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  • 12 साल की बच्ची से दरिंदगी मामले में फांसी रद, हाई कोर्ट ने दिया दोबारा ट्रायल का आदेश

    12 साल की बच्ची से दरिंदगी मामले में फांसी रद, हाई कोर्ट ने दिया दोबारा ट्रायल का आदेश

    चंडीगढ़
     हाई कोर्ट ने पानीपत के उरलाना कलां में 12 वर्षीय बच्ची के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के जघन्य मामले में दो दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा रद कर दी। इसके साथ ही केस नए सिरे से ट्रायल के लिए सत्र अदालत भेज दिया है।

    जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस रमेश चंदर डिमरी की खंडपीठ ने कहा कि ट्रायल के दौरान ऐसी गंभीर प्रक्रियागत कमियां रह गईं, जिनके कारण दोषसिद्धि को बरकरार रखना संभव नहीं है। अदालत ने साफ किया कि यह आदेश आरोपितों को दोषमुक्त करने के लिए नहीं, बल्कि निष्पक्ष और कानून सम्मत सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए दिया जा रहा है।

    12 साल की बच्ची के साथ की थी दरिंदगी
    आरोप है कि 13 जनवरी 2018 की शाम करीब छह बजे कूड़ा फेंकने निकली 12 वर्षीय लड़की को प्रदीप और सागर उर्फ कल्लू अगवा कर ले गए। प्रदीप के घर में उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में गला दबाकर हत्या कर दी। 18 फरवरी 2022 को ट्रायल कोर्ट ने प्रदीप और सागर उर्फ कल्लू को हत्या, सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।

    इसके बाद फांसी की पुष्टि के लिए मर्डर रेफरेंस और दोषियों की अपील हाई कोर्ट में लंबित थी। हाई कोर्ट ने पाया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने स्पष्ट लिखा था कि यौन उत्पीड़न के संबंध में अंतिम राय एफएसएल और रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद दी जाएगी।

    'पर्यवक्षण अधिकारियों की घोर लापरवाही'
    बाद में एफएसएल रिपोर्ट में पीड़िता के वैजाइनल स्वैब और स्लाइड पर मानव वीर्य मिलने की पुष्टि हुई, लेकिन यह रिपोर्ट डॉक्टरों को भेजकर उनकी अंतिम चिकित्सकीय राय कभी प्राप्त ही नहीं की गई। अदालत ने इसे जांच अधिकारी, थाना प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारियों की "घोर लापरवाही" करार देते हुए कहा कि हम डॉक्टरों को इस लापरवाही के लिए दोषी नहीं ठहरा सकते।

    यह जिम्मेदारी पूरी तरह जांच अधिकारी, एसएचओ और पर्यवेक्षण अधिकारियों की थी। इतने जघन्य अपराध में यह अदालत मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती और न ही इस चूक को नजरअंदाज कर सकती है। यदि केवल प्रक्रियागत त्रुटियों के आधार पर आरोपितों को बरी कर दिया जाए तो पीड़िता और उसके परिवार के साथ गंभीर अन्याय होगा।

    ऐसे में सबसे उचित रास्ता यही है कि मामले को उसी चरण से ट्रायल कोर्ट भेजा जाए जहां से चूक हुई थी। अदालत ने निर्देश दिया कि संबंधित डॉक्टरों को अदालत के गवाह के रूप में बुलाकर एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर अंतिम चिकित्सकीय राय दर्ज की जाए।

    इसके बाद दोनों आरोपितों से सभी आपत्तिजनक परिस्थितियों पर अलग-अलग प्रश्न पूछे जाएं, उन्हें बचाव साक्ष्य पेश करने का पूरा अवसर दिया जाए और फिर पूर्व निर्णय या हाई कोर्ट की किसी टिप्पणी से प्रभावित हुए बिना कानून के अनुसार नया फैसला सुनाया जाए।

     

  • धनबाद में भू-धंसान का कहर, देखते ही देखते 5 घर जमीन में समाए

    धनबाद में भू-धंसान का कहर, देखते ही देखते 5 घर जमीन में समाए

    धनबाद
     बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र के न्यू आकाशकिनारी कोलियरी के परियोजना समीप तथा राजहंस रिफैक्ट्री के पीछे सेलेक्टेड गोविंदपुर में मंगलवार की देर शाम जोरदार आवाज के साथ भू-धंसान की घटना हुई। जहां देखते ही देखते पांच घर सामान सहित जमीन में समा गए। हालांकि घटना में कोई हताहत नहीं हुई है।

