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  • झारखंड में अब AI संभालेगा सेहत की कमान, ‘AI फैमिली डॉक्टर’ और असिस्टेंट की तैयारी

    झारखंड में अब AI संभालेगा सेहत की कमान, ‘AI फैमिली डॉक्टर’ और असिस्टेंट की तैयारी

    रांची
     अब आपके स्वास्थ्य की देखभाल एआई फैमिली डॉक्टर जैसी आधुनिक तकनीक करेगी। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को उनके नेपाल हाउस सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें इसपर व्यापक चर्चा हुई।

    बैठक में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाने के लिए एआई असिस्टेंट और एआई फैमिली डॉक्टर जैसे डिजिटल संसाधन विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव ने दोनों प्लेटफार्म के विकास के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।

    एआई असिस्टेंट स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत हेल्थ प्रोफेशनल्स और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए डिजिटल सहायक के रूप में कार्य करेगा। यह उन्हें उनके दैनिक कार्यों की जानकारी और समय पर रिमाइंडर एवं अलर्ट उपलब्ध कराएगा।

    इसके माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों को यह जानकारी मिल सकेगी कि उन्हें कब, कहां, किसके साथ और कौन-सा कार्य करना है, कार्य के लिए कितने लोगों की आवश्यकता होगी तथा आवश्यक संसाधन क्या होंगे।

    उदाहरण के तौर पर एआई असिस्टेंट किसी सहिया को यह जानकारी दे सकेगा कि उसे किस स्थान पर, किस समय टीकाकरण करना है, कितने बच्चों का टीकाकरण होना है तथा इसके लिए किन तैयारियों की आवश्यकता है।

    इससे स्वास्थ्य कर्मियों को अपने कार्य समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, उप सचिव ध्रुव प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    डिजिटल स्वास्थ्य सहायक के रूप में कार्य करेगा एआई फैमिली डाक्टर
    प्रस्तावित एआई फैमिली डाक्टर आम लोगों के लिए एक डिजिटल स्वास्थ्य सहायक के रूप में कार्य करेगा। यह मरीज द्वारा बताई गई स्वास्थ्य संबंधी समस्या के आधार पर संभावित बीमारी और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

    हालांकि एआई द्वारा सुझाई गई किसी भी दवा को तब तक वैध चिकित्सकीय सलाह नहीं माना जाएगा, जब तक उसे किसी पंजीकृत चिकित्सक द्वारा अनुमोदित न किया जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य एआई की सुविधा का लाभ उठाते हुए चिकित्सकीय सुरक्षा और विशेषज्ञों की निगरानी सुनिश्चित करना है।

    पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी योजना
    अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दोनों एआई प्लेटफॉर्म के विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और इसके लिए डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया। योजना के अनुसार, एआई फैमिली डाक्टर को प्रारंभिक चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा सकता है।

    पायलट परियोजना के परिणाम सफल रहने पर इसे राज्य के व्यापक स्तर पर लागू करने की संभावना पर विचार किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों के दैनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित करने के साथ-साथ आम लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, लुधियाना-जाखल पैसेंजर ट्रेन अब जींद तक चलेगी

    रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, लुधियाना-जाखल पैसेंजर ट्रेन अब जींद तक चलेगी

    हिसार.

    दैनिक यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे ने लुधियाना जंक्शन-जाखल जंक्शन पैसेंजर ट्रेन का विस्तार जींद जंक्शन तक करने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 54053 अप व 54054 डाउन अब जाखल से आगे जींद तक संचालित होगी।

    रेलवे ने विस्तारित रूट के लिए नई समय-सारणी जारी की है। लुधियाना से जाखल के बीच ट्रेन के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गाड़ी संख्या 54054 डाउन लुधियाना से शाम 6:30 बजे रवाना होकर रात 9:40 बजे जाखल पहुंचेगी। इसके बाद 9:45 बजे जाखल से रवाना होकर हिम्मतपुरा, टोहाना, कालवन, धमतान साहिब, धारोदी, नरवाना, घासो, उचाना, गांव बड़ौदा और बरसोला होते हुए रात 11:30 बजे जींद जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 54053 अप जींद जंक्शन से सुबह 3:40 बजे रवाना होगी।

