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  • राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों का 10 दिन में होगा सुरक्षा ऑडिट, विभाग सख्त

    राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों का 10 दिन में होगा सुरक्षा ऑडिट, विभाग सख्त

    उदयपुर
     राजस्थान में सरकारी विद्यालयों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालय भवनों का 100 प्रतिशत सुरक्षा ऑडिट आगामी 10 दिन में पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों (सीडीईओ) एवं समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समन्वयकों को स्पष्ट कहा कि सुरक्षा ऑडिट में ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। तय समय में ऑडिट पूरा कर उसकी रिपोर्ट राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा एवं आयुक्त, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद को भेजनी होगी। इसकी प्रति प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को भी देनी होगी।

    शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका में दिए गए निर्देशों की पालना में की है। विभाग ने कहा कि बिना सुरक्षा प्रमाण-पत्र (सेफ्टी सर्टिफिकेट) वाले किसी भी राजकीय विद्यालय भवन का उपयोग नहीं किया जाएगा। ऐसे में जिन स्कूल भवनों का अब तक सुरक्षा ऑडिट नहीं हुआ है, उन्हें प्राथमिकता से पीडब्ल्यूडी के जरिये जांच करवाकर सुरक्षा प्रमाण-पत्र जारी कराना होगा।

    निर्देशों में केवल नियमित विद्यालय भवन ही नहीं, बल्कि वे भवन भी शामिल हैं जहां असुरक्षित घोषित स्कूलों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है। इनमें अन्य सरकारी विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र अथवा सार्वजनिक भवन शामिल हैं।

    लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
    निदेशालय ने कई जिलों से मिली शिकायतों का भी उल्लेख किया है, जिनमें अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, कनिष्ठ अभियंता एवं सहायक अभियंताओं की ओर से सुरक्षा ऑडिट कार्य में सहयोग नहीं देने की बात सामने आई है। ऐसे कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य स्तर पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने साफ किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    जर्जर भवनों को ध्वस्त करें
    शिक्षा विभाग ने उन विद्यालय भवनों पर भी ध्यान देने को कहा है, जिन्हें पूर्व में सर्वे या पुनः सर्वे के बाद पूरी तरह जर्जर घोषित किया जा चुका है। ऐसे भवनों को खाली कराकर शीघ्र ध्वस्त करने करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना, जनहानि या अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके लिए अभियंताओं के सहयोग से तत्काल प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

    संभाग से लेकर जिला स्तर तक होगी मॉनिटरिंग
    आदेश में संभागीय संयुक्त निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, समग्र शिक्षा के अधिकारियों और अभियंताओं को सुरक्षा ऑडिट की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा समयबद्ध रिपोर्ट राज्य मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि अभियान की प्रगति पर नजर रखी जाएगी और प्रत्येक जिले की जवाबदेही तय होगी।

  • कपूरथला में दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई कार, दो की मौत, एक गंभीर घायल

    कपूरथला में दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई कार, दो की मौत, एक गंभीर घायल

    कपूरथला.

    सुल्तानपुर लोधी-तलवंडी चौधरियां मार्ग पर बुधवार की रात हुए गांव सवाल के पास एक निजी स्कूल के बाहर तेज रफ्तार महिंद्रा एक्सयूवी500 के अनियंत्रित होकर पेड़ और स्कूल की ग्रिल से टकराने से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई,जो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।

    जानकारी के अनुसार हादसाग्रस्त गाड़ी नंबर पीबी10डीटी2835 सुल्तानपुर लोधी से तलवंडी चौधरियां की तरफ जा रही थी। रात करीब 12 बजे जब गाड़ी गांव सवाल के पास पहुंची तो चालक ने अचानक संतुलन खो दिया। पहले कार सड़क किनारे लगे एक पेड़ से टकराई। रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर के बाद गाड़ी बेकाबू होकर पास स्थित निजी स्कूल की लोहे की ग्रिल से जा टकराई और फिर कुछ दूरी पर दूसरे पेड़ से भिड़ गई। जबरदस्त टक्कर के कारण गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी के टायर, शीशे और अन्य पुर्जे सड़क पर काफी दूर तक बिखर गए।

