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  • बिजली कटौती की शिकायत में PM मोदी और CM भजनलाल पर अभद्र टिप्पणी, युवक पर FIR

    बिजली कटौती की शिकायत में PM मोदी और CM भजनलाल पर अभद्र टिप्पणी, युवक पर FIR

      बांसवाड़ा
    बांसवाड़ा जिले में राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ गाली-गलौज और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने युवक के खिलाफ राजतालाब थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।

    बता दें कि राजतालाब थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, अंबिका कॉलोनी निवासी प्रतीक नाम के युवक ने 7 सितंबर को राजस्थान संपर्क पोर्टल के 181 नंबर पर दो बार शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बिजली कटौती को लेकर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अभद्र भाषा और अपशब्दों का प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है।

    नगर परिषद आयुक्त ने ली शिकायत की जानकारी
    मामला सामने आने के बाद नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने शिकायत की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि युवक प्रतीक बिजली की समस्या से आहत था। हालांकि, शिकायत में अपनी समस्या रखने के दौरान उसने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अमर्यादित शब्दों और अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

    राजतालाब थाने में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
    इसके बाद बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त ने मामले को लेकर राजतालाब थाने में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामला राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत से जुड़ा है।

    गौरतलब है कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लोग अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाते हैं। इस मामले में बिजली कटौती की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।

  • बिहार में स्मार्ट होगी एंबुलेंस सेवा, रियल टाइम बेड की मिलेगी जानकारी

    बिहार में स्मार्ट होगी एंबुलेंस सेवा, रियल टाइम बेड की मिलेगी जानकारी

    पटना
    रेफरल व्यवस्था को सॉफ्टवेयर आधारित बनाया जाएगा, ताकि वास्तविक निगरानी हो सके। इसके अलावा 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को एकीकृत किया जाएगा। इमरजेंसी रेफरल के मामलों में एंबुलेंस में ही मरीज की स्थिति का आकलन कर डैशबोर्ड के माध्यम से कंट्रोल सेंटर को सूचित किया जाएगा। इमरजेंसी नेटवर्क के माध्यम से 102 एवं 108 सेवाओं को अस्पतालों से जोड़ा जाएगा।

    एंबुलेंस में उपलब्ध कियोस्क से सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की रियल टाइम जानकारी तथा मरीज की वर्तमान लोकेशन संबंधित अस्पताल को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए एम्स, आइजीएआइएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच को पायलट प्रोजेक्ट में सम्मिलित किया जाएगा। ये सभी निर्देश स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने दिए, जो गुरुवार को राज्य स्वास्थ्य समिति के सभागार में हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

    क्यूआर कोड आधारित बेड मैनेजमेंट
    बैठक में रेफरल व्यवस्था, स्मार्ट एंबुलेंस, टेली-मेडिसिन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं कार्यक्षमता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने, क्यूआर कोड आधारित बेड मैनेजमेंट एवं बेड की रियल टाइम एंट्री सुनिश्चित की जाए

    मरीजों के खान-पान से संबंधित जानकारी एएनएम, आशा एवं जीविका दीदी से मिलेगी। आयुष चिकित्सकों द्वारा प्रभावी दवाओं की जानकारी भी संकलित की जाएगी। टेली-मेडिसिन सेवा को सुदृढ़ करने के लिए 104 सेवा को ई-संजीवनी से जोड़ने की संभावना देखी जाएगी।

    मंत्री ने एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं कार्यक्षमता बढ़ाने तथा मरीजों के डेटा के प्रभावी उपयोग का निर्देश दिया। बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, बीएमएसआइसीएल के एमडी सुब्रत सेन आदि उपस्थित रहे।

  • झारखंड हाई कोर्ट से एम्बुलेंस चालकों और नाइट वॉचमैन को बड़ी राहत, 12 हफ्ते में नियमितीकरण पर कार्रवाई

    झारखंड हाई कोर्ट से एम्बुलेंस चालकों और नाइट वॉचमैन को बड़ी राहत, 12 हफ्ते में नियमितीकरण पर कार्रवाई

    रांची
     सदर अस्पताल, लोहरदगा में पिछले करीब दस वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे एम्बुलेंस चालकों एवं नाइट वॉचमैन को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

