अटके हैं। इससे अस्पतालों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

    कई अस्पतालों के लिए आयुष्मान के मरीजों का इलाज जारी रखना मुश्किल हो रहा है। हाल ही में आर्थिक संकट के चलते एक अस्पताल के बंद होने का भी दावा भी आइएमए ने किया।

    आइएमए ने पत्र में स्पष्ट किया है कि एक सितंबर को रात 12 बजे से 24 घंटे तक आयुष्मान सेवाएं सांकेतिक रूप से बंद रखी जाएंगी। इसके बाद भी यदि लंबित भुगतान को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 16 सितंबर की रात 12 बजे से आयुष्मान सेवाएं पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी।

    सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर करे लंबित क्लेम भुगतान
    आइएमए की राज्य प्रधान डा. सुनीला सोनी ने कहा कि प्रदेश के 480 अस्पतालों के लगभग 1200 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर अस्पतालों के लंबित क्लेम का भुगतान करना चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े और आयुष्मान योजना की सेवाएं बाधित होने से बच सकें। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के लिए भविष्य में क्लेम के समय पर भुगतान की स्थायी व्यवस्था भी जरूरी है।

     

  • Delhi Metro Phase-4: 2027 तक करना होगा इंतजार, तीन प्राथमिकता वाले कॉरिडोर का 83% काम पूरा

    Delhi Metro Phase-4: 2027 तक करना होगा इंतजार, तीन प्राथमिकता वाले कॉरिडोर का 83% काम पूरा

    नई दिल्ली
    दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तीनों प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर सफर के लिए आप को 2027 तक इंतजार करना होगा। 65 किलोमीटर लंबे इन तीनों कॉरिडोर का ओवरआल 83 फीसदी काम पूरा हो चुका है, जबकि सिविल वर्क का सिर्फ 85 फीसदी काम पूरा हुआ है। फिलहाल 2026 तक तीनों कॉरिडोर पर परिचालन शुरू होना मुश्किल है। हालांकि पिंक लाइन के 12 किलोमीटर एक्सटेंशन वाली लाइन पर परिचालन शुरू हो चुका है।

    मामले में क्या है डीएमआरसी का कहना
    दिल्ली मेट्रो का कहना है कि प्रदूषण में निर्माण पर रोक, पेड़ काटने की मंजूरी में देरी के बाद भी हम जल्द से जल्द तीनों कॉरिडोर पर काम पूरा करना चाहते हैं। मजलिस पार्क-मौजपुर-बाबरपुर कॉरिडोर 12 किलोमीटर लंबा है और इसपर 8 स्टेशन हैं। यह मौजूदा पिंक लाइन (शिव विहार से मजलिस पार्क) कॉरिडोर का एक्सटेंशन है। तीनों में से यह इकलौता कॉरिडोर है, जिस पर परिचालन शुरू हो चुका है। इस कॉरिडोर को 8 मार्च 2026 से यात्रियों के लिए शुरू कर दिया गया है।

    गोल्डन लाइन पर तीन TBM लगाए
    दिल्ली मेट्रो का एरोसिटी- तुगलकाबाद कॉरिडोर करीब 23 किलोमीटर लंबा है और इसमें 15 स्टेशन होंगे। इसे गोल्डन लाइन के नाम से जाना जाएगा। इस पर काम चल रहा है। इसका परिचालन अगले साल ही शुरू होगा। मेट्रो फेज-4 के तीन प्राथमिकता वाले कॉरिडोर जो पहले से तय डेडलाइन से पीछे चल रहा है, उस पर काम तेज करने के लिए 15 टीबीएम मशीन लगाई गई है।

     

  • राजस्थान निकाय चुनाव: 309 नगर निकायों में नामांकन शुरू, पहले दिन 967 उम्मीदवारों ने भरे 1144 पर्चे

    राजस्थान निकाय चुनाव: 309 नगर निकायों में नामांकन शुरू, पहले दिन 967 उम्मीदवारों ने भरे 1144 पर्चे