    इस हादसे में राहुल गिल पुत्र सतपाल निवासी गांव बिधीपुर, सुल्तानपुर लोधी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि लभ्भी पुत्र सोनू राम निवासी तलवंडी बूटा जिला जालंधर उम्र 17 साल की तथा अंजना रानी पत्नी राहुल गिल, निवासी गांव शंकर जिला जालंधर उम्र 23 साल को गंभीर हालत में सुल्तानपुर लोधी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान लभ्भी की मौत हो गई। वहीं, अंजना की हालत को गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया है। पुलिस ने रात करीब 12 बजे घायलों को सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी पहुंचाया था। राहुल का शव रात करीब एक बजे पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

    पुलिस जांच में जुटी
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे के असल कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार और संतुलन बिगड़ना हादसे की वजह मानी जा रही है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

  • बिहार के विधायक सीखेंगे AI और डिजिटल तकनीक, मुख्यमंत्री करेंगे एमकेवीआइ पोर्टल लॉन्च

    बिहार के विधायक सीखेंगे AI और डिजिटल तकनीक, मुख्यमंत्री करेंगे एमकेवीआइ पोर्टल लॉन्च

     पटना
     विधानसभा द्वारा गुरुवार को आयोजित होने वाले प्रबोधन कार्यक्रम में विधायक डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण पाएंगे। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन विधानसभा अध्यक्ष डा. प्रेम कुमार करेंगे।

    इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना (एमकेवीआइ) से संबंधित वेब पोर्टल (प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग इंफार्मेशन सिस्टम पोर्टल) का शुभारंभ किया जाएगा।

    दो सत्रों में होगा विधायकों का प्रशिक्षण
    विधानसभा के विस्तारित भवन स्थित ऑडिटोरियम में सुबह 11:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक दो सत्रों में यह प्रबोधन कार्यक्रम होगा।

    इसमें विधायकों को डिजिटल तकनीक और एआइ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी कार्यक्रम में विधायकों को संबोधित करेंगे।

    विधानसभा अध्यक्ष ने तैयारियों का लिया जायजा
    बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष डा. प्रेम कुमार ने कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि नवीन तकनीकों एवं डिजिटल प्रशासनिक प्रणालियों से जनप्रतिनिधियों का परिचित होना भी आवश्यक है। बदलते दौर में तकनीक की समझ जनप्रतिनिधियों के लिए उपयोगी साबित होगी।

    डिजिटल सुशासन और पारदर्शिता पर जोर
    विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह कार्यक्रम विधायकों की तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ करने के साथ डिजिटल सुशासन, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं परिणामोन्मुख विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

    डिजिटल प्रणालियों की जानकारी से विधायक अपने विधायी और क्षेत्रीय दायित्वों को अधिक प्रभावी तरीके से निभा सकेंगे।

    जनप्रतिनिधियों और प्रशासन में बेहतर समन्वय
    उन्होंने कहा कि नई तकनीक से विधायी दायित्वों के निर्वहन की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। साथ ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तकनीक आधारित समन्वय और अधिक प्रभावी बनेगा।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से योजनाओं की निगरानी और प्रगति की जानकारी हासिल करना भी आसान होगा।

    एमकेवीआइ पोर्टल से योजनाओं की निगरानी
    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना (एमकेवीआइ) से संबंधित प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग इंफार्मेशन सिस्टम पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा।

    इस पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की निगरानी और उनकी प्रगति से जुड़ी जानकारी को डिजिटल माध्यम से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

    इससे योजना क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

     