    भू-धंसान के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय सभी लोग अपने अपने बच्चों और स्वजन के साथ बाहर बजरंगबली मंदिर के समीप बैठे हुए थे। अचानक आवाज सुनकर वहां से भाग निकले और बगल के कालोनी में पहुंच कर चिल्लाने लगे। जिसकी आवाज पर आस पास के लोगों की भीड़ जुट गई। जिनके घर भू-धंसान के चपेट में आएं हैं उनमें लक्ष्मण बाउरी,राजू भुइयां, ईश्वर दास,संजय दास, होरो दास शामिल है।

    प्रभावितों के घरों में रखे पंखा, मोटरसाइकिल, गोदरेज,खाद्य सामग्री सहित अन्य समान मलबे में दब गया। प्रत्यक्षदर्शी भुक्तभोगी ईश्वर दास ने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे सभी लोग अपने-अपने घरों के बाहर में थे। दो दिनों से बिजली यहां नहीं है। उमस भरी गर्मी के कारण घरों में रहना मुश्किल था। तभी अचानक तेज धमाके जैसी आवाज हुई और जमीन में कंपन महसूस हुआ।

    लोग जान बचाकर इधर उधर भागने लगे, लेकिन उनकी आंखों के सामने ही घर जमीन में धंस गए। मेरे घर में बाइक, टेलीविजन, पलंग सहित अन्य घरेलू सामान भी मलबे में दब गया, जिससे लाखों रुपये की क्षति हुई है। लक्ष्मण बाउरी ने बताया कि दैनिक मजदूरी करके लौटा था। हाथ पैर धोकर परिवार से खाना मांगा तभी अचानक जोरदार आवाज होने लगी।

    जमीन हिलने लगी। हमलोग बिना कुछ समझे मंदिर की ओर दौड़ पड़े। इधर सूचना मिलते ही कतरास थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर घटनास्थल पर जुटी भीड़ को हटाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले बीसीसीएल की भूमिगत खदानें संचालित होती थीं। जबकि कुछ लोग अवैध खनन की भी बात कह रहे थे।

    वहीं कुछ लोग लगातार बारिश के कारण खदानों में पानी भरने से जमीन धंसने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। वार्ड संख्या एक के पार्षद डा मधुमाला मौके पर पहुंची और लोगों को घटनास्थल से हटने की आग्रह की। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी प्रशासन, प्रबंधन के साथ नगर निगम के अधिकारी को भी दे रहे हैं। सभी प्रभावित परिवार को शीघ्र सुरक्षित स्थान में ठहराने की व्यवस्था की जाएगी।

  • कोटा एयरपोर्ट और मंडाना क्षेत्र में बढ़ी जमीनों की कीमतें, डीएलसी दरों में इजाफा

    कोटा एयरपोर्ट और मंडाना क्षेत्र में बढ़ी जमीनों की कीमतें, डीएलसी दरों में इजाफा

    कोटा
    कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और मंडाना क्षेत्र में अब जमीनें और महंगी हो जाएगी। इस क्षेत्र की जमीनों की डीएलसी दरों में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। यह दोनों ही क्षेत्र त्वरित विकास की श्रेणी में है। यहां केडीए और रीको के मेगा प्रोजेक्ट आ रहे हैं। इससे यहां जमीनों के सौदे ज्यादा हो रहे हैं। प्रॉपर्टी में निवेशकों की नजर भी शंभूपुरा क्षेत्र और मंडाना क्षेत्र में ही है।

    शहर में जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) दरों को लेकर जनप्रतिनिधियों की बैठक के बाद इसमें त्रुटि सुधार किए गए हैं। इसके तहत शहर में डीएलसी दर के निर्धारण से छूटी 158 कॉलोनियों की डीएलसी दर उसकी निकट के कॉलोनियों के आधार पर तय कर दी गई है। इसके अलावा मंडाना क्षेत्र में सड़क से 500 मीटर के दायरे में स्थित जमीनों की कीमतों में 3 फीसदी का इजाफा किया गया है।