    यह बरसोला से 3:50 बजे, गांव बड़ौदा से 3:54 बजे, उचाना से 4:02 बजे, घासो से 4:08 बजे, नरवाना से 4:16 बजे, धारोदी से 4:25 बजे, धमतान साहिब से 4:34 बजे, कालवन से 4:40 बजे, टोहाना से 4:47 बजे, हिम्मतपुरा से 4:55 बजे और जाखल से सुबह 5:20 बजे रवाना होकर लुधियाना पहुंचेगी। उत्तर रेलवे के अनुसार लुधियाना से चलने वाली गाड़ी संख्या 54054 का जींद तक विस्तार 11 सितंबर से प्रभावी होगा। वहीं गाड़ी संख्या 54053 अप जींद से लुधियाना के लिए 12 सितंबर से नए विस्तारित मार्ग पर संचालित होगी। आसपास के क्षेत्रों के दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

  • हरियाणा में किराये के भवन में चल रहे MSME को बड़ी राहत, हर साल मिलेगी ₹5 लाख सब्सिडी

    हरियाणा में किराये के भवन में चल रहे MSME को बड़ी राहत, हर साल मिलेगी ₹5 लाख सब्सिडी

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक साथ तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। किराये के भवन में चल रहे एमएसएमई को सालाना पांच लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

    ई-कार्गो वाहन खरीदने के लिए सरकार पांच लाख रुपये तक की सहायता देगी। इसी तरह नई एमएसएमई इकाई स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने तीनों पालिसी अधिसूचित कर दी हैं, जिनमें एमएसएमई को लीज रेंट की प्रतिपूर्ति, सेवा क्षेत्र के एमएसएमई के लिए ब्याज माफी और ई-कार्गो वाहनों की खरीद पर वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रविधान है।

    25 फीसदी राशि वापस देने का प्रविधान
    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने उद्यमियों से मिले फीडबैक के आधार पर इन प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के एमएसएमई को लीज पर लिए गए परिसर के किराये की 25 प्रतिशत राशि वापस देने का प्रविधान नीति में किया गया है। यह लाभ तीन वर्ष तक दिया जाएगा। योजना में वे एमएसएमई पात्र होंगी, जिन्होंने पिछले साल एक अप्रैल के बाद वाणिज्यिक उत्पादन या संचालन शुरू किया है। यूनिट के पास कम से कम तीन वर्ष की अवधि की पंजीकृत कामर्शियल लीज डीड होना जरूरी है। जिस परिसर का किराया लिया गया है, वह किसी असंबंधित पक्ष का होना चाहिए।

    वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र भी जरूरी है। इसी तरह सेवा क्षेत्र के नए एमएसएमई का तीन साल तक दो प्रतिशत ब्याज माफ किया जाएगा। यह लाभ टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल के लिए लिए गए ऋण में से किसी एक पर मिलेगा। इसमें स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, आइटी, बल्क कूरियर सेवाएं, आरएंडडी सेंटर, टेस्टिंग लैब, इंजीनियरिंग एवं डिजाइन सेवाएं, उपकरण मरम्मत, पर्यावरण सेवाएं और एंटरटेनमेंट पार्क जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है। ट्रेडिंग यूनिट इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी। तीसरी योजना में एमएसएमई को नए ईवी कार्गो ट्रक या कामर्शियल कार्गो ईवी खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत की 15 प्रतिशत राशि प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी। एक एमएसएमई को योजना की अवधि में अधिकतम एक वाहन पर लाभ मिलेगा।

    250 पात्र एमएसएमई को मिलेगा फायदा
    वाहन की लोड वहन क्षमता 700 किलोग्राम से 10 हजार किलो तक होनी चाहिए। इस योजना में पहले 250 पात्र एमएसएमई को पहले आवेदन-पहले लाभ के आधार पर सहायता दी जाएगी या बजट उपलब्ध रहने तक लाभ मिलेगा। एक अप्रैल 2026 या उसके बाद खरीदे गए ईवी इस योजना के लिए पात्र होंगे।
    वाहन हरियाणा की अधिकृत डीलरशिप से खरीदा और हरियाणा में पंजीकृत होना चाहिए तथा फर्म के नाम पर होना जरूरी है। जिन उद्यमों का प्राथमिक कारोबार लाजिस्टिक्स या ट्रांसपोर्टेशन है, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। सेकेंड हैंड वाहन भी योजना में शामिल नहीं हैं।

  • सत्य निकेतन में जर्जर बिल्डिंग पर MCD की कार्रवाई, पहले गर्डर से दिया गया सहारा

