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  • बिहार में 20 राजस्व अधिकारियों का तबादला, कई अंचलों में नए सीओ की तैनाती

    बिहार में 20 राजस्व अधिकारियों का तबादला, कई अंचलों में नए सीओ की तैनाती

     पटना
    राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व सेवा के अधीन अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं समकक्ष पदों पर कार्यरत 20 पदाधिकारियों का स्थानांतरण करते हुए उनकी नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है।

    विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा इन पदाधिकारियों को बिना पारगमन अवधि का उपभोग किए अपने नए पदस्थापन स्थल पर तत्काल योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

    रवि प्रसाद पासवान को गया में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है। लखीसराय जिले में कई नियुक्तियां हुई हैं, जिनमें पल्लवी कुमारी गुप्ता को चानन का, मृत्युंजय कुमार को सूर्यगढ़ा का और रोहन रंजन सिंह को पिपरिया का अंचल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

    इसके अलावा, स्वतंत्र कुमार को मधेपुरा और प्रवीण अनुरंजन को दरभंगा में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित किया गया है।

    स्थानांतरण की इस सूची में कुछ अन्य प्रमुख नाम भी शामिल हैं। पृथा अखौरी को वेन (नालंदा) का अंचल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि चंदन कुमार को लखीसराय में राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो का प्रभार दिया गया है।

    पटना के बख्तियारपुर में पवन कुमार साह, सारण के इसुआपुर में रवि रंजन, मधुबनी के बिस्फी में शैलेन्द्र कुमार यादव और शिवहर के पुरनहिया में रोहित कुमार नए अंचल अधिकारी बनाए गए हैं। साथ ही, वंदना कुमारी को मधुबनी में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी का पदभार सौंपा गया है।

    इसके अतिरिक्त, विजया कुमारी को जहानाबाद और एक अन्य अधिकारी चंदन कुमार को शिवहर में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के रूप में भेजा गया है। अंचल अधिकारियों में रजनी कुमारी को मटिहानी (बेगूसराय), महेश कुमार को पालीगंज (पटना) और सोनम राज को अरवल सदर की जिम्मेदारी मिली है।

    वहीं, गरिमा को पटना (शास्त्रीनगर) स्थित भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी तथा सौरव कुमार को शेखपुरा के बंदोबस्त कार्यालय में राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो के पद पर पदस्थापित किया गया है।

  • राजस्थान में लेक्रोस का बढ़ता दबदबा, जनजातीय खिलाड़ी ओलंपिक की तैयारी में जुटे

    राजस्थान में लेक्रोस का बढ़ता दबदबा, जनजातीय खिलाड़ी ओलंपिक की तैयारी में जुटे

    जयपुर
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में खेलों को नई पहचान और खिलाड़ियों को नई उड़ान मिल रही है। मुख्यमंत्री की दूरदर्शी खेल नीति और जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस का ही परिणाम है कि आज राजस्थान का आदिवासी अंचल लेक्रोस जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल का राष्ट्रीय केंद्र बनकर उभर रहा है। कभी सीमित पहचान रखने वाला यह खेल आज दक्षिणी राजस्थान के जनजातीय युवाओं की प्रतिभा का पर्याय बन चुका है। सरकार द्वारा विश्वस्तरीय खेल मैदान, आधुनिक प्रशिक्षण, अनुभवी प्रशिक्षकों तथा उत्कृष्ट खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने से जनजातीय क्षेत्र के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

    लेक्रोस को वर्ष 1908 के बाद एक बार फिर वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले लॉस एंजेल्स ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया है। ऐसे में राजस्थान सरकार ने इस अवसर को भविष्य की संभावनाओं के रूप में देखते हुए अभी से खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की तैयारियां उपलब्ध करानी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, ताकि वे विश्व के सबसे बड़े खेल मंच पर भारत और राजस्थान का गौरव बढ़ा सके

    लेक्रोस में बढ़ रहा राजस्थान के खिलाड़ियों का वर्चस्व
    सरकार के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव खेल परिणामों में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। तृतीय राष्ट्रीय लेक्रोस चैम्पियनशिप में राजस्थान के जनजातीय क्षेत्र के 55 खिलाड़ियों ने 6 वर्गों में भाग लेते हुए 5 स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतकर प्रदेश की श्रेष्ठता सिद्ध की। यह उपलब्धि बताती है कि यदि प्रतिभा को अवसर और संसाधन मिलें तो वह राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम अवश्य लहराती है।