    जयपुर 
     प्रदेश में 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए नामांकन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई। पहले दिन 967 उम्मीदवारों ने 1144 नामांकन पत्र दाखिल किए। अब 29 और 31 अगस्त को ही पर्चे भरे जा सकेंगे। 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 30 अगस्त को रविवार का अवकाश होने के कारण इन दोनों दिन नामांकन नहीं होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने 31 अगस्त को नामांकन की अंतिम तिथि निर्धारित की है।

    नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए। हालांकि, प्रमुख राजनीतिक दलों में टिकट वितरण को लेकर मंथन जारी है। अन्य दल भी प्रत्याशियों के चयन में जुटे हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों की सूची जारी होने के बाद अंतिम दिन बड़ी संख्या में नामांकन होने की संभावना है। नामांकन दाखिल करने का समय सुबह 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित है।

    पहले दिन 150 वार्डों में से 9 में ही नामांकन, 11 प्रत्याशियों ने जताई दावेदारी
    जयपुर नगर निगम चुनाव में की नामांकन के पहले दिन गुरुवार को शहर के 15 केंद्रों पर सन्नाटा रहा। ढोल-नगाड़े, जुलूस और समर्थकों भीड़ नजर नहीं आई। 150 वार्डों में 11 प्रत्याशियों ने 13 नामांकन दाखिल किए। इनमें 8 ने निर्दलीय और 4 ने कांग्रेस के नाम से दावेदारी जताई। पार्टियों के अधिकृत सिंबल अभी जारी नहीं हुए हैं। इसलिए अंतिम रूप से पार्टी प्रत्याशियों की स्थिति सिंबल आवंटन के बाद स्पष्ट होगी।

    केवल नौ वार्डों से नामांकन
    वार्ड 12, 14, 16, 25, 31, 40, 50, 99 और 148 से ही नामांकन आए। वार्ड 31, 50 और 99 में एक से अधिक नामांकन हुए। यानी 141 वार्डो में पहले दिन कोई नामांकन नहीं आया। अधिकांश दावेदार पार्टियों की टिकट सूची का इंतजार करते रहे।

    सूची जारी होते ही बदलेगा माहौल
    पार्टियों की सूची जारी होने के बाद नामांकन केंद्रों पर चुनावी रंग चढ़ने की उम्मीद है। 27 से 31 अगस्त तक नामांकन हैं, लेकिन 28 को रक्षाबंधन और 30 को रविवार के अवकाश के कारण अब 29 और 31 अगस्त को ही पर्चे भरे जाएंगे। दोनों दिन सुबह 10.30 से दोपहर 3 बजे तक समय रहेगा।

    सियासी हलचल तेज, कहीं सास-बहू ने भरा पर्चा, कहीं मंत्री पुत्र ने ठोकी दावेदारी
    नगर निकाय चुनाव के लिए गुरुवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही प्रदेशभर में सियासी हलचल तेज हो गई। भरतपुर में पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट की पत्नी विचित्रा सिंह और बहू रुद्राणी सिंह ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में उतरने का एलान किया। पूर्व मेयर भोंट ने भी दूसरे वार्ड से निर्दलीय पर्चा भरा है। वहीं, उदयपुर में बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने नामांकन दाखिल किया।

    दौसा जिले की लालसोट नगर परिषद से थर्ड जेंडर मीनू किन्नर ने पर्चा भरकर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी। कोटा जिले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पुत्र दीपक दिलावर ने बीजेपी टिकट के लिए आवेदन किया है। इधर, शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बयान जारी कर कहा कि उनके दोनों पुत्र कहीं से कोई चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।

  • रक्षाबंधन पर CM सम्राट चौधरी ने पेड़ को बांधी राखी, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    रक्षाबंधन पर CM सम्राट चौधरी ने पेड़ को बांधी राखी, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