    सत्य निकेतन में जर्जर बिल्डिंग पर MCD की कार्रवाई, पहले गर्डर से दिया गया सहारा

    नई दिल्ली
     सत्य निकेतन में खतरनाक घोषित की गई बिल्डिंग की हालत देखकर MCD की टीम के होश उड़ गए। अधिकारियों को डर था कि तोड़ने के दौरान बिल्डिंग भरभराकर गिर सकती है और एक बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए कार्रवाई शुरू करने से पहले ग्राउंड फ्लोर और बराबर वाली बिल्डिंग को लोहे के मोटे गर्डर से सपोर्ट दिया गया है। इसके बाद ही टॉप फ्लोर से तोड़फोड़ शुरू की गई। इस दौरान सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा गया।

    MCD के सीनियर अधिकारी के मुताबिक, बुधवार को टीम ने कार्रवाई से पहले पूरी बिल्डिंग का मुआयना किया। सत्य निकेतन की यह बिल्डिंग 5 दशक से ज्यादा पुरानी थी। बेसमेंट और 5 मंजिल की बिल्डिंग दो हिस्सों में बनी थी। करीब 2 दशक बाद पुराने स्ट्रक्चर पर बाकी मंजिलें बनाई गई थीं। 4 इंच की दीवारें खड़ी कर एक-एक मंजिल बनाई गई थी। पिलर भी नहीं था।

    बिल्डिंग गिराने के खतरे से पहले दिया सहारा
    अधिकारी ने बताया कि बिल्डिंग की हालत देखकर आशंका थी कि ऊपर के लिंटर पर हथौड़े चलाने से कंपन के कारण पूरा स्ट्रक्चर गिर सकता है। इसलिए तोड़ने से पहले इसे मजबूत किया गया। आगे और पीछे निकाले गए छज्जों समेत पूरे ग्राउंड फ्लोर पर मोटे लोहे के गर्डर लगाए गए। लिंटर डालने में इस्तेमाल होने वाली लोहे की शटरिंग भी लगाई गई। बराबर वाली बिल्डिंग इससे सटी हुई है, इसलिए उसे भी गर्डर से सपोर्ट दिया गया।

    मशीन से नहीं, 20 मजदूरों से हो रही जर्जर बिल्डिंग की तोड़फोड़
    दोनों बिल्डिंगों को सुरक्षित करने के बाद MCD ने तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। अधिकारी के अनुसार बिल्डिंग इतनी कमजोर है कि इसे तोड़ने के लिए जेसीबी या दूसरी मशीनरी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसलिए 20 लेबर को मैनुअल तोड़फोड़ के लिए लगाया गया है। धूल-मिट्टी को रोकने के लिए पानी का छिड़काव भी हो रहा है।

  • जयपुर निकाय चुनाव के बाद विजय जुलूस पर रोक, 13 से 25 सितंबर तक लागू रहेगी निषेधाज्ञा

    जयपुर निकाय चुनाव के बाद विजय जुलूस पर रोक, 13 से 25 सितंबर तक लागू रहेगी निषेधाज्ञा

    जयपुर
     नगर निकाय चुनाव परिणामों के बाद राजधानी जयपुर में विजय जुलूस निकालने पर रोक रहेगी। पुलिस आयुक्तालय ने कानून-व्यवस्था और लोक शांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। आदेश के अनुसार, नगर निकाय चुनाव-2026 में निर्वाचित किसी भी सदस्य, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की ओर से विजय जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा।

    एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) राजीव पचार ने आदेश जारी किया। कार्यक्रम के अनुसार प्रथम चरण का मतदान 9 सितंबर (हो चुका), द्वितीय चरण 11 सितंबर और मतगणना 14 सितंबर को होगी। अध्यक्ष पद का चुनाव 21 सितंबर तथा उपाध्यक्ष पद का चुनाव 22 सितंबर को प्रस्तावित है।

    इन चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। यह निषेधाज्ञा 13 से 25 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में किसी भी प्रकार का विजय जुलूस निकालना प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

        2 हजार 256 मतदान केंद्र बनाए गए।
        551 केंद्र संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए।
        मतदान के दौरान सुरक्षा में 9 हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मी होंगे।
        प्रत्येक केंद्र पर दो पुलिसकर्मी और संवेदनशील केंद्रों पर पांच होंगे।