    राजस्थान की जनजातीय बेटियां भी लेक्रोस में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर रहीं हैं। जून 2024 में उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित एशियन महिला लेक्रोस चैम्पियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया। इसके बाद फरवरी 2026 में सऊदी अरब के रियाद में आयोजित एशियन लेक्रोस गेम्स में राजस्थान के जनजातीय क्षेत्र के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

    देश की पहली लेक्रोस अकादमी में तराशी जा रहीं खेल प्रतिभाएं
    राज्य सरकार द्वारा उदयपुर के महाराणा प्रताप खेलगांव में देश की पहली समर्पित लेक्रोस अकादमी विकसित की गई है। यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्राकृतिक घास वाला विश्वस्तरीय लेक्रोस मैदान तैयार किया गया है। आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल उपकरणों और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की उपलब्धता ने इस अकादमी को देशभर के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना दिया है। यह अकादमी आज जनजातीय युवाओं के सपनों को नई दिशा देने वाला संस्थान बन चुकी है।

    सरकार के प्रोत्साहन से निखर रहा खिलाड़ियों का प्रदर्शन
    पिछले तीन वर्षों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो राजस्थान ने राष्ट्रीय लेक्रोस प्रतियोगिताओं में अपना वर्चस्व स्थापित किया है। प्रदेश ने 22 स्वर्ण पदकों में से 15 स्वर्ण सहित कुल 19 पदक अपने नाम कर यह साबित किया है कि लेक्रोस के क्षेत्र में राजस्थान आज देश का सबसे मजबूत केंद्र बन चुका है। सरकार की सुविचारित खेल नीति, निरंतर प्रशिक्षण, प्रतिभाओं को तलाशने और तराशने की भावना के साथ-साथ उन्हें हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने की सोच और प्रयास इन सफलताओं का प्रमुख आधार है।
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि खेल पदक जीत कर देश-प्रदेश का नाम रोशन करने के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार हैं। यही कारण है कि प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं की खोज, उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को खेलों से जोड़कर उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोले जा रहे हैं।

    आज जब लॉस एंजेल्स ओलंपिक-2028 की तैयारियां पूरी दुनिया में शुरू हो चुकी हैं, तब राजस्थान भी अपने खिलाड़ियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है। विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं, समर्पित प्रशिक्षण व्यवस्था और सरकार की प्रतिबद्धता इस उम्मीद को और मजबूत करती है कि आने वाले वर्षों में राजस्थान के जनजातीय युवा ओलंपिक के मैदान में भारत का तिरंगा बुलंद करेंगे। लेक्रोस में उभरती यह नई कहानी खेल उपलब्धियों के इतर उस बदलते राजस्थान की भी कहानी है जहां दूरस्थ जनजातीय अंचलों की प्रतिभाएं अब विश्व मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी ताकत से आगे बढ़ रही हैं।

  • मोबाइल में संवेदनशील जानकारी रखना पड़ सकता भारी, राजस्थान पुलिस ने जारी की साइबर एडवाइजरी

    मोबाइल में संवेदनशील जानकारी रखना पड़ सकता भारी, राजस्थान पुलिस ने जारी की साइबर एडवाइजरी

     उदयपुर
     स्मार्टफोन सिर्फ कॉलिंग का जरिया नहीं रहा, बल्कि बैंक खाते, आधार-पैन, निजी फोटो, ऑफिस ई-मेल और डिजिटल दस्तावेज का सबसे बड़ा स्टोर बन चुका है। यही वजह है कि साइबर अपराधियों का निशाना मोबाइल ही होता है।

    राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एडवाइजरी जारी की है कि मोबाइल में संवेदनशील जानकारी बिना सुरक्षा के रखना आर्थिक नुकसान, गोपनीयता में दखल और ब्लैकमेलिंग जैसी गंभीर घटनाओं का कारण बन सकता है।

    राजस्थान पुलिस ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए मोबाइल में निजी और संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखने की अपील की है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, देश में हर रोज 1.3 लाख से अधिक साइबर हमले हो रहे हैं। ऐसे में छोटी-सी लापरवाही भी लाखों रुपए की ठगी की वजह बन सकती है।

