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  • गुरदासपुर के दो निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते ही पुलिस और साइबर सेल अलर्ट

    गुरदासपुर के दो निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते ही पुलिस और साइबर सेल अलर्ट

    गुरदासपुर 

    गुरदासपुर शहर के दो प्रमुख निजी स्कूलों को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पूरे जिले में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं। धमकी मिलने के बाद एसएसपी आवास के निकट स्थित स्कूल और बहरामपुर रोड स्थित स्कूल में पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

    सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आदित्य के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। दोनों स्कूल परिसरों की गहन जांच की गई। प्रारंभिक तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है।

    धमकी की सूचना के बाद स्कूल प्रबंधन, विद्यार्थियों के अभिभावकों और स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया। पुलिस ने स्कूल प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।

    स्कूल प्रबंधकों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल की डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच की जा रही है। साइबर सेल इस मामले में ईमेल की उत्पत्ति का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    एसएसपी ने कहा कि धमकी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है। यह पहला मौका नहीं है जब स्कूलों को इस तरह की धमकी मिली हो। जिले में पहले भी स्कूलों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरे ई-मेल की डिजिटल फुटप्रिंट की जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और उसके भेजे जाने के तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है, ताकि धमकी देने वाले की पहचान की जा सके।

    एसएसपी आदित्य ने कहा कि पुलिस किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रही है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की। 
    उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जिले के कुछ स्कूलों को इसी प्रकार की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, पूर्व के मामलों में जांच के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। इसके बावजूद पुलिस इस बार भी किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। 

    पुलिस ने दोनों स्कूलों में चलाया सर्च ऑपरेशन
    सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। इस दौरान किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल की तकनीकी जांच की जा रही है और साइबर टीम भी मामले की पड़ताल में जुटी है।

    उल्लेखनीय है कि करीब छह महीने पहले भी शहर के कुछ नामी स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली थीं, जिसके बाद लोगों में दहशत का माहौल बन गया था। एसएसपी आदित्य ने बताया कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि ईमेल भेजने वाले का पता लगाया जा सके।

  • रांची में प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित, 4 सितंबर तक करें नाम और विवरण का सत्यापन

    रांची में प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित, 4 सितंबर तक करें नाम और विवरण का सत्यापन

    रांची
    विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत रांची जिले के सभी मतदान केंद्रों पर बुधवार को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया।

    सूची प्रकाशित होने के बाद बड़ी संख्या में मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे और अपने तथा परिवार के सदस्यों के नाम एवं विवरण की जांच की। निर्वाचन कार्यालय ने पात्र मतदाताओं से निर्धारित अवधि के भीतर सूची में नाम और विवरण का सत्यापन करने की अपील की है।

    नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में संशोधन के लिए अलग-अलग प्रपत्र निर्धारित
    यदि किसी पात्र मतदाता का नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो वह प्रपत्र-6 भरकर आवश्यक घोषणा पत्र के साथ संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के पास जमा कर सकता है।

    इसी तरह यदि किसी मतदाता का नाम उसके परिवार के सदस्यों वाले मतदान केंद्र के बजाय किसी दूसरे मतदान केंद्र में दर्ज हो गया है तो मतदान केंद्र परिवर्तन के लिए प्रपत्र-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

    एक अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर शुरू हुई प्रक्रिया
    1 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने अथवा विवरण में संशोधन से संबंधित आवेदन भी 5 अगस्त से 4 सितंबर तक लिए जाएंगे। 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रपत्र-6 में आवेदन कर सकते हैं।

    मतदाता सूची में दर्ज विवरण में संशोधन या स्थानांतरण के लिए प्रपत्र-8 और मृत, स्थानांतरित या अन्य कारणों से अपात्र मतदाता का नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 में आवेदन करना होगा।

    4 सितंबर तक जमा किए जा सकेंगे दावा-आपत्ति संबंधी आवेदन
    दावा-आपत्ति से संबंधित आवेदन संबंधित बीएलओ, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ), निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) के कार्यालय अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय, रांची में जमा किए जा सकते हैं।