    कोटा में जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) दरों को लेकर 14 जुलाई को जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में 1 अप्रेल 2026 से लागू की गई नई डीएलसी दरों की समीक्षा की गई। 1 अप्रेल को पूरे कोटा शहर में डीएलसी दरों में 10 फीसदी का इजाफा किया गया था, लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बाजार में अलग-अलग क्षेत्रों की कीमतों में काफी अंतर आ रहा था। ऐसे में शहर में विभिन्न क्षेत्रों में कॉलोनियों, कृषि भूमि व व्यावसायिक भूमि का सर्वे किया गया। इस आधार पर पाया गया कि शहर में 158 कॉलोनियों में डीएलसी की दरें निर्धारित नहीं है। ऐसे में इन कॉलोनियों के लोग आसपास सस्ते क्षेत्र के निकट स्वयं को बताते हुए आवेदन कर रहे थे। ऐसे में इन कॉलोनियों की डीएलसी दरों को लेकर असमंजस बना हुआ था।

    निकट की कॉलोनी जैसी डीएलसी दर
    राजस्व विभाग की ओर से इन छूटी कॉलोनियों की डीएलसी दर निकट की कॉलोनी के अनुसार ही तय कर दी है। इस सर्वे के बाद कोटा में अब कोई भी कॉलोनी ऐसी नहीं बची है, जिसकी डीएलसी दर निर्धारित न हो। ऐसे में कम्प्यूटर पर क्लिक करने पर रजिस्ट्रार कार्यालय में उस कॉलोनी की डीएलसी नजर आ जाएगी और किसी कॉलोनी के लिए उसकी निकट की लोकेशन की डीएलसी नहीं देखना होगा। ऐसे में डीएलसी को लेकर सारा असमंजस समाप्त हो जाएगा। कोटा के मंडाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण समेत अन्य सड़कों के 500 मीटर के दायरे में आने वाले भूमि की डीएलसी दर 3 फीसदी का इजाफा किया गया है, जबकि शेष क्षेत्र में डीएलसी दर 1 अप्रेल 2026 को लागू दर से ही मानी जाएगी। इसके अलावा शंभुपुरा समेत आसपास के गांवों में भी डीएलसी रेट में 5 से 10 फीसदी तक इजाफा किया गया है।

    मंडाना क्षेत्र में सड़क किनारे 500 मीटर के दायरे में डीएलसी दर में 3 फीसदी का इजाफा किया गया है। शेष सभी स्थानों पर 1 अप्रेल 2026 की निर्धारित डीएलसी दरें ही लागू होगी।
    लेखराज स्वामी, नायब तहसीलदार, मंडाना

  • बिना इंश्योरेंस गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल, सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती के दिए संकेत

    बिना इंश्योरेंस गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल, सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती के दिए संकेत

     नई दिल्ली
     अगर आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस नहीं है, तो हो सकता है कि आने वाले समय में आपको पेट्रोल पंप से पेट्रोल न मिल पाए। सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों पर बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ियों की समस्या से निपटने के लिए यह सुझाव दिया। साथ ही, शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि हाईवे और सड़कों पर लगे कैमरों का इस्तेमाल ऐसी गाड़ियों की पहचान करने और उनके मालिकों को चालान भेजने के लिए किया जाए। भारतीय सड़कों पर चल रही लगभग 56 फीसदी गाड़ियों का इंश्योरेंस नहीं है। इस पर अदालत ने हैरानी जताते हुए दो टूक कहा कि ऐसी गाड़ियों का चालान काटना चाहिए।

    गाड़ियों के इंश्योरेंस पर सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी
    जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 146 के तहत अनिवार्य इंश्योरेंस का मकसद ही खत्म हो जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजा पाने के लिए लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है। अगर आंकड़ों की बात करें, तो कुल 30.4 करोड़ रजिस्टर्ड गाड़ियों में से 16.5 करोड़ गाड़ियों का इंश्योरेंस नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सड़क दुर्घटनाओं में 22 फीसदी गाड़ियां बिना इंश्योरेंस वाली होती हैं।

