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  • डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा की बेअदबी पर आज जालंधर बंद, शहर में बढ़ा तनाव

    डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा की बेअदबी पर आज जालंधर बंद, शहर में बढ़ा तनाव

    जालंधर.

    मंगलवार को लुधियाना में डाक्टर बीआर अंबेडकर की प्रतिमा की बेअदबी के विरोध में जिले के वाल्मीकि संगठनों ने दस सितंबर वीरवार को जालंधर बंड का ऐलान किया है। संगठनों ने सुबह नौ से लेकर शाम पांच बजे तक शहर के सभी बाजारों, मार्केटें व माल्स सहित व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने का एलान किया हुआ है।

    हालांकि कुछ वाल्मीकि संगठनों ने बुधवार रात को बैठक कर 10 दिसंबर को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक बंद करने की घोषणा भी की है। इस दौरान रेलवे ट्रैक या फिर नेशनल हाईवे को बंद नहीं किया जाएगा। कई शिक्षण संस्थानों में इन दोनों परीक्षाएं चल रही है, ऐसे में शिक्षण संस्थान भी बंद नहीं करवाए जाएंगे।

    आज क्या रहेगा बंद
    वीरवार को शहर की मार्केट, दुकानें, माल्स, शोरूम, बेकरी, स्वीट शाप सहित तमाम तरह के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।

    किसे मिलेगी राहत
    वाल्मीाकि संगठनों के प्रतिनिधियों ने बंद के दौरान राहत की भी घोषणा की है। जिसके तहत वीरवार को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक बंद के दौरान अस्पताल, मेडिकल की दुकानें, एंबुलेंस का संचालन, विदेश की फ्लाइट वाले यात्रियों, मृत्यु पर जाने वालों तथा शिक्षण संस्थानों को राहत रहेगी।

  • ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट, 30 हजार जवान और 100 से ज्यादा NSG कमांडो तैनात

    ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट, 30 हजार जवान और 100 से ज्यादा NSG कमांडो तैनात

    नई दिल्ली
     भारत मंडपम् में होने वाले 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और हाई-प्रोफाइल डेलिगेशंस पहुंच रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सिर्फ वीवीआईपी रूट और होटलों तक ही मुस्तैद नहीं रहेंगी, बल्कि कई टीमें इस दौरान हवाई गश्त पर भी रहेंगी। सिक्योरिटी असेसमेंट ने इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन में ड्रोन, पैराग्लाइडर और दूसरे रिमोट कंट्रोल्ड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स से जुड़े खतरे को भी प्रमुखता से शामिल किया है।

    • मौजूदा वैश्विक तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा का फोकस सबसे ज्यादा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को लेकर है।
    • वीवीआईपी नेताओं के काफिले में शामिल सभी गाड़ियों में जीपीएस डिवाइस लगाए गए हैं, जिससे कंट्रोल रूम से उनकी रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सके।
    • मुख्य कार्यक्रम स्थल और होटलों में एंट्री के लिए हाईटेक फेशियल रिकग्निशन और बायोमीट्रिक सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
    • एंटी-ग्राफिटी गश्त, पिकेट चेकिंग और स्टैटिक तैनाती से पूरे इलाके को कवर किया गया है।

    30 हजार जवानों के घेरे में दिल्ली, 100 से ज्यादा NSG कमांडो तैनात
    सेंट्रल एजेंसियों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरी दिल्ली में करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मियों और 100 से ज्यादा NSG कमांडो की तैनाती की गई है। इसके अलावा प्रोग्राम स्थल और होटलों की सुरक्षा में 7 हजार जवानों को लगाया गया है। 11 प्रमुख होटलों से भारत मंडपम् तक वीवीआईपी काफिलों के लिए अलग-अलग रूट तैयार किए गए हैं। अलग-अलग मेहमानों के लिए एंट्री गेट और ड्रॉप पॉइंट भी अलग रखे गए हैं, ताकि दो देशों के काफिले एक साथ सामने न आएं।

  • जयपुर नगर निगम चुनाव में बड़ा दांव, 150 वार्डों में नेताओं की साख भी दांव पर

    जयपुर नगर निगम चुनाव में बड़ा दांव, 150 वार्डों में नेताओं की साख भी दांव पर

    जयपुर
     जयपुर के 150 वार्डों में फिलहाल मुकाबला पार्षद बनने का है, लेकिन दांव इससे कहीं बड़ा है। दस विधानसभा क्षेत्रों में फैली इस सियासी बिसात पर कहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की साख का सवाल है, कहीं उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की पकड़ की परीक्षा और कहीं कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की सियासी ताकत का इम्तिहान।