    रैली, रोड शो और सभाओं पर रोक, प्रत्याशियों ने डोर-टू-डोर जनसंपर्क शुरू किया
    जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए बुधवार शाम छह बजे चुनाव प्रचार थम गया। इसके साथ ही सार्वजनिक रैलियों, रोड शो, सभाओं और अन्य प्रचार गतिविधियों पर रोक लग गई। अंतिम दिन प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी। अब गुरुवार को प्रत्याशी और उनके समर्थक डोर-टू-डोर जनसंपर्क से मतदाता तक पहुंच रहे हैं। सार्वजनिक प्रचार के बजाय व्यक्तिगत संपर्क पर जोर दिया जा रहा है।

    इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से 11 सितंबर को होने वाले नगर निगम चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। गुरुवार को मतदान दलों को मतदान सामग्री और अंतिम प्रशिक्षण के बाद मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। सीकर रोड भिवानी निकेतन कॉलेज से 2256 मतदान केंद्रों के लिए मतदान दल रवाना होंगे।

    बता दें कि जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। प्रचार थमने के साथ प्रत्याशियों का फोकस समर्थकों को बूथ तक पहुंचाने और अंतिम समय में मतदाताओं से संपर्क पर रहेगा। मतदान के साथ प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी।

    दो पारियों में पोलिंग पार्टियों की रवानगी
    पोलिंग पार्टियों की रवानगी के लिए दो पारियों में व्यवस्था की गई है। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में आने वाले 10 विधानसभा क्षेत्रों के मतदान दल निर्धारित व्यवस्था के तहत रवाना होंगे। मतदान दलों को ईवीएम, मतदान सामग्री और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ मतदान प्रक्रिया से जुड़ी अंतिम जानकारी भी दी जाएगी।

    मानसरोवर में पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च
    निकाय चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में कराने के लिए जयपुर साउथ पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को मानसरोवर सर्कल क्षेत्र में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालकर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि मतदाता बिना किसी डर या दबाव के मतदान करें।

    डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज के नेतृत्व में पुलिस बल ने मानसरोवर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का जायजा लिया। स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था भी जांची गई। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती का संदेश दिया गया।

  • हरियाणा में MSME को बड़ा तोहफा, किराये के भवन पर सालाना 5 लाख तक की प्रतिपूर्ति

    हरियाणा में MSME को बड़ा तोहफा, किराये के भवन पर सालाना 5 लाख तक की प्रतिपूर्ति

    चंडीगढ़
    हरियाणा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक साथ तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। किराये के भवन में चल रहे एमएसएमई को सालाना पांच लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

    ई-कार्गो वाहन खरीदने के लिए सरकार पांच लाख रुपये तक की सहायता देगी। इसी तरह नई एमएसएमई इकाई स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी।

    उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने तीनों पालिसी अधिसूचित कर दी हैं, जिनमें एमएसएमई को लीज रेंट की प्रतिपूर्ति, सेवा क्षेत्र के एमएसएमई के लिए ब्याज माफी और ई-कार्गो वाहनों की खरीद पर वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रविधान है।

    25 फीसदी राशि वापस देने का प्रविधान
    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने उद्यमियों से मिले फीडबैक के आधार पर इन प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के एमएसएमई को लीज पर लिए गए परिसर के किराये की 25 प्रतिशत राशि वापस देने का प्रविधान नीति में किया गया है।

    यह लाभ तीन वर्ष तक दिया जाएगा। योजना में वे एमएसएमई पात्र होंगी, जिन्होंने पिछले साल एक अप्रैल के बाद वाणिज्यिक उत्पादन या संचालन शुरू किया है। यूनिट के पास कम से कम तीन वर्ष की अवधि की पंजीकृत कामर्शियल लीज डीड होना जरूरी है। जिस परिसर का किराया लिया गया है, वह किसी असंबंधित पक्ष का होना चाहिए। वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र भी जरूरी है।

    इसी तरह सेवा क्षेत्र के नए एमएसएमई का तीन साल तक दो प्रतिशत ब्याज माफ किया जाएगा। यह लाभ टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल के लिए लिए गए ऋण में से किसी एक पर मिलेगा।

    इसमें स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, आइटी, बल्क कूरियर सेवाएं, आरएंडडी सेंटर, टेस्टिंग लैब, इंजीनियरिंग एवं डिजाइन सेवाएं, उपकरण मरम्मत, पर्यावरण सेवाएं और एंटरटेनमेंट पार्क जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है।