    नियम तोड़ने पर इतनी सजा का प्रावधान
    मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, जो लोग बिना वैध मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के गाड़ी चलाते हैं या बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ी चलाने देते हैं, उन्हें कानून तोड़ने के लिए सजा हो सकती है, जिसमें जेल की सजा का भी प्रावधान शामिल है। पहली बार अपराध करने पर तीन महीने तक की जेल या 2,000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यही नहीं दोबारा अपराध करने पर तीन महीने तक की जेल या 4,000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

    इंश्योरेंस नहीं तो फ्यूल नहीं के प्रावधान की तैयारी
    बेंच ने कहा कि इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI), सड़क परिवहन मंत्रालय के साथ मिलकर एक पायलट प्रोजेक्ट पर विचार करेगी और उसे तैयार करेगी। इस प्रोजेक्ट के तहत, गाड़ियों में ईंधन भरने की सुविधा को उनके वैध इंश्योरेंस स्टेटस से जोड़ा जाएगा। अगर गाड़ी का इंश्योरेंस वैध नहीं है, तो पेट्रोल पंप पर उसे फ्यूल नहीं दिया जाएगा, जब तक कि वैध इंश्योरेंस न हो जाए। इसके दो फायदे होंगे- पहला, इससे बिना इंश्योरेंस या बिना रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। दूसरा, इससे इन गाड़ियों के मालिकों को अपना इंश्योरेंस वैध रखने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।

    सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में क्या कहा, बड़ी बातें

    • शीर्ष कोर्ट ने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स से MVA की धारा 146 के कानूनी आदेश का जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित होगा।
    • यह काम कैमरों के इस्तेमाल से किया जा सकता है।
    • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को सैद्धांतिक रूप से इस पर कोई आपत्ति नहीं है।
    • बेंच ने कहा कि कानून का सख्ती से पालन होना चाहिए और निर्देश दिया कि राज्य की ट्रैफिक पुलिस को हैंडहेल्ड डिवाइस या डाउनलोड करने योग्य ऐप्स दिए जाएं।
    • ये डिवाइस इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो और VAHAN पोर्टल के डेटा से जुड़े होने चाहिए ताकि जमीनी स्तर पर इंश्योरेंस स्टेटस की जांच की जा सके।
    • बेंच ने कहा कि हाईवे और सड़कों पर लगे ANPR कैमरे तेज रफ्तार, रेड लाइट जंप करने, सड़क पर गलत तरफ गाड़ी चलाने जैसे सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को पकड़ने और जुर्माना लगाने की क्षमता रखते हैं।
    • इसे आगे बढ़ाते हुए और MoRTH की ओर से कुछ राज्यों में पहले से ही लागू किए गए सिस्टम की तर्ज पर, ANPR कैमरों को इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो और VAHAN पोर्टल के डेटा से जोड़ा जाएगा।
    • जिससे बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ियों के लिए ऑटोमैटिक ई-चालान जारी किए जा सकें।
  • हरियाणा में झमाझम बारिश, 16 जिलों को राहत फिर भी 21 जिले वर्षा घाटे में

    हरियाणा में झमाझम बारिश, 16 जिलों को राहत फिर भी 21 जिले वर्षा घाटे में

    हिसार
    प्रदेश में मंगलवार को 16 जिलों में हुई झमाझम वर्षा ने गर्मी और उमस से राहत दिलाने के साथ खरीफ फसलों में नई उम्मीद जगाई, लेकिन प्रदेश का वर्षा घाटा अभी भी बरकरार है। मानसून के दो माह बीतने के बावजूद 21 जिले सामान्य वर्षा से पीछे चल रहे हैं।

    बारिश से पानीपत, अंबाला, हिसार, फतेहाबाद, हांसी, गुरुग्राम और अन्य शहरों में जलभराव हुआ, जबकि किसानों ने इसे धान, नरमा और बाजरा के लिए संजीवनी बताया। मौसम विभाग ने चार से छह अगस्त तक अधिकांश जिलों में अच्छी वर्षा का अनुमान जताया है।

    प्रदेश में अब तक केवल फरीदाबाद और पलवल में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज हुई है। इसके विपरीत 21 जिलों में 7 से 68 प्रतिशत तक वर्षा की कमी बनी हुई है। 11 जिले रेड और चार यलो जोन में हैं। रोहतक, जींद और सिरसा में अब तक 100 एमएम वर्षा भी दर्ज नहीं हो सकी है।

    मूसलधार वर्षा के कारण पानीपत में जीटी रोड पर करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। अंबाला के बाजारों और नगर निगम कार्यालय सहित कई जगह पानी भर गया। फतेहाबाद, हांसी, हिसार, चरखी दादरी और गुरुग्राम में भी जलभराव हुआ।

    किस जिले में कितनी हुई बारिश?