    हाल ही सामने आए बैंक ऑफ बड़ौदा डेटा लीक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए बताया कि एक कर्मचारी के ई-मेल से करीब एक टेराबाइट डेटा डार्क वेब पर पहुंच गया। यह घटना बताती है कि छोटी सी सुरक्षा चूक बड़ी साइबर चुनौती बन सकती है।

    चिंता बढ़ा रहे साइबर सुरक्षा से जुड़े आंकड़े
        61 फीसदी लोग आधार, पैन और निजी दस्तावेज मोबाइल में रखते।
        60 प्रतिशत लोगों की निजी फोटो और वीडियो होती हैं मोबाइल में।
        48 प्रतिशत लोगों के ऑफिस ई-मेल मोबाइल से ऑपरेट होते हैं।
        38 प्रतिशत की बैंकिंग जानकारी मोबाइल में ही सेव रखी जाती है।
        37 प्रतिशत की एआई चैट हिस्ट्री मोबाइल में रखी जाती है।
        34 प्रतिशत लोग अपने पासवर्ड भी फोन में ही सेव रखते हैं।

    पुलिस की सलाह, बरतें सावधानी
        सार्वजनिक वाई-फाई पर बैंकिंग या संवेदनशील काम नहीं करें।
        फोन में स्क्रीन लॉक और स्टोरेज एन्क्रिप्शन हमेशा चालू रखें।
        मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अवश्य अपनाएं।
        उपयोगी एप केवल अधिकृत प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें।
        बैंकिंग एप और अहम दस्तावेज सिक्योर या हिडन फोल्डर में रखें।
        अनावश्यक एप परमिशन और ऑटो एक्सेस देना बंद करें।
        क्लाउड बैकअप को भी मजबूत सुरक्षा से सुरक्षित रखें।
        लोकेशन ट्रैकिंग और सुरक्षा फीचर हमेशा सक्रिय रखें।

    अपराधियों का फोकस बैंक खातों ही नहीं
    राजस्थान पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधियों का फोकस केवल बैंक खातों तक सीमित नहीं रहा। वे आइडेंटीटी चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी, निजी फोटो-वीडियो से ब्लैकमेलिंग, डिजिटल अरेस्ट और कंपनियों के गोपनीय दस्तावेज चुराकर फिरौती मांगने जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।

    अब एआई चैट भी अपराधियों के निशाने पर
    साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल में मौजूद एआई चैट हिस्ट्री, निजी नोट्स और ई-मेल भी अब संवेदनशील डेटा बन चुके हैं। इनमें कई बार व्यक्तिगत जानकारी, दफ्तर के दस्तावेज और फाइनेंशल डिटेल होते हैं, जिनका दुरुपयोग फिशिंग और ब्लैकमेलिंग के लिए हो सकता है।

    यदि साइबर ठगी का संदेह हो तो तुरंत बैंक को सूचना देकर खाते को ब्लॉक करवाएं। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, राशि रिकवर होने की संभावना उतनी अधिक रहेगी। शुरुआती कुछ घंटे रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ा सकते हैं।
    -वीके सिंह, एडीजी (साइबर क्राइम), राजस्थान पुलिस

  • चंडीगढ़ में AAP नेताओं-कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, वॉटर कैनन चलाकर किया तितर-बितर

    चंडीगढ़ में AAP नेताओं-कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, वॉटर कैनन चलाकर किया तितर-बितर

    चंडीगढ़.

    नगर निगम की 31 जुलाई को हुई सदन की बैठक में 227 करोड़ रुपये के पाइपलाइन परियोजना सहित कई प्रस्तावों को बिना चर्चा के पारित किए जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) ने वीरवार को नगर निगम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने लोकभवन की ओर कूच करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें मौके पर ही रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की व झड़प भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। बाद में पुलिस के समझाने पर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल लोकभवन पहुंचा और चंडीगढ़ प्रशासन के नाम अपना मांगपत्र सौंपा। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम सदन की बैठक में कजोली वॉटर वर्क्स से सेक्टर-39 वॉटर वर्क्स तक पाइपलाइन बदलने से संबंधित करीब 227 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को बिना किसी चर्चा के ही पारित कर दिया गया।