    इसके अलावा मतदाता निर्वाचन आयोग के पोर्टल डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाट वोटर्स डाट इसीआइ डाट जीओवी डाट इन और ईसीआईनेट एप के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सभी पात्र नागरिकों से निर्धारित अवधि के भीतर मतदाता सूची में अपने नाम एवं विवरण का सत्यापन करने की अपील की है।

    उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की त्रुटि है या नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन की आवश्यकता है तो समय रहते दावा-आपत्ति दर्ज कराएं, ताकि अंतिम मतदाता सूची को अधिक से अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित तैयार किया जा सके।

  • हरियाणा में जन्म लिंगानुपात में बड़ी गिरावट, 11 जिलों का SRB 900 से नीचे

    हरियाणा में जन्म लिंगानुपात में बड़ी गिरावट, 11 जिलों का SRB 900 से नीचे

     हिसार
    हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात (SRB) के आंकड़ों में चिंताजनक गिरावट दर्ज की गई है। राज्य स्वास्थ्य विभाग और सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 22 में से 11 जिलों में लिंगानुपात घटकर 829 से 895 (प्रति 1,000 लड़के) के बीच आ गया है। जबकि कैलेंडर वर्ष 2025 में इन जिलों का लिंगानुपात 901 से 951 के बीच दर्ज किया गया था।

    दिसंबर 2025 में हरियाणा का कुल SRB 923 था, जो जून 2026 तक 23 अंक गिरकर 900 पर आ गया है। इस गिरावट के ट्रेंड से केवल पांच जिले ही बच पाए हैं।

    चरखी दादरी सबसे पीछे
    CRS डेटा (विलंबित पंजीकरण को छोड़कर) के मुताबिक, चरखी दादरी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला जिला रहा, जहां SRB दिसंबर 2025 के 913 से गिरकर जून 2026 में 829 पर आ गया, यानी 84 अंकों की भारी गिरावट।

    वहीं, पानीपत में भी भारी गिरावट देखी गई। यमुनानगर का आंकड़ा 943 से गिरकर 895 (48 अंक कम) हो गया। झज्जर (44 अंक), अंबाला (42), जींद (40), महेंद्रगढ़ (36), हिसार (31), गुरुग्राम (30) और रोहतक (7 अंक की गिरावट) शामिल हैं।

    हिसार जिला टास्क फोर्स की समीक्षा
    राज्यस्तरीय गिरावट के बीच हिसार जिले से राहत भरी खबर आई है। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान और पीसी-पीएनडीटी (PC-PNDT) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में जनवरी से जुलाई 2026 तक के जन्म पंजीकरण के आंकड़ों की समीक्षा की गई, जिसमें जुलाई माह के लिंगानुपात में सुधार देखा गया।
        जनवरी: 817
        फरवरी: 848
        मार्च: 988
        अप्रैल: 938
        मई: 938
        जून: 871
        जुलाई: 947

    बेटियों के सम्मान और संरक्षण पर जोर
    बैठक में अधिकारियों ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित निगरानी, अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण, जन्म पंजीकरण की सतत समीक्षा तथा आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

    इसक साथ ही लोगों से कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ आगे आने और बेटियों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए सहयोग करने का आह्वान किया गया।

     

  • हरियाणा में बिगड़ा लिंगानुपात, चरखी दादरी सबसे फिसड्डी, हिसार ने जुलाई में दिखाई सुधार की राह

    हरियाणा में बिगड़ा लिंगानुपात, चरखी दादरी सबसे फिसड्डी, हिसार ने जुलाई में दिखाई सुधार की राह

    हिसार.

    हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात (SRB) के आंकड़ों में चिंताजनक गिरावट दर्ज की गई है। राज्य स्वास्थ्य विभाग और सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 22 में से 11 जिलों में लिंगानुपात घटकर 829 से 895 (प्रति 1,000 लड़के) के बीच आ गया है।

    जबकि कैलेंडर वर्ष 2025 में इन जिलों का लिंगानुपात 901 से 951 के बीच दर्ज किया गया था। दिसंबर 2025 में हरियाणा का कुल SRB 923 था, जो जून 2026 तक 23 अंक गिरकर 900 पर आ गया है। इस गिरावट के ट्रेंड से केवल पांच जिले ही बच पाए हैं।

    चरखी दादरी सबसे पीछे
    CRS डेटा (विलंबित पंजीकरण को छोड़कर) के मुताबिक, चरखी दादरी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला जिला रहा, जहां SRB दिसंबर 2025 के 913 से गिरकर जून 2026 में 829 पर आ गया, यानी 84 अंकों की भारी गिरावट। वहीं, पानीपत में भी भारी गिरावट देखी गई। यमुनानगर का आंकड़ा 943 से गिरकर 895 (48 अंक कम) हो गया। झज्जर (44 अंक), अंबाला (42), जींद (40), महेंद्रगढ़ (36), हिसार (31), गुरुग्राम (30) और रोहतक (7 अंक की गिरावट) शामिल हैं।

    हिसार जिला टास्क फोर्स की समीक्षा
    राज्यस्तरीय गिरावट के बीच हिसार जिले से राहत भरी खबर आई है। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान और पीसी-पीएनडीटी (PC-PNDT) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनवरी से जुलाई 2026 तक के जन्म पंजीकरण के आंकड़ों की समीक्षा की गई, जिसमें जुलाई माह के लिंगानुपात में सुधार देखा गया।

    • जनवरी: 817
    • फरवरी: 848
    • मार्च: 988
    • अप्रैल: 938
    • मई: 938
    • जून: 871
    • जुलाई: 947

    बेटियों के सम्मान और संरक्षण पर जोर
    बैठक में अधिकारियों ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित निगरानी, अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण, जन्म पंजीकरण की सतत समीक्षा तथा आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसक साथ ही लोगों से कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ आगे आने और बेटियों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए सहयोग करने का आह्वान किया गया।

  • गुरुग्राम में भारी बारिश से हालात बिगड़े, जलभराव के बीच जारी हुई वर्क फ्रॉम होम एडवाइजरी

    गुरुग्राम में भारी बारिश से हालात बिगड़े, जलभराव के बीच जारी हुई वर्क फ्रॉम होम एडवाइजरी

    गुरुग्राम 

    दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही मौसम ने करवट ले ली है और भारी बारिश हो रही है. कई इलाकों में बारिश के चलते जलभराव की समस्या भी हो रही है. इसी बीच गुरुग्राम में तमाम ऑफिसों को वर्क फ्रॉम होम देने की एडवाइजरी जारी की गई है. गुरुग्राम पुलिस की तरफ से एक्स पर एक पोस्ट किया गया है, जिसमें अपील की गई है कि गुरुवार 6 अगस्त को सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाए. पुलिस ने बताया है कि बारिश के बाद कई चौराहों और सड़कों पर पानी भरने की समस्या हो सकती है, इसीलिए ट्रैफिक और परेशानी से बचने के लिए घर से ही काम करें। 

    गुरुग्राम पुलिस ने क्या कहा?
    गुरुग्राम पुलिस की तरफ से किए गए पोस्ट में लिखा गया है, "लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा के कारण गुरुग्राम की कई सड़कों एवं चौराहों पर जलभराव और यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. गुरुग्राम पुलिस सभी कॉर्पोरेट संस्थानों एवं निजी प्रतिष्ठानों से आग्रह करती है कि दिनांक 06 अगस्त 2026 को अपने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम (Work From Home)' की सुविधा प्रदान करें. अनावश्यक वाहनों की आवाजाही कम होने से यातायात सुचारू रहेगा तथा एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित करने में सहायता मिलेगी. नागरिकों की सुरक्षा एवं जनहित में आपके सहयोग की अपेक्षा है।  