    • अंबाला: 99.06 एमएम वर्षा से कपड़ा मार्केट, नगर निगम कार्यालय और कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। मारकंडा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया।
    • पानीपत: 97 एमएम वर्षा से जीटी रोड दो घंटे जाम रहा। निर्माणाधीन नाले में गिरा स्कूली बच्चा सुरक्षित बचा लिया गया।
    • यमुनानगर: हथनीकुंड बैराज पर जलप्रवाह बढ़ने से लो फ्लड जैसी स्थिति बनी। सोम और पथराला नदी उफान पर रहीं, तटबंध टूटने से खेत जलमग्न हुए।
    • कुरुक्षेत्र: लाडवा समेत करीबन सभी गांव में बूंदाबांदी हुई। बाजार में जलनिकासी व्यवस्था से जलभराव की स्थिति बनी।
    • फतेहाबाद: टोहाना में 68 और जाखल में 56 एमएम वर्षा दर्ज हुई। किसानों ने इसे धान और नरमा की फसलों के लिए लाभकारी बताया।
    • हांसी: करीब डेढ़ घंटे की वर्षा से कई निचले क्षेत्रों में जलभराव हुआ। खेतों में नमी बढ़ने से खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
    • हिसार: शहर और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा से मौसम सुहावना हुआ। कई स्थानों पर जलभराव रहा, जबकि किसानों ने फसलों के लिए राहत बताई।
    • गुरुग्राम: सूरत नगर फेज-2 और धनवापुर मार्ग सहित कई इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित रहा।
    • झज्जर (बहादुरगढ़): जलभराव के बीच लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। बहादुरगढ़ में भी शहर के नीचले इलाकों की गलियों में जलभराव हुआ है।
  • रांची रेल मंडल में बनेगा अत्याधुनिक कमांड सेंटर, स्मार्ट निगरानी से सुरक्षित होगा रेल संचालन

    रांची रेल मंडल में बनेगा अत्याधुनिक कमांड सेंटर, स्मार्ट निगरानी से सुरक्षित होगा रेल संचालन

     रांची
    यात्रियों की सुरक्षा, समयबद्धता एवं विश्वस्तरीय रेल सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रांची रेल मंडल निरंतर आधुनिक तकनीकों को अपनाकर रेल संचालन को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट एवं दक्ष बनाने की दिशा में कार्यरत है। इसी क्रम में मंडल में अत्याधुनिक ऑपरेशन एंड ट्रैफिक कंट्रोल (यूनिफाइड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर – UCCC) की स्थापना की जाएगी।

    यह एकीकृत कमांड सेंटर रेल संचालन से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच निर्बाध समन्वय स्थापित करते हुए ट्रेनों की सतत निगरानी, त्वरित एवं प्रभावी निर्णय, संसाधनों का कुशल प्रबंधन तथा आपातकालीन एवं दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में शीघ्र एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

    अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों से सुसज्जित यह केंद्र रेल संचालन की सुरक्षा, दक्षता एवं विश्वसनीयता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण यात्रा अनुभव प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    इस अत्याधुनिक केंद्र में COA, FOIS, ICMS, Data Logger, SCADA, TMS सहित विभिन्न आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों का समन्वित उपयोग किया जाएगा। बड़ी वीडियो वॉल एवं डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से ट्रेनों की गति, समयपालन, सिग्नलिंग, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य महत्वपूर्ण परिचालन संबंधी सूचनाओं की निरंतर निगरानी की जाएगी।

    इससे किसी भी तकनीकी बाधा, परिचालन संबंधी समस्या अथवा ट्रेनों के परिचालन में होने वाली असामान्य स्थिति की जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी, जिससे आवश्यक निर्णय लेकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

    यूनिफाइड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (UCCC) में परिचालन से जुड़े विभिन्न विभाग एक ही परिसर से कार्य करेंगे। इससे परिचालन, वाणिज्य, इंजीनियरिंग, विद्युत, सिग्नल एवं दूरसंचार, सुरक्षा तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच त्वरित सूचना आदान-प्रदान एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।