    ट्रेडिंग यूनिट इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी। तीसरी योजना में एमएसएमई को नए ईवी कार्गो ट्रक या कामर्शियल कार्गो ईवी खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत की 15 प्रतिशत राशि प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी। एक एमएसएमई को योजना की अवधि में अधिकतम एक वाहन पर लाभ मिलेगा।

    250 पात्र एमएसएमई को मिलेगा फायदा
    वाहन की लोड वहन क्षमता 700 किलोग्राम से 10 हजार किलो तक होनी चाहिए। इस योजना में पहले 250 पात्र एमएसएमई को पहले आवेदन-पहले लाभ के आधार पर सहायता दी जाएगी या बजट उपलब्ध रहने तक लाभ मिलेगा। एक अप्रैल 2026 या उसके बाद खरीदे गए ईवी इस योजना के लिए पात्र होंगे।

    वाहन हरियाणा की अधिकृत डीलरशिप से खरीदा और हरियाणा में पंजीकृत होना चाहिए तथा फर्म के नाम पर होना जरूरी है। जिन उद्यमों का प्राथमिक कारोबार लाजिस्टिक्स या ट्रांसपोर्टेशन है, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। सेकेंड हैंड वाहन भी योजना में शामिल नहीं हैं।

  • चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर 36 दिन का ब्लॉक, 12 ट्रेनें रद्द; फिरोजपुर-अमृतसर रूट के यात्री परेशान

    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर 36 दिन का ब्लॉक, 12 ट्रेनें रद्द; फिरोजपुर-अमृतसर रूट के यात्री परेशान

    अबोहर.

    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के उन्नयन कार्य के चलते रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। रेलवे ने स्टेशन पर 36 दिनों के लिए पावर और ट्रैफिक ब्लॉक को मंजूरी दी है। यह ब्लॉक तीन चरणों में 10 सितंबर से 15 अक्टूबर तक रहेगा।

    इस दौरान फुट ओवरब्रिज के निर्माण और उसे स्थापित करने के साथ स्टेशन के मौजूदा ढांचे को हटाने सहित कई जरूरी कार्य किए जाएंगे। रेलवे के आदेश के अनुसार पहला ब्लॉक 10 से 21 सितंबर, दूसरा 22 सितंबर से तीन अक्टूबर और तीसरा चार से 15 अक्टूबर तक रहेगा। इस अवधि में स्टेशन की विभिन्न रेल लाइनों पर यातायात और बिजली से जुड़े कार्य किए जाएंगे।

    12 ट्रेन सेवाएं रहेंगी रद्द
    ब्लॉक के कारण रेलवे ने 12 ट्रेन सेवाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इनमें फिरोजपुर-चंडीगढ़ ट्रेन संख्या 14630 भी शामिल है। यह ट्रेन नौ सितंबर से 15 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। वहीं चंडीगढ़-फिरोजपुर ट्रेन संख्या 14629 को 10 सितंबर से 16 अक्टूबर तक रद्द किया गया है। इसके अलावा चंडीगढ़-अमृतसर ट्रेन संख्या 14541 और अमृतसर-चंडीगढ़ ट्रेन संख्या 14542 समेत अन्य ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित रहेंगी। रेलवे के अनुसार ब्लॉक के कारण कुल 442 फेरे रद्द किए गए हैं।

    श्रीगंगानगर, अबोहर और फाजिल्का के यात्रियों पर असर
    फिरोजपुर-चंडीगढ़ ट्रेन सेवा रद्द होने का सीधा असर श्रीगंगानगर, अबोहर और फाजिल्का क्षेत्र के यात्रियों पर पड़ेगा। श्रीगंगानगर से चलकर फिरोजपुर पहुंचने वाली संबंधित रेल सेवा आगे चंडीगढ़ के लिए रवाना होती है। ऐसे में इसके रद्द रहने से इस क्षेत्र के यात्रियों को चंडीगढ़ आने-जाने में परेशानी होगी। इसके अलावा अमृतसर रूट भी इससे प्रभावित रहने वाला है। लंबे समय तक ट्रेनें रद्द रहने के कारण यात्रियों को वैकल्पिक रेल सेवाओं या दूसरे परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से सफर शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जांचने की अपील की है।