    हर वार्ड में समीकरण अलग हैं। कहीं 'कमल' और 'हाथ' आमने-सामने हैं तो कहीं अपनों की नाराजगी ने मुकाबले में नया कोण जोड़ दिया है। इसलिए नगर निगम का यह चुनाव सिर्फ पार्षदों की संख्या का हिसाब नहीं, राजधानी में सियासी असर की पैमाइश भी है। इस सबसे ऊपर बिना पार्षद बने किसी बाहरी को भी महापौर बनाने की 'रस्म-ए-रियायत' भी तमाम सियासी जोड़-बाकी के गणित को बिगाड़ने के लिए काफी है।

    भाजपा ने प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री को जयपुर में उतारकर अपनी प्राथमिकता साफ कर दी। इससे पहले संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष की बैठक भी पार्टी की गंभीरता का संकेत दे चुकी है। अब अपनों को साधना और वोटों को एकजुट रखना बड़ी चुनौती है।

    मालवीय नगर और झोटवाड़ा में टिकट को लेकर उपजी नाराजगी ने कई वार्डों में मुकाबले के कोण बढ़ा दिए हैं। सांगानेर में सीएम की साख के साथ निर्दलीयों ने समीकरणों में तड़का लगाया है, जबकि विद्याधर नगर में कहीं दो, कहीं तीन तो कहीं चार कोण तक मुकाबले हैं। कांग्रेस भी पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं।

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी बुधवार को अलवर में मतदान कर राजधानी पहुंचे और उन्होंने यहां कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए जनसंपर्क किया। कांग्रेस के विधायक और विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी अपने-अपने इलाकों में सक्रिय हैं। उसके लिए यह चुनाव सत्ता की लड़ाई से ज्यादा राजधानी में अपनी राजनीतिक जमीन नापने का मौका है।

    आदर्श नगर में पार्टी के भीतर की खींचतान, सिविल लाइंस में नए चेहरों की आजमाइश और हवामहल में पुराने चेहरों व व्यक्तिगत पकड़ का असर दिख रहा है। यहां भी बागी और निर्दलीय अधिकृत प्रत्याशियों के सामने नई चुनौती बनकर खड़े हैं। इसी बीच, एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी की गुलाबीनगर परिक्रमा ने भी छोटे चुनाव पर बड़ा सियासी तड़का लगा दिया है।

    दस विधानसभा क्षेत्रों का अपना अलग मिजाज है। कहीं संगठन की पकड़ भारी है, कहीं व्यक्तिगत रिश्ते और राजनीतिक विरासत, तो कहीं बागी उम्मीदवार पूरे गणित को नए सिरे से लिखने की कोशिश में हैं। बगरू में व्यक्तिगत पकड़ और पार्टी की साख आमने-सामने है, किशनपोल में पुराने शहर के स्थानीय और सामाजिक समीकरण अपना रंग दिखा रहे हैं, जबकि आमेर में सीधे मुकाबलों के बीच निर्दलीय तीसरा कोण बना रहे हैं।

    लेकिन वार्ड की चौखट पर बड़े नेताओं के नाम से ज्यादा सड़क, सीवर, सफाई, जलभराव, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक और अतिक्रमण जैसे सवाल असर डालेंगे। पिछली बार 250 वार्डों वाला जयपुर ग्रेटर और हैरिटेज के दो निगमों में बंटा था। अब शहर फिर एक निगम और 150 वार्डों में लौट आया है। नक्शा बदला है, मगर सियासत की गलियां वही हैं।

  • नशे के खिलाफ खापों ने खोला मोर्चा, एसपी बोले- सहयोग मिले तो रोकना मुश्किल नहीं

    नशे के खिलाफ खापों ने खोला मोर्चा, एसपी बोले- सहयोग मिले तो रोकना मुश्किल नहीं

     जींद
    नशा रोकने की मांग को लेकर दो सितंबर को नौगामा खाप ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने के बाद बुधवार को माजरा खाप ने भी एसपी कुलदीप सिंह से मुलाकात की।