    इसके अलावा टेबल एजेंडा के रूप में लाए गए 15 अन्य प्रस्तावों पर भी सदन में चर्चा नहीं कराई गई। पार्टी का कहना है कि भाजपा सत्ता और बहुमत का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के प्रस्ताव बिना बहस के पारित करा रही है। इतने बड़े वित्तीय प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी की गई। आप ने कहा कि वह जनता के एक-एक पैसे की जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए संघर्ष जारी रखेगी और इस तरह धन का दुरुपयोग नहीं होने देगी। हालांकि, इस पूरे मामले में भाजपा के भीतर भी विरोध के स्वर उभरे हैं। भाजपा के अपने ही कई पार्षदों ने टेबल एजेंडा को बिना चर्चा के पारित किए जाने पर सवाल उठाए थे।

    सीनियर डिप्टी मेयर जस्मंत प्रीत सिंह, पूर्व मेयर अनूप गुप्ता सहित छह से अधिक पार्षदों ने इस मुद्दे पर खुलकर मोर्चा संभाला था। पार्षदों के दबाव के बाद मेयर सौरोभ जोशी ने नगर निगम आयुक्त अमित कुमार को पत्र लिखकर 227 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को वापस लेकर दोबारा सदन में चर्चा के लिए लाने को कहा है। साथ ही, टेबल एजेंडा में सामने आई त्रुटियों की जांच कर इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। ऐसे में यह मुद्दा अब केवल विपक्ष के विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाजपा के भीतर भी चर्चा और विवाद का विषय बन गया है।

  • हरियाणा में कबाड़ से बनेंगे अजूबे, हर जिले में विकसित होंगे वेस्ट टू वंडर पार्क

    हरियाणा में कबाड़ से बनेंगे अजूबे, हर जिले में विकसित होंगे वेस्ट टू वंडर पार्क

    चंडीगढ़
    हरियाणा के शहर अब कबाड़ से नई पहचान गढ़ेंगे। प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में ''वेस्ट टू वंडर पार्क'' विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम तेज कर दिया है।

    इन पार्कों में औद्योगिक कचरे, लोहे की चादरों, नट-बोल्ट, पुरानी गाड़ियों और उनके पार्ट्स सहित अन्य अनुपयोगी सामग्री से देश-दुनिया के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारकों और अजूबों की आकर्षक प्रतिकृतियां तैयार की जाएंगी। इससे एक ओर अपशिष्ट के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शहरों को नए पर्यटन और मनोरंजन केंद्र भी मिलेंगे

    स्थानीय निकाय एवं राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने बुधवार को अधिकारियों के साथ अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में सभी जिलों के लिए वेस्ट टू वंडर पार्क की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पहले चरण में गुरुग्राम में ऐसा पार्क विकसित किया जा रहा है और उसके माडल को प्रदेश के अन्य नगर निकायों में भी लागू किया जाएगा।

    बैठक में शहरी विकास से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी मंथन हुआ। मंत्री ने शहरी क्षेत्रों की सब्जी मंडियों में मल्टीलेवल पार्किंग विकसित करने, पुराने नगर निगम कार्यालयों को आधुनिक वाणिज्यिक परिसरों में बदलने तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) क्षेत्रों और गुरुग्राम की पुरानी कालोनियों में पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए विस्तृत योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए।

    समीक्षा बैठक में पंचकूला के नग्गल में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, जगाधरी के पुराने एमसी कार्यालय परिसर में शापिंग कांप्लेक्स और कन्वेंशन-कम-बैंकेट हाल विकसित करने तथा पानीपत स्थित आइओसीएल परिसर में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट के लिए एसटीपी स्थापित करने संबंधी प्रस्तावों पर भी कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

    इसके अलावा फरीदाबाद के अरावली गोल्फ कोर्स के उन्नयन, मल्टीलेवल पार्किंग और कामर्शियल कांप्लेक्स विकसित करने के साथ-साथ गोंची ड्रेन और बुढ़िया नाले के पुनर्विकास की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को नई गति देना है।

  • चरखी दादरी में थाना के सामने स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ फायरिंग, सात लोग गंभीर घायल

    चरखी दादरी में थाना के सामने स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ फायरिंग, सात लोग गंभीर घायल

     चरखी दादरी
    शहर में गुरुवार को कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली बड़ी वारदात सामने आई। सिटी थाना के ठीक सामने दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों ने एक स्ककार्पियो गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी और वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावार मौके से पैदल ही फरार हो गए।

    गोलियों की गूंज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में स्कार्पियो सवार सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फायरिंग इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई।

    सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल उपचार के लिए नागरिक अस्पताल चरखी दादरी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी सात घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। जिन लोगों को गोलियां लगी हैं उसमें अंकित मानकावास, कीर्तिमान हिसार, कृष्ण महेंद्रगढ़,सूरज मानहेरू, अंकित भिवानी, विजय उर्फ सन्नी हिसार,अमित फतेहगढ़ शामिल हैं।

    डीएसपी सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक , डीएसपी सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है।

    घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को कब्जे में लेकर फोरेंसिक टीम की भी सहायता ली जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।

    दिनदहाड़े थाना के सामने हुई इस वारदात से शहर में दहशत का माहौल है। पुलिस हमलावरों की तलाश दबिश दे रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल फायरिंग के कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है।

     

  • हजारीबाग का डेमोटांड फार्म बनेगा एग्रो टूरिज्म केंद्र, किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

    हजारीबाग का डेमोटांड फार्म बनेगा एग्रो टूरिज्म केंद्र, किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

    रांची
     कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने हजारीबाग स्थित कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, डेमोटांड के 160 एकड़ में फैले अत्याधुनिक फार्म को अब एग्रो टूरिज्म के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा की है, ताकि किसान, छात्र और पर्यटक कृषि के नए प्रयोगों से सीधे जुड़ सकें।

    मंत्री ने बताया कि केंद्र में चल रहे नवाचारों को राज्य के कृषि विकास का मॉडल बनाया जाएगा। यहां ईडीआरएफ के तहत कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और अन्य सहायक गतिविधियों को एक साथ जोड़कर किसानों के लिए टिकाऊ और लाभकारी मॉडल तैयार किया जा रहा है।

    झारखंड में कॉफी-चाय की खेती की शुरुआत
    उन्होंने बताया कि झारखंड में पहली बार 20 एकड़ क्षेत्र में पायलट तौर पर चाय की खेती की गई है। इसके साथ ही उद्यान विभाग द्वारा कॉफी की खेती का भी पहली बार परीक्षण शुरू किया गया है।

    मंत्री शिल्पी तिर्की ने बताया कि प्रारंभिक परिणाम बेहद उत्साहजनक हैं। यदि यह परीक्षण सफल रहा तो राज्य के अनुकूल क्षेत्रों में चाय और कॉफी की खेती का चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा। इससे किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली वैकल्पिक फसलों से भी लाभ मिलेगा।

    एग्रो टूरिज्म से बदलेगी तस्वीर
    मंत्री ने कहा कि डेमोटांड केंद्र को एग्रो टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत यहां प्री-फैब्रिकेटेड कॉटेज, आधुनिक प्रदर्शन इकाइयां, अनुभव आधारित कृषि पर्यटन, प्रशिक्षण केंद्र, उद्यान भ्रमण और जैविक खेती प्रदर्शन क्षेत्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
    केंद्र के माध्यम से राज्यभर के लगभग 2,000 किसानों को आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग की जानकारी दी जाती है, जिससे उनकी उत्पादकता और आय बढ़ सके। डेमोटांड केंद्र को आधुनिक, लाभकारी और रोजगारमुखी बनाकर झारखंड को कृषि नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की तैयारी है।

    हमारा उद्देश्य झारखंड की कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना है। बल्कि नवाचार, वैज्ञानिक अनुसंधान और कृषि पर्यटन को जोड़कर किसानों की आय का नया स्रोत विकसित करना है। -शिल्पी नेहा तिर्की, कृषि मंत्री।

     

  • पटना एयरपोर्ट पार्किंग शुल्क बढ़ा, अब वाहन खड़ा करने पर देना होगा ज्यादा पैसा

    पटना एयरपोर्ट पार्किंग शुल्क बढ़ा, अब वाहन खड़ा करने पर देना होगा ज्यादा पैसा

    पटना
    पटना एयरपोर्ट पर अब वाहन पार्क करने पर आपको पहले से ज्यादा शुल्क चुकाना होगा। पटना एयरपाेर्ट पर नया पार्किंग शुल्क बुधवार को लागू हो गया। शुल्क में छह गुना तक का इजाफा किया गया है। तीस मिनट के लिए बाइक-स्कूटी पर शुल्क पहले की तरह 10 रुपए ही लगेंगे। सात सीटर निजी कार, एसयूवी के लिए अब 20 की जगह 40 रुपये देने होंगे। सात सीटर से अधिक वाली एसयूवी, ऑटो और निजी कार को 20 की जगह 80 रुपये चुकाने होंगे। बस, कोच और ट्रक को 30 रुपये की जगह 200 रुपये देने होंगे।