  • जमशेदपुर में महिला मतदाताओं का दबदबा, पुरुषों से 6,673 ज्यादा

    जमशेदपुर में महिला मतदाताओं का दबदबा, पुरुषों से 6,673 ज्यादा

    रांची
    नई प्रारूप मतदाता सूची के अनुसार, जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 15,11,805 है। इनमें महिला मतदाताओं की संख्या 7,59,206 दर्ज की गई है, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 7,52,533 है।

    इस प्रकार जिले में पुरुषों के मुकाबले 6,673 अधिक महिला मतदाता पंजीकृत हैं। इसके अतिरिक्त सूची में 66 थर्ड जेंडर (तृतीय लिंग) मतदाता भी शामिल हैं।
    छह में से 5 विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं का वर्चस्व

    जिले के कुल छह विधानसभा क्षेत्रों में से पांच में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है:    
            पोटका: 1,30,003 पुरुष और 1,33,823 महिला मतदाता।
            जुगसलाई: 1,44,023 पुरुष और 1,44,093 महिला मतदाता।
            जमशेदपुर पूर्वी: 1,14,945 पुरुष और 1,16,106 महिला मतदाता।
            जमशेदपुर पश्चिमी: 1,38,894 पुरुष और 1,40,145 महिला मतदाता।

    जिले में केवल बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र ही अपवाद है, जहां पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है। यहां 1,12,375 पुरुष मतदाताओं की तुलना में 1,10,052 महिला मतदाता पंजीकृत हैं।

    जागरूकता अभियानों का दिखा असर
    विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान ग्रामीण और शहरी इलाकों में महिलाओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया था।

    बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर किए गए सत्यापन और व्यापक जागरूकता अभियानों के कारण महिला पंजीकरण में यह ऐतिहासिक वृद्धि संभव हो सकी है।

     

  • जेपीएससी-जेएसएससी गड़बड़ी पर सीएम हेमंत सख्त, दोषियों को नहीं मिलेगी राहत

    जेपीएससी-जेएसएससी गड़बड़ी पर सीएम हेमंत सख्त, दोषियों को नहीं मिलेगी राहत

    रांची
     झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों के साथ बुधवार को श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रियाओं में गड़बड़ी को लेकर स्पष्ट तौर पर कहा कि इस मामले में कोई भी दोषी हो, कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, बचेगा नहीं।

    उन्होंने इतना तक कहा कि जांच एजेंसी को पूरी छूट दी गई है कि इस प्रकरण में किसी को भी छोड़ा न जाए। अगर उनके घर में भी कोई शामिल है, तो एजेंसी उसपर कार्रवाई करे

    इसकी जानकारी देते हुए कांग्रेस कोटे से मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि मुख्यमंत्री की बातों का विधायकों ने एकमत होकर स्वागत किया। बैठक में सत्ताधारी गठबंधन के सभी मंत्री और विधायक मौजूद थे। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष विशेष तौर पर बैठक में पहुंचे थे।

    इससे पहले कांग्रेस के सभी विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां उनकी जेपीएससी मामले पर मुख्यमंत्री के साथ बात हुई। बाद में सभी उनके साथ श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान पहुंचे। विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र के सफल, सार्थक और सुचारू संचालन को लेकर चर्चा की।

    बैठक से निकलने के बाद कांग्रेस विधायक अनूप सिंह और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बैठक से संबंधित जानकारी साझा की और कहा कि सत्ता पक्ष विपक्ष के आरोपों का खुलकर जवाब देगी। इस दौरान भाजपा के शासनकाल में हुई गड़बड़ियों को लेकर सत्तापक्ष को आक्रामक रुख अपनाने की बातें हुई।