     पटना
    रक्षाबंधन के मौके पर बिहार में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ प्रकृति की रक्षा का संदेश भी दिया गया।

    पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से शुरू की गई परंपरा के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पेड़ को राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया।

    बहनों से राखी बंधवाने के बाद राजधानी वाटिका पहुंचे CM
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले अपनी बहनों से राखी बंधवाई। इसके बाद वे राजधानी वाटिका (इको पार्क) पहुंचे, जहां बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री ने राजधानी वाटिका में एक पेड़ को राखी बांधी और उसकी रक्षा का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने पौधारोपण भी किया और पौधे में पानी डालकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
    इस दौरान मंत्री रामचंद्र प्रसाद समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

    2012 से रक्षाबंधन पर मनाया जा रहा बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस
    बिहार में रक्षाबंधन के दिन 'बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस' मनाने की परंपरा वर्ष 2012 से चली आ रही है। राज्य सरकार ने हरित आवरण की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रक्षाबंधन को वृक्ष सुरक्षा दिवस के रूप में मनाने की पहल की थी।

    इस दिन लोगों को पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा और संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। भाई-बहन के रिश्ते की तरह पेड़-पौधों के साथ भी संरक्षण और जिम्मेदारी का भाव जोड़ने की यह पहल पर्यावरण के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का संदेश देती है।

    पेड़ को राखी बांधकर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
    रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पेड़ को राखी बांधना इसी परंपरा का हिस्सा रहा। इस मौके पर उन्होंने पौधारोपण कर लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील का संदेश भी दिया। बिहार में रक्षाबंधन का यह पर्व अब भाई-बहन के स्नेह के साथ प्रकृति की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

     

  • रक्षाबंधन से पहले दिल्ली में मिलावटखोरों पर शिकंजा, 131 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री नष्ट

    रक्षाबंधन से पहले दिल्ली में मिलावटखोरों पर शिकंजा, 131 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री नष्ट

    नई दिल्ली
     रक्षाबंधन के साथ शुरू हो रहे त्योहारी सीजन से पहले दिल्ली में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के निर्देश पर मिठाई बनाने वाली यूनिट, मंडियों, बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों में अभियान चलाकर जांच की जा रही है। अभियान के दौरान करीब 131 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री जब्त कर मौके पर ही नष्ट की गई। वहीं, पनीर, खोया, घी, मिठाइयों समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के 37 सैंपल लिए गए हैं।

    क्या था पूरा मामला
    दरअसल, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने ओखला, बादली, निहाल विहार और नरेला में मिठाई निर्माण इकाइयों के अलावा ओखला सब्जी मंडी और घंटाघर सब्जी मंडी समेत कई संवेदनशील इलाकों में जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, त्योहारी सीजन में दूध, पनीर, खोया, घी और मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण इन उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जा रही है। अभियान के दौरान करीब 131 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली। इसमें खोया, बेसन और आटा शामिल था। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा और मानक के तहत 37 सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा है।

    दूध से बने प्रोडक्ट पर फोकस
    डॉ पंकज सिंह ने कहा दिल्ली के नागरिकों की सेहत और सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। त्योहारों सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह पूरे शहर में कड़ी निगरानी रखने के साथ सख्ती से जांच और सैंपलिंग सुनिश्चित करे। डेयरी और दूध से बने उत्पादों, मिठाइयों और ज्यादा मांग वाली अन्य खाद्य वस्तुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

  • रक्षाबंधन पर हिसार में बहनों की बढ़ी परेशानी, निजी बसों ने वसूला किराया; कई रूटों से बसें गायब

    रक्षाबंधन पर हिसार में बहनों की बढ़ी परेशानी, निजी बसों ने वसूला किराया; कई रूटों से बसें गायब