    खाप पदाधिकारियों ने नशे पर रोक लगाने के लिए पुलिस से सहयोग मांगा। इस दौरान 15 सितंबर को गांव अशरफगढ़ में नशा मुक्ति को लेकर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के लिए एसपी को निमंत्रण दिया गया। एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि यदि खाप इस मामले में आगे आती हैं तो पुलिस के लिए नशा रोकना बड़ा काम नहीं है।

    नशा बिकता दिखे तो तुंरत करें शिकायत
    उन्होंने कहा कि यदि किसी के आसपास कोई नशा बेचता है तो उसकी तुरंत पुलिस को शिकायत दें। पुलिस अपने स्तर पर नशा रोकने का काम कर रही है। इसमें पंचायतों का भी सहयोग मिल जाए तो नशे पर जल्द काबू पाया जा सकता है माजरा खाप के प्रधान गुरविंदर सिंह सिंधु ने कहा कि खाप के कई गांवों में नशा काफी बिक रहा है।

    नशे के कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं और युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुकी है। लड़कियां भी इससे अछूती नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि आज कोई गांव ऐसा नहीं है, जिसमें सूखा नशा न बिकता हो।

    समय रहते बच्चों को नहीं संभाला गया तो घर बर्बाद हो जाएंगे। प्रदेश में नशे के कारण काफी युवाओं की मौत हो चुकी है और नशे के कारण युवा वर्ग अपराध की तरफ बढ़ रहा है। पुलिस का हर तरह से खाप सहयोग करने को तैयार है।

    15 सितंबर को होगा कार्यक्रम
    सिंधु ने बताया कि युवाओं को जागरूक करने और गांवों को नशे से दूर रखने के लिए 15 सितंबर को अशरफगढ़ में कार्यक्रम होगा। इसमें एसपी कुलदीप सिंह को मुख्यातिथि बनाया गया है। एसपी से मिलने वालों में महेंद्र सिंह सहारण, जयसिंह सैनी, रामफल गोयत, नवाब सिंह, रघुबीर नंबरदार, अमन पिलानियां, जगदीश और सरपंच फूल सिंह शामिल रहे।

    कल हैबतपुर सचिवालय में होगी बैठक
    माजरा खाप के प्रवक्ता समुंद्र सिंह फोर ने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुकी है और लड़कियां भी इससे अछूती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 11 सितंबर को हैबतपुर गांव के सचिवालय में माजरा खाप की पंचायत होगी। इसमें 14 गांवों के मुख्य लोगों के साथ सभी गांवों के सरपंचों को भी बुलाया गया है। पंचायत में नशे के खिलाफ बड़ा फैसला लिया जाएगा।

     

  • समग्र शिक्षा अभियान: 25 लाख से अधिक की राशि निकासी के लिए डीसी की मंजूरी अनिवार्य

    समग्र शिक्षा अभियान: 25 लाख से अधिक की राशि निकासी के लिए डीसी की मंजूरी अनिवार्य

     रांची
     समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिलों में राशि की निकासी को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत अब 25 लाख रुपये से अधिक की राशि की निकासी उपायुक्त की स्वीकृति के बाद ही की जा सकेगी। वहीं, 25 लाख रुपये से कम की राशि की निकासी जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक के स्तर से की जा सकेगी

    समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में राशि की निकासी को लेकर जारी नए दिशा-निर्देश में वित्तीय प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। 25 लाख रुपये से अधिक की निकासी के लिए उपायुक्त की स्वीकृति अनिवार्य किए जाने से बड़ी राशि की निकासी उच्च स्तर की मंजूरी के बाद ही हो सकेगी।

    वहीं, इससे कम राशि की निकासी के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। दिशा-निर्देश में प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नामित करने का प्रावधान भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

    इस दिशा-निर्देश का उद्देश्य केंद्र समग्र शिक्षा अभियान के कार्यक्रमों में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। राशि की निकासी के लिए निर्धारित इस व्यवस्था से अभियान के तहत होने वाली वित्तीय प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया है।

  • शराबबंदी पर सीएम सम्राट चौधरी का दो टूक: राजस्व नुकसान के बावजूद नहीं होगा समझौता

    शराबबंदी पर सीएम सम्राट चौधरी का दो टूक: राजस्व नुकसान के बावजूद नहीं होगा समझौता