    विधायकों को पूरी तैयारी के साथ सदन मं पहुंचने के लिए कहा गया। कांग्रेस विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने बताया कि छात्रवृत्ति की राशि देने में केंद्र सरकार की ओर से की जा रही अनदेखी का मुद्दा भी सत्ताधारी गठबंधन के विधायक उठाएंगे।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सरकार की रणनीति स्पष्ट रूप से यह है कि जनहित के मुद्दाें पर सरकार विपक्ष को राजनीति करने का मौका नहीं देगी। छात्रों की भावनाओं को ध्यान में रखा जाएगा।

    सत्तापक्ष इस सत्र में विपक्ष को हावी होने का मौका नहीं देगा। सूत्रों के अनुसार, मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हमलावर होने पर सत्ता पक्ष भाजपा के कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों का उठाएगा। विपक्ष के सवालों का उसी अंदाज में जवाब दिया जाएगा।

    सदन के भीतर विपक्ष द्वारा छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के उठाए जाने वाले मुद्दों पर केवल बचाव की मुद्रा में रहने के बजाय आक्रामक रुख अपनाया जाएगा।

    सत्र की अवधि छोटी, जनहित में हो समय का उपयोग
    विधानसभाध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में मानसून सत्र को लेकर विधायक दल के नेताओं के साथ बैठक की। इसमें मानसून सत्र के औपबंधिक कार्य दिवसों के संबंध में गहन विचार-विमर्श हुआ।

    उन्होंने विधायक दल के नेताओं से कहा कि सत्र अपेक्षाकृत छोटा होने के बाद भी हमें विचार करना चाहिए कि समय का सदुपयोग जनहित में किस प्रकार किया जा सके। बैठक में विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा कराए जाने पर विमर्श हुआ।

    तय हुआ कि इसपर निर्णय कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लिया जाएगा, ताकि सदन के भाव के अनुरूप चर्चा के विषय निर्धारित किए जा सके। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के समय को विस्तृत करने की भी बात कही, ताकि सदस्यों को विभिन्न मुद्दों पर बात करने का पर्याप्त समय मिल सके।

    बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान, विधायक अरूप चटर्जी, जनार्दन पासवान, निर्मल महतो, जयराम महतो, विधान सभा के प्रभारी सचिव रंजीत कुमार आदि उपस्थित थे।

    परीक्षाओं में गड़बड़ियों की सीबीआइ जांच की मांग उठाएंगे एनडीए विधायक
    विधानसभा के मानसून सत्र के लिए रणनीति तय करने को लेकर एनडीए विधायक दल की बुधवार को हुई बैठक में सदन में जेपीएससी एवं जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ियों को पुरजोर ढंग से उठाने का निर्णय लिया गया।

    बैठक की जानकारी देते हुए भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि विधायकों ने कहा है कि अभी राज्य में छात्रों का मुद्दा सबसे ज्वलंत है। भाजपा

    विधानसभा में और सड़क पर पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय की देखरेख में सीबीआइ से कराने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि जेपीएससी परीक्षा में पेपर फिक्स का साक्ष्य सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी एनडीए विधायक 12 अगस्त तक
    चलने वाली विधानसभा सत्र के दौरान छात्रों की मांग को पूरी मुखरता और मजबूती से उठाएंगे।

    बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, विधायक सीपी सिंह, मनोज यादव, सत्येंद्र नाथ तिवारी, डॉ. नीरा यादव, अमित कुमार यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, नागेंद्र महतो, रौशनलाल चौधरी, कुमार उज्जवल, रागिनी सिंह, शत्रुघन महतो, मंजु कुमारी, आजसू विधायक निर्मल महतो, लोजपा विधायक जनार्दन पासवान भी मौजूद रहे।

    हाथ में छाता लिए स्कीपा पहुंचे मुख्यमंत्री और मंत्री
    जिस समय श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में सत्तारूढ़ विधायक दल की बैठक चल रही थी उस समय काफी तेज बारिश हो रही थी। ऐसे में सीएम आवास से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई मंत्री हाथ में छाता लिए वहां पहुंचे।