    यह केंद्र दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए केंद्रीय कमांड सेंटर के रूप में भी कार्य करेगा। ऐसी परिस्थितियों में सभी संबंधित विभागों के बीच त्वरित समन्वय स्थापित कर राहत एवं सहायता कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जा सकेंगे तथा रेल सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने में सहायता मिलेगी।

    इसके अतिरिक्त, यात्रियों को ट्रेनों के विलंब, मार्ग परिवर्तन अथवा अन्य महत्वपूर्ण परिचालन संबंधी सूचनाएं संबंधित स्टेशनों एवं यात्री सूचना प्रणालियों के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। आधुनिक एवं एकीकृत व्यवस्था से रेल परिचालन की पारदर्शिता, दक्षता एवं सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।

    ऑपरेशन एंड ट्रैफिक कंट्रोल (यूनिफाइड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर – UCCC) की स्थापना रांची रेल मंडल में स्मार्ट एवं तकनीक-संचालित रेल संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी। यह परियोजना न केवल रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, कुशल एवं प्रभावी बनाएगी, बल्कि यात्रियों को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रेल सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • राजस्थान में अवैध शराब पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों लीटर वॉश नष्ट

    राजस्थान में अवैध शराब पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों लीटर वॉश नष्ट

    जयपुर
     आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर रोकथाम के लिए जारी निरोधात्मक गतिविधियों के तहत नाकाबंदी, गश्त, रेड की प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध मदिरा जब्त करते हुए हजारों लीटर वाॅश नष्ट कर अभियोग दर्ज किए गए।  

    अवैध मदिरा पर कार्रवाई
    आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में जीरो टोलरेंस की नीति अपनाते हुए अन्य राज्य की शराब की तस्करी, अवैध मदिरा के परिवहन व विक्रय पर आबकारी निरोधक टीमों द्वारा प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा व बेगूं में आबकारी निरोधक दल की दबिश कार्रवाई में एक हजार लीटर वाॅश नष्ट कर 15 लीटर अवैध हथकड़ मदिरा जब्त की गई। साथ ही एक बिना नंबर की मोटरसाईकिल से 62 पव्वे हथकड़ शराब के जब्त करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया। बीकानेर जोन में होटल, ढ़ाबों की चैकिंग एवं दबिश कार्रवाई के तहत बीकानेर शहर, श्रीगंगानगर, संगरिया, नोहर, चूरू, रायसिंहनगर, सूरतगढ़ में ईपीएफ टीम ने 1800 लीटर वाॅश एव 5 भट्टियां नष्ट करते हुए बीयर 27 बोतल, देशी शराब 54 पव्वे, हथकड़ शराब 34 लीटर जब्त करते हुए 7 अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।

    जयपुर ग्रामीण आबकारी टीम ने चाकसू क्षेत्र के ग्राम माधोगढ़, तुंगा, बगरियां, नारायण बाबा की ढाणी, ढूंढ नदी क्षेत्र में कार्रवाई कर 25 हजार लीटर वाॅश सहित 15 भट्टियां मय उपकरण नष्ट की । साथ ही 70 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी जब्त की गई। केकड़ी में दबिश की कार्रवाई में 200 लीटर वाॅश नष्ट कर 2 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई। आबकारी थाना क्षेत्र ब्यावर में ईपीएफ टीम ने 400 लीटर वाॅश सहित 3 पुरानी भट्टियां नष्ट कर 6 बोतल हथकड़ शराब जब्त की। जोधपुर शहर, ग्रामीण, पश्चिम एवं सरदारपुरा में संयुक्त दबिश के तहत बीयर के 58 केन, देशी शराब के 87 पव्वे, 19 पव्वे आईएमएफएल सहित 4 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई।

    कोटा के रामगंज मंडी क्षेत्र में कार्रवाई के तहत 700 लीटर वाॅश सहित 2 भट्टियां नष्ट कर अभियोग दर्ज किया। झुंझुनूं के चिड़ावा में 576 पव्वे अवैध मदिरा के जब्त किए गए। पाली सिटी में संयुक्त दबिश की कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में देशी व अंग्रेजी शराब जब्त करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। किशनगढ़ रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई में हरियाणा निर्मित बीयर बडवाइजर के 24 केन बरामद कर अभियोग दर्ज किया।