     हिसार
    रक्षाबंधन पर्व पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी व स्वादिष्ट व्यंजन भी खिलाए। जिसके बाद भाइयों ने बहनों की रक्षा करने का भरोसा भी दिलाया। पर्व को लेकर सुबह 8 बजे से रात साढ़े 8 बजे तक बाजारों में रौनक देखने को मिली। महिलाओं ने भाईयों के लिए सुंदर-सुंदर राखियां खरीदी व स्वादिष्ट व्यंजन भी लिए। स्थानीय व दूर-दराज से आने वाली बहनों को निजी बस चालकों ने मायूस किया। उनसे किराया भी वसूला। जिसकी शिकायत रोडवेज अधिकारियों के पास भी पहुंची लेकिन एक भी समाधान का निदान नहीं हो पाया। जबकि सरकार ने रोडवेज व निजी बस चालकों को आदेश दिए थे कि रक्षाबंधन पर्व पर 27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त रात 12 बजे तक बहनों के लिए निश्शुल्क यात्रा सेवा के आदेश दिए। आदेश पत्राचार भी किए लेकिन निजी बस चालकों ने आदेशों को दरकिनार कर बहनों से किराया वसूला।

    दोपहर 12 बजे बाद रूटों से गायब हुई निजी बसें
    वीरवार दोपहर 12 बजे बाद विभिन्न रूटों से निजी बसें गायब हो गई। क्योंकि दोपहर 12 बजे से महिलाओं के लिए सरकार ने निशुल्क बस यात्रा सेवा शुरू करने के आदेश दिए थे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 50 प्रतिशत निजी बसें गायब हो गई। जबकि शेष 50 प्रतिशत निजी बस चालकों ने महिलाओं से किराया वसूला। जिस कारण महिलाओं को रक्षाबंधन पर्व पर काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ा।

    गर्मी व उमस ने भी छुड़ाए बहनों के पसीने
    बस स्टैंड पर भी महिलाओं को खास सुविधा देखने को न मिली। बसों के इंतजार में लंबे समय से खड़ी महिलाओं को उमस व गर्मी ने भी परेशान किया। क्योंकि बस स्टैंड पर काफी भीड़ जमा हो गई जबकि महिलाओं की तुलना में सुविधाएं नाममात्र दिखी। ऐसा नहीं है अधिकारियों को इस बारे में पता नहीं था। पता होने के बावजूद भी अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया।

    टीएम से लेकर एसएएस को नहीं पता कितनी दौड़ी बसें
    रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज व निजी बसों का डाटा टीएम के पास होना जरूरी है। ताकि दुरुस्त रिपोर्ट सरकार को भेजी जा सकें। लेकिन हैरानी की बात है कि वीरवार रात 9 बजे तक टीएम व एसएएस के पास न रोडवेज बसों के और न ही निजी बसों के आंकड़े थे। जिससे प्रतीत होता है कि रोडवेज के अधिकारियों ने केवल कागजों में अपनी तैयारी रखी जबकि जमीनी हकीकत कुछ और रही।

    विद्यार्थियों व यात्रियों को सताया बसों का टोटा
    रक्षाबंधन पर्व पर जहां बहनों को परेशानी का सामना करना पड़ा तो दूसरी ओर अन्य रूटों पर यात्रा करने वाले विद्यार्थियों व यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। क्योंकि बस स्टैंड पर 50 प्रतिशत तक ही बसें चली। जिस कारण बसों के टोटे से अन्य रूटों के यात्रियों व विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    ये बोली बहनें मुझे पानीपत जाना है। दो घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन अभी तक रोडवेज बसों का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों की तरफ से भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। सरकार को दुरुस्त इंतजाम करने चाहिए थे। -नितेश, यात्री।

    मुझे राखी बांधने के लिए कैथल जाना है लेकिन रोडवेज बसें नहीं मिल रही है। जिस कारण एक घंटे से इंतजार में खड़ी हूं। रोडवेज का कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। जबकि निजी बस चालक किराया वसूल रहे हैं। कोई कार्रवाई भी नहीं हो रही है। सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। -पूनम, 12क्वार्टर निवासी, यात्री।