  • HTET 2025 का रिजल्ट तैयार, जल्द होगी घोषणा; आपत्तियों पर मिले ग्रेस अंक

    HTET 2025 का रिजल्ट तैयार, जल्द होगी घोषणा; आपत्तियों पर मिले ग्रेस अंक

    भिवानी
     हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का परिणाम तैयार है मगर घोषणा का इंतजार है। बोर्ड अधिकारियों की ओर से एक प्रतिशत अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की बोर्ड कर्मचारियों से भी जांच करवा ली है।

    ऐसे में अब कभी भी परिणाम की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। प्रश्न पत्रों और आंसर-की पर आई करीब 18 हजार आपत्तियों पर भी बोर्ड के विशेषज्ञों ने अपनी राय दे दी है। जिसके अनुसार सभी लेवल के प्रश्न पत्रों के कुछ-कुछ प्रश्नों और विकल्पों में खामियां मिली है। जिनके बदले अभ्यर्थियों को ग्रेस अंक दिए जाएंगे।

    हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से पांच व छह जुलाई को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 करवाई गई थी। सुरक्षा के कडे़ पहरे और सीसीटीवी की निगरानी में करीब 1,92,226 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी जबकि 17.60 प्रतिशत यानी 41068 अनुपस्थित रहे थे। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्रों की खामियों के कारण काफी सवाल उठे और अभ्यर्थियों ने आरोप लगाए कि मुहावरे का अर्थ पूछा मगर मुहावरा दिया ही नहीं।

    इनके अलावा मैथ के सवालों में अंग्रेजी में अलग अंक दिए और हिंदी में अलग। कई जगह प्रश्न पत्र मिस प्रिंटिंग की शिकायत आई। करीब 18 हजार प्रश्नों और आंसर-की पर अभ्यर्थियों ने आपत्तियां दर्ज करवाई। विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों की आपत्तियों की जांच कर अपनी रिपोर्ट बोर्ड अधिकारियों को सौंपी।

    एक्सपर्ट ने भी माना है कि कुछ प्रश्न अधूरे थे तो कुछ विकल्प एक से ज्यादा सहीं थे। जिस कारण अब बोर्ड ने परीक्षार्थियों को लेवल व कोड अनुसार प्रश्न पत्रों में मिली खामियों के आधार पर मूल्यांकन करते हुए ग्रेस अंक दिए है।

    बोर्ड अधिकारियों की ओर से तीन व चार अगस्त को बोर्ड के कर्मचारियों से एक प्रतिशत अभ्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच करवाई गई। कुछेक को छोड़ जांच में सभी सहीं मिली। ऐसे में अब रिजल्ट पूरी तरह तैयार है।

    आखिर कब आएगा परिणाम
    आखिर परिणाम कब आएगा। पिछले सप्ताहभर से अभ्यर्थी ये सवाल पूछ रहे है। काफी अभ्यर्थी बोर्ड अधिकारियों, कर्मचारियों के फोन घनघना रहे है तो कुछ बोर्ड पहुंचकर भी यह सवाल कर रहे है। मगर किसी को संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही परिणाम घोषित किया जाएगा।

    हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने कहा कि हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का परिणाम तैयार है। जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। विशेषज्ञों की राय के बाद अभ्यार्थियों द्वारा लगाए गए आब्जेक्शन को भी ठीक कर दिया है और किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होगा।

  • हरियाणा में 44 लाख मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी, आयोग ने जारी किए नोटिस

    हरियाणा में 44 लाख मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी, आयोग ने जारी किए नोटिस

    चंडीगढ़
     हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआइआर) के दौरान जहां 34 लाख संदिग्ध मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से काटे जा चुके हैं, वहीं लगभग 44 लाख मतदाता ऐसे भी सामने आए हैं, जिनके नामों की पिछली मतदाता सूचियों से मैपिंग नहीं मिली और नाम मिसमैच मिले हैं।