    प्रदेश के समस्त जिलों में भी निरोधात्मक गतिविधियों के तहत नाकाबंदी, दबिश व सघन गश्त की जा रही है। प्रदेश में समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं आबकारी निरोधक दल द्वारा अवैध मदिरा के विरूद्ध जीरो टोलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही की जा रही है।

     

  • बिहार में जल्द शुरू होगी ‘न्यायश्रुति’ ऑनलाइन कोर्ट ट्रायल सेवा, पटना में सफल हुआ वीडियो ट्रायल

    बिहार में जल्द शुरू होगी ‘न्यायश्रुति’ ऑनलाइन कोर्ट ट्रायल सेवा, पटना में सफल हुआ वीडियो ट्रायल

     पटना
    पूरे प्रदेश में जल्द ही ऑनलाइन कोर्ट ट्रायल की प्रणाली 'न्यायश्रुति' की शुरुआत की जाएगी। पटना में न्याय श्रुति प्रणाली के वीडियो ट्रायल के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद इसकी प्रक्रिया एक कदम और आगे बढ़ गई है। पटना उच्च न्यायालय के द्वारा गो-लाइव सर्टिफिकेट निर्गत कर न्यायश्रुति, नई दिल्ली को उपलब्ध भी करा दिया गया है।

    मंगलवार को गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने न्याय श्रुति प्रणाली और अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (सीसीटीएनएस) की अपडेट स्थिति की समीक्षा की।

    बैठक के दौरान अभियोजन निदेशालय, विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल), समाज कल्याण विभाग, कारा विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों ने न्याय श्रुति प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी।

    सीसीटीएनएस की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि राज्य के 968 थानों में प्रणाली कार्यरत है। इन थानों में दर्ज की गई एफआईआर, 60/90 दिनों के भीतर आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल किए जाने की स्थिति, ई-साक्ष्य अपलोड किए जाने की प्रगति की जानकारी ली।

    उन्होंने कहा कि सीआइडी के द्वारा एकत्र किए जा रहे आंकड़ों एवं सीसीटीएनएस पर अपलोड किए जा रहे आंकड़ों का भी मिलान किया जाए।

    बैठक में एससीआरबी के अपर पुलिस महानिदेशक अजिताभ कुमार, पटना उच्च न्यायालय के संयुक्त निबंधक गौरव कमल एवं विशेष कार्य पदाधिकारी रवि रंजन सहित कई अधिकारियों ने भाग लिया।

     

  • राजस्थान में 31 हजार करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा, समय पर पूरा करने के निर्देश

    राजस्थान में 31 हजार करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा, समय पर पूरा करने के निर्देश

    जयपुर
    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से संचालित बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं (एक्सटर्नली एडेड प्रोजेक्ट्स) की प्रगति की समीक्षा की।

    बैठक में वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी), जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) तथा न्यू डेवलपमेंट बैंक सहित विभिन्न वैश्विक वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में सड़क अवसंरचना, ऊर्जा, पेयजल, जल संसाधन, ड्रेनेज, स्वच्छता, पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किए जा रहे हैं।

    मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी कार्यकारी एजेंसियां एवं संबंधित विभाग परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए वित्तीय संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा लंबित कार्यों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

    श्रीनिवास ने सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा स्वायत्त शासन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिन विभागों ने उत्कृष्ट कार्य किया है, उनकी बेस्ट प्रैक्टिसेज को अन्य विभाग भी अपनाएं। उन्होंने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए वित्तीय संस्थाओं से प्राप्त राशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि राज्य के बजट पर अनावश्यक वित्तीय भार न पड़े।

    बैठक में वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि स्वायत्त शासन, जल संसाधन, वन, सार्वजनिक निर्माण, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, ऊर्जा, नगरीय विकास एवं आवासन तथा वित्त विभाग से संबंधित 31 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की 12 परियोजनाएं प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की 4 परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।

     