    पटना
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी आगे भी लागू रहेगी। इससे कोई समझौता नहीं होगा। भले ही इससे बिहार को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन यह ऐतिहासिक फैसला बिहार की आधी आबादी के सम्मान से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में राज्य में शराबबंदी, बाढ़, रोजगार, पलायन से लेकर कई राजनीतिक मु्द्दों पर बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के आग्रह पर राज्य में शराबबंदी लागू की थी। इसका सकारात्मक असर हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में नेपाल से आने वाली कोसी और गंडक आदि के जरिए बाढ़ आती है। हाईलेवल डैम बनाने को लेकर डीपीआर की सहमति बनी है। अभी जो बाढ़ की स्थिति बनी है, उसके लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। नदियों के भीतरी इलाकों में रहने वाले 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया। सामुदायिक रसोई चलाकर उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2030 के पहले बिहार से पलायन रुक जाएगा। 2030 तक पढ़ाई से लेकर नौकरी तक की बेहतर व्यवस्था हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ 30 सालों से काम कर रहा हूं। वह मेरे पितातुल्य हैं। एक सवाल पर उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का नेता कौन होगा, यह पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करता है। यह पार्टी का आंतरिक मामला है।

    फरक्का बराज से बिहार को नुकसान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि फरक्का बराज से बिहार को नुकसान है। इससे गंगा नदी में गाद जमा हो गयी है। इस कारण बक्सर के पास गंगा की चौड़ाई चार किमी, पटना में 11 किमी, बेगूसराय में 17 किमी और भागलपुर में 26 किमी हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि फरक्का जल संधि पर बिहार की ओर से यह आग्रह है कि हमें पीने, खेती करने और उद्योग के लिए किसी भी समय पानी लेने का अधिकार हो। इसके लिए हमने केंद्र सरकार से बात की है।

  • Whales: Giants of the Ocean

    Whales: Giants of the Ocean

    Whales are among the largest and most remarkable animals on Earth. These marine mammals live in oceans around the world, from warm tropical waters to the cold seas surrounding the poles.

    Life Beneath the Surface

    Although whales spend their lives in water, they breathe air through blowholes located on top of their heads. They must regularly return to the surface to breathe before diving again in search of food or traveling through the ocean.

    Whales are warm-blooded, give birth to live young, and nurse their calves with milk. A thick layer of fat called blubber helps protect them from cold water and stores energy during long migrations.

    Two Main Groups

    Whales are generally divided into baleen whales and toothed whales. Baleen whales filter small animals from the water using flexible plates inside their mouths. This group includes blue whales, humpback whales, and gray whales.

    Toothed whales use teeth to catch fish, squid, and other prey. Many of them also use echolocation, producing sounds and listening for returning echoes to understand their surroundings. Sperm whales, belugas, and orcas belong to this group.

    The Blue Whale

    The blue whale is the largest known animal to have ever lived. An adult can grow longer than a city bus and weigh well over one hundred tonnes. Despite its enormous size, it feeds mainly on tiny crustaceans called krill.

    Communication and Migration

    Whales communicate using clicks, whistles, pulses, and complex songs. Some sounds can travel across great distances underwater. Humpback whales are especially famous for their long, patterned songs.

    Many species migrate thousands of kilometres each year. They often feed in cold, nutrient-rich waters before traveling to warmer regions where they mate and give birth.

    Protecting Whales

    Commercial hunting once caused severe declines in many whale populations. Today, whales also face threats from fishing gear, ship collisions, underwater noise, pollution, and changes to ocean ecosystems.

    Conservation programs, safer fishing practices, protected habitats, and international cooperation can help whale populations recover. Protecting whales also supports healthier oceans because these animals play an important role in marine food webs and nutrient cycles.

  • Whales: Giants of the Ocean

    Whales: Giants of the Ocean

    Whales are among the largest and most remarkable animals on Earth. These marine mammals live in oceans around the world, from warm tropical waters to the cold seas surrounding the poles.

    Life Beneath the Surface

    Although whales spend their lives in water, they breathe air through blowholes located on top of their heads. They must regularly return to the surface to breathe before diving again in search of food or traveling through the ocean.

    Whales are warm-blooded, give birth to live young, and nurse their calves with milk. A thick layer of fat called blubber helps protect them from cold water and stores energy during long migrations.