    गुरुग्राम में तालाब बन जाती हैं सड़कें
    गुरुग्राम में ऐसी एडवाइजरी इसलिए जारी की जाती है, क्योंकि भारी बारिश के बाद सड़कों पर काफी ज्यादा पानी जमा हो जाता है. कई बार गाड़ियां और ऑटो बंद हो जाते हैं, ऐसे में भारी ट्रैफिक जाम लगता है. कई बार ये जाम चार से पांच घंटे का भी हो जाता है. यही वजह है कि भारी बारिश के बाद स्कूलों और दफ्तरों को बंद रखने की सलाह दी जाती है. गुरुग्राम में मौजूद कई दफ्तर बारिश के बाद खुद ही अपने कर्मचारियों को घर से ही काम करने की सलाह देते हैं। 

  • पंजाब सरकार का बड़ा फैसला! गौशालाओं का बिजली बिल माफ, बेसहारा पशुओं को मिलेगी राहत

    पंजाब सरकार का बड़ा फैसला! गौशालाओं का बिजली बिल माफ, बेसहारा पशुओं को मिलेगी राहत

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार ने राज्‍य की सभी गोशालाओं का बिजली बिल माफ करने का फैसला किया है। पंजाब के मुख्‍यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को इसकी घोषणा की। इससे अब राज्‍य की सभी गोशालाओं का बिजली बिल शून्‍य आएगा।

    बता दें कि राज्‍य में आम लोगों को हर माह 300 यूनिट तक की खपत पर बिजली बिल माफ है। यहां एक बैठक में मुख्‍यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह सरकार का एक औेर जनहितैषी निर्णय है और उन्‍होंने राज्य की सभी गोशालाओं के बिजली बिल को माफ करने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से 152 और गोशालाओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पंजाब में मुफ्त बिजली प्राप्त करने वाली गोशालाओं की कुल संख्या बढ़कर 518 हो गई है।

    बेसहारा पशुओं की समस्‍या से निपटने में गोशालाएं महत्‍वपूर्ण
    ख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘राज्य भर में बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने में गोशालाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वर्तमान में 366 गोशालाओं को मुफ्त बिजली मिल रही है और अब 152 अन्य गोशालाओं को भी इस सुविधा के दायरे में लाया जाएगा। सभी गोशालाओं को पंजाब सरकार की ओर से मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। उनसे बिजली आपूर्ति का एक भी पैसा नहीं लिया जाएगा।’

    बेसहारा पशुओं की देखभाल मानवता की सेवा
    मुख्‍यमंत्री ने गोशालाओं जैसी इन संस्थाओं को मजबूत बनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्‍होंने कहा कि गोशालाओं का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना समय की प्रमुख आवश्यकता है ,ताकि गोवंश की उचित देखभाल हो सके। मेरे दरवाजे इन गोशालाओं के लिए हमेशा खुले हैं, जो सड़कों पर भटकने वाले बेसहारा पशुओं की देखभाल कर मानवता की बड़ी सेवा कर रही हैं। प्रबंधकीय समितियां गौ माता की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने के लिए प्रशंसा की पात्र हैं और गौ सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है।

    कहा- गोवंश की बेहतर देखभाल कर रही हैं गोशालाएं
    उन्‍होंने गौशाला प्रबंधन समितियों के प्रयासों की जमकर सराहना की। भगवंत मान ने कहा कि विभिन्न गोशालाएं गोवंश की बेहतर देखभाल और संरक्षण कर रही हैं, जो सड़कों पर मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकते थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग की आवश्यकताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और जनहितैषी फैसले लेने के लिए प्रतिबद्ध है। गोशालाओं के कुशल प्रबंधन तथा बेसहारा पशुओं की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना भी आवश्यक है। राज्य सरकार इस कार्य के लिए हरसंभव सहयोग और सहायता प्रदान करेगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव के.एपी सिन्हा, बिजली ओर पशुपालन विभागों के सचिव भी उपस्थित थे।

  • झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों की नई मांग, बोले- CM से सीधे होगी बातचीत, मीडिया भी रहे मौजूद

    झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों की नई मांग, बोले- CM से सीधे होगी बातचीत, मीडिया भी रहे मौजूद

    रांची

    झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है. लगातार प्रदर्शन के बीच हेमंत सोरेन सरकार दबाव में दिख रही है. सरकार ने प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया है. हालांकि छात्रों की मांग है कि वह सीधे सीएम से ही बात करेंगे। 

    बहुत संभावना है कि मंत्रियों का दल गुरुवार को धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत करेगा. सरकारी सूत्रों के मुताबिक अगर धरना स्थल पर बातचीत नहीं हो पाई तो किसी सार्वजनिक स्थान पर छात्र प्रतिनिधियों को बुलाया जा सकता है। 

    सरकार रिजल्ट कैंसिल करने पर भी कर रही है विचार

    सूत्रों के अनुसार, छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार परीक्षा के रिजल्ट को भी रद्द करने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार कर रही है. सूत्रों का कहना है कि सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है और जल्द ही कोई अहम फैसला लिया जा सकता है। 

    इस बीच कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि सरकार ने बातचीत के लिए छात्र प्रतिनिधियों को बुलाया है. हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे. उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं उनसे बातचीत करें. साथ ही वार्ता के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी हो और पूरी बातचीत सार्वजनिक रूप से हो, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. सरकारी पक्ष से भी संकेत मिले हैं कि बातचीत किसी सार्वजनिक स्थान पर कराई जा सकती है। 

    छात्रों की मांग- मुख्यमंत्री हमसे खुले मंच पर मिलें
    एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "कल रात हमारी बैठक में यह फैसला हुआ कि हम सरकार से बातचीत के लिए जाएंगे, हालांकि समय अभी तय नहीं हुआ है. लेकिन हमारी एक और मांग है. अगर मुख्यमंत्री हमसे खुले मंच पर, मीडिया के सामने लाइव बातचीत करने को तैयार हैं, तो किसी ठोस समाधान पर पहुंचा जा सकता है। 

    उन्होंने कहा, 'हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पिछले आंदोलनों में हमारे कुछ साथियों को बंद कमरे में बातचीत के लिए ले जाया गया था, लेकिन उसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. हमें लग रहा है कि इस बार भी वैसी ही कोशिश की जा रही है. सरकार पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बुला रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह सिर्फ मामले को टालने या आंदोलन को खत्म करने की कोशिश है। 

    प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हम ऐसा नहीं चाहते. हमारी सिर्फ इतनी मांग है कि अगर मुख्यमंत्री बात करना चाहते हैं तो खुले मंच पर आएं. हम उसका स्वागत करेंगे. वे कैमरे के सामने जो कहना चाहें कहें. अगर उनका प्रस्ताव हमें स्वीकार होगा तो हम मान लेंगे, नहीं होगा तो स्वीकार नहीं करेंगे। 

    सीआईडी का बड़ा एक्शन, पांच आरोपी गिरफ्तार, अब तक 19 की गिरफ्तारी
    उधर, JPSC परीक्षा में कथित धांधली की जांच कर रही झारखंड सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. रांची और उत्तर प्रदेश के लखनऊ पुलिस के सहयोग से की गई इस कार्रवाई में उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, रक्षक सिंह और धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया है। 

    सीआईडी के अनुसार, उमाकांत उरांव पर 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर उत्तीर्ण होने के साथ-साथ अन्य अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने के लिए एजेंट के रूप में काम करने का आरोप है. रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार पर भी परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग कर सफल होने का आरोप है। 

    गिरफ्तार आरोपी रक्षक सिंह उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला है और JPSC परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी TDPL में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है. जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने भी परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया. वहीं धर्मेंद्र कुमार को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. सीआईडी फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। 