  • दिल्ली में चाइनीज मांझे का कहर, ढाई साल में 365 गिरफ्तार और 15 हजार रोल जब्त

    दिल्ली में चाइनीज मांझे का कहर, ढाई साल में 365 गिरफ्तार और 15 हजार रोल जब्त

    नई दिल्ली
    त्योहारी सीजन करीब आते ही आसमान में पतंगे उड़ने लगी हैं। पेंच लड़ाने और शह-मात के खेल में पतंगबाज प्रतिबंधित (बैन) मांझे का इस्तेमाल भी करने लगे हैं। ढाई साल के आंकड़े बताते हैं कि पुलिस ने चाइनीज मांझे को बेचने, सप्लाई, बनाने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ 334 केस दर्ज किए हैं और 365 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 15 हजार से ज्यादा रोल, 1100 से अधिक चरखियां और बड़ी मात्रा में अन्य सामान भी जब्त किया गया। इसके बावजूद हर साल लोग सड़क पर इस जानलेवा मांझे की चपेट में आ रहे हैं।

    पुलिस के मुताबिक, 2024 में 201 मामलों में 218 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक को बाउंड डाउन किया गया। इस दौरान 13,247 रोल मांझा, 616 चरखियां, 112 रील, 85 गिट्टी और एक स्कूटर जब्त किया गया। साल 2025 में 119 केस दर्ज हुए, जिनमें 131 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 2,617 रोल, 473 चरखियां, 154 गिट्टी, 20 स्पूल, 22 रील, गाड़ी और बाइक जब्त की। इस साल जून तक 14 केसों में 15 को गिरफ्तार किया गया है।

    प्रतिबंधित मांझे को खरीदने-बेचने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। इसका इस्तेमाल बेहद खतरनाक है। अपील है कि यदि कही प्रतिबंधित मांझे की बिक्री या इस्तेमाल होता दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

    धारदार होने से कट जाता है गला
    यह मांझा नायलॉन और मैटेलिक पाउडर से बनाया जाता है। नायलॉन पर कांच या लोहे का चूरा चढ़ाकर धारदार बना दिया जाता है। इसकी धार ब्लेड जैसी होती है। इलेक्ट्रिक कंडक्टर होने से करंट का खतरा भी रहता है। टूव्हीलर सवार इसकी सबसे ज्यादा चपेट में आते हैं। मांझा हेलमेट से फिसलकर गर्दन में फंस जाता है। ऐसे में लोगों गले पर गमछा या मोटा कपड़ा बांधकर सफर करने की सलाह दी गई है।

    पुलिस रिकॉर्ड
    पिछले तीन साल मे हादसे
        2024 में हुए 4 हादसों में 4 घायल
        2025 में 4 हादसों में 2 की मौत, 2 घायल
        2026 में 30 जून तक एक शख्स घायल

    11 की जा चुकी है जान
    सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध लगाए जाने के बाद 2017 से 2026 के बीच मांझे की चपेट में आने से 11 टूव्हीलर सवारों की जान जा चुकी है। आखिरी मामला नॉर्थ ईस्ट जिले के न्यू उस्मानपुर में 3 मई 2026 को सामने आया, जब बाइक पर बैठा 5 साल का बच्चा मांझे की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई थी।

    जागरूक कर रही पुलिस
    पुलिस सभी जिलों में जागरूकता अभियान चला रही है। डीसीपी (रोहिणी) शशांक जायसवाल ने बताया कि दुकानदारों के साथ बैठकें की गई हैं। प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों को सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बच्चों को जागरूक करने के लिए 'पतंग कटेगी तभी तो लूटोगे' नाम से अभियान शुरू किया गया है।

    पुलिस के हालिया एक्शन
    डीसीपी आकांक्षा यादव के मुताबिक शालीमार बाग पुलिस ने 4 जुलाई को 15 रोल बरामद कर आरोपी पकड़ा।
    सीलमपुर में 1 जुलाई को 59 चरखी मांझा बरामद किया गया। आरोपी मोहम्मद शाकिर प्रतिबंधित मांझा बेचता था।
    मालवीय नगर पुलिस ने बैन मांझे की चरखियां बरामद कीं। एक्टिविस्ट गौरव गुप्ता की सूचना पर 3 को गिरफ्तार किया।
    नबी करीम इलाके में 29 जुलाई को 424 बैन रील बरामद की गई। आरोपी वसीम राजा को अरेस्ट किया गया।