    बस स्टैंड पर हुई चोरी, पुलिस की नहीं दिखी सख्ती
    बस स्टैंड पर वीरवार को रक्षाबंधन पर्व पर चोरी की घटनाएं भी हुई। दोपहर ढाई से साढ़े तीन बजे के बीच रोडवेज परिसर स्थित पुलिस चौकी में दो शिकायतें पहुंचीं। पहली शिकायत एक छात्रा के पर्स चोरी होने की थी।

    छात्रा के अनुसार वह बस में चढ़ रही थी, तभी उसका पर्स गायब हो गया। पर्स और उसमें रखे पहचान पत्र पुलिस की तलाश के बाद मिल गए, लेकिन उसमें रखे रुपये नहीं मिले। छात्रा के अनुसार पर्स में कुल 6000 रुपये थे। वह हास्टल में रहती है और रक्षाबंधन पर घर जा रही थी।

    पर्स में हाथ डालते पकड़ा
    साढ़े तीन बजे काउंटर नंबर एक पर हुई। स्वजन को राखी के अवसर पर बस स्टैंड छोड़ने आए युवक ने एक महिला को उसके पर्स में हाथ डालते हुए पकड़ लिया। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी और हाथापाई हुई। आसपास मौजूद लोगों ने 112 पर सूचना देने को कहा। पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। मुझे नहीं पता है कि कितनी रोडवेज व कितनी निजी बसें चली। -श्रवण, डीआइ, हिसार डिपो

     

  • आधार कार्ड पर 3 लाख रुपये लोन का दावा फर्जी, रांची में लिंक भेजकर साइबर ठगी का खुलासा

    आधार कार्ड पर 3 लाख रुपये लोन का दावा फर्जी, रांची में लिंक भेजकर साइबर ठगी का खुलासा

    रांची
     प्रधानमंत्री ऋण योजना के तहत आधार कार्ड पर हर व्यक्ति को तीन लाख रुपये का ऋण देने का दावा फर्जी है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने ऐसे दावों को फर्जी बताते हुए लोगों को सावधान किया है। इसके बावजूद इस दावे की आड़ में साइबर अपराधी सक्रिय हैं और लोगों को ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। 

    राजधानी रांची में भी ऐसे मामले सामने आने लगे हैं। खासकर छोटे-मोटे कारोबार करने वाले लोगों को साइबर अपराधी निशाना बना रहे हैं। साइबर अपराधी आधार कार्ड पर ऋण दिलाने का दावा करते हुए लोगों को संदेश के माध्यम से फर्जी लिंक भेज रहे हैं। लिंक खोलते ही लोग ठगी का शिकार हो जा रहे हैं और उनके बैंक खाते से कुछ ही समय में रकम गायब हो रही है।

    तीन लाख के ऋण का झांसा देकर भेजा फर्जी लिंक
    रातू के एक सब्जी व्यवसायी को किसी व्यक्ति ने बताया कि प्रधानमंत्री ऋण योजना के तहत आधार कार्ड पर तीन लाख रुपये का ऋण मिल रहा है। इसके बाद व्यवसायी के मोबाइल पर संदेश के माध्यम से एक लिंक भेजा गया। तीन लाख रुपये का ऋण मिलने की उम्मीद में व्यवसायी ने लिंक खोल दिया। 

    लिंक खोलने के कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से 61 हजार रुपये की अवैध निकासी हो गई। खाते से रकम निकलने का संदेश मिलने पर व्यवसायी को ठगी का पता चला। उसने लिंक भेजने वाले मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन नंबर बंद मिला।