  • बाढ़ से भागलपुर की आर्थिक रीढ़ टूटी, तसर सिल्क-कतरनी-जर्दालू पर मंडराया संकट

    बाढ़ से भागलपुर की आर्थिक रीढ़ टूटी, तसर सिल्क-कतरनी-जर्दालू पर मंडराया संकट

    पटना
    बिहार के रेशमी शहर की आर्थिक रीढ़ बाढ़ के थपेड़ों से टूट गई है। भागलपुर में गंगा की उफनाती लहरों और बाढ़ की विभीषिका ने न केवल लाखों लोगों को बेघर किया है, बल्कि यहां की पहचान माने जाने वाले तीन वैश्विक ब्रांड (तसर सिल्क, कतरनी धान और जर्दालू आम) के वजूद पर भी गहरा संकट खड़ा कर दिया है। बता दें कि तसर सिल्क, कतरनी धान और जर्दालू आम को जीआई टैग दिया गया है। कृषि और उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की बाढ़ से भागलपुर की अर्थव्यवस्था को ऐसा झटका लगा है, जिससे उबरने में सालों लग सकते हैं।

    नाथनगर और चंपानगर के सिल्क हब इस समय पानी में पूरी तरह डूबे हुए हैं। आर्थिक मामलों के स्थानीय जानकार अधिवक्ता राजेश सर्राफ ने बताया कि भागलपुर का सिल्क उद्योग लगभग 50 फीसदी घरेलू और 50 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर है। पावरलूम मशीनों और कच्चे माल के पानी में डूबने से करोड़ों का नुकसान हुआ है। नाथनगर स्थित बुनकर समाज के इनायत अंसारी बताते हैं कि विदेशों से मिले ऑर्डर की समय पर डिलीवरी नहीं होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमारी साख खतरे में है। यदि बुनकरों का बनारस या कोलकाता पलायन शुरू हुआ, तो इस पारंपरिक क्लस्टर को भारी क्षति पहुंचेगी।

    दूसरी ओर, जिले की कृषि अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ कतरनी धान और जर्दालू आम के बागों को भी प्रकृति का कहर झेलना पड़ रहा है। सुल्तानगंज के आभा रतनपुर निवासी कृषक एवं निर्यातक मनीष कुमार सिंह बताते हैं, बाढ़ का पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहने के कारण कतरनी धान के नाजुक पौधे पूरी तरह सड़ जाएंगे। इस अनूठे सुगंधित चावल का अंतरराष्ट्रीय बाजार ठप होने के कगार पर है।

    जर्दालू आम के बगीचे में जलभराव पर चिंता जताते हुए वो कहते हैं कि बगीचों में जलभराव सबसे खतरनाक होता है। पीरपैंती के आम उत्पादक पप्पू यादव कहते हैं कि बगीचे में एक सप्ताह से अधिक दिनों तक पानी जमा रह गया तो पेड़ सूख जाएंगे। इससे आम की उत्पादकता में कमी आएगी।

    सिल्क बुनकरों को विशेष राहत पैकेज मिले : चैंबर
    भागलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष रामगोपाल पोद्दार बताते हैं कि बुनकर और किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं। सरकार को इस संकट से निपटने के लिए सिल्क बुनकरों के लिए विशेष राहत पैकेज और किसानों के लिए फसल बीमा का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करना होगा, तभी इन जीआई टैग उत्पादों को बचाया जा सकता है।

    सरकारी आंकड़े में (सालाना)
    सिल्क: 100 करोड़

    कतरनी धान की पैदावार : 2000 एकड़

    कतरनी धान का कारोबार: 30 करोड़

    जर्दालू आम की प्रतिवर्ष

    पैदावार-बाजार : 10,000 मीट्रिक टन

  • एसआईआर की सुनवाई में टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश, भीड़ रोकने पर जोर

    एसआईआर की सुनवाई में टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश, भीड़ रोकने पर जोर

    रांची
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बुधवार को सभी उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर एसआइआर के तहत दावा-आपत्ति एवं सुनवाई, युवा मतदाता पंजीकरण तथा मतदाता सेवाओं से संबंधित कार्यों की समीक्षा की।

    उन्होंने सभी कार्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दावा-आपत्ति की सुनवाई के दौरान अनावश्यक भीड़ न लगने दें। एक साथ अधिक लोगों को बुलाने की जगह टोकन सिस्टम के माध्यम से क्रमवार सुनवाई कराई जाए।

    प्रत्येक व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर दिया जाए तथा उपलब्ध दस्तावेज एवं तथ्यों के परीक्षण के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाए। उन्होंने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को लंबित मामलों एवं प्रतिदिन हो रहे निष्पादन की नियमित समीक्षा करें।