    जब तक नहीं होगा ठोस फैसला, आंदोलन जारी रहेगा

    छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. दूसरी ओर सरकार संवाद के जरिए गतिरोध खत्म करने की कोशिश कर रही है. ऐसे में अब सबकी नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित वार्ता तथा JPSC परीक्षा परिणामों पर सरकार के संभावित फैसले पर टिकी हुई है। 

     

  • राजस्थान सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों को ओपीएस चुनने का अंतिम मौका दिया फिर से

    राजस्थान सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों को ओपीएस चुनने का अंतिम मौका दिया फिर से

    जयपुर
    राजस्थान सरकार ने पेंशन योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए राज्य के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। वित्त विभाग द्वारा जारी नए परिपत्र के अनुसार, 1 जनवरी 2004 से 31 मार्च 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अब नई पेंशन योजना (NPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को चुनने का एक और अंतिम अवसर प्रदान किया गया है।

    बता दें कि वित्त विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इस विकल्प को चुनने की अंतिम समय सीमा 30 सितंबर 2026 निर्धारित की है। इसके पश्चात किसी भी परिस्थिति में कर्मचारियों का आवेदन या ओपीएस चुनने का विकल्प स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, सरकार ने यह भी साफ किया है कि वर्तमान में सेवारत कर्मचारी पहले की तरह ही ओपीएस के दायरे में बने रहेंगे।

    क्या हैं प्रमुख शर्तें और नियम?
    यह छूट विशेष रूप से 1 जनवरी 2004 से 31 मार्च 2022 की अवधि के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों पर ही लागू होगी।

    जीपीएफ ब्याज दर जमा शर्त: एनपीएस के तहत सेवानिवृत्ति पर प्राप्त हुई राशि को कर्मचारियों को जीपीएफ की ब्याज दरों के समान राशि के साथ सरकारी खाते में वापस जमा कराना होगा।

    पेंशन लाभ की प्रभावी तिथि: निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर राशि जमा कराने वाले पात्र कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2022 से राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के तहत पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

    गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 19 मई 2022 को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एनपीएस को समाप्त कर दिया था और 1 अप्रैल 2022 से ओपीएस व्यवस्था को दोबारा लागू कर दिया था। उसी दौरान 31 मार्च 2022 तक रिटायर्ड हुए कर्मचारियों के लिए शर्त रखी गई थी कि एनपीएस फंड वापसी पर ही उन्हें पुरानी पेंशन दी जाएगी।

    कई कर्मचारियों के विकल्प चुनने से चूक जाने के कारण वित्त विभाग ने अब अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी है, ताकि सभी पात्र पूर्व कर्मचारी समय रहते अपनी औपचारिकताएं पूरी कर पेंशन का लाभ उठा सकें।

  • सौरभ दास के बंगले पर क्यों मचा बवाल? मामला पुलिस से कोर्ट तक पहुंचा, जानें पूरा विवाद

    सौरभ दास के बंगले पर क्यों मचा बवाल? मामला पुलिस से कोर्ट तक पहुंचा, जानें पूरा विवाद

    नई दिल्ली

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता और इन दिनों बेहद चर्चित सौरभ दास को लेकर एक नया विवाद शुरू हो गया है। दिल्ली के पॉश इलाके में उनके किराये के घर को लेकर किए गए कुछ दावों के बाद उन्होंने जिस तरह पुलिस से शिकायत की और अदालत जाने की बात कही उससे विवाद ने और तूल पकड़ लिया है। कुछ यूट्यूबर्स की ओर से किए गए दावों पर जिस तरह सौरभ दास ने आक्रामक रुख अपनाया उससे बंगले वाली चर्चा कम होने की बजाय और अधिक बढ़ गई है।

    दरअसल, कुछ यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर्स ने दावा किया है कि सौरभ दास दिल्ली के एक बेहद पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश की एक भव्य कोठी में रहते हैं। अलग-अलग दावों में इस कोठी का सालाना किराया 7 से 12 लाख तक बताया जा रहा है। कोठी की तस्वीरें और वीडियो दिखाते हुए सवाल उठाया जा रहा है कि सौरव दास कोई नौकरी या कारोबार नहीं करते हैं, वह आरटीआई और लीगल एक्टिविस्ट रहे हैं और मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं तो इतने महंगे घर का किराया वह किस तरह चुकाते हैं?