    जस्टिस दीपक रोशन की पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का निर्देश संबंधित प्राधिकार को दिया है। न्यायालय ने इसके लिए 12 सप्ताह की समय-सीमा निर्धारित की है। याचिकाकर्ता रफीक अंसारी एवं अन्य की ओर से झारखंड हाई कोर्ट में अधिवक्ता चंचल जैन, अधिवक्ता अभिजीत इंद्र गुरु एवं अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने पक्ष रखा।

    यह मामला सदर अस्पताल, लोहरदगा में लंबे समय से कार्यरत एम्बुलेंस चालकों एवं नाइट वॉचमैन की सेवा से संबंधित था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे अस्पताल में करीब एक दशक से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें उनके वर्तमान कार्य से हटाकर आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से सेवा लेने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उन्हें आउटसोर्सिंग एजेंसी के अधीन कार्य करने के लिए बाध्य किया जा रहा था।

    इस कार्रवाई के विरुद्ध याचिकाकर्ताओं ने झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया था। याचिका में मुख्य रूप से यह आग्रह किया गया था कि लंबे समय से अस्पताल में निरंतर सेवा दे रहे याचिकाकर्ताओं की सेवा अवधि एवं उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को ध्यान में रखते हुए उनके नियमितीकरण पर विचार किया जाए तथा उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध आउटसोर्सिंग एजेंसी के अधीन कार्य करने के लिए बाध्य न किया जाए।

    मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए संबंधित विभाग/प्राधिकार को याचिकाकर्ताओं को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्य करने के लिए बाध्य नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनी गईं।

    सुनवाई पूरी होने के पश्चात पीठ ने रिट याचिका को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के संबंध में आदेश पारित किया। न्यायालय ने संबंधित प्राधिकार को निर्देश दिया कि आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 12 सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए।

    हाईकोर्ट के इस आदेश से सदर अस्पताल, लोहरदगा में लंबे समय से कार्यरत इन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। करीब दस वर्षों से अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर पारित यह आदेश उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • पंजाब-हरियाणा विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने की तलाशी

    पंजाब-हरियाणा विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने की तलाशी

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिलने से वीरवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ ऑपरेशन सेल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को मौके पर भेजा गया।

    टीमों ने विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया। धमकी वाला ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल अलर्ट किया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। आसपास के एरिया में हाईअलर्ट जारी किया है।

    पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल के स्रोत और उसे भेजने वाले की पहचान का पता लगाने में जुटी हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के अलावा ऑपरेशन सेल की टीम मौके पर पहुंची। बम निरोधक दस्ते ने संदिग्ध वस्तुओं की जांच की, जबकि डॉग स्क्वायड की मदद से परिसर में तलाशी ली गई। पुलिस साइबर स्तर पर भी ई-मेल की जांच कर रही है। धमकी भेजने वाले की पहचान और ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

  • IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू यादव समेत 9 आरोपियों पर आरोप तय, राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला

    IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू यादव समेत 9 आरोपियों पर आरोप तय, राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला

    नई दिल्ली/पटना

     IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के ताजा आदेश के बाद लालू परिवार के लिए कानूनी चुनौतियां बढ़ गई हैं. कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. जबकि 7 आरोपियों को आरोपों से बरी किया गया है. मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर 2026 को होगी. लेकिन आखिर यह मामला है क्या? इसकी शुरुआत कब हुई? रेलवे के होटलों से लेकर पटना की जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग तक पूरा मामला कैसे पहुंचा? और अब लालू परिवार के सामने आगे क्या कानूनी चुनौती है? आइए हर सवाल का जवाब समझते हैं। 

    क्या है IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग घटना, कैसे बढ़ेगी लालू परिवार की मुश्किलें जानें

    क्या है IRCTC होटल मामला?
    यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रांची और पुरी के BNR होटलों के संचालन के ठेके से जुड़ा है. CBI का आरोप है कि इन दोनों होटलों के रखरखाव और संचालन का ठेका निजी कंपनी सुजाता होटल्स को देने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं की गईं. एजेंसी के अनुसार, इस कथित लाभ के बदले पटना में जमीन का लेन-देन हुआ। 