    Two Main Groups

    Whales are generally divided into baleen whales and toothed whales. Baleen whales filter small animals from the water using flexible plates inside their mouths. This group includes blue whales, humpback whales, and gray whales.

    Toothed whales use teeth to catch fish, squid, and other prey. Many of them also use echolocation, producing sounds and listening for returning echoes to understand their surroundings. Sperm whales, belugas, and orcas belong to this group.

    The Blue Whale

    The blue whale is the largest known animal to have ever lived. An adult can grow longer than a city bus and weigh well over one hundred tonnes. Despite its enormous size, it feeds mainly on tiny crustaceans called krill.

    Communication and Migration

    Whales communicate using clicks, whistles, pulses, and complex songs. Some sounds can travel across great distances underwater. Humpback whales are especially famous for their long, patterned songs.

    Many species migrate thousands of kilometres each year. They often feed in cold, nutrient-rich waters before traveling to warmer regions where they mate and give birth.

    Protecting Whales

    Commercial hunting once caused severe declines in many whale populations. Today, whales also face threats from fishing gear, ship collisions, underwater noise, pollution, and changes to ocean ecosystems.

    Conservation programs, safer fishing practices, protected habitats, and international cooperation can help whale populations recover. Protecting whales also supports healthier oceans because these animals play an important role in marine food webs and nutrient cycles.

  • पंजाब में बदले बिल्डिंग बनाने के नियम, घर-दुकान समेत इन चीजों पर लागू होंगे नए रूल्स

    पंजाब में बदले बिल्डिंग बनाने के नियम, घर-दुकान समेत इन चीजों पर लागू होंगे नए रूल्स

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में सरकार ने बिल्डिंग बनाने के नियम बदल दिए हैं। इनमें घर-दुकान भी शामिल हैं। जिनमें फायर एग्जिट से लेकर पार्किंग और छत तक बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा हाईटेंशन तारों के नीचे या दूरी को लेकर भी अब नए नियम निर्धारित किए गए हैं।

    सोसाइटीज में पार्किंग के लिए भी अब तय नियम फॉलो करने होंगे। इसके लिए सरकार ने पंजाब शहरी नियोजन और बिल्डिंग (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं।

    1. 21 मीटर से ऊंची बिल्डिंग में सभी सीढ़ियां फायर एग्जिट यदि इमारत की ऊंचाई 21 मीटर (लगभग 6-7 मंजिल) से अधिक है, तो उसमें चढ़ने-उतरने के लिए बनी सभी सीढ़ियों को अनिवार्य रूप से 'फायर एग्जिट' यानी आपातकालीन निकास की तरह बनाया जाएगा। आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में लोग बिना किसी रुकावट के सुरक्षित और तेजी से बाहर निकल सकें, इसके लिए यह व्यवस्था जरूरी होगी।

    2. बिजली की ओवरहेड लाइन के नीचे निर्माण नहीं बिजली की ओवरहेड लाइन के आसपास इमारत बनाते समय निर्धारित दूरी रखना जरूरी होगा।

    3. दुकान, बूथ और SCO की ऊंचाई 5 मीटर तक बूथ, सामान्य दुकानों और SCO में फर्श से छत तक की ऊंचाई अधिकतम 5 मीटर रखी जा सकेगी।

    4. मेजेनाइन में सिर्फ सामान रख सकेंगे बूथ में मुख्य मंजिल और छत के बीच बनाई जाने वाली मेजेनाइन यानी अतिरिक्त छोटी मंजिल का इस्तेमाल सिर्फ सामान रखने के लिए किया जा सकेगा। यहां दुकान का कारोबार या ग्राहकों के बैठने की व्यवस्था नहीं की जा सकेगी। मेजेनाइन का क्षेत्रफल बूथ के कुल एरिया के दो-तिहाई (2/3) से अधिक नहीं होगा। इसमें कॉरिडोर का क्षेत्रफल शामिल नहीं होगा। खास बात यह है कि मेजेनाइन का यह क्षेत्र FAR में शामिल नहीं किया जाएगा।

    5. छत पर सोलर पैनल के लिए राहत अब छत पर सोलर पैनल लगाते समय पैनल के नीचे 2.4 मीटर (लगभग 8 फीट) तक की खाली जगह रखी जा सकेगी। सोलर पैनल और उन्हें लगाने के लिए बनाए गए ढांचे को इमारत की कुल ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। FAR में भी नहीं गिना जाएगा। यानी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए इस अतिरिक्त ढांचे को FAR की गणना में नहीं जोड़ा जाएगा।