    इस तरह के एक वायरल वीडियो में बंगले का पता दिखाते हुए कहा जाता है कि मकान मालिक ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं और इसका सालाना किराया 12 लाख रुपये सौरभ दास चुका रहे हैं। सवाल है कि इतना पैसा एक साधारण स्टूडेंट के पास से कहां आया, जो मिडिल क्लास परिवार से आते हैं। फंड के जो सवाल उठ रहे हैं कि सीजेपी के प्रोटेस्ट को पैसा कहां से मिल रहा है और दूसरा सवाल कि यहां रहने का पैसा कहां से आ रहा है। वीडियो बनाने वाले यूट्यूबर को मेन गेट खोलकर परिसर के अंदर जाते देखा जा सकता है।

    सौरभ दास ने की पुलिस से शिकायत, सीजेपी भी भड़की
    छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर टीम के साथ बैठक करने पहुंचे सौरभ दास ने बंगले को लेकर हो रहे विवाद पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दिल्ली पुलिस को लिखित में भेजी गई शिकायत की कॉपी साझा करते हुए कुछ लोगों के खिलाफ ऐक्शन की मांग की है। उन्होंने कोठी में अवैध रूप से प्रवेश पर आपत्ति जाहिर करते हुए पुलिस से केस दर्ज करने की मांग की है। सौरभ दास ने कुछ यूट्यूबर्स और मीडिया चैनल्स के घर में घुसने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह ना सिर्फ उनकी निजता का उल्लंघन है, बल्कि उनके और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए खतरनाक है। दास ने कहा कि यदि असामाजिक तत्व उनके आवास पर हमला करते हैं तो इन यूट्यूबर्स को जिम्मेदार माना जाए।

    बाद में सीजेपी के दूसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अभिजीत अय्यर मित्रा नाम के एक इंफ्लुएंशर पर सीजेपी के नेताओं को परेशान करने और झूठी जानकारियां फैलाने का आरोप लगाया। सीजेपी ने कहा कि मित्रा ने ही सौरभ दास के घर को लेकर दुष्प्रचार किया है। रांका ने कहा कि कि इसी शख्स ने जंतर-मंतर पर देश विरोधी नारे लगवाने के लिए लोगों को भेजा था, इसलिए दिल्ली पुलिस यूएपीए की धाराओं में केस दर्ज करे। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने ऐक्शन नहीं लिया तो अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

  • पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में चौथे दिन हंगामा, बरगाड़ी-बहबल कलां मामले पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

    पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में चौथे दिन हंगामा, बरगाड़ी-बहबल कलां मामले पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को प्रश्नकाल शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।

    नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बरगाड़ी बेअदबी तथा बहबल कलां गोलीकांड के मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सरकार से सवाल किया कि "बरगाड़ी बेअदबी कांड के गुनहगार कहां हैं?" और "बहबल कलां गोलीकांड के दोषियों को सजा कब मिलेगी?" विपक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी ने इन मामलों में जल्द न्याय दिलाने का वादा किया था, लेकिन आज तक दोषियों को सजा नहीं मिल सकी।

    लोगों को गुमराह करने के आरोप
    नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार केवल पंजाब के लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का हर वर्ग सरकार से निराश है। कर्मचारियों की मांगें लंबित हैं, किसान परेशान हैं, युवा रोजगार को लेकर चिंतित हैं और आम लोगों के मुद्दों का समाधान नहीं हो रहा।

    मुद्दों से भटकाने का प्रयास
    उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है, जबकि जनता जवाब चाहती है। बाजवा ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा के भीतर भी जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी। प्रदर्शन के बाद विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए विधानसभा के भीतर पहुंचे।