    30 मिनट से दाे घंटे तक के शुल्क में भारी इजाफा किया गया है। इसमें बाइक के लिए 15 रुपये ही देने होंगे। कार और एसयूवी सात सीटर के लिए अब 55 की जगह 65 रुपये देने होंगे। वहीं, ऑटो, मिनी बस, और सात सीट से अधिक वाले एसयूवी को 60 रुपये की जगह 80 रुपये शुल्क देने होंगे। वहीं, काेच, बस, ट्रक के लिए यह दर 70 की जगह 300 रुपये होगी। गेट के इंट्री से लेकर एग्जिट तक पिक एंड ड्राॅप के लिए 9 मिनट कर दिया गया है। ओला या उबर आदि से एरावइल या डिपार्चर तक जाने का चार्ज 55 रुपए देने हाेंगे। इसमें जीएसटी भी शामिल है। नया रेट पांच साल के बाद लागू किया गया है।

    नेहरू पथ का चौड़ीकरण शुरू डिवाइडर हटाए, यू-टर्न भी बंद
    इधर पटना में मेट्रो निर्माण कार्य के कारण नेहरू पथ के चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। बुधवार को चिड़ियाखाना के गेट नंबर-1 के पास से डिवाइडर हटाए गए। यू-टर्न भी बंद किए गए। कई सरकारी भवनों की चहारदीवारी भी टूटेगी। इसके लिए मापी शुरू हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, आयकर गोलंबर से जू तक व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक लगेगी। इस पर निजी, सरकारी और इमरजेंसी वाहन ही चलेंगे। चिड़ियाखाना के गेट नंबर -1 के पास से विकास भवन तक चौड़ाई बढ़ाई जाएगी क्योंकि वाहनों का दबाव अधिक हो गया है। चिड़ियाखाना और विकास भवन के पास मेट्रो का निर्माण कार्य चल रहा है।

    इससे सड़क की चौड़ाई 10 फीट तक कम हो गई है। इसीलिए दोनों जगहों पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए डिवाइडर, यूटर्न और सरकारी आवासों की बाउंड्री को तोड़ने का निर्णय लिया गया है। पथ निर्माण विभाग की टीम ने चिड़ियाखाना के पास मंगलवार को नेहरू पथ की मापी भी की थी। उसी के आधार पर बुधवार को डिवाइडर हटाए गए और यूटर्न बंद किए गए। इससे सड़क पांच फीट चौड़ी हो जाएगी। विकास भवन और विश्वेश्वरैया भवन के पास चहारदीवारी टूटेगी। इससे यहां सात फीट तक सड़क चौड़ी हो जाएगी। ट्रैफिक एसपी सागर कुमार ने बताया कि नेहरू पथ के चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। एक सप्ताह के अंदर इसे पूरा कर लिया जाएगा।

    15 तक पूरा हो सकता है चौड़ीकरण का काम
    नेहरू पथ पर सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि 15 अगस्त तक चौड़ीकरण का काम पूरा हो जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग, पथ निर्माण विभाग और परिवहन विभाग की सहमति के बाद वाहनों के परिचालन को लेकर नई व्यवस्था लागू होगी। पटना यातायात पुलिस तीनों विभागों को पत्र भेज चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि अगले 15 अगस्त के बाद नई व्यवस्था के अनुसार नेहरू पथ पर वाहनों का परिचालन शुरू किया जा सकता है।

    वीरचंद पथ से हार्डिंग रोड होकर जाएंगे व्यावसायिक वाहन
    व्यावसायिक वाहन आयकर गोलंबर से वीरचंद पथ होते हुए हार्डिंग रोड की ओर जाएंगे। वहां से पीर अली पथ होते हुए एयरपोर्ट- शेखपुरा रोड या जगदेव पथ की ओर जा सकेंगे। इस मार्ग पर ऑटो, ई-रिक्शा और सिटी बसें चलेंगी। सगुना मोड़ से डाकबंगला की ओर जाने वाले व्यावसायिक वाहन जगदेव पथ या शेखपुरा मोड़ से एयरपोर्ट रोड की ओर जा सकेंगे।