    जमीन का क्या कनेक्शन है?
    जांच एजेंसियों के मुताबिक होटल टेंडर और पटना की जमीन के बीच कथित लेन-देन इस केस का सबसे अहम हिस्सा है. CBI ने आरोप लगाया कि पटना की बेशकीमती जमीन पहले एक कंपनी के जरिए खरीदी गई. बाद में उसका प्रभावी नियंत्रण लालू परिवार से जुड़ी कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स तक पहुंचा. एजेंसी ने जमीन की कीमत और जिस कीमत पर सौदा हुआ. उसमें बड़े अंतर का भी आरोप लगाया है. यही कथित लेन-देन बाद में ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बना। 

    मामला कब शुरू हुआ?
    इस मामले की जड़ें 2004-05 के दौर में हैं. उस समय लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। मार्च 2004 में रेलवे के दो होटलों के प्रबंधन से संबंधित प्रक्रिया IRCTC को सौंपी गई थी. मई 2004 में लालू रेल मंत्री बने। इसके बाद होटल संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ी. CBI के मुताबिक 2005-06 में टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कर सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाया गया। 

    CBI ने केस कब दर्ज किया?
    कई वर्षों बाद यह मामला 2017 में फिर सामने आया. जुलाई 2017 में CBI ने FIR दर्ज की. एजेंसी ने लालू यादव और अन्य पर पद के कथित दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और होटल टेंडर में अनियमितता के आरोप लगाए. इसके बाद CBI ने जांच आगे बढ़ाई और अप्रैल 2018 में चार्जशीट दाखिल की. इसमें लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया। 

    ED की एंट्री कब हुई?
    CBI की FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की. अगस्त 2018 में ED ने PMLA के तहत लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. यहीं से यह मामला सिर्फ कथित भ्रष्टाचार या टेंडर विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग केस के रूप में भी अदालत पहुंच गया। 

    आज कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    10 सितंबर 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया. वहीं 7 आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया गया. कोर्ट ने प्रथमदृष्टया लालू यादव द्वारा रेल मंत्री के पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को मुकदमा आगे बढ़ाने लायक माना. आरोप तय किए गए आरोपियों में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, पीसी गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर शामिल हैं। 

    क्या लालू यादव और तेजस्वी दोषी साबित हो गए?
    नहीं…यह सबसे जरूरी कानूनी बात है. कोर्ट द्वारा आरोप तय करना दोषी करार देना नहीं होता. इसका मतलब है कि अदालत ने प्रथमदृष्टया मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार माना है. अब ट्रायल में अभियोजन पक्ष को अपने आरोप सबूतों के जरिए साबित करने होंगे. बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार होगा. इसलिए फिलहाल लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी या अन्य आरोपियों को दोषी कहना सही नहीं होगा। 

    अब लालू परिवार की मुश्किलें कैसे बढ़ सकती हैं?
    आरोप तय होने के बाद मामला ट्रायल की ओर बढ़ेगा. अभियोजन पक्ष सबूत और गवाह पेश करेगा.इसके बाद बचाव पक्ष उन सबूतों को चुनौती देगा. लालू परिवार के लिए चुनौती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मामले में कथित होटल टेंडर, जमीन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों को अदालत में साबित करने की कोशिश होगी. हालांकि इसका अंतिम परिणाम ट्रायल के बाद ही सामने आएगा। 

    क्या यह Land-for-Jobs केस ही है?
    नहीं…दोनों मामले अलग हैं. IRCTC मामला रांची और पुरी के रेलवे होटलों के कथित टेंडर में अनियमितता और उससे जुड़े जमीन के लेन-देन पर केंद्रित है. वहीं Land-for-Jobs केस में रेलवे में नौकरी देने के बदले कथित तौर पर जमीन लेने के आरोप हैं. दोनों मामलों में लालू परिवार के सदस्यों के नाम सामने आने के कारण अक्सर इन्हें एक साथ देखा जाता है, लेकिन कानूनी तौर पर दोनों अलग मामले हैं। 

    अब अगली सुनवाई कब होगी?
    राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई की तारीख तय की है. अब अदालत में मामले की ट्रायल प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 

     

  • दुर्गा पूजा में नॉन-वेज पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की अपील से छिड़ी बहस

    दुर्गा पूजा में नॉन-वेज पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की अपील से छिड़ी बहस