    एक से पांच फार्म-6 वाले मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शून्य तथा एक से पांच फार्म-6 वाले मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कहा, ऐसे मतदान केंद्रों की मतदान केंद्रवार समीक्षा करते हुए बीएलओ के माध्यम से उन नए एवं युवा पात्र भारतीय नागरिकों की पहचान की जाए, जिनकी आयु एक अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूर्ण हो रही है, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।

    ऐसे सभी पात्र नागरिकों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म-6 एवं आवश्यक घोषणा-पत्र प्राप्त कर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। साथ ही साहिबगंज में सामने आई अनियमितता की पुनरावृत्ति किसी अन्य जिले में न हो, इसके लिए आवेदन, दस्तावेज, सत्यापन एवं निर्वाचन डेटा पर प्रभावी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

    इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब कार्यक्रमों की तैयारी
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 19 एवं 20 नवंबर को राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब कार्यक्रमों की तैयारियां अभी से प्रारंभ करने का निर्देश दिया। इसके लिए ईएलसी को-आर्डिनेटर नियुक्त कर स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।

    स्कूल एवं कॉलेज स्तर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर विद्यार्थियों एवं युवा मतदाताओं के बीच ईसीनेट का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा उन्हें उपलब्ध डिजिटल मतदाता सेवाओं की जानकारी दी जाए। उन्होंने एनवीएसपी पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन तथा ईसीनेट की ‘बुक ए काल’ सुविधा के माध्यम से प्राप्त मतदाताओं की शिकायतों एवं समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

  • पंजाब के 3 पवित्र शहरों में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक, प्रशासन का बड़ा फैसला

    पंजाब के 3 पवित्र शहरों में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक, प्रशासन का बड़ा फैसला

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार ने राज्य के तीन पवित्र शहरों में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक से संबंधित नोटिफिकेशन अब असाधारण गजट में प्रकाशित कर दिया है। पंजाब सरकार के 9 सितंबर 2026 के असाधारण गजट में पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश को प्रकाशित किया गया है।

    खास बात यह है कि गजट में प्रकाशित आदेश पर 23 दिसंबर 2025 की तारीख दर्ज है। यानी प्रतिबंध का आदेश करीब साढ़े आठ महीने पहले जारी किया गया था, लेकिन अब इसे सरकारी गजट में प्रकाशित किया गया है। सरकार का यह आदेश अमृतसर की चारदीवारी वाले क्षेत्र, रूपनगर जिले के श्री आनंदपुर साहिब और बठिंडा जिले के तलवंडी साबो (श्री दमदमा साहिब) में लागू होगा। आदेश में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू की जाएगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्य में लागू संबंधित कानूनों और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    गृह विभाग के निर्देश पर जारी हुआ आदेश
    पशुपालन विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई गृह मामले विभाग की 15 दिसंबर 2025 की अधिसूचना में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई है। इसके बाद पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी विकास विभाग ने 23 दिसंबर 2025 को प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किया। अब इसे 9 सितंबर 2026 को पंजाब सरकार के असाधारण गजट में प्रकाशित किया गया है।

    अमृतसर में पूरे शहर पर नहीं, चारदीवारी क्षेत्र में रोक
    नोटिफिकेशन में अमृतसर के लिए पूरे शहर को प्रतिबंधित क्षेत्र नहीं बनाया गया है। इसमें विशेष तौर पर अमृतसर के चारदीवारी वाले शहर का उल्लेख है। वहीं श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो (श्री दमदमा साहिब) की संबंधित नगर पालिका सीमाओं में यह आदेश लागू होगा।

    पवित्र शहर घोषित करने के फैसले की पृष्ठभूमि
    राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों को धार्मिक महत्व को देखते हुए पवित्र शहर घोषित करने का फैसला किया था। अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में तख्त श्री केसगढ़ साहिब और तलवंडी साबो में तख्त श्री दमदमा साहिब जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। इन क्षेत्रों की धार्मिक मर्यादा और गरिमा को बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंध का फैसला लिया गया था। हालांकि, वर्तमान गजट में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध का स्पष्ट उल्लेख है। शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों पर रोक संबंधी व्यापक घोषणा को अलग सरकारी आदेश के बिना इसी नोटिफिकेशन का हिस्सा नहीं माना जा सकता।