    छोटे कारोबारियों को बना रहे निशाना
    पीड़ित सब्जी व्यवसायी ऑटो से अलग-अलग बाजारों में सब्जी ले जाकर बेचता है। साइबर अपराधियों द्वारा ऐसे छोटे कारोबारियों को आसान ऋण का लालच देकर निशाना बनाया जा रहा है। कम आय वाले लोगों को कम कागजी कार्रवाई में बड़ी रकम का ऋण दिलाने का झांसा देकर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं।

    पीआईबी ने दावे को बताया फर्जी
    प्रेस सूचना ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड के आधार पर हर व्यक्ति को तीन लाख रुपये का ऋण देने की ऐसी कोई सार्वभौमिक योजना नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि इंटरनेट या संदेश के माध्यम से मिलने वाले ऐसे दावों पर विश्वास न करें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें। 

    सब्जी व्यवसायी को साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। पुलिस से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अनजान संदेश, लिंक या फोन के माध्यम से बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचें।

    रांची
     प्रधानमंत्री ऋण योजना के तहत आधार कार्ड पर हर व्यक्ति को तीन लाख रुपये का ऋण देने का दावा फर्जी है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने ऐसे दावों को फर्जी बताते हुए लोगों को सावधान किया है। इसके बावजूद इस दावे की आड़ में साइबर अपराधी सक्रिय हैं और लोगों को ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। 

    राजधानी रांची में भी ऐसे मामले सामने आने लगे हैं। खासकर छोटे-मोटे कारोबार करने वाले लोगों को साइबर अपराधी निशाना बना रहे हैं। साइबर अपराधी आधार कार्ड पर ऋण दिलाने का दावा करते हुए लोगों को संदेश के माध्यम से फर्जी लिंक भेज रहे हैं। लिंक खोलते ही लोग ठगी का शिकार हो जा रहे हैं और उनके बैंक खाते से कुछ ही समय में रकम गायब हो रही है।

    तीन लाख के ऋण का झांसा देकर भेजा फर्जी लिंक
    रातू के एक सब्जी व्यवसायी को किसी व्यक्ति ने बताया कि प्रधानमंत्री ऋण योजना के तहत आधार कार्ड पर तीन लाख रुपये का ऋण मिल रहा है। इसके बाद व्यवसायी के मोबाइल पर संदेश के माध्यम से एक लिंक भेजा गया। तीन लाख रुपये का ऋण मिलने की उम्मीद में व्यवसायी ने लिंक खोल दिया। 

    लिंक खोलने के कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से 61 हजार रुपये की अवैध निकासी हो गई। खाते से रकम निकलने का संदेश मिलने पर व्यवसायी को ठगी का पता चला। उसने लिंक भेजने वाले मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन नंबर बंद मिला।

    छोटे कारोबारियों को बना रहे निशाना
    पीड़ित सब्जी व्यवसायी ऑटो से अलग-अलग बाजारों में सब्जी ले जाकर बेचता है। साइबर अपराधियों द्वारा ऐसे छोटे कारोबारियों को आसान ऋण का लालच देकर निशाना बनाया जा रहा है। कम आय वाले लोगों को कम कागजी कार्रवाई में बड़ी रकम का ऋण दिलाने का झांसा देकर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं।

    पीआईबी ने दावे को बताया फर्जी
    प्रेस सूचना ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड के आधार पर हर व्यक्ति को तीन लाख रुपये का ऋण देने की ऐसी कोई सार्वभौमिक योजना नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि इंटरनेट या संदेश के माध्यम से मिलने वाले ऐसे दावों पर विश्वास न करें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें। 

    सब्जी व्यवसायी को साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। पुलिस से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अनजान संदेश, लिंक या फोन के माध्यम से बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचें।

  • पंजाब में फिर बनेगा BJP-अकाली दल गठबंधन? सुखबीर बादल ने चुनाव प्रभारी से की मुलाकात

    पंजाब में फिर बनेगा BJP-अकाली दल गठबंधन? सुखबीर बादल ने चुनाव प्रभारी से की मुलाकात