    करीब 28 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम मतदाता साल 2002 की मतदाता सूचियों में मिसमैच पाए गए हैं, जबकि 16 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मैपिंग नहीं हो रखी है। राज्य में कुल दो करोड़ छह लाख मतदाता हैं, जिनमें से 34 लाख मतदाता पहले ही बाहर हो चुके हैं।

    हरियाणा के निर्वाचन विभाग ने अब मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण की प्रक्रिया आरंभ की है। निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस भिजवाए जा रहे हैं, ताकि वे अपने वोट कार्ड और मतदाता सूची में करेक्शन करवा सकें, लेकिन अभी तक मतदाताओं की अपेक्षित प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    42 लाख नामों को नोटिस जारी
    मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए अब तक 42.69 लाख से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इनके मुकाबले दावे और आपत्तियों के लिए प्राप्त आवेदनों की संख्या काफी कम है। इसी को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने सभी पात्र मतदाताओं से मतदाता सूची में अपना नाम जांचने और समय रहते आवश्यक कार्यवाही करने की अपील की है।

    निर्वाचन आयोग के अनुसार 31 जुलाई तक 44.86 लाख नोटिस जारी किए जाने थे, जिनमें से 42.69 लाख से अधिक नोटिस तैयार कर बीएलओ के माध्यम से संबंधित मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं।

    शेष मामलों में भी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद पांच अगस्त तक केवल 8,942 फार्म-6, 194 फार्म-7 और 8,294 फार्म-8 ही प्राप्त हुए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अभी तक नोटिस के अनुरूप कार्रवाई नहीं की है।

    विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सत्यापन, प्रपत्रों का वितरण और संग्रहण तथा दावे-आपत्तियों के निस्तारण का कार्य कर रहे हैं। अभियान को गति देने के लिए निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर को वार्षिक मानदेय के अतिरिक्त 6,000 रुपये का एकमुश्त मानदेय देने का भी निर्णय लिया है।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास व संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार लोहान ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें।

    यदि नाम दर्ज नहीं है तो फार्म-6 तथा किसी प्रकार की त्रुटि होने पर फार्म-8 भरकर 30 अगस्त 2026 तक संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या बीएलओ के पास जमा कराएं, ताकि अंतिम मतदाता सूची में कोई भी पात्र मतदाता शामिल होने से वंचित न रह जाए।

    इस तरह की गड़बड़ियां आाई सामने
        भाई-बहनों की जन्मतिथियों में नौ माह से कम का अंतर मिला
        दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र में 40 साल से कम का अंतर
        माता-पिता व बच्चों की उम्र में 15 साल से कम या 50 साल से ज्यादा का अंतर
        वर्तमान व पुरानी सूची में माता-पिता के नाम और रिश्तों में अंतर
        महिलाओं का नाम किसी सूची में पति तो किसी सूची में पिता के रूप में दर्ज
        नाम की वर्तनियों में काफी अंतर के मामले हैं

    किसी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के नहीं कटेगा
    संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार लोहान ने बताया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के नहीं कटेगा। निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय पर मतदाता 15 दिन के अंदर जिला स्तर पर अपील कर सकता है।

    फिर भी समस्या आती है तो 30 दिन के अंदर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील की जा सकती है। तीन अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। दावे व आपत्तियों के साथ-साथ 28 सितंबर तक नोटिस फेज व आपत्तियों के समाधान का कार्य चलता रहेगा।

  • राजस्थान मेडिकल कॉलेजों में 988 नर्सों की नियुक्ति को मिली मंजूरी

    राजस्थान मेडिकल कॉलेजों में 988 नर्सों की नियुक्ति को मिली मंजूरी

    जयपुर
    राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की कमी से जूझ रही स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द राहत मिलने वाली है। राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स के तहत चयनित अभ्यर्थियों के कार्यग्रहण के बाद रिक्त हुए 988 पदों पर वित्त विभाग ने जॉब बेसिस पर सेवाएं लेने की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। जिससे मेडिकल कॉलेजों के रिक्त पदों की सूची जारी कर प्राचार्यों को पूर्व में कार्यरत संविदा नर्सों की शीघ्र नियुक्ति के निर्देश दिए है। रिक्त पदों की सूची के अनुसार सीकर मेडिकल कॉलेज को 49 नर्स ग्रेड मिल जाएंगे।