  • कबाड़ से संवरेंगे हरियाणा के शहर, हर जिले में बनेंगे दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां

    कबाड़ से संवरेंगे हरियाणा के शहर, हर जिले में बनेंगे दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के शहर अब कबाड़ से नई पहचान गढ़ेंगे। प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में ''वेस्ट टू वंडर पार्क'' विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम तेज कर दिया है। इन पार्कों में औद्योगिक कचरे, लोहे की चादरों, नट-बोल्ट, पुरानी गाड़ियों और उनके पार्ट्स सहित अन्य अनुपयोगी सामग्री से देश-दुनिया के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारकों और अजूबों की आकर्षक प्रतिकृतियां तैयार की जाएंगी।

    इससे एक ओर अपशिष्ट के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शहरों को नए पर्यटन और मनोरंजन केंद्र भी मिलेंगे। स्थानीय निकाय एवं राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने बुधवार को अधिकारियों के साथ अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में सभी जिलों के लिए वेस्ट टू वंडर पार्क की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पहले चरण में गुरुग्राम में ऐसा पार्क विकसित किया जा रहा है और उसके माडल को प्रदेश के अन्य नगर निकायों में भी लागू किया जाएगा।

    बैठक में शहरी विकास से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी मंथन हुआ। मंत्री ने शहरी क्षेत्रों की सब्जी मंडियों में मल्टीलेवल पार्किंग विकसित करने, पुराने नगर निगम कार्यालयों को आधुनिक वाणिज्यिक परिसरों में बदलने तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) क्षेत्रों और गुरुग्राम की पुरानी कालोनियों में पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए विस्तृत योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए।
    समीक्षा बैठक में पंचकूला के नग्गल में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, जगाधरी के पुराने एमसी कार्यालय परिसर में शापिंग कांप्लेक्स और कन्वेंशन-कम-बैंकेट हाल विकसित करने तथा पानीपत स्थित आइओसीएल परिसर में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट के लिए एसटीपी स्थापित करने संबंधी प्रस्तावों पर भी कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा फरीदाबाद के अरावली गोल्फ कोर्स के उन्नयन, मल्टीलेवल पार्किंग और कामर्शियल कांप्लेक्स विकसित करने के साथ-साथ गोंची ड्रेन और बुढ़िया नाले के पुनर्विकास की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को नई गति देना है।

  • DA विवाद में पंजाब सरकार की बढ़ीं मुश्किलें, कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की कैविएट

    DA विवाद में पंजाब सरकार की बढ़ीं मुश्किलें, कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की कैविएट

    चंडीगढ़
     पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा महंगाई भत्ता (डी.ए.) मामले में पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पैंशनरों के पक्ष में दिए गए फैसले के बाद कर्मचारियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में 'कैविएट' दायर की गई है। यह 'कैविएट' 5 अगस्त को दायर की गई।

    कर्मियों को आशंका है कि पंजाब सरकार हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में स्पैशल लीव पिटीशन (एस.एल.पी.) दाखिल कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों ने पहले ही यह कानूनी कदम उठाया है। कैविएट एक कानूनी एहतियाती उपाय है, जिसे तब दायर किया जाता है जब किसी पक्ष को आशंका हो कि दूसरा पक्ष उच्च अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि अदालत कोई भी अंतरिम आदेश या स्थगन (स्टे) देने से पहले कैविएट दायर करने वाले पक्ष को सुनवाई का अवसर दे।

    यदि पंजाब सरकार डी.ए. मामले में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एस.एल.पी. दायर करती है तो सुप्रीम कोर्ट कर्मचारियों और पैंशनरों का पक्ष सुने बिना सरकार को कोई अंतरिम राहत या स्टे नहीं दे सकेगा। पहले कर्मचारियों को नोटिस जारी किया जाएगा और उनकी दलीलें सुनने के बाद ही अदालत कोई अंतरिम आदेश पारित करेगी। बता दें कि हाईकोर्ट ने सख्त आदेश जारी कर पंजाब सरकार को  15 दिन में 8 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों का DA जारी करने के लिए कहा हैं। इसके साथ ही कहा गया है कि अगर इस महीने के अंत कर कर्मचारियों-पेंशनरों का DA जारी नहीं होता तो 6 प्रतिशत ब्याज देना होगा।