     नई दिल्ली
    'दुर्गा पूजा में नॉन-वेज़ खाना बंगाल का कल्चर है और बिन बंगाली कल्चर समझे इस पर टिप्पणी भी गलत है।' दिल्ली की दुर्गा पूजा समितियों का यही मानना है। दिल्ली में 350 से ज्यादा दुर्गा पूजा समितियां नवरात्र में पूजा का पंडाल सजाती हैं। इन समितियों का कहना है कि वो बिन सोचे-समझे की गई किसी टिप्पणी पर दुर्गा पूजा में नॉन-वेज खाना बंद नहीं करेंगे।

    • दरअसल बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उस टिप्पणी ने बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार से बचने और पूजा पंडालों के आसपास नॉन-वेज की बिक्री ना करने की अपील की।
    • दिल्ली के 'मिनी बंगाल' और दुर्गा पूजा के हब चितरंजन पार्क की मेला ग्राउंड दुर्गा पूजा समिति के असिस्टेंट ट्रेजरर अधिक मित्रा ने कहा कि दुर्गा पूजा हमारे लिए वो पल है जब हम मां दुर्गा का उनके मायके में वापस आने पर स्वागत करते हैं।
    • पांच दिन वो हमारे घर में रहती हैं और हम उनकी देखभाल एक प्यारी बेटी की तरह करते हैं।
    • मां को भोग में खिचड़ी, लूची, पायेश,… चढ़ाया जाता है, जो सात्विक और शाकाहारी होता है।
    • बाकी परिवार के लिए माछ-भात और मटन पकता है, वह खास बंगाली अस्मिता है।

    खुद भी आएं, दूसरों को भी लाएं
    दिल्ली की अरामबाग दुर्गा पूजा समिति के प्रेजिडेंट अभिजीत बोस ने कहा कि यह पूर-नस्ल वेज़ और नॉन-वेज़ के नाम पर माहौल खराब करने का है। धीरेंद्र शास्त्री का बयान बिल्कुल गलत है। उन्हें बंगालियों की दुर्गा पूजा के बारे में पता ही नहीं है। वह हमारी पूजा की तुलना नॉर्थ की नवरात्र की पूजा से कर रहे हैं, जबकि हमारी पूजा का नेचर ही अलग है। बंगाल में पूजा में बलि दी जाती है। दिल्ली में यह नहीं होता तो यहां हम मां को फल, सब्ज़ी यह सब बलि के रूप में देते हैं। ऊपर से भोग में प्याज़-लहसुन तक नहीं होता। पंडाल के बाहर ग्राउंड में हम नॉन-वेज़ स्टॉल लगाते हैं क्योंकि बंगाली नॉन-वेज खाते हैं।

    मंडप के बाहर होती व्यवस्था
    मिलनी कल्चरल एंड वेलफेयर समिति की दुर्गा पूजा के प्रेजिडेंट मृणाल बिश्वास ने कहा कि हमारी पूजा मंडप के अंदर वेज़ तक खाने की इजाज़त नहीं होती। मंडप के बाहर वेज़, नॉन वेज़ दोनों खाने की व्यवस्था होती है। मैं खुद वेज़ हूं मगर दुर्गा पूजा में नॉन-वेज़ ना मिले, यह तो थोपने वाली बात है। बंगाल में तो काली पूजा में मछली का भोग लगता है क्योंकि बंगाल की ज्योग्राफी में नदी है, तो मछली उनका खाना है। नई दिल्ली काली बाड़ी के प्रेजिडेंट डॉ सुब्रतो गांगुली ने कहा कि नॉन-वेज़ की बहस में दिल्ली की कोई भी पूजा समिति नहीं फंसेगी। बयान ही नासमझी का है। नॉर्थ-इंडिया के ट्रेडिशन को पूरे भारत में कैसे लागू किया जा सकता है?

  • राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, 11 से 15 सितंबर तक बारिश का दौर; कई जिलों में अलर्ट

    राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, 11 से 15 सितंबर तक बारिश का दौर; कई जिलों में अलर्ट

    जयपुर
     मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर राजस्थान में अच्छी बारिश का दौर आने वाला है। एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से 11 से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है तो कहीं झमाझम बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून का अंतिम दौर प्रदेशवासियों लिए राहत देने वाला हो सकता है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश से जलभराव की समस्या भी बन सकती है।

    मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में राजस्थान के अधिकांश भागों में शुष्क पश्चिमी हवाएं प्रभावी है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से लगे उत्तरी आंध्रप्रदेश तथा दक्षिणी उड़ीसा तट के आसपास 11 सितंबर को नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में बारिश का एक नया दौर शुरू होगा

    साथ ही 12 से 15 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर संभाग के कुछ और भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। 13-14 सितंबर को कोटा संभाग व आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के जिलों में 13 से 15 सितंबर को छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

    जानें: 11-12 और 13 सितंबर को कहां कहां बारिश की चेतावनी
    11 सितंबर: मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार नया कम दबाव का क्षेत्र बनने 11 सितंबर को बारां, भरतपुर, धौलपुर और करौली में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी ​किया है।

    12 सितंबर: मौसम विभाग ने अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर और पाली जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

    13 सितंबर: अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, जालोर और पाली जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

  • बिहटा एयरपोर्ट को बड़ा झटका! रूस की कंपनी ने टर्मिनल का काम किया बंद

    बिहटा एयरपोर्ट को बड़ा झटका! रूस की कंपनी ने टर्मिनल का काम किया बंद

    पटना
     बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा एयरपोर्ट से नागरिक विमानों की उड़ान की महत्वाकांक्षी परियोजना अधर में लटक गई है। दरअसल, बिहटा में एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन के निर्माण कार्यों को पूरा करने का जिम्मा जिस कंपनी को दिया गया था, उसने पूरी तरह से काम बंद कर दिया है। लगभग 460 करोड़ की लागत से टर्मिनल भवन के निर्माण का जिम्मा पिछले वर्ष अप्रैल में रूस की कंपनी ज्वाइंट स्टॉक कंपनी इंडस्ट्रियल एसोशिएशन बोजरोजदिनी को मिला था। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार अब तक टर्मिनल भवन का मात्र दो प्रतिशत काम ही हो सका है। मई से कंपनी ने मजदूरों और मशीनों को हटाना शुरू कर दिया था।

    पिछले एक माह से टर्मिनल भवन का काम पूरी तरह से ठप है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिया के केंद्रीय कार्यालय को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। स्थानीय पदाधिकारी अब निर्माण परियोजना के संबंध में केंद्रीय निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बिहटा एयरपोर्ट के निर्माण का काम लेने वाले रूस की कंपनी ने तय लागत से 31 प्रतिशत कम की राशि पर निर्माण का जिम्मा दिया था। पूर्व से ही लेटलतीफ चल रही इस परियोजना को पूरा करने के लिए समयबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश एएआई ने दिया था। आरंभ से ही कंपनी ने निर्माण कार्यों को लेकर धीमी गति रही। एक साल बीतने के बाद संबंधित एजेंसी ने टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य पूरी तरह बंद कर दिया। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इस परियोजना को 14 मार्च 2027 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

    आईआईटी, एनआईटी सहित कई संस्थान हैं
    एयरपोर्ट के निर्माण की प्रतीक्षा स्थानीय लोगों के लिए दूसरे राज्यों के लोग भी कर रहे हैं। यहां आईआईटी, एनआईटी, एफडीडीआई, नाइलिट जैसे कई केंद्रीय शिक्षण संस्थान हैं जहां दूसरे राज्यों के छात्र पढ़ते हैं। पटना से बिहटा की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए दानापुर स्टेशन से बिहटा तक एलिवेटेड रास्ता भी तैयार किया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निर्माण बंद होने से परियोजना पूरा होने का इंतजार कर रहे लोगों को झटका लगा है। मामले में फिलहाल केंद्रीय मुख्यालय के निर्देशों की प्रतीक्षा है।

    1413 करोड़ से अधिक की है परियोजना
    परियोजना पर 1400 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जानी है। दो मंजिला टर्मिनल भवन को 50 लाख सालाना यात्रियों की क्षमता का बनाया जाना तय हुआ है। दस विमानों के लिए पार्किंग, एयरोब्रिज, आवासीय परिसर, प्रशासनिक भवन, मल्टीलेबल कार पार्किंग व अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जानी है। हालांकि परिसर में एप्रॉन का निर्माण कार्य जारी है। इसे 50 करोड़ से 15 महीने में पूरा करना था।

  • हरियाणा के गांवों में लड़कियों में बढ़ रहा सूखा नशा! खाप ने जताई चिंता, बोली- उजड़ जाएंगे घर

    हरियाणा के गांवों में लड़कियों में बढ़ रहा सूखा नशा! खाप ने जताई चिंता, बोली- उजड़ जाएंगे घर

    जींद.