    6. छत पर 6 वर्गमीटर तक टॉयलेट अब छत पर अधिकतम 6 वर्ग मीटर (लगभग 64.5 वर्ग फीट) जगह में टॉयलेट बनाया जा सकेगा। इसकी अधिकतम ऊंचाई 2.75 मीटर (लगभग 9 फीट) होगी। टॉयलेट को भी इमारत की कुल ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। FAR में शामिल नहीं किया जाएगा।

    7. लिफ्ट सीधे छत तक जा सकेगी अब आवासीय और कमर्शियल समेत सभी तरह की इमारतों में लिफ्ट को सीधे छत तक ले जाने की अनुमति होगी। लिफ्ट का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) 2016 और संबंधित लिफ्ट कानून के अनुसार करना होगा। लिफ्ट की जांच और सर्टिफिकेशन पंजाब के चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से क्षमता प्रमाण पत्र प्राप्त व्यक्ति ही कर सकेगा। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और सामान लेकर छत तक जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी।

    8. कार पार्किंग को लेकर भी नए नियम कार पार्किंग के लिए भी लिफ्ट, क्लब हाउस और स्टिल्ट को लेकर भी नियम तय कर दिए गए हैं।

    9. जिम और इंडोर गेम्स में FAR की राहत पोडियम पर बने कॉमन जिम या इंडोर गेम्स एरिया का सिर्फ आधा हिस्सा (50%) FAR में गिना जाएगा। इससे ऐसे कॉमन एरिया के निर्माण में FAR के लिहाज से राहत मिलेगी।

  • राहुल गांधी के बयान पर केजरीवाल का पलटवार, बोले- ‘नशे पर युद्ध जारी, लाशों पर राजनीति बंद करें’

    राहुल गांधी के बयान पर केजरीवाल का पलटवार, बोले- ‘नशे पर युद्ध जारी, लाशों पर राजनीति बंद करें’

    चंडीगढ़.

    पंजाब में नशे के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। राहुल गांधी के आरोपों और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट के बाद केजरीवाल ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर पंजाब में नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

    केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पहली बार देश में कोई राज्य नशे के खिलाफ इस तरह अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा की सरकारों के दौरान पंजाब में नशे की समस्या फैली और अब उनकी सरकार इसे खत्म करने का प्रयास कर रही है।

    केजरीवाल ने कहा- 
    पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी। पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये नशे को साफ़ करने की कोशिश कर रही है। मुझे बेहद दुख है कि आप जैसा नेता लाशों के ऊपर गंदी राजनीति कर रहा है।

    निर्णायक युद्ध लड़ रही सरकार –
    राहुल जी, पंजाब सरकार नशे के विरुध्द निर्णायक युद्ध लड़ रही है।
    पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी।
    पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये…

    – Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)

    गुलजार सिंह की मौत राजनीति न करें
    गुलजार सिंह की मौत को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर केजरीवाल ने कहा कि उन्हें बेहद दुख है कि राहुल गांधी जैसे नेता एक व्यक्ति की मौत पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस व्यक्ति की मौत पर राजनीति करने के लिए कल आपके विधायक भी जब उस गांव में गये तो गांव वालों ने उन्हें निकाल दिया। केजरीवाल ने अपने पेज पर एक वीडियो भी शेयर किया। उन्होंने राहुल गांधी से निवेदन किया कि वे भी एक चक्कर इस गांव का लगाकर आएं। पंजाब सरकार के किसी मंत्री, किसी विधायक का इस व्यक्ति की मौत से कोई लेना देना नहीं और वे इस तरह की गंदी राजनीति मत कीजिए।

    गुलजार सिंह मौत पर सियासत तेज –
    इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में सरकारी नाकामी पर सवाल उठाने वालों को धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि दलित समुदाय से आने वाले गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री से नशे के कारोबार पर सवाल किया था, जिसके बाद उन पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया और प्रताड़ित किया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह ने जहर खा लिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री का इस्तीफा लेने और मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। अब केजरीवाल के जवाब के बाद इस मुद्दे पर पंजाब की राजनीति और गरमा गई है।