    इन नर्सों को हटाए जाने से पिछले कुछ समय से नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण कार्यरत नर्सों पर कई मरीजों की जिम्मेदारी आ गई थी। इसका असर दवा वितरण, मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग, ड्रेसिंग, इंजेक्शन, ऑपरेशन के बाद देखभाल और प्रसूति सेवाओं पर भी पड़ रहा था। गौरतलब है कि अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन), राजस्थान मेडिकल एज्यूकेशन सोसाइटी सुरेश नवल ने इस संबंध में आदेश जारी किया हैं।

    मरीजों को होगा फायदा
    मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध चिकित्सा संस्थानों में नए पदों की भर्ती से लंबे समय से प्रभावित वार्ड, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और आपातकालीन सेवाओं को फिर से गति मिलेगी। ट्रोमा, लेबर रूम सहित आईपीडी के वार्डों में नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर होगी। मरीजों को समय पर दवा, इंजेक्शन और ड्रेसिंग मिल सकेगी। आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और प्रसूति वार्ड की सेवाएं बेहतर होंगी।

    एक नर्स पर मरीजों का भार कम होगा, जिससे उपचार की गुणवत्ता बढ़ेगी। भर्ती मरीजों की निगरानी और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था मजबूत होगी। अस्पतालों में लंबित कार्यों में कमी आएगी।

    किन मेडिकल कॉलेज में कितने हैं पद रिक्त
    एसएमएस जयपुर – 185
    डूंगरपुर – 100
    जोधपुर – 84
    बीकानेर – 84
    बाड़मेर – 73
    अजमेर – 62
    सीकर – 49
    चूरू – 46
    उदयपुर – 41
    कोटा – 35
    भीलवाड़ा – 35
    झालावाड़ – 35
    भरतपुर – 35
    पाली – 30
    हनुमानगढ़ – 23
    सिरोही – 22
    बूंदी – 11
    नागौर – 5
    चित्तौड़गढ़ – 3
    धौलपुर – 2।

    रिक्त पदों की सूची जारी
    सभी मेडिकल कॉलेज के रिक्त पदों की सूची जारी कर दी है। संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अस्पतालों में पूर्व में कार्यरत संविदा नर्सेज की अति शीघ्र नियुक्ति करें। इन नियुक्तियों से सम्बद्ध अस्पतालों में दवा वितरण, मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग, ड्रेसिंग, इंजेक्शन, ऑपरेशन के बाद देखभाल और प्रसूति सेवाओं को फायदा मिलेगा।
    राजेश कुमार बाटड़, जिला अध्यक्ष अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत

  • चंडीगढ़ पुलिस भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, उम्मीदवारों के लिए नई गाइडलाइन जारी

    चंडीगढ़ पुलिस भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, उम्मीदवारों के लिए नई गाइडलाइन जारी

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती के चाहवानों के लिए बेहद जरूरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार ग्रुप-C (एग्जीक्यूटिव) पुरुष और महिला कांस्टेबलों की भर्ती के नियमों में बदलाव किया गया है। इस दौरान उम्मीदवारों का इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा।