     चंडीगढ़
     पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के संभावित गठजोड़ को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों के बीच दिल्ली में घटनाक्रम तेजी से बदला।सूत्रों के अनुसार शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और पंजाब के चुनाव प्रभारी बनाए गए सीआर पाटिल से अहम मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक काफी लंबी चली। हालांकि, बैठक में हुई चर्चा को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    सीटों के बंटवारा सबसे बड़ा मुद्दा
    इस मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले शिअद और भाजपा के बीच संभावित गठजोड़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच गठजोड़ को लेकर बातचीत चल रही है और अब सबसे बड़ा मुद्दा सीटों के बंटवारे का बताया जा रहा है।

    दरअसल, किसान आंदोलन के दौरान शिअद ने भाजपा से करीब ढाई दशक पुराना गठबंधन तोड़ लिया था। इसके बाद दोनों दल अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरे। अब पंजाब के बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच दोनों दलों के दोबारा साथ आने की चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।

    बीजेपी ने सीआर पाटिल को चुना प्रभारी
    सीआर पाटिल को हाल ही में पंजाब का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके बाद गठजोड़ को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हुई हैं। कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सीआर पाटिल और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के साथ दिल्ली में लंबी बैठक की थी। इसके बाद से ही पंजाब में भाजपा और शिअद के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।

    सुखबीर बादल की सीआर पाटिल से ताजा मुलाकात ने इन चर्चाओं को और बल दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों दल सीटों के बंटवारे को लेकर किस फार्मूले पर सहमत होते हैं। हालांकि, गठजोड़ को लेकर अंतिम फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद ही सामने आएगा।

  • पंजाब में कमजोर पड़ा मानसून, बिजली की मांग 16 हजार मेगावाट पार; 4 थर्मल यूनिट बंद

    पंजाब में कमजोर पड़ा मानसून, बिजली की मांग 16 हजार मेगावाट पार; 4 थर्मल यूनिट बंद

    अमृतसर 

    मानसून कमजोर पड़ने से बढ़ी उमस भरी गर्मी के बीच पंजाब में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। वीरवार को मांग 16,176 मेगावाट पहुंच गई। वहीं लहरा मुहब्बत और रोपड़ थर्मल के चार यूनिट बंद होने से 920 मेगावाट उत्पादन ठप है। चारों यूनिट 10 सितंबर तक चालू होने की उम्मीद है। ऐसे में पावरकाम को उत्तरी ग्रिड से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।

    24 अगस्त को बिजली की मांग 16,139 मेगावाट थी जो 25 अगस्त को 16,277 और 26 अगस्त को 16,276 मेगावाट रही। वीरवार को यह 16,176 मेगावाट दर्ज हुई। पिछले वर्ष इसी दिन मांग 8,983 और 2024 में 12,178 मेगावाट थी। पावरकाम के अपने स्रोतों से करीब 4,200 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। इसमें सरकारी थर्मलों से 830 मेगावाट निजी थर्मलों से 2,605 और जलविद्युत परियोजनाओं से 560 मेगावाट शामिल है। 

    1800 आउटसोर्स कर्मी हड़ताल पर
    लहरा मुहब्बत के यूनिट नंबर एक तीन और चार तथा रोपड़ के यूनिट नंबर पांच में तकनीकी खराबी के कारण उत्पादन बंद है। लहरा मुहब्बत में बेल्ट नंबर 29 में आग लगने से केबल और उपकरण क्षतिग्रस्त हुए थे। वहीं करीब 1,800 आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर हैं। एक अधिकारी के अनुसार कर्मचारियों की कमी में संयंत्र चलाना जोखिम भरा था। थर्मलों में कोयले का पर्याप्त भंडार है। लहरा मुहब्बत में 16 रोपड़ में 29 गोइंदवाल में 15 राजपुरा में 11 और तलवंडी साबो में नौ दिन का कोयला उपलब्ध है।