    नशा रोकने की मांग को लेकर दो सितंबर को नौगामा खाप ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने के बाद बुधवार को माजरा खाप ने भी एसपी कुलदीप सिंह से मुलाकात की। खाप पदाधिकारियों ने नशे पर रोक लगाने के लिए पुलिस से सहयोग मांगा।

    इस दौरान 15 सितंबर को गांव अशरफगढ़ में नशा मुक्ति को लेकर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के लिए एसपी को निमंत्रण दिया गया। एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि यदि खाप इस मामले में आगे आती हैं तो पुलिस के लिए नशा रोकना बड़ा काम नहीं है।

    नशा बिकता दिखे तो तुंरत करें शिकायत
    उन्होंने कहा कि यदि किसी के आसपास कोई नशा बेचता है तो उसकी तुरंत पुलिस को शिकायत दें। पुलिस अपने स्तर पर नशा रोकने का काम कर रही है। इसमें पंचायतों का भी सहयोग मिल जाए तो नशे पर जल्द काबू पाया जा सकता है माजरा खाप के प्रधान गुरविंदर सिंह सिंधु ने कहा कि खाप के कई गांवों में नशा काफी बिक रहा है। नशे के कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं और युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुकी है। लड़कियां भी इससे अछूती नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि आज कोई गांव ऐसा नहीं है, जिसमें सूखा नशा न बिकता हो। समय रहते बच्चों को नहीं संभाला गया तो घर बर्बाद हो जाएंगे। प्रदेश में नशे के कारण काफी युवाओं की मौत हो चुकी है और नशे के कारण युवा वर्ग अपराध की तरफ बढ़ रहा है। पुलिस का हर तरह से खाप सहयोग करने को तैयार है।

    15 सितंबर को होगा कार्यक्रम
    सिंधु ने बताया कि युवाओं को जागरूक करने और गांवों को नशे से दूर रखने के लिए 15 सितंबर को अशरफगढ़ में कार्यक्रम होगा। इसमें एसपी कुलदीप सिंह को मुख्यातिथि बनाया गया है। एसपी से मिलने वालों में महेंद्र सिंह सहारण, जयसिंह सैनी, रामफल गोयत, नवाब सिंह, रघुबीर नंबरदार, अमन पिलानियां, जगदीश और सरपंच फूल सिंह शामिल रहे।

    कल हैबतपुर सचिवालय में होगी बैठक
    माजरा खाप के प्रवक्ता समुंद्र सिंह फोर ने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुकी है और लड़कियां भी इससे अछूती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 11 सितंबर को हैबतपुर गांव के सचिवालय में माजरा खाप की पंचायत होगी। इसमें 14 गांवों के मुख्य लोगों के साथ सभी गांवों के सरपंचों को भी बुलाया गया है। पंचायत में नशे के खिलाफ बड़ा फैसला लिया जाएगा।

  • बिहार में बदलेगा मौसम का मिजाज, पटना समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    बिहार में बदलेगा मौसम का मिजाज, पटना समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट

     पटना
    राजधानी पटना और इसके आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पटना केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक पटना सहित दक्षिण-मध्य बिहार के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है।

    मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पटना में बारिश दर्ज नहीं की गई है और मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। मौसम विभाग के अनुसार आज 10 सितंबर को गया, नवादा, रोहतास और सीवान में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    कल कैसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर को बिहार के उत्तर-पूर्वी भागों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है।

    हालांकि, हवा में नमी अधिक बनी हुई है, जहां सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 89 प्रतिशत तक दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो पटना का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

    आने वाले दो-तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने के आसार हैं, जिससे तापमान में बहुत बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग ने की अपील
    मौसम विभाग ने सतर्क करते हुए अलर्ट जारी किया है कि बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और मेघ गर्जन के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की आशंका है।

    खराब मौसम को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सतर्कता बरतने की सलाह दी है।