    वहीं, अब उम्मीदवार 3 भाषाओं हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी में पेपर दे पाएंगे हालांकि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होगी। इसके बाद लिखित परीक्षा और बोनस अंकों के आधार पर मेरिट निकाली जाएगी। इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है। इस भर्ती के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा होगी जिसमें Multiple Choice Question होंगे। हर सवाल के सही जवाब पर 1 नंबर मिलेगा और हर गलत जवाब देने पर नेगेटिव मार्किंग करते हुए 0.25 अंक काटे जाएंगे। उम्मीदवारों को आवेदन करते समय परीक्षा के लिए अपनी पसंद की भाषा चुननी होगी जिसे वह बाद में चेंज नहीं कर पाएंगे। परीक्षा पास करने के बाद फिजिकल एंड्यूरेंस एंड मेजरमेंट टेस्ट होगा। इस भर्ती को और पारर्दशी बनाने के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया खत्म कर दी गई है।

  • बिहार के स्टेट हाईवे पर नवंबर से टोल टैक्स, सिर्फ कमर्शियल वाहनों से वसूली

    बिहार के स्टेट हाईवे पर नवंबर से टोल टैक्स, सिर्फ कमर्शियल वाहनों से वसूली

     पटना
     पथ निर्माण विभाग स्टेट हाईवे (राज्य उच्च पथ) पर टोल संग्रह की तैयारी आरंभ कर दी है। नवंबर से स्टेट हाईवे पर टोल संग्रह की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा की थी कि केवल व्यावसायिक वाहनों पर ही टोल टैक्स लगेगा।

    मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद अब टोल बूथों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) तकनीक वाले कैमरे लगाए जाएंगे।

    एआई आधारित यह कैमरा नंबर की तस्वीर के साथ यह टेक्स्ट उपलब्ध करा देगा कि संबंधित वाहन का निबंधन निजी गाड़ी या कमर्शियल वाहन के रूप में है।

    अभी पीले नंबर प्लेट वाले वाहन को कमर्शियल माना जाता
    अभी यह व्यवस्था है कि जिन वाहनों का नंबर प्लेट पीला है उसे कमर्शियल माना जाता है। इसमें फर्जीवाड़ा की संभावना यह थी कि कमर्शियल वाहन भी अपने नंबर प्लेट को पीले की जगह सफेद कर ले सकते हैं। एएनपीआर की व्यवस्था होने से यह समस्या खत्म हो जाएगी।

    एसएच से गुजरने वाले वाहनों की संख्या उपलब्ध
    पथ निर्माण विभाग ने स्टेट हाईवे (एसएच) पर कैमरा लगाकर यह आकलन पूरा कर लिया है कि किस-किस एसएच पर वाहनों का आना-जाना कितनी संख्या में है। इसके बाद टोल संग्रह की तैयारी आरंभ की गई है।

    पथ निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारी ने बताया कि राज्य कैबिनेट ने पहले ही यह तय कर दिया कि किस वाहन से कितना टोल टैक्स लिया जाएगा। पथ निर्माण विभाग को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वह कौन-सी सड़क को टोल की परिधि में ला सकता है।

    टोल प्लाजा बनाए जाने का काम आरंभ
    स्टेट हाईवे (एसएच) और बिहार राज्य पुल निर्माण द्वारा बनाए गए पुलों पर वाहनों से टोल संग्रह को ले टोल प्लाजा बनाए जाने का काम आरंभ हो गया है। इस संबंध में बताया गया कि पहला टोल प्लाजा आरा-छपरा पुल के लिए बन रहा। कई सड़कें भी चिन्हित हो गई हैं जहां टोल प्लाजा का निर्माण किया जाना है।

    फास्टैग के लिए केंद्र सरकार के संस्थान से होगी बात
    स्टेट हाईवे पर भी नेशनल हाईवे की तर्ज पर फास्टैग के माध्यम से टोल टैक्स की वसूली होगी। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन काम करने वाली संस्था से बात की जा रही। यह संस्था फास्टैग प्रबंधन का काम देखती है।

    गंगा पथ को टोल टैक्स की परिधि से मुक्त रखा जाएगा
    पटना के गंगा पथ को टोल टैक्स की परिधि से मुक्त रखा जाएगा। पूर्व में जो प्राविधान बने थे उसके तहत गंगा पथ पर भी टोल लगना तय था।